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Granth Thakkar won World Championship

1.ग्रंथ ठक्कर ने 6वीं वर्ल्ड चैंपियनशिप इन मेंटल अर्थमैटिक्स जीती (Granth Thakkar won World Championship,Granth Thakkar won 6th World Championship in Mental arithmetic)-

ग्रंथ ठक्कर ने 6वीं वर्ल्ड चैंपियनशिप इन मेंटल अर्थमैटिक्स जीती (Granth Thakkar won World Championship,Granth Thakkar won 6th World Championship in Mental arithmetic),आज इसके बारे में इस आर्टिकल में अध्ययन करेंगे।मात्र 13 वर्ष की आयु में इस प्रकार की विश्वस्तरीय प्रतियोगिता जीतना एक महान उपलब्धि है। आइए जानते हैं कि इस प्रकार की प्रतिभाएं इतनी अच्छी परफॉर्मेंस कैसे कर पाती है?
जनसाधारण के बीच प्रतिभाशाली अलग से चमकते हैं जैसे पत्तों और कांटो के बीच फूल,तारों के बीच चंद्रमा।ये जन्मजात उपलब्धियां नहीं है और किसी का दिया हुआ वरदान नहीं है।इसे भाग्यवश आकस्मिक संयोग-सुयोग भी नहीं कहा जा सकता है।इसे स्वयं ही उपार्जित करना होता है।
धन आता है और चला जाता है।रूप-यौवन भी युवाकाल में ही रहता है।उसका संबंध चढ़ते खून से है।किशोर और तरुण ही सुन्दर दिखते हैं।इसके बाद ढलान और आरंभ होते ही चेहरे पर रुखापन तथा चमड़ी ढ़ीली पड़ने लगती है।
विद्या उतनी ही स्मरण रहती है,जितनी व्यवहार में काम आती है।मित्र, सहयोगी ,संबंधी, सहायकों के मन बदलते रहते हैं।आवश्यक नहीं है कि उनकी घनिष्ठता सदा एक जैसी ही बनी रहे।

अधिकार भी स्थाई नहीं है।समर्थन घटते ही दूसरों के हाथों में चले जाते हैं।वयोवृद्धों के उत्पादन की ,परिश्रम की क्षमता घट जाती है।आयुवृद्धि के साथ-साथ स्मरण शक्ति और स्फूर्ति भी जवाब देने लगती है।
ऐसी दशा में तब कोई योजना बनाना और उसे चलाना बस के बाहर हो जाता है।ये सब मृत्यु के ही लक्षण हैं।
जीवन शक्ति का भंडार धीरे-धीरे चुकता है और फिर वह अंतत जवाब दे जाता है।
प्रतिभा की चमक, निखारना ,उभारना और विकसित करने का सबसे उपयुक्त समय शरीर में चढ़ते खून और परिपक्व व्यक्तित्व वाले दिनों में ही रहता है।
युवावस्था को कोई भले ही आलस्य-प्रमाद में गुजारे।भले कोई दुर्व्यसनों में व्यतीत कर दे।कोई-कोई तो इस अवस्था में अतिवादी उद्दंडता दिखाने से भी नहीं चुकेगा।यह सब शक्तियों और संभावनाओं के भंडार मनुष्य जीवन के साथ खिलवाड़ करने जैसा है।
दूरदर्शी वे हैं जो प्रतिभा को सही दिशा में विकसित करते हैं। उसे निखारने में प्राण-प्रण से प्रयत्न करते हैं। क्योंकि खिली हुई, विकसित प्रतिभा ही हर परिस्थिति में साथ रहती है। जन्म-जन्मांतर तक साथ रहकर क्रमशः ऊंचे स्तर वाली परिस्थितियों का निर्माण करती रहती है।
प्रतिभा उपार्जन के लिए किए गए प्रयत्नों की ही हर दृष्टि से प्रशंसा की जाती है और उसे स्वर्ण सम्पदा की तरह कहीं भी भुनाया जा सकता है।
ग्रंथ ठक्कर ने 6वीं वर्ल्ड चैंपियनशिप इन मेंटल अर्थमैटिक्स जीतने (Granth Thakkar won World Championship,Granth Thakkar won 6th World Championship in Mental arithmetic) का रहस्य इसमें ही छुपा हुआ है।प्रतिभा विकसित होने में निम्न कारण हो सकते हैं-

(1.)क्षमताओं में वृद्धि (Increase capabilities)-

क्षमताओं में वृद्धि के लिए आलस्य-प्रमाद से बचकर सदा जागरूक बने रहना और स्फूर्तिवान बने रहना।एक-एक क्षण को बहुमूल्य मानकर उसे सही उद्देश्य में नियोजित करना।

(2.)व्यक्तित्व को चुंबकीय,आकर्षक और विश्वस्तरीय बनाना(Make personality magnetic, attractive and world class)-

इसके लिए अपना रहन-सहन ऐसा बनाना पड़ता है जैसा जागरूक, जिम्मेदार,सज्जनता, संम्पन्नों का होना चाहिए। शरीर और मन की स्वच्छता, साथ ही शिष्टाचार का निर्वाह और वाणी में मधुरता का गहरा पुट लगाए रहना भी आवश्यक है।इसके लिए अपनी नम्रता का परिचय देना और दूसरों को सम्मान देना आवश्यक है।
उसे वे ही कर पाते हैं जो दूसरे के गुण देखकर उनसे प्रेरणा ग्रहण करते रहते हैं, साथ ही अपनी त्रुटियों को खोजते एवं उसे दूर करने में लगे रहते हैं।
ओछे व्यक्ति अपनी प्रशंसा करते हैं और दूसरों के दोष गिनते रहते हैं।
प्रतिभाएं एकाकी बढ़कर अपने आगे बढ़ने का प्रमाण प्रस्तुत करती हैं।फिर बाद में उनकी प्रतिभा का लोहा माने जाने लगता है।
लोग समझते हैं कि ग्रंथ ठक्कर ने 6वीं वर्ल्ड चैंपियनशिप इन मेंटल अर्थमैटिक्स जीतने (Granth Thakkar won World Championship,Granth Thakkar won 6th World Championship in Mental arithmetic) में कोई दैवीय चमत्कार छुपा हुआ है।ऐसा करके वे ग्रंथ ठक्कर द्वारा किए गए पुरुषार्थ तथा चिंतन-मनन करने के कार्य को नकारते हैं।
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2.ग्रंथ ठक्कर ने 6वीं वर्ल्ड चैंपियनशिप इन मेंटल अर्थमैटिक्स जीती (Granth Thakkar won World Championship,Granth Thakkar won 6th World Championship in Mental arithmetic)-

मिलिए ग्रंथ ठक्कर: दुनिया का सबसे तेज मानसिक कैलकुलेटर
अक्टूबर 16, 2014
वापी के 13 वर्षीय छात्र ग्रंथ ठक्कर नए विश्व मानसिक अंकगणितीय चैंपियन बन गए हैं (Granth Thakkar won World Championship,Granth Thakkar won 6th World Championship in Mental arithmetic)।
जर्मन शहर ड्रेसडेन में 12 अक्‍टूबर,2014 को मानसिक अंकगणित में 6 वीं विश्व चैंपियनशिप जीतने वाले ठक्कर ने कुछ ही समय में और बिना किसी गलती के गणितीय समस्याओं को हल करने की अपनी क्षमता से न्यायाधीशों को आश्चर्यचकित कर दिया।
स्पेन के मार्क जोर्नेट सैंज (मार्क जॉनेटको) ने दूसरा पुरस्कार जीता।जापान के ची इशिकावा तीसरे स्थान पर रहे।
प्रतियोगिता में 18 देशों के लगभग 40 युवा गणितज्ञों ने हिस्सा लिया।कैलकुलेटर, यहां तक ​​कि कागज और पेंसिल, प्रतियोगियों के लिए प्रयोग बहुत सीमित था।
प्रतियोगिता हर दो साल में होती है।
हैरानी की बात है कि ठक्कर गणित में अपना कैरियर बनाना नहीं चाहते हैं।वह एक अंतरिक्ष यात्री बनना चाहता है।
ठक्कर ने बताया, “मुझे लगता है कि अंतरिक्ष में उड़ना बहुत अच्छा होगा।”
ग्रंथ ठक्कर ने तुर्की के अंताल्या शहर में गणित ओलंपियाड में भी भाग लिया था।उस आयोजन में, ठक्कर ने दुनिया के सबसे तेज नंबर गेम ‘फ्लैश अंजान’ में स्वर्ण जीता था।
‘फ्लैश अंजान’ में, चुनौती 15 नंबर जोड़ने की है, एक विशाल स्क्रीन पर इतनी जल्दी चमकती है कि कोई भी उन्हें मुश्किल से देख सकता है।ग्रन्थ ने बच्चों की श्रेणी में स्वर्ण और वयस्कों की श्रेणी में रजत जीता।

3.भारत में सबसे तेज मानव कैलकुलेटर कौन है? (Who is the fastest human calculator in India?)-

नीलकंठ भानु प्रकाश (Neelkanth Bhanu Prakash)
जबकि औसत व्यक्ति अभी भी अपने कैलकुलेटर के लिए पहुंच रहे हैं, 20 वर्षीय नीलकंठ भानु प्रकाश के पास पहले से ही जवाब है।

यह 63,470,861,269 है और इसे भारत में “दुनिया का सबसे तेज मानव कैलकुलेटर” के रूप में जाना जाने वाला भानु के लिए सिर्फ 26 सेकंड लगते हैं, इसे अपने सिर में लगाने के लिए।
नीलकंठ भानु प्रकाश के बारे में जानना चाहते हैं तो हमने आर्टिकल पोस्ट किया हुआ है,उसे पढ़ें।

4.दुनिया में सबसे तेज मानव कैलकुलेटर (Fastest human calculator in world)-

नीलकंठ भानु प्रकाश (Neelkanth Bhanu Prakash)
मिलिए नीलकंठ भानु प्रकाश से – दुनिया का सबसे तेज मानव कैलकुलेटर।21 वर्षीय ने लंदन में आयोजित माइंड स्पोर्ट्स ओलंपियाड (MSO) में मानसिक गणना विश्व चैम्पियनशिप में भारत का पहला स्वर्ण पदक जीता।

उनके पास दुनिया में सबसे तेज मानव कैलकुलेटर होने के लिए 4 विश्व रिकॉर्ड और 50 लिम्का रिकॉर्ड हैं।

5.शकुंतला देवी (Shakuntala devi)-

वह 83 वर्ष की थीं।उनकी एक बेटी अनुपमा बनर्जी है,
अनुपमा के पति अजय अभय कुमार लंदन में अपना बिज़नेस करते हैं और दोनों की दो बेटियां भी वहीं रहती हैं.
उनकी दो बेटियों के साथ शादी हुई है और वह लंदन में रहती हैं।  4 नवंबर 2013 को, देवी को उनके 84 वें जन्मदिन के अवसर पर Google डूडल से सम्मानित किया गया था।

मई 2019 में शकुंतला देवी के जीवन पर एक फिल्म की घोषणा की गई थी।
21 अप्रैल 2013 को शकुंतला देवी के निधन के बाद अनुपमा के दिल दिमाग पर काफी गहरा असर पड़ा. इसी घटना के बाद उन्होंने लंदन शिफ्ट होने का फैसला किया.
शकुंतला देवी के बारे में ओर अधिक जानना चाहते हैं तो हमने शकुंतला देवी मानव कम्प्यूटर के नाम आर्टिकल पोस्ट किया हुआ है,उसे पढ़ें।
इस प्रकार सुपर कम्प्यूटर तथा सुपर कैलकुलेटर बनने के लिए ग्रंथ ठक्कर ने 6वीं वर्ल्ड चैंपियनशिप इन मेंटल अर्थमैटिक्स जीती (Granth Thakkar won World Championship,Granth Thakkar won 6th World Championship in Mental arithmetic),है तो ऐसी प्रतिभाशाली प्रतिभाओं से हमें सीख लेने की आवश्यकता है।

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