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6 Tips for Career in Computer Hardware

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1.कम्प्यूटर हार्डवेयर में करियर के लिए 6 टिप्स (6 Tips for Career in Computer Hardware),कम्प्यूटर हार्डवेयर व नेटवर्किंग में इंजीनियरिंग (Engineering in Computer Hardware and Networking):

  • कम्प्यूटर हार्डवेयर में करियर के लिए 6 टिप्स (6 Tips for Career in Computer Hardware) के आधार पर आप करियर को सही दिशा दे सकते हैं।आधुनिक युग तकनीकी युग है। आज उच्च शिक्षा प्राप्त इंजीनियर तथा कैंडिडेट के लिए तकनीकी युग बेहतरीन करियर के विकल्प उपलब्ध कराता है।ऐसी स्थिति में जो कैंडिडेट्स पढ़ने-लिखने में दक्ष नहीं है,कम मार्क्स प्राप्त करते हैं वे सोचते हैं कि उनके लिए रोजगार के अवसर नहीं है।परन्तु बात ऐसी नहीं है उदाहरणार्थ ज़ी टीवी के सुभाष चंद्रा,भारत के महान संगीतकार ए आर रहमान,कंप्यूटर के बादशाह बिल गेट्स,डेविड मरडाक कोई बहुत ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं है।
  • बावजूद इसके उन्होंने ऐसा मुकाम तय किया है जो इस बात का प्रमाण है कि कैरियर के लिए बहुत उच्च डिग्री अथवा बहुत अधिक पढ़ा लिखा होना आवश्यक नहीं है।डेल कंप्यूटर के मालिक माइकल डेल स्कूल में अच्छे मार्क्स न मिलने के कारण स्कूल शिक्षक ने तो ठप्पा लगा दिया था कि तुम सक्सेस नहीं हो सकते हो।आज अमेरिका के धनाढ्य व्यक्तियों में गिने जाते हैं।ऐसे ढेरों उदाहरण मिल जाएंगे जिनका पढ़ाई में अच्छा रिकाॅर्ड नहीं था। परंतु करियर के टाॅप पर पहुंच गए हैं।
  • कहने का तात्पर्य यह है कि 90-95% अंक लाने वाले विद्यार्थियों के पास ही करियर के बेहतरीन अवसर नहीं है बल्कि औसत अंक तथा कम पढ़ा-लिखा भी अपना कैरियर का निर्माण कर सकता है।जरूरत है तो सही रणनीति और सही करियर विकल्प चुनने की।
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2.कंप्यूटर हार्डवेयर व नेटवर्किंग इंजीनियरिंग (Engineering in Computer Hardware and Networking):

  • आज कैंडिडेट्स का आईटी सेक्टर (Information Technology),कंप्यूटर साइंस (Computer Science) इत्यादि में बीई, बीटेक, बीसीए, एमसीए वाले होना ही जरूरी नहीं है। बल्कि 12th उत्तीर्ण छात्र-छात्राएं भी कंप्यूटर हार्डवेयर व नेटवर्किंग में इंजीनियरिंग कर सकते हैं। इस तरह के कोर्स करवाने के लिए अच्छे संस्थान कैंडिडेट्स के आसपास के शहरों में ही मिल जाएंगे।उन्हें बहुत दूर जाने की आवश्यकता नहीं है।
  • कोरोनावायरस संक्रमण से फैली महामारी के कारण ऑनलाइन का कार्य तेजी से बढ़ा है।इसलिए आज हर ऑफिस में कंप्यूटर से कार्य को बढ़ावा दिया जा रहा है।फलतः हार्डवेयर-नेटवर्किंग एक्सपर्ट्स की मांग तेजी से बढ़ती जा रही है।इस तरह के कोर्सज में कंप्यूटर असेंबल करने,कंप्यूटर रिपेयर करने,कम्प्यूटर के खराब उपकरणों को बदलने अथवा खराब उपकरणों को ठीक करने का प्रशिक्षण दिया जाता है।
  • इसमें कार्ड लेवल तथा चिप लेवल दोनों तरह की ट्रेनिंग दी जाती है।कार्ड लेवल की तकनीक में खराब उपकरणों को बदल दिया जाता है।चिप लेवल की तकनीक में खराब उपकरणों को ठीक करके पुनः लगा दिया जाता है।चिप लेवल की तकनीक में समय और धन दोनों की बचत होती है। कैंडिडेट्स को संस्थान का चयन करते समय यह जान लेना चाहिए कि वहां कार्ड लेवल अथवा चिप लेवल में से किस तकनीक की ट्रेनिंग दी जाती है। आजकल सभी कंपनियों में चिप लेवल हार्डवेयर इंजीनियरों की मांग ज्यादा है।
  • साथ ही आज तकनीक का इतना विकास हो चुका है कि कुछ समय बाद ही नई तकनीक आ जाती है। पुरानी तकनीक चलन से गायब हो जाती है।ऐसी स्थिति में सैन,नैस,डी 2 डी, डाटा प्रोटेक्टर इत्यादि लेटेस्ट टेक्नोलॉजी पर आधारित दी जाती है वहां से कोर्स करें।

3.मोबाइल में मरम्मत में रोजगार के अवसर (Employment Opportunities in Mobile Repair):

  • भारत में जिओ नेटवर्क के बाद मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। लगातार मोबाइल यूजर्स की संख्या बढ़ती जा रही है।इस समय लगभग 3,000 मिलियन उपभोक्ता मोबाइल का प्रयोग कर रहे हैं।मोबाइल फोन का कारोबार सबसे अधिक बढ़ रहा है।मोबाइल फोन में एक से एक बढ़कर एक कंपनी प्रतिस्पर्धा कर रही है।मोबाइल फोन का आज कोई माॅडल आता है तो दो-तीन महीने बाद ही कंपनी लेटेस्ट मॉडल मार्केट में उतार देती है।मोबाइल कम्पनियों ने अपने स्वयं के सर्विस सेन्टर भी खोले हुए हैं।
  • इसके अलावा यदि आपने मोबाइल मरम्मत का कोर्स किया हुआ है तथा कुछ अनुभव भी है तो स्वयं का निजी व्यवसाय भी खड़ा कर सकते हैं।

4.हिन्दी पृष्ठभूमि के कैंडिडेट्स के लिए बेहतरीन अवसर (Best Opportunity for Candidates):

  • अक्सर यह मान्यता है कि कम्प्यूटर की आधुनिक टेक्नोलॉजी में अंग्रेजी का अच्छा ज्ञान होना आवश्यक है।परन्तु यह पूरी सच्चाई नहीं है।दरअसल कम्प्यूटर कोर्स दो तरह के होते हैं:साफ्टवेयर तथा हार्डवेयर।सॉफ्टवेयर इंजीनियर को महारत हासिल करने के लिए अंग्रेजी भाषा पर मजबूत पकड़ होना आवश्यक है।क्योंकि सॉफ्टवेयर का पूरा कोर्स अंग्रेजी माध्यम में करवाया तथा सिखाया जाता है।इसलिए ग्रामीण पृष्ठभूमि तथा हिंदीभाषी कैंडिडेट्स सॉफ्टवेयर कोर्स को करने में परेशानी महसूस करते हैं।लंबे समय तक कोर्स करने तथा अनुभव अर्जित करने के बावजूद सॉफ्टवेयर कोर्स में एक्सपर्ट अथवा विशेषज्ञ नहीं बन पाते हैं।
  • हिंदी पृष्ठभूमि के कैंडिडेट्स यदि जैसे-तैसे कोर्स कर भी लेते हैं तो वे अंग्रेजी माध्यम के कैंडिडेट्स के सामने जाॅब प्राप्त करने में टिक नहीं पाते हैं।इस प्रकार उनके द्वारा खर्च किया गया धन और समय दोनों बर्बाद हो जाते हैं।
  • इस परेशानी से मुक्त होने के लिए एक रास्ता है।वह रास्ता है हार्डवेयर का कोर्स किया जाए।इसमें नया कंप्यूटर बनाना (असेंबलिंग),कंप्यूटर के कलपुर्जे बदलना,रिपेयरिंग,सर्विसिंग और पुराने व खराब कंप्यूटरों की मरम्मत करना सिखाया जाता है। हार्डवेयर का कोर्स करने के लिए बहुत ऊंचे दर्जे की अंग्रेजी जानना आवश्यक नहीं है।सामान्य अंग्रेजी तथा ट्वेल्थ उत्तीर्ण छात्र-छात्राएँ भी इस कोर्स को  आसानी से कर सकते हैं।

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5.सही प्रशिक्षण संस्थान का चयन (Choosing the Right Training Institute):

  • वर्तमान समय में हार्डवेयर से कोर्स करे हुए कैंडिडेट के पास करियर के अनेक अवसर है।शर्त यही है कि यह कोर्स अच्छे संस्थान से किया जाए।अच्छे संस्थान से कैंपस प्लेसमेंट की सुविधा भी उपलब्ध हो जाती है।एक श्रेष्ठ संस्थान से हार्डवेयर एण्ड नेटवर्किंग प्रशिक्षण के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:
  • (1.)संस्थान की गुडविल अच्छी हो तथा पुराना संस्थान हो।
  • (2.)फैकल्टी प्रशिक्षित तथा अनुभवी हो।
  • (3.)प्रैक्टिकल के लिए आधुनिक कंप्यूटर लैब,उच्च क्षमता वाले कंप्यूटर उपकरण तथा उपयुक्त परिसर।
  • (4.)नोट्स तथा सहायक सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था।
  • (5.)बाहर से आने वाले कैंडिडेट्स के लिए हॉस्टल, मैस,बैंक आदि की सुविधाएं हो।(6.)व्यक्तित्व विकास के लिए पर्सनैलिटी डेवलपमेंट,मार्केटिंग व कम्युनिकेशन स्किल,इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स निशुल्क की अतिरिक्त सुविधा हो।
  • (7.)कोर्स समाप्ति के बाद केंपस प्लेसमेंट की सुविधा हो।
  • (8.)प्रशिक्षण का माध्यम हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यम में हो।
  • (9.)कोर्स समाप्ति के बाद प्रैक्टिकल जीवन में आने वाली समस्याओं का समाधान प्राप्त होता हो।

6.सिक्योरिटी सिस्टम (Security System):

  • कैंडिडेट्स को इन पाठ्यक्रमों के जरिए हार्डवेयर एवं नेटवर्किंग के साथ-साथ सिक्योरिटी सिस्टम की जानकारी दी जाती है।इन पाठ्यक्रमों के जरिए आप कुछ समय में ही कंप्लीट इंजीनियर जैसी दक्षता प्राप्त कर लेते हैं।यदि कोई छात्र 12वीं के बाद उच्च शिक्षा ग्रहण नहीं करना चाहता है तो उसे हार्डवेयर एवं नेटवर्किंग से जुड़े इन पाठ्यक्रमों के जरिए इंजीनियरिंग का कोर्स कर सकते हैं।
  • शर्त यही है कि आप तकनीकी क्षेत्र में जाना चाहते हों।ये पाठ्यक्रम 1 से 2-3 वर्ष के पाठ्यक्रम होते हैं। कार्यशैली और तकनीकी कौशल को देखकर इन्हें कम्प्लीट इंजीनियर कहा जा सकता है।
  • सिक्योरिटी सिस्टम को देखकर ये पाठ्यक्रम तैयार किए गए हैं।देश-विदेश के छोटे-मझोले एवं बड़े व्यापारिक संस्थानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर इन पाठ्यक्रमों में सिक्योरिटी सिस्टम रखा गया है।सामान्यतः इन पाठ्यक्रमों में विंडोज सर्वर,वाई-फाई,वीओआईपी,एमएस एक्सचेंज,सिस्को राउटर व लिनिक्स आदि आते हैं। इन पाठ्यक्रमों की फीस भी आम कैंडिडेट आसानी से वहन कर सकते हैं।

7.तकनीकी क्षेत्र का भविष्य (The Future of the Tech Sector):

  • आज इन युवाओं को अपना भविष्य अंधकारमय नजर आता है जो ऐसा सोचते हैं कि वे उच्च शिक्षा अर्जित नहीं कर सकते हैं।ऐसी स्थिति में 12वीं (औसत अंक प्राप्त) पास के लिए हार्डवेयर एवं नेटवर्किंग कोर्स एक आशा की किरण है।दिनोदिन इसमें कोर्स किए हुए प्रोफेशनल्स की मांग बढ़ रही है।करोड़ों हार्डवेयर व प्रोफेशनल्स की डिमांड है।
  • हार्डवेयर नेटवर्किंग इंजीनियरों को रखा जाता है सभी बड़े संस्थानों में सिस्टम डिपार्टमेन्ट के तहत कम से कम 50 से 100 हार्डवेयर व नेटवर्किंग एक्सपर्ट्स इंजीनियरों को रखा जाता है।ग्रामीण पृष्ठभूमि व हिन्दी भाषाई कैंडिडेट्स के लिए हार्डवेयर वरदान सिद्ध होता जा रहा है।क्योंकि आज घर-घर में टीवी की तरह कंप्यूटर (पीसी) की डिमांड बढ़ रही है।अतः कंप्यूटर निर्माण करने वाली कंपनियों में कंप्यूटर हार्डवेयर इंजीनियर की मांग काफी बढ़ चुकी है।
  • उपर्युक्त आर्टिकल में कम्प्यूटर हार्डवेयर में करियर के लिए 6 टिप्स (6 Tips for Career in Computer Hardware),कम्प्यूटर हार्डवेयर व नेटवर्किंग में इंजीनियरिंग (Engineering in Computer Hardware and Networking) के बारे में बताया गया है।

8.लापरवाह छात्र का तर्क (हास्य-व्यंग्य) (The Argument of Negligent Student) (Humour-Satire):

  • गणित अध्यापक (छात्र से):आजकल तुम गणित का कालांश अटेंड क्यों नहीं करते हो? क्लास मिस करोगे तो परीक्षा में फेल हो जाओगे।
  • छात्र (गणित अध्यापक से):सर (sir) एक ही तरीके के जुमले सुनते-सुनते बोरियत हो गई है।जैसे यह सवाल क्यों नहीं किया? यह इंपोर्टेंट सवाल है। गणित के पेपर में ऐसे ही अच्छे अंक नहीं आ जाते।गणित में हार्ड वर्क की जरूरत है इत्यादि।ऐसे प्रश्न किए जाते हैं कि वह छात्र नहीं है बल्कि वो आतंकवादी है और बार्डर पार करके घुसपैठ कर दी हो।रही बात उत्तीर्ण होने की,उसकी फिक्र आप न ही करें तो अच्छा है।क्योंकि किसी कक्षा में पास होने के लिए डबल,ट्रिपल इत्यादि शब्द लगने से छात्र की शोभा ही बढ़ती है।जैसे डबल एमए, ट्रिपल एमए।

9.कम्प्यूटर हार्डवेयर में करियर के लिए 6 टिप्स (6 Tips for Career in Computer Hardware),कम्प्यूटर हार्डवेयर व नेटवर्किंग में इंजीनियरिंग (Engineering in Computer Hardware and Networking) के सम्बन्ध में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.हार्डवेयर तथा नेटवर्किंग में कौन-कौनसे कोर्स हैं? (What are the Courses in Hardware and Networking?):

उत्तर:(1.) एडवांस डिप्लोमा इन कंप्यूटर हार्डवेयर एंड नेटवर्किंग:
इसमें 12वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है।इस कोर्स में डेस्कटॉप (कंप्यूटर),लैपटॉप एसेम्बलिंग,आॅपरेटिग साफ्टवेयर को इन्स्टाल करना तथा कम्प्यूटर के विभिन्न भागों की रिपेयरिंग,नेटवर्किंग का थ्योरीटिकल व प्रैक्टिकल अभ्यास करवाया जाता है।
(2.)एडवान्स डिप्लोमा इन मोबाइल फोन मेंटेनेंस:
इस कोर्स को दसवीं पास भी कर सकता है।मोबाइल फोन में सॉफ्टवेयर/हार्डवेयर संबंधित तकनीकी खराबी को दूर करना सिखाया जाता है।
(3.)इंटरनेशनल सर्टिफिकेशन कोर्स:
इस कोर्स को 12वीं उत्तीर्ण कर सकता है।इसका प्रमाण पत्र विभिन्न कंपनियों जैसे सिस्को, रेडहेट,माइक्रोसॉफ्ट,काॅक्शीया आदि के द्वारा प्रदान किया जाता है।

प्रश्न:2.हार्डवेयर प्रशिक्षण संस्थान का चयन कैसे करें? (How to Choose Hardware Training Institute?):

उत्तर:निम्न बातों का ध्यान रखें:
पुरानी व प्रतिष्ठित हो।न्यूनतम शुल्क पर बेहतरीन कोर्स,हिंदी व अंग्रेजी माध्यम में कोर्स,अधिकतम प्रैक्टिकल की सुविधा,अनुभवी फैकल्टी द्वारा अध्यापन,ISO 9001:2000 प्रमाणित संस्थान, केंपस प्लेसमेंट,हाॅस्टल,मैस की सुविधा,टेक्नोलॉजी लैब की सुविधा इत्यादि।

प्रश्न:3.हार्डवेयर से कोर्स करने पर करियर की क्या संभावनाएँ हैं? (What are the Career Prospectus of Doing a Course in Hardware to Engineering?):

उत्तर:नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनी या नैस्कौम और मैकिन्जे के मुताबिक भारतीय हार्डवेयर इंडस्ट्रीज एवं साफ्टवेयर इंडस्ट्री आज 25% की दर से आगे बढ़ रही हैं।अगले 5 वर्ष तक यह रफ्तार इसी तरह बने रहने की उम्मीद है।उम्मीद है कि आईटी सेक्टर से देश को करोड़ों तथा अरबों डॉलर की आमद हो सकती है।इंडस्ट्री की वर्तमान प्राप्ति को देखते हुए 2500000 आईटी एवं बीपीओ एक्सपर्ट्स की जरूरत होगी।

उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा कम्प्यूटर हार्डवेयर में करियर के लिए 6 टिप्स (6 Tips for Career in Computer Hardware),कम्प्यूटर हार्डवेयर व नेटवर्किंग में इंजीनियरिंग (Engineering in Computer Hardware and Networking) के बारे में ओर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

6 Tips for Career in Computer Hardware

कम्प्यूटर हार्डवेयर में करियर के लिए 6 टिप्स
(6 Tips for Career in Computer Hardware)

6 Tips for Career in Computer Hardware

कम्प्यूटर हार्डवेयर में करियर के लिए 6 टिप्स (6 Tips for Career in Computer Hardware) के
आधार पर आप करियर को सही दिशा दे सकते हैं।आधुनिक युग तकनीकी युग है।
आज उच्च शिक्षा प्राप्त इंजीनियर तथा कैंडिडेट के लिए तकनीकी युग बेहतरीन करियर के विकल्प उपलब्ध कराता है।
तो ये बेहतरीन 6 Tips for Career in Computer Hardware।

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