Menu

Particular Integral by short Method

Contents hide
1 1.PDE में विशिष्ट समाकल ज्ञात करने की लघु विधि (Particular Integral by short Method in PDE),आंशिक अवकलन समीकरण में विशिष्ट समाकल ज्ञात करने की लघु विधि (Particular Integral by short Method in partial differential equation):
1.2 3.PDE में विशिष्ट समाकल ज्ञात करने की लघु विधि की समस्याएं (Particular Integral by short Method in PDE Problems):

1.PDE में विशिष्ट समाकल ज्ञात करने की लघु विधि (Particular Integral by short Method in PDE),आंशिक अवकलन समीकरण में विशिष्ट समाकल ज्ञात करने की लघु विधि (Particular Integral by short Method in partial differential equation):

PDE में विशिष्ट समाकल ज्ञात करने की लघु विधि (Particular Integral by short Method in PDE):यदि अवकल समीकरण F(D,D’)=f(x,y) में फलन f(x,y),\phi(a x+b y) रूप में हो तो इसके संगत विशिष्ट समाकल अर्थात्

z=\frac{1}{F\left(D, D^{\prime}\right)} \phi(a x+b y)
द्वारा व्यापक विधि की अपेक्षा सरल विधि से ज्ञात किया जा सकता है।
स्थिति:I.जबकि (When) F(a, b) \neq 0
उत्तरोत्तर अवकलन से हम जानते हैं कि

D \phi(a x+b y)=a \phi^{\prime}(a x+b y) \\ D^{\prime} \phi(a x+b y)=b \phi^{\prime}(a x+b y) \\ D^{2} \cdot \phi(a x+b y)=a^{2} \phi^{\prime \prime}(a x+b y) \\ D^{\prime \prime} \phi(a x+b y)=b^{2} \phi^{\prime \prime}(a x+b y)
व्यापक रूप में

D^{\prime \prime} \phi(a x+b y)=a^{m} \phi^{m}(a x+b y) \\ D^{\prime^{m}} (a x+b y)=b^{m} \phi^{m}(a x+b y) \\ D^{\prime} D^{\prime} \phi(a x+b y)=a^{r} b^{s} \phi^{r+s} (a x+b y) \\ F\left(D, D^{\prime}\right) \phi(a x+b y)=F(a, b) \phi^{n}(a x+b y) \cdots(1)
जहां \phi^{n}, \phi का (ax+by) के सापेक्ष n वां अवकलज है तथा n,F(D,D’) की घात (degree) है।चूंकि F(D,D’) एक n घात का समघात फलन हैं अतः इसमें D की जगह a तथा D’ की जगह b रखकर (1) के दाहिने पक्ष का F(a,b) प्राप्त किया जा सकता है।
अब (1) के दोनों पक्षों पर \frac{1}{F\left(D, D^{\prime}\right)} की संक्रिया करने तथा इसको F(a,b) से विभाजित करने पर

\frac{1}{F(D, D^{\prime})} \phi^{n}(a x+b y)=\frac{1}{F(a, b)} \phi(a x+b y) \cdots(2)
बशर्ते F(a, b) \neq 0
(2) में ax+by=u प्रतिस्थापित करने पर-

\frac{1}{F(D, D^{\prime})} \phi^{n}(u)=\frac{1}{F(a, b)}, \phi(u)
अब इसके दोनों पक्षों का u के सापेक्ष n बार समाकलन करने पर-

\frac{1}{F(D, D^{\prime})} \phi(u)=\frac{1}{F(a, b)} \iint \ldots \int \phi(u) du \cdot d u
या z=\frac{1}{F(a, b)} \iint \cdots \int \phi(u) d u \cdots d u \cdots(3)
जहां u=ax+by
क्रियाविधि (Working Rule): समीकरण F\left(D, D^{\prime}\right) z=\phi(a x+b y) का विशिष्ट समाकल ज्ञात करने के लिए हम \phi(a x+b y) में ax+by=u रखकर इसका u के सापेक्ष n बार समाकलन कर इसको F(a,b) से विभाजित करते हैं,जहां F(D,D’) एक n घात का समघात फलन है तथा F(a, b) \neq 0
स्थिति:II.जबकि (When) F(a,b)=0
यदि F(a,b)=0 हो तो स्थिति के अनुसार विशिष्ट समाकल का मान अनन्त हो जाता है अर्थात् स्थिति I में बतायी गई विधि असफल हो जाती है।
ऐसी स्थिति में,यह स्पष्ट है कि F(D,D’) का कम से कम गुणनखण्ड (bD-aD’) होगा।अब हम पहले उस स्थिति का अध्ययन करेंगे जबकि F(D,D’) का केवल एक गुणनखण्ड (bD-aD’) हो तथा बाद में इसका व्यापकीकरण करेंगे।
मान लो F\left(D, D^{\prime}\right)=\left(b D-a D^{\prime}\right)^{r} G\left(D, D^{\prime}\right)
जहां G(a, b) \neq 0
अब यदि हम \left(b D-a D^{\prime}\right) z=\psi(a x+b y) लें तब

b \frac{\partial z}{\partial x}-a \frac{\partial z}{\partial y}=\psi(a x+b y)
या b p-a q=\psi(a x+b y)
जो कि लैग्रांज का रैखिक समीकरण है अतः इसके सहायक समीकरण होंगे

\frac{d x}{b}=\frac{d y}{-a}=\frac{d z}{\psi(a x+b y)} \cdots(4)
अब (4) के प्रथम दो पदों से

a x+b y=c_{1} \cdots(5)
पुनः (4) के प्रथम एवं तृतीय पदों से-
\frac{d x}{b}=\frac{d z}{\psi(c_{1})} [(5) के प्रयोग से]
\Rightarrow z=\frac{\psi(c_{1})}{b} x \\ \Rightarrow z=\frac{x}{b} \psi(a x+b) [ c_{1} का मान रखने पर]

\therefore z=\frac{b}{b D-a D^{\prime}} \psi(a x+b y)=\frac{x}{b} \psi(a x+b y)
इसी प्रकार उपर्युक्त विधि को बार-बार काम में लेने पर

z =\frac{1}{\left(b D-a D^{\prime}\right)^{r}} \psi(a x+b y) \\ =\frac{x^{r}}{r! b^{r}} \psi(a x+b y)
अतः यदि F\left(D, D^{\prime}\right)=\left(b D-a D^{\prime}\right)^{r} G\left(D, D^{\prime}\right) हो तो विशिष्ट समाकल निम्न द्वारा दिया जा सकता है:

z =\frac{1}{\left(b D-a D^{\prime}\right)^{r} G\left(D, D^{\prime}\right)} \psi(a x+b y) \\ \therefore z =\frac{1}{(b-a D^{\prime})^{r}} \psi(ax+b y) \\ =\frac{x^{r}}{r! b^{r}} \psi(a x+b y) \cdots(6)
जहां \frac{1}{G(D, D^{\prime})} \phi(a x+b y)=\psi(a x+b y) \quad \left[ G(a, b) \neq 0\right]
क्रियाविधि (Working Method):
समीकरण F\left(D, D^{\prime}\right) z=\phi(a x+b y) का विशिष्ट समाकल ज्ञात करने के लिए पहले हम स्थिति I के अनुसार सूत्र (3) का प्रयोग कर

\frac{1}{G\left(D, D^{\prime}\right)} \phi(a x+b y)
का मान ज्ञात करते हैं इसके पश्चात् सूत्र (6) का प्रयोग करते हैं, जहां
F(D, D^{\prime})=\left(b D-a D^{\prime}\right)^{r} G\left(D, D^{\prime}\right) है तथा G(a, b) \neq 0
आपको यह जानकारी रोचक व ज्ञानवर्धक लगे तो अपने मित्रों के साथ इस गणित के आर्टिकल को शेयर करें।यदि आप इस वेबसाइट पर पहली बार आए हैं तो वेबसाइट को फॉलो करें और ईमेल सब्सक्रिप्शन को भी फॉलो करें।जिससे नए आर्टिकल का नोटिफिकेशन आपको मिल सके ।यदि आर्टिकल पसन्द आए तो अपने मित्रों के साथ शेयर और लाईक करें जिससे वे भी लाभ उठाए ।आपकी कोई समस्या हो या कोई सुझाव देना चाहते हैं तो कमेंट करके बताएं।इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें।

Also Read This Article:-Particular Integral of Homogeneous PDE

2.PDE में विशिष्ट समाकल ज्ञात करने की लघु विधि के उदाहरण (Particular Integral by short Method in PDE Examples),आंशिक अवकल समीकरण के हल किए हुए उदाहरण (Partial Differential Equations Solved Examples),आंशिक अवकल समीकरण समस्याएं और हल (Partial Differential Equations Problems and Solutions):

निम्नलिखित अवकल समीकरणों को हल कीजिए:
(Solve the following differential equations):
Example:1.\left(D+D^{\prime}\right) z=\sin x
Solution:\left(D+D^{\prime}\right) z=\sin x
इसका सहायक समीकरण (A.E.) होगा-

m+1=0 \Rightarrow m=-1 \\ C \cdot F=\phi(y-x)
पुनः P.I.=\frac{1}{D+D^{\prime}} \sin x \\ =\frac{1}{1+0} \int \sin u  जहां u=x+0 y
=-\cos u \\ \Rightarrow P.I.=-\cos x
अतः दिए हुए समीकरण का व्यापक हल होगा:
z=C.F.+P.I.

z=\phi(y-x)-\cos x
Example:2.\left(D^{2}-2 D D^{\prime}+D^{\prime^{2}}\right) z=e^{x+2 y}
Solution:\left(D^{2}-2 D D^{\prime}+D^{\prime^{2}}\right) z=e^{x+2 y}
इसका सहायक समीकरण (A.E.) होगा-

m^{2}-2 m+1=0 \\ \Rightarrow(m-1)^{2}=0 \\ \Rightarrow m=1,1 \\ C.F.=\phi_{1}(y+x)+x \phi_{2}(y+x)
पुनः P.I. =\frac{1}{D^{2}-2 D D^{\prime}+D^{\prime^{2}}} e^{x+2 y} \\ =\frac{1}{1^{2}-2(1)(2)+2^{2}} \iint e^{u} du du जहां u=x+2y
=\int e^{u} d u \\ =e^{u} \\ \Rightarrow P \cdot I. =e^{x+2 y}
अतः दिए हुए समीकरण का व्यापक हल होगा:
z=C.F.+P.I.

\Rightarrow z=\phi_{1}(y+x)+x \phi_{2}(y+x)+e^{x+2 y}
Example:3.\left(D^{3}-3 D^{2} D^{\prime}+3 D D^{\prime^{2}}+D^{\prime^{3}}\right) z=e^{2 x+y}
Solution:\left(D^{3}-3 D^{2} D^{\prime}+3 D D^{\prime^{2}}+D^{\prime^{3}}\right) z=e^{2 x+y}
इसका सहायक समीकरण (A.E.) होगा-

m^{3}-3 m^{2}+3 m-1=0 \\ \Rightarrow (m-1)^{3}=0 \\ \Rightarrow m=1,1,1 \\C. F .=\phi_{1}(y+x)+x^{2} \phi_{2}(y+x)+x^{2} \phi_{3}(y+x)
पुनः P.I. =\frac{1}{D^{3}-3 D^{2} D^{\prime}+3 D D^{\prime^{2}}-D^{\prime^{3}}} e^{2 x+y} \\ =\frac{1}{\left(D-D^{\prime}\right)^{3} } e^{2 x+y} \\ =\frac{1}{(2-1)^{3}} \iiint e^{u} d u d u d u जहां u=2x+y
=\iint e^{u} d u d u \\ =\int e^{u} d u \\ \Rightarrow P.I.=e^{u} \\ \Rightarrow P.I.=e^{2 x+y}
अतः दिए हुए समीकरण का व्यापक हल होगा:
z=C.F.+P.I.

\Rightarrow z=\phi_{1}(y+x)+x \phi_{2}(y+x)+x^{2} \phi_{3} (y+x)+e^{2 x+y}
Example:4.\frac{\partial^{2} z}{\partial x^{2}}+\frac{\partial^{2} z}{\partial y^{2}}=30(2 x+y)
Solution:\frac{\partial^{2} z}{\partial x^{2}}+\frac{\partial^{2} z}{\partial y^{2}}=30(2 x+y) \\ \Rightarrow\left(D^{2}+D^{\prime^{2}}\right) z=30(2 x+y)
इसका सहायक समीकरण (A.E.) होगा-

m^{2}+1=0 \\ \Rightarrow m=\pm i \\ C \cdot F=\phi_{1}(y+i x)+\phi_{2}(y-i x)
पुनः P \cdot I =\frac{1}{\left(D^{2}+D^{\prime^{2}}\right)} 30(2 x+y) \\ =\frac{30}{\left(2^{2}+1^{2}\right)} \iint u d u d u जहां u=2x+y
=\frac{30}{5} \int\left(\frac{u^{2}}{2}\right) d u \\ =\frac{6}{2}\left(\frac{u^{3}}{3}\right) \\ =u^{3} \\ P \cdot I. =(2 x+y)^{3}
अतः दिए हुए समीकरण का व्यापक हल होगा:
z=C.F.+P.I.

z=\phi_{1}(y+i x)+\phi_{2}(y-i x)+(2 x+y)^{3}

Example:5.\frac{\partial^{2} z}{\partial x^{2}}+2 \frac{\partial^{2} z}{\partial x \partial y}+\frac{\partial^{2} z}{\partial y^{2}}=2 x+3 y
Solution:\frac{\partial^{2} z}{\partial x^{2}}+2 \frac{\partial^{2} z}{\partial x^{2} y}+\frac{\partial^{2} z}{\partial y^{2}}=2 x+3 y \\ \Rightarrow\left(D^{2}+2 D D^{\prime}+D^{\prime^{2}}\right)=2 x+3 y
इसका सहायक समीकरण (A.E.) होगा-

m^{2}+2 m+1=0 \\ \Rightarrow (m+1)^{2}=0 \\ \Rightarrow m=-1,-1 \\ C.F.=\phi_{1}(y-x)+x^{2} \phi_{2}(y-x)
पुनः P \cdot I \cdot=\frac{1}{D^{2}+2 D D^{\prime}+D^{\prime^{2}}}(2 x+3 y) \\ =\frac{1}{\left(D+D^{\prime} \right)^{2}}(2 x+3 y) \\ =\frac{1}{(2+3)^{2}} \iint u d u d u जहां u=2x+3y
=\frac{1}{25} \int\left(\frac{u^{2}}{2}\right) d u \\ =\frac{1}{50} \int u^{2} d u \\ =\frac{1}{50} \cdot \frac{u^{3}}{3} \\ =\frac{1}{150} u^{3} \\ \Rightarrow P \cdot I =\frac{1}{150}(2 x+3 y)^{3}
अतः दिए हुए समीकरण का व्यापक हल होगा:
z=C.F.+P.I.

\Rightarrow z=\phi_{1}(y-x)+x^{2} \phi_{2}(y-x)+\frac{1}{150}(2 x+3 y)^{3}
Example:6.\left(D^{2}+D D^{\prime}-2 D^{\prime^{2}}\right) z=\sqrt{2 x+y}
Solution:\left(D^{2}+D D^{\prime}-2 D^{\prime^{2}}\right) z=\sqrt{2 x+y}
इसका सहायक समीकरण (A.E.) होगा-

m^{2}+m-2=0 \\ \Rightarrow m^{2}+2 m-m-2=0 \\ \Rightarrow m(m+2)-1(m+2)=0 \\ \Rightarrow(m-1)(m+2)=0 \\ \Rightarrow m=1,-2 \\ C \cdot F=\phi_{1}(y+x)+\phi_{2}(y-2 x)
पुनः P \cdot I=\frac{1}{D^{2}+D D^{\prime}-2 D^{\prime^{2}}} \sqrt{(2 x+y)} \\ =\frac{1}{\left(D-D^{\prime}\right)(D+2 D^{\prime})} \sqrt{(2 x+y)}\\ =\frac{1}{(D-D^{\prime})} \cdot \frac{1}{(2+2 \times 1)} \int \sqrt{u} d u जहां u=2x+y
=\frac{1}{\left(D-D^{\prime}\right)} \cdot \frac{1}{4} \cdot \frac{2}{3} \cdot u^{\frac{3}{2}} \\ \Rightarrow P \cdot I.=\frac{1}{6\left(D-D^{\prime}\right)}(2 x+y)^{\frac{3}{2}} \\ =\frac{1}{6(2-1)} \int u^{\frac{3}{2}} d u जहां u=2x+y

=\frac{1}{6} \cdot\left(\frac{2}{5}\right) u^{\frac{5}{2}} \\ \Rightarrow P \cdot I =\frac{1}{15}(2 x+y)^{\frac{5}{2}}
अतः दिए हुए समीकरण का व्यापक हल होगा:
z=C.F.+P.I.

\Rightarrow z =\phi_{1}(y+x)+\phi_{2}(y-2 x)+\frac{1}{15}(2 x+y)^{\frac{5}{2}}
Example:7.\left(D^{2}-5 D D^{\prime}+4 D^{\prime^{2}}\right) z=\sin (4 x+y)
Solution:\left(D^{2}-5 D D^{\prime}+4 D^{\prime^{2}}\right) z=\sin (4 x+y)
इसका सहायक समीकरण (A.E.) होगा-

m^{2}-5 m+4=0 \\ \Rightarrow m^{2}-4 m-m+4=0 \\ \Rightarrow m(m-4)-1(m-4)=0 \\ \Rightarrow(m-1)(m-4)=0 \\ \Rightarrow m=1,4 \\ \text { C.F. }=\phi_{1}(y+x)+\phi_{2}(y+4 x)
पुन: P. I. =\frac{1}{\left(D^{2}-5D D^{\prime}+4 D^{\prime^{2}}\right)} \sin (4 x+y) \\ =\frac{1}{\left(D-4 D^{\prime}\right)\left(D-D^{\prime}\right)} \sin (4 x+y) \\ =\frac{1}{\left(D-4 D^{\prime}\right)(4-1)} \int \sin u d u  जहां  u=4x+y
=\frac{1}{3\left(D-4 D^{\prime}\right)}(-\cos u) \\ =\frac{1}{3\left(D-4 D^{\prime}\right)}(-\cos u) \\ =-\frac{1}{3\left(D-4 D^{\prime}\right)} \cos (4 x+y) \\ =-\frac{1}{3} \cdot \frac{x}{1 !(1)} \cos (4 x+y) \\ P \cdot I. =-\frac{x}{3} \cos (4 x+y)
अतः दिए हुए समीकरण का व्यापक हल होगा:
z=C.F.+P.I.

\Rightarrow z=\phi_{1}(y+x)+\phi_{2}(y+4 x)-\frac{x}{3} \cos (4 x+y)
Example:8.\left(D^{2}-2 D D^{\prime}+D^{\prime^{2}}\right) z=\tan (y+x)
Solution:\left(D^{2}-2 D D^{\prime}+D^{\prime^{2}}\right) z=\tan (y+x)
इसका सहायक समीकरण (A.E.) होगा-

m^{2}-2 m+1=0 \\ \Rightarrow(m-1)^{2}=0 \\ \Rightarrow m=1,1 \\ C.F=\phi_{1}(y+x)+x \phi_{2}(y+x)
पुनः P.I.=\frac{1}{\left(D-D^{\prime}\right)^{2}} \tan (y+x) \\ =\frac{x^{2}}{2 !(1)^{2}} \tan (y+x) \\ \Rightarrow P \cdot I. =\frac{x^{2}}{2} \tan (y+x)
अतः दिए हुए समीकरण का व्यापक हल होगा:
z=C.F.+P.I.

\Rightarrow z =\phi_{1}(y+x)+x \phi_{2}(y+x)+\frac{1}{2} x^{2} \tan (y+x)
उपर्युक्त उदाहरणों के द्वारा PDE में विशिष्ट समाकल ज्ञात करने की लघु विधि (Particular Integral by short Method in PDE) को समझ सकते हैं।

3.PDE में विशिष्ट समाकल ज्ञात करने की लघु विधि की समस्याएं (Particular Integral by short Method in PDE Problems):

निम्नलिखित अवकल समीकरणों को हल कीजिए:
(Solve the following differential equations):

\text { (1.) } r-2 s +t=\sin (2 x+3 y) \\ \text { (2.) }\left(D^{2}+2 D D^{\prime}+D^{\prime^{2}}\right) z=e^{2 x+3 y} \\ \text { (3.) } \frac{\partial^{2} z}{\partial x^{2}}+\frac{\partial^{2} z}{\partial y^{2}}=12(x+y) \\ \text { (4) } \frac{\partial^{2} z}{\partial x^{2}}+\frac{\partial^{2} z}{\partial y^{2}}=\cos mx \cos ny \\ \text { (5.) }\left(D^{3}-4 D^{2} D^{\prime}+4 D D^{\prime^{2}}\right) z=4 \sin (2 x+y)
उत्तर (Answers): (1 ) Z=\phi_{1}(y+x)+x \phi_{2}(y+x)-\sin (2 x+3 y)\\ (2) z=\phi_{1}(y-x)+x \phi_{2}(y-x)+\frac{1}{25} e^{2 x+3 y}\\ (3.) z=\phi_{1}\left(y+ix\right)+\phi_{2}(y-i x)+(x+y)^{3}\\ (4) z=\phi_{1}(y+i x)+\phi_{2}(y-i x)-\frac{\cos m x \cos n y}{m^{2}+n^{2}}\\ (5) z=\phi_{1}(y)+\phi_{2}(y+2 x)+x \phi_{3}(y+2 x)-x^{2} \cos (2 x+y)
उपर्युक्त सवालों को हल करने पर PDE में विशिष्ट समाकल ज्ञात करने की लघु विधि (Particular Integral by short Method in PDE) को ठीक से समझ सकते हैं।

Also Read This Article:-General method of Charpit of Solution

4.PDE में विशिष्ट समाकल ज्ञात करने की लघु विधि (Particular Integral by short Method in PDE) के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.पीडीई में विशिष्ट समाकल क्या है? (What is Particular Integral in PDE?):

उत्तर:विशिष्ट समाकल अवकल समीकरण का विशिष्ट हल होता है।अवकल समीकरण का सहायक समीकरण D को m और D’ को 1 से प्रतिस्थापित करके प्राप्त किया जाता है। [f (D,D')]^{-1} को D या D’ की आरोही घातों में विस्तारित करें और x^{m} y^{n} एक-एक पद के अनुसार कार्य करें।

प्रश्न:2.आप आंशिक अवकल समीकरण को कैसे हल करते हैं? (How do You Solve a Partial Differential Equation?):

उत्तर:पीडीई को विश्लेषणात्मक रूप से हल करना आम तौर पर समीकरण को कुछ हल करने योग्य समीकरण में बदलने या समाधान के समाकल रूप को खोजने के लिए चर के परिवर्तन को खोजने पर आधारित होता है।और (x, y) स्वतंत्र पीडीई (Partial Differential Equation) (आंशिक अवकल समीकरण) को एक ओडीई (Ordinary Differential Equation) (साधारण अवकल समीकरण) में बदलने लेते हैं।

प्रश्न:3.आंशिक अवकल समीकरण उदाहरण सहित क्या है? (What is Partial Differential Equation with Example?):

उत्तर:एक आंशिक अवकल समीकरण (या संक्षेप में एक पीडीई) एक गणितीय समीकरण है जिसमें दो या दो से अधिक स्वतंत्र चर, एक अज्ञात फ़ंक्शन (उन चरों पर निर्भर) और स्वतंत्र चर के संबंध में अज्ञात फ़ंक्शन के आंशिक डेरिवेटिव शामिल हैं।

प्रश्न:4.आंशिक अवकल समीकरण का व्यापक हल (General Solution of Partial Differential Equation):

उत्तर:यदि C.F.(Complementary Function) पूरक फलन है और P.I.(Particular Integral) एक रैखिक आंशिक अवकल समीकरण f (D,D’)u=F(x,y) का विशिष्ट समाकल है तो z = C.F.+P.I. दिए गए आंशिक अवकल समीकरण का व्यापक हल है।

प्रश्न:5.अचर गुणांकों वाले समघात रैखिक आंशिक अवकल समीकरण (Homogeneous Linear Partial Differential Equations with Constant Coefficients):

उत्तर:अचर गुणांकों वाला एक रैखिक आंशिक अवकल समीकरण जिसमें सभी आंशिक अवकलज एक ही क्रम के होते हैं,समघात (Homogeneous) रैखिक आंशिक अवकल समीकरण कहलाता है अन्यथा इसे अचर गुणांकों वाला असमघात (Non-Homogeneous) रैखिक आंशिक अवकल समीकरण कहा जाता है।

प्रश्न:6.आंशिक अवकल समीकरण (Partial Differential Equations):

उत्तर:आंशिक अवकलज (Partial Derivative):एक से अधिक स्वतन्त्र चर वाले किसी फलन का अवकलज जो किसी एक चर के सापेक्ष लिया गया हो और अन्य चरों को अचरों के रूप में रखा गया हो आंशिक अवकलज कहलाता है।
आंशिक अवकल समीकरण (Partial Differential Equation):वह अवकल समीकरण जिसमें एक से अधिक स्वतन्त्र चर और इन चरों के सापेक्ष आंशिक अवकलज आते हों आंशिक अवकल समीकरण कहलाता है।

प्रश्न:7.अतिपरवलयिक आंशिक अवकल समीकरण (Hyperbolic Partial Differential Equation):

उत्तर:विशेष रूप से, एक आंशिक अवकल समीकरण जिसके लिए सामान्य शंकु में कोई काल्पनिक क्षेत्र नहीं होता है,एक हाइपरबोलिक आंशिक अवकल समीकरण होता है।
उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा PDE में विशिष्ट समाकल ज्ञात करने की लघु विधि (Particular Integral by short Method in PDE) को समझ सकते हैं।

उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा PDE में विशिष्ट समाकल ज्ञात करने की लघु विधि (Particular Integral by short Method in PDE) को समझ सकते हैं।

No.Social MediaUrl
1.Facebookclick here
2.you tubeclick here
3.Instagramclick here
4.Linkedinclick here
5.Facebook Pageclick here

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *