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Failure in 10th will consider as pass

1.10 वीं में फेल को पास माना जाएगा का परिचय (Introduction to Failure in 10th will consider as pass)-

10 वीं में फेल को पास माना जाएगा (Failure in 10th will consider as pass) , सीबीएसई ने सत्र 2019-20 से यह बदलाव किया है। पूर्व में जो छात्र मैथ्स, साइंस और सोशल साइंस में एक विषय में भी फेल हो जाता था तो उसे कंपार्टमेंटल परीक्षा के साथ फेल होने वाले पेपर की परीक्षा देनी होती थी।
परन्तु इन तीनों विषयों में किसी एक विषय में 10 वीं में फेल को पास माना जाएगा (Failure in 10th will consider as pass) लेकिन शर्त यह है कि 10वीं में छठे विषय के रूप में स्किल सब्जेक्ट को चुना हो यानि ये फायदा स्किल सब्जेक्ट चुनने वाले छात्रों को ही मिल पाएगा।
सीबीएसई बोर्ड द्वारा इस प्रकार के प्रगतिशील तथा छात्रों के हित में ओर भी कई निर्णय लिए गए हैं। जैसे दसवीं बोर्ड में मैथ के दो पेपर स्टैंडर्ड मैथ तथा बेसिक मैथ करने का निर्णय। इसमें स्टैंडर्ड मैथ का डिफीकल्टी लेवल ज्यादा था जबकि बेसिक मैथ का डिफीकल्टी लेवल कम था।इसी प्रकार दसवीं बोर्ड में गणित में प्रैक्टिकल लेने का निर्णय।
इन तीन विषयों मैथ, साइंस और सोशल साइंस में किसी एक विषय में अनुत्तीर्ण होने पर उसको उत्तीर्ण मानने से निश्चित रूप से बोर्ड का रिजल्ट बढ़ेगा।यह निर्णय इसी सत्र अर्थात् 2019-20 से ही लागू होगा।
लाॅकडाउन बढ़ने के साथ ही 10वीं कक्षा की परीक्षा देने वाले छात्रों का रिजल्ट को लेकर इन्तजार बढ़ता जा रहा है। लेकिन इस खबर से 10वीं के बहुत से छात्रों के लिए राहत की खबर आई है।बोर्ड के जिन छात्रों ने छठे विषय के रूप में स्किल विषय को चुना है, उन्हें फायदा होने वाला है।
अब तक मुख्य विषय में फेल होने वाले विद्यार्थियों को कंपार्टमेंटल परीक्षा देनी होती थी।
छात्रों को स्किल विषय रखने का अवसर दिया है,जो छात्र स्किल विषय रखेंगे उन्हें बोर्ड परीक्षा में किसी एक विषय में फेल होने पर स्किल विषय से रिप्लेस करने का मौका मिलेगा अर्थात् 10 वीं में फेल को पास माना जाएगा (Failure in 10th will consider as pass)।
10वीं बोर्ड की उत्तरपुस्तिकाओं की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।ऐसी स्थिति में दिल्ली को छोड़कर देशभर में 10वीं परीक्षा का रिजल्ट जून के अन्त तक आ सकता है।
इस प्रकार सीबीएसई के इस बार इस नियम में बदलाव करने से पासिंग परसेंटेज बढ़ने की पूरी-पूरी संभावना है।
बहुत से छात्रों के मन में यह विचार मंथन चल रहा था कि 10वी में किसी पेपर में फेल होने पर क्या होगा?उनकी परीक्षा कब आयोजित होगी।इस प्रकार की अनिश्चय की स्थिति में छात्र कुछ भी निर्णय लेने में समर्थ नहीं थे।
परन्तु अब छात्रों में राहत मिलेगी जिन्होंने छठे विषय के रूप में स्किल सब्जेक्ट का चुनाव किया है।इस स्किल सब्जेक्ट को फेल होने वाले सब्जेक्ट से रिप्लेस किया जा सकेगा।
इसलिए यह खबर सुनकर छात्र आगे की कक्षा में कोर्स चुनने के लिए निर्णय ले सकते हैं क्योंकि ऐसे छात्रों को अनुत्तीर्ण होने का भय नहीं रहेगा।
इस बार रिजल्ट भी लाॅकडाउन के कारण देरी से घोषित होगा। इसलिए छात्रों के पास आगे की कक्षाओं में कोर्स चुनने के लिए सोचने-समझने हेतु समय नहीं बचेगा।10वीं के बाद कोर्स चुनने का निर्णय जीवन का सबसे महत्त्वपूर्ण निर्णय होता है।यदि आपने सही कोर्स का चुनाव कर लिया तो जीवन आबाद हो सकता है और गलत कोर्स का चुनाव कर लिया तो जीवन बर्बाद हो सकता है।
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2.10 वीं में फेल को पास माना जाएगा (Failure in 10th will consider as pass)-

10वीं में मैथ्स, साइंस और सोशल साइंस में से एक में फेल होने पर भी माना जाएगा पास (Failure in Maths, Science and Social Science in 10th will also be considered as a pass)-
सीबीएसई / 10वीं में मैथ्स, साइंस और सोशल साइंस में से किसी एक में फेल होने पर भी माना जाएगा पास
कक्षा 10वीं की सत्र 2019-2020 परीक्षा के रिजल्ट पर भी यह नियम लागू होगा

3.छठे विषय के रूप में स्किल सब्जेक्ट चुनने वाले छात्रों को ही मिलेगा फायदा (Only students who choose the skill subject as the sixth subject will get the benefit)-

May 27, 2020
लॉकडाउन बढ़ने के साथ ही 10वीं कक्षा की परीक्षाएं देने वाले छात्रों का रिजल्ट का इंतजार भी बढ़ रहा है। इस बीच 10वीं के स्टूडेंट्स के लिए एक राहत की खबर आई है। सीबीएसई ने इस बार अपने नियमों में कुछ बदलाव किए हैं, जिससे इस साल का पासिंग पर्सेंटेज बढ़ने की संभावना है। बोर्ड के जिन छात्रों ने 10वीं में छठे विषय के रूप में स्किल सब्जेक्ट को चुना है, उन्हें एक बड़ा फायदा होने जा रहा है। यह विद्यार्थी अपने मुख्य तीन विषय मैथ्स, साइंस और सोशल साइंस में से किसी एक में फेल भी होते हैं, तो उन्हें पास कर दिया जाएगा। जिस विषय में छात्र फैल हुआ है उसे स्किल विषय से रिप्लेस कर दिया जाएगा। इस नियम का लाभ सत्र 2019-20 की परीक्षाएं दे रहे स्टूडेंट्स को भी मिलेगा।
सीबीएसई द्वारा 10वीं में 100 से अधिक स्किल विषय चलाए जा रहे हैं। अब तक मुख्य विषय में फेल होने वाले विद्यार्थियों को कंपार्टमेंटल परीक्षा देनी होती थी। 10वीं में छठे विषय के तौर पर स्किल विषय की सुविधा 2019 में शुरू हुई थी। 2019 में नौवीं के छात्रों को भी यह सुविधा दी गई।
2022 से 12वीं के छात्र भी चुन सकेंगे स्किल विषय
2022 से 12वीं के छात्रों को भी स्किल विषय चुनने का मौका मिलेगा। सीबीएसई ने 2020-21 सत्र के 11वीं के छात्रों को स्किल विषय रखने का अवसर दिया है, जो छात्र स्किल विषय रखेंगे उन्हें बोर्ड परीक्षा में किसी एक विषय में फेल होने पर स्किल विषय से रिप्लेस करने का मौका मिलेगा।

4.जून के आखिर तक आ सकता है रिजल्ट(Results may come by the end of June)

यह तय हो चुका है कि सीबीएसई बोर्ड में 10वीं का कोई भी बचा हुआ पेपर दिल्ली को छोड़कर देश के किसी भी हिस्से में नहीं होना है। सीबीएसई ने मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू करने के आदेश भी जारी कर दिए हैं। 15 जून तक 10वीं के सभी विषयों का मूल्यांकन पूरा हो सकता है। यानी दिल्ली क्षेत्र को छोड़ देश भर में 10वीं परीक्षा का रिजल्ट जून के अंत तक आ सकता है।

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2 Comments
  1. scaly May 31, 2020 / Reply
    • Satyam Mathematics June 1, 2020 / Reply

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