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A Mathematics Teacher is An Artist

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1.गणित शिक्षक एक कलाकार है (A Mathematics Teacher is An Artist),गणित शिक्षक एक कलाकार कैसे है? (How A Mathematics teacher is An artist?):

  • गणित शिक्षक एक कलाकार है (A Mathematics Teacher is An Artist)।जिस प्रकार एक कलाकार किसी चीज का सृजन करता है उसी प्रकार गणित शिक्षक भी एक सृजनात्मक व्यक्ति होता है जो गणित के संबंधित टॉपिक के लिए उचित शिक्षण विधि का स्वयं सर्जन करता है।इसी प्रकार विद्यार्थी के अन्दर छिपी प्रतिभा को निखारना व तराशना भी एक कलाकार का ही काम है।
  • गणित शिक्षक का कार्य विद्यार्थियों को सूत्रों को रटाना तथा सवालों को अभ्यास द्वारा याद करना मात्र नहीं है।बल्कि विद्यार्थी के अंदर निहित गणितीय प्रतिभा को उभारना तथा तराशना है। गणित शिक्षक में सबसे अधिक गणित शिक्षक,विद्यार्थी तथा गणित की विषय वस्तु का सबसे अधिक महत्त्व है।परंतु इन तीनों में से भी गणित शिक्षक का सबसे अधिक महत्त्व है।गणित के किस टाॅपिक को किस विधि से पढ़ाया जाए और कैसे पढ़ाया जाए तथा कौन सी विधि उपयुक्त है यह निर्णय गणित शिक्षक ही लेता है।गणित शिक्षक ही सबसे प्रमुख मार्गदर्शक होता है।
  • गणित पढ़ाना वास्तव में एक उच्चकोटि के कलाकार द्वारा ही संभव है।इसलिए गणित शिक्षक को गणित शिक्षा,गणित के दर्शन,गणित शिक्षण की विधि एवं बालक के मनोविज्ञान से परिचित होना चाहिए।
  • पुस्तकों में बाल मनोविज्ञान है उससे तात्पर्य नहीं है बल्कि विद्यार्थी के संपर्क में आकर शिक्षक यह समझे कि किसी विशिष्ट बालक को किस तरीके से पढ़ाया जाए जिससे उसके अंदर निहित गणितीय प्रतिभा को उभारा व तराशा जा सके।
  • बाल्यावस्था में ही बालक की गणितीय प्रतिभा को उभारना व तराशना सरल है परंतु परिपक्व अवस्था के बाद उसकी प्रतिभा को निखारना मुश्किल होता जाता है।
  • कई लोग यह आपत्ति करते हैं कि गणित का व्यावहारिक जीवन में बहुत ज्यादा महत्त्व नहीं है।उच्च गणित की बातें तो किसी भी विद्यार्थी के काम नहीं आती है।यदि आगे जाकर वह कोई गणितज्ञ,गणित अध्यापक अथवा गणित का अन्वेषक इत्यादि नहीं बनता है तो।यह बात कुछ हद तक ठीक है परंतु गणित पढ़ने से इस प्रकार की मानसिक शक्ति जैसे चिंतन,मनन,तर्क शक्ति का विकास होता है जो अन्य विषयों के पढ़ने से नहीं होता है।
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2.जाॅय एलमर मोर्गन के अनुसार गणित शिक्षक के बारे में बताएं (Tell us about the math teacher according to Joy Elmer Morgan):

  • जाॅय एलमर मोर्गन (Joy Elmer Morgan) के अनुसार गणित शिक्षक के बारे में निम्न विचार है:
  • (1.)गणित शिक्षक एक भविष्यवक्ता है।वह विद्यार्थी के भविष्य का निर्माण करके एक राष्ट्र के निर्माण की आधारशिला रखता है क्योंकि आज के विद्यार्थी के कंधों पर ही भविष्य में राष्ट्र का उत्तरदायित्व होगा।
  • (2.)गणित शिक्षक एक कलाकार है।वह विद्यार्थी के अंदर छिपी हुई गणितीय प्रतिभा और उसके गणितीय व्यक्तित्व को प्रकट करने का कार्य करता है।
  • (3.)गणित शिक्षक विद्यार्थी का एक सच्चा मित्र हैं। विद्यार्थियों के प्रति संवेदनशील होता है।कारण यह है कि गणित के सवालों से,कठिनाइयों तथा समस्याओं से सामना होने पर विद्यार्थी का मानसिक संतुलन बनाए रखना,उसे धैर्यपूर्वक हल करने तथा उसको होने वाले कष्ट को संबल देने में एक संवेदनशील गणित शिक्षक ही यह भूमिका अदा कर सकता है।यहाँ तक कि उसे करियर सम्बन्धी निर्णय लेने में काउंसलर की भूमिका निभाता है।उसकी प्रतिभा से ठीक तरह से परिचित होने के कारण वह ठीक से गाइड कर सकता है।
  • (4.)गणित शिक्षक एक नागरिक होता है।नागरिक होने के नाते समाज व देश की उन्नति में गणित का योगदान किस प्रकार हो सकता है इस पर बराबर चिन्तन, मनन करता है और उन्नति में योगदान देता है।
  • (5.)गणित शिक्षक गणित की गूढ़ शब्दावली को सरल भाषा में बताता है।अल्पायु छात्र का मार्गदर्शन करने में अपने परिपक्व एवं विस्तृत जीवन के अनुभव से सहायता प्रदान करता है।
  • (6.)गणित शिक्षक एक निर्माणक है।समाज व देश की संस्कृति,सभ्यता एवं भौतिक व अध्यात्मिक उन्नति में वह योगदान देता है।गणित के अध्ययन से स्वयं गणित शिक्षक में तथा विद्यार्थियों में समानता,समरूपता,क्रमबद्धता,नियमितता आदि महत्त्वपूर्ण मूल्यों का बोध होता है जो कि उच्च एवं उच्चत्तम सांस्कृतिक मूल्य हैं।
  • (7.)गणित शिक्षक समाज की संस्कृति का वाहक है।वह बहुमूल्य रुचियों,स्वस्थ मनोवृत्तियों, मनोहर आचरण एवं उच्च बुद्धि की ओर प्रदर्शन करता है।ज्यों-ज्यों जीवन अधिक जटिल होता जा रहा है त्यों-त्यों गणित के अध्ययन की अधिक आवश्यकता महसूस की जा रही है।
  • छात्र-छात्राओं की रुचि,जिज्ञासा व लगन जाग्रत करने तथा प्रेरित करने में रोल मॉडल की भूमिका अदा करता है।
  • (8.)शिक्षक एक योजक है।वह अल्पायु जीवन को अपने सम्मुख एक बड़ी व्यवस्था का अंग मानता है जो सत्य प्रकाश में दृढ़ हो जाता है।योजनाबद्ध तरीके से वह अल्पायु छात्र को राष्ट्र निर्माण की एक बड़ी योजना का अंग मानकर आवश्यक सत्य मूल्यों का बीजारोपण करने में सहायक होता है।
  • (9.)गणित शिक्षक एक अग्रगामी (Pioneer) है।वह सदैव असंभव को भी संभव करने की चेष्टा करता है।कई बालक प्रारम्भ में गणित में फिसड्डी होते हैं उनमें भी गणित का बोध कराने हेतु हरसंभव कोशिश करता है।
  • (10.)गणित शिक्षक एक सुधारक है।वह अवरोधों को दूर करने की चेष्टा करता है जो जीवन को नष्ट करते हैं।गणित में आनेवाली जटिलताओं के कारण कुछ विद्यार्थी उससे घृणा करने लगते हैं।ऐसी स्थिति में गणित शिक्षक उन सभी समस्याओं का समाधान करके गणित के प्रति उनको प्रेरित करने का प्रयास करता है।
  • (11.)गणित शिक्षक एक विश्वासी है।उसको स्थायी विश्वास द्वारा समाज को सुधारना है।यह सही है कि आत्मविश्वास तथा विश्वास से गणित की समस्याओं को हल नहीं किया जा सकता है परंतु आत्मविश्वास हमें समस्याओं के सामने खड़े होने का साहस प्रदान करता है।धीरे-धीरे समस्याएं हल होती जाती है इस प्रकार समाज में गणित के प्रति एक सकारात्मक बदलाव आता है।
  • उपर्युक्त आर्टिकल में गणित शिक्षक एक कलाकार है (A Mathematics Teacher is An Artist),गणित शिक्षक एक कलाकार कैसे है? (How A Mathematics teacher is An artist?) के बारे में बताया गया है।

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3.बातूनी गणित छात्र (हास्य-व्यंग) (Talkative Mathematics Student) (Humour-Satire):

  • कुछ छात्र-छात्राओं की आदतें होती है कि वे कक्षा में अध्ययन करने के बजाय फालतू की बातें करते रहते हैं।अध्यापक तथा अन्य छात्र-छात्राएं जो अध्ययन करना चाहते हैं ऐसे छात्र-छात्राओं से परेशान हो जाते हैं।ऐसे ही खाली पीरियड (कालांश) में एक छात्र गणित के सवाल हल कर रहा था।तब दूसरे छात्र (बातूनी छात्र) ने कहा कि भैया ज्यादा पढ़ने से कौन-सा तीर मार लोगे?अच्छा होगा इस खाली पीरियड को बातचीत करके मनोरंजन किया जाए।
  • पहला छात्र:गणित की पुस्तक बंद करते हुए बोला बात तो तुम्हारी ठीक है।बताइए कौनसी बातचीत से मनोरंजन किया जाए।
  • दूसरा छात्र (बातूनी छात्र):किसी भी बातचीत से मनोरंजन किया जा सकता है।फिर बोला लड़कियां इतनी घमंडी क्यों होती है?किसी को घास नहीं डालती है।
  • पहला छात्र:एक लड़की के पास जाकर बोला प्लीज सिस्टर मेरे साथ आइए।वह.छात्र,छात्रा को स्कूल के मैदान में ले जाकर बोला।प्लीज यहां से थोड़ी घास उखाड़ लीजिए।फिर वह छात्र व छात्रा दोनों उस दूसरे छात्र (बातूनी छात्र) के पास आए।पहला छात्र छात्रा से बोला प्लीज सिस्टर इस लड़के के सामने यह घास डाल दो।छात्रा ने वैसा ही किया।
  • तब पहला छात्र दूसरे छात्र (बातूनी छात्र) से बोला अब घास को खाकर बताइए।
  • दूसरे छात्र के काटो तो खून नहीं वाली स्थिति हो गई।उसने इतना जलील होने की कल्पना भी नहीं की थी।
  • पहला छात्र बोला :तुम स्वयं तो खाली समय का सदुपयोग कर नहीं सकते हो और दूसरो को भी नहीं करने देते हो।अब चुप हो जाइए और मुझे अपना काम करने दीजिए।

4.गणित शिक्षक एक कलाकार है (A Mathematics Teacher is An Artist),गणित शिक्षक एक कलाकार कैसे है? (How A Mathematics teacher is An artist?) के सम्बन्ध में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

1.विद्यार्थी की रुचि गणित में कैसे जागृत की जाए? (How to arouse the student’s interest in mathematics?):

उत्तर:गणित विषय तथा अन्य कोई भी विषय तभी पढ़ाया जा सकता है जबकि बालक की रुचि हो।सामान्यत: विद्यार्थी गणित के उन टाॅपिक्स को
ही पढ़ना चाहता है जो सरल हो तथा जटिल टाॅपिक्स को पढ़ना नहीं चाहता है।वस्तुतः यह समस्या इसलिए उत्पन्न होती है कि बालक को प्रारंभ से ही गणित का ठीक से अध्ययन नहीं कराया जाता है।धीरे-धीरे आगे की कक्षाओं में गणित विषय जटिल लगने लगता है।जैसे कक्षा 10 के सांख्यिकी टाॅपिक, रैखिक समीकरण, समान्तर श्रेणी जैसे टॉपिक्स को पढ़ने में रुचि दर्शाता है परंतु त्रिकोणमिति,ज्यामिति,त्रिभुजों की समरूपता से संबंधित टाॅपिक्स को पढ़ना नहीं चाहता है।अत: गणित अध्यापक को सरल से कठिन विधि का पालन करते हुए इन टाॅपिक्स को पढ़ाना चाहिए।सरल टाॅपिक को हल करते-करते विद्यार्थी की एकाग्रता सधने लगती है।कठिन टाॅपिक्स में भी कुछ सरल प्रश्नावलियाँ होती है,उनका अध्ययन कराने के बाद पुनरावृत्ति के समय जटिल टाॅपिक्स को पढ़ाया जाए।साथ ही विद्यार्थियों को प्रेरित करते रहना चाहिए।इन टाॅपिक्स को पढ़ाते समय पहेलियों,माॅडल्स, मैजिक वर्ग का प्रयोग किया जाए जिससे गणित विषय नीरस न लगे।

प्रश्न:2.विद्यार्थियों को गणित हल करने के लिए प्रेरित कैसे किया जाए? (How to motivate students to solve mathematics?):

उत्तर:गणित के किसी भी टाॅपिक को पढ़ाते समय सम्बन्धित गणितज्ञ का प्रेरक प्रसंग सुनाना चाहिए।जैसे परिमेय व अपरिमेय संख्याओं को पढ़ाते समय बताया जाए कि परिमेय संख्याओं का सर्वप्रथम पाइथागोरस तथा उसके शिष्यों ने पता लगाया था।परन्तु उसके शिष्य हिपाक्स को अपरिमेय संख्या का पता लगा था।पाइथागोरस ने पहले ही यह नियम बनाया हुआ था कि कोई भी रहस्य उसकी अनुमति के बिना बाहर प्रकट नहीं किया जाए।
पाइथागोरस ने दुनिया के सामने पहले ही यह बताया हुआ था कि प्रकृति की सभी चीजों को परिमेय संख्याओं में व्यक्त किया जा सकता है। उसके शिष्य हिपाक्स ने अपरिमेय संख्याओं का रहस्य प्रकट कर दिया जिससे उसका दुर्भाग्यपूर्ण अंत कर दिया गया।इस प्रकार विद्यार्थियों को प्रेरक प्रसंग से प्रेरित किया जा सकता है।ऐसे ओर भी अनेक प्रेरक प्रसंग हैं जिनको सम्बन्धित टाॅपिक पढ़ाते समय बताया जा सकता है।जैसे त्रिकोणमिति में sin (साईन) की खोज भारतीय खोज शब्द ‘ज्या’ से हुई है जो बहुत ही रोचक है।त्रिकोणमिति पढ़ाते समय इसे बताया जा सकता है।

प्रश्न:3.गणित को जीवन से संबंधित करके कैसे पढ़ाया जाए? (How to teach mathematics by relating to life?):

उत्तर:किसी भी विषय को जीवन से संबंधित करके पढ़ाया जाता है तो विद्यार्थी उसमें रुचि लेते हैं।जैसे 5 और 7 को जोड़ने के लिए कहा जाए तो उन्हें विद्यार्थियों से इस प्रकार पूछना चाहिए कि ये 5 पुस्तकें हैं और उधर 7 पुस्तकें हैं।अब बताओ कुल कितनी पुस्तके हुई?इस प्रकार बच्चा सरलता से जोड़ लेगा।गणित अमूर्त विषय है।प्रारंभिक कक्षाओं में इसे जीवन से संबंधित करके पढ़ाना चाहिए।इसी प्रकार त्रिविमीय निर्देशांक ज्यामिती में कमरे के कोरों से उन्हें त्रिमीय (तीन दिशाओं) को बताकर समझाया जा सकता है।बेलन को समझाने के लिए एक आयताकार कागज से बेलन की आकृति बनाकर उसके आयतन और पृष्ठीय तथा वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल को समझाया जा सकता है।

  • उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा गणित शिक्षक एक कलाकार है (A Mathematics Teacher is An Artist),गणित शिक्षक एक कलाकार कैसे है? (How A Mathematics teacher is An artist?) के बारे में ओर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

A Mathematics Teacher is An Artist

गणित शिक्षक एक कलाकार है
(A Mathematics Teacher is An Artist)

A Mathematics Teacher is An Artist

गणित शिक्षक एक कलाकार है (A Mathematics Teacher is An Artist)।जिस प्रकार
एक कलाकार किसी चीज का सृजन करता है उसी प्रकार गणित शिक्षक भी
एक सृजनात्मक व्यक्ति होता है जो गणित के संबंधित टॉपिक के लिए उचित शिक्षण विधि का स्वयं सर्जन करता है।

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