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SP taught math to children in government school

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1 1.SP ने सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाई मैथ (SP taught math to children in government school):
1.2 2.SP ने सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाई मैथ (SP taught math to children in government school) के सम्बन्ध में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

1.SP ने सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाई मैथ (SP taught math to children in government school):

  • SP ने सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाई मैथ (SP taught math to children in government school):गणित को लोकप्रिय तथा सरल व आम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सभी को अपने स्तर पर प्रयास करना होगा।इस आर्टिकल में एक ऐसे एसपी(sp Sahib taught math to children in government school) का परिचय कराया जा रहा है जो औचक राजकीय माध्यमिक स्कूल आल्हा पृथ्वीगढ़ में पहुंचकर बच्चों को 2 घंटे तक गणित पढ़ाई।बांसवाड़ा जिले के इन एसपी के तरह अन्य वरिष्ठवरिष्ठ अधिकारी भी इसी तरह स्कूलों का औचक निरीक्षण करें तथा गणित शिक्षा और शिक्षा के स्तर को सुधारने में अपना सहयोग दें तो देश की दिशा और दशा दोनों बदल सकती है।ये कुछ उदाहरण हमारे सामने आते हैं परंतु इस प्रकार के प्रेरणास्पद कार्य किए जाएं तो शिक्षकों,विद्यार्थियों तथा स्कूल के संचालकों को प्रेरणा मिलेगी।
  • गणित विषय को लेकर जो मानसिकता बनी हुई है कि गणिरत विषय कठिन विषय है उसको बदलने के लिए जन-, जागरण करना होगा। विद्यार्थियों तथा जन-मानस की मानसिकता को बदलना होगा।गणित गणित विषय हो अथवा अन्य कोई विषय उसको सरल तथा कठिन विषय बनाने में मानसिकता का बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है।यदि हमारी मानसिकता नकारात्मक होगी तो जो गणित के टॉपिक सरल होते हैं वे भी कठिन लगने लगेंगे।मानसिकता सकारात्मक होती है तो सकारात्मकता से हमें गणित को हल करने का साहस और बल मिलता है। सुदृढ़ मानसिकता से कठिन से कठिन विषय भी सरल हो जाता है।
  • राज्य सरकार तथा केंद्र सरकार को इस तरह से प्रेरणा प्रदान करने के लिए योजना बनानी चाहिए जिसमें बड़े अधिकारी अपना कुछ समय इन स्कूलों की दशा को सुधारने में अपना योगदान दें।निचले स्तर के अधिकारी-कर्मचारी अपने पुराने ढर्रे तथा लापरवाही से शिक्षा प्रदान करते हैं जिससे सरकारी स्कूलों का गणित विषय तथा अन्य विषयों का परिणाम कमजोर रहता है।विद्यार्थियों को गणित में प्रखर तथा तेजस्वी करने के लिए हर एक व्यक्ति को कुछ ना कुछ योगदान करना होगा।

Also Read This Article-Mathematics and Teacher in hindi (part-1)||गणित और शिक्षक

  • हर व्यक्ति कोई जरूरत नहीं है कि इस तरह से क्लास लेकर गणित शिक्षा आगे बढ़ा सकता है।अपनी सामर्थ्य और योग्यता के अनुसार अपना योगदान दे सकता हैं।जैसे यदि किसी के पास प्रचुर मात्रा में धन है तो शिक्षा संस्थानों में गणित पुस्तकालय,गणित प्रयोगशाला,मैथ किट आदि देकर सहयोग कर सकता है।यदि कोई व्यक्ति गणित में पढ़ा लिखा है और गणित विषय में पारंगत है तो शिक्षा संस्थानों में पार्ट टाइम देकर विद्यार्थियों को पढ़ा सकता है।यदि कोई कवि है गणित को कविता के रूप में प्रस्तुत करके प्रेरित कर सकता है।इसी प्रकार खेल-खेल में गणित, माॅडल्स जैसे प्रयोगों का उपयोग करके विद्यार्थियों की गणित में रुचि बढ़ायी जा सकती है। रुचि व जिज्ञासा तथा धैर्य हो तो विषय धीरे धीरे सरल लगने लगता है ।ऐसा करने से गणित विषय को लोकप्रिय,रुचिकर व सरल तथा सबको सुलभ कराया जा सकता है।
  • परन्तु स्थिति ऐसी है कि एक-दो इस तरह के उदाहरण सामने आते हैं जो कोई बहुत बड़ा प्रभाव छोड़ने में असफल रहते हैं।इसलिए समय-समय पर अधिकारियों को शिक्षा संस्थान का औचक परीक्षण करते रहना चाहिए तभी इन शिक्षा संस्थानों में विद्यार्थियों की स्थिति को सुधारा जा सकता है।हमने ऊपर कुछ उदाहरण प्रस्तुत करके यह बताया है कि गणित का पुस्तकालय,गणित की प्रयोगशाला , मॉडल्स, कविता,संगीत,भजन,खेल के द्वारा गणित का विकास किया जा सकता है।इसी तरह के और भी कई नवीन नवाचार और सकते हैं जैसे प्रोजेक्टर, वीडियो,कम्प्यूटर,सोशल मीडिया का प्रयोग करके गणित शिक्षा को बढ़ाया जा सकता है। कुछ व्यक्ति इन कामों को शुरू तो कर देते है परंतु मार्ग में कठिनाइयां आते ही उस कार्य को बीच में ही छोड़ देते हैं ,जिसका विद्यार्थियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।इसलिए गणित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आगे बढ़ने से पहले उसके आगे-पीछे का परिणाम सोचकर ही उस कार्य को प्रारंभ करना चाहिए।
  • उपर्युक्त विवरण में SP ने सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाई मैथ (SP taught math to children in government school) का रिव्यू किया गया है.
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2.बांसवाड़ा: खाकी के SP साहिब बन गए गुरूजी, सरकारी स्कूल में 2 घंटे बच्चों को पढ़ाई मैथ (Banswara: SP Sahib of Khaki became Guruji, 2 hours of mathematics for children in government school)[SP taught math to children]:

  • एसपी शेखावत ने बच्चों को करीब दो घंटे तक पढ़ाया और उनकी क्लास ली.
  • जिले की चाचाकोटा पंचायत की राजकीय माध्यमिक विद्यालय आल्हा पृथ्वी गढ़ में एसपी शेखावत ने बच्चों को करीब दो घंटे तक पढ़ाया और उनकी क्लास ली.
  • बांसवाड़ा:जिले में खाकी के साहब गुरूजी बन गए हैं. सिविल ड्रेस में वो सरकारी स्कूल पहुंचे और करीब 2 घंटे तक बच्चों को गणित (Mathematics) पढ़ाई.
  • जी हां, बांसवाड़ा पुलिस अधीक्षक केसर सिंह शेखावत (Kesar Singh Shekhawat) शिक्षक के रूप में नजर आए. जिले की चाचाकोटा पंचायत की राजकीय माध्यमिक विद्यालय आल्हा पृथ्वी गढ़ में एसपी शेखावत ने बच्चों को करीब दो घंटे तक पढ़ाया और उनकी क्लास ली.
  • एसपी शेखावत जब अचानक स्कूल पहुंचे तो एक बार तो शिक्षक और बच्चे भी सकते में आ गए कि पुलिस यहां पर कैसे? जब एसपी अपनी गाड़ी से उतरे, शिक्षकों से हाथ मिलाया और उनसे इस स्कूल समेत बच्चों के बारे में पूछा तब शिक्षकों को राहत आई और उन्होंने उन्हें सभी जानकारियां दी.
    एसपी ने कहा कि मैं खुद इन बच्चों को पढ़ाना चाहता हूं और बच्चों को गणित के विषय में पढ़ाउंगा. इस पर शिक्षक उन्हें 8वीं और 10वीं की क्लास में ले गए, जहां पर एसपी ने करीब 2 घंटे तक बच्चों को गणित के बारे में बेसिक जानकारी दी.
  • बच्चों को सरल तरीके से समझाई मैथ्स
  • बच्चों को पूरे सरल तरीके से गणित के बारे में बताया, जिससें बच्चों को पढ़ने में भी मजा आया. क्लास में जब एसपी पढ़ा रहे थे तो बच्चे गणित के विषय में थोड़े कमजोर से लगे. कुछ बच्चों को 13 और 14 का पहाड़ा भी नहीं आया, जिस पर एसपी ने कहा कि इन्हें बेसिक जानकारी पूरी देनी होगी. इसके बाद ही यह बच्चे गणित को अच्छे से समझ पाएंगे.
  • एसपी ने बताया कि मैं इस स्कूल में दूसरी बार आया हूं और मुझे पढ़ाना अच्छा लगता है. यहां के बच्चों को अतिरिक्त कक्षाओं की जरूरत है, जिससे वे गणित को अच्छे से समझ सकें. एसपी की क्लास में बच्चों ने बहुत कुछ अलग तरीके से सीखा और पूरा आनंद उठाया.
  • उपर्युक्त विवरण में SP ने सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाई मैथ (SP taught math to children in government school) का के बारे में बताया गया है.

2.SP ने सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाई मैथ (SP taught math to children in government school) के सम्बन्ध में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.सरकार में गणित का उपयोग कैसे किया जाता है? (How is math used in government?):

उत्तर:सरकार में सांख्यिकीविदों (Statisticians),कंप्यूटर वैज्ञानिकों (computer scientists),शोधकर्ताओं (researchers),एक्चुअरी (actuaries) गणितज्ञों (mathematicians) की बहुत आवश्यकता है।उदाहरण के लिए,फेडरल एविएशन अथॉरिटी में हवाई यातायात नियंत्रक (traffic controllers) एक पल की सूचना पर हवाई जहाज को निर्देशित करने के लिए दूरी और माप को समझने के लिए गणित का उपयोग करते हैं.

प्रश्न:2.बच्चे स्ट्रीट मैथ्स में अच्छा करते हैं लेकिन कक्षा में क्यों नहीं? (Why children do well in street maths but not in the classroom?):

उत्तर:शिक्षाविदों के अनुसार,जटिल एल्गोरिदम (complex algorithms) के साथ काम करने के लिए छलांग लगाने से पहले बच्चों को संख्याओं के लिए समझ विकसित करनी चाहिए और वे क्या प्रतिनिधित्व करते हैं।लेकिन ऐसा नहीं है कि स्कूलों में गणित कैसे पढ़ाया जाता है और परिणाम रटकर सीखना है।

प्रश्न:3.स्कूलों में गणित क्यों पढ़ाया जाता है? (Why is mathematics taught in schools?):

उत्तर:हम गणित पढ़ाते हैं क्योंकि यह समस्या समाधान,निगमनात्मक (deductive) और आगमनात्मक तर्क (inductive reasoning), रचनात्मक सोच (creative thinking) और संचार (communication) में महत्वपूर्ण बौद्धिक कौशल (intel- lectual skills) विकसित करने के अवसर प्रदान करता है।लेकिन गणित सीखने में भी,बच्चों के पास ‘पैटर्न देखने’ के कई अवसर होते हैं।

प्रश्न:4.स्कूल बेकार गणित क्यों पढ़ाते हैं? (Why do schools teach useless math?):

उत्तर:यह आपको मूल बातें सिखाता है जो जीवन में बाद में आपकी मदद कर सकती है।इसलिए जब आप “बेकार गणित” सीखते हैं,तो आप वास्तव में समस्या समाधान के बुनियादी कौशल (basic skills) सीख रहे होते हैं,जिसकी आपको निश्चित रूप से अपने जीवन काल में कम से कम एक बार आवश्यकता होगी।  स्कूल आपका मनोरंजन करने के लिए नहीं है,बल्कि आपको जीवन के लिए तैयार करने के लिए है।

प्रश्न:5.क्या राजनेता गणित का उपयोग करते हैं? (Do politicians use math?):

उत्तर:लोगों के समूह के व्यवहार की भविष्यवाणी (predict) करने के लिए राजनीति वैज्ञानिक (Political scientists) गणित और सांख्यिकी का उपयोग करते हैं।राजनीतिक वैज्ञानिक कंप्यूटर विज्ञान (computer science),डेटाबेस प्रबंधन (database management),सांख्यिकी (statistics) और अर्थशास्त्र (economics) सहित गणित के कई अलग-अलग अनुप्रयोगों का उपयोग करके जनसंख्या का अध्ययन करते हैं।

प्रश्न:6.गणित के दो सामान्य क्षेत्र कौन से हैं? (What are the two general areas of mathematics?):

उत्तर:बीजगणित (Algebra),ज्यामिति (Geometry),कलन (Calculus) और सांख्यिकी (Statistics) और प्रायिकता (Probability) गणित की 4 मुख्य शाखाएँ मानी जाती हैं।

प्रश्न:7.मैं अपने 7 साल के गणित को कैसे पढ़ाऊं? (How do I teach my 7 year old math?):

उत्तर:साल के बच्चों के लिए 4 आवश्यक गणित कौशल
(1.)संख्या:1 से 100 तक किसी भी संख्या से एक अधिक या कम और दस अधिक या कम जानें।
(2.)संख्या: आगे और पीछे दो,पाँच और दहाई में गिनें।
(3.)संख्या: संख्या रेखा पर किसी संख्या को चिह्नित करें और पढ़ें:
(4.)संख्या:100 के लिए स्थानीय मान (place value) का उपयोग करें (दहाई (tens) और इकाई (ones))

प्रश्न:8.स्कूल में गणित का स्तर क्या है? (What are the levels of math in school?):

उत्तर:हाई स्कूल में गणित की कक्षाओं का विशिष्ट क्रम है:
बीजगणित (Algebra)
ज्यामिति (Geometry)।
बीजगणित 2/त्रिकोणमिति (Trigonometry)।
पूर्व-कलन (Pre-Calculus)।
कलन (Calculus)।

प्रश्न:9.कुछ बच्चे गणित से नफरत क्यों करते हैं? (Why do some kids hate math?):

उत्तर:कुछ छात्र गणित को नापसंद करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि यह नीरस (dull) है।वे संख्याओं और सूत्रों के बारे में उस तरह से उत्साहित नहीं होते जिस तरह से वे इतिहास (history),विज्ञान (science),भाषाओं (languages) या अन्य विषयों (other subjects) के बारे में उत्साहित होते हैं जिनसे व्यक्तिगत रूप से जुड़ना आसान होता है।वे गणित को अमूर्त (abstract) और अप्रासंगिक आंकड़ों (irrelevant figures) के रूप में देखते हैं जिन्हें समझना मुश्किल है।

प्रश्न:10.क्या स्कूल में गणित बेकार है? (Is math in school useless?):

उत्तर:जब तक आपके पास गणित से संबंधित कोई नौकरी नहीं है,तो इसका कोई मतलब नहीं है।  आपको जीवन में बाद में कभी भी इन कौशलों की आवश्यकता नहीं होगी,खासकर जब से कैलकुलेटर मौजूद हैं और यह केवल समय की बर्बादी है और यह आपकी स्मृति को बेकार जानकारी (useless information) से भर देता है।कभी-कभी प्रक्रिया (process) सामग्री (content) से अधिक उपयोगी होती है।
गणित से जाॅब तभी मिल सकता है जबकि आप गणित का सैद्धान्तिक ज्ञान के साथ-साथ स्किल भी सीखते हैं।

प्रश्न:11.गणित सबसे ज्यादा नफरत वाला विषय क्यों है? (Why is math the most hated subject?):

उत्तर:केवल 3 (6%) छात्रों के लिए गणित सबसे अधिक पसंद किया जाने वाला विषय है और 45 (88%) छात्रों के लिए यह सबसे अधिक नापसंद किया जाने वाला विषय है।गणित से नफरत करने के उनके मुख्य कारण विषय को समझने में कठिनाई (understanding the subject),खराब निर्देश (poor instruction) और समझने के लिए अधिक समय की मांग (demand of more time to grasp) थी लेकिन इसके बाद भी जो सीखा जाता है उसे आसानी से भूल जाते हैं।

प्रश्न:12.संगीत और कला में गणित का उपयोग कैसे किया जाता है? (How is math used in Music and Arts?):

उत्तर:संगीत सद्भाव (musical harmony) में गणित भी एक महत्वपूर्ण भूमिका (pivotal role) निभाता है।अनिवार्य रूप से,सामंजस्य संगीत की ध्वनियों का संयोजन (harmony is the combination of musical sounds) है जैसा कि कान द्वारा माना जाता (perceived by the ear) है और इसका विश्लेषण गणित आधारित अवधारणाओं जैसे आवृत्ति (frequency), पिच (pitch) और कॉर्ड प्रगति (chord progression) के संदर्भ में किया जाता है।संगीत के पैमाने की पश्चिमी धारणा के साथ गणित भी गहराई से जुड़ा हुआ है।
उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा SP ने सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाई मैथ (SP taught math to children in government school) के बारे में ओर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा SP ने सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाई मैथ (SP taught math to children in government school) के बारे में ओर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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