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Singular Solution of Differential Equation

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1 1.अवकल समीकरण का विचित्र हल (Singular Solution of Differential Equation),अवकल समीकरण का व्यापक तथा विचित्र हल (General Solution and Singular Solution of Differential Equation):
1.2 3.अवकल समीकरण का विचित्र हल की समस्याएं (Singular Solution of Differential Equation Problems):

1.अवकल समीकरण का विचित्र हल (Singular Solution of Differential Equation),अवकल समीकरण का व्यापक तथा विचित्र हल (General Solution and Singular Solution of Differential Equation):

अवकल समीकरण का विचित्र हल (Singular Solution of Differential Equation):किसी अवकल समीकरण का वह हल जो उसके व्यापक हल में स्वेच्छ अचर को विशिष्ट मान देने पर प्राप्त नहीं होता, उसकों अवकल समीकरण का विचित्र हल कहते है।
विचित्र हल का ज्यामितीय अर्थ (Geometrical Meaning of Singular Solution):
अवकल समीकरण y=p x+\frac{a}{p} \cdots(1) पर विचार करें।यह क्लैरो का समीकरण है और इसका व्यापक हल:

y=m x+\frac{a}{m} \cdots(2)
है,जहाँ m एक स्वेच्छ अचल है।
m को भिन्न-भिन्न मान देने पर हमारे पास भिन्न हल आएंगे जो कि अवकल समीकरण (1) को सन्तुष्ट करेंगे तथा परवलय
y^{2}=4a x \cdots(3) को स्पर्श करेंगे।
अब परवलय पर एक बिन्दु P(x,y) लें, जिस पर स्पर्श रेखा का समीकरण होगा: y=m x+\frac{a}{m}
अतः P पर परवलय तथा स्पर्श रेखा की दिशा एक है।इसलिए P पर (2) तथा (3) के एक से ,x तथा y हैं।चूँकि P परवलय पर कोई एक बिन्दु है।इससे यह तात्पर्य निकलता है कि y^{2}=4a x  समीकरण (1) का हल है।अतः यह स्वतः सत्य है कि यह हल (2) में विद्यमान नहीं है।
इसलिए y^{2}=4a x जो कि वक्र समूह (2) का अन्वालोप (Envelope) है,अवकल समीकरण (1) का विचित्र हल (Singular Solution) है।
यहां परिणाम व्यापक स्थिति में भी सत्य है।अत: जब भी अवकल समीकरण के व्यापक हल प्रदर्शित वक्रों के समूह (Family of Curves) के अन्वालोप (envelope ) का अस्तित्त्व (Exists) होता है तब अन्वालोप का समीकरण भी अवकल समीकरण का एक हल होता है और इसको समीकरण का विचित्र हल (Singular Solution) कहते हैं।
व्यापक स्थिति में विचित्र हल निकालने की विधि (Singular Solution) कहते हैं।
एक अवकल समीकरण, जिसके विचित्र हल का अस्तित्त्व होता है,उसको पूर्णरूप से हल किया हुआ तब तक नहीं मानते हैं जब तक विचित्र हल भी ज्ञात नहीं कर लिया जाए।विचित्र हल निकालने की दो विधियाँ है:
(1.)अवकल समीकरण के हल द्वारा (Form the General Solution of the differential equation):
(2.)सीधे अवकल समीकरण द्वारा (Direct from the Differential Equation):
(1.)अवकल समीकरण के हल द्वारा (Form the General Solution of the differential equation):
माना \phi\left(x, y, \frac{d y}{d x}\right)=0
एक दिया हुआ समीकरण है और माना कि
f(x,y,c)=0
उसका व्यापक हल है।अब हम अवकल गणित से जानते हैं कि किसी वक्र समूह (Family of Curves) f(x,y,c)=0
का अन्वालोप (Envelope):
f (x,y,c)=0
तथा \frac{\partial}{ \partial c} f(x, y, c) =0 \cdots(2)
में से C का विलोपन करने से प्राप्त पथ (locus) में निहित (Contained) होता है इसको हम C-विवेचक (C-discriminant) भी कहते हैं।माना यह \psi(x, y)=0
है।चूँकि ये वक्र अन्वालोप के अलावा और कोई भी बिन्दुपथ (loci) हो सकते हैं, इसलिए यह आवश्यक है कि इस बात की पुष्टि कर वेनी चाहिए कि प्राप्त वक्र अवकल समीकरण का हल है या नहीं।यदि यह अवकल समीकरण को सन्तुष्ट करता है तो इसको समीकरण का विचित्र हल (Singular Solution) कहेंगे।
(2.)सीधे अवकल समीकरण द्वारा (Direct From the Differential Equation):
चूँकि समीकरण \phi\left(x, y, \frac{d y}{d x}\right)=0 अथवा \phi\left(x, y, p\right)=0 बिन्दु (x,y) से गुजरने वाले वक्र समूह की स्पर्शी (tangents) की प्रवणता (Slope) निश्चित करता है।अतः हम देखते हैं कि किसी बिन्दु P(x,y) पर जो वक्र (3) के ऊपर स्थित है, कम से कम P के दो मान अवश्य एक होने चाहिए।
इसलिए अन्वालोप,अत: विचित्र हल

\phi\left(x, y,p \right)=\frac{\partial}{\partial p} \phi (x, y, p)=0
में से P के विलोपन से प्राप्त बिन्दुपथ में भी निहित होना चाहिए।इसको हम P विवेचक (P-discriminate) भी कहते हैं।
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2.अवकल समीकरण का विचित्र हल के उदाहरण (Singular Solution of Differential Equation Examples):

निम्नलिखित अवकल समीकरणों के व्यापक हल,विचित्र हल तथा बाह्य बिन्दुपथ ज्ञात कीजिए:
(Find the general solu and singular solution of the following differential equations):
Example:1.y=x p+p^{2}
Solution:y=x p+p^{2} \cdots(1)
यह क्लैरो के रूप का समीकरण है अतः

y=c x+c^{2} \cdots(2)
C विवेचक:समीकरण (2).से c-विवेचक सम्बन्ध होगा

B^{2}-4 AC=0 \\ x^{2}-4(1) (-y) =0 \\ \Rightarrow x^{2}+4 y=0
व्यापक हल:y=c x+c^{2}  विचित्र हल: x^{2}+4 y=0
Example:2.y=p x+a \sqrt{(1+p^{2})}
Solution:y=p x+a \sqrt{(1+p^{2})} \cdots(1)

यह क्लैरो के रूप का समीकरण है अतः

y=c x+a \sqrt{\left(1+c^{2}\right)} \cdots(2)
C-विवेचक:समीकरण (2) से c-विवेचक सम्बन्ध होगा

(y-cx)^{2}=a^{2}\left(1+c^{2}\right) \\ \Rightarrow y^{2}+c^{2} x^{2}-2 c x y=a^{2}+a^{2} c^{2} \\ \Rightarrow c^{2}\left(a^{2}-x^{2}\right)+2x y+a^{2}-y^{2}=0 \\ B^{2}-4 A C=0 \\ (2 x y)^{2}-4 \left(a^{2}-x^{2}\right)\left(a^{2}-y^{2}\right)=0 \\ \Rightarrow 4 x^{2}y^{2}-4\left(a^{4}-a^{2} y^{2}-x^{2} a^{2}+x^{2} y^{2}\right)=0 \\ \Rightarrow 4 x^{2}y^{2}-4 a^{4}+4 a^{2} y^{2}+4 a^{2} x^{2} -4x^{2}y^{2}=0 \\ \Rightarrow 4 a^{2} x^{2}+4 a^{2} y^{2}=4 a^{4} \\ \Rightarrow x^{2}+y^{2}=a^{2}
व्यापक हल:y=c x+a \sqrt{\left(1+c^{2}\right)}  विचित्र हल: x^{2}+y^{2}=a^{2}
Example:3.y=2 x p+y^{2} p^{3}
Solution:y=2 x p+y^{2} p^{3} \cdots(1)
उपर्युक्त समीकरण को x के लिए हल करने पर:

2 x p= y -y^{2} p^{3} \\ x=\frac{y}{2 p}-\frac{y^{2} p^{2}}{2} \\ \Rightarrow \frac{d x}{d y}=-\frac{y}{2 p^{2}} \frac{d p}{d y}+\frac{1}{2 p}-yp^{2}-y^{2} p \frac{d p}{d y}\\ \Rightarrow \frac{1}{p}=-\frac{y}{2 p^{2}} \frac{d p}{d y}+\frac{1}{2 p}-y p^{2}-y^{2} p \frac{d p}{d y}\\ \Rightarrow \frac{-1}{2 p}-\frac{y}{2 p 2} \frac{d p}{d y}-y p^{2}-y^{2} p \frac{d p}{d y}=0 \\ \Rightarrow -\frac{1}{2 p}\left(1+\frac{y}{p} \frac{dp}{dy} \right)-y p^{2}\left(1+\frac{y}{p} \frac{d p}{d y}\right)=0 \\ \Rightarrow\left(1+\frac{y}{p} \frac{d p}{d y}\right)\left(-\frac{1}{2 p}-y p^{2}\right)=0 \\ \Rightarrow 1+\frac{y}{p} \frac{d p}{d y}=0 \\ \Rightarrow \frac{1}{p} \frac{d p}{d y}=-\frac{1}{y} \\ \Rightarrow \frac{1}{p} d p=-\frac{1}{y} d y \\ \Rightarrow \log p=-\log y+\log c \\ \Rightarrow p=\frac{c}{y}
P का मान समीकरण (1) में रखने पर:

y= \frac{2 c x}{y}+\frac{c^{3} y^{2}}{y^{3}} \\ \Rightarrow y=\frac{2 c x}{y}+\frac{c^{3}}{y}
व्यापक हल:

\Rightarrow y^{2}=2 c x+c^{3} \cdots(2)
(2) का c के सापेक्ष आंशिक अवकलन करने पर:

0=2 x+3 c^{2} \\ \Rightarrow c^{2}=-\frac{2 x}{3}
(2) का वर्ग करने पर:

y^{4}=4 a^{2} x^{2}+4 c^{4} x+c^{6}
c का मान रखने पर:

y^{4}=4 x^{2}\left(-\frac{2 x}{3}\right)+4 x\left(\frac{4 x^{2}}{9}\right)-\frac{8 x^{3}}{27} \\ y^{4}=-\frac{8 x^{3}}{3}+\frac{16 x^{3}}{9}-\frac{8 x^{3}}{27} \\ \Rightarrow y^{4}=\frac{-72 x^{3}+48 x^{3}-8 x^{3}}{27} \\ \Rightarrow 27 y^{4}=-32 x^{3} \\ \Rightarrow 32 x^{3}+27 y^{4}=0
व्यापक हल:  y^{2}=2 c x+c^{3} विचित्र हल:32 x^{3}+27 y^{4}=0
Example:4.3 y=2 p x-\frac{2 p^{2}}{x}
Solution:3 y=2 p x-\frac{2 p^{2}}{x} \cdots(1)
उपर्युक्त समीकरण को y के लिए हल करने पर:

3 \frac{d y}{d x}=2 p+2 x \frac{d p}{d x}+\frac{2 p^{2}}{x^{2}}-\frac{4 p}{x}\frac{dp}{dx} \\ \Rightarrow 3 p=2 p+2 x \frac{d p}{d x}+\frac{2 p^{2}}{x^{2}}-\frac{4 p}{x} \frac{d p}{d x} \\ \Rightarrow p=2 x \frac{d p}{dx}+\frac{2 p^{2}}{x^{2}}-\frac{4 p}{x} \frac{d p}{d x} \\ \Rightarrow 0=p-\frac{dp}{dx} d x+\frac{2 p^{2}}{x^{2}}-\frac{4 p}{x} \frac{d p}{d x} \\ \Rightarrow 0=1(p-2 x \frac{dp}{dx})+\frac{2 p}{x^{2}}\left(p-2 x \frac{dp}{d x}\right) \\ \Rightarrow 0=\left(p-2 x \frac{d p}{d x}\right)\left(1+\frac{2 p}{x^{2}}\right) \\ p-2 x \frac{d p}{d x}=0 \\ \Rightarrow-2 x \frac{d p}{d x}=-p\\ \Rightarrow \frac{2}{p} d p=\frac{d x}{x}\\ \Rightarrow \int \frac{2}{p} d p=\int \frac{d x}{x}\\ \Rightarrow 2 \log p=\log x+\log c\\ \Rightarrow p^{2}=c x
P का मान समीकरण (1) में रखने पर:

3 y=2 x(\sqrt{c x})-\frac{2}{x}(c x) \\ \Rightarrow 3 y=2 \sqrt{c} x^{\frac{3}{2}}-2 c \\ \Rightarrow (3 y+2 c)^{2}=4 c x^{3} \cdots(2)\\ 2(3 y+2 c) \cdot 2=4 x^{3} \\ \Rightarrow 3 y+2 c=x^{3} \\ \Rightarrow c=\left(\frac{x^{3}}{3}-\frac{3 y}{2}\right)
(2) का c के सापेक्ष आंशिक अवकलन करने पर:

c का मान समीकरण (2) में रखने पर:

{\left[3 y+2\left(\frac{x^{3}}{2}-\frac{3 y}{2}\right)\right]^{2}=4\left(\frac{ x^{3}}{2}-\frac{3 y}{2}\right) x^{3}} \\ \left(3 y+x^{3}-3 y\right)^{2}= \frac{4 \left( x^{3}-3 y\right) x^{3}}{2} \\ \Rightarrow \left(x^{3}\right)^{2}=2 x^{6}-6 y x^{3} \\ \Rightarrow x^{6}-2 x^{6}+6 y x^{3}=0 \\ \Rightarrow -x^{3}+3 y=0 \Rightarrow x^{3}=3 y
व्यापक हल: (3 y+2 c)^{2}=4 c x^{3} विचित्र हल:x^{3}=3 y

Example:5.4 p^{2}=9 x
Solution:4 p^{2}=9 x \cdots(1) \\ \\ p =\frac{3}{2} \sqrt{x} \\ \Rightarrow \frac{d y}{d x}=\frac{3}{2} \sqrt{x} \\ \Rightarrow \int d y =\int \frac{3}{2} \sqrt{x} d x \\ \Rightarrow y+c =x^{\frac{3}{2}} \\ \Rightarrow (y+c)^{2} =x^{3} \cdots(2)
समीकरण (2) का c के सापेक्ष आंशिक अवकलन करने पर:

\Rightarrow 2(y+c)=3 x^{2} \\ \Rightarrow c=\frac{3 x^{2}}{2}-y
c का मान समीकरण (2) में रखने पर:

\left(y+3 x^{2}-y\right)^{2}=x^{3} \\ \Rightarrow\left(\frac{3 x^{2}}{2}\right)^{2}=x^{3} \\ \Rightarrow \frac{9 x^{4}}{4}=x^{3} \\ \Rightarrow x=0
व्यापक हल:(y+c)^{2}=x^{3} विचित्र हल :x=0
Example:6. p^{3}-4 x y p+8 y^{2}=0
Solution: p^{3}-4 x y p+8 y^{2}=0 \cdots(1)  \\ \Rightarrow 4 x y p=8 y^{2}+p^{3} \\ \Rightarrow x=\frac{2 y}{p}+\frac{p^{2}}{4y}

उपर्युक्त समीकरण को x के लिए हल करने पर:

\frac{d x}{d y}=\frac{2}{p}-\frac{2 y}{p^{2}} \frac{d p}{d y}+\frac{p}{2 y} \frac{d p}{d y}-\frac{p^{2}}{4 y^{2}} \\ \frac{1}{p}=\frac{2}{p}-\frac{2 y}{p^{2}} \frac{d p}{d y}+\frac{p}{2 y} \frac{d p}{d y}-\frac{p^{2}}{4 y^{2}}\\ \Rightarrow 0=\frac{1}{p}-\frac{2 y}{p^{2}} \frac{d p}{d y}+\frac{p}{2 y} \frac{d p}{d y}-\frac{p^{2}}{4 y^{2}}\\ \Rightarrow 0=\frac{1}{p}\left(1-\frac{2 y}{p} \frac{dp}{dy} \right)-\frac{p^{2}}{4 y^{2}}\left(1-\frac{2 y}{b} \frac{d p}{d y}\right)\\ \Rightarrow \left(1-\frac{2 y}{p} \frac{d p}{d y}\right)\left(\frac{1}{p}-\frac{p^{2}}{4 y^{2}}\right)=0\\ \Rightarrow 1-\frac{2 y}{p} \frac{d p}{d y}=0\\ \Rightarrow \frac{d p}{d y}=\frac{p}{2 y}\\ \Rightarrow 2 \int \frac{d p}{p}=\int \frac{d y}{y}\\ \Rightarrow 2 \log p=\log y+\log c \\ \Rightarrow p^{2}=c y
p^{2} का मान (1) में रखने पर:

(c y)^{\frac{3}{2}}-4 x y(c y)^{\frac{1}{2}}+8 y^{2}=0 \\ \Rightarrow (c y)^{\frac{1}{2}}(c y-4 x y)=-8 y^{2} \\ \Rightarrow c y \left(c y-4 x y\right)^{2}=64 y^{4} \\ \Rightarrow c y^{2}(c-4 x)^{2}=64 y^{3} \\ \Rightarrow y^{2}=0, c(c-4 x)^{2}=64 y \cdots(3)
C-विवेचक: समीकरण (2) से c विवेचक सम्बन्ध होगा:

B^{2}-4 AC=0 \\ \Rightarrow(-4 x)^{2}-4 \times 1 \times(-64 y)=0 \\ \Rightarrow 16 x^{2}+256 y=0 \\ \Rightarrow x^{2}+16 y=0
व्यापक हल:c(c-4 x)^{2}=64 y विचित्र हल:x^{2}+16 y=0
Example:7.y=-p x+p^{2} x^{4}
Solution:y=-p x+p^{2} x^{4} \cdots(1)
उपर्युक्त समीकरण को y के लिए हल करने पर:

\frac{d y}{d x}=-p-x \frac{d p}{d x}+4 x^{3} p+2 p x^{4} \frac{d p}{d x} \\ \Rightarrow p=-p-x \frac{d p}{d x}+4 x^{3} p^{2}+2 p x^{4} \frac{d p}{d x} \\ \Rightarrow 2 p+x \frac{d p}{d x}-4 x^{3} p^{2}-2 p x^{4} \frac{dp}{dx}=0 \\ \Rightarrow 1\left(2 p+x \frac{d p}{d x}\right)-2 x^{3} p(2 p+x \frac{dp}{dx})=0 \\ \Rightarrow \left(2 p+x \frac{d p}{d x}\right)\left(1-2 x^{2} p\right)=0 \\ 2 p+x \frac{d p}{d x}=0 \\ \Rightarrow x \frac{dp}{d x}=-2 p \\ \Rightarrow \int \frac{d p}{p}=\int \frac{-2 dx}{x} \\ \Rightarrow \log p=-2 \log x+\log C \\ \Rightarrow \log p=\log \left(\frac{c}{x^{2}} \right) \\ \Rightarrow p=\frac{C}{x^{2}}
समीकरण (1) में p का मान रखने पर:

y =-\frac{c}{x^{2}} \cdot x+\left(\frac{c}{x^{2}}\right)^{2} x^{4} \\ \Rightarrow y =-\frac{c}{x}+\frac{c^{2}}{x^{4}} \cdot x^{4} \\ \Rightarrow y =-\frac{c}{x}+c^{2} \\ \Rightarrow x y =-c+c^{2} x \cdots(2)
C-विवेचक:समीकरण (2) से c विवेचक होगा:

\Rightarrow B^{2}-4 A C=0 \\ (-1)^{2}-4(x)(-x y)=0 \\ \Rightarrow 4 x^{2} y + 1=0
व्यापक हल: x y=-c+c^{2} x विचित्र हल: 4 x^{2} y + 1=0
समीकरण (1) से p विवेचक सम्बन्ध होगा:

\Rightarrow B^{2}-4 A C=0 \\ \Rightarrow x^{2}-4 \times x^{4} \times y=0 \\ \Rightarrow x^{2}(1-4y)=0

x=0,p विवेचक में दो बार आया है अतः यह सर्पश बिंदु पथ है 
उपर्युक्त उदाहरणों के द्वारा अवकल समीकरण का विचित्र हल (Singular Solution of Differential Equation),अवकल समीकरण का व्यापक तथा विचित्र हल (General Solution and Singular Solution of Differential Equation) को समझ सकते हैं।

3.अवकल समीकरण का विचित्र हल की समस्याएं (Singular Solution of Differential Equation Problems):

निम्नलिखित अवकल समीकरणों के व्यापक हल, विचित्र हल तथा बाह्य बिन्दुपथ ज्ञात कीजिए:
(Find the general solu and singular solution of the following differential equations):

\text { (1.) } p^{2}(2-3 y)^{2}=4(1-y) \\ \text { (2.) } 8 a p^{3}=27 y \\ \text { (3) }\left(8 p^{3}-27 \right)x=12 p^{2}y
उत्तर (Answers):(1.)व्यापक हल:c^{2}+2 c x+x^{2}-y^{2}(1-y), विचित्र हल:y^{2}(1-y)=0
(2.)व्यापक हल: a y^{2}=(x+c)^{3} ,विचित्र हल:,स्पर्श बिन्दुपथ:2-3y=0,विचित्र हल:y^{4}=0,उभयाग्र पथ:y=0
(3.)व्यापक हल:x^{3}=c(y+c)^{2} ,विचित्र हल:x^{3}(4y^{3}+27 x^{3})=0,उभयाग्र पथ:x=0
उपर्युक्त सवालों के को हल करने पर अवकल समीकरण का विचित्र हल (Singular Solution of Differential Equation),अवकल समीकरण का व्यापक तथा विचित्र हल (General Solution and Singular Solution of Differential Equation) को ठीक से समझ सकते हैं।

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4.अवकल समीकरण का विचित्र हल (Singular Solution of Differential Equation),अवकल समीकरण का व्यापक तथा विचित्र हल (General Solution and Singular Solution of Differential Equation) से सम्बन्धित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.आप एक अवकल समीकरण का व्यापक और विचित्र हल कैसे खोजते हैं? (How do you find the general and singular solution of a differential equation?):

उत्तर:अवकल समीकरण y=(y′)^{2} −3xy′ +3x^{2} का विचित्र हल ज्ञात कीजिए।समीकरण का व्यापक हल ज्ञात और फलन y=Cx+C^{2} +x^{2} द्वारा दिया जाता है।

प्रश्न:2.समाधान के एकवचन होने का क्या अर्थ है? (What does it mean for a solution to be singular?):

उत्तर:एक गणितीय समाधान जिसमें कोई स्वेच्छ अचर नहीं है और एक विशिष्ट हल नहीं है।-विचित्र समाकल भी कहा जाता है।

प्रश्न:3.अवकल समीकरण का विचित्र बिंदु क्या है? (What is singular point of a differential equation?):

उत्तर:विचित्र बिंदु तब होते हैं जब किसी विशिष्ट अवकल समीकरण में गुणांक असीमित हो जाता है।उदाहरण के लिए,इस अवकल समीकरण में।P(x)=\frac{Q(x)}{P(x)}

प्रश्न:4.व्यापक हल क्या है? (What is the general solution?):

उत्तर:(1.)क्रम n के एक साधारण अवकल समीकरण का एक हल जिसमें बिल्कुल n आवश्यक स्वेच्छ अचर शामिल हैं जिसे पूर्ण हल,व्यापक समाकल भी कहा जाता है।(2):एक आंशिक अवकल समीकरण का एक हल जिसमें स्वेच्छ फलन शामिल है।

प्रश्न:5.अवकल समीकरणों के हल कितने प्रकार के होते हैं? (How many types of solutions are there for differential equations?):

उत्तर:हम सभी अवकल समीकरणों को दो प्रकारों में रख सकते हैं:साधारण अवकल समीकरण और आंशिक अवकल समीकरण।एक आंशिक अवकल समीकरण एक अवकल समीकरण है जिसमें आंशिक अवकलज शामिल है।

प्रश्न:6.क्या अवकल समीकरण के दो हल एक दूसरे को पार कर सकते हैं? (Can two solutions to a differential equation cross?):

उत्तर:यदि दो हल एक दूसरे को प्रतिच्छेद करते हैं अर्थात वे दोनों एक ही बिंदु (x, y) से गुजरते हैं,तो पहले क्रम के साधारण अवकल समीकरण के लिए अद्वितीयता (uniqueness) की विफलता होती है।इस प्रकार,अद्वितीयता (uniqueness) की विफलता होगी यदि पहले रूप का समाधान दूसरे समाधान को काटता है।

प्रश्न:7.Clairauts रूप का हल क्या है? (What is the solution of Clairauts form?):

उत्तर:गणित में क्लैरॉट का समीकरण (Clairaut’s equation),y = x(\frac{dy}{dx}) + f(\frac{dy}{dx}) के रूप का एक अवकल समीकरण जहां f(\frac{dy}{dx}) केवल \frac{dy}{dx} का एक फलन है।समीकरण का नाम 18 वीं शताब्दी के फ्रांसीसी गणितज्ञ और भौतिक विज्ञानी एलेक्सिस-क्लाउड क्लैरॉट (Alexis-Claude Clairaut) के नाम पर रखा गया है,जिन्होंने इसे तैयार किया था।

प्रश्न:8.आप रैखिक समीकरणों का वर्णन कैसे करते हैं? (How do you describe linear equations?):

उत्तर:एक रैखिक समीकरण की परिभाषा एक बीजीय समीकरण है जिसमें प्रत्येक पद में एक का चरघातांकी (exponent) होता है और समीकरण के रेखांकन (graphing) का परिणाम एक सीधी रेखा में होता है।रैखिक समीकरण का एक उदाहरण y=mx + b है।ऐसे समीकरण का आलेख एक सीधी रेखा होता है यदि दो चर हों।

प्रश्न:9.आप एक अनियमित विचित्र बिंदु को कैसे हल करते हैं? (How do you solve an irregular singular point?):

उत्तर:ओडीई के नियमित और अनियमित विचित्र बिंदु
चूँकि p_{2}(x) विचित्र है लेकिन xP_{0}(x) = -1,x_{0} =0 पर विश्लेषणात्मक है (और सभी x के लिए), x_{0} एक नियमित विचित्र बिंदु है।बिंदु t_{0} = 0 एक अनियमित विचित्र बिंदु है क्योंकि t^{2}p_{0}(t),t = 0 पर विचित्र है।इस प्रकार x_{0}=∞ एरी के समीकरण का एक अनियमित विचित्र बिंदु है।

प्रश्न:10.आप एक नियमित एकवचन बिंदु कैसे दिखाते हैं? (How do you show a regular singular point?):

उत्तर:बिंदु a एक नियमित विचित्र बिंदु है यदि p_{1}(x) में x=a पर क्रम 1 तक का ध्रुव है और p_{0} में x = a पर क्रम का ध्रुव 2 तक है।अन्यथा बिंदु a एक अनियमित विचित्र बिंदु है।

प्रश्न:11.व्यापक हल और विशिष्ट हल क्या है? (What is general solution and particular solution?):

उत्तर:जब व्यापक हल का स्वेच्छ अचर कुछ अद्वितीय मान लेता है, तो समाधान समीकरण का विशिष्ट हल बन जाता है।सीमा शर्तों (प्रारंभिक स्थितियों के रूप में भी जाना जाता है) का उपयोग करके एक अवकल समीकरण का विशिष्ट हल प्राप्त किया जाता है।

प्रश्न:12.आप एक व्यापक हल कैसे हल करते हैं? (How do you solve a general solution?):

उत्तर:तो अवकल समीकरण का व्यापक हल IQ को समाकलन करके और फिर y को विषय (subject) बनाने के लिए सूत्र को फिर से व्यवस्थित करके पाया जाता है।x^{3} \frac{dy}{dx} +3x^{2}y=e^{x} इसलिए दोनों पक्षों को समाकलन करने पर हमें x^{3}y = e^{x} + c प्राप्त होता है जहां c एक अचर है। इस प्रकार व्यापक हल y = e^{x}+ cx^{3} है।

प्रश्न:13.क्या अवकल समीकरण का अद्वितीय हल होता है? (Does differential equation have unique solution?):

उत्तर:यह जानना कि एक अवकल समीकरण का एक अद्वितीय हल होता है,कभी-कभी वास्तव में समाधान होने से कहीं अधिक महत्वपूर्ण होता है!इसके बाद,यदि प्रमेय में अंतराल सबसे बड़ा संभव अंतराल है जिस पर p(t) और g(t) संतत हैं तो अंतराल समाधान के लिए वैधता का अंतराल है।

प्रश्न:14.जब एक अवकल समीकरण का एक अद्वितीय हल होता है? (When a differential equation has a unique solution?):

उत्तर:c_{1}L(y_{1}) + c_{2} L(y_{2}) = 0 + 0 = 0।इसका एक अद्वितीय हल है यदि और केवल अगर मैट्रिक्स (matrix) का सारणिक (determinant) शून्य नहीं है।इस सारणिक (determinant) को व्रोनस्कियन (Wronskian) कहा जाता है।

प्रश्न:15.इसे रैखिक समीकरण क्यों कहा जाता है? (Why is it called linear equation?),इसे रैखिक समीकरण क्यों कहा जाता है? (Why is it Called a Linear Equation?):

उत्तर:इसे एक रेखीय समीकरण कहा जाता है,क्योंकि यदि आप दिए गए समीकरण के ग्राफ़ को चर x और y के साथ x और y के रूप में अक्षों के साथ आलेखित करने का प्रयास करते हैं, तो आपको अपने परिणाम के रूप में एक रेखा प्राप्त होगी।अतः इसे रैखिक समीकरण कहते हैं।

प्रश्न:16.अनियमित विचित्र बिंदु का क्या अर्थ है? (What is the meaning of irregular singular point?):

उत्तर:एक विचित्र बिंदु जो नियमित विचित्र बिंदु नहीं है, अनियमित विचित्र बिंदु कहलाता है।विचित्र बिंदुओं को परिभाषित करने का दूसरा तरीका यह कहना है।(x - x_{0})p(x) और (x - x_{0})^2।दोनों में x_{0} पर हटाने योग्य (निराकरणीय) असंततता है।

प्रश्न:17.नियमित विचित्र बिंदुओं से क्या तात्पर्य है? (What is meant by regular singular points?):

उत्तर:दूसरे क्रम के साधारण अवकल समीकरण पर विचार करें।यदि और पर परिमित रहता है,तो एक साधारण बिंदु कहलाता है।यदि दोनों में से कोई एक या के रूप में विचलन करता है,तो उसे विचित्र बिंदु कहा जाता है।यदि या तो या के रूप में विचलन करता है और के रूप में परिमित रहता है, तो।एक नियमित विचित्र बिंदु (या अनावश्यक विचित्रता) कहा जाता है।

प्रश्न:18.विचित्र बिंदु कितने प्रकार के होते हैं? (How many types of singular points are there?):

उत्तर:सम्मिश्र तल में मूल रूप से तीन प्रकार की विचित्रताएं होती हैं (ऐसे बिंदु जहां f(z) विश्लेषणात्मक नहीं है)।फ़ंक्शन f(z) की एक वियुक्त विचित्रता (isolated singularity) एक बिंदु z_{0} इस प्रकार है कि f(z) पंचर डिस्क पर विश्लेषणात्मक है 0 < |z - z_{0}| < r लेकिन z = z_{0} पर अपरिभाषित है।

प्रश्न:19.आपको कैसे पता चलेगा कि विचित्र और अनियमित बिंदु नियमित हैं? (How do you know if singular and irregular points are regular?):

उत्तर:नियमित विचित्र बिंदु \frac{Q(x)}{P(x)} और \frac{R(x)}{P(x)} के अनुपात में अच्छी तरह से व्यवहार और परिभाषित होते हैं,जहां P(x),Q(x) और R(x) आप जिस अवकल समीकरण को हल करने का प्रयास कर रहे हैं,उसमें बहुपद गुणांक हैं।अनियमित विचित्र बिन्दु एक पूरी तरह से अलग गेंद का खेल है-और एक जिसे मैं इस अध्याय में नहीं समझता।

प्रश्न:20.एक अद्वितीय समाधान क्या है? (What is a non unique solution?):

उत्तर:समाधानों की गैर-अद्वितीयता (Non-uniqueness) निचले और ऊपरी समाधानों α और β के बीच उनमें से किसी एक को किसी अन्य से बड़ा खोजने की समस्या उत्पन्न करती है।इसी तरह, किसी अन्य की तुलना में छोटे समाधान की तलाश करना उचित है।ऐसे समाधानों को अधिकतम (maximal) और न्यूनतम समाधान (minimal solutions) कहा जाता है।

प्रश्न:21.किसी फ़ंक्शन का विचित्र बिंदु क्या है? (What is a singular point of a function?):

उनकी:सम्मिश्र चर z के एक फलन की विचित्रता,जिसे विचित्र बिंदु भी कहा जाता है,एक ऐसा बिंदु है जिस पर यह विश्लेषणात्मक नहीं है (अर्थात, फ़ंक्शन को z की घातों में अनंत श्रृंखला के रूप में व्यक्त नहीं किया जा सकता है) हालांकि, स्वेच्छ ढंग से करीब बिंदुओं पर विचित्रता,फ़ंक्शन विश्लेषणात्मक हो सकता है,जिस स्थिति में इसे an कहा जाता है

प्रश्न:22.समाधान न होने का सूत्र क्या है? (What is the formula for no solution?):

उत्तर:स्थिति 2. यदि (\frac{a_{1}}{a_{2}})=(\frac{b_{1}}{b_{2}})=(\frac{c_{1}}{c_{2}}), तो कोई हल नहीं होगा।इस प्रकार के समीकरण को रैखिक समीकरणों का असंगत युग्म (inconsistent pair) कहा जाता है।

प्रश्न:23.अनंत समाधान का प्रतीक क्या है? (What is the symbol for infinite solutions?):

उत्तर:प्रतीक ∞
कभी-कभी हम अनंत समाधानों का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रतीक ∞ का उपयोग करते हैं,जिसका अर्थ है अनंत
आप विचित्रताओं को कैसे वर्गीकृत करते हैं?
अनिवार्य विचित्रताओं (essential singularities),अनन्तक (poles),(Isolated singularities),आवश्यक विचित्रताओं,लघुगणकीय विचित्रताओं (logarithmic singularities)या निराकरणीय विचित्रताओं (removable singularities) के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है।प्राकृतिक सीमाओं (natural boundaries) या शाखा कट के रूप में अवियुक्त विचित्राएं (Nonisolated singularities) उत्पन्न हो सकती हैं।एक नियमित विचित्र बिंदु (या अनावश्यक विचित्रता (nonessential singularity)) कहा जाता है।
उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा अवकल समीकरण का विचित्र हल (Singular Solution of Differential Equation),अवकल समीकरण का व्यापक तथा विचित्र हल (General Solution and Singular Solution of Differential Equation) के बारे में ओर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा अवकल समीकरण का विचित्र हल (Singular Solution of Differential Equation),अवकल समीकरण का व्यापक तथा विचित्र हल (General Solution and Singular Solution of Differential Equation) के बारे में ओर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं

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