Internet:Suchanao Ka Khajana-9 Secrets You Must Know
1.इंटरनेट:सूचनाओं का खजाना:9 रहस्य जो आपको पता होनी चाहिए (Internet:Suchanao Ka Khajana-9 Secrets You Must Know):
- इंटरनेट:सूचनाओं का खजाना:9 रहस्य जो आपको पता होनी चाहिए (Internet:Suchanao Ka Khajana-9 Secrets You Must Know) क्योंकि आज का युग तकनीकी और आर्थिक युग है।इस युग में कहाँ क्या बदलाव हो रहा है,वह हमें किस तरह प्रभावित कर सकता है आदि के बारे में अवश्य जानना चाहिए।
2.इंटरनेट क्या है? (What is the Internet?):
- भारत में उदारीकरण के अन्तर्गत लिए गए अनेक निर्णयों में ‘इंटरनेट’ सेवा को आम जनता के लिए उपलब्ध कराना,सबसे महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।विश्वभर की सूचनाओं का भण्डार 15 अगस्त,1995 को विदेश संचार निगम लिमिटेड द्वारा सभी के लिए खोल दिया गया था (जो अब बदस्तूर जारी है) जो अब तक सिर्फ सरकार,शैक्षणिक एवं शोध संस्थाओं को एरनेट और नाइसनेट के माध्यम से उपलब्ध था।
- दुनिया के विभिन्न स्थानों पर स्थापित टेलीफोन लाइन की सहायता से एक-दूसरे के साथ जुड़े कम्प्यूटरों का नेटवर्क ही इंटरनेट कहलाता है।लगभग 50 करोड़ कम्प्यूटर इंटरनेट से जुड़े हैं और प्रतिवर्ष इंटरनेट के नए सदस्यों की संख्या 1 करोड़ 60 लाख की दर से बढ़ती जा रही है।
- इंटरनेट पर दुनिया के किसी भी कोने में रहने वाले अपने मित्र से बातचीत की जा सकती है।इस पर आप इलेक्ट्रॉनिक अखबार पढ़ सकते हैं।विभिन्न दुकानों में बिकने वाली वस्तुओं को देख सकते हैं,ऑर्डर दे सकते हैं।मंडियों,शेयर बाजार पर नजर रख सकते हैं।अपने उत्पादन एवं सेवाओं का विज्ञापन कर सकते हैं। पुस्तकालयों से जरूरी सूचना पा सकते हैं।ऑडियो कैसेट सुन सकते हैं।वीडियो-कैसेट देख सकते हैं।आप सलाह माँग सकते हैं और अपना मत दुनिया के सामने रख सकते हैं।
(1.)इंटरनेट का इतिहास (History of the Internet):
- जिस समय अमरीका और सोवियत संघ के बीच शीतयुद्ध जारी था,उन्हीं दिनों प्रतिरक्षा सम्बन्धी शोध करने वाली संस्थाएं एक-दूसरे से किस तरह लगातार सम्पर्क बनाए रखें,इस बात पर विचार करने के लिए 1969 में,अमरीका के प्रतिरक्षा विभाग के मुख्य केन्द्र,पेंटागन में,प्रमुख कम्प्यूटर वैज्ञानिकों एवं इंजीनियरों की बैठक हुई।काफी विचार-विमर्श करने के बाद एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी,एरपा (Advanced Research Projects Agency,ARPA) ने यह निश्चय किया कि प्रतिरक्षा सम्बन्धी शोध करने वाली संस्थाओं के कम्प्यूटरों को पैकेट स्क्चि नेटवर्क (Packet Switch Network) की सहायता से,एक-दूसरे के साथ जोड़ दिया जाए।
- इस नेटवर्क प्रणाली में छोटे-छोटे टुकड़ों में बाँटकर,सूचनाएँ अलग-अलग रास्ते से निश्चित जगह भेज दी जाती हैं।यदि किसी एक मार्ग पर दुश्मन का आक्रमण होता है या किसी कारण मार्ग अवरुद्ध हो जाता है,तो सूचनाओं के टुकड़े,दूसरे मार्ग से पहुँच जाते हैं।’एरपा’ द्वारा विकसित इसी नेटवर्क को ‘इंटरनेट’ का नाम दिया गया।
- इंटरनेट की सफलता से प्रेरित होकर इसके दरवाजे सामान्य नागरिकों के लिए भी खोल दिए गए।पहला अन्तर्राष्ट्रीय इंटरनेट कनेक्शन इंगलैण्ड और नार्वे के बीच 1973 में स्थापित हुआ था।
- सूचनाओं का यह खजाना मुक्त एवं स्वतंत्र है।इस पर किसी भी संस्था,कम्पनी या सरकार का नियंत्रण नहीं है।इसका कोई भी मालिक नहीं है।
3.इंटरनेट के उपयोग के लिए आवश्यक साधन (Essential Means for the Internet):
- इंटरनेट के विशाल खजाने को उपयोग में लाने के लिए जरूरी है:(1.) कम-से-कम एक कम्प्यूटर (2.)मोबाइल फोन या डाटा (3.) मोडम (4.) विदेश संचार निगम लिमिटेड के इंटरनेट सेवा का सदस्य बनना।
- इसका सदस्य बनने के लिए व्यक्ति को कुछ निर्धारित शुल्क और व्यावसायिक संस्थाओं को शुल्क चुकाना पड़ता था।विद्यार्थियों के लिए सदस्यता निःशुल्क है।यहाँ यह उल्लेखनीय है कि ये सभी तरह के शुल्क आजीवन की सेवा के लिए ही हैं।परन्तु आज के सन्दर्भ में इनका कोई औचित्य नहीं है।अब शुल्क नहीं लिया जाता है,अब निम्नलिखित सुविधाएँ हैं:
- भारत में इंटरनेट सेवा का बड़े पैमाने पर बिछाने के लिए विदेश संचार निगम ने व्यापक इंतजाम किया है।इसके अन्तर्गत मुम्बई के इंटरनेट एसेस कोड (Internet Access Code) को सेटेलाइट मीडिया द्वारा अमरीका और सबमरिन केबल मीडिया द्वारा यूरोप के इंटरनेट नोड (Internet Node) के साथ जोड़ा गया।शुरू से ही विदेश संचार निगम बड़े पैमाने पर इंटरनेट कनेक्शन दिए गए।
इसके साथ ही,विदेश संचार निगम,चेन्नई (मद्रास),कलकत्ता एवं दिल्ली के समान ही पुणे और बंगलौर में भी,रिमोट कंट्रोल एसेस नोड (Remote Control Access Node) स्था-पित किये।इन नोड्स को भी मुम्बई स्थित मुख्य इंटरनेट एसेस नोड के साथ जोड़ दिया जाएगा।ऐसा डॉट (DOT) की इंटरसिटी लिंक्स द्वारा सम्भव हो पाएगा। - मुम्बई स्थित इंटरनेट एसेस नोड,विदेश संचार निगम के गेटवे पैकेज स्विच सर्विस (Gateway Package Switch Service,GPSS),डॉट के रिमोट एरिया बिजनेस मैसेज नेटवर्क (Remote area Business Message Network,RBMN),आइनेट के डोमेस्टिक पैकेट स्विच नेटवर्क (Domestic Packet Switched Network,DPSN),और एच. पी. नेट के हाईस्पीड री-सेट नेटवर्क (Highspeed Re-set Network,HRN) के साथ जुड़ा हुआ है,जिसके चलते इन सभी नेटवर्क के सदस्यों को भी इंटरनेट सेवाओं का पूरा फायदा मिलेगा।जी.आई ए.एस. (GIAS) के साथ ही आइनेट के सदस्य बन जाने से,देश के एस.टी.डी. सुविधा वाले शहरों में भी इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध होगी (जो कि लगभग सभी शहरों में है)।
4.इंटरनेट पर प्राप्त होने वाली मुख्य सुविधाएं (Facilities found on the Internet):
- (1.) ई-मेल (E-mail or Electronic Mail):इंटरनेट पर प्राप्त होने वाली सुविधाओं में सबसे प्रमुख ई-मेल है। इसकी सहायता से यदि आप कम्प्यूटर पर कोई सन्देश टाइप करते हैं तो यह संदेश जहाँ भेजना होगा,वहाँ तुरन्त पहुँच जाएगा।इसी प्रकार इसकी सहायता से किसी व्यक्ति या समूह को सन्देश भेजा जा सकता है।
- साधारणतः ई-मेल के लिए इंटरनेट का सहारा लेना जरूरी नहीं है।एक ही ऑफिस,मकान या इलाके के कम्प्यूटरों को जोड़कर उनके बीच ई मेल से संदेश का आदान-प्रदान सम्भव है,परन्तु अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सन्देश के आवागमन के लिए इंटरनेट का उपयोग करना आवश्यक है।
- (2.) पुसनेट (Push Net):पुसनेट की सहायता से आप अपना संदेश इलेक्ट्रॉनिक बुलेटिन बोर्ड पर भेज सकते हैं,जिसे कोई भी व्यक्ति देख सकेगा।वास्तव में,पुसनेट अन्तर्राष्ट्रीय मीटिंग करने का स्थान है जहाँ लोग कम्प्यूटर का उपयोग कर एक-दूसरे से मिलते हैं,सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हैं।कुछ लोग समझते हैं कि पुसनेट और इंटरनेट में अन्तर नहीं है। परन्तु वास्तव में इन दोनों में अन्तर है।सभी इंटरनेट केन्द्रों में पुसनेट की सुविधा है,परन्तु कुछ जगहों पर,जहाँ इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है,वहाँ भी पुसनेट की सुविधा है।
- (3.) यूसनेट (Usenet):यूसनेट वास्तव में यूसर नेटवर्क (User network) का संक्षिप्त रूप है।यूसनेट को भिन्न-भिन्न नामों से पुकारा जाता है।इसे न्यूज ग्रुप या डिस्कशन ग्रुप के नाम से भी जानते हैं।कुछ नेटवर्क पर इसे कांफ्रेंस कोरम,बुलेटिन बोर्डस या स्पेशल इंटरेस्ट ग्रुप जैसे नाम दिए गए हैं।पूरी दुनिया में इस समय हजारों से ज्यादा न्यूज ग्रुप है जो ललित कला से लेकर विज्ञान कथाओं और इतिहास तक एवं ध्रुव प्रदेश से लेकर अफ्रीका तक के किसी भी विषय पर अलग-अलग भाषाओं में जानकारी देते हैं।
- यूसनेट में एक विषय पर रुचि रखने वाले लोग सूचनाओं एवं अभिप्रायों का आदान-प्रदान एवं तर्क कर सकते है।न्यूज ग्रुप के लिए भी इंटरनेट के साथ जुड़ना जरूरी नहीं है,परन्तु अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुँचने के लिए इंटरनेट से जुड़ना आवश्यक हो जाता है।
- (4.) टेलनेट (Telnet):टेलनेट के विशाल डेटाबेस में शोध किया जा सकता है।टेलनेट से आप अपने कम्प्यूटर पर नेटवर्क के दूसरे कम्प्यूटर पर लॉग इन हो सकते हैं और इस तरह काम कर सकते हैं मानो दूर रखे कम्प्यूटर का की-बोर्ड आपकी मेज पर रखा हुआ है।टेलनेट द्वारा नई और उपयोगी सूचनाएं आप फाइल ट्रांसफर प्रोटोकॉल (File Trans-fer Protocol,FTP) की सहायता से नेटवर्क के एक कम्प्यूटर से दूसरे कम्प्यूटर पर उतार सकते हैं।
5.इंटरनेट पर उपलब्ध सूचनाओं को ढूँढ़ने में सहायक सॉफ्टवेयर (Software to help you find information available on the Internet):
- इन सभी सुविधाओं के होते हुए भी इंटरनेट में सबसे बड़ी समस्या सूचनाओं को ढूँढ़ने में आने वाली तकलीफ है,परन्तु अब अनेक सॉफ्टवेयर प्रोग्राम के कारण इसे दूर करने में मदद मिली है।इन सॉफ्टवेयर प्रोग्रामों में आर्ची,वेरोनिका,गोफर एवं डब्ल्यू.ए.आई.एस. मुख्य हैं।
- आर्ची (Archie) सॉफ्टवेयर से मनचाहे विषय से फाइलें ढूँढ़ी जा सकती हैं।वेरोनिका (Very Easy Rodent Oriented Netwide Index to Computer Archieves,Vero-nica) इन सभी फाइलों को आपके कम्प्यूटर की मेमोरी में जमा कर देता है।गोफर (Gopher) से नेटवर्क के दूसरे कम्प्यूटर में प्रवेश किया जा सकता है।इसकी सहायता से माँगी गई जानकारियाँ स्वयं के कम्प्यूटर पर प्राप्त की जा सकती हैं। डब्ल्यू.ए.आई.एस. (Wide Area Information Server,WAIS) ‘कोड वर्ड’ की मदद से नेटवर्क के दूसरे कम्प्यूटरों से फाइलें खोजने में मदद करता है।
- उपर्युक्त चारों सॉफ्टवेयर की कार्य-प्रणाली को एक उदाहरण से अच्छी तरह समझा जा सकता है।मान लीजिए कि आप बिना अनुक्रमणिका वाले पुस्तकालय में हैं।यहाँ जिस शीर्षक वाली पुस्तक चाहिए,उसे और उस शीर्षक वाली सभी किताबों की सूची आर्ची आपके सामने प्रस्तुत करेगा।वेरोनिका दिए गए विषय की पुस्तकें आपके सामने रखेगा।इन्हें देखने और पढ़ने का काम आपका,लेकिन आपको क्या सूचना चाहिए यह कहने पर गोफर उसे प्रस्तुत कर देगा।डब्ल्यू.ए.आई. एस. उन सूचनाओं में से,जो विशेष सामग्री आपको चाहिए,वह आपके समक्ष रख देगा।
- इंटरनेट में सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका वर्ल्ड वाइड वेब (World Wide Web,WWW) की है।यह शब्दों,चित्रों तथा आवाज की मदद से किसी खास व्यक्ति,संस्था या विषय विशेष की सूचनाएं देने वाले तथा एक-दूसरे से जुड़े लाखों कम्प्यूटरों का विश्वव्यापी संग्रह है।इन्हें ‘होम पेज’ के नाम से भी जाना जाता है,जो हाइपरटेक्सट की सहायता से एक-दूसरे से जुड़े होते हैं।
- वर्ल्ड वाइड वेब के लिए मोजाइक और नेटस्केप नेवीगेटर सर्वाधिक प्रचलित सॉफ्ट-वेयर प्रोग्राम है।
6.इंटरनेट पर भारत के बारे में सूचना उपलब्ध है या नहीं? (Is information about India available on the internet or not?):
- इंटरनेट पर किसी तरह की जानकारी प्राप्त करने वालों को यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारियाँ अधिकांशतः अमरीका से सम्बन्धित हैं।हो सकता है कि भारत में रहने वालों को उपलब्ध जानकारी में विशेष रुचि न हो,परन्तु भारतीयों के लिए यह आशा की किरण है कि कुछ समय से,अब इंटरनेट पर,भारत के बारे में भी जानकारी उपलब्ध हो रही है।भारत के बारे में जानकारी में तेजी से विस्तार हो रहा है।
- उदाहरण के लिए,अब इंटरनेट पर ‘द हिन्दू’,दैनिक जागरण’ आदि प्रमुख समाचार-पत्र उपलब्ध है।’दिल्ली एटलस’,जोकि दिल्ली के नक्शे पर हर घर और ऑफिस को दर्शाता है,और जिसे इंस्टीट्यूट फॉर स्टडीज इन इंडस्ट्रियल डेवलपमेन्ट ने प्रकाशित किया है,उनका नवीनतम संस्करण,देशी-विदेशी पर्यटकों,उद्योगपतियों एवं सामान्य नागरिकों के लिए अत्यन्त उपयोगी है और अब यह पुस्तक भी इंटरनेट पर उपलब्ध है।इसके अलावा,प्रार्थना कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड,अहमदाबाद के क्रियाकलापों के बारे में नवीनतम सूचनाएं इंटरनेट पर उपलब्ध है।
- एच. सी. एल. निर्मित कम्प्यूटरों एवं उपलब्ध सेवा के बारे में जानकारी इंटरनेट के द्वारा प्राप्त की जा सकती है.’टाइम्स ऑफ इण्डिया’ और विभिन्न समाचार पत्रों के चुनाव स्पेशल का विशेष संस्करण इंटरनेट पर उपलब्ध है।आकाशवाणी भी इंटरनेट के जरिए विश्व के कम्प्यूटर नेटवर्कों से जुड़ गया है।अब विश्वभर में इंटरनेट से जुड़े उपभोक्ता सिर्फ एक बटन दबाकर आकाशवाणी के समाचार जान सकते हैं।शुरू में आकाशवाणी ने परीक्षण के तौर शुरू की थी जो अब नियमित सेवा के रूप में यह सेवा परिवर्तित हो गई है।
- संक्षेप में,ग्लोबलाइजेशन के इस माहौल में,किसी भी व्यक्त्ति या व्यवसाय की सफलता या असफलता में,सही समय पर सही सूचनाओं की उपलब्धता का,एक निर्णायक योगदान हो सकता है. इसलिए,इंटरनेट सेवा का उपयोग करने वाले सदस्यों की संख्या दिन दूनी रात चौगुनी बढ़ती जा रही है।
7.टेलीविजन और इंटरनेट की तुलना (Comparison of Television and the Internet):
- इंटरनेट और टेलीविजन की तुलना करने पर हम पाते हैं कि इंटरनेट का महत्त्व ज्यादा है,क्योंकि:
- (1.) यों तो टेलीविजन पर प्रसारित सूचनाएँ काफी लाभदायक होती हैं।परन्तु इस पर सूचनाएँ अधिकतर दृश्यों,ग्राफिक्स और आवाज के माध्यम से दी जाती हैं,जबकि लिखित सामग्री पर इसमें बहुत कम ध्यान दिया जाता है।इसकी तुलना में इंटरनेट पर सूचना के सभी माध्यमों लिखित सामग्री,ग्राफिक्स,आवाज एवं दृश्यों पर समान रूप से ध्यान दिया जाता है।हम जिस रूप में सूचना प्राप्त करना चाहें,कर सकते हैं।
- (2.) टेलीविजन पर प्राप्त सूचना हमें उसी रूप में ग्रहण करनी होती है जिस रूप में सूचना टेलीविजन पर प्रस्तुत की जाती है,जबकि इंटरनेट पर उपलब्ध सूचना को,मनचाहे माध्यम में,अपनी जरूरत के अनुसार प्राप्त कर सकते हैं।
- (3.) टेलीविजन पर जो भी सूचना प्रसारित की जाती है,उसका एक निश्चित समय होता है।अगर वही सूचना अन्य किसी भी समय पर प्राप्त करना चाहें तो वह सम्भव नहीं है,जबकि इंटरनेट पर कोई भी सूचना किसी भी समय प्राप्त की जा सकती है,क्योंकि सूचना वहाँ हमेशा उपलब्ध रहती है।
- (4.) साथ ही,टेलीविजन एकतरफा माध्यम है,जिस पर हम सूचना सिर्फ प्राप्त कर सकते हैं,जबकि इंटरनेट दोतरफा माध्यम है जिस पर सूचना का आदान-प्रदान,दोनों सम्भव हैं।
8.इंटरनेट का दुरुपयोग (Abuse of the Internet):
- इंटरनेट आज के समय में सूचनाओं का असीमित खजाना है,लेकिन इसके सही इस्तेमाल की समझ होना बहुत ज़रूरी है। इसके अत्यधिक उपयोग से कई बार छात्रों का मानसिक संतुलन और पढ़ाई प्रभावित होती है।मैंने पिछले लेख में विस्तार से बताया था कि कैसे ” Internet Addiction Affect Math Studies ” हो रही है और छात्र इससे कैसे बचें।
- एक और इंटरनेट सूचना के क्षेत्र में ‘मील का पत्थर साबित हो रहा है तो दूसरी ओर इस सुविधा का कुछ लोग दुरुपयोग भी कर रहे हैं वीडियो कैसेट की तुलना में इंटरनेट पर ब्लू फिल्में उत्तम क्वालिटी के चित्रों के साथ उपलब्ध हैं जिस पर किसी तरह की रोकथाम सम्भव नहीं है जिससे समाज पर होने वाले कुप्रभाव को रोका नहीं जा सकता।
- न्यूज ग्रुप पर सेक्स सम्बन्धी अश्लील बातों को लोग प्रसारित करने से बाज नहीं आते हैं।वैसे तो अमरीका में इंटरनेट पर से पोर्नोग्राफी (pornography) दूर करने के लिए उपाय किए जा रहे हैं,वहीं भारत में अश्लील कार्यक्रमों को रोकने वाले सॉफ्टवेयर ही उपलब्ध नहीं है।
साथ ही,अपराधी भी इंटरनेट की ई-मेल सुविधा का उपयोग करके अपराधों को बढ़ा रहे है।इंटरनेट पर होने वाली आपराधिक गतिविधियों को रोकना आसान नहीं है।क्योंकि अपराधी अपने संदेश को छोटे-छोटे टुकड़ों में भेजते हैं जिसके चलते पूरा संदेश जब तक हाथ में न आ जाए,संदेश से किसी तरह का मतलब निकालना सम्भव नहीं है। - इसके अलावा साइबर फ्राड करके अपराधी लोगों के बैंक से लाखों रुपयों को पलक झपकते ही उड़ा देते हैं,यह लूट का इंटरनेट का तरीका है।बहुत से लोग साइबर क्राइम के शिकार हो चुके हैं और अपनी गाड़ी कमाई के लाखों रुपये गँवा चुके हैं।
- इसके अलावा,गुप्त सूचनाओं को इंटर-नेट पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी कोई कदम उठाना आसान नहीं है।इंटरनेट के असंगठित नेटवर्क पर ट्रेडमार्क या कॉपीराइट का कानून लागू करना सम्भव नहीं है जिसके चलते प्रकाशकों को सर्वाधिक आर्थिक क्षति होती है।
- इंटरनेट के दुरुपयोग होने से इंटरनेट की महत्ता जरा भी कम नहीं हो जाती,क्योंकि समुद्र की महत्ता उससे होने वाले लाभ से ऑकी जाती है न कि उस पर तैरते हुए व्यर्थ पदार्थों से।विज्ञान के किसी भी नए आविष्कार के दुरुपयोग की सम्भावना हमेशा बनी रहती है।यह तो मानव पर निर्भर करता है कि वह उपलब्ध सुविधाओं का सदुपयोग करता है या दुरुपयोग।
- उदाहरण के लिए,आण्विक शक्ति से हम बिजली भी पैदा कर सकते हैं और अणुबम बनाकर मानव की तबाही भी कर सकते हैं।इसलिए हमें चाहिए कि हम किसी भी नई वैज्ञानिक उपलब्धि से होने वाले लाभ को
देखकर ही महत्ता आँके। - इंटरनेट आज के समय में सूचनाओं का असीमित खजाना है,लेकिन इसकी सही समझ न होने से कई छात्र-छात्राएँ गुमराह हो जाते हैं और इंटरनेट पर मित्र के अनैतिक तरीके अपनाकर अश्लील हरकते करते हैं।मैंने पिछले लेख में विस्तार से इसके बारे ” Weird Ways to Make Friends on Internet “में बताया था कि कैसे-कैसे हथकण्डे मित्र बनाने के लिए अपनाये जाते हैं।पूरी जानकारी के लिए इसे पढ़ें।
उपर्युक्त आर्टिकल में इंटरनेट:सूचनाओं का खजाना:9 रहस्य जो आपको पता होनी चाहिए (Internet:Suchanao Ka Khajana-9 Secrets You Must Know) के बारे में इंटरनेट की उपयोगिता और उसके दुष्प्रभाव बताएँ गए हैं। - ### 📢 यदि आपको यह गणित का आर्टिकल पसंद आया हो:
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9.मित्र के इंटरनेट का चस्का (हास्य-व्यंग्य) (Friend’s addiction to the internet) (Humour-Satire):
- मित्र (प्रीतम से):क्या कर रहे हैं?
- प्रीतम:इंटरनेट पर सर्फिंग कर रहा हूँ।
- मित्र:कितनी देर हो गई है?
- प्रीतम:पाँच घण्टे से।
- मित्र:इतना चस्का ठीक नहीं है।
- प्रीतम:यार इंटरनेट का डाटा मिला हुआ है (2GB/day) उसको तो खत्म कर दूँ,मेरा क्या जा रहा है?
मित्र:इंटरनेट की लत ठीक नहीं है।उचित उपयोग करना ही ठीक है।आपका समय बर्बाद हो रहा है।
10.इंटरनेट:सूचनाओं का खजाना:9 रहस्य जो आपको पता होनी चाहिए (Frequently Asked Questions Related to Internet:Suchanao Ka Khajana-9 Secrets You Must Know) से सम्बन्धित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:
प्रश्न:1.फ्रीक्वेंटली आस्कड क्वेश्चंस का अर्थ बताओ। (Explain the meaning of frequently asked questions):
उत्तर:यह एक प्रकार का दस्तावेज है जिसमें किसी विषय विशेष के सर्वाधिक सामान्य प्रश्नों का संग्रह किया जाता है और उसका जवाब दिया जाता है।
प्रश्न:2.इंटरनेट सेवाओं पर टिप्पणी लिखो। (Write comments on Internet services):
उत्तर:यह दो प्रकार की होती है:(1.)नेटवर्क सेवाएँ (Network Services):जिसमें नामकरण और रजिस्ट्रेशन सेवाएं शामिल है।
(2.)ग्राहक सेवाएँ (User Services):इसके अन्तर्गत इलेक्ट्रॉनिक मेल,फाइल ट्रांसफर,रिमोट टर्मिनल एसेस,रिमोट कम्प्यूटिंग,रिमोट इन्फॉर्मेशन एसेस शामिल है।
प्रश्न:3.लाॅगइन से क्या आशय है? (What do you mean by login?):
उत्तर:एकाउंट नाम,जिसका उपयोग एक कम्प्यूटर सिस्टम में प्रवेश के लिए किया जाता है।एक कम्प्यूटर सिस्टम में प्रवेश की प्रक्रिया।
- उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर इंटरनेट:सूचनाओं का खजाना:9 रहस्य जो आपको पता होनी चाहिए (Internet:Suchanao Ka Khajana-9 Secrets You Must Know) की प्राइमरी टर्म्स के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
- *”यह आर्टिकल **Satyam Mathematics** ब्लॉग पर **Satyam Coaching Centre** के द्वारा तैयार किया गया है।”*











