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Mathematics Teacher Confluence of Knowledge of Trichotomy

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1.गणित शिक्षक ज्ञान की त्रिवेणी का संगम (Mathematics Teacher Confluence of Knowledge of Trichotomy):

  • गणित शिक्षक ज्ञान की त्रिवेणी का संगम (Mathematics Teacher Confluence of Knowledge of Trichotomy) अर्थात् गणित शिक्षक सामान्य (General),प्रोफेशनल (Professional) और विशेषज्ञ (Specialist) इन तीन वर्गों का संगम है।त्रिवेणी का अर्थ है तीन नदियों का मिलन स्थल प्रयाग (इलाहाबाद) है।प्रयाग में तीन नदियाँ गङ्गा,यमुना और सरस्वती नदियाँ यहाँ मिलती है।तीन नदियों के संगम प्रयाग को बहुत पावन माना जाता है।पावन का अर्थ होता है जिसमें अपवित्रता कभी हो ही नहीं सकती।बल्कि पावन के सम्पर्क में अपवित्र,गन्दगी भी मिल जाती है तो वह भी पावन हो जाती है।जिस प्रकार गंङ्गा नदी में दुनियाभर का कूड़ा-करकट,गंदगी,उद्योग धन्धों के अपशिष्ट पदार्थ आकर मिल जाते हैं लेकिन गंङ्गा फिर भी पावन ही रहती है।
  • इसी प्रकार गणित शिक्षक भी त्रिवेणी का संगम है।सिद्धान्ततः गणित शिक्षक जिसमें सामान्य, प्रोफेशनल तथा विशेषज्ञ होता है ऐसा शिक्षक वाकई में शिक्षक होता है,आदर्श शिक्षक है।विश्व में विकास तथा भावी परिवर्तन इतनी द्रुत गति से हो रहा है कि जिसे ज्ञान का विस्फोट कहा जा सकता है।यथार्थ में ज्ञान का जितना विस्तार हो रहा है उस हिसाब से ज्ञान की गहराई नहीं बढ़ी है।
  • गणित विषय अमूर्त विषय है जिसको समझाने में गणित अध्यापक का योगदान बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।अध्यापक अपनी सूझबूझ, दक्षता,ज्ञान और कौशल के द्वारा गणित विषय को रोचक बना सकता है।छात्रों में चिन्तन-मनन, तर्कशक्ति,निर्णय,सोचने-समझने आदि मानसिक शक्तियों को उभार सकता है,निखार सकता है।अध्यापन को केवल व्यवसाय व आजीविका मानने वाले गणित शिक्षक गणित विषय को रोचक नहीं बना सकते हैं।
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(1.)गणित शिक्षक में सामान्य ज्ञान (General Knowledge in Mathematics Teacher):

  • गणित शिक्षक में केवल गणित का ज्ञान होना ही पर्याप्त नहीं है।जब तक गणित शिक्षक में सामान्य ज्ञान नहीं होगा तब तक वह सफल अध्यापक नहीं बन सकता है।गणित अध्यापक को गणित की सामाजिक पृष्ठभूमि में उपादेयता का ज्ञान होना आवश्यक है।बीमा गणित,कर गणित,उत्पादन गणित,जनसंख्या गणित,परीक्षा गणित आदि अनेक शाखाएँ जिनका विकास हमारी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए हुआ है।गणित अध्यापक में इस प्रकार का ज्ञान व कौशल होना चाहिए कि जिससे वह गणित का सामाजिक महत्त्व व आर्थिक उपयोगिता के बारे में छात्र-छात्राओं का ध्यान आकर्षित करे।अधिकांश विद्यार्थियों को इन विषयों के बारे में जानकारी नहीं दी जाती है इसलिए छात्र-छात्राएँ यह नहीं समझ पाते हैं कि इन-उपविषयों को पाठ्यक्रम में क्यों रखा गया है?
  • इसके अलावा गणित अध्यापक को मनोविज्ञान का ज्ञान होना चाहिए।कक्षा में प्रखर बुद्धि,सामान्य बुद्धि तथा मन्दबुद्धि के छात्र-छात्राएँ होते हैं।बालकों के मनोविज्ञान का ज्ञान अध्यापक को होना चाहिए।कौनसे बालक को गणित में किस प्रकार की समस्या आ रही है, उसको पहचानना तथा उसको दूर करने का ज्ञान होना चाहिए।यानि गणित अध्यापक को व्यक्तिगत रूप से सभी प्रकार के बालकों को गणित का अध्यापन कराना चाहिए जिससे सभी की रुचि गणित में पैदा सके।
  • गणित विषय में अमूर्त प्रत्ययों,संकल्पनाओं को मूर्तरूप से तभी पढ़ाया जा सकता है जबकि गणित अध्यापक को मनोविज्ञान का ज्ञान होगा।यह तभी सम्भव हो सकेगा जबकि उसकी गणित में पूर्ण निष्ठा होगी।गणित अध्यापक में एक विक्रेता का गुण होना चाहिए।जैसे एक विक्रेता अपनी वस्तु बेचने के लिए ग्राहक के मनोविज्ञान को समझकर उसके साथ उसी अनुसार व्यवहार करता है।वह मनोविज्ञान का उपयोग करके वस्तु के प्रति रुचि उत्पन्न करता है।इसी प्रकार गणित अध्यापक को गणित विषय को इस प्रकार प्रस्तुत करे जिससे विद्यार्थी सीखने के लिए लालायित रहे और उनमें लगन लगे।
  • गणित के अध्यापक का व्यक्तित्त्व भी पावन व पवित्र होना चाहिए।कई गणित अध्यापकों को देखा जाता है कि वे छात्र-छात्राओं के समक्ष धुम्रपान करते हैं।छात्र-छात्राओं के साथ यार-दोस्त की तरह बर्ताव करते हैं।ऐसे अध्यापक का छात्र-छात्राओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।गणित के अध्यापक के व्यक्तित्व में परिश्रमी, धैर्यवान, उत्साही, कर्मठ, विद्यार्थियों का हितैषी, संवेदनशीलता, तत्परता जैसे गुणों का समावेश होना चाहिए।छात्र-छात्रा द्वारा किसी अप्रत्याशित सवाल पूछने पर उसका तत्काल जवाब देना चाहिए।उसे किसी जटिल समस्या को विभिन्न उदाहरणों के द्वारा समझाना चाहिए।उपर्युक्त गुणों के साथ ही गणित अध्यापक छात्र-छात्राओं की गणित विषय में रुचि तभी जाग्रत कर सकता है जबकि उसकी अपने कार्य अर्थात् गणित विषय के प्रति निष्ठा होगी।

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(2.)गणित अध्यापक का प्रोफेशनल होना (Professionalism of a Mathematics Teacher):

  • व्यावसायिक दृष्टिकोण रखना बुरा नहीं है यदि आप छात्र-छात्राओं के हित का पूरा ध्यान रखते हैं।व्यावसायिक दृष्टि का अर्थ है आप छात्र-छात्राओं को गणित विषय लक्ष्य केन्द्रित करके पढ़ाएं।जैसे छात्र-छात्राओं का लक्ष्य है आईआईटी (जेईई में उत्तीर्ण होना) में प्रवेश पाना।गणित अध्यापक का दायित्व है कि छात्र-छात्राओं को जेईई की परीक्षा देने हेतु तैयार करना।उसकी तैयारी में आनेवाली रुकावटों, बाधाओं और समस्याओं का समाधान करना।इसके लिए आपको विभिन्न शिक्षण सामग्रियों, विधियों, तकनीकों, कौशलों के उपयोग में कुशलता प्राप्त करनी होगी।तभी आप छात्र-छात्राओं को उनके लक्ष्य तक पहुँचाने में कामयाब हो सकते हैं।इसके लिए आपको आधुनिक तकनीक अर्थात् इंटरनेट, सूचना प्रौद्योगिकी का प्रयोग भी करना पड़ सकता है।
  • गणित की समस्याओं को इस प्रकार के कौशल से पढ़ाए जिससे छात्र-छात्राओं को लक्ष्य प्राप्ति एक बोझ की तरह न लगकर आकर्षक व रुचिकर लगे।छात्र-छात्राओं को अधिक से अधिक लक्ष्य की प्राप्ति हेतु कौतूहल व जिज्ञासा में वृद्धि हो।इसके लिए अध्यापक को विभिन्न युक्तियों और तकनीक का प्रयोग करना होगा।
  • लक्ष्य केन्द्रित अध्यापन कराना गणित अध्यापक के लिए अत्यन्त कठिन कार्य हो जाता है क्योंकि इसके लिए उच्च स्तर का तर्क, चिन्तन, अध्यवसायी, निर्णय शक्ति, प्रत्युत्पन्नमति तथा प्रोफेशनल दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है।
  • यदि गणित अध्यापक प्रोफेशनल दृष्टि से अर्थात् लक्ष्य केन्द्रित होकर अध्यापन नहीं करायेगा तो छात्र-छात्राओं के ज्ञान में कमी रह सकती है तथा छात्र-छात्रा जेईई जैसे लक्ष्य केन्द्रित प्रोग्राम में चयन से वंचित रह सकता है।इसलिए गणित अध्यापक को अत्यधिक सावधान, सजग रहने की आवश्यकता है।कोई भी विद्यार्थी एक बार असफल हो जाता है (चाहे वह लक्ष्य कक्षा 10,12वीं, बीएससी, जेईई,गेट, जैम जैसी प्रतियोगिता परीक्षा हो) तो उसका मनोबल गिर जाता है।एक बार मनोबल गिरने के बाद वापिस लक्ष्य के लिए तैयार करने में विशेष प्रयास तथा अत्यधिक कड़ी मेहनत की आवश्यकता होती है।

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(3.)गणित अध्यापक का विशेषज्ञ होना (Be an Expert of Mathematics Teacher):

  • यह बिन्दु तीनों बिन्दुओं में सबसे महत्त्वपूर्ण बिन्दु है क्योंकि गणित विषय के अध्यापक को अपने विषय यानि गणित विषय का विस्तृत और गहराई से ज्ञान नहीं होगा तो वह अपने प्रोफेशन, गणित विषय तथा छात्र-छात्राओं के साथ न्याय नहीं कर पाएगा।आधुनिक युग में गणित विषय सामग्री में तेजी से परिवर्तन हो रहा है।गणित में नए-नए विचारों का समावेश हो रहा है।इसलिए गणित अध्यापक को अपने विषय का विस्तृत व गहरा ज्ञान होने के साथ-साथ अपटूडेट भी रहना चाहिए।ऐसी स्थिति में गणित अध्यापक को नवीन ज्ञान के प्रति ग्रहणशील होना चाहिए।ऐसा तभी हो सकता है जबकि उसमें अध्ययन-मनन की सतत आदत हो।अर्थात् गणित अध्यापक को जीवनभर एक स्टूडेंट की तरह बने रहना चाहिए।जब भी उसने यह सोच लिया कि उसको गणित में सबकुछ आता है तथा अब ओर सीखने की जरूरत नहीं है तभी से उसकी अवनति, पतन तथा गिरना चालू हो जाता है।
  • गणित के पाठ्यक्रमों में बदलाव होते रहते हैं तथा नई-नई सामग्री शामिल की जाती रहती है।इसलिए अध्यापक को नवीन ज्ञान ग्रहण करते रहना आवश्यक है।नवीन ज्ञान के बिना गणित अध्यापक अध्यापन में सफलता अर्जित नहीं कर सकता है।इसलिए गणित में जो नई-नई खोजें, अनुसंधान कार्य हो रहे हैं उनका तो ज्ञान प्राप्त करना ही चाहिए।इसके अलावा अपनी बुद्धि, ज्ञान व कौशल के आधार पर भी नवीन ज्ञान, तकनीक तथा विधियों की खोज करते रहना चाहिए।
  • गणित के अध्यापक को गणित का इतिहास, महान् गणितज्ञों की जीवनियाँ, गणित की गूढ़ समस्याओं, गणित के खेल, जादुई वर्ग, गणित के प्रयोग, गणित की पहेलियां इत्यादि का अध्यापन में प्रयोग करते रहना चाहिए।यह तभी सम्भव हो सकेगा जबकि गणित अध्यापक इनकी जानकारी प्राप्त करने के प्रति जिज्ञासु रहेगा।
  • जो अध्यापक गणित विषय को भार समझकर पढ़ाता है या केवल इसलिए पढ़ाता है क्योंकि उसको वेतन मिलता है या इसलिए पढ़ाता है क्योंकि उसको अन्य कोई जाॅब नहीं मिला अथवा इसलिए पढ़ाता है क्योंकि उसको पढ़ाना पड़ता है अथवा मजबूरी वश गणित पढ़ाता है।ऐसे अध्यापकों का गणित विषय व अपने व्यवसाय के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण होता है।ऐसे अध्यापक छात्र-छात्राओं को भी अंधे कुएं में धकेलने का कार्य करते हैं।सच्चे मायने में गणित अध्यापक ज्ञान की त्रिवेणी अर्थात् गंङ्गा के समान पावन तभी हो सकता है जबकि वह पूर्णरूप से समर्पित और निष्ठा के साथ अपना कार्य करता है।
  • उपर्युक्त आर्टिकल में गणित शिक्षक ज्ञान की त्रिवेणी का संगम (Mathematics Teacher Confluence of Knowledge of Trichotomy) के बारे में बताया गया है।

2.गणित शिक्षक ज्ञान की त्रिवेणी का संगम (Mathematics Teacher Confluence of Knowledge of Trichotomy) के सम्बन्ध में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

Mathematics Teacher Confluence of Knowledge of Trichotomy Mathematics Teacher Confluence of Knowledge of Trichotomy[/caption

प्रश्न:1.गणित में ट्राइकोटॉमी गुणधर्म क्या है? (What is Trichotomy property in math?):

उत्तर:संज्ञा गणित।गुणधर्म है कि प्राकृतिक संख्या a और b के लिए या तो a,b से कम है,a बराबर b या a,b से अधिक है।साथ ही ट्राइकोटॉमी का लॉ, ट्राइकोटॉमी नियम,ट्राइकोटॉमी सिद्धांत भी कहा जाता है।

प्रश्न:2.ट्राइकोटॉमी रिलेशन क्या है? (What is Trichotomy relation?):

उत्तर:गणित में ट्राइकोटॉमी का नियम बताता है कि हर वास्तविक संख्या या तो धनात्मक,ऋणात्मक या शून्य है।आम तौर पर,एक सेट X पर एक बाइनरी रिलेशन R ट्राइकोटमस (trichotomous) है यदि सभी x और y के लिए X में,xRy,yRx और x=y में से एक है।

प्रश्न:3.आप ट्राइकोटॉमी कैसे साबित करते हैं? (How do you prove Trichotomy?):

उत्तर:ट्राइकोटॉमी कानून का उपयोग करना साबित करता है कि यदि a और b वास्तविक संख्या हैं तो निम्नलिखित में से केवल एक संभव है: ab।चूंकि a और b वास्तविक संख्या हैं, इसलिए a−b एक वास्तविक संख्या है।
ट्राइकोटॉमी लॉ द्वारा हम जानते हैं कि a−b < 0,a−b=0 या a− b > 0।

प्रश्न:4.असमिका की ट्राइकोटॉमी गुणधर्म क्या है? (What is Trichotomy property of inequality?):

उत्तर:ट्राइकोटॉमी गुणधर्म और असमिका संक्रामक गुणधर्म (Transitive Properties of Inequality)।Trichotomy गुणधर्म:किसी भी दो वास्तविक संख्या के लिए a और b,बिल्कुल निम्नलिखित में से एक सच है: a < b, a=b,a >b असमिका के संक्रामक गुणधर्म:यदि a < b और b < c, तो a < c अगर a > b और b > c, तो a > c।

प्रश्न:5.ट्राइकोटॉमी का आविष्कार किसने किया? (Who invented Trichotomy?):

उत्तर:लियोनार्ड गिलमैन (Leonard Gillman),अपने पेपर में चुनाव का स्वयंसिद्ध (Axiom of Choice) और अमेरिकी गणितीय मासिक द्वारा प्रकाशित सातत्य परिकल्पना के विषय में शास्त्रीय आश्चर्य,पेश किया कि कैसे Trichotomy और सातत्य परिकल्पना का अर्थ है चुनाव का स्वयंसिद्ध (Axiom of Choice)।

प्रश्न:6.ऑर्डर रिलेशन की ट्राइकोटॉमी प्रॉपर्टी क्या है? (What is Trichotomy property of order relation?):

उत्तर:गणित में ट्राइकोटॉमी का नियम बताता है कि हर वास्तविक संख्या या तो धनात्मक,ऋणात्मक या शून्य हैआम तौर पर,ट्राइकोटॉमी गुणधर्म है ऑर्डर रिलेशन<एक सेट X पर जो किसी भी x और y के लिए,बिल्कुल निम्नलिखित होल्ड में से एक है।

प्रश्न:7.ट्राइकोटॉमी का क्या मतलब है? (What does Tricotomy mean?):

उत्तर:तीन भागों में विभाजन (division into three parts)
तीन भागों (three parts),तत्वों (elements), या वर्गों (classes) में विभाजन।

उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा गणित शिक्षक ज्ञान की त्रिवेणी का संगम (Mathematics Teacher Confluence of Knowledge of Trichotomy) के बारे में ओर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

Mathematics Teacher Confluence of Knowledge of Trichotomy

गणित शिक्षक ज्ञान की त्रिवेणी का संगम
(Mathematics Teacher Confluence of Knowledge of Trichotomy)

Mathematics Teacher Confluence of Knowledge of Trichotomy

गणित शिक्षक ज्ञान की त्रिवेणी का संगम (Mathematics Teacher Confluence of Knowledge of Trichotomy)
अर्थात् गणित शिक्षक सामान्य (General),प्रोफेशनल (Professional) और विशेषज्ञ (Specialist) इन तीन वर्गों का संगम है।
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