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Who Does the Boy or Girl Solve the Maths Question Quickly

Who Does the Boy or Girl Solve the Maths Question Quickly

1.लड़का या लड़की में से कौन करता है Maths के सवाल को जल्दी हल, रिचर्स से मिला जवाब का परिचय (Introduction to Who does the boy or girl solve the question of Maths quickly, the answer from Research)-

Who Does the Boy or Girl Solve the Maths Question Quickly
Who Does the Boy or Girl Solve the Maths Question Quickly
इस आर्टिकल में बताया गया है कि पुरुष तथा नारी की मस्तिष्क की क्षमता तथा रचना एक जैसी होती है और उनमें समानता होती है। पुरुष या नारी की मस्तिष्क की रचना कम या अधिक नहीं होती है। इसलिए गणित की समस्याओं को हल करने के लिए कोई भी अधिक या कम नहीं है। शारीरिक रूप से नारी या पुरुष की रचना का तो हमें पता है। परन्तु चाणक्य नीति में कहा है कि पुरुषों से स्त्रियों का आहार दुगुना , बुद्धि चौगुनी, साहस छह गुना और काम आठ गुना कहा गया है। स्त्रियाँ गर्भधारण करती है, सन्तानों का पालन-पोषण करती है अतः आहार पुरुषों से दुगुना होना स्वाभाविक ही है, हो सकता है। स्त्री की बुद्धि पुरुष की अपेक्षा चौगुनी होती है, यह बात तो इसी से सिद्ध है कि आजकल विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में प्रायः लड़कियाँ ही प्रथम स्थान प्राप्त करती हैं। मनुष्य पच्चीस वर्ष में युवा होता है और नारी सोलह वर्ष में। पुरुष पच्चीस वर्ष में जितना सीखता है, नारी उतना सोलह वर्ष में सीख लेती है। इससे भी यह सिद्ध होता है कि स्त्री की बुद्धि पुरुष की अपेक्षा तीव्र होती है ।

निम्न शोध में जो बात बताई गई है वह केवल शारीरिक रचना के आधार पर बतायी गयी है परन्तु इसके आधार पर यह निष्कर्ष निकालना कि दोनों की गणित सम्बन्धी समस्याओं को हल करने की क्षमता समान होती है उचित नहीं है। इस शोध के साथ यदि व्यावहारिक पक्ष तथा उदाहरणों के द्वारा पुरुष व नारी की बौद्धिक क्षमता की तुलना की जाती तो ज्यादा उचित और सही होता। इस प्रकार गया शोध अधिक विश्वसनीय हो सकता था। ज्यादातर शोध में व्यावहारिक पक्ष की अवहेलना की जाती है तथा केवल नियन्त्रित परिस्थितियों में परीक्षण करके उसके आधार पर निश्चित निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।

Who Does the Boy or Girl Solve the Maths Question Quickly
Who Does the Boy or Girl Solve the Maths Question Quickly

हमारे दृष्टिकोण से यदि नारी को समान अवसर प्रदान किया जाए तो वह पुरुष से भी आगे निकल सकती है और नारी के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाए तो चाहे गणित का क्षेत्र हो या अन्य क्षेत्र वह पुरुष से उन्नीस नहीं बल्कि इक्कीस ही साबित होती है। ज्यों-ज्यों नारी को समानता का अवसर दिया गया है उसने अपनी श्रेष्ठता हर क्षेत्र में साबित की है। चाणक्य नीति में यह श्लोक यों ही केवल सैद्धान्तिक ज्ञान के आधार पर वर्णित नहीं किया गया है बल्कि व्यावहारिक रूप से सत्यता का निर्धारण करके ही वर्णित किया गया है। भारतीय ऋषियों-मुनियों की यही तो विशेषता है कि उन्होंने जो भी ज्ञान वर्णित किया है वह अपने तपोबल, व्यावहारिक धरातल पर खरा उतरने पर ही दिया है तभी सामान्यजन के लिए उसे प्रतिपादित किया है।
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2.लड़का या लड़की में से कौन करता है Maths के सवाल को जल्दी हल, रिचर्स से मिला जवाब(Who does the boy or girl solve the question of Maths quickly, the answer from Research)-

रिसर्च में सिद्ध होता है कि हम इंसान एक दूसरे से अलग होने के बजाय ज्यादा समान हैं. केवल गणित ही नहीं बल्कि लड़के और लड़कियों का मस्तिष्क कई मायनों में एक जैसा है.
Reported by: भाषा, Updated: 9 नवम्बर, 2019
लड़का या लड़की में से कौन करता है Maths के सवाल को जल्दी हल, रिचर्स से मिला जवाब
लड़की और लड़का कौन है Math में बेहतर?
वाशिंगटन:

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लड़कों और लड़कियों के दिमागी विकास पर किए जा रहे शोध के अनुसार गणित हल करने की दिमागी क्षमता से लैंगिक भेद का कोई लेना-देना नहीं है. अमेरिका में कार्नेजी मेलन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने बच्चों की गणित हल करने की योग्यता में जैविक लैंगिक अंतर का मूल्यांकन करने के लिए पहला न्यूरोइमेजिंग अध्ययन किया.
साइंस ऑफ लर्निंग नामक पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के परिणामों के अनुसार लड़कियों और लड़कों के मस्तिष्क के विकास और गणित हल करने की क्षमता में कोई अंतर नहीं है.
अमेरिका में शोध की सह लेखिका यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो की एलिसा कर्सी ने कहा,“ इससे यह सिद्ध होता है कि हम इंसान एक दूसरे से अलग होने के बजाय ज्यादा समान हैं. केवल गणित ही नहीं बल्कि लड़के और लड़कियों का मस्तिष्क कई मायनों में एक जैसा है.”
शोध में यह भी पता चला कि लड़के और लड़कियां दोनों शैक्षिक वीडियो देखते समय भी बराबर एकाग्र रहते हैं

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