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Suggestion for JoSAA Counselling 2026

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1.जोसा काउंसलिंग 2026 के लिए सुझाव (Suggestion for JoSAA Counselling 2026),जोसा काउंसिलिंग 2026 में एस्पिरेंटस कैसे भाग लें? (How to Participate in JoSAA Counselling 2026 for Aspirants?):

  • जोसा काउंसलिंग 2026 के लिए सुझाव (Suggestion for JoSAA Counselling 2026) में काउंसलिंग में भाग लेने वाले एस्पिरेंटस कुछ बातों का ध्यान रखेंगे तो फायदा होगा।जोसा काउंसिलिंग के इस आर्टिकल में काउंसलिंग के जरिए अभ्यर्थी के रुझान को जानकर आईआईटी हेतु सीटों का आंवटन किया जाता है।इंजीनियरिंग में अब फीमेल कैंडिडेट्स की भागीदारी होने के कारण पूरा गणित बदल गया है।
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2.जोसा काउंसलिंग (JoSAA Counselling):

  • आईआईटी,एनआईटी,ट्रिपलआईटी एवं जीएफटीआई कॉलेजों के लिए जोसा द्वारा सीट आंवटन किया जाता है।जोसा अर्थात् जॉइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी जेईई-एडवांस्ड के बाद काउंसलिंग के जरिए विभिन्न आईआईटीज आदि कॉलेजों में सीटों का आवंटन करती हैं।
  • पहले जहां जेईई-मेन,एडवांस में लड़कों का ही दबदबा रहता था अब यह गणित बदल गया है।अब लड़कियां भी बड़ी संख्या में आईआईटी संस्थानों में प्रशिक्षण प्राप्त करती हैं।इसमें लैंगिक असमानता को दूर करने में फीमेल ओनली/फीमेल-सुपरन्यूमरेरी सीटों ने भी काफी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
  • फीमेल ओनली कैटेगरी में 20% फीमेल सुपरन्यूमरेरी सीटों की उपलब्धता के कारण देश की टाॅप आईआईटी में महिला अभ्यर्थियों को सीटें मिल जाती है।साथ ही काॅमन रैंक लिस्ट (सीआरएल) 13000 तक फीमेल अभ्यर्थी को आईआईटी में प्रवेश मिल जाता है।हालांकि यह कोई निश्चित पैमाना नहीं है।हर साल यह काॅमन रैंक लिस्ट बदलता रहता है।परंतु उच्च आईआईटी कॉलेज में प्रवेश मिलने के कारण महिला अभ्यर्थियों का रुझान तकनीकी शिक्षा की ओर तेजी से बढ़ता जा रहा है।
  • इस वर्ष 2026 में भी लाखों अभ्यर्थियों ने जेईई-मेन एग्जाम दिया है और उसमें चयनित उम्मीदवारों ने जेईई-एडवांस्ड एक्जाम में भाग लिया है।जेईई-एडवांस्ड का परिणाम एनटीए द्वारा संचालित होती है जो किसी आईआईटी काॅलेज द्वारा ली जाती है।जेईई-एडवांस व मेन को किसी आईआईटी को प्रायोजित करने का जिम्मा दिया जाता है।परिणाम आने के बाद काउंसलिंग की प्रक्रिया जोसा द्वारा संचालित की जाती है।अतः अभ्यर्थी यदि कुछ बातों का ध्यान रखें तो जोसा काउंसलिंग की प्रक्रिया में अपने मन माफिक ब्रांच व आईआईटी कॉलेज पाने में सफल हो सकता है।
  • लेकिन इसके लिए पहले से ही अपने आप को तैयारी कर लेनी चाहिए।मसलन ब्रांच कौन-कौन सी चाहिए और कौन-कौन से आईआईटी कॉलेज से आईआईटी करना ज्यादा फायदेमंद होगा।अब बड़ी व नामी कंपनियां कैंपस प्लेसमेंट में भाग नहीं लेती है जबकि पहले नामी कंपनियां आईआईटी में केंपस प्लेसमेंट देती थी।परंतु अब ट्रेंड बदलता जा रहा है।इसके अलावा इस बात पर भी विचार कर लेना चाहिए कि आप 12वीं कक्षा तक हिंदी माध्यम से पढ़ें हैं या अंग्रेजी माध्यम से।आईआईटी कॉलेज में लगभग अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करवाई जाती है अतः हिंदी माध्यम से पढ़े-लिखे छात्र-छात्रा अंग्रेजी माध्यम से पढ़ने में असहज महसूस करते हैं।क्योंकि 12वीं तक पूरी तरह से हिंदी माध्यम से पढ़ा लिखा छात्र-छात्रा एकदम से मीडियम परिवर्तित करने पर कठिनाई महसूस करता है।

3.अभ्यर्थी की कठिनाई (Candidate’s Difficulty):

  • यदि हिंदी माध्यम से अंग्रेजी माध्यम में पढ़ता है तो उसके सेमेस्टर में पेपर बेक रहने का यह एक बहुत बड़ा कारण रहता है कि अंग्रेजी माध्यम से वह पुस्तकों का अध्ययन नहीं कर पाता है।अतः पहले से यह निश्चय कर लें कि उसे कड़ी मेहनत करके अंग्रेजी माध्यम के अनुकूल अपने आप को तैयार करना है।इसके लिए वह विभिन्न कोचिंग संस्थानों में कोचिंग ले सकता है।क्योंकि पेपर बेक रह जाता है तो इसका प्रतिकूल प्रभाव अगले सेमेस्टर के पेपर्स पर पड़ता है।
  • स्वयं कड़ी मेहनत करके अपने आप को अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकों को समझना कठिन महसूस होता है,अतः कोचिंग संस्थान उसकी इस कठिनाई को दूर कर सकते हैं।पेपर बेक रहने या आईआईटी में रिजल्ट कमजोर रह जाने के कारण उसको जॉब मिलने या प्लेसमेंट होने में बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ता है।अतः ऐसे आईआईटीज का चयन करना चाहिए जहां पर कोचिंग संस्थान हों।
  • दूसरा ध्यान यह रखना है कि अब केंपस प्लेसमेंट में नामी कंपनियां भाग नहीं लेती हैं।अतः उन्हें अच्छा पैकेज प्राप्त करने तथा बड़ी कंपनियों में जाॅब प्राप्त करने के लिए अच्छे अंकों से उत्तीर्ण होना चाहिए,साथ ही स्किल डेवलप भी करते रहना चाहिए।अब केवल आपकी डिग्री (बीई/बीटेक) ही नहीं देखी जाती है बल्कि आपको संबंधित ब्रांच का व्यावहारिक अनुभव भी है या नहीं।आईआईटी करने वाले अभ्यर्थी के पास प्रैक्टिकल स्किल का अभाव रहता है।अतः इस अभाव को दूर करने के लिए इंटर्नशिप करनी चाहिए ताकि उसे जाॅब मिलने में अनुभव के तौर पर कुछ बताने के लिए प्रमाण मौजूद रहे।
  • तीसरी चीज है आपको ब्रांच कौन सी चाहिए और आईआईटी कौन सी चाहिए।अतः जोसा काउंसिलिंग में जाने से पहले यह तय कर लें कि जो ब्रांच आपको चाहिए,वह ब्रांच कौन-कौन सी आईआईटी कॉलेजों में है तथा उन आईआईटी कॉलेजों में वरीयता क्रम निर्धारित कर लें।यदि आप जिस आईआईटी कॉलेज में अपनी इच्छित ब्रांच पाने में असफल रहते हैं तो क्या अन्य साधारण आईआईटी कॉलेज से उस ब्रांच में आईआईटी करने के लिए तैयार हैं?
  • आपको आईआईटी कॉलेज और ब्रांच में से किसी एक को वरीयता देने के बारे में सोच लेना चाहिए।कई बार इच्छित ब्रांच आईआईटी कॉलेज में मिल जाती है और कई बार नहीं भी मिलती है।यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी रैंक कौनसी है और सीटों की उपलब्धता है या नहीं।यदि ब्रांच महत्त्वपूर्ण है तो फिर आप किसी भी आईआईटी कॉलेज से आईआईटी करने के लिए अपने आप को तैयार कर लें और आपके लिए आईआईटी कॉलेज महत्त्वपूर्ण है तो आपको ब्रांच का मोह त्यागना पड़ेगा,फिर उस आईआईटी कॉलेज में जो भी ब्रांच मिले उसी ब्रांच से करना पड़ेगा।
    अगला बिंदु है कि जाॅब मार्केट की नब्ज का अध्ययन कर लें अर्थात् यह जाँच लें कि वर्तमान में किस ब्रांच की डिमांड सबसे ज्यादा है अर्थात् कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग,मैकेनिकल,इलेक्ट्रिकल या सिविल आदि में किसकी डिमांड है।

4.देश में आईआईटी कॉलेज (IIT Colleges in the Country):

  • देश में 23 आईआईटी कॉलेज हैं।अतः आईआईटी कॉलेजों व सीटों की कम उपलब्धता के कारण आईआईटी करने के प्रति छात्र-छात्राओं में दीवानगी है। यह दीवानगी इस तथ्य से भी लगाई जा सकती है कि इतनी कम सीटों के लिए 10 से 15 लाख अभ्यर्थी जेईई-मेन परीक्षा में भाग लेते हैं।अभ्यर्थी शुरू से ही आईआईटी का सपना लेकर चलता है तभी इतनी कड़ी प्रतिस्पर्धा में चयनित होता है।जो अभ्यर्थी 11वीं-12वीं परीक्षा में इस तरफ ध्यान देते हैं वे प्रतिस्पर्धा की दौड़ से बाहर हो जाते हैं,जो प्रतिभाशाली और अतिप्रतिभाशाली अभ्यर्थी हैं उनकी बात अलग है।सामान्य छात्र-छात्रा को पांचवीं-छठी कक्षा से ही ध्यान देना चाहिए तभी उनकी बेसिक बातें क्लियर हो सकती हैं।11वीं-12वीं में आने के बाद बेसिक बातों को क्लियर करना और जेईई-मेन व एडवांस के कोर्स को पढ़ना तथा तैयारी करना दोनों बातें एक साथ संभव नहीं हैं।
  • जेईई-मेन व एडवांस में दो ही चांस मिलते हैं।एक बारहवीं कक्षा में अध्ययन करते हुए तथा दूसरा 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद।यदि आपने 12वीं कक्षा में अध्ययनरत रहते हुए जेईई का चांस नहीं लिया तो 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद एक ही चांस मिलेगा।अतः यह सुनिश्चित कर लें कि आपको दोनों चांसों का प्रयोग करना है अथवा केवल एक चांस का।बेहतर होगा कि आप दोनों चांसों का उपयोग करें।यदि 12वीं अध्ययन करते समय आपका चयन नहीं होता है तो अपनी कमजोरी को पहचान कर उसे दूर करें और 12वीं के बाद दूसरा चांस लेकर पूरी तैयारी के साथ दें।
  • पहले चांस में असफल रहने पर आप खुद तय करें कि आपको कोचिंग की आवश्यकता है या नहीं।यदि आपने कोचिंग ली है तो क्या उम्दा कोचिंग संस्थान में कोचिंग नहीं ली,यदि हाँ तो उम्दा कोचिंग संस्थान से कोचिंग लें।
  • देश के टॉप आईआईटी कॉलेज से आईआईटी करना अनेक अभ्यर्थियों का सपना होता है परंतु यह सपना बहुत थोड़े कैंडिडेट्स को ही नसीब होता है।उन थोड़े से कैंडिडेट्स में भी ऐसे कैंडिडेट्स बहुत कम होते हैं जिन्हें इच्छित ब्रांच और इच्छित आईआईटी कॉलेज मिलती है।
  • इच्छित ब्रांच व इच्छित काॅलेज से आईआईटी कर ली तो ऐसे कैंडिडेट तो गिनती के होते हैं जिन्हें इच्छित कंपनी में जॉब मिल जाए।परंतु यदि पहले से ही ठीक से सोच-विचार कर इस तरफ ध्यान दिया जाए तो आप मनोवांछित ब्रांच,कॉलेज और कंपनी पाने में सफल हो सकते हैं।कई बार सही रणनीति के अभाव में टैलेंटेड अभ्यर्थी को समझौता करना पड़ता है जबकि साधारण अभ्यर्थी अपनी इच्छित ब्रांच,कॉलेज व कंपनी पाने में सफल हो जाता है।
  • अतः जोसा काउंसलिंग में भाग लेने से पहले ऊपर बताए गए इन सभी तथ्यों पर गंभीरतापूर्वक सोच-विचार करें और फिर निर्णय लेकर काउंसलिंग में भाग लें।अभ्यर्थी के हाथ में सोच-विचार करके पुरुषार्थ करना ही होता है,उसके फल पर उसका अधिकार नहीं होता है।फल तो प्रकृति के नियमों,भगवदीय विधि-विधान के अनुसार मिलता है।इसीलिए कई बार साधारण छात्र-छात्रा वो चीज प्राप्त करने में कामयाब हो जाता है जिसकी उसने कल्पना भी नहीं की थी।

5.अभ्यर्थी सजग रहें (Candidates should be aware):

  • जोसा काउंसलिंग का प्रॉपर फायदा वही उठा सकता है जो अभ्यर्थी जागरूक व होशपूर्वक रहता है।अपनी तैयारी पूर्व से ही सोच-समझ कर तय करता है।हालांकि इसमें उसके प्रारब्ध (भाग्य) की भी भूमिका होती है परंतु पुरुषार्थ करने,सजग रहने से भाग्य को परिवर्तित भी किया जा सकता है।यदि आपका भाग्य प्रबल है तब भी बिना पुरुषार्थ किए प्रबल भाग्य का फायदा नहीं उठाया जा सकता है।
  • अपनी रुचियों को जानें,मार्केट की डिमांड को समझें,आईआईटी कौन-सी कॉलेज से करनी हैं इसको समझे तथा उपर्युक्त बातों पर विचार करते हुए काउंसलिंग में भाग लें।
  • हालांकि पहले से ही सोच-विचार कर आप यह तय कर लेते हैं कि मुझे अमुक ब्रांच लेनी है,अमुक आईआईटी से बीटेक करनी है,अमुक ब्रांच की मार्केट में डिमांड है,तब भी 100% अनुमान लगाना कठिन होता है।पूर्वानुमान सही साबित नहीं हो रहा हो तो अपने आप को पहले से ही तैयार कर कर लें कि पूर्वानुमान गलत साबित होने पर उस समय क्या निर्णय लेना है अर्थात् मनोवांछित ब्रांच और आईआईटी नहीं मिल रही हो तो कौन-सी ब्रांच और आईआईटी कॉलेज का चयन करना है।हमने आपकी सहायता के लिए जोसा काउंसिलिंग हेतु कुछ बिंदु ऊपर वर्णित किए हैं,इसके अलावा भी और भी बिंदु हो सकते हैं जिन पर आपको विचार कर लेना चाहिए।क्योंकि गलत ब्रांच,अपनी रुचि की ब्रांच का चयन न कर पाने की टीस जिंदगी भर भुगतान पड़ती है।आप जिस ब्रांच से आईआईटी कर रहे होंगे तो उसके साथ न्याय नहीं कर पाएंगे।क्योंकि अक्सर रुचिकर ब्रांच में अभ्यर्थी पूर्ण दिलचस्पी से जाॅब प्राप्त करता है और उसमें तरक्की करने का प्रयास करता है।अरुचिकर ब्रांच से आईआईटी करना और उसमें जाॅब प्राप्त करके आगे बढ़ने का अभ्यर्थी में चार्म खत्म हो जाता है।
  • अभ्यर्थी और छात्र-छात्राओं के लिए जिंदगी का सबसे मुख्य मुद्दा जाॅब प्राप्त करना और जॉब करने का ढंग होता है।यदि जाॅब ही गलत चुन लिया गया तो उसकी टीस जिंदगी भर रहती है।गलत  जाॅब के चुनाव का हमारी व्यक्तिगत जिंदगी,घर-परिवार,रिश्तेदारी आदि सभी संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।जिंदगी को जैसे-तैसे गुजारते हैं।जबकि रुचिकर जाॅब से जिंदगी खुशहाल गुजरती है।घर-परिवार,व्यावहारिक जीवन में जिंदादिली से जीते हैं।हर काम को उल्लास और प्रसन्नतापूर्वक करते हैं।
  • तात्पर्य यह है कि जाॅब हमारी जिंदगी का अहम मुद्दा है।यदि इसको सही तरीके से समझ लेते हैं तो जिंदगी के अन्य कार्यों को निपटाने,उनमें हिस्सा लेने में कुशल होते चले जाते हैं।हालाँकि अच्छा जाॅब मिलने की यह तो गारंटी नहीं है कि जिंदगी खुशहाल गुजरेगी ही।जिंदगी को खुशहाल तरीके से गुजारने के लिए हमें व्यावहारिक तौर-तरीके,व्यावहारिक ज्ञान भी अर्जित करना पड़ता हैं।लेकिन जाॅब की समस्या हल होने पर हम व्यावहारिक तौर-तरीके सीखने में सिद्ध हो सकते हैं और जाॅब ही गलत चुन लिया तो फिर किसी भी काम को करने में हम रुचि नहीं लेते हैं।रस्म अदाएगी के तौर पर अन्य कार्यों में हिस्सा लेते हैं,भागीदारी निभाते हैं।
  • अतः यदि आपने जेईई-एडवांस्ड परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है तो ऊपर बताए गए सुझावों पर ध्यान देकर अपने रुचि की ब्रांच का चयन करें।उपर्युक्त सुझाव आपको ब्रांच व कॉलेज का चुनाव करने में सहायक होंगे।आप अन्य बिंदुओं को भी अपने अनुसार तय कर सकते हैं।
  • उपर्युक्त आर्टिकल में जोसा काउंसलिंग 2026 के लिए सुझाव (Suggestion for JoSAA Counselling 2026),जोसा काउंसिलिंग 2026 में एस्पिरेंटस कैसे भाग लें? (How to Participate in JoSAA Counselling 2026 for Aspirants?) के बारे में बताया गया है।

Also Read This Article:जेईई एडवांसड 2021 परीक्षा परिणाम घोषित

6.काउंसलिंग में कब भाग लें (हास्य-व्यंग्य) (When to Attend Counselling) (Humour-Satire):

  • टीचर:बताओ काउंसलिंग में कब भाग लेना चाहिए?
  • अभ्यर्थी:सर,जब मेंटल हास्पिटल में भर्ती होने का इरादा हो।
  • टीचर:ऐसा क्यों?
  • अभ्यर्थी:काउंसलिंग की प्रक्रिया से गुजरने के बाद अभ्यर्थी मनोरोगी हो जाता है।

7.जोसा काउंसलिंग 2026 के लिए सुझाव (Frequently Asked Questions Related to Suggestion for JoSAA Counselling 2026),जोसा काउंसिलिंग 2026 में एस्पिरेंटस कैसे भाग लें? (How to Participate in JoSAA Counselling 2026 for Aspirants?) से सम्बन्धित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.क्या जोसा काउंसिलिंग में पारदर्शिता है? (Is there transparency in JoSAA Counselling?):

उत्तर:हाँ,जोसा काउंसिलिंग में पारदर्शिता है,कोई दुराव-छिपाव नहीं है।हर राउन्ड के बाद काउंसलिंग की स्थिति व सीटों की उपलब्धता को ओपन किया जाता है।

प्रश्न:2.क्या जोसा काउंसिलिंग जटिल प्रक्रिया है? (Is JoSAA counselling a complicated process?):

उत्तर:यदि एस्पिरेंटस पहले से ही ध्यान रखकर जोसा काउंसिलिंग में भाग लें तो जटिल प्रक्रिया महसूस नहीं होगी।आप बिना सोचे-विचारे भाग लेंगे तो जटिल प्रक्रिया महसूस होगी।

प्रश्न:3.जोसा काउंसलिंग किनके लिए किया जाता है? (For whom is seat allotment done?):

उत्तर:आईआईटी,एनआईटी,ट्रिपल आईटी एवं जीएफटीआई काॅलेजों के लिए सीट आवंटन करती है।

  • उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा जोसा काउंसलिंग 2026 के लिए सुझाव (Suggestion for JoSAA Counselling 2026),जोसा काउंसिलिंग 2026 में एस्पिरेंटस कैसे भाग लें? (How to Participate in JoSAA Counselling 2026 for Aspirants?) के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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