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How to get good marks in Mathematics in board exam?

1.बोर्ड की परीक्षा में  गणित में अच्छे अंक कैसे प्राप्त करे ?(How to get good marks in Mathematics in board exam?)-

How to get good marks in Mathematics in board exam?

How to get good marks in Mathematics in board exam?

बोर्ड की परीक्षा में गणित  में अच्छे अंक प्राप्त करने (to get good marks in Mathematics in board exam ) के लिए एक विशेष रणनीति की जरूरत होती है ।बोर्ड की परीक्षाओं का समय निकट आ गया है,इसलिए इस समय अपने विषयों की तैयारी गंभीरतापूर्वक प्रारंभ कर देनी चाहिए। इसके लिए विषय के अनुसार समय का प्रबंधन सबसे जरूरी है। समय प्रबंधन में उन विषयों को अधिक समय दे जो कठिन हो तथा सरल विषयों को कम समय आवंटित करें। कठिन विषयों में जैसे गणित,विज्ञान,अंग्रेजी इत्यादि तथा सरल विषयों में जैसे हिंदी,सामाजिक विज्ञान आदि सम्मिलित हैं।विषयों की तैयारी बोर्ड द्वारा निर्धारित सिलेबस व रिकमन्डेड बुक्स के आधार पर करें।सीबीएसई बोर्ड के विद्यार्थियों को एनसीईआरटी की बुक्स तथा राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के विद्यार्थियों को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा प्रकाशित पुस्तकों का अध्ययन करना चाहिए।

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2.गणित विषय की तैयारी(Preparation of Mathematics)[to get good marks in Mathematics in board exam]-

बोर्ड की परीक्षा में गणित  में अच्छे अंक प्राप्त करने  (to get good marks in Mathematics in board exam )के लिए गणित का अभ्यास करना आवश्यक है क्योंकि गणित अभ्यास का विषय है। गणित विषय की तैयारी के लिए अभ्यास का महत्व है,इसलिए रोज सवालों को हल करने की आवश्यकता है‌।गणित का डर भगाने के लिए नियमित अभ्यास करने की आवश्यकता है। इस विषय की तैयारी के लिए कम से कम 3 घंटे रोजाना देंगे तभी परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सकेंगेकठिन सवालों का अभ्यास करने के लिए रेफरेंस बुक की सहायता लें।अभी परीक्षा में जितना समय है उस हिसाब से रोजाना कम से कम 30 सवाल हल करें तभी पूरा सिलेबस कवर हो पाएगा।जो चैप्टर अच्छे से समझ में आ गए हैं उन पर अपना ध्यान केंद्रित करें ।परीक्षा कक्ष में पहले उन्हीं सवालों को हल करें जो आपको अच्छी तरह से आते हैं ।अलग-अलग चैप्टर के अंक निर्धारित हैं ।गणित में अधिकांश चैप्टर एक दूसरे से लिंक है इसलिए किसी भी चैप्टर को छोड़ा तो नहीं जा सकता है परंतु जो चैप्टर अधिक अंकों के हैं उन चैप्टर्स का गहराई से अध्ययन करना होगा। सूत्रों को याद करने के लिए छोटी नोटबुक में सूत्रों को लिख लें।सूत्रों की सही व सटीक जानकारी होना जरूरी है।कैलकुलस व समाकलन वाले भाग सबसे अधिक अंकों के हैं तथा इन्हीं से ज्यादा सवाल पूछे जाते हैं इसलिए इन टॉपिक पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
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3.प्रश्नों का पैटर्न(Question pattern)-

प्रश्नों के पैटर्न को समझने के लिए बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद मॉडल पेपर का अध्ययन करें ।सभी चैप्टर्स को पढ़ना जरूरी है ।ऑब्जेक्टिव टाइप, लघु उत्तरीय तथा दीर्घ उत्तरीय सवालों की संख्या में काफी अंतर है। इस पैटर्न को ठीक से समझ कर तैयारी करें ।

4.परीक्षा तैयारी की रणनीति(Exam preparation strategy)-

कैलकुलस व समाकलन से सबसे ज्यादा सवाल पूछे जाएंगे इसलिए इन चैप्टर्स की ठीक से तैयारी कर लें। इनसे संबंधित सूत्रों को याद कर लें।इस समय रिवीजन पर फोकस करना चाहिए ‌।मॉडल पेपर्स को समय के अनुसार हल करें। खुद मॉडल पेपर को हल करके उसका मूल्यांकन करें अर्थात खुद का मूल्यांकन खुद करें।जिस चैप्टर में दिक्कत महसूस हो उसको रेफरेंस बुक के आधार पर तैयार करें।गणित के लिए रेफरेंस बुक आर एस अग्रवाल,के सी सिन्हा की मदद ली जा सकती है।वैसे पाठ्यक्रम के लिए बोर्ड द्वारा निर्धारित पुस्तकों से ही अधिकांश सवाल पूछे जाते हैं ।सवाल किस प्रकार से आएगा इसके लिए मॉडल पेपर को देख लें। मॉडल पेपर्स की पुस्तिका का भी अभ्यास किया जा सकता है ।संपूर्ण पाठ्यक्रम को तीन भागों में बांट लें जटिल,मध्यम और सरल। जटिल अध्याय को बार-बार अभ्यास व पुनरावृत्ति करने की जरूरत है। मध्यम स्तर के अध्याय अर्थात जो न तो कठिन है और न ज्यादा सरल हैं उनकी दो बार पुनरावृत्ति करें तथा सरल अध्यायों की एक बार पुनरावृत्ति कर लें ।अंत में मॉडल पेपर्स का बार-बार समय के अनुसार अभ्यास करें ।मॉडल पेपर्स को हल करने की स्पीड बढ़ाने के साथ-साथ शुद्धता बढ़ाएं ।

5.परीक्षा तिथि घोषित(Exam date declared)-

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई)ने 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी से लेने की घोषणा कर दी है ।बोर्ड परीक्षाओं की डेटशीट आते ही विद्यार्थियों में सबसे पहले मैथ्स के पेपर की तारीख जानने की उत्सुकता होती है।सीबीएसई 12वीं परीक्षा में गणित का पेपर 17 मार्च को होगा। आमतौर पर विद्यार्थियों को अन्य विषयों की तुलना में मैथ्स का पेपर कुछ अधिक कठिन लगता है ।वास्तविकता तो यह है कि यदि इसकी तैयारी ध्यान पूर्वक की जाए तो अच्छे अंक हासिल किए जा सकते हैं। यदि आपको गणित के सारे फार्मूले याद हैं और कॉन्सेप्ट क्लीयर है तो आप निश्चित रूप से अच्छे अंक अर्जित कर सकते हैं। यदि अब भी आप गणित विषय को लेकर दुविधा में हैं तो घबराने के बजाय इसकी तैयारी करने की रणनीति बनाएं।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में भी परीक्षा की तिथि घोषित कर दी गई है जो 5 मार्च से प्रारंभ होगी तथा गणित का प्रश्न पत्र मार्च को होगा।

6.अन्य विषयों की तैयारी(Preparation for other subjects)-

How to get good marks in Mathematics in board exam?

How to get good marks in Mathematics in board exam?

अन्य विषयों की को भी पूरा वेटेज देवें। अन्य विषय जो थ्योरीटिकल है उनके अब तक नोट्स बना लिए होंगे ।उनकी पुनरावृत्ति करें ।नोट्स तथा विषय वस्तु को समझकर याद करें।जहां पर भी वीक पॉइंट है उसे वापस याद करें ।अन्य विषयों तथा गणित में मूलभूत अंतर यह होता है कि अन्य विषय थ्योरीटिकल हैं तथा गणित प्रैक्टिकल विषय है ।थ्योरिटिकल विषय को समझकर याद करने की आवश्यकता होती है जबकि गणित को बार-बार अभ्यास करने की आवश्यकता होती है। विज्ञान विषय को समझ कर स्वयं के नोट्स बनाने चाहिए लेकिन ये नोट्स दिसंबर से पूर्व तक तैयार कर लेने चाहिए ।अब परीक्षा के समय नोट्स तैयार करने में समझदारी नहीं है ।अब उन नोट्स को समझ कर याद कर लें तथा उनकी पुनरावृत्ति करें। जो टॉपिक अधिक कठिन हैं उनको दुबारा से समझने की कोशिश करें ,फिर भी समझ में ना आए तो मेंटर से या शिक्षक से समझ कर तैयार करें ।यदि कोई टॉपिक फिर भी फिर भी समझ में ना आए तो घबराए नहीं जो टॉपिक आपको अच्छे से याद हैं उन पर अपना ध्यान केंद्रित करें। मस्तिष्क पर तनाव को हावी न होने दें। धैर्य रखें और धैर्य पूर्वक तैयारी करते रहे ।सभी विषयों को समय प्रबंधन के अनुसार तैयारी करें।

7.ध्यान व योग(Meditation and yoga)-

परीक्षा के समय विद्यार्थी परीक्षा को लेकर तनावग्रस्त हो जाते हैं ।इसलिए उनको तनाव से बचने के लिए ध्यान व योग नियमित रूप से करना चाहिए। स्वास्थ्य का ध्यान रखेंगे तो बीमार नहीं पड़ेंगे अन्यथा बीमार पड़ सकते हैं और आपकी पूरे साल की मेहनत पर पानी फिर सकता है। इसलिए रोजाना जल्दी उठकर ध्यान और योग करें ।ध्यान और योग से आप पर तनाव हावी नहीं रहेगा ।इससे आप शांत रहेंगे तथा एक अलौकिक आनंद की अनुभूति होती है। नित्य प्रति सुबह जल्दी उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर आसन,प्राणायाम और ध्यान करें ।ध्यान में ऐसी अलौकिक शक्ति है कि आपकी सारी बिखरी हुई विचार प्रक्रिया को इकट्ठे कर देता है जैसे आतिशी शीशा सूर्य की किरणों को इकट्ठी कर देता है और उसमें ऐसी शक्ति उत्पन्न हो जाती है कि कागज वगैरह में अग्नि उत्पन्न कर देता है ।ठीक उसी प्रकार ध्यान व योग करने से मनुष्य की विचार प्रणाली को एकाग्रचित्त कर देता है।महर्षि पतंजलि ने अष्टांग योग की ऐसी विधि मानव मात्र के कल्याण के लिए बताई है जिससे किसी भी संप्रदाय का व्यक्ति लाभ उठा सकता है। अष्टांग योग के आठ अंग है ।यम-(अहिंसा,सत्य,अस्तेय,ब्रह्मचर्य,अपरिग्रह), नियम-(शौच,संतोष,तप,स्वाध्याय, परमात्मा की भक्ति), आसन,प्राणायाम,प्रत्याहार,ध्यान,धारणा,समाधि।इनमें प्रथम पांच बहिरंग साधन तथा अंतिम तीन अंतरंग साधन है। यम निषेधात्मक है तथा नियम सकारात्मक हैं।विद्यार्थीकाल तप व साधना का काल है। जो विद्यार्थी विद्यार्थी काल को ऐशो आराम में व्यतीत करता है वह विद्यार्जन नहीं कर सकता है क्योंकि विद्यार्जन करने के लिए तप व साधना करने की आवश्यकता है।तप व साधना से मनुष्य में जो विकार होते हैं उनका शोधन होता है ।ध्यान व योग हमारे अध्ययन के लिए तो उपयोगी है ही इसका आध्यात्मिक महत्व भी है। इस प्रकार यह वर्तमान जीवन तथा आगामी जीवन दोनों के लिए उपयोगी है।
मस्तिष्क पर अत्यधिक दबाव डालने से तनाव की स्थिति पैदा हो जाती है अतःतनाव से बचने के लिए रोजाना सुबह ध्यान व योग करें ।शरीर स्वस्थ रहेगा तो ही आप समर्पित होकर गणित जैसे विषय की तैयारी कर सकेंगे। ध्यान करने के लिए सुखासन में बैठकर आंखें बंद करके शरीर को बिल्कुल विश्राम की अवस्था में रखकर प्रकाश ज्योति का ध्यान करें। दूसरा तरीका यह है कि दोनों भोंहो (भ्रुमध्य) अर्थात्आज्ञा चक्र में मन को एकाग्र करने की कोशिश करें ।तीसरा तरीका यह है कि दीपक की ज्योति का ध्यान करें ।शुरु शुरु में थोड़ा उच्चाटन होगा ।मन इधर-उधर भटकेगा लेकिन बार-बार अभ्यास करते रहें ।मन में फालतू, दुनियादारी के विचार आए तो उनको कंपनी न दें। बार-बार उच्चाटन होने से हो सकता है कि आप ध्यान करना छोड़ दें और यह सोचे कि ऐसा करना हमारे बस में नहीं है।हताश न हों, धैर्य रखें। इसलिए मन को एकाग्र करने अर्थात् ध्यान करने के साथ-साथ आपको धैर्य भी रखना चाहिए ।ध्यान और धैर्य दोनों का होना जरूरी है ।जब मन एकाग्र होने लगेगा तो आपको  पढ़ा हुआ ठीक से याद रहेगा। पढ़ने में भी मन लगेगा।

8.फाॅर्मेट(Format)-

छात्रों के बीच पेपर कठिन या आसान होने जैसी बातें सबसे प्रमुख होती हैं। कभी उन्हें पेपर आसान लगता है तो किसी साल कठिन लगने लगता है। इसी बात को लेकर हर साल छात्रों में तनाव भी रहता है। उनकी इस समस्या को गंभीरता से समझते हुए इस बार पेपर में कुछ आवश्यक फेरबदल किए गए हैं, ताकि छात्रों को मैथ्स के पेपर में परेशानी न हो। इस साल मैथ्स के पेपर का फॉर्मेट कुछ इस प्रकार से होगा।

– पहले कुल 100 अंकों का पेपर आता था, जो अब घटकर 80 अंकों का हो गया है।
– 20 अंकों का इंटर्नल असेसमेंट आएगा।
– पेपर हल करने के लिए पहले की तरह ही 3 घंटे का समय मिलेगा।
– प्रश्नों की संख्या 29 से बढ़ा कर 36 कर दी गई है।
– प्रश्न पत्र में इंटर्नल चॉइस भी दी जाएगी।
– पेपर पहले की तरह ही कुल चार खंडों में विभाजित होगा।
– 4 और 6 अंकों वाले प्रश्नों में इंटर्नल चॉइस दी जाएगी।
– इंटर्नल असेसमेंट में 10 अंक पीरियोडिक टेस्ट और 10 अंक फाइल वर्क और मौखिक परीक्षा के होते हैं।
मार्किंग
मैथ्स को एक स्कोरिंग विषय इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इसमें हर स्टेप के नंबर मिलते हैं। इसलिए बेहद जरूरी है कि हर सवाल को बहुत ध्यानपूर्वक हल किया जाए। साथ ही इंटर्नल चॉइस का भी ख्याल रखें।
– वेरी शॉर्ट आंसर के तहत 1-1 नंबर के कुल 20 सवाल पूछे जाएंगे, जबकि पहले इनकी संख्या चार थी।
– शॉर्ट आंसर वाले 2-2 अंकों के कुल 6 सवाल पूछे जाएंगे, जबकि पहले इस तरह के कुल 8 प्रश्न आते थे।
– लॉन्ग आंसर-1 के तहत 4-4 अंकों के 6 प्रश्न इस बार पेपर में आएंगे, जबकि पहले इस तरह के कुल 11 प्रश्न पूछे जाते थे।
– लॉन्ग आंसर-2 के अंतर्गत 6-6 अंकों के कुल 4 प्रश्न पेपर में पूछे जाएंगे, जबकि पहले इनकी संख्या 6 हुआ करती थी।
– यह भी ध्यान रखें कि रिमेम्बरिंग के कॉन्सेप्ट पर आधारित कुल 20 प्रतिशत सवाल पूछे जाएंगे।
– अंडरस्टैंडिंग पर आधारित 35 प्रतिशत सवाल आएंगे।
– एप्लिकेशन पर कुल 25 प्रतिशत प्रश्न आएंगे।
– हॉट्स और इवैल्यूएशन पर आधारित कुल 20 प्रतिशत प्रश्न पूछे जाएंगे।
टिप्स
– परीक्षा के लिएएनसीईआरटी की पाठ्य-पुस्तक का अभ्यास अवश्य करें।
– सीबीएसई के सैंपल पेपर तथा पिछले वषार्ें के प्रश्न-पत्र जरूर हल करें।
– 1 अंक वाले प्रश्नों की विशेष रूप से तैयारी करें, क्योंकि इनमें पूरे नंबर मिलने की संभावना ज्यादा होती है।
– फॉर्मूलों पर आधारित प्रश्नों का विशेष अभ्यास करें।
– जिन प्रश्नों के उत्तर आपको अच्छी तरह आते हैं, उन्हें पहले हल करें।
– मैट्रिक्स एंड डिटर्मनेंट्स, वेक्टर्स, इक्विवेलेंस रिलेशन तथा बायेस थ्योरम कुछ महत्वपूर्ण टॉपिक्स हैं। इन्हें अच्छी तरह तैयार करें।
– लिखावट का खास ख्याल रखें और साफ-सुथरे ढंग से ही पेपर पूरा करें।
– कोशिश करें कि हर सेक्शन अलग-अलग हल कर सकें।
– गणित में लिखित अभ्यास करना बहुत जरूरी है। इसके लिए जरूरी है कि सवाल को रटने की बजाय उसकी प्रैक्टिस करें।
सामान्य गलतियां
– एलिमेंट्री ट्रांस्फॉर्मेशंस वाले प्रश्न में लाइन और कॉलम को एक साथ न बदलें।
– वेक्टर्स एंड 3 डायमेंशन वाले प्रश्नों में वेक्टर साइन जरूर लगाएं।
– किसी भी एक सवाल पर बहुत ज्यादा समय न लगाएं।

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