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Particular Integral by reduce to Linear Factor of PDE

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1 1.पीडीई का रैखिक गुणनखण्डों में बदले जाने के द्वारा विशिष्ट समाकल (Particular Integral by reduce to Linear Factor of PDE),आंशिक अवकल समीकरण का रैखिक गुणनखण्डों में बदले जाने के द्वारा विशिष्ट समाकल (Particular Integral by reduce to Linear Factor of Partial Differential Equation):
1.2 3.पीडीई का रैखिक गुणनखण्डों में बदले जाने के द्वारा विशिष्ट समाकल की समस्याएं (Particular Integral by reduce to Linear Factor of PDE Problems):

1.पीडीई का रैखिक गुणनखण्डों में बदले जाने के द्वारा विशिष्ट समाकल (Particular Integral by reduce to Linear Factor of PDE),आंशिक अवकल समीकरण का रैखिक गुणनखण्डों में बदले जाने के द्वारा विशिष्ट समाकल (Particular Integral by reduce to Linear Factor of Partial Differential Equation):

पीडीई का रैखिक गुणनखण्डों में बदले जाने के द्वारा विशिष्ट समाकल (Particular Integral by reduce to Linear Factor of PDE):
पूरक फलन (Complementary Function):मान लो असमघात रैखिक समीकरण निम्न रूप में लिखा जा सकता है:

\left(D-m_{1} D^{\prime}-\alpha_{1}\right)\left(D-m_{2} D^{\prime}- \alpha_{2}\right) \ldots \left(D-m_{n} D^{\prime}-\alpha_{n}\right) z=0 \cdots(1)
यहां हमें पूरक फलन ज्ञात करना है अतः हमने दाहिना पक्ष शून्य लिया है।
सर्वप्रथम हम \left(D-m D^{\prime}-\alpha\right) z=0 का हल ज्ञात करेंगे।यहाँ

\left(D-m D^{\prime}-\alpha\right) z=0 \Rightarrow p-m q=\alpha z \cdots (2)
जो कि लैग्रांज का रैखिक समीकरण है,अतः इसके सहायक समीकरण होंगे

\frac{d x}{1}=\frac{d y}{-m} =\frac{d z}{\alpha z} \cdots(3)
(3) के प्रथम दो पदों को लेकर समाकलन करने पर

y+m x=c_{1}

(3) के प्रथम दो पदों को लेकर समाकलन करने पर

z=c_{2} e^{2 x}
अतः (2) का व्यापक हल होगा

z=e^{\alpha x} \phi(y+m x)
जहाँ \phi एक स्वेच्छ फलन है
स्थिति:I.जब गुणनखण्डों की पुनरावृत्ति नहीं हो (When factors are non-repeated):
यदि (1) के सभी गुणनखण्ड भिन्न-भिन्न हो तब

z=e^{\alpha_{1} x} \cdot \phi_{1}\left(y+m_{1} x\right) \quad , z= e^{\alpha_{2} x} \phi_{2}\left(y+m_{2} x\right), \cdots \cdot , z=e^{\alpha_{n} x} \phi_{n}\left(y+m_{n} x\right)
समीकरण (1) के n स्वतन्त्र हल होंगे,जहाँ स्वेच्छ फलन है।अतः

z=e^{\alpha_{1} x} \phi_{1}\left(y+m_{1} x\right)+e^{\alpha_{2} x} \phi_{2}\left(y+m_{2} x\right)+\cdots +e^{\alpha_{n} x} \phi_{n}\left(y+m_{n}x\right) \cdots(5)
समीकरण (1) का व्यापक हल होगा।
स्थिति:II.जब गुणनखण्डों की पुनरावृत्ति हो (When factors are repeated):
यदि एक गुणनखण्ड की दो बार पुनरावृत्ति हो अर्थात्

\left(D-m \cdot D^{\prime}-\alpha\right)^{2} z=0 \ldots(6)
मान लो \left(D-m \cdot D^{\prime}-\alpha\right) z=u तब (6) से

\left(D-m \cdot D^{\prime}-\alpha\right) u=0 \\ \Rightarrow u=e^{\alpha x} \cdot \phi_{1}(y+m x)
पुनः \left(D-m D^{\prime}-\alpha\right) z=e^{\alpha x} \phi_{1}(y+m x) \\ \Rightarrow p-m q=\alpha z+e^{\alpha x} \phi_{1} (y+m x) \ldots(7)
जो कि लैग्रांज का रैखिक समीकरण हैं अतः इसके सहायक समीकरण होंगे

\frac{d x}{1}=\frac{d y}{-m}=\frac{d z}{\alpha z+e^{\alpha x} \phi_{1}(y+m x)} \cdots(8)
अब (8) के प्रथम दो पदों को लेकर समाकलन करने पर:
y+mx=a \cdots (9)
पुनः (8) के प्रथम व अन्तिम पदों को लेने पर:
\frac{d z}{d x}-\alpha z=e^{\alpha x} \phi_{1}(a) [(9) के प्रयोग से]
जो कि एक साधारण रैखिक समीकरण है जिसका समाकलन गुणांक e^{-\alpha x} है अतः इसका हल होगा

ze^{-\alpha x}=\int \phi_{1}(a) d x+\phi_{2}(a) \\ =x \phi_{1}(a)+\phi_{2}(a) \\ \Rightarrow z=e^{\alpha x}\left\{\phi_{2}(y+m x)+x \phi_{1}(y+m x)\right\} \cdots(10)
इसी प्रकार यदि एक गुणनखण्ड की r बार पुनरावृत्ति हो अर्थात् \left(D-m D^{\prime}-\alpha\right)^{r} z=0
हो तब इसका व्यापक हल होगा

z=e^{\alpha x}(\phi_{1}(y+m x)+x \phi_{2}(y+m x)+\cdots+x^{r-1} \phi_{r}(y+m x)) .....(11)
विशिष्ट समाकल (Particular Integral):
असमघात रैखिक समीकरणों के विशिष्ट समाकल ज्ञात करने की विधियाँ वैसी ही हैं जैसे कि अचर गुणांकों वाले साधारण रैखिक समीकरणों के विशिष्ट समाकलन ज्ञात करने के लिए काम में ली जाती है।नीचे विभिन्न स्थितियों में विशिष्ट समाकल दिए गए हैं।
स्थिति:I.\frac{1}{F\left(D, D^{\prime}\right)} e^{a x+b y}=\frac{1}{F(a, b)} e^{a x+b y} जबकि F(a, b) \neq 0
यहां फलन e^{a x+b y} का उत्तरोत्तर अवकलन करने पर:

D e^{a x+b y}=a e^{a x+b y}, D^{\prime} \cdot e^{a x+b y}=b e^{a x+b y} \\ D^{2} e^{a x+b y}=a^{2} e^{a x+b y}, D^{\prime^{2}} e^{a x+b y}=b^{2} e^{a x+b y}
व्यापक रूप में

D^{m} e^{a x+b y}=a^{m} e^{a x+b y}, D^{\prime^{m}} \cdot e^{a x+b y}= b^{m} e^{a x+b y} \\ D^{r} D^{\prime^{s}} \cdot e^{a x+b y}=a^{r} b^{s} e^{a x+b y} \\ F\left(D, D^{\prime}\right)=e^{a x+b y}=F(a, b) e^{a x+b y}
अब इसके दोनों पक्षों पर \frac{1}{F\left(D, D^{\prime}\right)} की संक्रिया करने तथा इसको F(a,b) से विभाजित करने पर:

F\left(D, D^{\prime}\right) e^{a x+b y}=\frac{1}{F(a, b)} e^{a x+b y}
यदि F(a,b)=0 हो तब हम का मान निम्न प्रकार ज्ञात कर सकते हैं:

\frac{1}{F(D, D^{\prime})} e^{a x+b y}=e^{a x+b y} \frac{1}{F\left(D+a, D^{\prime}+b\right)} \cdots(1)

स्थिति:II.=\frac{1}{F\left(D^{2}, D D^{\prime}, D^{\prime ^{2}}\right)} \sin (a x+b y) \\ =\frac{1}{F\left(-a^{2},-a b, -b^{2}\right)} \sin (a x+b y) जबकि F\left(-a^{2},-a b, -b^{2}\right) \neq 0
यहाँ फलन \sin (a x+b y) का उत्तरोत्तर अवकलन करने पर:

D \sin (a x+b y)=a \cos (a x+b y) \\ D^{\prime} \sin (a x+b y)=b \cos (a x+b y) \\ D^{2} \sin (a x+b y)=-a^{2} \sin (a x+b y) \\ D^{\prime^{2}} \sin (a x+b y)=-b^{2} \cos (a x+b) \\ D D^{\prime} \sin (a x+b y)=-a b \sin (a x+b y) \\ \Rightarrow F\left(D^{2}, D D^{\prime}, D^{\prime 2}\right) \sin (a x+b y)=F\left(-a^{2},-a b,-b^{2}\right) \sin (a x+b y)
अब इसके दोनों पक्षों पर की संक्रिया करने तथा इसको F\left(-a^{2},-a b,-b^{2}\right) से विभाजित करने पर:

\frac{1}{F\left(D^{2}, D D^{\prime}, D^{\prime 2}\right)} \sin (a x+b y)=\frac{1}{F\left(-a^{2},-a b,-b^{2}\right)} \sin (a x+b y)
इसी प्रकार हम सिद्ध कर सकते हैं कि
\frac{1}{F\left(D^{2}, D D^{\prime}, D^{\prime 2}\right)} \cos (a x+b y)=\frac{1}{F\left(-a^{2},-a b,-b^{2}\right)} \cos (a x+b y) जबकि F\left(-a^{2},-a b,-b^{2}\right) \neq 0
यदि F\left(-a^{2},-a b,-b^{2}\right) = 0 हो, तब हम \sin (a x+b y) तथा \cos (a x+b y) का मान निम्न प्रकार से लिखकर ज्ञात कर सकते हैं:

\frac{1}{F\left(D^{2}, D D^{\prime}, D^{\prime 2}\right)} \sin (a x+b y)=I.P \cdot\left\{e^{i(a x+b y)}\right\} \\ \frac{1}{F\left(D^{2}, D D^{\prime}, D^{\prime 2}\right)} \cos (a x+b y)=R.P \cdot\left\{e^{i(a x+b y)}\right\}
स्थिति:III. \frac{1}{F\left(D, D^{\prime}\right)} x^{m} y^{n}=\left\{F\left(D, D^{\prime} \right)\right\}^{-1} x^{m} y^{n}
यहाँ विशिष्ट समाकल का मान, संकारक \left\{F\left(D, D^{\prime}\right)\right\}^{-1} को \frac{D}{D^{\prime}} की बढ़ती हुई घातों में विस्तार कर,यदि m<n हो तो \frac{D^{\prime}}{D} की बढ़ती हुई घातों में विस्तार कर,यदि m>n हो या Dव D’ की घातों में विस्तार कर,ज्ञात किया जा सकता है।m=n हो तो दोनों में से कोई भी एक का विस्तार किया जा सकता है।
स्थिति:IV. \frac{1}{F\left(D, D^{\prime}\right)}\left(e^{a x+b y} \cdot v\right)=e^{a x+b y} \frac{1}{F\left(D+a, D^{\prime}+b\right)}(v)
यदि दिए हुए फलन का उत्तरोत्तर अवकलन करने पर:

D\left(e^{a x+b y} \cdot v\right)= a e^{ax+b y} \cdot v+e^{a x+b y} \cdot D v \\ = e^{a x+b y}(D+a) v \\ D^{2} \left(e^{a x+b y} \cdot v\right) =D\left\{e^{a x+b y}(D+a) v\right\} \\ =a e^{a x+b y} \cdot(D+a) v+e^{a x+b y} D(D+a) v \\ =e^{a x+b y} \cdot(D+a)^{2} V \\................................\\ D^{r}\left(e^{a x+b y} \cdot v\right) =e^{a x+b y} \cdot(D+a)^{r} v
इसी प्रकार D^{\prime^{r}}\left(e^{a x+b y} \cdot v\right)=e^{a x+b y}\left(D+a\right)^{r} V
तथा D^{r} D^{\prime^{s}}\left(e^{a x+b y} \cdot v\right)=e^{a x+b y}(D+a)^{r}\left(D^{\prime} +b\right)^{s} v \\ \therefore F\left(D, D^{\prime}\right)\left(e^{a x+b y} \cdot V\right)=e^{a x+b y} F\left(D+a, D^{\prime}+b\right) v
इससे हम निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि

\frac{1}{F(D, D^{\prime})}\left\{e^{a x+b y} \cdot v\right\}=e^{a x+b y} \frac{1}{F\left(D+a, D^{\prime}+b\right)}(v)
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2.पीडीई का रैखिक गुणनखण्डों में बदले जाने के द्वारा विशिष्ट समाकल के उदाहरण (Particular Integral by reduce to Linear Factor of PDE Examples):

निम्नलिखित अवकल समीकरणों को हल कीजिए:
(Solve the following differential equation):
Example:1.2 \frac{\partial^{2} z}{\partial x^{2} y}+\frac{\partial^{2} z}{\partial y^{2}}-3 \frac{\partial z}{\partial y}=5 \cos (3 x-2 y)
Solution:2 \frac{\partial^{2} z}{\partial x^{2} y}+\frac{\partial^{2} z}{\partial y^{2}}-3 \frac{\partial z}{\partial y}=5 \cos (3 x-2 y)
दिए हुए समीकरण को निम्न प्रकार लिखा जा सकता है:

\left(2 D D^{\prime}+D^{\prime 2}-3 D^{\prime}\right) z=5 \cos (3 x-2 y) \\ \Rightarrow D\left(2 D+D^{\prime} -3\right) z=5 \cos (3 x-2 y) \\C \cdot F \cdot=\phi_{1}(x)+e^{\frac{3 x}{2}} \phi_{2}(2 y-x)
पुनः P \cdot I=\frac{1}{D^{\prime}\left(2 D+D^{\prime}-3\right)} 5 \cos (3 x-2 y) \\ =\left(\frac{5}{-2}\right) \frac{1}{\left(2D+D^{\prime}-3\right)} \sin (3 x-2 y) \\ =\left(-\frac{5}{2}\right) \frac{\left(2 D+D^{\prime}+3\right)}{(2 D+D^{\prime}-3)\left(2 D+D^{\prime}+3\right)} \sin (3 x-2 y) \\ =\left(-\frac{5}{2}\right) \frac{(2 D+D+3)}{\left(2 D+D^{\prime}\right)^{2}-9} \sin (3 x-2 y) \\ =\left(-\frac{5}{2}\right) \frac{\left(2 D+D^{\prime}+3\right)}{4 D^{2}+ D^{\prime^{2}}+4D D^{\prime}-9} \sin (3 x-2 y) \\ =\left(-\frac{5}{2}\right) \frac{\left(2 D+D^{\prime}+3\right)}{-4(3)^{2}-4+4(3)(2)-9} \sin (3 x-2 y) \\ =\left(-\frac{5}{2}\right) \frac{6 \cos (3 x-2 y)-2 \cos (3 x-2 y)+3 \sin (3x-2 y)}{-36+24-9-4} \\ \Rightarrow P.I=\left(\frac{1}{10}\right) 4 \cos (3 x-2 y)+3 \sin (3 x-2 y)
अतः दिए हुए समीकरण का व्यापक हल होगा:
z=C.F.+P.I.

\Rightarrow z=\phi_{1}(x)+e^{\frac{3 x}{2}} \phi_{2}(2 y-x)+\frac{1}{10} [4 \cos(3 x-2 y)+3 \sin (3 x-2y)]

उपर्युक्त प्रश्न के उत्तर द्वारा पीडीई का रैखिक गुणनखण्डों में बदले जाने के द्वारा विशिष्ट समाकल (Particular Integral by reduce to Linear Factor of PDE),आंशिक अवकल समीकरण का रैखिक गुणनखण्डों में बदले जाने के द्वारा विशिष्ट समाकल (Particular Integral by reduce to Linear Factor of Partial Differential Equation) के बारे में ओर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
Example:2. \frac{\partial^{2} z}{\partial x^{2}}-2 \frac{\partial^{2} z}{\partial x^{2} y}+\frac{\partial^{2} z}{\partial y^{2}}-3 \frac{\partial z}{\partial x}+3 \frac{\partial z}{\partial y}+2 z=e^{2 x-y}
Solution:\frac{\partial^{2} z}{\partial x^{2}}-2 \frac{\partial^{2} z}{\partial x^{2} y}+\frac{\partial^{2} z}{\partial y^{2}}-3 \frac{\partial z}{\partial x}+3 \frac{\partial z}{\partial y}+2 z=e^{2 x-y}
दिए हुए समीकरण को निम्न प्रकार लिखा जा सकता है:

\left(D^{2}-2 D D^{\prime}+D^{\prime 2}-3 D+3 D^{\prime}+2\right) z=e^{2 x-y} \\ \Rightarrow\left[\left(D-D^{\prime} \right)^{2}-3\left(D-D^{\prime}\right)+2\right] z=e^{2 x+y} \\ \Rightarrow\left[\left(D-D^{\prime} \right)^{2}-2\left(D-D^{\prime}\right)-\left(D-D^{\prime}\right)+2\right] z=e^{2 x+y} \\ \Rightarrow\left[\left(D-D^{\prime}\right)\left(D-D^{\prime}-2\right)-1\left(D-D^{\prime}-2\right)\right] z=e^{2 x+y} \\ \Rightarrow\left(D-D^{\prime}-2\right)\left(D-D^{\prime}-1\right) z=e^{2 x+y} \\ C \cdot F=e^{x} \phi_{1}(y+x)+e^{2x} \phi_{2}(y+x)
पुनः P.I. =\frac{1}{\left(D-D^{\prime}-2\right)\left(D-D^{\prime}-1\right)} e^{2 x+y} \\ =\frac{1}{(2-1-2)\left[(D+2)-\left(D^{\prime}+1\right)-1\right]} e^{2 x+y}[\because F(a, b)=0] \\ =-\frac{1}{\left(D+2-D^{\prime}-1-1\right)} e^{2 x+y} \\ =\left(-e^{2 x+y}\right) \frac{1}{(D+D^{\prime})} (1) \\ =-e^{2 x+y} \frac{1}{D\left(1-\frac{D^{\prime}}{D} \right)}(1) \\ =-e^{2 x+y} \frac{1}{D}\left(1-\frac{D^{\prime}}{D}\right)^{-1}(1) \\ =-e^{2 x+y} \frac{1}{D}\left(1+\frac{D^ {\prime}} {D}+\cdots\right)(1) \\ =-e^{2 x+y} \frac{1}{D}(1) \\ \Rightarrow P.I.=-x e^{2 x+y}
अतः दिए हुए समीकरण का व्यापक हल होगा:

z=C.F.+P.I.
\Rightarrow z =e^{x} \phi_{1}(y+x)+e^{2 x} \phi_{2}(y+x)-x e^{2 x+y}

Example:3.\frac{\partial^{2} z}{\partial x \partial y}+a \frac{\partial z}{\partial x}+b \frac{\partial z}{\partial y}+a b z=e^{mx+ny}
Solution:\frac{\partial^{2} z}{\partial x \partial y}+a \frac{\partial z}{\partial x}+b \frac{\partial z}{\partial y}+a b z=e^{mx+ny}
दिए हुए समीकरण को निम्न प्रकार लिखा जा सकता है:

\left(D D^{\prime}+a D+b D^{\prime}+a b\right) z=e^{m x+n y} \\ \Rightarrow \left[D\left(D^{\prime}+a\right) +b\left(D^{\prime}+a\right)\right] z=e^{m x+n y} \\ \Rightarrow\left(D^{\prime}+a\right)(D+b) z=e^{m x+n y} \\ C \cdot F \cdot=e^{-b x} \phi_{1}(y)+e^{-a y} \phi_{2}(x)
पुनः P.I=\frac{1}{(D^{\prime}+a)(D+b)} e^{m x+n y} \\ P.I.=\frac{1}{(n+a)(m+b)} e^{m x+n y}
अतः दिए हुए समीकरण का व्यापक हल होगा:
z=C.F.+P.I.

\Rightarrow z=e^{-b x} \phi_{1}(y)+e^{-a y} \phi_{2}(x)+\frac{e^{m x+n y}}{(n+a)(m+b)}

उपर्युक्त प्रश्न के उत्तर द्वारा पीडीई का रैखिक गुणनखण्डों में बदले जाने के द्वारा विशिष्ट समाकल (Particular Integral by reduce to Linear Factor of PDE),आंशिक अवकल समीकरण का रैखिक गुणनखण्डों में बदले जाने के द्वारा विशिष्ट समाकल (Particular Integral by reduce to Linear Factor of Partial Differential Equation) के बारे में ओर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
Example:4.a b \frac{\partial^{2} z}{\partial x^{2}}-\left(a^{2}+b^{2}\right) \frac{\partial^{2} z}{\partial x \partial y}+a b \frac{\partial^{2} z}{\partial y^{2}}+a b^{2} \frac{\partial z}{\partial x}-a^{2} b \frac{\partial z}{\partial y}=\cos (a x+b y)+\cos (m x+n y)
Solution:a b \frac{\partial^{2} z}{\partial x^{2}}-\left(a^{2}+b^{2}\right) \frac{\partial^{2} z}{\partial x \partial y}+a b \frac{\partial^{2} z}{\partial y^{2}}+a b^{2} \frac{\partial z}{\partial x}-a^{2} b \frac{\partial z}{\partial y}=\cos (a x+b y)+\cos (m x+n y)
दिए हुए समीकरण को निम्न प्रकार लिखा जा सकता है:

\Rightarrow\left(a b D^{2}-\left(a^{2}+b^{2}\right) D D^{\prime}+a b D^{\prime 2}+a b^{2} D-a^{2} b D^{\prime} \right) z=\cos (a x+b y)+\cos (m x+n y) \\ \Rightarrow\left[a b D^{2}-b^{2} D D^{\prime}-a^{2} D D^{\prime}+a b D^{\prime 2}+a b^{2} D-a^{2} b D^{\prime}\right] z=\cos (a x+b y)+ \cos (m x+n y) \\ \Rightarrow\left[bD(a D-b D^{\prime})-a D^{\prime}\left(a D-b D^{\prime} \right)+a (bD-a D^{\prime})\right]z =\cos (a x+b y)+c o s(m x+n y) \\ \Rightarrow\left[\left(a D-b D^{\prime}\right)\left(b D-a D^{\prime}\right)+a b\left(b D-a D^{\prime}\right)\right] z=\cos (a x+b y)+\cos (m x+n y) \\ \Rightarrow\left(b D-a D^{\prime}\right)(a D-b D^{\prime}+a b)z=\cos (a x+b y)+\cos (m x+n y) \\ C.F.=\phi_{1}(b y+a x)+e^{-a b x} \phi_{2}(a y+b x)
पुनः P.I.=\frac{1}{(b D-a D^{\prime})\left(a D-b D^{\prime}+a b\right)} \cos (a x+b y)+\cos (m x+n y) \\ P_{1}=\frac{1}{\left(b D-a D^{\prime}\right)(a D-b D^{\prime}+a b)} \cos (a x+b y) \\ =\frac{\left(a D-b D^{\prime}-a b\right)}{\left.\left(b D-a D^{\prime}\right)\left[\left(a b-b D^{\prime}+a b\right)(a D-b D^{\prime}-a b\right)\right]} \cos (a x+b y) \\ =\frac{(a D-b D^{\prime}-a b)}{\left( b D- a D^{\prime}\right)\left(a^{2} D^{2}+b^{2} D^{\prime 2}-2 a b D D^{\prime}-a^{2} b^{2}\right)} \cos (a x+b y) \\ =\frac{\left(a D-b D^{\prime}-a b\right) \cos \left(a x+b y\right)}{\left[b(D+a)-a\left(D^ {\prime} +b\right)\right]\left[-a^{4}-b^{4}+2 a^{2} b^{2}-a^{2} b^{2}\right]} \\ =\frac{-a^{2} \sin (a x+b y)+b^{2} \sin (a x+b y)-a b \cos (a x+b y)}{-\left(a^{4}+b^{4}-a^{2} b^{2}\right)} \cdot \frac{1}{\left(b D-a D^{\prime}\right)} (1)\\ =\frac{\left(a^{2}-b^{2}\right) \sin (a x+b y)+a b \cos (a x+b y)}{\left(a^{4}+b^{4}-a^{2} b^{2}\right)} \cdot \frac{1}{b D\left(1-\frac{a D^{\prime}}{b D}\right)}(1) \\ =\frac{\left(a^{2}-b^{2}\right) \sin (a x+b y)+a b \cos (a x+b y)}{\left(a^{4}+b^{4}-a^{2} b^{2}\right)} \cdot \frac{1}{b D}\left(1-\frac{a D^{\prime}}{b D}\right)^{-1}(1) \\ =\frac{\left(a^{2}-b^{2}\right) \sin (a x+b y)+a b \cos (a x+b y)}{\left(a^{4}+b^{4}-a^{2} b^{2}\right)} \cdot \frac{1}{b D}\left(1+\frac{a D^{\prime}}{b D}+\cdots\right)(1)\\ P_{1} =\frac{\left(a^{2}-b^{2}\right) x \sin (a x+b y)+a b x \cos (a x+b y)}{\left(a^{4}+b^{4}-a^{2} b^{2}\right)} \\ P_{2} =\frac{1}{(b D-a D^{\prime})\left(a D-b D^{\prime}+a b\right)} \cos(mx+ny) \\ =\frac{1}{(b D-a D^{\prime})}\left[\frac{a D-b D^{\prime}-a b}{\left(a D-b D^{\prime}+a b\right)\left(a D-b D^{\prime}-a b\right)}\right] \cos (m x+n y) \\ =\frac{1}{\left(b D-a D^{\prime}\right)} \cdot \frac{\left(a D-b D^{\prime}-a b\right) \cos (m x+n y)}{\left(a m-b n\right)^{2}-a^{2} b^{2}} \\ = \frac{1}{(b D-a D^{\prime})} \frac{(a m-b n) \sin (m x+n y)+a b \cos (m x+n y)}{\left(a m-bn\right)^{2}+a^{2} b^{2}}

=\frac{I.P.  \frac{1}{(bD-a D^{\prime})}(a m-b n) e^{i(m x+n y)}+ R. P. \frac{a b}{(b D- a D^{\prime})} \cdot e^{i(m x+n y)}}{(a m-b n)^{2}+a^{2} b^{2}} \\ =\frac{I.P.\left[(a m-b n) \cdot \right]}{(imb-ian)[(a m-b n)^{2}+a^{2} b^{2}]} e^{i(m x+n y)}+ R.P. \frac{ab}{(imb-ian)[(a m-b n)^{2}+a^{2} b^{2}]} e^{i(m x+n y)}\\=\frac{I \cdot P. \left[-i(a m-b n) \cdot e^{i(m x+n y)}\right]+R.P. \left[-i a b e^{i(mx+n y)}\right]}{(a m-b n)^{2}+a^{2} b^{2}}

\Rightarrow P_{2}=\frac{-(a m-b n) \cos (m x+n y)+a b \sin (m x+n y)}{(m b-a n)\left[(a m-b n)^{2}+a^{2} b^{2}\right]} \\ P \cdot I=\frac{a b \sin (m x+n y)-(a m-b n) \cos (m x+n y)}{(b m-a n)\left[a^{2} b^{2}+(a m-b n)^{2}\right]}+\frac{ a bx \cos(m x+n y)+\left(a^{2}-b^{2}\right) \sin (a x+by)}{b\left(a^{4}-a^{2} b^{2}+b^{4}\right)}
अतः दिए हुए समीकरण का व्यापक हल होगा:
z=C.F.+P.I.

z=\phi_{1} (b y+a x)+\bar{e}^{a x} \phi_{2}(a y+b x)+\frac{a b \sin (m x+n y)-(a b-b n) \cos (m x+n y)}{(b m-a n)\left[a^{2} b^{2}+(a m-b)^{2}\right]}+ \frac{a b x \cos \left(a x+b y\right)+\left(a^{2}-b^{2}\right) \sin (a x+b y)}{b\left(a^{4}-a^{2} b^{2}+b^{4}\right)}
उपर्युक्त उदाहरणों के द्वारा पीडीई का रैखिक गुणनखण्डों में बदले जाने के द्वारा विशिष्ट समाकल (Particular Integral by reduce to Linear Factor of PDE) को समझ सकते हैं।

3.पीडीई का रैखिक गुणनखण्डों में बदले जाने के द्वारा विशिष्ट समाकल की समस्याएं (Particular Integral by reduce to Linear Factor of PDE Problems):

निम्नलिखित अवकल समीकरणों को हल कीजिए:
(Solve the following differential equation):
(1.)हल कीजिए:\left(D^{2}+D D^{\prime}+D^{\prime}-1\right) z=\sin (x+2 y)
(2.)हल कीजिए: \left(D+D^{\prime}-1\right)\left(D+2 D^{\prime}-3\right) z=2 x+3 y
(3.)हल कीजिए:\left(D-D^{\prime}\right)\left(D+D^{\prime}+3\right) z=e^{x+2 y}+x y
(4.)हल कीजिए:\left(D-3 D^{\prime}-2\right)^{2} z=2 e^{2 x} \tan (y+2 x)
उत्तर(Answers):(1)z=e^{-x} \phi_{1}(y)+e^{x} \phi_{2}(y-x)-\frac{1}{10}\left[\cos(x+2 y)+2 \sin (x+2 y)\right]\\ (2) z=e^{x}+\phi_{1}(y-x)+e^{3 x} \phi_{2}(y-3 x)+\frac{2}{3} x+y+\frac{23}{9} \\\text { (3) } z=\phi_{1}(y+x)+e^{3 x} \phi_{2}(y-x)-y e^{x+2 y}-\frac{1}{3}\left(\frac{x^{2} y}{2}+\frac{x y}{3}+\frac{x^{2}}{3}{+\frac{x^{3}}{6}+\frac{2 x}{9}}\right) \\ \text { (4) } z=e^{2 x} \cdot\left[\phi_{1}(y+3 x)+x \phi_{2}(y+3 x)\right]+x^{2} e^{2 x} \tan (y+3 x)
उपर्युक्त सवालों को हल करने पर पीडीई का रैखिक गुणनखण्डों में बदले जाने के द्वारा विशिष्ट समाकल (Particular Integral by reduce to Linear Factor of PDE) को ठीक से समझ सकते हैं।

Also Read This Article:-Particular Integral by short Method

4.पीडीई का रैखिक गुणनखण्डों में बदले जाने के द्वारा विशिष्ट समाकल (Particular Integral by reduce to Linear Factor of PDE) के सम्बन्ध में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.समघात रैखिक PDE में विशिष्ट समाकलन का मान क्या है? (What is the value for particular integral in homogeneous linear PDE?):

उत्तर:यदि एक रैखिक आंशिक अवकल समीकरण f (D,D’)u=F(x,y) का सी.एफ. पूरक फलन है और P.I.  विशिष्ट समाकल है,तो z = C.F.  +P.I. दिए गए आंशिक अवकल समीकरण का व्यापक हल है।

प्रश्न:2.आप पीडीई का विशिष्ट हल कैसे ज्ञात करते हैं? (How do you find the particular solution of PDE?):

उत्तर:चूँकि अचर दूसरे चर y पर निर्भर हो सकते हैं,आंशिक अवकल समीकरण का व्यापक हल u(x, y)= f(y) cosx + g(y) sinx होगा,जहाँ f और g स्वेच्छ फलन हैं।यह जाँचने के लिए कि यह वास्तव में एक समाधान है,बस व्यंजक को वापस समीकरण में u_{x}=f(x) बदलें।
आंशिक भिन्नों में f (D, D’) को अकेले D का एक फलन मानते हुए।इसलिए C.F =f_{1}(y-x) + f_{2} (y+ 2x) + xf_{3} (y+2x) है।हल करने पर हमें m = 2,2 प्राप्त होता है।  इसलिए सीएफ f_{1}(y+2x) + xf_{2}(y+2x) है।

प्रश्न:3.पीडीई रैखिक क्या बनाता है? (What makes a PDE linear?):

उत्तर:रैखिक पीडीई:यदि आश्रित चर और उसके सभी आंशिक अवकलज किसी भी पीडीई में रैखिक रूप से होते हैं तो ऐसे समीकरण को रैखिक पीडीई कहा जाता है अन्यथा एक गैर-रेखीय पीडीई।

प्रश्न:4.आप एक विशिष्ट समाकल कैसे ज्ञात करते हैं? (How do you find a particular integral?):

उत्तर:पहले की तरह, स्थिरांक A और B (या C और D) सीमा की शर्तों से निर्धारित होंगे।स्थिरांक A और B जैसे: इसे पूरक हल yc(x) कहा जाता है;दूसरा,ODE yp(x) का एक विशिष्ट समाकलन।तब ODE के हल इस प्रकार के होते हैं: y(x) = yc(x) + yp(x)।

प्रश्न:5.व्यापक हल और विशिष्ट हल क्या है? (What is general solution and particular solution?):

उत्तर:जब व्यापक हल का स्वेच्छ अचर कुछ अद्वितीय मान लेता है,तो समाधान समीकरण का विशिष्ट हल बन जाता है।सीमा शर्तों (प्रारंभिक शर्तों के रूप में भी जाना जाता है) का उपयोग करके एक अवकल समीकरण का विशिष्ट हल प्राप्त किया जाता है।

प्रश्न:6.पीडीई क्या है? (Whats is PDE?):

उत्तर:एक आंशिक अवकल समीकरण (पीडीई) एक गणितीय समीकरण है जिसमें कई स्वतंत्र चर शामिल होते हैं,एक अज्ञात फ़ंक्शन जो उन चरों पर निर्भर होता है और स्वतंत्र चर के सापेक्ष में अज्ञात फ़ंक्शन के आंशिक अवकलज होते हैं।

प्रश्न:7.निम्नलिखित में से कौन लैग्रेंज के रैखिक समीकरण का प्रतिनिधित्व करता है? (Which one of the following represents Lagrange linear equation?):

उत्तर:व्याख्या:समीकरण, Pp+Qq=R के रूप को लैग्रेंज के रैखिक समीकरण के रूप में जाना जाता है,जिसका नाम फ्रेंको-इतालवी गणितज्ञ,जोसेफ-लुई लैग्रेंज (Franco-Italian mathematician, Joseph-Louis Lagrange) (1736-1813) के नाम पर रखा गया है।

प्रश्न:8.गणित में CF और PI क्या है? (What is CF and PI in math?):

उत्तर:समघात हल को CF कहा जाता है,जो पूरक फलन (Complementary Function) के लिए संक्षिप्त है,जबकि विशिष्ट हल (Particular Solution) को PI कहा जाता है,जो विशिष्ट समाकल (Particular Integral) के लिए संक्षिप्त है।

प्रश्न:9.आप कैसे निर्धारित करते हैं कि एक पीडीई रैखिक या अरेखीय है? (How do you determine if a PDE is linear or nonlinear?):

उत्तर:कोई भी अज्ञात फलन है।एक पीडीई रैखिक है यदि प्रत्येक पद रैखिक है।कोई भी पद जिसमें शामिल नहीं है वह रैखिक है,जैसे अचर या कुछ ऐसा।
कुछ ऐसा ,या रैखिक नहीं है।
कुछ इस तरह रैखिक है क्योंकि जिस गुणनखण्ड(factor) से अवकलज को गुणा किया जाता है उसमें शामिल नहीं होता है।
कुछ इस तरह रैखिक है क्योंकि जिस कारक से व्युत्पन्न को गुणा किया जाता है उसमें शामिल नहीं होता है।

प्रश्न:10.आप कैसे जानेंगे कि DE रैखिक है? (How do you know if DE is linear?):

उत्तर:एक अवकल समीकरण में,जब चर और उनके अवकलज को केवल अचर से गुणा किया जाता है,तो समीकरण रैखिक होता है।चर और उनके डेरिवेटिव हमेशा एक साधारण पहली घात के रूप में प्रकट होने चाहिए।

प्रश्न:11.विशिष्ट समाकल और विशिष्ट हल के बीच अंतर क्या है? (What is the difference between particular integral and particular solution?):

उत्तर:इंटीग्रल सबसे व्यापक समाधान देगा यानी वक्र का परिवार किसी दिए गए अवकल समीकरण को संतुष्ट करता है।हालांकि,एक अद्वितीय समाधान खोजने के लिए अवकल समीकरण की सीमा शर्तों (Boundary Conditions) के लिए हल अलग-अलग हो सकते हैं।

प्रश्न:12.व्यापक हल क्या दर्शाता है? (What does General solution represent?):

उत्तर:एक रैखिक ओडीई का एक व्यापक हल एक समाधान है जिसमें समाकलन के अचर के अनुरूप स्वेच्छ चर की संख्या (ओडीई का क्रम) होती है।

प्रश्न:13.व्यापक हल का क्या अर्थ है? (What is general solution mean?):

उत्तर:(1)क्रम n के एक साधारण अवकल समीकरण का एक समाधान जिसमें ठीक n आवश्यक स्वेच्छ अचर शामिल हैं जिसे पूर्ण हल (Complete Solution),व्यापक हल(General Solution) भी कहा जाता है।
(2)एक आंशिक अवकल समीकरण का एक हल जिसमें स्वेच्छ फलन शामिल है।

प्रश्न:14.ओडीई और पीडीई में क्या अंतर है? (What is difference between ODE and PDE?):

उत्तर:एक साधारण अवकल समीकरण (ODE) में 1 स्वतंत्र चर होता है लेकिन आंशिक अवकल समीकरण (PDE) में 1 से अधिक स्वतंत्र चर होते हैं।इसलिए एक ओडीई पीडीई का एक विशेष मामला है।

प्रश्न:15.आप पीडीई को कैसे वर्गीकृत करते हैं? (How do you classify a PDE?):

उत्तर:आंशिक अवकल समीकरण भौतिकी,रसायन विज्ञान और इंजीनियरिंग के कई अलग-अलग क्षेत्रों में होते हैं।  द्वितीय क्रम पी.डी.ई.आमतौर पर तीन प्रकारों में विभाजित किया जाता है:अण्डाकार (दीर्घवृत्ताकार) (elliptical),अतिपरवलयिक (hyperbolic) और परवलयिक (parabolic).

प्रश्न:16.रैखिक और अरैखीय PDE क्या है? (What is linear and non linear PDE?):

उत्तर:एक पीडीई जो अज्ञात फ़ंक्शन में रैखिक है और अकेले स्वतंत्र चर के आधार पर इसके सभी डेरिवेटिव गुणांकों सहित को रैखिक पीडीई कहा जाता है।4. एक पीडीई जो अर्ध-रैखिक (Quasi-linear) नहीं है उसे पूर्णतः अरेखीय पीडीई कहा जाता है।

प्रश्न:17.पीडीई कितने प्रकार के होते हैं? (How many types of PDE are there?):

उत्तर:जैसा कि हम देखेंगे,मूल रूप से तीन प्रकार के पीडीई हैं-अतिपरवलयिक (hyperbolic), परवलयिक (parabolic) और अण्डाकार (दीर्घवृत्ताकार) (elliptic) पीडीई।

प्रश्न:18.रैखिक अवकल समीकरण में CF क्या है? (What is CF in linear differential equation?):

उत्तर:वह हल जिसमें अवकल समीकरण की कोटि के बराबर स्वेच्छ अचर होते हैं,अवकल समीकरण का पूरक फलन (C.F.) कहलाता है।

प्रश्न:19.पीडीई क्यों महत्वपूर्ण है? (Why is PDE important?):

उत्तर:आंशिक अवकल समीकरणों का उपयोग गणितीय रूप से तैयार करने के लिए किया जाता है और इस प्रकार कई चर के कार्यों से संबंधित भौतिक और अन्य समस्याओं के समाधान में सहायता करता है,जैसे कि गर्मी (heat) या ध्वनि (sound) का प्रसार, द्रव प्रवाह (fluid flow), लोच (elasticity), इलेक्ट्रोस्टैटिक्स (electrostatics), इलेक्ट्रोडायनामिक्स (electrodynamics), आदि।

प्रश्न:20.स्थिर गुणांक वाला रैखिक समीकरण क्या है? (What is linear equation with constant coefficient?):

उत्तर:सामान्य द्वितीय क्रम के समघात रैखिक अवकल समीकरण का रूप है।यदि a(x),b( x) और c( x) वास्तव में अचर हैं, a( x) a ≠ 0, b( x)=b, c( x)=c, तो समीकरण सरल हो जाता है।यह सामान्य दूसरे क्रम का सजातीय रैखिक समीकरण है जिसमें अचर गुणांक होते हैं।
उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा पीडीई का रैखिक गुणनखण्डों में बदले जाने के द्वारा विशिष्ट समाकल (Particular Integral by reduce to Linear Factor of PDE),आंशिक अवकल समीकरण का रैखिक गुणनखण्डों में बदले जाने के द्वारा विशिष्ट समाकल (Particular Integral by reduce to Linear Factor of Partial Differential Equation) के बारे में ओर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

 

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