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SP taught math to children in government school

1.SP ने सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाई मैथ(SP taught math to children in government school)-

गणित को लोकप्रिय तथा सरल व आम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सभी को अपने स्तर पर प्रयास करना होगा।इस आर्टिकल में एक ऐसे एसपी(sp Sahib taught math to children in government school) का परिचय कराया जा रहा है जो औचक राजकीय माध्यमिक स्कूल आल्हा पृथ्वीगढ़ में पहुंचकर बच्चों को 2 घंटे तक गणित पढ़ाई।बांसवाड़ा जिले के इन एसपी के तरह अन्य वरिष्ठवरिष्ठ अधिकारी भी इसी तरह स्कूलों का औचक निरीक्षण करें तथा गणित शिक्षा और शिक्षा के स्तर को सुधारने में अपना सहयोग दें तो देश की दिशा और दशा दोनों बदल सकती है।ये कुछ उदाहरण हमारे सामने आते हैं परंतु इस प्रकार के प्रेरणास्पद कार्य किए जाएं तो शिक्षकों,विद्यार्थियों तथा स्कूल के संचालकों को प्रेरणा मिलेगी।

गणित विषय को लेकर जो मानसिकता बनी हुई है कि गणिरत विषय कठिन विषय है उसको बदलने के लिए जन-, जागरण करना होगा। विद्यार्थियों तथा जन-मानस की मानसिकता को बदलना होगा।गणित गणित विषय हो अथवा अन्य कोई विषय उसको सरल तथा कठिन विषय बनाने में मानसिकता का बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है।यदि हमारी मानसिकता नकारात्मक होगी तो जो गणित के टॉपिक सरल होते हैं वे भी कठिन लगने लगेंगे।मानसिकता सकारात्मक होती है तो सकारात्मकता से हमें गणित को हल करने का साहस और बल मिलता है। सुदृढ़ मानसिकता से कठिन से कठिन विषय भी सरल हो जाता है।
राज्य सरकार तथा केंद्र सरकार को इस तरह से प्रेरणा प्रदान करने के लिए योजना बनानी चाहिए जिसमें बड़े अधिकारी अपना कुछ समय इन स्कूलों की दशा को सुधारने में अपना योगदान दें।निचले स्तर के अधिकारी-कर्मचारी अपने पुराने ढर्रे तथा लापरवाही से शिक्षा प्रदान करते हैं जिससे सरकारी स्कूलों का गणित विषय तथा अन्य विषयों का परिणाम कमजोर रहता है।विद्यार्थियों को गणित में प्रखर तथा तेजस्वी करने के लिए हर एक व्यक्ति को कुछ ना कुछ योगदान करना होगा।

Also Read This Article-Mathematics and Teacher in hindi (part-1)||गणित और शिक्षक

हर व्यक्ति कोई जरूरत नहीं है कि इस तरह से क्लास लेकर गणित शिक्षा आगे बढ़ा सकता है।अपनी सामर्थ्य और योग्यता के अनुसार अपना योगदान दे सकता हैं।जैसे यदि किसी के पास प्रचुर मात्रा में धन है तो शिक्षा संस्थानों में गणित पुस्तकालय,गणित प्रयोगशाला,मैथ किट आदि देकर सहयोग कर सकता है।यदि कोई व्यक्ति गणित में पढ़ा लिखा है और गणित विषय में पारंगत है तो शिक्षा संस्थानों में पार्ट टाइम देकर विद्यार्थियों को पढ़ा सकता है।यदि कोई कवि है गणित को कविता के रूप में प्रस्तुत करके प्रेरित कर सकता है।इसी प्रकार खेल-खेल में गणित, माॅडल्स जैसे प्रयोगों का उपयोग करके विद्यार्थियों की गणित में रुचि बढ़ायी जा सकती है। रुचि व जिज्ञासा तथा धैर्य हो तो विषय धीरे धीरे सरल लगने लगता है ।ऐसा करने से गणित विषय को लोकप्रिय,रुचिकर व सरल तथा सबको सुलभ कराया जा सकता है।

परन्तु स्थिति ऐसी है कि एक-दो इस तरह के उदाहरण सामने आते हैं जो कोई बहुत बड़ा प्रभाव छोड़ने में असफल रहते हैं।इसलिए समय-समय पर अधिकारियों को शिक्षा संस्थान का औचक परीक्षण करते रहना चाहिए तभी इन शिक्षा संस्थानों में विद्यार्थियों की स्थिति को सुधारा जा सकता है।हमने ऊपर कुछ उदाहरण प्रस्तुत करके यह बताया है कि गणित का पुस्तकालय,गणित की प्रयोगशाला , मॉडल्स, कविता,संगीत,भजन,खेल के द्वारा गणित का विकास किया जा सकता है।इसी तरह के और भी कई नवीन नवाचार और सकते हैं जैसे प्रोजेक्टर, वीडियो,कम्प्यूटर,सोशल मीडिया का प्रयोग करके गणित शिक्षा को बढ़ाया जा सकता है। कुछ व्यक्ति इन कामों को शुरू तो कर देते है परंतु मार्ग में कठिनाइयां आते ही उस कार्य को बीच में ही छोड़ देते हैं ,जिसका विद्यार्थियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।इसलिए गणित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आगे बढ़ने से पहले उसके आगे-पीछे का परिणाम सोचकर ही उस कार्य को प्रारंभ करना चाहिए।

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2.बांसवाड़ा: खाकी के SP साहिब बन गए गुरूजी, सरकारी स्कूल में 2 घंटे बच्चों को पढ़ाई मैथ(Banswara: SP Sahib of Khaki became Guruji, 2 hours of mathematics for children in government school)[SP taught math to children]-

Feb 04, 2020
एसपी शेखावत ने बच्चों को करीब दो घंटे तक पढ़ाया और उनकी क्लास ली.
जिले की चाचाकोटा पंचायत की राजकीय माध्यमिक विद्यालय आल्हा पृथ्वी गढ़ में एसपी शेखावत ने बच्चों को करीब दो घंटे तक पढ़ाया और उनकी क्लास ली.
बांसवाड़ा: जिले में खाकी के साहब गुरूजी बन गए हैं. सिविल ड्रेस में वो सरकारी स्कूल पहुंचे और करीब 2 घंटे तक बच्चों को गणित (Mathematics) पढ़ाई.
जी हां, बांसवाड़ा पुलिस अधीक्षक केसर सिंह शेखावत (Kesar Singh Shekhawat) शिक्षक के रूप में नजर आए. जिले की चाचाकोटा पंचायत की राजकीय माध्यमिक विद्यालय आल्हा पृथ्वी गढ़ में एसपी शेखावत ने बच्चों को करीब दो घंटे तक पढ़ाया और उनकी क्लास ली.

एसपी शेखावत जब अचानक स्कूल पहुंचे तो एक बार तो शिक्षक और बच्चे भी सकते में आ गए कि पुलिस यहां पर कैसे? जब एसपी अपनी गाड़ी से उतरे, शिक्षकों से हाथ मिलाया और उनसे इस स्कूल समेत बच्चों के बारे में पूछा तब शिक्षकों को राहत आई और उन्होंने उन्हें सभी जानकारियां दी.
एसपी ने कहा कि मैं खुद इन बच्चों को पढ़ाना चाहता हूं और बच्चों को गणित के विषय में पढ़ाउंगा. इस पर शिक्षक उन्हें 8वीं और 10वीं की क्लास में ले गए, जहां पर एसपी ने करीब 2 घंटे तक बच्चों को गणित के बारे में बेसिक जानकारी दी.

बच्चों को सरल तरीके से समझाई मैथ्स
बच्चों को पूरे सरल तरीके से गणित के बारे में बताया, जिससें बच्चों को पढ़ने में भी मजा आया. क्लास में जब एसपी पढ़ा रहे थे तो बच्चे गणित के विषय में थोड़े कमजोर से लगे. कुछ बच्चों को 13 और 14 का पहाड़ा भी नहीं आया, जिस पर एसपी ने कहा कि इन्हें बेसिक जानकारी पूरी देनी होगी. इसके बाद ही यह बच्चे गणित को अच्छे से समझ पाएंगे.
एसपी ने बताया कि मैं इस स्कूल में दूसरी बार आया हूं और मुझे पढ़ाना अच्छा लगता है. यहां के बच्चों को अतिरिक्त कक्षाओं की जरूरत है, जिससे वे गणित को अच्छे से समझ सकें. एसपी की क्लास में बच्चों ने बहुत कुछ अलग तरीके से सीखा और पूरा आनंद उठाया.

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