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Analytic Continuation

1.विश्लेषिक-सांतत्य (Analytic Continuation),सम्मिश्र विश्लेषण में विश्लेषिक-सांतत्य (Analytic Continuation in Complex Analysis):

विश्लेषिक-सांतत्य (Analytic Continuation) के इस आर्टिकल में विश्लेषिक फलन के प्रान्त को विस्तृत करके पुनः उस प्रान्त में उचित विश्लेषिक फलन परिभाषित करने जैसी समस्याओं का अध्ययन करेंगे।
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2.विश्लेषिक-सांतत्य के साधित उदाहरण (Analytic Continuation Solved Illustrations):

Illustration:3.सिद्ध कीजिए कि श्रेणियों (Prove that the functions defined by the series)
1+a z+a^2 z^2+\ldots तथा (and) \frac{1}{1-z}-\frac{(1-a)z}{(1-z)^2}+\frac{(1-a)^2 z^2}{(1-z)^3}-\ldots \ldots
द्वारा परिभाषित फलन एक दूसरे के विश्लेषिक सांतत्य हैं।
(are analytic continuation of each other.)
Solution:घात श्रेणी 1+a z+a^2 z^2+\ldots फलन \frac{1}{1-a z} को प्रदर्शित करता है  जो |z|=\frac{1}{|a|} इसका अभिसरण वृत्त है,इसकी केवल विचित्रता है z=\frac{1}{a},(a>0)
पुनः श्रेणी \frac{1}{1-z}-\frac{(1-a) z}{(1-z)^2}+\frac{(1-a)^2 z^2}{(1-z)^3} - \ldots \ldots \cdots(2)
फलन \frac{1}{1-z} \cdot \frac{1}{1+\frac{(1-a) z}{1-z}}=\frac{1}{1-a z} को प्रदर्शित करता है
दिया है \left|\frac{(1-a) z}{1-z}\right|<1 यदि a वास्तविक है
तब \left|\frac{(1-a) z}{1-z}\right|=1 से
\Rightarrow(1-z)(1-\bar{z})=(1-a)^2 z \bar{z} \\ \Rightarrow 1-(z+\bar{z})+z \bar{z}=(1-a)^2 z \bar{z} \\ \Rightarrow a(2-a) z\bar{z}-(z+\bar{z})+1=0 \\ z \bar{z}=x^2+y^2 तथा z+\bar{z}=2 x \\ \Rightarrow x^2+y^2-\frac{2x}{a(2-a)}+\frac{1}{a(2-a)}=0 \\ \Rightarrow\left(x-\frac{1}{a(2-a)}\right)^2 +y^2 =\left(\frac{1-a}{a(2-a)}\right)^2 \cdots(3)
जो कि वृत्त है जिसका केन्द्र \left(\frac{1}{a(2-a)}, 0\right) तथा त्रिज्या \frac{1-a}{a(2-a)} है।
द्वितीय श्रेणी का (3) अभिसरण वृत्त है।
स्थिति:I.माना 0<a<1,  इस स्थिति में,वृत्त, (3) वृत्त  |z|=\frac{1}{a} को आन्तरिक रूप से स्पर्श करता है जबकि दोनों वृतों कि केंद्रों के बीच दूरी उनकी के अंतर के बराबर है ।अतः फलन वृत |z|=\frac{1}{a} के बाहर संतत नहीं है इस वृत कि प्राकृतिक सीमा नहीं है ।

स्थिति:II.माना 1<a<2,  इस स्थिति में दोनों वृत्त  |z|=\frac{1}{a} को बाहय रूप से स्पर्श करता है। इसलिए अभिसरण  का कोई उभयनिष्ट क्षेत्र नहीं है यधपि वे समान फलन \frac{1}{(1-az)} के विश्लेषिक सांतत्य हैं।

स्थिति:III.माना a>2,  इस स्थिति में,वृत्त |z|=\frac{1}{a}, (3)  को आन्तरिक रूप से स्पर्श करता है। अतः द्वितीय श्रेणी,प्रथम वृत्त,(3) के आन्तरिक भाग तथा क्षेत्र |z|<\frac{1}{a} उभयनिष्ठ भाग में प्रथम श्रेणी का विश्लेषिक सांतत्य है।

स्थिति:IV.माना a=2 यहाँ श्रेणी (1) वृत्त |z|=\frac{1}{a} के अन्दर फलन \frac{1}{(1-2z)} को प्रदर्शित करती है।श्रेणी (2) उसी फलन \left(\frac{1}{1-2 z}\right),क्षेत्र \left|\frac{z}{1-z}\right|<1 में परिभाषित है

i.e. z \bar{z}<(1-z)(1-\bar{z}) \\ \Rightarrow x<\frac{1}{2}

इस प्रकार श्रेणी (2) अर्ध-समतल x<\frac{1}{2} में फलन \left(\frac{1}{1-2 z}\right) को प्रदर्शित करती है।यहाँ ध्यान दें कि रेखा x=\frac{1}{2},वृत्त को स्पर्श करती है।
अतः इस स्थिति में श्रेणी (2),श्रेणी (1) का विश्लेषिक सांतत्य है क्षेत्र |z|<\frac{1}{2} ,अर्ध-समतल x<\frac{1}{2}
स्थिति:V.यदि a=1 तो द्वितीय श्रेणी \frac{1}{1-z} में परिवर्तित हो जाती है और प्रथम श्रेणी 1+z+z^2+\ldots जो फलन \frac{1}{1-z} को प्रदर्शित करती है।
Illustration:4.सिद्ध कीजिए कि घात श्रेणी \overset{\infty}{\underset{n=0}{\sum}} z^{n!} का अभिसरण वृत्त श्रेणी के योग फलन की स्वाभाविक सीमा भी है।
(Show that the circle of convergence of the power series \overset{\infty}{\underset{n=0}{\sum}} z^{n!} is also the natural boundary for its sum function.)
Solution: \sum u_n(z)=f(z)= \overset{\infty}{\underset{n=1}{\sum}} z^{n!} \\ \therefore \underset{n=\infty}{Lt} \frac{u_n}{u_{n+1}}=Lt \frac{z^{n!}}{z^{(n+1)!}} \\ =Lt. \frac{1}{z^{n+1}} \rightarrow \infty i.e. >1
यदि |z|<1
अतः श्रेणी \sum u_n(z) अभिसारी है यदि |z|<1
इसलिए अभिसरण वृत्त |z|=1 के अन्दर है जिसकी श्रेणी अभिसारी है।

f(z)=\overset{\infty}{\underset{n=1}{\sum}} z^{n!} \\ =\sum_{n=1}^q z^{n!}+\overset{\infty}{\underset{n=q+1}{\sum}} z^{n!} \\ =f_1(z)+f_2(z)
यदि बिन्दु P लें,अभिसरण वृत्त के बाहर z=r e^{\frac{2 \pi i p}{q!}}, r>1
जहाँ p तथा q पूर्णांक हैं।
हम f(z) के व्यवहार का परीक्षण करेंगे जब P अभिसरण वृत्त की ओर ध्रुवान्तर रेखा के सहारे अग्रसर होता है

z^{n!}=\left[r \cdot e^{\frac{2 \pi i p}{q!}}\right]^{n!} \\ =r^{n!} \cdot e^{\frac{2 \pi i p n!}{q!}}
अब q! , n! का भाजक है इसलिए \frac{n!}{q!} पूर्णांक है तथा हम जानते हैं कि
e^{2 \pi i k}=1 \\ f_1(z)=\overset{q}{\underset{n=0}{\sum}} r^{n!}   P पर
f_1(z) ,r की q! घात का बहुपद है और r \rightarrow 1  अद्वितीय सीमा की ओर अग्रसर है
f_2(z)=\overset{\infty}{\underset{n=q+1}{\sum}} r^{n!} \rightarrow \infty जब \rightarrow 1 \\ f(z)=f_1(z)+f_2(z) \rightarrow \infty जब 0 \rightarrow 1
अतः बिन्दु e^{\frac{2 \pi i p}{q!}} अभिसरण वृत्त |z| पर f(z) की विचित्रता है।दूसरी ओर छोटे वृत्त |z|=1 पर e^{\frac{2 \pi i p}{q!}} स्थित जहाँ p पूर्णांक है।
स्पष्ट है कि अभिसरण वृत्त को प्रतिच्छेद करने वाला प्रत्येक वृत्त इस रूप के बिन्दुओं को रखेगा।परिणामस्वरूप |z|=1 के बाहर,f(z) विश्लेषिक सांतत्य नहीं है।अतः |z|=1 की सीमा प्राकृतिक सीमा है।
Illustration:5.सिद्ध कीजिए कि फलन f_1(z)=\int_0^{\infty} t^3 e^{-z t} \cdot d t क्षेत्र Re(z)>0 में विश्लेषिक है।फलन ज्ञात कीजिए जो का विश्लेषिक सांतत्य हो।
(Prove that the function defined by f_1(z)=\int_0^{\infty} t^3 e^{-z t} \cdot dt is analytic at all points for which Re(z).)
Solution: f_1(z)=\int_0^{\infty} t^3 e^{-z t} \cdot d t
खण्डशः समाकलन करने पर:

f_1(z)=\left[t^3\left(\frac{e^{-z t}}{-z}\right)-3 t^2\left(\frac{e^{-z t}}{z^2}\right)+6 t\left(\frac{e^{-z t}}{-z^3}\right)-6\left(\frac{e^{-z t}}{z^4}\right)\right]_0^{\infty} \\=\frac{6}{z^4}
यद्यपि Re(z)>0
माना f_2(z)=\frac{6}{z^4}
तब f_1(z)=f_2(z),Re(z)>0 के लिए
z=0 के अतिरिक्त सम्मिश्र समतल में फलन f_2(z) विश्लेषिक है।
f_1(z)=f_2(z) \quad \forall z प्रत्येक Re(z)>0 के लिए
अतः f_2(z) , f_1(z) का अभीष्ट विश्लेषिक सांतत्य प्रदर्शित करता है।
Illustration:6.सिद्ध कीजिए कि घात श्रेणी \overset{\infty}{\underset{n=0}{\sum}} z^{3 n} की वृत्त |z|=1 से आगे विश्लेषिक सांतत्य नहीं किया जा सकता।
(Show that the power series \overset{\infty}{\underset{n=0}{\sum}} z^{3 n} can not be continued analytically beyond the circle |z|=1 .)
Solution: u_n(z)=z^{3 n} \\ \therefore\left|u_n(z)\right|^{\frac{1}{n}}=\left|z^{3 n}\right|^{\frac{1}{n}} \\ =\left|z^3\right| \\ =|z|^3
अतः श्रेणी \sum u_n(z) अभिसारी है यदि |z| <1 
अभिसरण वृत्त |z|=1 \\ f(z)=\overset{q-1}{\underset{n=0}{\sum}} z^{3 n}+ \overset{\infty}{\underset{n=q}{\sum}} z^{3 n} \\ =f_1(z)+f_2(z)

यदि बिन्दु P , |z|=1 अभिसरण वृत्त के बाहर लें
जहाँ r>1 तथा p,q पूर्णांक हैं।

\left(z=r e^{\frac{2 \pi i p}{3^q}} \right) \\ z^{3 n}=\left[r e^{\frac{ 2 \pi i p}{3^q}}\right]^{3n} \\ =r^{3 n} e^{\frac{2 \pi i p 3^n}{3^q}}
यदि n>q \Rightarrow 2^{n-q} सम है इसलिए e^{\frac{2 \pi i p 3^n}{3^q}}, e^{2 \pi i k}=1 रूप का है।

f_1(z)=\overset{q-1}{\underset{n=0}{\sum}} z^{3 n} \\ f_1(z)=\overset{q-1}{\underset{n=1}{\sum}} z^{3 n}, P पर
बहुपद f_1(z) ,r की घात 3^q का में है तथा अद्वितीय सीमा की ओर अग्रसर है जब r \rightarrow 1 \\ f_2(z)= \overset{\infty}{\underset{n=q}{\sum}} z^{3 n} \rightarrow \infty
जब r \rightarrow 1 \\ f(z)=f_1(z)+f_2(z) \rightarrow \infty जब z \rightarrow 1
इसलिए अभिसरण वृत्त |z|=1 पर बिन्दु e^{\frac{ 2 \pi i p}{3^q}} ,f(z) की विचित्रता है।दूसरी ओर छोटे वृत्त |z|=1 पर e^{\frac{ 2 \pi i p}{3^q}} स्थित जहाँ p पूर्णांक है।
स्पष्ट है कि अभिसरण वृत्त को प्रतिच्छेद करने वाला प्रत्येक वृत्त इस रूप के बिन्दुओं को रखेगा।परिणामस्वरूप |z|=1 के बाहर,f(z) विश्लेषिक सांतत्य नहीं है।अतः |z|=1 की सीमा प्राकृतिक सीमा है।
उपर्युक्त उदाहरणों के द्वारा विश्लेषिक-सांतत्य (Analytic Continuation),सम्मिश्र विश्लेषण में विश्लेषिक-सांतत्य (Analytic Continuation in Complex Analysis) को समझ सकते हैं।

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3.विश्लेषिक-सांतत्य (Frequently Asked Questions Related to Analytic Continuation),सम्मिश्र विश्लेषण में विश्लेषिक-सांतत्य (Analytic Continuation in Complex Analysis) से सम्बन्धित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.फलन एवं श्रृंखला अवयव से क्या तात्पर्य है? (What Do You Mean by Function Element and Chain?):

उत्तर:समुच्चय {f(z),G} ;जिसमें G प्रान्त है तथा f(z) उस प्रान्त पर परिभाषित एकमानी वैश्लेषिक फलन है,फलन अवयव कहलाता है।दो फलन अवयव \left\{f_1(z), G_1\right\} तथा \left\{f_2(z), G_2\right\} बराबर हैं यदि और केवल यदि G_{1}=G_2, f_1(z)=f_2(z)

प्रश्न:2.विश्लेषिक सांतत्य पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखो। (Write a Short Note on Analytic Continuation):

उत्तर:विश्लेषिक फलन के शून्य सिद्धान्त से हम जानते हैं कि f_1(z) तथा f_2(z) किसी प्रान्त G में दो विश्लेषिक फलन इस प्रकार से है कि
(a)G के किसी बिन्दु z_0 के प्रतिवेश,चाहे जितना भी छोटा है,में संपाती है,या
(b)केवल किसी पथ या खण्ड चाहे जितना भी छोटा है,और जो G के किसी बिन्दु पर समाप्त हो,के अनुदिश विश्लेषिक हो,या
(c)केवल अनन्त विभिन्न बिन्दुओं जिनका सीमा बिन्दु प्रान्त G का z_0 है,पर विश्लेषिक हो,
तो G में दोनों फलन सर्वसम (identical) होंगे।अतः प्रान्त G में परिभाषित विश्लेषिक फलन को इस प्रकार के बिन्दुओं के समुच्चय पर प्राप्त मानों से ज्ञात किया जा सकता है।
अब माना कि f_1(z) तथा f_2(z) कोई दो फलन इस प्रकार से दिए हुए हैं कि ये क्रमशः प्रान्त G_1 एवं G_2 में विश्लेषिक है।पुनः यह भी माना कि G_1 एवं G_2 का उभयनिष्ठ प्रान्त G_1 \cap G_2 है ताकि अनन्त बिन्दुओं के समुच्चय जिनका सीमा बिन्दु G_1 \cap G_2 में है,पर f_1(z)=f_2(z) स्पष्ट है कि पूरे क्षेत्र G_1 \cap G_2 में f_1(z)=f_2(z) होगा।अतः फलन f_1 तथा f_2 एक दूसरे को अद्वितीय रूप से निर्धारित करते हैं।दूसरे शब्दों में f_1(z) के अतिरिक्त कोई भी फलन G_1 में विश्लेषिक नहीं हो सकता है जो कि G_1 \cap G_2 में समान मान रखता हो।इसी प्रकार f_2(z) के अतिरिक्त कोई भी फलन G_2 में विश्लेषिक नहीं हो सकता जो कि G_1 \cap G_2 में समान मान रखता हो।यदि G_1 एवं G_2 कोई दो प्रान्त हैं ताकि G_1 \cap G_2 उपर्युक्त प्रतिबन्धों को सन्तुष्ट करता है एवं यदि f_1(z) प्रान्त G_1 में विश्लेषिक फलन हो,तो या तो कोई भी फलन नहीं होगा या केवल एक फलन f_2(z) प्रान्त G_2 में होगा जो कि G_1 \cap G_2 में f_1(z) के संपाती होगा।यदि इस प्रकार कोई फलन f_2(z) का अस्तित्व हो,तो f_2(z) ,प्रान्त G_1 में परिभाषानुसार फलन f_1(z) का प्रान्त G_1 से G_2 में विश्लेषिक कहा जाता है।इसी प्रकार f_2(z) को f_1(z) का प्रान्त में विश्लेषिक सांतत्य कहा जाता है।वास्तव में f_1(z) एवं f_2(z) एक दूसरे के विश्लेषिक सांतत्य हैं।

प्रश्न:3.सीधा विश्लेषिक सांतत्य की परिभाषा दीजिए। (Define Direct Analytic Continuation):

Analytic Continuation

उत्तर:मान लें \left\{f_1(z), G_1\right\} तथा \left\{f_2(z), G_2\right\} दो फलन अवयव हैं।एक फलन अवयव को दूसरे फलन अवयव का सीधा विश्लेषिक सांतत्य कहते हैं यदि G_1 \cap G_2 \neq \phi तथा यदि प्रान्त G_1 \cap G_2 में f_1=f_2।प्रतीकात्मक भाषा में इस तथ्य को \left\{f_1(z), G_1\right\} \sim \left\{f_2(z), G_2\right\} या सरल रूप में
\left( f_1,G_1\right) \sim \left( f_2,G_2\right)
द्वारा व्यक्त करते हैं।
माना कि f_1(z) प्रान्त G_1 में विश्लेषिक फलन है तथा दूसरा फलन f_2 (z) प्रान्त G_2 में विश्लेषिक है। G_1 एवं G_{22} का उभयनिष्ठ प्रान्त G_{12} है।यदि G_{12} में f_1(z)=f_2(z) हों,तो f_1(z) का G_1 से G_2 में G_{12} का विश्लेषिक सांतत्य है।हम इसे सीधा विश्लेषिक सांतत्य भी कह सकते हैं।
उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा विश्लेषिक-सांतत्य (Analytic Continuation),सम्मिश्र विश्लेषण में विश्लेषिक-सांतत्य (Analytic Continuation in Complex Analysis) के बारे में ओर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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विश्लेषिक-सांतत्य (Analytic Continuation)

Analytic Continuation

विश्लेषिक-सांतत्य (Analytic Continuation) के इस आर्टिकल में विश्लेषिक फलन के प्रान्त
को विस्तृत करके पुनः उस प्रान्त में उचित विश्लेषिक फलन परिभाषित करने जैसी
समस्याओं का अध्ययन करेंगे।

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