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What is Unemployment and Solution in Current Education?

1.वर्तमान शिक्षा में बेरोजगारी और समाधान क्या है? का परिचय (Introduction to What is Unemployment and Solution in Current Education?),बेरोजगारी के लिए पात्र कौन है? (Who is Eligible for Unemployment?):

  • वर्तमान शिक्षा में बेरोजगारी और समाधान क्या है? (What is Unemployment and Solution in Current Education?),बेरोजगारी के लिए पात्र कौन है? (Who is Eligible for Unemployment?):बेरोजगारी के लिए शिक्षा पद्धति के साथ-साथ कई कारण हैं जिनके कारण बेरोजगारी विकराल रूप धारण चुकी है।साधारण बोलचाल की भाषा में जो युवक-युवतियाँ पढ़-लिखकर किसी उत्पादक कार्य में लगे हुए नहीं हैं उन्हें साक्षर बेरोजगार कहा जाता है।ऐसे युवक-युवतियाँ मजदूरी की प्रचलित रेट से कम रेट पर मजदूरी करने के लिए तैयार हो जाते हैं।
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via https://youtu.be/qbYwxyXY6PI

2.वर्तमान शिक्षा में बेरोजगारी और समाधान क्या है? (What is Unemployment and Solution in Current Education?),बेरोजगारी के लिए पात्र कौन है? (Who is Eligible for Unemployment?):

  • शिक्षित वर्ग में रोजगारी मोटेतौर पर शहरी बेरोजगारी का ही अंश है। यह एक अत्यन्त गंभीर समस्या बन चुकी है परन्तु शिक्षित बेरोजगारों की संख्या के सम्बन्ध में कोई विश्वसनीय अनुमान उपलब्ध नहीं है।न केवल इसका अनुमान लगाने में सैद्धान्तिक कठिनाइयाँ हैं बल्कि जिस प्रकार की सांख्यिकीय जानकारी इसका अनुमान लगाने के लिए आवश्यक है,यह भी उपलब्ध नहीं है।इस प्रकार शिक्षित बेरोजगारी के विश्लेषण के लिए आवश्यक आधार मौजूद नहीं है।फिर भी जो कुछ फुटकर तथ्य मिलते हैं,उनके आधार पर समस्या के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला जा सकता है।स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात भारत में बेरोजगारी में तेजी से वृद्धि हुई है।जहाँ अन्य विकासशील देशों में – विशेष तौर पर मध्य पूर्व व अफ्रीका में) कुशल श्रम का अभाव है वहाँ भारत में इंजीनियरिंग डिग्री व डिप्लोमा वाले युवक-युवतियाँ बेरोजगार रह जाते हैं।यह एक दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि भारत में मैट्रिक पास युवकों के पास कोई व्यावसायिक प्रशिक्षण (Vocational Training) नहीं होता।इसलिए वे कोई भी कुशल कार्य करने में सक्षम नहीं होते हैं।वे सब के सब क्लर्की व अन्य कम वेतन वाले अकुशल रोजगार अवसरों के पीछे दौड़ते हैं। बहुत से बेरोजगार अपने रोजगार अवसरों को बढ़ाने के दृष्टिकोण से ओर उच्च शिक्षा प्राप्त करते हैं।यही कारण है कि अक्सर छोटी-मोटी नौकरियों के लिए भी स्नातक या उससे भी अधिक शिक्षा प्राप्त युवा संघर्ष करते नजर आते हैं।
  • भारत में शिक्षित बेरोजगारी के बहुत से कारण हैं।दोषपूर्ण शिक्षा व्यवस्था,नौकरी तलाश करने वालों में तकनीकी प्रशिक्षण तथा आवश्यक योग्यता की कमी तथा शिक्षित लोगों की मांग और पूर्ति में असन्तुलन इस बेरोजगारी के प्रमुख कारण हैं।परन्तु शिक्षित बेरोजगारी का मूल कारण वही है जो देश में सामान्य बेरोजगारी का मूल कारण है और यह है – आर्थिक विकास की धीमी गति।विकास की दर सभी शिक्षित लोगों को रोजगार प्रदान कर पाने में असमर्थ रही है।ब्लाग,लेयर्ड तथा वुडहाल के अनुसार,शिक्षित श्रम की पूर्ति हमेशा मांग की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ती रही है।इसलिए शिक्षित श्रम शक्ति के अनुपात के रूप में शिक्षित बेरोजगारों की संख्या सापेक्षिक रूप से स्थिर रही है।इसका प्रमुख कारण यह है कि शिक्षा की निजी लागत उससे अनुमानित प्रतिफल के बीच बहुत बड़ा अन्तर है।भारत में उच्च शिक्षा की निजी लागत उससे अनुमानित प्रतिफल की तुलना में बहुत कम है।इसलिए आवश्यकता से बहुत अधिक लोग उच्च शिक्षा प्राप्त करने में लगे रहते हैं।उनका प्रयास केवल यही होता है कि इस तरह रोजगार के अवसरों को बढ़ाया जाए।परन्तु ऐसा करते समय वे कम शिक्षित लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर देते हैं (क्योंकि उनकी स्पर्धा के कारण कम शिक्षित लोगों का रोजगार प्राप्त करने में अधिक कठिनाई होती है)।
  • उपर्युक्त आर्टिकल में वर्तमान शिक्षा में बेरोजगारी और समाधान क्या है? (What is Unemployment and Solution in Current Education?),बेरोजगारी के लिए पात्र कौन है? (Who is Eligible for Unemployment?) के बारे में बताया गया है।
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