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Order to refund math practicals fees

1.गणित के प्रैक्टिकल की फीस वापस करने का आदेश का परिचय (Introduction to Order to refund math practicals fees,Order to refund money to college for charging practical fees in Mathematics when Science College of Chikhali recovered Rs 1250 per student)-

गणित के प्रैक्टिकल की फीस  वापस करने का आदेश (Order to refund math practicals fees,Order to refund money to college for charging practical fees in Mathematics when Science College of Chikhali recovered Rs 1250 per student),के बारे में इस आर्टिकल में बताया गया है।
चिखली के साइंस काॅलेज ने प्रति छात्र 1250 रुपये वसूले थे। वास्तविकता यह है कि लगभग अधिकांश निजी काॅलेज व स्कूलों तथा सरकारी काॅलेज और स्कूलों की यही स्थिति है।हर छात्र से प्रैक्टिकल में अच्छे मार्क्स या पास करने के लिए रुपए वसूले जाते हैं।
यह गोरखधंधा आज से ही नहीं बल्कि बहुत समय पहले से चला आ रहा है।
परन्तु सरकार का शिक्षा विभाग तथा सरकार के उच्च अधिकारी व मंत्री इस गोरखधंधे को चलने दे रहे हैं और आंख मूंदकर बैठे हुए है।
इसमें विद्यार्थियों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ता है।प्रथम नुकसान तो यह है कि प्रैक्टिकल के नाम पर फीस वसूल करने के कारण स्कूल तथा काॅलेज प्रशासन विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल, प्रयोगशाला में करवाए ही नहीं जाते हैं।
अतः विद्यार्थियों में प्रैक्टिकल करने की स्किल डवलप ही नहीं हो पाती है।
जबकि विज्ञान विषय की कल्पना प्रैक्टिकल के बिना की ही नहीं जा सकती है। फलस्वरूप जब स्कूल में प्रैक्टिकल नहीं करवाए जाते हैं तो काॅलेज में भी स्टूडेंट प्रैक्टिकल करने से कतराते हैं।
दूसरा नुकसान यह है कि प्रैक्टिकल में पास करने के नाम पर विद्यार्थियों से मोटी रकम वसूल की जाती है।यानि विद्यार्थियों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।
साइंस में थ्योरी व प्रैक्टिकल का चोली दामन की तरह का साथ है।बिना थ्योरी के प्रैक्टिकल करने की कल्पना नहीं की जा सकती है और बिना प्रैक्टिकल के थ्योरी की कल्पना नहीं की जा सकती है।
स्कूल व काॅलेज प्रशासन नाम-मात्र के प्रैक्टिकल करवाते हैं या बिल्कुल ही नहीं करवाते है।यानि प्रैक्टिकल का दिखावा करने के लिए प्रयोगशाला स्थापित कर रखी है।
व्यावहारिक तौर पर छात्रों को कोई प्रैक्टिकल नहीं करवाए जाते हैं।यदि कहीं प्रैक्टिकल करवाए भी जाते हैं तो एक-दो प्रैक्टिकल कराके इतिश्री कर देते हैं।
हमारे समझने वाली बात यह है कि आखिर जिला शिक्षा कार्यालय में ये बड़े-बड़े अधिकारी केवल कुर्सिया तोड़ने के लिए नियुक्त किए गए हैं,क्या? आखिर वे अपनी जिम्मेदारी ठीक से क्यों नहीं कर पाते हैं?

यदि विद्यार्थियों के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ किया जाता है तो देश के लिए अच्छे वैज्ञानिक, इंजीनियर तथा गणितज्ञ कैसे तैयार होंगे?
हम सपने तो ऊंचे-ऊंचे देखते हैं और व्यावहारिक रूप से करने के लिए ऐसे कार्य करते हैं कि वे सपने सच नहीं हो सकते हैं।
बोर्ड के आला अधिकारी व जिला शिक्षा अधिकारी तथा शिक्षा मंत्री आखिर क्यों नियुक्त किए जाते हैं?क्यों जनता व आमजन को धोखे में रखते हैं?
एक बात हम छात्र-छात्राओं,उनके माता-पिता और अभिभावकों व शिक्षकों से भी कहना चाहते हैं कि वे ऐसे गलत कार्यों का विरोध क्यों नहीं करते हैं। आखिर उनके सामने ऐसी कौन-सी मजबूरी है जिससे वे इसका विरोध नहीं करते हैं।
हमारी समझ में तो यही आता है कि सत्रांक के नाम पर जो अंक भेजे जाते हैं,वे मुफ्त में ही भेजे जाते हैं। आखिर सभी विद्यार्थियों के सत्रांक में पूरे में से पूरे अंक भेज दिए जाते हैं।अन्त में वे बोर्ड परीक्षा में अनुत्तीर्ण कैसे रह जाते हैं। दरअसल पूरे कुएं में ही भांग मिली हुई है तो अब कौन क्या करेगा?
गलत कार्यों को रोकने के लिए हम यही सोचते रहते है कि इसको रोकने की शुरुआत कोई दूसरा करें।इसी कारण गणित के प्रैक्टिकल की फीस वापस करने का आदेश (Order to refund math practicals fees,Order to refund money to college for charging practical fees in Mathematics when Science College of Chikhali recovered Rs 1250 per student) में प्रैक्टिकल परीक्षा के लिए फीस लेने का यह गोरखधंधा चल रहा है और बहुत लम्बे समय से चल रहा है। मंत्री, राजनेता इस पचड़े में इसलिए नहीं पड़ते कि इससे उनका कौनसा वोट बैंक खिसक रहा है या इससे कौनसे वोट मिलने वाले हैं।
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2.गणित के प्रैक्टिकल की फीस वापस करने का आदेश (Order to refund math practicals fees,Order to refund money to college for charging practical fees in Mathematics when Science College of Chikhali recovered Rs 1250 per student)-

गणित में प्रैक्टिकल की फीस वापस करने का आदेश (Order to refund practicals fees in math)
निर्णय:गणित में प्रैक्टिकल की फीस वसूलने वाले कॉलेज को पैसा लाैटाने का आदेश, चिखली के साइंस कॉलेज ने प्रति छात्र वसूले थे 1250 रुपए (Order to refund money to college for charging practical fees in Mathematics when Science College of Chikhali recovered Rs 1250 per student)
गणित में प्रैक्टिकल के बहाने छात्रों से रुपए वसूलने का मामला सामने आया है। गणित में काेई प्रैक्टिकल नहीं होता है इसके बावजूद चिखली के एक सरकारी साइंस कॉलेज ने छात्रों से 1250-1250 रुपए वसूल लिए। छात्रों ने इस बारे में राज्यपाल से शिकायत की। राज्य सरकार ने यूनिवर्सिटी को मैसेज फारवर्ड करते हुए तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। नर्मद यूनिवर्सिटी ने कॉलेज को छात्रों की प्रैक्टिकल फीस लौटाने का आदेश दिया है। वीर नर्मद दक्षिण गुजरात यूनिवर्सिटी की सिंडीकेट की बैठक में भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया गया। सिंडीकेट के सदस्य भावेश रबारी और किरण घोघरी ने कॉलेज के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। काफी परेशान होने के बाद छात्रों ने प्रदेश के राज्यपाल से इस बारे में शिकायत की थी।

कार्रवाई: कॉलेज में पैसे वसूलने की जांच होगी
नर्मद यूनिवर्सिटी में चिखली के साइंस कॉलेज में जांच करने का आदेश दिया है। चिखली के साइंस कॉलेज में कितने साल से छात्रों से पैसे वसूले जा रहे हैं इसकी बारीकी से जांच होगी। गलत तरीके से पैसे वसूलने का मामला सामने आने के बाद कॉलेज पर कड़ी कार्रवाई होगी।
इस आर्टिकल में हमने गणित के प्रैक्टिकल की फीस वापस करने का आदेश (Order to refund math practicals fees,Order to refund money to college for charging practical fees in Mathematics when Science College of Chikhali recovered Rs 1250 per student),के बारे में पढ़ा।

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