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How to Improve Memory in hindi:10 Scientific Tarike

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1.स्मरणशक्ति को कैसे बढ़ाएँ हिन्दी में:10 वैज्ञानिक तरीके (How to Improve Memory in hindi:10 Scientific Tarike):

  • स्मरणशक्ति को कैसे बढ़ाएँ हिन्दी में (How to Improve Memory in hindi),इसलिए जरूरी है क्योंकि छात्र-छात्राओं को ज्ञान अर्जित करने के लिए दो चीजों की जरूरत होती है:आईक्यू और स्मरणशक्ति।यदि ये दो चीजें हैं तो आप ज्ञान अर्जित कर सकते हैं।

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2.आईक्यू और स्मरणशक्ति का खेल (IQ and memory power games):

  • वर्तमान के जटिल,कठिन और प्रतिस्पर्धा के युग में जहाँ एक ओर ज्ञान की मात्रा व ज्ञान प्राप्ति के स्रोतों में एआई (Artificial Intelligence) ने अप्रत्याशित वृद्धि की है;वहीं माता-पिता की अपने लाडलों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की अपेक्षा बढ़ती जा रही है।बच्चों पर पड़ रहे इस दोहरे प्रेशर का प्रतिकूल प्रभाव अक्सर उनके आत्मविश्वास पर पड़ता है।उनकी एकाग्रता में व्यवधान पड़ता है,मानसिक तनाव बढ़ता है।अन्ततः एग्जाम में वांछित रिजल्ट प्राप्त न हो पाने से छात्र-छात्राएँ व उनके अभिभावक दोनों ही निराश हो जाते हैं।
  • अनेक बार देखा गया है कि जो छात्र-छात्रा अपने शुरुआती दौर में बहुत अच्छे मार्क्स लाया करते थे ;वे बड़ी कक्षाओं (Higher Classes) में अपने सहपाठियों से काफी पिछड़ जाते हैं जिन्हें सामान्य बुद्धि (General Intellect) का समझा जाता था।
  • साइंस के अनुसार शारीरिक क्षमता के अनुसार ही मानसिक क्षमता का भी विकास सम्भव है।बुद्धिमत्ता (Wisdom) का आकलन मूलतः दो पैरामीटर्स पर किया जाता है:आईक्यू (IQ) और स्मरणशक्ति (Memory Power)।आईक्यू का सम्बन्ध व्यक्ति की मानसिक आयु से होता है।इसे चीजों को समझने व उनका विश्लेषण (Analysis) करने की क्षमता से नापा जा सकता है।जबकि स्मरणशक्ति को समझना जटिल है।इसमें परिस्थितियों के अनुसार परिवर्तन होता रहता है।किसी भी बुद्धिमान व्यक्ति में इन दोनों क्षमताओं का होना आवश्यक है।
  • विभिन्न मनीषियों के अनुसार बौद्धिक क्षमता बढ़ाने के कई उपाय और व्यायाम हैं परन्तु उनसे वांछित परिणाम पाने के लिए चाहिए बुद्धि का व्यायाम,बुद्धि से अभ्यास।
  • हालाँकि आयुर्वेद में मस्तिष्क एवं उससे जुड़ी सम्पूर्ण प्रणाली के पूर्ण संतुलित पोषण के लिए आवश्यक उन तत्त्वों का अथाह संग्रह है,जिनके नियमित सेवन (Regular intake) से शरीर के समस्त तंत्र मजबूत होते हैं।एकाग्रता,याददाश्त व बौद्धिक क्षमता बढ़ाने में सहायता मिलती है,कई वर्षों के अभ्यास से ही यह अधिक फलदायी होती है।
  • केवल जड़ी बूटियों व आयुर्वेदिक औषधियों के बल पर विद्यार्थी व बुद्धिजीवी स्मरणशक्ति बढ़ाना चाहते हैं तो उन्हें सफलता नहीं मिल पाती है।जड़ी बूटियाँ शारीरिक व मस्तिष्कीय कमजोरी होती है तो उसे दूर कर सकती है परन्तु अधिकांशतया स्मरणशक्ति मन की एकाग्रता,बुद्धि और हमारे निरन्तर किए गए अभ्यास पर निर्भर करती है।कहावत है कि “करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान।”

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3.स्मरणशक्ति को कैसे बढ़ाएँ? (How to increase memory power?):

  • मानवीय मस्तिष्क को भानुमती का पिटारा कहा गया है;क्योंकि उसमें ऐसा बहुत कुछ है,जिसे अनोखा,अद्भुत एवं आश्चर्यजनक कहा जा सकता है।इसकी सम्पूर्ण क्षमता में समग्र सृष्टि की सारी बातें संग्रहीत हो सकती हैं।इसकी स्मरणशक्ति अचम्भित करने वाली है।ब्रह्माण्ड की सारी चीजों को यह अपनी स्मृति में कैद कर सकता है।ऐसे बहुत हैं,जो इस असम्भव जैसे लगने वाले तथ्य को सम्भव करके दिखा चुके हैं और दिखा सकते हैं,परन्तु अति बुद्धिमान व्यक्ति भी इसके महज 10 से 13 प्रतिशत भाग का ही उपयोग कर पाए है।
  • योगी मस्तिष्क की पूरी क्षमता को जाग्रत करके अपने विशिष्ट कार्यों में इसे उपयोग करते हैं।स्मरणशक्ति देवी वरदान है,लेकिन इसे अर्जित भी किया जा सकता है। विशेष तकनीक के द्वारा याददाश्त की क्षमता को बढ़ाया जा सकता है।
  • चीजें या घटनाएँ हमारे मानसपटल से होकर गुजरती हैं और अपनी छाप छोड़ जाती हैं।उस छोड़ी गई छाप को फिर से सजीव एवं जीवंत कर देना ही स्मरणशक्ति कहलाती है।याद करने के लिए आवश्यक है कि मानसपटल पर चीजों को ठीक से क्रमानुसार प्रवेश दिया जाए और उसे व्यवस्थित ढंग से संगृहीत किया जाए,ताकि जब उसकी आवश्यता का अनुभव हो तो फिर से वह स्पष्ट एवं साफ-साफ अंकित हो जाए।
  • प्रायोगिक मनोविज्ञान की भाषा में इसे कोडिंग,स्टोरेज एवं रिट्राइवल के नाम से जाना जाता है।चीजों को याद करने के लिए इन तीनों प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। जो इन प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित एवं सुचारू रूप से सम्पन्न कर लेता है,उसकी स्मृति अनोखी होती है।
  • स्मृति का उल्टा विस्मरण (फारगेटिंग) है।विस्मरण स्मृति की विपरीत प्रक्रिया है।स्मृति की तीन अवस्थाओं के बीच कहीं भी यदि व्यतिक्रम आ जाए तो विस्मरण हो जाता है।अतः याद रखने के लिए आवश्यक है कि भुलानेवाली चीजों से दूर रहा जाए।ऐसे अनेक तथ्य एवं कारक हैं,जो हमारी स्मरणशक्ति को क्षतिग्रस्त करते हैं और इसकी क्षमता को घटाते है।
  • नकारात्मक चिन्तन एवं सोच से स्मरणशक्ति को अपार हानि होती है,जबकि सकारात्मक सोच इस क्षमता को अभिवर्द्धित करती है।स्मरणशक्ति को बढ़ाने की तकनीक भी है,जिसके माध्यम से इसे असाधारण रूप से बढ़ाया भी जा सकता है,परन्तु हम इस अद्भुत शक्ति को नुकसान ही पहुंचाते है और अनेक परेशानियों से घिरते रहते हैं।
  • याददाश्त एक दैवीय वरदान भी है,जो कुछ लोगों में देखी और पाई जाती है।इस क्षमता के कारण उनको प्रतिभावान माना जाता है और वे लोकसम्मान के अधिकारी बनते हैं।विलक्षण प्रतिभा के धनी लोगों में एक भाग ऐसा है,जो आम तौर पर इस रूप में जाना नहीं जाता है।

4.सकारात्मक चिन्तन से स्मरणशक्ति बढ़ाएँ (Increase memory through positive thinking):

  • यादकाश्त को बढ़ाया जा सकता है।जन्मजात प्रतिभा के रूप में प्राप्त स्मरणशक्ति तो एक दैवीय कृपा है,परन्तु इस प्रतिभा को विकसित भी किया जा सकता है।इसे ब‌ढ़ाने के लिए आवश्यक है कि नकारात्मक चिन्तन एवं सोच से स्वयं को दूर रखा जाए,क्योंकि यह वह विष है,जो स्मृति को जला देता है।इससे व्यक्ति दिभ्रमित हो जाता है।इससे करने योग्य एवं न करने योग्य बातों के बीच खास अंतर नजर नहीं आता है।वह अक्सर जिंदगी
    की महत्त्वपूर्ण बातों को भूल जाता है और उसकी जिंदगी में भटकाव आ जाता है।
  • अतः नकारात्मक चिंतन,सोच एवं इससे संबंधित व्यक्तियों एवं परिस्थितियों से दूर रहने का प्रयास करना चाहिए।इसके स्थान पर सकारात्मक एवं विधेयात्मक चिंतन करना चाहिए।याद रखने के लिए आवश्यक है कि दिन भर के सबसे महत्त्वपूर्ण कार्यों को नोट कर लिया जाए;ताकि क्रियान्वयन के समय वे छूट न जाएँ।
    कोई चीज हमें याद इसलिए नहीं आती है,क्योंकि हम उसे महत्त्व नहीं देते हैं।जिस चीज को महत्त्व नहीं दिया जाता है,उसी का विस्मरण होता है;क्योंकि याद रखने के लिए आवश्यक है कि चीजों को मानसपटल पर बीच-बीच में जीवंत कर लेना चाहिए।मनोविज्ञान इसे रिहर्सल कहता है।जिसकी जितनी रिहर्सल होगी,वह उतनी ही याद रहेगी।
  • सर्वप्रथम हमारे लिए हमारी जिंदगी महत्त्वपूर्ण है और फिर महत्त्वपूर्ण है इससे संबंधित चीजें।कहीं ये विस्मृत न हो जाएँ,इसलिए मन-मस्तिष्क में सबसे पहले यह बात बनाए रखनी चाहिए कि हमारे लिए क्या महत्त्वपूर्ण है और किसे याद रखना चाहिए? इसकी शुरुआत हमें दैनिक कार्यों से करनी चाहिए।दैनिक कार्यों को नोट करके सबसे पहले उसको वरीयता देना चाहिए जो अति महत्त्वपूर्ण है।इसके लिए मन-मस्तिष्क के बंद दरवाजे खोल देना चाहिए;ताकि स्मृति का लोप न हो जाए।इसी प्रक्रिया द्वारा मस्तिष्क रूपी भानुमती के पिटारे से अनेक रहस्य प्रकट होंगे और हम स्मरणशक्ति के शिखर तक पहुँच सकेंगे।

5.स्मरणशक्ति बढ़ाने के वैज्ञानिक तरीके (Scientific ways to increase memory):

  • भली-भांति याद रखने के लिए,प्रभावपूर्ण ढंग से स्मरण करने के लिए हमें निम्नांकित दस सिद्धांतों का ध्यानपूर्वक पालन करना चाहिए:

(1.)सम्बन्ध बनाएं (Build Relationships):

  • हम यह जानते हैं कि एक पंक्ति क्या होती है? यदि हम चार समान पंक्तियों को एक से एक कोने को मिलायें तो हम वर्ग बना सकते हैं।यदि छः वर्गों को साथ में मिलाएं तो एक घन (cube) बना सकते हैं।यह कितना सरल है।लेकिन बिना यह जाने कि पंक्ति क्या है और एक वर्ग क्या है,कोई भी यह नहीं जान सकता कि एक क्यूब क्या है।जो बात ज्यामिति (Geometry) में सही है वही जीवन के प्रत्येक पक्ष में सही है।हम प्रत्येक नई चीज को सीखते और याद रखते हैं।केवल उसके पहले से जानी हुई चीज के साथ जोड़कर ज्ञानार्जन की कोई अन्य विधि नहीं है।
  • यदि आप संस्कृत शब्दों के सीखने के बारे में सोचें तो आप तुरंत इस कथन की सत्यता को देख पायेंगे।यह सीखने के लिए water संस्कृत में ‘जल’ होता है,तो हमें water और जल के मध्य एक सम्बन्ध बनाना होगा और यदि यह सम्बन्ध मजबूत होगा,तभी आवश्यकता पड़ने पर हम उस संस्कृत शब्द को बतला पायेंगे।एक बार हमारे मस्तिष्क में water और जल के बीच का मार्ग (pathway) दृढ़तापूर्वक स्थापित हो जाता है,तो इनमें से किसी भी शब्द को हम याद कर सकते हैं।
  • हम भली-भांति जानते हैं कि अब तक आपने ऐसा सम्बन्ध (साहचर्य) नहीं बनाया है।कई बार हम ऐसा साहचर्य बनाने के बारे में जागृत नहीं होते।हम ऐसा अज्ञात रूप से करते हैं।जैसे एक छोटा बालक daddy शब्द को अपने पिता से जोड लेता है,इस सम्बन्ध या साहचर्य को जाने बिना।अगले आने वाल अंकों में हम देखेंगे कि जाग्रत रूप से ऐसा साहचर्य बनाना हितकर रहता है जो हमारी व्यक्तिगत स्मृति के प्रकार और उसको आवश्यकता के अनुकूल हो।

(2.)स्मृति में विश्वास (Confidence in membory):

  • कुछ करने से पूर्व आपको अपनी स्मृति पर विश्वास रखना चाहिए।आपकी स्मृति में निम्नांकित शब्द दृढ़तापवृंक स्थापित हो जाने चाहिएःमेरा मस्तिष्क इस संसार के सर्वोत्तम कम्प्यूटर से भी अधिक अच्छा है।
  • यदि आप यह सोचते हैं कि आप किसी चीज को भली-भांति याद नहीं रख पायेंगे तो आप उसे भली-भांति याद नहीं रख पायेंगे।आपने प्रौढ़ आयु के लोगों को यह कहते हुए सुना होगा कि ‘क्षमा कीजिए’,मेरी स्मरणशक्ति कमजोर है।या किसी को यह कहते हुए सुना होगा कि ‘मुझे आपका नाम याद नहीं आ रहा है’ या ‘मेरी स्मृति खराब है।’
  • सुबह उठने से पूर्व और उसके बाद हमें स्वयं से कहना चाहिए ‘मैं अपनी स्मृति पर विश्वास करता हूं,क्योंकि मैं जानता हूं कि यह एक कम्प्यूटर की भांति कार्य कर सकता है।’अपनी स्मृति में अपने विश्वास को सुधारने के उत्तम तरीकों में से एक है ‘स्वयं सुझाव’ (Auto suggestion) या स्वयं बार-बार दोहराना कि ‘मैं अधिक अच्छी तरह से याद रख सकता है।’
  • यह सोचिये कि यदि आप प्रत्येक से यह कहते हैं कि ‘मेरी स्मृति खराब है’ (Memory is poor) तो फिर आप यह कैसे आशा कर सकते हैं कि आपकी स्मृति आपको उत्तम सेवा दे सकती है।अपनी स्मृति में आत्मविश्वास रखना इतना महत्त्वपूर्ण है कि हम चाहते हैं कि आप इस वाक्य को निम्न रिक्त स्थान में लिखें:
    मैं अपनी स्मृति पर विश्वास करता हूं।
    मैं अपनी स्मृति पर विश्वास करता हूं।

(3.)ध्यान केंद्रित करना (Concentration):

  • ध्यान के केन्द्रीकरण का अर्थ है एक समय में एक ही वस्तु पर जो कुछ आप देख या सुन रहे हैं उसके अतिरिक्त अन्य प्रत्येक चीज को अपने मस्तिष्क से मिटा या हरा दीजिये।अपने विचारों को भटकने न दीजिये। अन्त में स्वयं यह देखिये कि आपकी स्मृति आपका मानसिक बैंक (Mental Bank) है,जब आप ऐसा कर सकते हैं तो आप ध्यान केन्द्रित कर रहे रहे हैं।हम ध्यान केन्द्रीकरण की एक गधे को खींचने से तुलना कर सकते हैं।ऐसा ही ध्यान केन्द्रीकरण के बारे में है,अर्थात् जितना अधिक आप बिखरे विचारों को एकत्रित करने के लिए ध्यान केन्द्रित करना चाहते हैं उतना ही आपके विचार इधर-उधर भागते हैं।एक गधे को आगे चलाने की युक्ति यह है कि उसके आगे एक सब्जी लटकाएं और वह उसके पीछे चलेगा,जहाँ कहीं भी आप उसे ले जाना चाहेंगे।अतः एक विशेष विषय पर ध्यान केंद्रित करने के लिए हमें उस विषय में रुचि का निर्माण करना चाहिए।

(4.)इंद्रियों की शक्तियां (Power of Senses):

  • जो कुछ आप अपनी स्मृति में जमा करना और निकालना लना चाहते हैं,उसे आपको स्पष्टतया देखना और सुनना चाहिए।याद किए जाने वाली वस्तु पर अपना ध्यान केंद्रित कीजिये और उसे अपनी कल्पना में देखिए,सुनिए और संभवतः उसका स्वाद लीजिए या उसे अनुभव कीजिए।जब आप अपनी इंद्रियों को इसमें शामिल करते हैं तो उनके प्रभाव सदैव पैने होते हैं और वे सुगमतापूर्वक भुलाये नहीं जाते।किसी चीज को याद करते या सीखते समय निम्नांकित सभी छः इंद्रियों को उसमें शामिल करने का प्रयास कीजिए:
  • (i)सुनने की इंद्रिय (sense of hearing)
    (ii)देखने की इंद्रिय (sense of vision)
    (iii)सूंघने की इंद्रिय (sence of smell)
    (iv)चखने की इंद्रिय (sense of taste)
    (v)स्पर्श की इंद्रिय (sense of touch)
    (vi)गति संवेदन की इंद्रिय (sense of kinesthesia)
  • अर्थात् शारीरिक स्थिति और गति के प्रति जागरूकता होना।

(5.)स्पष्ट स्वप्न देखिए (Have a lucid dream):

  • हम सब स्वप्न देखते हैं और कभी-कभी दिन में भी स्वप्न देखने हैं।कभी-कभी हम अपने स्वप्नों के बारे में मित्रों के साथ चर्चा करते हैं,लेकिन क्या आपने कभी इस बात पर ध्यान दिया है कि क्या आपका स्वप्न रंगीन था या काला-सफेद।यह विश्लेषण करने का प्रयास कीजिए कि क्या आपका स्वप्न रंगीन था या काला और सफेद।
  • पुनः यह ध्यानपूर्वक देखने का प्रयासः कीजिए कि आपका स्वप्न किन रंगों का था।तत्पश्चात् यह विश्लेषण करने का प्रयास कीजिए कि क्या वह स्वप्न बहुत स्पष्ट था या धुंधला था।यदि वह धुंधला था तो पुनः अपनी कल्पना के पर्दे पर उसे जितना संभव हो सके उसे स्पष्टता से देखने का प्रयास कीजिए।जहां कहीं संभव हो,आप चित्र और अपने चिंतन को अधिक स्मरणीय बनाने के लिए रंगों की पूर्ण विविधता का प्रयोग कीजिए।

(6.)अतिशयोक्ति या बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत करना (Exaggeration):

  • हमारे मस्तिष्क की यह विशेषता है कि वह बढ़ा-चढ़ाकर कही गई बातों को अधिक शीघ्रता से याद रख लेता है और उनको हमारे जाग्रत मस्तिष्क में अधिक लम्बे समय तक स्थिर रखता है।तो फिर क्यों न हम इस विशेषता का धनात्मक अर्थ (Positive Sense) में काम ले लें? क्यों न मस्तिष्क की इस सुंदरता को हम चीजों को अधिक लम्बे समय तक याद रखने के लिए काम में लें? अतः जहाँ तक सम्भव हो मानसिक चित्र को गहरे रूप में देखने का प्रयास कीजिए।यह कल्पना कीजिए कि एक मोटे आदमी को हम कैसे भूल पायेंगे,यदि हम उसके पेट की एक बड़े बर्तन और चेहरे की फुटबॉल के रूप में मस्तिष्क में छवि बनायें।

(7.)मानसिक चित्र (Mental Picture):

  • जो कुछ आप याद रखना चाहते हैं उसकी एक मानसिक छवि (Mental Picture) बनाने का प्रयास कीजिए।विचार,तारीख,सिद्धान्त या किसी भी चीज की एक मानसिक छवि बनाइए,क्योंकि मानसिक छवि बनाने से याद करने की प्रक्रिया तेज होती है।

(8.)यौन व्यवहार (Sexual Behavior):

लिंग (sex) एक सामान्य रुचि का विषय है।इस क्षेत्र में सभी की उत्तम स्मृति होती है।अतः जहाँ कहीं सम्भव हो,यौन व्यवहार को स्मृति के एक सहायक के रूप में प्रयोग में लाइये।

(9.)विसंगतियां या अजीबोगरीब बातें (Inconsistencies or peculiar things):

  • मान लीजिए की आप एक विद्यार्थी हैं और एक दिन आपके अध्यापक अपने सिर पर हैलमेट पहनकर अपना भाषण देते हैं।आप मुझसे सहमत होंगे कि आप उस दिन को कभी नहीं भूल पाएंगे।वह एक अजीबोगरीब बात थी।मस्तिष्क की यह सुन्दरता है कि वह अजीबोगरीब चीजों को शीघ्र स्वीकार कर लेता है और लम्बे समय तक याद रखता है।अतः क्यों न हम इसका प्रयोग चीजों को याद करने में करें?
  • जीवन में कोई भी चीज इतनी बेकार या गंभीर नहीं होती कि उसे याद करने योग्य और रोचक न बनाया जा सके।जब कोई चीज हास्यपूर्ण होती है तो उसे याद रखना आनन्ददायक क्रिया बन जाता है।

(10.)विचार (Thoughts):

  • आप यह मानेंगे कि अमूर्त (Abstract) बातों को याद रखना बहुत कठिन होता है।अतः यह आवश्यक है कि अमूर्त विचारों को किसी मानसिक तस्वीर में बदल दिया जाये और तब यह मानसिक तस्वीर हमें उन अमूर्त विचारों को याद रखने में मदद करेगी।मूलतः हम अपनी स्मृति में कोई भी बात जमा नहीं कर सकते,जब तक कि हम उसे किसी ऐसी चीज में न बदल दें,जिसे हम देख सकें या चित्रित कर सके।बिना समझे किसी विचार को अपने मस्तिष्क में जमा करने का प्रयास वैसा ही है,जैसा कि अपने खाते में जमा कराने से पहले हमें उसे उसके समान मूल्य की भारतीय मुद्रा में बदलना तो होगा ही।
    इसी प्रकार एक अमूर्त विचार को अपनी स्मृति में जमा करने के लिए यह आवश्यक है कि उसे किसी ऐसे रूप में बदला जाये,जिसे हम समझ सकें,जिसे हम देख सकें,तभी हमारा मस्तिष्क उसे प्रभावपूर्ण ढंग से ग्रहण कर सकेगा।
  • उपर्युक्त आर्टिकल में स्मरणशक्ति को कैसे बढ़ाएँ हिन्दी में:10 वैज्ञानिक तरीके (How to Improve Memory in hindi:10 Scientific Tarike) के बारे में विस्तृत और गहराई से बताया गया है।
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6.छात्र को याद आ गया (हास्य-व्यंग्य) (The student remembered) (Humour-Satire):

  • एक छात्र खुश होकर नाचने लगा।
  • टीचर:क्यों नाच रहे हो?
  • छात्र:याद आ गया।
  • टीचर:क्या याद आ गया?
  • छात्र:यही कि 6+5,10 होते हैं।

7.स्मरणशक्ति को कैसे बढ़ाएँ हिन्दी में:10 वैज्ञानिक तरीके (Frequently Asked Questions Related to How to Improve Memory in hindi:10 Scientific Tarike) से सम्बन्धित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.स्मरणशक्ति के लिए स्मरणीय तकनीक क्या है? (What is the mnemonic technique for memory?):

उत्तर:(स्मरण तकनीक) Mnemonics memory devices हैं जो आपको complex information को अक्षरों,शब्दों या कहानियों (stories) में बदल कर आसानी से याद रखने में मदद करते हैं।Acronyms (संक्षिप्त नाम): जब आप किसी लंबी लिस्ट के हर शब्द का पहला अक्षर लेकर एक नया शब्द बनाते हैं। उदाहरण:इंद्रधनुष के रंग (VIBGYOR)=Violet,Indigo,Blue,Green,Yellow,Orange,Red.Acrostics (वाक्य बनाना):पहले अक्षरों से एक पूरा मज़ेदार वाक्य बना लेना ताकि order याद रहे।Visualisation:किसी तथ्य या कॉन्सेप्ट की अपने दिमाग में एक मज़ेदार तस्वीर बना लेना।

प्रश्न:2.स्मरणशक्ति के लिए चंकिंग विधि क्या है? (What is the chunking method for memory?):

उत्तर:Chunking Method (चंकिंग विधि) इस तकनीक में भारी या जटिल जानकारी (large information) को छोटे-छोटे,अर्थपूर्ण हिस्सों (chunks) में विभाजित कर दिया जाता है।हमारा दिमाग एक बार में केवल 5 से 9 टुकड़े ही Short-term memory में रख सकता है,इसलिए यह बहुत उपयोगी है।उदाहरण:यदि आपको एक लंबा नंबर याद करना है:9876543210,तो आप इसे छोटे टुकड़ों (Chucks) में बाँट सकते हैं: 987 – 654 – 3210.फायदा: जब आप पैराग्राफ या चैप्टर को छोटे-छोटे हिस्सों में पढ़ते हैं,तो उन्हें दिमाग में बैठाना बहुत आसान हो जाता है।

प्रश्न:3.स्मरणशक्ति के लिए अंतराल दोहराव क्या है? (What is spaced repetition for memory?):

उत्तर:Spaced Repetition (स्पेस्ड रिपीटिशन) यह एक ऐसी प्रभावी रिवीज़न (Revision) तकनीक है जिसमें आप किसी भी टॉपिक को एक साथ रटने के बजाय,निश्चित अंतराल (increasing intervals) पर दोहराते हैं।यह दिमाग के “Forgetting Curve” (भूलने के चक्र) को तोड़ती है।यह कैसे काम करती है:आज जो पढ़ा,उसे पहले दिन रिवाइज करें।फिर तीसरे दिन रिवाइज करें।फिर एक हफ्ते बाद।फिर महीने के अंत में।फायदा: जैसे-जैसे याददाश्त मजबूत होती है,आप रिवीज़न का समय बढ़ा सकते हैं।यह ज्ञान को Long-term memory में पक्का कर देता है।

  • उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा स्मरणशक्ति को कैसे बढ़ाएँ हिन्दी में:10 वैज्ञानिक तरीके (How to Improve Memory in hindi:10 Scientific Tarike) की प्राइमरी टर्म्स के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
  • *”यह आर्टिकल **Satyam Mathematics** ब्लॉग पर **Satyam Coaching Centre** के द्वारा तैयार किया गया है।”*

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