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Addition Theorem of Probability

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1 1.प्रायिकता का योग प्रमेय (Addition Theorem of Probability),पूर्ण प्रायिकता का प्रमेय (Theorem of Total Probability):
1.2 3.प्रायिकता का योग प्रमेय की समस्याएं (Addition Theorem of Probability Problems):

1.प्रायिकता का योग प्रमेय (Addition Theorem of Probability),पूर्ण प्रायिकता का प्रमेय (Theorem of Total Probability):

प्रायिकता का योग प्रमेय या पूर्ण प्रायिकता का प्रमेय (Addition Theorem of Probability or Theorem of Total Probability):
(1.)जब घटनाएं परस्पर अपवर्जी हों:प्रमेय (Theorem):1.दो परस्पर अपवर्जी घटनाओं में से किसी एक के घटित होने की प्रायिकता दोनों घटनाओं के घटित होने की प्रायिकता के योग के बराबर होती है।यदि A व B दो परस्पर अपवर्जी घटनाएँ हों तो:
P(A+B)=P(A)+P(B)
या P(A \cup B)=P(A)+P(B)
प्रमाण (Proof):माना की घटनाओं की निश्शेषी स्थितियाँ n तथा घटना A और B की अनुकूल स्थितियाँ क्रमशः m_{1} तथा m_{2} हैं

P(A)=\frac{m_{1}}{n}, \quad P(B)=\frac{m_{2}}{n}
चूँकि A तथा B परस्पर अपवर्जी घटनाएँ हैं अतः इनकी अनुकूल स्थितियाँ पूर्णतया भिन्न-भिन्न होंगी एवं A व B में से कोई एक घटना घटित होने की अनुकूल स्थितियाँ m_{1}+m_{2} होंगी:

P(A+B)=\frac{m_{1}+m_{2}}{m}=\frac{m_{1}}{n}+\frac{m_{2}}{n}=P(A)+P(B) \\ \Rightarrow P(A+B)= P(A)+P(B)
समुच्चय सिद्धान्त से प्रमाण:
मानलो कि S प्रतिदर्श समष्टि तथा A व B इनकी परस्पर अपवर्जी घटनाएँ हैं तो इनका कोई भी अवयव उभयनिष्ठ नहीं होगा और दोनों घटनाएं एक साथ घटित नहीं होंगी।
चूँकि घटनाएँ A तथा B परस्पर अपवर्जी हैं।अतः (A \cup B) में अवयवों की संख्या A तथा B में अलग-अलग अवयवों की संख्या के योगफल के समान (या बराबर) होगी।
अतएव n(A \cup B)=n(A)+n(B)\\ P(A \cup B)=P(A+B)\\ =\frac{n(A \cup B)}{n(S)}\\=\frac{n(A)+n (B)}{n(s)} \\ \Rightarrow P(A \cup B)=\frac{n(A)}{n(S)} +\frac{n(B)}{n(S)} \\ \Rightarrow P(A \cup B)=P(A)+P (B)

व्यापकीकरण:n परस्पर अपवर्जी घटनाएँ हैं तो किसी एक घटना के घटित होने की प्रायिकता उन सभी घटनाओं के घटित होने की अलग-अलग प्रायिकता के योग के बराबर होती है अर्थात् P\left(A_{1}+A_{2}+A_{3}+\cdots+A_{n}\right)=P\left(A_{1}\right)+P\left(A_{2}\right)+P\left(A_{3}\right)+\cdots+P\left(A_{n}\right)
(2.)जब घटनाएँ परस्पर अपवर्जी न हों:
प्रमेय (Theorem):2.यदि A व B दो परस्पर अपवर्जी घटनाएँ नहीं हों तथा इनमें से किसी एक के घटित होने की प्रायिकता निम्न प्रकार होती हैं:
P(A+B)=P(A)+P(B)-P(A B) \\ \Rightarrow P(A \cup B)=P(A)+P(B)-P(A \cap B)
प्रमाण (Proof):माना कि घटनाओं की निश्शेषी स्थितियाँ n तथा A और B की अनुकूल स्थितियाँ क्रमशः m_{1} तथा m_{2} हैं:

P(A)=\frac{m_{1}}{n}, P(B)=\frac{m_{2}}{n}
चूँकि A तथा B कोई दो घटनाएँ हैं इसलिए यह संभव है कि वे परस्पर अपवर्जी न हो।अतः इनमें कुछ उभयनिष्ठ घटनाएँ हो सकती हैं।माना A तथा B में उभयनिष्ठ घटनाएँ m_{3} हैं।

P(A B)=\frac{m_{3}}{n}
घटनाएँ (A+B) के अनुकूल घटनाएँ m_{1}+m_{2}-m_{3}

P(A+B)=\frac{m_{1}+m_{2}-m_{3}}{n}=\frac{m_{1}}{n}+\frac{m_{2}}{n}-\frac{m_{3}}{n} \\ \Rightarrow P(A+B)=P(A)+P(B)-P(A B) \\ \Rightarrow P(A \cup B)=P(A)+P(B)-P(A \cap B)
समुच्चय सिद्धान्त से प्रमाण:
माना एक अभिप्रयोग का प्रतिदर्श समष्टि S है तथा समुच्चय A घटना A के घटित होने और समुच्चय B  घटना B के घटित होने को प्रदर्शित करता है तथा घटनाएँ परस्पर अपवर्जी नहीं हैं अतः A,B की उभयनिष्ठ घटनाएँ समुच्चय A \cap B  द्वारा प्रदर्शित की जाती है।

P(A \cup B)=(A-B) \cup(A \cap B) \cup(B-A) \\ A=(A-B) \cup (A \cap B)
तथा B=(B-A) \cup(A \cap B) \\ P(A)=P(A-B)+P(A \cap B) \\ \Rightarrow P(A \cup B)=P(A-B) \cup P(A \cap B) \cup(B-A)\\ = P(A-B)+P(A \cap B)+P(B-A) \\ =P(A)-P(A \cap B)+P(A \cap B)+P(B) -P(A \cap B) \\ =P(A)+P(B)-P(A \cap B) \\ \Rightarrow P(A \cup B)=P(A)+P(B)-P(A \cap B) \\ \Rightarrow P(A+B)=P(A)+P(B)-P(A B)
उपप्रमेय (Corollary):यदि घटनाएँ परस्पर अपवर्जी हों तो
A \cap B=\phi तथा P(A \cap B)=0 \\ P(A \cup B)=P(A)+P(B) \\ \Rightarrow P(A+B)=P(A)+P(B)
(3.)प्रायिकता का गुणन प्रमेय या मिश्र प्रायिकता का नियम (Multiplication Theorem of Probability or Theorem of Compound Probability):
(i) P(A B)=P(A) \cdot P\left(\frac{B}{A}\right)
या P(A \cap B)=P(A) \cdot P\left(\frac{B}{A}\right)
(ii) P(A B)=P(B) \cdot P\left(\frac{A}{B}\right)
या P(A \cap B)=P(B) \cdot P\left(\frac{A}{B}\right)
(4.)कम से कम एक घटना की प्रायिकता:
यदि n स्वतन्त्र घटनाओं के घटित होने की प्रायिकता क्रमशः P_{1}, P_{2}, P_{3}, \cdots, P_{n} हों तो उनमें से कम से कम घटना के घटित होने की प्रायिकता ज्ञात करना।
माना A_{1}, A_{2}, A_{3}, \cdots, A_{n} स्वतन्त्र घटनाएँ हैं जिनके घटित होने की प्रायिकताएँ क्रमशः P_{1}, P_{2} ,P_{3} ,\cdots, P_{n} है तब P(A_{1})=p_{1} ; P(A_{2})=p_{2} \quad P(A_{3})=p_{3}, \cdots P\left(A_{n}\right)=p_{n}
तथा P\left(\bar{A}_{1}\right)=1-p_{1}, P\left(\bar{A}_{2}\right)=1-p_{2}, P\left(\bar{A}_{3}\right)=1-p_{3},\cdots P\left(\bar{A}_{n}\right)=1-p_{n}
चूँकि A_{1}, A_{2}, A_{3},\cdots, A_{n} स्वतन्त्र घटनाएँ है अतः \bar{A}_{1}, \bar{A}_{2}, \bar{A}_{3},\cdots \bar{A}_{n} भी स्वतन्त्र घटनाएँ होंगी।
अतः प्रायिकता के गुणन प्रमेय से किसी भी घटना के घटित होने की प्रायिकता=P\left(\bar{A}_{1}, \bar{A_{2}}, \bar{A_{3}}, \cdots, \bar{A_{n}}\right) \\ =P\left(\bar{A}_{1}\right) P\left(\bar{A}_{2}\right) P\left( \bar{A}_{3} \right) \cdots P\left(\bar{A}_{n} \right) \\ =\left(1-p_{1}\right)\left(1-p_{2}\right)\left(1-p_{3}\right) \cdots \left(1-p_{n}\right)
अतः कम से कम एक घटना के घटित होने की प्रायिकता
=1-(किसी भी घटना के घटित न होने की प्रायिकता)

=1-P\left(\bar{A}_{1}\right) P\left(\bar{A}_{2}\right) P\left(\bar{A}_{3}\right) \cdots P(\bar{A}_{n}) \\ =1-\left\{\left(1-p_{1}\right)\left(1-p_{2}\right)\left(1-p_{3}\right) \cdots \left(1-p_{n}\right)\right\}

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2.प्रायिकता का योग प्रमेय के उदाहरण (Addition Theorem of Probability Examples):

Example:1.घटना A के घटित होने की प्रायिकता है तो घटना ‘A-नहीं’ की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
Solution:P(A)=\frac{2}{11} अतः P(A-नहीं)=1-P(A)=1-\frac{2}{11}
P(A-नहीं)=\frac{9}{11}
Example:2.ग्राम पंचायत में चार पुरुष व छ: स्त्रियाँ सदस्य हैं यदि एक समिति के लिए यादृच्छया एक सदस्य चुना जाता है तो एक स्त्री के चुने जाने की कितनी संभावना है?
उत्तर:कुल व्यक्तियों की संख्या=4 पुरुष+6 स्त्रियाँ
=10 व्यक्ति
इनमें से एक के चुनने के लिए निश्शेष स्थितियाँ=^{10}C_{1}
कुल स्त्रियों की संख्या 6 हैं अतः चुने गए सदस्य के स्त्री होने की अनुकूल स्थितियाँ=^{6}C_{1}
अतः चुने गए एक सदस्य के स्त्री होने की प्रायिकता=\frac{^{6}C_{1}}{^{10}C_{1}} \\=\frac{\frac{6 !}{5 ! \times 1}}{\frac{10!}{9! \times 1}} \\ =\frac{6 !}{5!} \times \frac{9 !}{10 !} \\ =\frac{6}{10}=\frac{3}{5}
Example:3.एक पासा उछाले जाने पर निम्नलिखित घटनाओं की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
(i)एक अभाज्य संख्या का आना (ii)6 से छोटी संख्या आना
Solution:एक पासे को उछाले जाने पर नि:श्शेषी स्थितियाँ (S)={1,2,3,4,5,6}=6
(i)एक अभाज्य संख्या के लिए अनुकूल स्थितियाँ (A)={2,3,5}=3
अतः एक अभाज्य संख्या आने की प्रायिकता P(A)=\frac{3}{6}=\frac{1}{2}
(ii)1 या 1 से छोटी संख्या की अनुकूल स्थितियाँ (B)={1}=1
अत:1 या 1 से छोटी संख्या आने की प्रायिकता P(B)=\frac{1}{6}
(iii)6 से छोटी संख्या आने की अनुकूल स्थितियाँ (C)={1,2,3,4,5}=5
अतः6 से छोटी संख्या आने की प्रायिकता P(C)=\frac{5}{6}
Example:4.एक सिक्का चार बार उछाला जाता है।इन उछालों में से कम से कम तीन बार चित्त आने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
Solution:एक सिक्का चार बार उछाला जाता है,एक सिक्के के एक उछाल में चित्त या पट दो स्थितियाँ बनती हैं।अतः 4 उछाल में बननेवाली नि:श्शेषी स्थितियाँ=
{HHHT,HHTH,HTHH,THHH,HHTT,HTHT,HTTH,THTH,TTHH,THHT,HTTT,THTT,TTHT,TTTH,HHHH,TTTT}=2 × 2 × 2 ×2=16
अनुकूल स्थितियों में कम से कम तीन बार चित्त आना={HHHT,HHTH,HTHH,THHH,HHHH}=^{4}C_{3}+^{4}C_{4}=4+1=5
अतः अभीष्ट प्रायिकता=\frac{5}{16}
Example:5.यदि एक सिक्के तथा एक पासे को एक साथ उछाला जाए तो सिक्के पर चित्त तथा पासे पर समसंख्या आने की प्रायिकता क्या होगी?
Solution:सिक्का फेंकने पर चित्त आने की प्रायिकता P(A)=\frac{1}{2}
पासे पर सम अंक (2,4,6) आने की प्रायिकता P(B)=\frac{\text{अनुकूल स्थितियाँ}}{\text{कुल नि:श्शेषी स्थितियाँ}} \\ \Rightarrow P(B)=\frac{3}{6}=\frac{1}{2}
दोनों स्वतन्त्र घटनाएँ हैं अतः प्रायिकता का गुणन प्रमेय या मिश्र प्रायिकता से P(A B) =P(A) \cdot P(B) \\ =\frac{1}{2} \times \frac{1}{2} \\ \Rightarrow P(A B) =\frac{1}{4}
Example:6.20 मनुष्यों की कम्पनी में 5 स्नातक है।यदि यादृच्छिक रूप में 3 मनुष्य चुने जाएं तो क्या प्रायिकता है कि उनमें एक स्नातक है?
Solution:20 मनुष्यों में से 3 मनुष्य चुनने के तरीके=^{20}C_{3}
अतः निश्शेष स्थितियाँ=^{20}C_{3}
एक स्नातक होने की स्थिति=^{5}C_{1}
तथा शेष दो अन्य होने की स्थिति=^{15}C_{2}
अतः अनुकूल स्थितियाँ=^{15}C_{2} \times ^{5}C_{1}
अभीष्ट प्रायिकता=\frac{^{15}C_{2} \times ^{5}C_{1}}{^{20}C_{3}} \\ =\frac{\frac{15 !}{2 ! \times 13 !} \times \frac{5 !}{4 ! \times 1 !}}{\frac{20 !}{17 ! \times 3 !}} \\=\frac{15 \times 14 \times 13 !}{2 ! \times 13 !} \times \frac{5 \times 4 !}{4 ! \times 1} \times \frac{ 17 ! \times 3!}{20 \times 19 \times 18 \times 17!}\\ =15 \times 7 \times 5 \times \frac{1}{20 \times 19 \times 3} \\ =\frac{35}{76}
अब कम से कम एक स्नातक होने की प्रायिकता=\frac{^{15}C_{2} \times ^{5}C_{1} +^{15}C_{1} \times ^{5}C_{2}+^{5}C_{3}}{^{20}C_{3}} \\ =\frac{15 \times 7 \times 5+15 \times 5 \times 2+10}{20 \times 19 \times 3} \\ =\frac{5[105+30+2]}{4 \times 3 \times 19} \\=\frac{137}{228}

Example:7.किसी समस्या के हल करने के लिए A के विपक्ष में संयोगानुपात 4:3 है,B के पक्ष में संयोगानुपात 7:5 है।क्या संभावना है कि
(i)समस्या हल हो जाएगी
(ii)समस्या हल नहीं होगी
(iii)केवल एक के द्वारा हल हो पाएगी।
Solution:A के विपक्ष में संयोगानुपात=4:3
अतः A द्वारा समस्या होने की प्रायिकता P(A)=\frac{3}{4+3}=\frac{3}{7}
A द्वारा समस्या नहीं होने की प्रायिकता P(\bar{A})=1-\frac{3}{7}=\frac{4}{7}
अब B के पक्ष में संयोगानुपात=7:5
अतः B द्वारा समस्या हल करने की प्रायिकता P(B)=\frac{7}{7+5}=\frac{7}{12}

अतः B द्वारा समस्या हल नहीं होने करने की प्रायिकता P(\bar{B})=1-\frac{7}{12}=\frac{5}{12}
(i)समस्या हल हो जाएगी यदि A अथवा B दोनों में से एक अथवा दोनों समस्या को हल कर दें अर्थात् P(A \cap \bar{B})+P(\bar{A} \cap B)+P(A \cap B)
A व B स्वतन्त्र घटनाएँ हैं अतः 

P=P(A) \times P(\bar{B})+P(\bar{A}) \times P(B)+P(A) \times P(B) \\ =\frac{3}{7} \times \frac{5}{12}+\frac{4}{7} \times \frac{7}{12}+\frac{3}{7} \times \frac{7}{12} \\=\frac{15}{84}+\frac{28}{84}+\frac{21}{84} \\ =\frac{64}{84}=\frac{16}{21}
(ii)समस्या हल नहीं होगी यदि A व B दोनों ही समस्या को हल नहीं कर पाएं अर्थात् अभीष्ट प्रायिकता P=P(\bar{A} \cap \bar{B}) \\ =P(\bar{A}) \times P(\bar{B}) \\ =\frac{4}{7} \times \frac{5}{12}=\frac{5}{21}
(iii)केवल एक के द्वारा हल होने की प्रायिकता P=P(A \cap \bar{B})+P(\bar{A} \cap B) \\ =P(A) \times P(\bar{B})+P(\bar{A}) \times P(B) \\ =\frac{3}{7} \times \frac{5}{12}+\frac{4}{7} \times \frac{7}{12} \\ =\frac{15}{84}+\frac{28}{84} \\ =\frac{43}{84}

उपर्युक्त उदाहरणों के द्वारा प्रायिकता का योग प्रमेय (Addition Theorem of Probability),पूर्ण प्रायिकता का प्रमेय (Theorem of Total Probability) को समझ सकते हैं।

3.प्रायिकता का योग प्रमेय की समस्याएं (Addition Theorem of Probability Problems):

(1.)ताश की गड्डी के 52 पत्तों में से एक पत्ता निकाला जाता है।इसके इक्का या पान का पत्ता होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
(2.)A,B,C भिन्न-भिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं।A के सफल होने की प्रायिकता \frac{2}{5} है,B की \frac{1}{8} तथा C की \frac{5}{8} है।
प्रायिकता ज्ञात कीजिए कि:
(i)तीनों सफल हों
(ii)कम से कम एक सफल हो।
(3.)मोहन 60% स्थितियों में सत्य बोलता है।सोहन 80% स्थितियों में सत्य बोलता है।किसी कथन पर एक दूसरे से विरोधाभास होने की प्रायिकता क्या होगी?
(4.)किसी कक्षा में छात्रों की अंकतालिकाएं देखने से ज्ञात हुआ कि 40% छात्र गणित विषय में उत्तीर्ण हैं,25% छात्र भौतिकी में उत्तीर्ण हैं एवं 15% छात्र गणित एवं भौतिकी दोनों में उत्तीर्ण हैं, कक्षा का एक छात्र यादृच्छया चुना जाता है।यदि यह छात्र गणित में उत्तीर्ण हो तब उसके भौतिकी में उत्तीर्ण होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
उत्तर (Answers):\text{(1)}P(A+B)=\frac{4}{13} \\ \text{(2)} \text{(i)}P(A) \cdot P(B) \cdot P(C)=\frac{1}{32} \quad \text{(ii)}1-P(\bar{A} \bar{B} \bar{C})=\frac{257}{320} \\ \text{(3)}P(\bar{A} B+A \bar{B})=\frac{11}{25} \\ \text{(4)} P\left ( \frac{B}{A} \right )=\frac{3}{8}
उपर्युक्त सवालों को हल करने पर प्रायिकता का योग प्रमेय (Addition Theorem of Probability),पूर्ण प्रायिकता का प्रमेय (Theorem of Total Probability) को ठीक से समझ सकते हैं।

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4.प्रायिकता का योग प्रमेय (Addition Theorem of Probability) से सम्बन्धित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.एक सिक्के को n बार उछालने पर n(S) है।

उत्तर:2^{n}

प्रश्न:2.दो पासों के उछालने पर उनका योगफल 3 आने की प्रतिदर्श समष्टि है।

उत्तर:{(1,2),(2,1)}

प्रश्न:3.एक सिक्का तथा एक पासा एक साथ उछालने पर प्रतिदर्श समष्टि के अवयवों की संख्या है।

उत्तर:12 {(H,1),(H,2),(H,3),(H,4),(H,5),(H,6),(T,1),(T,2),(T,3),(T,4),(T,5),(T,6)}

प्रश्न:4.किसी अभिप्रयोग का परिणाम कहलाता है।

उत्तर:प्रतिदर्श बिन्दु

प्रश्न:5.तीन सिक्कों के उछालने पर कम से कम शीर्ष आने की घटना E हो तो n(E) होगा।

उत्तर:4

प्रश्न:6.एक लीप वर्ष में 53 सोमवार होने की अनुकूल घटनाएँ होंगी।

उत्तर:2 {(सोमवार,मंगलवार),(रविवार,सोमवार)}

प्रश्न:7.एक कलश में 4 सफेद,3 काली तथा 2 लाल गेंदे हैं।तीनों गेंदें अलग-अलग रंग की होने की अनुकूल स्थितियाँ होंगी।

उत्तर:24

प्रश्न:8.दो परस्पर अपवर्जी घटनाओं में P(A \cup B) का मान है।

उत्तर:P(A)+P(B)

प्रश्न:9.तीन विद्यार्थियों A,B,C के द्वारा प्रश्न हल करने की प्रायिकताएँ क्रमशः \frac{1}{3},\frac{1}{3} तथा \frac{1}{4} हैं तो कम से कम एक द्वारा प्रश्न हल करने की प्रायिकता है:

उत्तर:P(A)=\frac{1}{3},P(B)=\frac{1}{3} तथा P(C)=\frac{1}{4},P(\bar{A})=\frac{2}{3},P(\bar{B})=\frac{2}{3},P(\bar{C})=\frac{3}{4}
कम से कम एक के द्वारा हल करने की प्रायिकता=P(A \bar{B} \bar{C})+ P(\bar{A} B \bar{C})+P( \bar{A} \bar{B} C)+P(AB \bar{C})+P(A \bar{B} C)+P( \bar{A} BC)+P(ABC) \\ =\frac{1}{3} \times \frac{2}{3} \times \frac{3}{4}+\frac{2}{3} \times \frac{1}{3} \times \frac{3}{4}+\frac{2}{3} \times \frac{2}{3} \times \frac{1}{4}+\frac{1}{3} \times \frac{1}{3} \times \frac{3}{4}+\frac{1}{3} \times \frac{2}{3} \times \frac{1}{4}+\frac{2}{3} \times \frac{1}{3} \times \frac{1}{4}+\frac{1}{3} \times \frac{1}{3} \times \frac{1}{4}\\ =\frac{1}{6}+\frac{1}{6}+\frac{1}{9}+\frac{1}{12}+\frac{1}{18} +\frac{1}{18} +\frac{1}{36} =\frac{24}{36}\\ =\frac{2}{3}
उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा प्रायिकता का योग प्रमेय (Addition Theorem of Probability),पूर्ण प्रायिकता का प्रमेय (Theorem of Total Probability) के बारे में ओर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

 

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Addition Theorem of Probability

प्रायिकता का योग प्रमेय
(Addition Theorem of Probability)

Addition Theorem of Probability

प्रायिकता का योग प्रमेय या पूर्ण प्रायिकता का प्रमेय (Addition Theorem of Probability or Theorem of Total
Probability):(1.)जब घटनाएं परस्पर अपवर्जी हों:प्रमेय (Theorem):1.दो परस्पर अपवर्जी घटनाओं में से किसी एक

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