How to Identify Personality? 18 Aasan Tarike Aur Personality Types
1.व्यक्तित्व कैसे पहचानें? 18 आसान तरीके और व्यक्तित्व के प्रकार (How to Identify Personality? 18 Aasan Tarike Aur Personality Types):
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व्यक्तित्व कैसे पहचानें? (How to Identify Personality?) यह हर छात्र-छात्रा की समस्या है। इंसान का व्यक्तित्व सिर्फ उसके दिखाने से नहीं,बल्कि उसके विचारों,भावनाओं और व्यवहार से तय होता है। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि व्यक्तित्व कैसे पहचानें? (How to Identify Personality?) और व्यक्तित्व के प्रकार को आसान तरीके से कैसे पहचान सकते हैं? सही पहचान आपको बेहतर रिश्ते और सही लोग चुनने में मदद करेगी।
- व्यक्तित्व को पहचानना एक पेचीदा प्रश्न है।हर व्यक्ति व्यक्तित्व को तराशना व जानना चाहता है हमने “7Spells of How to Know Types of Person” लेख लिखा है।आप इसे भी पढ़ें ताकि आप व्यक्तित्व के और भी पहलुओं को जानें।
2.व्यक्तित्व के प्रमुख प्रकार (Major Types of Personality):
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मनोविज्ञान (psychology) में व्यक्तित्व को समझने के लिए ‘पाँच बड़े व्यक्तित्व के लक्षण’ (Big Five Personality Traits) हैं।इसे आप यह समझ सकते हैं कि कोई व्यक्ति सामाजिक (extrovert) है या अन्तर्मुखी (introvert)।इस माॅडल के द्वारा व्यक्ति की सोच और उसका स्वभाव का गहराई से पता चलता है।
(1.)एकत्व (oneness) व्यक्तित्व:
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ऐसे व्यक्तित्व हमेशा अन्य व्यक्तियों से कुछ अलग करते हैं।वे कुछ नवीन करके दिखाते हैं,कुछ ऐसा जो पहले कभी ना हुआ हो या पहले कभी किसी ने सोचा न हो।उसके लिए नया करना ही उनके जीवन का उद्देश्य (aim of life) होता है।वे लीक से हटकर सोचते हैं।उनका व्यक्तित्व सर्जनात्मक (creative) होता है।ऐसे लोग बादलाव से डरते नहीं है बल्कि कुछ नया सीखने के लिए हमेशा तैयार रहते है।
(2.) बहिर्मुखी बनाम अन्तर्मुखी व्यक्तित्व (Extravesion vs Introversion personality):
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इनके लिए देश और समाज का महत्त्व हमेशा स्वयं से अधिक होता है।ये व्यक्ति समाज में बहुत लोकप्रिय होते हैं।ये सामाजिक कार्य के लिए लोगों का संगठन करते हैं और उन्हें प्रेरित (motivate) करते हैं।ये अलग-अलग रास्ते चुन सकते हैं लेकिन इनका उद्देश्य समाज कल्याण ही होता है।
- बहिर्मुखी लोग लोगों के बीच रहकर ऊर्जा पाते हैं,जबकि अन्तर्मुखी लोग अकेले रहकर या कम लोगों में राहत महसूस करते है।उनके बात करने के तरीके से आप इस लक्षण को तुरन्त पहचान सकते हैं।
अन्ना हजारे,मदर टेरेसा,सुन्दरलाल बहुगुणा आदि बहिर्मुखी व्यक्तित्व के कुछ उदाहरण है।
(3.) प्रसन्नचित व्यक्तित्व (pleasing personality):
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कोई भी व्यक्ति जो किसी भी परिस्थिति में खुश रहता है।चाहे दुख,विपत्ति,कष्ट और आपदाएँ कितनी आए और चाहे कितना ही सम्मान,सुख और वैभव मिल जाए वे हमेशा प्रसन्नचित रहते हैं,कभी भी उद्विग्न नहीं होते हैं।यदि वह किसी दुःख में हैं तो भी उसे हँसी मजाक में टाल देता है।ऐसे लोगों से जब भी मिलते हैं तो खुश नजर आते हैं।उनके अन्दाज में एक उत्साह और जीवन को खुलकर जीने की भावना (The spirit of living freely) झलकती है।हर व्यक्ति उनसे मिलकर खुशी और सुख का अनुभव करता है और बार-बार मिलने के लिए उत्सुक रहता है।
- राष्ट्रीय स्तर पर यदि देखें तो पूर्व क्रिकेटर और सांसद नवजोतसिंह सिद्धू इस तरह के व्यक्तित्व का सबसे सटीक उदाहरण है।वे चाहें राजनीति में हों,कामेंटेटर के रूप में या किसी लाफ्टर शो में जज के रूप में,हमेशा प्रसन्नचित्त ही नजर आते हैं।
(4.)ओजस्वी व्यक्तित्व (Vigorous personality):
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ऐसा व्यक्तित्व अक्सर उन लोगों का होता है,जो अपने पेशे,तप,साधना में उच्चस्तर पर होते हैं परन्तु वे बहुत कम बोलेते हैं या बहुत सावधानी (Very careful) से बोलते है,बहुत ही संभलकर आचरण करते हैं,जहाँ एक ओर तप और साधना करके उच्च स्तर पर जा पहुंचते हैं,वहीं वे दूसरी ओर बहुत प्रैक्टिकल,सरल और आम लोगों से जुड़े हुए होते हैं।ऐसे व्यक्तियों का लोग आदर करते हैं,उनसे मागदर्शन लेते हैं और उनका अनुकरण करने की कोशिश करते हैं और ऐसे व्यक्तित्व किसी भी राष्ट्र,समाज के लिए आदर्श होते हैं जैसे डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम,सचिन तेंदुलकर,किरण बेदी ऐसे ही व्यक्तित्वों की श्रेणी में आते हैं।
(5.)बहुमुखी प्रतिभावान व्यक्तित्व (Versatile personality):
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यहाँ बहुमुखी प्रतिभा से हमारा अभिप्राय एक ऐसे व्यक्तित्व से है जो समय और परिस्थिति के साथ तालमेल बिठा लेता है और हर प्रकार के कार्य कर लेता है।ऐसा व्यक्ति समय की मांग के अनुसार अपने गुणों में बदलाव लाकर हर अवसर (Every Opportunity) का फायदा उठाता है और हर प्रकार की हानियों से बच जाता है।व्यवहार में ऐसा व्यक्तित्व मिलना कठिन है बल्कि दुर्लभ है।परन्तु आजकल करियर कोचिंग संस्थानों में ऐसे व्यक्तित्वों के गठन का प्रयास कर रहे हैं।
- महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण ऐसे ही व्यक्तित्व के धनी थे,जो बाल लीलाएँ और रास रचाना जानते थे तो सुदर्शन चक्र चलाना भी और बिना सुदर्शन चक्र चलाए भी युद्ध जिताना जानते थे।
(6.) प्रभावी व्यक्तित्व (Effective personality):
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इस श्रेणी के लोग सबको प्रभावित करने की कला में निष्णात होते हैं और अपने व्यक्तित्व से आकर्षित कर लेते हैं।ऐसे व्यक्तित्व न केवल दिखने में सुन्दर होते हैं बल्कि अपने वाकचातुर्य (Eloquence) से दूसरे व्यक्तियों का मन मोह लेते हैं।जैसे फिल्मी स्टार और माॅडल दिखने में बहुत सुन्दर होने के कारण आकर्षण का केंद्र बन जाते हैं।ऐसे व्यक्तित्व का सबसे बड़ा लाभ यह होता है कि आसपास के लोग उनकी तरफ ध्यान देते हैं,इसलिए वे जब भी कोई बात करते हैं तो लोग उनकी बात सुनते हैं।
- व्यक्तित्व के कुछ नकारात्मक प्रकार भी हैं।ये प्रकार इसलिए दिए जा रहे हैं,ताकि आप अपने व्यक्तित्व से ऐसी छवि को दूर रख सकें।इनका विश्लेषण इस प्रकार है:
3.नकारात्मक व्यक्तित्व के प्रकार (Types of Negative Personality):
(1)संदेहास्पद व्यक्तित्व (Doubtful personality):
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ये वे लोग है जिन पर कभी-कभी आपको उनकी बातों या व्यवहार के कारण संदेह होता है।इनके व्यक्तित्व को पहचानना बहुत कठिन होता है।आमतौर पर ऐसे लोग बहुत सामान्य व्यवहार करते हैं,परन्तु आपके मन में कहीं न कहीं इनके प्रति एक संदेह रहता है और आप इन पर कभी विश्वास नहीं कर पाते।ऐसे व्यक्ति के पहचानने के लिए कई बार आपको उसकी पृष्ठभूमि को खंगालना (Researching the background) पड़ता है और उसके उद्देश्यों को समझना पड़ता है,कई बार आप उसके व्यवहार को सामाजिक और व्यावहारिक दृष्टि से तौलकर देखते हैं।ऐसे व्यक्तियों पर एक कहावत चरितार्थ होती है? जो सबका मित्र होता है वह किसी का मित्र नहीं होता।
(2.)परेशान व्यक्तित्व (Stresstul personality):
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ऐसे व्यक्तित्व हमेशा परेशान रहते हैं।ये नकारात्मक दृस्टिकोण वाले होते हैं।ये कभी प्रसन्न नहीं होते चाहे उन्हें कितना भी बड़ा लाभ मिल जाए।ये हमेशा ऐसे बात करते हैं जैसे उनका सबकुछ लुट गया है।यदि आप उनसे पूछेंगे कि आपका क्या हाल है? तो वो उत्तर देंगे: बस कट रही है,काम चल रहा है,जी रहे हैं इत्यादि।
- प्रसन्नता बाहरी दुनिया की भौतिक चीजों में नहीं है,यह तो हमारे दिल में है।यदि हम चाहे तो सबकुछ खोकर भी प्रसन्न हो सकते हैं और यदि हम न चाहे तो सब कुछ मिलने पर भी उदास ही रहेंगे।इसलिए यदि संदेहास्पद व्यक्तित्व है तो इसको बदलो और अपने आपको खुश रहना सीखो।
(3.) दुविधाग्रस्त व्यक्तित्व (confused personation):
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ऐसे व्यक्ति हमेशा दुविधा में रहते हैं।ये अपने जीवन का कोई निश्चित लक्ष्य स्थापित नहीं कर पाते।ऐसे लोग छोटी-छोटी बातों में भी अपने निर्णय नहीं ले पाते और केवल विकल्पों में ही फंसे रहते हैं।ऐसे व्यक्ति हमेशा अपने निर्णयों के लिए दूसरों पर निर्भर रहते हैं।इसलिए वे कई बार दूसरे व्यक्तियों के लिए भी परेशानी का सबब बनते हैं।मूलतः ऐसे व्यक्तियों में आत्मविश्वास की कमी पाई जाती है।
(4.)अनुपयोगी व्यक्तित्व (Good for Nothing Personality):
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ऐसे व्यक्ति अक्सर वे होते हैं जो हमेशा बड़ी-बड़ी हाँकते रहते हैं,परन्तु न तो इनके पास कोई ठोस योजना होती है और न ही कोई ढंग का कार्य करने की इनकी नीयत होती है।ऐसे व्यक्ति केवल अपना और दूसरों का समय बर्बाद करते हुए घूमते है।सम्पर्क में आए नए लोग अक्सर इन पर विश्वास कर लेते हैं और बाद में उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है।ऐसे व्यक्ति बोलने में बहुत ही तेज और काम करने में एकदम शून्य होते हैं।ऐसे व्यक्तियों से बचना ही सबसे बड़ी समझदारी है।
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नकारात्मक व्यक्तित्व का यह सबसे घटिया स्तर है। वास्तव में ऐसे लोगों का कोई व्यक्तित्व नहीं होता (Such people have no personality)।चोर,डाकू,तस्कर,आतंकवादी (Thieves,robbers,smugglers,terrorists) आदि इसी श्रेणी में आते हैं।ये व्यक्ति समाज और राष्ट्र का नुकसान करते हैं,इसलिए ये समाज पर बोझ माने जाते हैं।जाहिर है हम में से कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं बनना चाहेगा।ऐसे व्यक्तियों में सभी दुर्गुण अधिकतम मात्रा में होते हैं।हालांकि ऐसा नहीं है कि इनमें सद्गुण नहीं होते परंतु इनके दुर्गुण इनके सद्गुणों को दबा देते हैं।
4.व्यक्तित्व की पहचान (The right ways to recognize personality):
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(1.)बॉडी लैंग्वेज और आहट से पर्सनैलिटी की पहचान (Personality Identification by Body Language and Sound):
बिना बोले भी एक व्यक्ति का शरीर बहुत कुछ बोलता है।उनके बैठने का तरीका,आंखों से संपर्क और हाथ के इशारे उनके आत्मविश्वास और ईमानदारी को दर्शाते हैं।
यदि कोई व्यक्ति आँखों से घूरता है,ताकता है,नजरे चुराता है उसका व्यक्तित्व अलग तरह का होता है। -
(2.)आई कॉन्टैक्ट और चेहरे के भाव (Eye contact and facial expressions):
बात करते वक्त सीधा आंखों में देखना आत्मविश्वास और सचाई की पहचान है।आखों को चुराना या बार-बार इधर-उधर देखना असुरक्षा या कुछ छिपाने का संकेत हो सकता है।
- (3.)बोलने का तरीका और आवाज की टोन (Speech and tone of voice):
आवाज की स्थिति और शब्दों का चयन व्यक्ति के धैर्य को दिखाता है।जल्दबाजी में बोलने वाले लोग अक्सर भावुक या चिंतित स्वभाव के होते हैं। - (4.) मुश्किल परिस्थियों में व्यक्ति का व्यवहार (A person’s behavior in difficult situations):
किसी भी इंसान की असली पर्सनालिटी तब सामने आती है जब वो तनाव या गुस्से में होता है।आम दिनो में लोग अपना अच्छा रूप दिखा सकते हैं,लेकिन संकट के वक्त उनका सच्चा चरित्र बाहर आता है।
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(6.)तनाव और गुस्से को नियंत्रण करना (Controlling stress and anger):
जो लोग मुश्किल वक्त में शांत रहकर फैसला लेते हैं, उनका मानसिक व्यक्तित्व मजबूत होता है।बात-बात पर गुस्सा होने वाले लोग अंदर से असुरक्षित होते हैं। - (7.)दूसरों के प्रति दया और सम्मान (सहानुभूति) [Kindness and respect for others (empathy)]:
- व्यक्ति अपने से कमजोर या सब-ऑर्डिनेट्स के साथ कैसा व्यवहार करता है,ये उसकी असली इंसानियत को दर्शाता है।दूसरों की इज्जत करना एक अच्छी पर्सनालिटी की सबसे बड़ी पहचान है।
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5.व्यक्तित्त्व को पहचानने का निष्कर्ष (Conclusion to Recognizing Personality):
व्यक्तित्व की पहचान एक कला है जो समय और अनुभव के साथ आती है।किसी को पहली नज़र में जज करने के बजाए उनके व्यवहार और सोच को समझना चाहिए।
व्यक्तित्व के विषय में जितनी भी चर्चा की जाए, कम है। व्यक्तित्व मनुष्य का ढांचा है।हर मनुष्य किसी न किसी व्यक्तित्व के साथ जीवित रहता है।उसका व्यक्तित्व ही उसकी सफलता निर्धारित करता है।हम सबका व्यक्तित्व ही हमें कार्यक्षेत्र और समाज में एक पहचान प्रदान करता है।आप इस आर्टिकल में दिए गए तरीकों से अपने आप को और दूसरे को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं।
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6.लड़का कैसा है? (हास्य-व्यंग्य) (How’s the boy?) (Humour-Satire):
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लड़की:(लड़के से) कैसे हो? मेरा मतलब आपकी पर्सनेलिटी के बाद में बताएं।
- लड़का:मेरी पर्सनेलिटी अजब-गजब है,देखो मैं कितना सुन्दर हूँ?
- लड़की:अपने अन्दर के गुणों को बताएं,शरीर की सुन्दरता को क्या चाटोगे?
7.व्यक्तित्व कैसे पहचानें? 18 आसन तरीके और व्यक्तित्व प्रकार (Frequently Asked Questions Related to How to Identify Personality? 18 Aasan Tarike Aur Personality Types) से सम्बन्धित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:
प्रश्न :1.अपने व्यक्तित्व का विश्लेषण कैसे करें? (How to analyze your personality?):
उत्तरःआप देखें कि आपका दृष्टिकोण सकारात्मक,कठिन परिश्रम और दृढ़ निश्चय की कितनी मात्रा है और ईर्ष्या,द्वेष,क्रोध आदि की कितनी मात्रा है। यदि ईमानदारी से सभी गुणों को नम्बर देकर उसमें से नकारात्मक अवगुणों के नम्बरों को घटा दें तो 60% से ऊपर संतुलित व्यक्तित्व है।
प्रश्न:2.हमें कैसा बनना और न बनना चाहिए? (What should we be and should not become?):
उत्तर:हमें सकारात्मक बनना और नकारात्मक नहीं बनना चाहिए।
प्रश्न:3.जीवन का विरोधाभास क्या है? (What is the paradox of life like?):
उत्तर:हमारे साथ समस्या यह है कि हम प्यार तो व्यक्तित्त्व से करते है परन्तु जीवन व्यतीत ‘चरित्र’ के साथ करना होता है।
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उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा व्यक्तित्व कैसे पहचानें? 18 आसन तरीके और व्यक्तित्व प्रकार (How to Identify Personality? 18 Aasan Tarike Aur Personality Types) की प्राइमरी टर्म्स के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
- *”यह आर्टिकल **Satyam Mathematics** ब्लॉग पर **Satyam Coaching Centre** के द्वारा तैयार किया गया है।”*











