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Mathematics Preparation 2026 Near Exam

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1.परीक्षा के निकट गणित की तैयारी 2026 (Mathematics Preparation 2026 Near Exam),अन्तिम समय में बोर्ड परीक्षा के लिए गणित की तैयारी कैसे करें? (How to Prepare for Mathematics for Board Exams at Last Minute?):

  • परीक्षा के निकट गणित की तैयारी 2026 (Mathematics Preparation 2026 Near Exam) बिना योजना और रणनीति के नैया पार नहीं लगा सकती है।बोर्ड एवं कॉलेज के परीक्षार्थी अधिकांश गणित,विज्ञान,भौतिकी आदि विषयों की तैयारी में कठिनाई महसूस करते हैं।आइए हम आपकी इस कठिनाई को हल करने में मदद करते हैं।
  • आपको यह जानकारी रोचक व ज्ञानवर्धक लगे तो अपने मित्रों के साथ इस गणित के आर्टिकल को शेयर करें।यदि आप इस वेबसाइट पर पहली बार आए हैं तो वेबसाइट को फॉलो करें और ईमेल सब्सक्रिप्शन को भी फॉलो करें।जिससे नए आर्टिकल का नोटिफिकेशन आपको मिल सके।यदि आर्टिकल पसन्द आए तो अपने मित्रों के साथ शेयर और लाईक करें जिससे वे भी लाभ उठाए।आपकी कोई समस्या हो या कोई सुझाव देना चाहते हैं तो कमेंट करके बताएं।इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें।

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2.गणित विषय में कठिनाई का बिंदु (Difficulty point in mathematics subject):

  • गणित ही नहीं बल्कि सभी विषयों में छात्र-छात्राएं यह कठिनाई महसूस करते हैं कि वे निबन्धात्मक प्रश्नों व सवालों को तो पाठ्यपुस्तक की मदद से हल कर लेते हैं या तैयारी कर लेते हैं परंतु वस्तुनिष्ठ (एमसीक्यू टाइप),रिक्त स्थानों की पूर्ति वाले तथा लघुत्तरात्मक प्रश्नों व सवालों की तैयारी नहीं कर पाते हैं क्योंकि पाठ्यपुस्तकों में ऐसे प्रश्नों व सवालों का अभाव रहता है या फिर फुटकर रूप से ही दिए हुए होते हैं।
  • वस्तुनिष्ठ व लघुत्तरात्मक प्रश्न व सवाल अक्सर थ्योरी में से बनाकर दिए जाते हैं।परीक्षा के निकट पूरी थ्योरी को तथा एक-एक बिंदु को पढ़ना संभव नहीं होता है।यहां तक की बनाए हुए नोट्स भी पूरी तरह पढ़े नहीं जा सकते हैं।
    इन प्रश्नों व सवालों को हल करने की कुछ तकनीक है जिसे आप अपनाएंगे तो वस्तुनिष्ठ व लघुत्तरात्मक प्रश्नों व सवालों के जवाब आसानी से दे पाएंगे।पहला तरीका तो यह है कि मॉडल पेपर्स,डेस्वर्क,प्रैक्टिस सेट हल करें,परीक्षा के निकट इनको कम समय में आसानी से हल कर सकते हैं।
  • दूसरा तरीका यह है की रैंकिंग टेस्ट,मासिक टेस्ट,पाक्षिक टेस्ट,वीकली टेस्ट,प्री बोर्ड आदि में रुचिपूर्वक भाग लें और उनसे वस्तुनिष्ठ व लघुत्तरात्मक प्रश्नों व सवालों को हल करें,लर्न करें।ये टेस्ट पेपर्स बोर्ड परीक्षाओं,कॉलेज परीक्षाओं को ध्यान में रखकर ही बनाए जाते हैं।
  • अब कॉलेज परीक्षार्थियों की परीक्षाओं में निबन्धात्मक प्रश्नों व सवालों को लघुत्तरात्मक बनाकर पूछ लिए जाते हैं।पहले जहां एक बड़ा प्रश्न या सवाल पूछा जाता था वहां अब एक निबन्धात्मक प्रश्न या सवाल की जगह तीन चार लघुत्तरात्मक प्रश्न व सवाल (a),(b),(c),(d) भाग करके दे दिए जाते हैं।अतः उन्हें भी वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की तैयारी करनी पड़ती है।मसलन (a) पार्ट में परिभाषा पूछ ली,(b) में उस पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखने को कहा जा सकता है,(c) में प्रमेय का कथन पूछ लिया जाए और (d) में सूत्र लिखने को या उस सिद्धांत के आविष्कारकर्ता के बारे में पूछ लिया जाता है।
  • तीसरा तरीका यह है कि आप कुछ समय थ्योरी से स्वयं प्रश्न बनाएं या जो नोट्स बनाए हैं उनसे स्वयं प्रश्न बनाकर उन्हें याद करें।अलग-अलग एंगल से प्रश्न तैयार करें और उनके उत्तर देने की कोशिश करें।
    चौथा तरीका यह है कि आप अपने ट्यूटर,कोचिंग शिक्षक या विद्यालय शिक्षक से कहें कि वे वस्तुनिष्ठ व लघुत्तरात्मक प्रश्न व सवाल बनाकर आपको दें और उन्हें आप हल करें,उनका अभ्यास करें।
  • आप स्वयं कैसे प्रश्न व सवाल बना सकते हैं।जैसे द्विघात समीकरण में पूछा जा सकता है कि विविक्तिकर क्या होता है? श्रीधराचार्य सूत्र का अन्य नाम क्या है? द्विघात समीकरण व शुद्ध द्विघात समीकरण में क्या अंतर है?द्विघात समीकरण से क्या आशय है? आदि।
  • अंतिम तरीका यह है कि इस वेबसाइट पर भी एमसीक्यू टाइप,रिक्त स्थानों की पूर्ति वाले तथा लघुत्तरात्मक प्रश्नों व सवाल बनाकर पोस्ट किए जाते हैं।इसके अलावा हर लेख में लघुत्तरात्मक प्रश्न अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न नीचे FAQ (Frequently Asked Questions) दिए हुए हैं।इनको पढ़कर आप वस्तुनिष्ठ व लघुत्तरात्मक प्रश्नों व सवालों की मजबूत तैयारी कर सकते हैं।

3.कठिन सवालों को हल करने का तरीका (How to solve difficult questions):

  • छात्र-छात्राएँ कठिन सवालों पर मजबूत पकड़ नहीं बना पाते हैं,वे इन्हें हल करते हैं तो कुछ समय बाद फिर भूल जाते हैं।ऐसे कठिन सवालों को हल करने के लिए कुछ उपाय करने होंगे।कठिन सवालों को पाठ्यपुस्तक में चिन्हित कर लें और फिर उनका बार-बार अभ्यास करें।टेस्ट दें,मूल्यांकन करें और फिर से रिहर्सल करें,इस प्रकार बार-बार रिवीजन करने,हल करने से उन पर मजबूत पकड़ बनाई जा सकती है।
  • छात्र-छात्राएं ऐसे सवालों को हल करने में अक्सर एक त्रुटि करते हैं।कठिन सवालों को शिक्षक से या मित्रों से पूछने या नोटबुक में हल करवाने के बाद यह समझ लेते हैं कि उन्होंने उस सवाल या उन सवालों को समझ लिया है।पर अक्सर ऐसा होता नहीं है,कुछ छात्र-छात्राएं उनके किए गए हल को पढ़कर इतिश्री कर देते हैं।जब टेस्ट में वही सवाल पूछा जाता है तो वह उसे हल नहीं कर पाते हैं।प्रश्न-पत्र या टेस्ट देने के बाद उस प्रश्न-पत्र को पुनः घर पर हल नहीं करते हैं या टेस्ट में हल नहीं कर पाने वाले सवालों को हल नहीं करते हैं,इस प्रकार उनके टेस्ट देने का कोई खास फायदा नहीं होता है।
  • अतः छात्र-छात्राओं को कठिन सवालों को,प्रमेय को किसी से भी पूछें तो उसके बाद उसे पढ़ें,समझें और फिर बिना देखे उनको हल करें।टेस्ट में जो सवाल नहीं कर पाएं हों,उन्हें घर पर अवश्य हल करें।पाठ्यपुस्तक में चिन्हित कठिन सवालों को अवश्य हल करते रहें,बार-बार अभ्यास करें।कठिन सवालों,प्रमेयों और समस्याओं का एक नियमित अंतराल पर हल करते रहें,सतत अभ्यास करें,पूरी गंभीरता और एकाग्रता के साथ हल करेंगे तो निश्चित रूप से आप अपने आपकी मजबूत स्थिति बना लेंगे।
  • बोर्ड या कॉलेज परीक्षाओं में प्रश्न-पत्र सरल अथवा कठिन अथवा पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्र से बिल्कुल हटकर अर्थात् किसी भी तरह से आ सकता है।अतः  अभी से हर प्रकार के प्रश्नों व सवालों तथा प्रमेयों को हल करने का अभ्यास करें।कठिन प्रश्न-पत्र आने पर धैर्य न खोएं।शांतिपूर्वक उस पर कुछ समय विचार करें और एक-एक सवाल को हल करते जाएं।यदि आपने सत्रारम्भ से तैयारी की है तो आप देखेंगे कि सवाल हल होते जाएंगे।लेकिन इसके लिए आपको अपने आप पर विश्वास बनाए रखना होगा,धैर्य रखना होगा।छात्र-छात्राओं को यह ध्यान रखना चाहिए कि गणित में अभ्यास करने मात्र से दक्षता हासिल नहीं की जा सकती है।जब तक आपके अंतर्चक्षु न खुले,आपको अंतर्ज्ञान ना हो,आप में सृजनात्मक क्षमता का विकास ना हो,आप प्रगतिशील न होंगे तब तक गणित में महारत हासिल करना मुश्किल है।केवल अभ्यास करते रहने से छात्र-छात्राओं में बोरियत महसूस होती है।यह तो परीक्षा में अच्छे अंकों का आकर्षण है जो छात्र-छात्राओं को बार-बार अभ्यास करने के लिए प्रेरित करता हैं और ऐसे छात्र-छात्राएँ तैयारी करने में जुटे रहते हैं।

4.गणित से डरे नहीं (Don’t be afraid of math):

  • सत्र खत्म होने को आया और परीक्षाएँ सिर पर हैं,छात्र-छात्राएं परीक्षा के नाम से भयभीत हो जाते हैं।एक-एक करके दिन निकलते जा रहे हैं।घबराहट भी है।विशेषकर गणित विषय को लेकर विद्यार्थियों में घबराहट देखने को मिलती है।अधिकांश विद्यार्थियों के मन में एक ही प्रश्न कौंधता है कि वह मैथ्स से कैसे पार पाएं,यह उधेड़बुन चलती रहती है।जबकि गौर से देखा जाए तो गणित ही ऐसा विषय है जिसमें शतप्रतिशत अंक प्राप्त किये जाते हैं,किये जा सकते हैं,जो पूरे परिणाम को बेहतर बनाने में योगदान देते हैं।आइए कुछ और टिप्स जानते हैं जिससे गणित को सहज और रुचिकर बनाकर गणित विषय में अच्छे अंक प्राप्त किये जा सकें।
  • गणित विषय की पढ़ाई अन्य विषयों की तरह न करें।अन्य विषय पढ़कर स्मृति में सँजोए जाते हैं जबकि गणित विषय नोटबुक में अभ्यास करने से समझ में आता है।नोटबुक में निर्धारित स्टेप्स के साथ-साथ बीच-बीच में जिन अन्य सर्वसमिकाओं का प्रयोग किया हो उसे दायीं ओर ब्रैकेट में या उसके नीचे ब्रैकेट में लिखना चाहिए।
  • नियमित रूप से गणित का रोजाना अभ्यास करेंगे तो आप भूलेंगे नहीं।इससे आपके सवाल हल करने की गति तो बढ़ेगी ही साथ ही सवाल को हल करने में होने वाली काँट-छाँट भी कम से कम होती जाएगी।इसका फायदा आपको परीक्षा प्रश्न-पत्र में मिलेगा।
  • गणित के सवालों के हल,बिना देखे हल करने का अभ्यास करें।यदि सवाल का हल नहीं सूझ रहा हो तो मस्तिष्क पर तनिक जोर डालें,कुछ पल सोचें और फिर हल करने का प्रयास करें।गणित की डेस्क वर्क,गत वर्षो के प्रश्न-पत्र,मॉडल पेपर्स,मॉक टेस्ट आदि के द्वारा गलतियां कम होने के साथ-साथ तय समय सीमा में हल करने से आत्मविश्वास बढ़ेगा।
    अब परीक्षा का समय निकट हैं अतः इस समय ऐसे चैप्टर को हल करना बुद्धिमानी नहीं है जो आपकी समझ से बाहर है।हालांकि कुशल अध्यापक की सहायता से हल करने में कोई बुराई नहीं है।
  • कठिन सवालों,कठिन प्रमेयों का फोबिया अपने ऊपर हावी रखने का मतलब है कि अन्य सवालों पर भी इसका बुरा असर पड़ना।हर हाल में डिप्रेशन की इस स्थिति से स्वयं को बचाए रखना चाहिए।सकारात्मक विचार रखें,मन में नकारात्मक विचारों को प्रश्रय न दें।याद रखें जो शीर्ष पर होते हैं उन्हें भी सब कुछ नहीं आता है।कोई भी गणित का छात्र-छात्रा पूर्ण नहीं होता है,हालांकि सभी पूर्ण होने का प्रयास करते हैं।
  • सवालों का हल करने के लिए उत्तर-पुस्तिका में रफ कार्य के लिए भी कुछ पृष्ठ होते हैं।कभी-कभी परीक्षक रफ वर्क पर भी नजर डाल लेते हैं कि छात्र-छात्रा ने सवाल को हल करने के लिए क्या मेथड अपनाया है। अतः रफ वर्क में भी सवाल का नंबर डालना चाहिए और उसमें भी बेसिक्स का ध्यान रखना चाहिए।
  • गणित में सही उत्तर लिखने मात्र से ही पूरे अंक नहीं मिल जाते हैं बल्कि प्रश्न के हल में सारे निर्धारित स्टेप्स को फॉलो करने पर ही पूरे अंक मिलते हैं।
  • कई बार छात्र-छात्रा प्रश्न ही गलत उतार लेते हैं या उत्तर के साथ यूनिट्स नहीं लिखते हैं।अतः प्रत्येक स्टेप्स लिखने से अंतिम उत्तर तक प्लस,माइनस,दशमलव और यूनिट्स के बारे में अतिरिक्त सतर्कता बरतें।जरा सी चूक संपूर्ण प्रश्न के अंकों को शून्य में बदलने के लिए पर्याप्त हो सकती है।

5.गणित की तैयारी हेतु कुछ अन्य फुटकर टिप्स (Some other tips for math preparation):

  • काँट-छाँट या ओवरराइट करने से पूरी तरह से बचें।ऐसा करने से शिक्षक या परीक्षक ही नहीं आप स्वयं भी गणना या अंकों की पहचान करने के बारे में भ्रमित हो सकते हैं और अनजाने में गलतियां कर सकते हैं।यदि काँट-छाँट हो भी जाती है तो पूरी पंक्ति या स्टेप्स को काटकर अगली पंक्ति में साफ़-साफ़ लिखना ज्यादा ठीक होगा।
  • प्रश्न-पत्र पढ़ते समय इस बात से बिल्कुल नहीं घबराएँ कि आपको कई सवाल कठिन दिख रहे हैं।पहले इत्मीनान से आसान प्रश्नों को हल करें,इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा।इसके बाद तसल्ली से कठिन सवालों को हल करने की शुरुआत करें।इस दौरान आत्मविश्वास को बनाए रखें।
  • गणित में रटने की कला बिल्कुल भी कारगर नहीं है।थ्योरी,सूत्रों को समझें और सवालों को हल करने का प्रयास करें।अच्छी तरह समझने और उसके उत्तर की थीम मस्तिष्क में सँजोने के बाद लिखने की शुरुआत करें।
  • गणित में फॉर्मूलों का बहुत अधिक महत्त्व होता है अतः फॉर्मूलों को याद कर लें।सीधे सवालों को हल करने का अभ्यास न करें।जहां भी जो भी फार्मूला इस्तेमाल कर रहे हैं,उसे अवश्य लिखें।बिना फाॅर्मूले का जिक्र किए सीधे सवाल को हल करना परीक्षक के लिए उलझन पैदा कर सकता है।
  • यों तो सुबह का समय अध्ययन करने के लिहाज से सर्वोत्तम समय है परंतु अब परीक्षा के निकट दिनचर्या में बदलाव करना ठीक नहीं है।क्योंकि बॉडी किसी भी बदलाव के लिए एकदम से फिट नहीं होती है,रिएक्शन देती है।बॉडी को बदलाव के अनुकूल एडजस्ट करने में कुछ समय लगता है जो कि अध्ययन में बाधा पैदा कर सकता है।दिनचर्या में कोई भी बदलाव सत्रारम्भ से ही करना चाहिए।
  • गणित या अध्ययन के साथ-साथ नींद,एक्सरसाइज और पौष्टिक भोजन जैसी चीजें भी उसी के पहलू हैं।अगर आप अध्ययन ही करते रहेंगे पर्याप्त नींद नहीं लेंगे तथा स्वास्थ्य के लिए थोड़ा बहुत कसरत ना करें तो यह ठीक नहीं होगा।नींद नहीं लेंगे तो मानसिक असंतुलन,तनाव या चिडचिडाहट अथवा अन्य समस्याएं पैदा होंगी।एक्सरसाइज जैसे योगासन-प्राणायाम,ध्यान या दौड़ लगाना आपको पूरे दिन एक्टिव रखता है।ध्यान से एकाग्रता सधती है।नींद से पर्याप्त विश्राम मिलता है,पढ़ा हुआ ठीक से याद रहता है,तनाव हावी नहीं होता है।वैसे भी यह सर्दी का मौसम है,इस मौसम में थोड़ी सी भी लापरवाही आपके स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है।सर्दी,जुकाम या ठंड पकड़ लेने से अध्ययन प्रभावित होगा,स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाएगा।अतः भोजन सात्विक लें,पर्याप्त नींद लें तथा गर्म कपड़े पहने,सर्दी-जुकाम से बचने के लिए योगासन या दौड़ लगाने जैसी एक्सरसाइज कर सकते हैं।
  • स्वास्थ्य प्रभावित होते ही आपकी पूरी पढ़ाई पर पानी फिर सकता है।स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है।ये छोटी-छोटी बातें हैं परंतु ये पढ़ाई में बहुत बड़ी भूमिका निभाती है।मौसम के अनुकुल ही भोजन ग्रहण करें।इस मौसम में ज्यादा ठंडा,ठंड करने वाला भोजन ग्रहण न करें।
  • मेमोरी बढ़ाने के लिए लगातार न पढ़ते रहे बल्कि बीच-बीच में ब्रेक दें तथा रिकॉल करते रहें,रिवीजन करते रहें।बहुत अधिक समय पढ़ना मायने नहीं रखता है,जितनी क्षमता है,जितना याद रखा जा सकता है उतना ही और उतनी ही देर पढ़ें।अध्ययन के प्रति लगन और रुचि बने रहे इसके लिए कुछ आध्यात्मिक साहित्य का अध्ययन करें।
  • उपर्युक्त आर्टिकल में परीक्षा के निकट गणित की तैयारी 2026 (Mathematics Preparation 2026 Near Exam),अन्तिम समय में बोर्ड परीक्षा के लिए गणित की तैयारी कैसे करें? (How to Prepare for Mathematics for Board Exams at Last Minute?) के बारे में बताया गया है।

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6.नकल करने वाले छात्र को सजा (हास्य-व्यंग्य) (Punishing student for cheating) (Humour-Satire):

  • सोनू को परीक्षा में किसी भी सवाल का उत्तर नहीं आ रहा था,अतः वह नकल करने लगा।अचानक चेकिंग टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
  • जज ने उससे पूछा तुमने नकल क्यों की।
  • उसने कहाःहोई है वही जो राम रचि राखा,का करी तर्क बढ़ावही साका।
  • जज ने उसे दंडित करते हुए कहा कि कर्म प्रधान विश्व करि राखा जो जस करही तस फल चाखा।

7.परीक्षा के निकट गणित की तैयारी 2026 (Frequently Asked Questions Related to Mathematics Preparation 2026 Near Exam),अन्तिम समय में बोर्ड परीक्षा के लिए गणित की तैयारी कैसे करें? (How to Prepare for Mathematics for Board Exams at Last Minute?) से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.अध्ययन कक्ष कैसा होना चाहिए? (What should the study room be like?):

उत्तर:अध्ययन कक्ष ऐसा होना चाहिए जिसमें वातावरण शांत हो,ध्यान न बँटे,एकाग्रता बनी रहे।

प्रश्न:2.बोरियत से कैसे बचें? (How to avoid boredom?):

उत्तर:बोरियत,ऊब से बचने के लिए कुछ समय हाॅबी जैसे सत्साहित्य पढ़ना,म्यूजिक या भजन सुनना,थोड़ी देर टहलना आदि को देना चाहिए।

प्रश्न:3.गणित पर मजबूत पकड़ कैसे हों? (How to have a strong grasp of math?):

उत्तर:अपनी पुरानी असफलता के बारे में न सोचें,भविष्य के रिजल्ट के बारे में भी चिंतित होने की जरूरत नहीं है।गणित में वीक पॉइंट्स को पहचान कर उसे दूर करने की कोशिश करें।

  • उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा परीक्षा के निकट गणित की तैयारी 2026 (Mathematics Preparation 2026 Near Exam),अन्तिम समय में बोर्ड परीक्षा के लिए गणित की तैयारी कैसे करें? (How to Prepare for Mathematics for Board Exams at Last Minute?) के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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