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7 tips to increase concentration power

1.एकाग्रता शक्ति बढ़ाने की 7 टिप्स (7 tips to increase concentration power)-

एकाग्रता शक्ति बढ़ाने की 7 टिप्स (7 tips to increase concentration power) के आधार पर आप किसी भी क्षेत्र में सफलता अर्जित कर सकते हैं। सफलता अर्जित करने के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण और निर्णायक फैक्टर एकाग्रता शक्ति ही होती है।
गणित जैसे जटिल विषय को हल करने के लिए एकाग्रता शक्ति की सर्वाधिक आवश्यकता होती है। एकाग्रता शक्ति बढ़ाने की 7 टिप्स (7 tips to increase concentration power) के आधार पर आप गणित विषय की जटिल से जटिल समस्या को आसानी से हल कर सकते हैं।
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2.एकाग्रता शक्ति बढ़ाने के 7 टिप्स-बोध कथा (7 tips to increase concentration power-Sense story)-

गुरु द्रोणाचार्य ने कौरव और पाण्डवों को शिक्षा देने के बाद उन्होंने एकाग्रता शक्ति की परीक्षा लेने का निश्चय किया।पितामह भीष्म इत्यादि भी उपस्थित थे।
द्रोणाचार्य ने पेड़ की शाखा पर एक जीवित चिड़िया की आंख को भेदने के लिए सभी शिष्यों को कहा।वह जीवित चिड़िया पेड़ की शाखा पर उल्टी बैठी हुई थी अर्थात् चिड़िया की पूंछ द्रोणाचार्य के शिष्यों की ओर थी।
गुरु द्रोणाचार्य ने बारी-बारी से युधिष्ठिर, भीम,दुर्योधन,दु:शासन इत्यादि को बुलाया और उन्हें पूछा कि आपको क्या दिखाई दे रहा है?वे सभी राजकुमार उत्तर देते कि उन्हें पेड़ की शाखाएं,आकाश, पेड़ इत्यादि दिखाई देता है।किसी को पूरी चिड़िया और उसके आसपास की चीजें दिखाई दी।जब अर्जुन को बुलाया गया तो उसने कहा कि उसे चिड़िया की आंख दिखाई देती है।
तब द्रोणाचार्य ने अर्जुन को निशाना लगाने के लिए कहा। अर्जुन ने अपनी जांघ पर थप्पी मारी।उस चिड़िया ने घूमकर पीछे की ओर देखा।तब तत्काल अर्जुन ने निशाना लगा दिया।
यह देखकर पितामह भीष्म ने द्रोणाचार्य से कहा कि आपने न्याय नहीं किया।आपने सभी शिष्यों से अलग हटकर अर्जुन को शिक्षा दी है।
इस पर द्रोणाचार्य ने कहा कि नहीं पितामह मैंने सभी को शिक्षा समान रूप से दी है। परन्तु अर्जुन ने अपनी लगन और उत्साह के बल पर एकाग्रता शक्ति की ऐसी साधना की है जिसके बल पर उसने चिड़िया की आंख का निशाना लगाया है।
गुरु अपने शिष्यों को समान रूप से शिक्षा देता है। लेकिन उस शिक्षा का कितना उपयोग करता है यह उस शिष्य पर निर्भर करता है।

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3.आस-पास के शोर शराबे को नजरंदाज करें (Ignore the surrounding noise)-

महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन कोई भी कार्य करते थें तो इतने तल्लीन रहते थे कि अपने आसपास की रुकावटों, शोर-शराबे से बेखबर रहते थे।वे अपने कार्य में इतने तल्लीन रहते थे कि आस-पास के शोर-शराबे,विकर्षणों को नजरंदाज कर देते थे।
एकाग्रता शक्ति को साधने के लिए समय, प्रयास और समर्पण की आवश्यकता होती है।यह एकाग्रता शक्ति एक दिन में प्राप्त नहीं की जा सकती है।
यदि आप अपने कार्यस्थल पर बैठते हैं तो कई प्रकार की रुकावटों का सामना करना पड़ता है। जैसे कोई खिड़की बन्द कर रहा है।कोई आपके पास आकर चम्मच इत्यादि गिरा देता है। इसलिए अध्ययन करते समय अपने मस्तिष्क को इस प्रकार की घटनाओं के लिए अभ्यस्त कर लें और उनको नजरअंदाज करना सीखें। धीरे-धीरे अभ्यास करने और अध्ययन के प्रति समर्पण से इन छोटी-छोटी घटनाओं को नजरंदाज करना सीख जाएंगेे।
एकाग्रता शक्ति बढ़ाने की 7 टिप्स (7 tips to increase concentration power) में यह प्रथम टिप्स है।

4.अपने इष्टदेव का जप करें (Chant your favorite)-

यह बेहद सरल तकनीक है।अपना ईष्टदेव कोई भी हो सकता है जैसे-राम, कृष्ण इत्यादि।जब भी आपका ध्यान भटकने लगे या इधर-उधर आपका ध्यान जा रहा है तो अपने इष्टदेव का जप बार-बार अपने मन में करते रहे जब तक कि आपका ध्यान भटकना बन्द न हो जाए।
एकाग्रता शक्ति बढ़ाने की 7 टिप्स (7 tips to increase concentration power) में यह दूसरी टिप्स है।

5.विश्राम तथा छोटा ब्रेक लें (Take a break and take a short break)-

अनुसंधान से यह पता चला है कि जब कोई व्यक्ति गहरी नींद और पर्याप्त विश्राम करता है तो उसका मस्तिष्क रिफ्रेश हो जाता है। आराम करने के बाद व्यक्ति का मस्तिष्क अधिक कुशलता से कार्य करता है।
अत्यधिक सोना भी नुकसानदायक है,इसका आप पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।आप आलसी होते जाते हैं।आपके जीवन में आलस्य प्रवेश कर जाता है।
सामान्यतः 6-6.5 घण्टे की गहरी नींद पर्याप्त होती है। लगातार लम्बे समय तक अध्ययन नहीं करना चाहिए।अपनी क्षमता के अनुसार 2-3घंटे बाद 5-10 मिनट का ब्रेक लें।ब्रेक लेते समय आंखों को बंद कर लें और मस्तिष्क को विचारहीन स्थिति में रखें।अथवा कोई मनोरंजक टी.वी. प्रोग्राम देखें।या 5- 10 मिनट तक अपने कमरे में टहल लें। उपर्युक्त तकनीक से आपका मस्तिष्क रिफ़्रेश और तरोताजा हो जाता है जिससे आपकी एकाग्रता शक्ति में वृद्धि होती है। एकाग्रता शक्ति बढ़ाने की 7 टिप्स (7 tips to increase concentration power) में यह तीसरी टिप्स है।

6.एकाग्रता शक्ति बढ़ाने वाले खेल खेलें (Play concentration boosting games)-

क्रासवर्ड, गणित की पहेलियां,शतरंज इत्यादि को लंबे समय तक हल करने पर एकाग्रता शक्ति में आश्चर्यजनक वृद्धि होती है। उपर्युक्त क्रासवर्ड, गणित की पहेलियां व शतरंज इत्यादि को आप अपने मोबाइल फोन पर हल कर सकते हैं या खेल सकते हैं।इन सभी में एकाग्रता शक्ति की आवश्यकता होती है।छात्र जब क्रासवर्ड, गणित की पहेलियां को हल करता है या गणित के खेल खेलता है तो दिमाग तो रिफ्रेश होता ही है साथ ही एकाग्रता भी बढ़ती है। एकाग्रता शक्ति बढ़ाने की 7 टिप्स(7 tips to increase concentration power) में यह चौथी टिप्स है।

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7.संतुलित आहार लें (Eat a balanced diet)-

चटपटे, मसालेदार तथा तली-भुनी चीजें खाने से हमारा मस्तिष्क चंचल हो जाता है।इन चीजों को खाने से उत्तेजना बढ़ती है। इसलिए संतुलित,सादा व हल्का भोजन लें।नाश्ते में ड्राई फ्रुटस,फल,चने, दूध वगैरह लें। संतुलित भोजन से हमारे शरीर में उत्तेजना नहीं बढ़ती है जिससे मन एकाग्र रहता है।जंक फूड और फास्ट फूड खाने से बचें। एकाग्रता शक्ति बढ़ाने की 7 टिप्स ( 7 tips to increase concentration power) में यह पांचवीं टिप्स है।

8.योगासन-प्राणायाम अथवा हल्का व्यायाम करें (Do yoga or pranayama or light exercise)-

स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है।यदि आप बीमार हैं तो आप मन को एकाग्र नहीं रख सकते हैं। इसलिए एकाग्रता में वृद्धि करने के लिए शारीरिक व्यायाम करना और स्वस्थ रहना आवश्यक है।हल्के व्यायाम में तेज कदमों से टहलना, दौड़ लगाना, योगासन-प्राणायाम करना शामिल है।
यह बात आवश्यक रूप से जान लें कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है। शारीरिक कसरत हमारी मस्तिष्क की क्षमता को प्रभावित करती है। शारीरिक कसरत में योगासन-प्राणायाम सबसे अच्छा व प्रभावी तरीका है।छात्रों को बॉडी बिल्डर बनना नहीं है इसलिए कठोर कसरत न करने के बजाय योगासन-प्राणायाम सरल व सुलभ तरीका है जिससे शरीर स्वस्थ रहता है। मस्तिष्क पर की गई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि योगासन-प्राणायाम से मस्तिष्क में नए न्यूरॉन सेल की उत्पत्ति होती है।ये न्यूराॅन सेल मस्तिष्क में सूचना का आदान-प्रदान और विश्लेषण करते हैं जिससे याददाश्त व मस्तिष्क की क्षमता में सुधार होता है।
कसरत से न्यूरोट्रांसमीटर नाम के रसायन के रिसाव में तेजी आती है।ये रसायन तंत्रिका कोशिकाओं के बीच सिग्नल का आदान प्रदान करते हैं।इसलिए कसरत व योगासन-प्राणायाम के इन फायदों को जानते हुए मस्तिष्क की क्रियाशीलता को बढ़ाने के लिए शारीरिक एक्सरसाइज जरूर करें।योगासन-प्राणायाम के अलावा आप वाकिंग, स्विमिंग,डासिंग इत्यादि कर सकते हैं।
इनसे दिमाग में तनाव को कम करने में मदद मिलती है। एकाग्रता शक्ति में वृद्धि धीरे-धीरे होती है।आप उपर्युक्त तरीकों का प्रयोग करोगे तो लम्बे अभ्यास के बाद इनका परिणाम दिखाई देता है।एकाग्रता शक्ति बढ़ाने की 7 टिप्स (7 tips to increase concentration power) में यह छट्टी टिप्स है।

9.ध्यान व योग का महत्त्व (Importance of meditation and yoga)-

परीक्षा आते ही विद्यार्थी पर पूरे साल का पाठ्यक्रम को पढ़ने व याद करने का दबाव पड़ता है।परीक्षा का डर, तनाव व चिंता के कारण दिमाग की स्मरण शक्ति कम हो जाती है। ऐसी स्थिति में कुछ ऐसे तरीके अपनाने की जरूरत है जिनकी मदद से दिमाग को शांत रखते हुए उसकी कार्य क्षमता बढ़ाई जा सके ।इसके लिए सबसे सरल व महत्त्वपूर्ण प्रकिया है ध्यान व योग।
चाय,काॅफी और फास्टफूड खाने से बचें।इनके स्थान पर संतुलित भोजन लें।ड्राई फ्रूट्स,फल व दूध का सेवन ज्यादा फायदेमंद रहता है। इसलिए अपनी एकाग्रता शक्ति को बढ़ाने के लिए ( to increase concentration power) ध्यान व योग करें।

10.ध्यान व योग करें (Meditate and do yoga)-

कहावत है कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है। ध्यान व योग करने से पढ़ाई करने की क्षमता कई गुना हो जाती है। ध्यान व योग करने से शरीर स्वस्थ रहता है। ध्यान करने से मन एकाग्र होता है।यदि आप योगासन नहीं करना चाहते हैं तो इसके स्थान पर वाकिंग, दौड़ लगाना जैसे व्यायाम कर सकते हैं। ध्यान व योग का प्रभाव सीधे आपके मन पर पड़ता है।मन इधर-उधर नहीं भटकता है।शरीर में आलस्य नहीं आता है तथा दिनभर चुस्ती रहती है।
ध्यान व योग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका रोजाना अभ्यास करने पर दिमाग की शक्ति और ऊर्जा तो बढ़ती ही है साथ ही व्यक्ति मानसिक रूप से मजबूत होता है जिससे वह हर कठिन समस्या को हल करने में समर्थ होता है। ध्यान व योग के द्वारा व्यक्ति में अद्भुत सुधार होता है।
ध्यान से हमारे मस्तिष्क की विभाजित ऊर्जा को एकाग्र करने में सहायता मिलती है।दिनभर के कार्यकलापों तथा सांसारिक प्रपंचों के कारण हमारे मस्तिष्क में विचारों की भिन्न-भिन्न दिशाओं में क्रियाशीलता बंटी हुई रहती है।ध्यान के द्वारा इन विचारों की श्रृंखला को एकाग्र करने में मदद मिलती है।ध्यान के द्वारा हमारा मन एकाग्र हो जाता है।जब हम मन की पूर्ण क्षमता अर्थात् एकाग्र होकर अध्ययन करते हैं तो पढ़ा हुआ लंबे समय तक तथा स्थाई रूप से याद रहता है।
प्रातः काल शौच आदि से निवृत्त होकर सुखासन में बैठकर ध्यान करें।मन को भोहों के मध्य अर्थात भ्रूमध्य मेंं ( जिसे आज्ञा चक्र भी कहते हैं) एकाग्र करने का अभ्यास करें। आज्ञा चक्र में ज्योति स्वरूप प्रकाश की कल्पना करें और एकटक उस पर ध्यान लगाएं।किसी दीपक की ज्योति अथवा सूर्य के प्रकाश का भी ध्यान कर सकते हैं अथवा अपने इष्ट देव का ध्यान कर सकते हैं। प्रारंभ में मन इधर-उधर भटकता है तथा एकाग्र नहीं हो पाता है लेकिन धीरे-धीरे अभ्यास करने से मन एकाग्र होने लगता है तथा एकाग्रता सधने लगती है।एकाग्रता तथा ध्यान से आपकी स्मरण शक्ति बढ़ती है तथा याद किया हुआ लंबे समय तक स्थाई रहता है।
एकाग्रता शक्ति बढ़ाने की 7 टिप्स ( 7 tips to increase concentration power) में यह सातवीं टिप्स है

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