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Mathematician Carl Friedrich Gauss

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2 2.गणितज्ञ कार्ल फ्रेडरिक गाउस (Mathematician Carl Friedrich Gauss) के सम्बन्ध में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

1.गणितज्ञ कार्ल फ्रेडरिक गाउस (Mathematician Carl Friedrich Gauss):

  • गणितज्ञ कार्ल फ्रेडरिक गाउस (Mathematician Carl Friedrich Gauss) नामक महान् गणितज्ञ जर्मनी में पैदा हुआ था।इनका कार्य 1777 ईस्वी से 1855 ईस्वी तक था।यह प्रारम्भ से ही निर्धनता में पला था।इसके पिता राज-मजदूरी करते थे।उनमें कोई प्रतिभा नहीं थी।वह तो यही चाहते थे कि उनका पुत्र भी मजदूर बने और उनकी यदि चली होती तो गाउस इससे ज्यादा नहीं हो पाता परन्तु इनकी माँ को पुत्र से बड़ी-बड़ी आशाएँ थी।एकदिन उसने गाउस के मित्र,’बोलिए’ से पूछा कि उसके विचार से गाउस बड़ा होकर क्या होगा? ‘बोलिए’ ने उत्तर दिया, ‘यूरोप का सबसे बड़ा गणितज्ञ’ और उसका अनुमान ठीक ही निकला।
  • सौभाग्य से गाउस तत्कालीन राजा का कृपा पात्र हो गया।अतः उनकी शिक्षा राजा की देखरेख में हुई। जीवन के प्रारंभ में यह बालकों को ट्यूशन पढ़ाकर जीवन निर्वाह करता रहा।1807 में जब गटिंगटन में एक वेधशाला की स्थापना हुई ,यह उसका निदेशक (Director) और ज्योतिष का प्राध्यापक नियुक्त हुआ।गाउस के बचपन की कुछ घटनाएं उल्लेखनीय हैं।यह करीब 3 वर्ष की उम्र का बालक था तब एक दिन उसके पिता मजदूरों का हिसाब कर रहे थे।यह ध्यान से सुन रहा था तभी एकदम बोल उठा “हिसाब में गलती है,पैसा इतना नहीं इतना होना चाहिए”।पिता ने हिसाब की जांच की तो लड़के की बात सही निकली।गाउस जब 10 वर्ष की अवस्था में था,तब स्कूल के प्रधानाचार्य बटलर ने एक दिन सारी कक्षा को जोड़ का एक प्रश्न दिया जो इस प्रकार था:
  • 81297+81495+81693+……..+100 पदों तक योग निकालो।
  • उन लड़कों में से किसी को भी समांतर श्रेणी (A.P.)का ज्ञान नहीं था।जैसे ही प्रश्न बोलकर समाप्त हुआ,गाउस ने तुरंत उसका उत्तर लिखकर स्लेट मेज पर रख दी परंतु अन्य कोई भी विद्यार्थी प्रश्न को पूरे घंटे में भी हल नहीं कर पाया।क्योंकि समांतर श्रेणी के ज्ञान के अभाव में पहले 100 पद लिखने थे और उनका योग निकालना था।गाउस का उत्तर ठीक निकला।उस दिन से बटलर गाउस पर दयालु हो गया और उसने अपनी जेब से गाउस को अंकगणित की एक पुस्तक खरीद कर दी।गाउस के विषय में वह प्राय: कहा करता था, “इस लड़के को मैं ओर कुछ नहीं पढ़ा सकता”
  • जब गाउस विश्वविद्यालय में पढ़ता था तभी न्यूनतम वर्गो के सिद्धान्त (Theory of Least Squares) का भाव मन में अंकुरित हुआ तथा इन्हीं दिनों उसने यह साध्य की कि “किसी वृत को यूक्लिड की विधि से 17 बराबर भागों में बांटा जा सकता है।”1801 ईस्वी में संख्या सिद्धांत (Theory of Numbers) पर उसका प्रसिद्ध ग्रंथ प्रकाशित हुआ।इसके बाद इसने शुद्ध गणित पर अनेक अभिपत्र (Research Articles) लिखें। इसी ने सबसे पहले अन्यूक्लिडी ज्यामिति को जन्म दिया।
  • गाउस की प्रतिभा बहुमुखी थी।इसने सारणिको (Determinants) और काल्पनिक (Bionomial Equations) के हल (Solution) निकाले।अनंत श्रेणियों के अभिसरण (Convergence of Infinite Series) के कठिन परीक्षणों (Rigorous Tests) का आविष्कार किया तथा दीर्घकाल फलनों की द्विकावर्तता (Double Periodicity of Elliptic Functions) सिद्ध की।इन विषयों पर शोध कार्य इतना मौलिक और महत्वपूर्ण रहा कि इसे आधुनिक गणितीय विश्लेषण के तीन महान् विद्वानों में गिना जाता है।इसके अतिरिक्त ज्योतिष,चुंबकत्व,विद्युत्व और भूमिति पर भी इसका महत्वपूर्ण अनुसंधान हुआ है।
  • इनकी सबसे प्रसिद्ध पुस्तक ‘डिस्क्वीजीशनिस (Disquisitiones)’ है जिसके सात भाग हैं। पहले तीन भागों से सशेषता सिद्धांत (Theory of Congruencies) का प्रतिपादन किया गया है। चौथे भाग में वर्णनात्मक अवशेष सिद्धांत (Theory of Quadratic Residues) का वर्णन है।पाँचवे भाग में वर्गात्मक रूप (Binary Quadratic Residues) दिए गए हैं।छठवे और सातवें भागों में बीजगणितीय समीकरणों पर ऊपरिलिखित सिद्धांतों का प्रयोग किया गया है।यह पुस्तक 1801 ईस्वी में छपी थी।
  • काल फ्रेडरिक गाउस को गणितज्ञों का राजकुमार (Prince of Mathematician) कहा जाता है। उनकी उस समय के 3 महान गणितज्ञों में से एक के रूप में गिना जाता है।दो अन्य महान गणितज्ञ आर्किमिडीज (Archimedes) और न्यूटन (Newton)हैं।
  • कार्ल फ्रेडरिक गाउस शून्य से शिखर तक पहुँचने का मार्ग कठिनाइयों से भरा हुआ रहा है।उन्होंने निर्धनता से अपनी पढ़ाई की और अपनी प्रतिभा तथा माता के सहयोग से एक महान् गणितज्ञ बनकर अमर हो गए।उनके गणित तथा विज्ञान में योगदान के लिए वे हमेशा याद किए जाते रहेंगे।पिताजी तो उन्हें अपने समान ही मजदूरी में लगाना चाहते थे परन्तु उनके पुरुषार्थ तथा माता के आशीर्वाद से वे एक महान् गणितज्ञ के रूप में याद किए जाते हैं।उनकी पूरी जीवनी प्रेरणादायक है जो छात्र-छात्राओं को आगे बढ़ने में सहायक है।
  • उनका गणित और विज्ञान दोनों में महत्त्वपूर्ण योगदान (Fundamental Contribution) रहा है।
    उपर्युक्त विवरण में गणितज्ञ कार्ल फ्रेडरिक गाउस (Mathematician Carl Friedrich Gauss) के बारे में बताया गया है।
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2.गणितज्ञ कार्ल फ्रेडरिक गाउस (Mathematician Carl Friedrich Gauss) के सम्बन्ध में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.कार्ल फ्रेडरिक गाउस का गणित में क्या योगदान है? (What was Carl Friedrich Gauss contribution to mathematics?):

उत्तर:कार्ल फ्रेडरिक गाउस को उनके योगदान संख्या सिद्धान्त (number theory),ज्यामिति (geometry),प्रायिकता सिद्धान्त (probability theory),geodesy तथा खगोलीय ग्रहों (planetary astronomy),फलनों के सिद्धान्त (theory of functions),तथा potential theory (including electromagnetism) के लिए एक महान् गणितज्ञ माना जाता है।

प्रश्न:2.गाउस सिद्धान्त क्या है? (What was Gauss theory?):

उत्तर:यदि एक संख्या को अन्य संख्या में से घटाते हैं तो घटाने के बाद अवशेष को एक अन्य संख्या से विभाजित किया जा सकता है तो दोनों संख्याएं एक दूसरे के सर्वांगसम होती है।गाउस सूत्र निम्न प्रकार है:a is congruent to b modulo c.For example, 720 – 480 = 240.

प्रश्न:3.गासियन की रचना किसने की? (Who created the Gaussian?):

उत्तर:कार्ल फ्रेडरिक गाउस (Karl Friedrich Gauss)
बहुत सी पाठ्यपुस्तकों में इसे गासियन वक्र कहा जाता है (Gaussian Curve),19वीं शताब्दी में जर्मन गणितज्ञ कार्ल फ्रेडरिक गाउस (German mathematician Karl Friedrich Gauss) ने वक्र की आकृति का जब अध्ययन कर रहे थे तब पता लगाया कि यादृच्छिक त्रुटि (random errors) से आंकड़े कैसे प्रभावित होते हैं।

प्रश्न:4.कार्ल फ्रेडरिक गाउस से शादी किसने की? (Who did Carl Gauss marry?):

उत्तर:कार्ल फ्रेडरिक गाउस ने निम्न ने शादी की:
Friederica Wilhelmine Waldeck
m.1810–1831
Johanna Osthoff
m.1805–1809
Carl Friedrich Gauss/Spouse

प्रश्न:5.गणित के जनक कौन हैं? (Who is the father of mathematics?):

उत्तर:आर्किमिडीज (Archimedes)
निर्विवाद रूप से आर्किमिडीज को गणित और विज्ञान का जनक (father of mathematics) कहा जाता है।एरिक टेम्पल बेल (Eric Temple Bell) ने लिखा है कि तीन महान् गणितज्ञों की सूची बनायी जाए तो उनमें से आर्किमिडीज (Archimedes) का नाम एक होगा।

प्रश्न:6.गणित की रानी किसे कहा जाता है? (Who is the Queen of maths?):

उत्तर:महान् गणितज्ञ कार्ल फ्रेडरिक गाउस (Carl Friedrich Gauss) ने दावा किया है कि विज्ञान की रानी गणित (Mathematics is the queen of the sciences) है और गणित की रानी संख्या सिद्धान्त (number theory is the queen of mathematics) है।अभाज्य संख्याओं के गुणधर्म संख्या सिद्धान्त में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते है।

प्रश्न:7.सम्पूर्ण समय में कौन महान् गणितज्ञ है? (Who is considered the greatest mathematician of all time?):

उत्तर:आर्किमिडीज (Archimedes) को समी समय के लिए एक महान् गणितज्ञ के रूप में स्वीकार किया जाता है।

प्रश्न:8.कार्ल फ्रेडरिक गाउस 1 से 100 तक कैसे जोड़ते थे? (How did Carl Gauss Add 1 to 100?):

उत्तर:गाउस ने ध्यान दिया कि 1 से 100 तक की संख्याओं को दो समूह में विभक्त किया जाए (1से 50 तथा 51 से 100 तक)।उसने 101 योग प्राप्त करने के लिए उनको लम्बवत् योग किया (he could add them together vertically to get a sum of 101)।गाउस ने अन्त में अनुभव किया यह योग 50(101)=5050 होता है।
S श्रेणी का योगफल है और n पदों की संख्या, इस मामले में पदो की संख्या 100 है।

प्रश्न:9.संख्या सिद्धान्त गणित की रानी कैसे है? (Why number theory is the queen of mathematics?):

उत्तर:जर्मन गणितज्ञ कार्ल फ्रेडरिक गाउस (German mathematician Carl Friedrich Gauss (1777–1855)) ने कहा कि गणित विज्ञान की रानी है और संख्या सिद्धान्त गणित की रानी है।संख्या सिद्धान्तकारों ने अध्ययन किया कि अभाज्य संख्याएँ की तरह ही गणितीय वस्तुओं के गुणधर्मों को पूर्णांकों से बनाया गया है जैसे कि परिमेय संख्याएँ जिनका सामान्यीकरण किया जा सकता है।

प्रश्न:10.क्या गाउस प्रतिभाशाली थे? (Was Gauss a genius?):

उत्तर:जाॅन कार्ल फ्रेडरिक गाउस (Johann Carl Friedrich Gauss) को गणितज्ञों का राजकुमार कहा जाता है।उन्होंने गणित और विज्ञान में जो योगदान दिया है उसके कारण उनको बचपन से ही प्रतिभाशाली माना जाता है।

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उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा गणितज्ञ कार्ल फ्रेडरिक गाउस (Mathematician Carl Friedrich Gauss) के बारे में ओर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

Mathematician Carl Friedrich Gauss

गणितज्ञ कार्ल फ्रेडरिक गाउस
(Mathematician Carl Friedrich Gauss)

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गणितज्ञ कार्ल फ्रेडरिक गाउस (Mathematician Carl Friedrich Gauss)
नामक महान् गणितज्ञ जर्मनी में पैदा हुआ था।इनका कार्य 1777 ईस्वी से 1855 ईस्वी तक था।
यह प्रारम्भ से ही निर्धनता में पला था।इसके पिता राज-मजदूरी करते थे।उनमें कोई प्रतिभा नहीं थी।

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