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7 Golden Tips to Prepare for Interview

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1.साक्षात्कार की तैयारी करने की 7 स्वर्णिम टिप्स (7 Golden Tips to Prepare for Interview),साक्षात्कार कैसे दें? (How to Give Interview?):

  • साक्षात्कार की तैयारी करने की 7 स्वर्णिम टिप्स (7 Golden Tips to Prepare for Interview) के आधार पर आप साक्षात्कार के बेहतरीन टिप्स जानेंगे।यों साक्षात्कार के बारे में अनेक लेख अलग-अलग टॉपिक्स पर इस साइट पर पोस्ट किए हुए हैं परंतु साक्षात्कार इतना व्यापक विषय है कि इसे कुछ लेखों में समाहित नहीं किया जा सकता है।
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2.साक्षात्कार का परिचय (Introduction to the Interview):

  • निजी और सरकारी सेवाओं में लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद साक्षात्कार आयोजित किया जाता है।कई कंपनियों,निजी संगठनों में तो केवल साक्षात्कार के आधार पर ही अभ्यर्थी का चयन किया जाता है।इस लिहाज से साक्षात्कार का महत्त्व बढ़ जाता है परंतु इससे साक्षात्कार को लेकर भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है।जहां एक सफल अभ्यर्थी व्यक्तित्व  परीक्षण (साक्षात्कार) की तैयारी में जुट जाते हैं,वहीं असफल प्रत्याशी अपनी त्रुटियों तथा न्यूनताओं का मूल्यांकन करते हुए सफलता प्राप्त करने के लिए नवीन सिरे से प्रयत्न आरंभ कर देते हैं तथा कुछ अपनी तैयारी को ब्रेक भी लगा देते हैं।
  • साक्षात्कार व्यक्तित्व परीक्षण है तथा व्यक्तित्व का निर्माण एक दिन में नहीं होता है फिर भी व्यक्तित्व को तैयार करने के लिए अभ्यर्थी जी तोड़ कोशिश करते हैं।अभ्यर्थियों को ध्यान रखना चाहिए कि व्यक्तित्व का गठन पहले से ही कर रहे हैं तभी अब उसे परीक्षा के निकट सामान्य ज्ञान की तैयारी,बाहरी व्यक्तित्व वेशभूषा,केश विन्यास,शारीरिक हाव-भाव की तैयारी ही की जा सकती है।आंतरिक गुणों का विकास में ज्यादा कुछ बदलाव नहीं किया जा सकता है।
  • व्यक्तित्व परीक्षण बहुत कम अंकों का होता है (लिखित परीक्षा की तुलना में),तथापि इसके महत्त्व को किसी प्रकार से कम करके नहीं आँका जा सकता।वस्तुतः अंतिम चयन तथा वरीयता सूची में स्थान निर्धारण में व्यक्तित्व परीक्षण में अंकों की निर्णायक भूमिका होती है।जहाँ व्यक्तित्व परीक्षण में प्राप्त अच्छे अंक अभ्यर्थी को वरीयता सूची में उच्च स्थान प्रदान करने में सक्षम होते हैं,वहीं इसमें मात्र 30-40% अंक प्राप्त होने पर व्यक्ति को अधिकांशतः असफलता का सामना करना पड़ता है।

3.साक्षात्कार का उद्देश्य (Purpose of the Interview):

  • साक्षात्कार अथवा व्यक्तित्व परीक्षण कंपनियों में तथा सरकारी सेवाओं के सर्वोच्च पदों पर आसीन होने वाले उम्मीदवारों की मानसिक दक्षता के मूल्यांकन के उद्देश्य से किया जाता है।साक्षात्कार परीक्षण उम्मीदवारों के विशेष या सामान्य ज्ञान की जांच करने के प्रयोजन से नहीं किया जाता,क्योंकि उसकी जाँच लिखित प्रश्न-पत्रों से पहले ही हो जाती है।उम्मीदवारों से आशा की जाती है कि वह न केवल अपने विद्यालय के विशेष विषयों में ही पारंगत हों,बल्कि उन घटनाओं पर भी ध्यान दें,जो कि उनके चारों ओर अपने राज्य या देश के भीतर और बाहर घट रही हैं तथा आधुनिक विचारधारा और नई-नई खोजों में भी रुचि लें,जो कि सुशिक्षित युवक में जिज्ञासा पैदा कर सकती है।
  • इसी प्रकार “मोटे तौर पर इस परीक्षा का प्रयोजन वास्तव में न केवल उसके बौद्धिक गुणों को,अपितु उसके सामाजिक लक्षणों और सामाजिक घटनाओं में उसकी रुचि का मूल्यांकन करना है।इसमें उम्मीदवार की मानसिक सतर्कता,आलोचनात्मक ग्रहण शक्ति,स्पष्ट और तर्कसंगत प्रतिपादन की शक्ति,रुचि की विविधता और गहराई नेतृत्व और सामाजिक संगठन की योग्यता,बौद्धिक और नैतिक ईमानदारी की भी जाँच की जा सकती है।”
  • इस प्रकार यह किसी उम्मीदवार से साक्षात् होकर उसके व्यक्तित्व के विविध पक्षों का मूल्यांकन करने का चरण है कि क्या उस उम्मीदवार का व्यक्तित्व शीर्ष पदों पर नियुक्ति की दृष्टि से अनुकूल है अथवा नहीं?

4.साक्षात्कार की प्रक्रिया (Interview Process):

  • अंतिम रूप से नियुक्त होने वाले अभ्यर्थियों से दोगुने उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा के पश्चात साक्षात्कार हेतु उत्तीर्ण किया जाता है।साक्षात्कार के दिनों की संख्या उम्मीदवारों की संख्या पर निर्भर करती है।साक्षात्कार बोर्ड में अध्यक्ष के अलावा 4-5 सदस्य तथा दुभाषिया (क्षेत्रीय भाषाओं के अभ्यर्थियों के साक्षात्कार में) होता है।यद्यपि उम्मीदवारों के साक्षात्कार की कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है,तथापि एक अभ्यर्थी का साक्षात्कार औसतन 25-30 मिनट तक चलता है।वस्तुतः साक्षात्कार की अवधि महत्त्वपूर्ण नहीं है,महत्त्वपूर्ण है साक्षात्कार में आपका प्रदर्शन।
  • यद्यपि साक्षात्कार की तैयारी हेतु लिखित परीक्षा के समान कड़े परिश्रम की आवश्यकता नहीं होती,क्योंकि साक्षात्कार व्यक्तित्व परीक्षण की प्रक्रिया है तथा व्यक्तित्व को ना तो किसी कृत्रिम आवरण से ढका जा सकता है एवं न ही रातों-रात बदला जा सकता है।तथापि इस दिशा में गंभीरता पूर्वक तैयारी करने पर अभ्यर्थी के आत्मविश्वास में वृद्धि होती है,जो साक्षात्कार में सफलता का एक महत्त्वपूर्ण घटक है।साक्षात्कार में सामान्यतः निम्न प्रकार सबसे पहले बायो-डाटा से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।

5.बायोडाटा (Resume):

  • किसी भी अभ्यर्थी के बायो-डाटा में उसका नाम,जन्मतिथि,पिता का नाम,शैक्षणिक योग्यता,अभिरुचियाँ आदि सम्मिलित रहती हैं।अभ्यर्थी  का नाम यदि किसी ऐतिहासिक या धार्मिक महत्त्व का है,तो उससे इस संबंध में प्रश्न किया जा सकता है।इसी प्रकार उससे उसकी जन्मतिथि के ऐतिहासिक महत्त्व के संबंध में भी प्रश्न किया जा सकता है।अभ्यर्थी की पारिवारिक पृष्ठभूमि पर भी,यदि व्यावसायिक क्षेत्र से हो एवं इस क्षेत्र में क्यों आना चाहता है? प्रश्न किया जाता है।
  • इसके अलावा अभ्यर्थी की शैक्षणिक योग्यता,शैक्षणिक क्षेत्र में उसके द्वारा अर्जित की गई कोई विशेष उपलब्धि तथा उसके शैक्षणिक संस्थान के संबंध में भी बोर्ड प्रश्न पूछता है।साक्षात्कार बोर्ड द्वारा अभ्यर्थी की शैक्षणिक पृष्ठभूमि से संबंधित विषयों तथा परीक्षा में अभ्यर्थी द्वारा लिए गए वैकल्पिक विषयों पर भी विस्तृत रूप से प्रश्न पूछे जाते हैं।यदि अभ्यर्थी पहले से ही किसी निजी या सरकारी सेवा में है,तो उससे उसकी नौकरी,कार्य-क्षेत्र,तथा अनुभव के संबंध में एवं इच्छित सेवा में आने की आकांक्षा के संदर्भ में प्रश्न किए जा सकते हैं।इसी प्रकार अभ्यर्थी से उनकी अभिरुचियों के संबंध में,जैसा कि अभ्यर्थी द्वारा लिखित परीक्षा के फॉर्म में भरा गया है,के सम्बन्ध में भी गहन प्रश्नोत्तर किए जाते हैं।विदित रहे कि अभ्यर्थियों की अभिरुचि को बोर्ड द्वारा काफी गंभीरता से लिया जाता है एवं इस संबंध में अच्छी पकड़ तथा अद्यतन जानकारी का होना अपेक्षित है।अभ्यर्थियों से उनके पसंदीदा खेल तथा उनमें होने वाले घटनाक्रम पर भी प्रश्न पूछे जा सकते हैं।

6.साक्षात्कार की तैयारी हेतु टिप्स (Tips for Preparing for the Interview):

  • (1.)सर्वप्रथम इस तथ्य को पूर्ण रूप से आत्मसात कर लें कि साक्षात्कार किसी भी प्रकार से आपके ज्ञान का परीक्षण न होकर आपके व्यक्तित्व का परीक्षण है।ज्ञान का परीक्षण तो लिखित परीक्षा में हो जाता है,साक्षात्कार तो व्यक्तित्व को जाँचने की प्रक्रिया है।
  • (2.)साक्षात्कार हेतु अपनी तैयारी को चरणों में करें:प्रथमत,अपनी तथ्यात्मक जानकारी को सुदृढ़ करें। इस हेतु अभ्यर्थी को नियमित रूप से दो-तीन समाचार पत्रों तथा सामूहिक पत्रिकाओं का अध्ययन करना चाहिए एवं महत्त्वपूर्ण बिंदुओं को जो तर्क के रूप में प्रयुक्त हो सकते हैं,नोट करना चाहिए।समाचार पत्र में स्थानीय समाचारों में समय नष्ट नहीं करना चाहिए तथा राष्ट्रीय,अंतरराष्ट्रीय समाचारों व संपादकीय पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।द्वितीयत इनके आधार पर अपनी विश्लेषणात्मक क्षमता का विकास करें।इसके अंतर्गत किसी भी विषय के सकारात्मक एवं नकारात्मक पक्षों का विश्लेषण करते हुए मूल्यांकन की क्षमता विकसित करनी चाहिए।
  • (3.)सभी प्रमुख समस्याओं पर विचार एवं विश्लेषण के पश्चात अपने मौलिक मॉडल तैयार करें।यथा-यदि आप जनसंख्या की समस्या के विविध पक्षों पर विचार करने के पश्चात अपनी मौलिक योजना तैयार करें कि इस समस्या का समाधान किस प्रकार किया जा सकता है।इस प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थी द्वारा समस्या के विविध पक्षों पर विचार करने से जहां उसकी विश्लेषणात्मक क्षमता का विकास होता है,वहीं यह प्रक्रिया उसके आत्मविश्वास में भी वृद्धि करती है।इसके अतिरिक्त जब आप बोर्ड के सामने एक निश्चित योजना के साथ बात करते हैं,तो यह तथ्य आपकी कुशल क्षमता को व्यक्त करता है।
  • (4.)साक्षात्कार की तैयारी कर रहे अन्य अभ्यर्थियों,मित्रों अथवा परिजनों के साथ नियमित रूप से सामूहिक वाद-विवाद (Group Discussion) करें। साथ ही यदि उपयुक्त माहौल उपलब्ध हो,तो छद्म साक्षात्कार (Mock Interview) की पद्धति को भी अपनाएं।इससे आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
  • (5.)किसी भी समस्या पर अपना दृष्टिकोण अधरझूल में न रखकर स्पष्ट रखें तथा आपका दृष्टिकोण सुदृढ़ तर्कों पर आधारित हों,बोर्ड के सामने दृढ़तापूर्वक अपने विचार रखें तथा वैचारिक परिवर्तन अथवा भिन्नता की प्रवृत्ति से बचें।आपकी अपनी राय संतुलित होनी चाहिए,जिसमें किसी प्रकार का पूर्वाग्रह ना हो।किसी भी समस्या के समाधान के संबंध में अपना दृष्टिकोण सदैव सकारात्मक एवं आशावादी रखें।किसी भी दल या विवादित व्यक्ति/व्यवस्था के संबंध में बात करते समय वैचारिक संतुलन के साथ शाब्दिक संयम पर भी ध्यान दें।
  • (6.)सभी प्रश्नों का उत्तर देना ही एक अच्छे साक्षात्कार का प्रतीक नहीं है और न ही कुछ प्रश्नों का उत्तर न देना साक्षात्कार के बिगड़ने का परिचायक है,अपितु यह तो आपके उत्तरों से उभरकर सामने आ रही आपकी अवधारणाओं तथा आपके हाव-भाव पर आधारित है।अतः महत्त्वपूर्ण तथ्य यह नहीं है कि कितने प्रश्नों का उत्तर दिया गया है,अपितु प्रश्नों का उत्तर किस प्रकार से दिया गया है।
  • (7.)साक्षात्कार के लिए वही पहनें,जो आपको सहज तथा सुविधाजनक लगे।टाई पहनना या ना पहनना आपकी सुविधा पर निर्भर है,जो भी पहनें,सलीके से पहनें।
  • (8.)साक्षात्कार कक्ष में जाने से पूर्व सामान्य हाॅल में अन्य अभ्यर्थियों के साथ स्वाभाविक रूप से बात कीजिए तथा मुस्कराते रहिए,क्योंकि इससे आपको मानसिक दबाव से राहत मिलेगी।अपने मस्तिष्क में इस तथ्य को भली-भाँति बैठा लीजिए कि किसी भी प्रकार का दबाव आपके लिए नकारात्मक परिणाम ही ला सकता है,सकारात्मक नहीं।
  • (9.)साक्षात्कार बोर्ड का रवैया हमेशा पूर्णतः सकारात्मक एवं सहयोगात्मक होता है।बोर्ड का उद्देश्य आपको दबाव में लाना नहीं होता,अपितु ऐसी परिस्थितियाँ उत्पन्न करना होता है,जहाँ आप दबाव-मुक्त होकर अपना स्वाभाविक प्रदर्शन कर सकें।इसी कारण किसी अभ्यर्थी के साक्षात्कार का आरंभ हमेशा उसके बायो-डाटा से होता है,ताकि वह सहज तथा संयत हो सके।
  • (10.)साक्षात्कार के दौरान सहज तथा स्वाभाविक भाषा का प्रयोग कीजिए।संक्षिप्तता के साथ बोलना तथा अनावश्यक बोलने से बचने की प्रवृत्ति अपनानी चाहिए। खिचड़ी भाषा (Mixed Language) का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
  • (11.)साक्षात्कार के दौरान अपना आत्मविश्वास बनाए रखिए।बोर्ड के सामने दिए गए सभी उत्तर पूर्ण आत्मविश्वास के साथ दिए जाने चाहिए,ताकि वह आपकी अपनी व्यक्तिगत विचारधारा लगे,उधार लिए गए शब्द नहीं।उत्तर देते समय प्रश्नकर्त्ता से नजरें मिलाए रखनी चाहिए तथा अनावश्यक इधर-उधर नहीं झांकना चाहिए।
  • (12.)साक्षात्कार के दौरान यदि आप किसी प्रश्न का उत्तर नहीं जानते,तो सहजता से क्षमा मांगिए।जैसा कि कहा गया है कि यह ज्ञान का परीक्षण नहीं है।कभी भी गलत या गड़बड़ उत्तर देकर बोर्ड को भ्रम में डालने की कोशिश ना करें,उत्तर नहीं आने पर आप द्वारा क्षमा मांगने पर अपनी सत्यवादिता एवं स्पष्टवादिता के गुण उभर कर सामने आएंगे,जो आपके पक्ष में ही जाएंगे।यदि किसी प्रश्न के उत्तर की आपको पूर्ण जानकारी नहीं है,तो आप जितना जानते हैं,उतना बोर्ड के समक्ष रखिए एवं अपूर्णता के लिए बोर्ड से क्षमा मांग लीजिए।
  • (13.)बोर्ड के समक्ष सदैव नम्र तथा सकारात्मक रुख अपनाना चाहिए यदि आप बोर्ड के किसी सदस्य के विचारों से असहमत हैं,तो अपनी असहमति को तार्किक रूप से विनम्रता के साथ प्रस्तुत करना चाहिए।
    (14.)साक्षात्कार के दौरान पूर्ण रूप से संयंत रहें,क्योंकि साक्षात्कार के दौरान जहाँ आपकी एक अच्छी बात बोर्ड को प्रभावित कर आपको अच्छे अंक दिलवा सकती है,वहीं दूसरी ओर किसी प्रकार की छोटी सी लापरवाही भी काफी घातक सिद्ध हो सकती है।
  • (15.)जब तक बोर्ड के सदस्य द्वारा पूछा गया प्रश्न पूरा ना हो,बीच में ना बोलें तथा प्रतीक्षा करें,यदि आप प्रश्न को समझ न सकें,तो प्रश्न को दोहराने के लिए सदस्य से निवेदन कर सकते हैं।
  • (16.)साक्षात्कार के दौरान किसी प्रकार की हड़बड़ाहट न दिखाएं,यदि कोई सदस्य आपसे एक के बाद एक पूरक प्रश्न पूछता चला जाता है एवं जान-बूझकर आपके विचारों से असहमति दर्शाता है,तो दबाव अथवा तनाव में ना आएं,इस प्रकार के रवैए के पीछे उद्देश्य यह जाँच करना होता है कि क्या आप मनोवैज्ञानिक दबाव में भी कार्य करने की क्षमता रखते हैं अथवा नहीं।
  • (17.)साक्षात्कार के दौरान आपसे कुछ असामान्य प्रश्न भी पूछे जा सकते हैं,अतः हड़बड़ाने के स्थान पर इन्हें सहजता से लें,प्रश्न को समझते हुए अनुकूल उत्तर देने का प्रयत्न करें।
  • (18.)साक्षात्कार के दौरान सहज बने रहिए।किसी प्रकार की कृत्रिमता न दिखाएं।अपने हाव-भाव स्वाभाविक बने रहने दीजिए,मुख पर मंद मुस्कान बनाए रखिए तथा किसी प्रकार के दबाव तनाव से दूर रहिए।
  • (19.)अपनी अभिव्यक्ति को प्रभावी बनाने का प्रयत्न करें।निरंतर विकास करें,ताकि आप धाराप्रवाह विचार अभिव्यक्त करने में सक्षम हो सके।
  • (20.)साक्षात्कार के दौरान जब अभ्यर्थी किसी प्रश्न का उत्तर न दे पा रहा हो,तो बोर्ड के किसी सदस्य द्वारा अभ्यर्थी को प्रायः Hint दिया जाता है।अभ्यर्थी को चाहिए कि वह इस पर सदस्य को धन्यवाद दे।अपनी ग्राह्य प्रवृत्ति बनाए रखिए तथा यदि आपको बोर्ड से कुछ नया सीखने को मिलता है तो उत्सुकता दिखाइए एवं कृतज्ञता ज्ञापित कीजिए।
  • (21.)साक्षात्कार की कोई निश्चित विषय-वस्तु नहीं है। कभी-कभी अभ्यर्थी का पूरा साक्षात्कार एक ही विषय पर खिंचा जाता है।इसके अतिरिक्त यदि आप बोर्ड द्वारा निरन्तर पूछे जा रहे किसी भी प्रश्न का उत्तर नहीं दे पा रहे हों,तो बोर्ड के कहने पर आप उसे ऐसे विषय पर प्रश्न पूछने के लिए आग्रह कर सकते हैं,जिस पर आप पकड़ रखते हैं।
  • (22.)प्रायः अभ्यर्थी साक्षात्कार की तैयारी के लिए कोचिंग का सहारा लेते हैं,किन्तु साक्षात्कार हेतु कोचिंग का कोई विशेष महत्त्व नहीं है,जितना स्वअभ्यास आवश्यक है।साक्षात्कार एक व्यक्तित्व परीक्षण प्रक्रिया है तथा व्यक्तित्व को किसी भी कोचिंग के माध्यम से नहीं बदला जा सकता।
  • (23.)साक्षात्कार देने के लिए जाने से पूर्व यदि आप उस दिन या आगामी कुछ दिनों में प्रस्तावित बैठकों अथवा अन्य महत्त्वपूर्ण कार्यक्रमों की सूची बना लें,तो उपयुक्त रहेगा।यह आपकी अद्यतन (up-to-date) जानकारी को दर्शाता है।
  • (24.)प्रायः हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के दौरान संपर्क भाषा की समस्या का सामना करना पड़ता है।अधिकांशतः बोर्ड में बैठने वाले कुछ सदस्य अथवा स्वयं बोर्ड का चेयरमैन हिंदी नहीं जानते।वे अंग्रेजी में प्रश्न करते हैं तथा अभ्यर्थी द्वारा हिंदी में उत्तर दिए जाने पर दुभाषिए द्वारा उसका अंग्रेजी रूपांतरण सदस्य के सामने रखा जाता है।यह स्थिति खेदजनक है।क्योंकि दुभाषिये द्वारा रखे गए अनुवादित विचार पूर्णतः अभ्यर्थी के अपने विचार न होकर तोड़े-मरोड़े गए होते हैं।यदि आप सदस्य को प्रत्यक्ष रूप से संतुष्ट करने का प्रयत्न करें,तो उत्तम रहेगा।
  • (25.)साक्षात्कार कक्ष में प्रवेश करने से पूर्व भगवान का स्मरण करना आत्मविश्वास को बढ़ाता है।चेयरमेन  की आज्ञा लेकर  सहज रूप से कक्ष में प्रवेश करें तथा सर्वप्रथम चेयरमेन को तथा तत्पश्चात अन्य सदस्यों को अभिवादन करें।बैठने हेतु कहे जाने पर धन्यवाद कहकर शालीनता के साथ सीट ग्रहण करें तथा शांतिपूर्वक प्रश्न पूछे जाने की प्रतीक्षा करें।चेयरमेन द्वारा जाने की अनुमति देने पर सहज रूप से उठें तथा सभी को धन्यवाद कहकर बाहर आएं।
    यदि आप में सहजता,आत्मविश्वास तथा सत्यवादिता ये तीनों गुण मौजूद हैं तथा इन भावों को अपने हृदय में अंगीकार किया है,तो समझ लीजिए कि आप भी साक्षात्कार में अच्छे अंक पाने की क्षमता रखते हैं।
  • उपर्युक्त आर्टिकल में साक्षात्कार की तैयारी करने की 7 स्वर्णिम टिप्स (7 Golden Tips to Prepare for Interview),साक्षात्कार कैसे दें? (How to Give Interview?) के बारे में बताया गया है।

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7.अभ्यर्थी का जवाब (हास्य-व्यंग्य) (Candidate’s Response) (Humour-Satire):

  • इंटरव्यूअर (अभ्यर्थी से):आपको नौकरी मिल गई समझ लो और कल से नौकरी ज्वाइन कर लो।
  • अभ्यर्थी:परंतु मुझे तनख्वाह कितनी मिलेगी यह तो बताओ।
  • इंटरव्यूअर:तनख्वाह कुछ नहीं मिलेगी,इस पद पर ऊपर की इनकम इतनी है कि इसके लिए तो हर कोई फ्री में नौकरी करने के लिए तैयार है।
  • अभ्यर्थीःआप जैसे अधिकारी हैं तभी तो देश की लुटिया डूबी है।

8.साक्षात्कार की तैयारी करने की 7 स्वर्णिम टिप्स (Frequently Asked Questions Related to 7 Golden Tips to Prepare for Interview),साक्षात्कार कैसे दें? (How to Give Interview?) से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.अभ्यर्थी क्या अपनाएं? (What should the candidates adopt?):

उत्तर:सहजता,विनम्रता,सत्यवादिता,सकारात्मकता,आत्मविश्वास,स्वाभाविकता,धैर्य,सहनशीलता,निष्पक्षता,आशावादिता।

प्रश्न:2.अभ्यर्थी क्या न अपनाएं? (What should the candidates not adopt?):

उत्तर:हड़बड़ाहट,अस्थितता,पूर्वाग्रह,हठधर्मिता,मिथ्यात्व,आवेश,नकारात्मकता,निराशा,अक्खड़ता,अस्पष्टता।

प्रश्न:3.अटपटे प्रश्नों के उत्तर कैसे दें? (How to answer awkward questions?):

उत्तर:कई बार उटपटांग प्रश्न पूछ लिए जाते हैं,परंतु उन प्रश्नों के उत्तर देने का कुछ विशेष उद्देश्य होता है,अतः ऐसे प्रश्नों से उखड़े नहीं और धैर्य तथा सहनशीलता के साथ उत्तर दें।

  • उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा साक्षात्कार की तैयारी करने की 7 स्वर्णिम टिप्स (7 Golden Tips to Prepare for Interview),साक्षात्कार कैसे दें? (How to Give Interview?) के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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