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IIT Std Richa Singh Founder Yourdost

1.आईआईटी की छात्रा ऋचा सिंह योरदोस्त की संस्थापक (IIT Std Richa Singh Founder Yourdost),आईआईटी की पूर्व छात्रा ऋचा सिंह अपने स्टार्टअप योरदोस्त के माध्यम से हजारों जीवन बचा रही हैं (IIT Alumnus Richa Singh is Saving Thousands of Lives Through Her Startup Yourdost)-

  • आईआईटी की छात्रा ऋचा सिंह योरदोस्त की संस्थापक (IIT Std Richa Singh Founder Yourdost) से मिलिए जो अपने स्टार्टअप योरदोस्त के माध्यम से हजारों की जिंदगी बचा रही है।
  • आईआईटी गुवाहाटी से करते समय उसने महसूस किया कि बहुत से छात्र-छात्राएं मानसिक दबाव तथा तनाव से गुजरते हैं।ये युवा अपने दबाव व तनाव को दूसरों के साथ साझा भी नहीं करते हैं।
  • ऋचा सिंह ने इसी क्षेत्र में अपना कार्य आगे बढ़ाने के बारे में सोचा।यह एक ऐसा क्षेत्र है जो अधिक विकसित नहीं हुआ है।लेकिन जब 2015 में उसने अपना स्टार्टअप योरदोस्त प्रारंभ किया तो उसके बाद से अब तक इनका ऑनलाइन मेंटल केयर वेंचर योरदोस्त लोगों का विश्वास जीतने में सफल रहा हैं।
  • स्वयं को एक प्रॉब्लम सॉल्वर के रूप में देखने वाली बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप योरदोस्त की सह-संस्थापक एवं सीईओ ऋचा सिंह मानती है कि अपने सपनों का पीछा करने तथा उसको हासिल करने में एक अलग ही संतोष मिलता है।
  • लोगों को सही समय पर मदद पहुंचाना एक अलग ही सुकून देता है।ऐसा कोरोनावायरस के कारण फैली महामारी कोविड-19 के दौरान विशेष रूप से हुआ।उसने आम लोगों के साथ-साथ कंपनियों, उद्यमियों को सेवाएं उपलब्ध कराई।
  • ऋचा सिंह की प्रारंभिक पढ़ाई-लिखाई भोपाल में हुई। इंजीनियरिंग करने की इच्छा से कोटा कोचिंग करने के लिए गई।लेकिन वहां का वातावरण पसंद नहीं आया।इसलिए वापस अपने शहर लौटकर जेईई-मेन की तैयारी प्रारंभ कर दी।प्रथम प्रयास में ही सफलता मिल गई।आईआईटी गुवाहाटी में प्रवेश मिल गया।
  • आईआईटी गुवाहाटी में प्रोडक्ट डिजाइनिंग का कोर्स करते समय ही उसने बहुत से युवाओं को तनाव व मानसिक दबाव से गुजरते हुए देखा था।उसे इस बात को लेकर बहुत आश्चर्य हुआ कि वे युवा अपने तनाव व मानसिक दबाव को किसी के साथ साझा नहीं करते हैं।
  • उस समय देश में मंदी का समय था।प्लेसमेंट और नौकरी को लेकर मन में संशय था। हॉस्टल की एक दोस्त ने प्लेसमेंट ना होने की वजह से अपनी जिंदगी समाप्त कर ली।
  • इन सब घटनाओं ने ऋचा सिंह को सोचने के लिए विवश कर दिया।
  • ऋचा सिंह के अनुसार योरदोस्त करने की उसकी कोई योजना नहीं थी।उसकी ऐसी कोई पारिवारिक पृष्ठभूमि भी नहीं थी।लेकिन हैदराबाद स्थित डीईशाॅ एंड कंपनी में नौकरी के दौरान भी उसने अपने सहकर्मियों को भी दबाव व अवसाद से गुजरते देखा।तब अपने सहयोगी पुनीत मनोजा से इस बारे में चर्चा की।
  • उन्होंने शुरुआत ब्लॉग लेखन से किया।जब उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया मिलने लगी तो उन्होंने बिजनेस के रूप में परिवर्तित कर लिया।नौकरी छोड़कर योरदोस्त स्टार्टअप लाॅन्च कर दिया।
  • यह एक ऐसा प्लेटफाॅर्म है जहां लोग अपनी मानसिक परेशानी को लेकर विशेषज्ञ मनोचिकित्सक,लाइफ कोच या काउंसलर से परामर्श हासिल कर सकते हैं।इस समय इनके प्लेटफाॅर्म योरदोस्त से 900 से अधिक मनोचिकित्सक,साइकोथैरेपिस्ट,लाइफ एंड करियर कोच जुड़े हुए हैं।
  • ऋचा सिंह के अनुसार उसने एक कठिन रास्ते का चुनाव किया था।परिजन संशय में थे,आर्थिक चुनौतियां थी।उसका करीब 150 से 200 निवेशकों से मिलना हुआ परंतु बात नहीं बनी।कुछ रकम इकट्ठा की, इसके अलावा 20 दिन में क्राउड फंडिंग से ₹500000 इकट्ठा किया और स्टार्टअप शुरू कर दिया।
  • पुनः जब निवेशकों से मिले तो उन्हें राजी करने में सफल रहे।उसका कहना है कि जब आपका उद्देश्य स्पष्ट है तो निवेशक भी विश्वास करने में देर नहीं करते।हमेशा याद रखना चाहिए कि हर कोई आपको पसंद नहीं करेगा,इसके बावजूद अपने लक्ष्य से समझौता न करें।
  • व्यवसाय में रिजेक्शन का सामना करना पड़ता है।मन में निगेटिविटी भी आती है कि लोग क्या कहेंगे? कहीं आइडिया का मजाक तो नहीं बनेगा।परन्तु टीम का साथ हो तो हर हालात को नियंत्रित किया जा सकता है।छह माह के लिए छोटा लक्ष्य तय किया।जैसे ही लक्ष्य पूरा हुआ उसका आत्मविश्वास बढ़ा।जोखिम उठाने का हौसला भी आ गया। दरअसल आपको एक ऐसे व्यक्ति की जरूरत है जो आपका समर्थन करें,आपका मेंटर बने।किसी को सब कुछ जानना जरूरी नहीं है लेकिन सही लोगों तक पहुंचना तथा टीम को जोड़े रखना आना चाहिए।
  • उपर्युक्त विवरण में आईआईटी की छात्रा ऋचा सिंह योरदोस्त की संस्थापक (IIT Std Richa Singh Founder Yourdost),आईआईटी की पूर्व छात्रा ऋचा सिंह अपने स्टार्टअप योरदोस्त के माध्यम से हजारों जीवन बचा रही हैं (IIT Alumnus Richa Singh is Saving Thousands of Lives Through Her Startup Yourdost), के बारे में बताया गया है।
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2.ऋचा सिंह योरदोस्त (Richa Singh Yourdost),आईआईटी की छात्रा ऋचा सिंह योरदोस्त की संस्थापक (IIT Std Richa Singh Founder Yourdost)-

  • ऋचा सिंह का जन्म और पालन-पोषण भोपाल में हुआ।  “उसने कई गतिविधियों का वास्तव में आनंद लिया और नृत्य, पेंटिंग, तैराकी और टेबल टेनिस का आनंद लिया।  उसे हमेशा एक जिंदादिल व्यक्ति माना जाता था और उसके बहुत सारे दोस्त थे, जो उसमें विश्वास रखते थे।”ऋचा कहती है।स्कूल पूरा करने के बाद, वह डिजाइन में स्नातक करने के लिए IIT गुवाहाटी चली गईं।
    योरदोस्त के सह संस्थापक और सीईओ इन तनावपूर्ण में ऑनलाइन मानसिक स्वास्थ्य मंच चलाने की चुनौतियों और पुरस्कारों के बारे में बात करती हैं।
  • बेंगलुरु, भारत।भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान की स्नातक ऋचा सिंह ने मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण के लिए ऑनलाइन पोर्टल, YourDOST- ‘दोस्त’ का मतलब हिंदी में ‘दोस्त’ है -2014 में, ग्रेड के बारे में चिंतित एक साथी IIT छात्र की आत्महत्या का अनुभव करने के बाद ऋचा सिंह ने उसके बारे में तथा तनाव व अवसाद के बारे में चिन्तन किया।

3.योरदोस्त (Yourdost)-

  • पुनीत मनुजा और ऋचा सिंह की YourDOST मानसिक स्वास्थ्य पर बातचीत और सुझाव देती है।फोर्ब्स इंडिया आपके व्यापार, स्टॉक के लिए गंतव्य है।
  • कैरियर,संबंध,अभिभावक परामर्शदाताओं,मनोवैज्ञानिकों से आत्म सुधार और तनाव, चिंता और अवसाद से राहत के लिए मनोवैज्ञानिकों के साथ ऑनलाइन चैट करें।
  • YourDOST के बारे में और पढ़ें: एक स्टार्टअप जो आपको बिजनेस-स्टैंडर्ड पर भावनात्मक, मानसिक चुनौतियों से निपटने में मदद करता है।
  • YourDOST एक ऑनलाइन प्रौद्योगिकी प्लेटफ़ॉर्म है जो लोगों की भावनात्मक भलाई के लिए बनाया गया है।
  • YourDOST एक ऑनलाइन प्रौद्योगिकी प्लेटफ़ॉर्म है जो लोगों की भावनात्मक भलाई के लिए बनाया गया है।मंच में लगभग 1000 मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञ हैं।यहां लोग मनोवैज्ञानिक, कोच और मनोचिकित्सक जैसे विशेषज्ञों से सहायता ले सकते हैं।

4.योरदोस्त कहानी (Yourdost Story)-

  • इस बिंदु पर, मुझे एहसास हुआ कि मुझे अपने आंतरिक संघर्षों के साथ आने की जरूरत है।यह कठिन था – एक अंतरतम भय और इच्छाओं के साथ आने से एक ही समय में सूखा और प्राणपोषक होता है।मैं अपने दोस्तों का समर्थन करने के लिए बहुत भाग्यशाली थी और सबसे महत्वपूर्ण बात, मेरे माता-पिता।धीरे-धीरे, मैं चंगा और अधिक सामयिक और दयालु बनने लगी।मैंने खुद पर और अपने सपनों पर काम करने का फैसला किया।तब से, मैंने अपने कुछ सपनों का वास्तविकता में अनुवाद किया है, लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि जैसे मैंने अभी जीना शुरू किया है और पैमाने पर और भी कई कठिनाइयां हैं!मैंने अपने अनुभव से जो सबसे महत्वपूर्ण चीज सीखी है, वह है खुद पर विश्वास न खोना।उन लोगों को भी माफ करना जरूरी है जो आपके साथ भी गलत करते हैं और कर्म पर भरोसा करते हैं।यह अपने आप से प्यार करना और अच्छे से जीना महत्वपूर्ण है, चाहे कुछ भी हो।
  • YourDOST इस युवा महिला की भावना का जश्न मनाता है और उसे आगे के जीवन में शुभकामनाएं देता है!
    क्या आपके पास संघर्ष के भीतर की कोई कहानी है जो आप अपनी बहादुर भावना से आगे बढ़ती है?इसे स्टार्टअप योरदोस्त के साथ साझा करें!आप कभी नहीं जानते कि कौन आपकी कहानी से जुड़ सकता है और आगे बढ़ने के लिए साहस हासिल कर सकता है!
  • आप http://bit.ly/yd_story पर सर्वेक्षण भरकर अपनी कहानी में योगदान दे सकते हैं या इसे [email protected] पर भेज सकते हैं या पाठ /ऑडियो/वीडियो कहानी को 92061-16825 पर व्हाट्सएप कर सकते हैं।
    स्वस्थ रहें!प्रेरित रहो!
  • उपर्युक्त विवरण में आईआईटी की छात्रा ऋचा सिंह योरदोस्त की संस्थापक (IIT Std Richa Singh Founder Yourdost) के संघर्ष तथा स्टार्टअप योरदोस्त के बारे में बताया गया है।

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