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9Technique of How to Learn Mathematics

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1.गणित कैसे सीखें की 9 तकनीक (9Technique of How to Learn Mathematics),गणित कैसे सीखें? (How to Learn Mathematics?):

  • गणित कैसे सीखें की 9 तकनीक (9Technique of How to Learn Mathematics) के आधार पर गणित सीखने के गुर जानेंगे।जो व्यक्ति गणित सीखने से डरता है,वह सहज में ही धीरे-धीरे गणित को न केवल सीख सकता है बल्कि गणित में पारंगत हो सकता है।
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2.मस्तिष्क की कार्यशैली (Brain Function):

  • कई बार हम पुस्तकें पढ़ते हैं,परंतु हम पुनः उन्हें ढूंढ नहीं पाते हैं कि उसे किस चैप्टर में पढ़ा है और कौन-से पेज पर है।पुस्तक का एक-एक पन्ना उलट देते हैं परंतु उसे ढूंढ पाना मुश्किल होता है।अभी तो दो-तीन दिन पहले ही इसे पढ़ा है,फिर क्यों नहीं ध्यान आ पाता है।
  • मस्तिष्क का एक भाग ऐसी सूचनाओं तथा योजनाओं को इकट्ठा करता है,जो स्मृति का अस्तित्व बनाए रखने के लिए आवश्यक है।अगर आपने अपने उद्देश्य को स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं किया है,इसका मतलब अपने सपनों को साकार करने के लिए आपने अपने मस्तिष्क को ठीक से कार्यबद्ध नहीं किया है।
  • जब आप गणित,तर्कशास्त्र जैसे विषयों को पढ़ने के लिए मस्तिष्क को प्रशिक्षित करते हैं तो आप अपने मस्तिष्क के बाएं भाग को संचालित करते हैं।आपके मस्तिष्क का एक विशेष भाग चुंबक की तरह बन जाता है,जो सूचनाओं और अवसरों को आकर्षित करता है।अपने जीवन का कायाकल्प करने के लिए अपने मस्तिष्क को ट्रिप देना सीखें।

3.गणित सीखने के उद्देश्य को सामने रखें (Put forward the purpose of learning math):

  • कल्पना करें कि अब से 6 महीने में आपने गणित सीखने के उद्देश्य में कुछ सफलता पा ली है।ऐसा सोचकर आप अपनी जिम्मेदारी के बारे में कैसा अनुभव करते हैं? ये प्रश्न आपके उद्देश्यों की प्राप्ति में सहायक होंगे।आपको ‘क्यों’ की जरुरत है तथा ‘कैसे’ आपको अपने आप मिल जाएगा।
  • आप अपने गणित सीखने के कारणों,अपनी प्रतिबद्धता के स्तर एवं इन उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए क्या कदम उठाने की जरूरत है,इस पर विचार करें।
  • आप गणित सीखने के बाद एक आम आदमी से खास आदमी बन जाएंगे।आपको हर कोई सम्मान की दृष्टि से देखेगा।गणित न केवल हमारी तार्किक क्षमता को बढ़ाती है बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन में तथा जॉब में अत्यधिक उपयोगी है,लाभदायक है।
  • अगर आप गणित सीखने की अपनी कोशिश में अपने उद्देश्य में सफल नहीं हो पाए तो क्या आपको गणित सीखने का ख्याल छोड़ देना चाहिए? या अपनी कोशिश लगातार जारी रखनी चाहिए? जी हां,आपको जब तक सफलता न मिल जाए उसका पीछा नहीं छोड़ना चाहिए।
  • दृढ़ता एवं प्रतिबद्धता आपके व्यक्तित्व का महत्त्वपूर्ण स्रोत है।किसी कार्य में रुचि लेना ही काफी नहीं होता,बल्कि उस कार्य में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्धता बहुत जरूरी है।यह संभव है कि आपकी अल्पकालिक असफलता भविष्य की सफलता के लिए आपमें दृढ़ निश्चय का विकास करे।
  • सुखी जीवन के लिए प्रसन्नता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।आपको जिंदगी का आनंद लेने के लिए उद्देश्य की प्राप्ति तक इंतजार करने की आवश्यकता नहीं।जीवन का एक-एक क्षण महत्त्वपूर्ण है।अपने वर्तमान पर ध्यान दें,हर दिन की पूर्णता से तथा हर क्षण को उसकी सीमा तक जीए।
  • आपके जीवन में खुशी एवं उन्नति किसी एक उद्देश्य की सफलता की मोहताज नहीं है।आपके उद्देश्य का चुनाव उतना महत्त्वपूर्ण नहीं है जितना कि उसको पाने के लिए चुना गया रास्ता।अपने उद्देश्य की दिशा पहचानिए तथा उसकी तरफ चल पड़िए।गणित सीखने का लक्ष्य पाने के लिए खुद को प्रोत्साहित कैसे करें? अपने उस उद्देश्य को याद करें,जिसे प्राप्त करने में आपने सफलता पाई है।किस तरह रास्ते में रुकावटें आई थीं और आपने दृढ़ता से उन रूकावटों का मुकाबला करके उन्हें रास्ते से हटा दिया था।
  • जब आप गणित सीखने की अपनी इच्छाओं और उसके आनंद को अनुभव करें तो जरूर रूकावटों के बारे में चिंता करना छोड़ दें,क्योंकि आप पहले भी रास्ते में आने वाले बड़े-बड़े पत्थरों को हटा चुके हैं।
  • आपको गणित सीखने की प्रबल इच्छा,सफलता का निर्णय,अपने जीवन पर नियंत्रण तथा अपने उद्देश्य के प्रति समर्पण भाव से अवश्य सुसज्जित रहना होगा। सबसे पहले अपने उद्देश्यों को पहचानें तथा मन में यह विश्वास लाएं कि कोई रुकावट आपको रोक नहीं सकती।अपने उद्देश्यों की सफलता के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ बनें।

4.गणित को खेल समझकर हल करें (Solve math by thinking of it as a game):

  • गणित सीखने में हम सुख और दुःख का अनुभव करते हैं।समस्या हल करते हैं और हल हो जाती है तो सुख का अनुभव करते हैं तथा गणित की समस्या हल नहीं होती है तो दुःख का अनुभव करते हैं।
  • दुःख तथा सुख किस प्रकार हमारे भाग्य की दिशा तय करते हैं? हमारे पास दुःख का सामना करने के सरल उपाय मौजूद होते हैं।कभी हम शराब पीते हैं,तो कभी ड्रग्स का सेवन।कभी ज्यादा खाने लगते हैं।
  • जबकि कुछ ऐसे भी लोग हैं,जो गणित की जटिल समस्याएं हल नहीं होती है,गणित की कोई गुत्थी हल नहीं होती है,तो मानसिक दबाव का मुकाबला ध्यान,योगासन,व्यायाम,सैर,भजन आदि द्वारा या मधुर संगीत सुनकर अथवा सीख कर करते हैं।अपनी परेशानियों को दूर करने वाले तथा आनंद बढ़ाने वाले उपायों को पहचान कर उनकी एक सूची बनाएं।क्या गणित सीखने के दौरान गुत्थी नहीं सुलझने पर उपर्युक्त के अलावा और भी ऐसे सकारात्मक उपाय हैं,जो हमें आनंद दिलाने में सहायक हो सकते हैं?
  • हमारे सपनों पर अक्सर असफलता के बादल छाए रहने की कोशिश करते हैं।हम अपने सपनों तथा उद्देश्यों के लिए जोखिम उठाने की अपेक्षा अपने पास जो कुछ है,उससे चिपके रहना चाहते हैं।आपके लिए क्या ज्यादा महत्त्वपूर्ण होगा,बिना गणित सीखे सीमित संसाधनों से गुजारा करना या गणित सीख कर अपने संसाधनों में वृद्धि करके जीवन को बेहतर और फिर बेहतरीन बनाना।
  • परेशानियों/दुःखों,कष्टों,समस्याओं को दोस्त के रूप में स्वीकार करें।क्या आप सोचते हैं कि कुछ भी करें,उससे कोई फर्क नहीं पड़ता,ऐसा करके तो आप सिर्फ दुःख ही पाएंगे।संबंधों में बंधे रहना दुखद तो है लेकिन यदि आप इससे बाहर निकलते हैं,तब आप ज्यादा अकेले तथा अभागे हैं।
  • पुराने दुःखद अनुभवों को याद करें।इस बारे में कुछ करने के लिए उसकी गंभीरता को महसूस करें।जब आप इस बारे में कुछ नहीं कर पाते,तो आप भावों की दहलीज पर होते हैं।भाव के चरम बिंदु को छूने के बाद ही आप परेशानियों का सामना करने में समर्थ हो पाते हैं।
  • दुःख-दर्द की परिभाषा को ही बदल डालें।कई बार आप खान-पान पर विशेष ध्यान देने की कोशिश करते हैं,उससे भी बात नहीं बनती।भोजन को त्यागना भी दुःखद है तथा मस्तिष्क ज्यादा समय तक यह सब बर्दाश्त नहीं कर पाता।
    भूख से लड़ने की बजाय अपने दर्द की जांच करें।अति भोजन के बाद की नकारात्मक सोच को याद करने की कोशिश करें।एक बार जब आपको यह अनुभव हो जाएगा कि योगासन-प्राणायाम,व्यायाम सुखदायक है तथा अति भोजन दुःखदायक,तब आपकी समझ में स्वयं ही आ जाएगा कि क्या सही है और क्या गलत।

5.गणित सीखने के प्रति लापरवाह न रहें (Don’t be careless about learning math):

  • हम प्रायः टाल-मटोल का रवैया अपनाकर गणित सीखने के अपने उद्देश्य के प्रति लापरवाही करते हैं,जो बाद में हमारी समस्याओं को सिर्फ बढ़ाने का ही काम करता है।अगर आप किसी काम को शुरू करने में देरी करते हैं तो अपने लिए और अधिक परेशानी पैदा करने के अलावा और कुछ नहीं करते।
  • ऐसी कौन-सी छः बातें हैं,जिन पर अच्छी गणित सीखने के लिए तुरंत ध्यान देने की जरूरत है लेकिन उन्हें टालते आ रहे हैं? एक सूची बनाएं,फिर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें:
  • (1.)मैंने गणित सीखने के इन नियमों पर पहले क्यों ध्यान नहीं दिया? ऐसा करने से भूतकाल में किस तरह की परेशानियां पैदा हो गई थीं?
  • (2.)इस तरह का नकारात्मक रवैया अपनाने से क्या पहले कभी मुझे आनंद की अनुभूति हुई?
  • (3.)अगर मैं कोई बदलाव नहीं लाता हूं तो मेरा कितना नुकसान होगा?
  • (4.)अगर मैं अभी इन कार्यों को करना शुरू करता हूं तो मुझे कितना आनंद आएगा?
  • (5.)क्या मैंने जन्म लेने के बाद चलना,उठना,बोलना,छोटी-छोटी बातें सहज में ही सीख ली थी,यदि नहीं तो गणित सीखना सहज ही कैसे हो सकता है?
  • (6.)जीवन की सरल से सरल बातें जो आज जीवन में ढल चुकी हैं जैसे फौरन स्नान,शौच,भोजन कर लेना,किसी पुस्तक को तत्काल पढ़ लेना,मोबाइल चलाना आदि,क्या प्रारंभ में ही सरलता से हो गया था,नहीं ना।इन सबको सीखने के लिए गिरे,उठे,संघर्ष किया तब जाकर ये सरल और सहज हो पायीं हैं।इसी प्रकार गणित सीखने में बहुत बार असफलता मिलती है,समस्याएँ हल नहीं होती हैं,गणित की प्रॉब्लम्स पर्वत की तरह हमारे सामने खड़ी हो जाती हैं।यदि आप घबरा गए तो फिर आप गणित नहीं सीख सकते हैं।अतः धैर्य रखें और सतत गणित सीखना जारी रखें।
  • हम सभी मन में यह आशा संजोए रहते हैं कि एक न एक दिन,जब हमारे पास बहुत-सा पैसा आ जाएगा,जब हमारे सबसे अच्छे रिश्ते होंगे,जब हम पूर्णतया स्वस्थ होंगे,जब हम प्रसिद्धि पाएंगे तो आखिरकार बहुत खुश होंगे।
    ये सभी लाभप्रद स्थितियां अल्पकालिक हैं,जो आपको हमेशा संतुष्ट नहीं रख सकतीं।
  • ये आपकी मानसिक स्थिति है,जो आपका चित्त प्रसन्न रखती हैं।तो क्यों न अभी से प्रसन्न रहने की आदत डालें।

6.गणित हल करते हुए प्रसन्न रहें (Be happy solving math):

  • आप अपने आप को कैसे प्रसन्न रख सकते हैं? क्या आप इस स्थिति में है कि ठीक अभी हर्ष,आनंद और विशुद्ध प्रसन्नता का अनुभव कर सकें।
  • उस क्षण,उस घटना के बारे में सोचें जब आपने कड़ी मेहनत की और गणित में अच्छे अंक प्राप्त हुए,गणित का कोई कठिन सवाल हल कर पाएं जिसने आपको पूर्णतया प्रसन्न कर दिया था।कठिन परिश्रम पर प्राप्त सफलता ही सच्ची खुशी दिला सकती है।उस खास समय का रेखाचित्र अपने मन-मस्तिष्क में खींचे,फिर अपने उन हाव-भावों को चेहरे पर लाएं।अपनी सांस के आने व जाने की प्रक्रिया वैसी ही रखें जैसी उस समय थी।अपनी नसों के स्पंदन को जांचें तथा अपनी शारीरिक क्रियाओं को पहले की ही भाँति संचालित करें। क्या आप उसी तरह की चपलता और उत्साह दुबारा महसूस कर रहे हैं? क्या ऐसा संभव है कि उसी तरह के क्षण आप जब चाहें महसूस कर सकते हैं?
  • जरा अपना ध्यान केंद्रित करें,आप फौरन प्रसन्नता का अनुभव करेंगे।किसी भी अनुभव को कई तरीकों से महसूस किया जा सकता है।यह सब हमारी सोच पर निर्भर करता है।हमारे पूरे शरीर में उत्तेजना और चपलता हर समय विद्यमान रहती है।निम्नलिखित दो रहस्य आपके लिए लाभप्रद हो सकते हैं:(1.) अपने ध्यान के केन्द्र बिन्दु में परिवर्तन लाएं। (2.)अपनी मूल्यवान स्मृति (गणित सीखने की कोई सुखद घटना) का मानसिक चित्रण करें।

7.भावनात्मक लगाव महसूस करें (Feel emotional attachment):

  • गणित सीखने के प्रति भावनात्मक लगाव महसूस करें।भावनात्मक लगाव और प्रसन्न रहने के लिए कुछ इस तरह करें।
    शारीरिक अवस्था में बदलाव भी महत्त्वपूर्ण होता है।जब कोई गुस्सा,तनाव या अवसाद की स्थिति में होता है,तब प्रायः वह धूम्रपान,मद्यपान आदि नकारात्मक क्रियाओं की तरफ मुड़ जाता है।नकारात्मक अवस्था का इलाज हैःध्यान,व्यायाम,संगीत,भजन,योगासन अथवा अपनी हाॅबी आदि।कंधे उचकाना,सिर झटकना आदि निम्न भावनात्मक पहलू को दर्शाते हैं।जब हम जोश में होते हैं,प्रसन्न मुद्रा एवं आत्म-विश्वास में होते हैं तो हमारा शरीर गर्व से उठ जाता है,कंधे ऊपर उठ जाते हैं और सांस बेहतर हो जाती हैं।
  • अपनी शारीरिक प्रतिक्रियाओं में बदलाव लाकर आप अपने भावनात्मक पहलू को बदल सकते हैं,क्योंकि हमारी प्रत्येक भावना का शारीरिक क्रियाओं से सीधा संबंध होता है।
  • मुस्कुराइए और पूरी दुनिया आपके साथ मुस्कराने लगेगी।एक सप्ताह तक,रोजाना दिन में जी भरकर मुस्कराएं।आपको थोड़ा-सा पागलपन तो लगेगा,लेकिन जब आपकी मुस्कराहट बनावटी ना होकर मौलिक तथा चमकदार होगी तब आप अंदर से अच्छा महसूस करेंगे।अब कुछ समय गणित सीखने का अभ्यास करें।भावनात्मक लगाव और प्रसन्नता की स्थिति में ही गणित का अच्छा अभ्यास किया जा सकता है।
  • ऐसा अनुभव कीजिए कि आप अपनी भावनाओं के दायरे को बढ़ाकर और अपनी कोशिश उद्गम केंद्र में बदलाव लाकर,अपनी खुशी को बढ़ा सकते हैं।आप अपनी स्वाभाविक तथा सकारात्मक भावनाओं में से किसी एक को चुनें तथा विभिन्न मुद्राओं,हरकतों एवं अपने हाव-भाव से उस भावना का आनंद लें।

8.चिंता नहीं चिंतन करें (Don’t worry, think):

  • जीवन में आपने कभी स्वयं को क्रुद्ध,कुंठित तथा संकट में पड़ा हुआ अवश्य महसूस किया होगा।यदि आप उन लम्हों को याद करें,जब गणित सीखने से पहले आपको चिंता थी कि आपकी टूटी-फूटी गणित को देखकर लोग आप पर हंसेंगे,तो शायद आपको हंसी आए कि बेकार में परेशान थे,जबकि ऐसी कोई बात ही नहीं थी।दोबारा उन भयानक परिस्थितियों पर हंसे।इस प्रकार आप तुरंत ऐसी परिस्थितियों को अपने नियंत्रण में महसूस करेंगे।
  • जीवन में ऐसा कई बार हो जाता है कि आप इस आशा में बैठे हों कि आपका साथी सही समय पर घर पहुंच जाएगा,लेकिन वह देरी से पहुंचता है।ऐसे समय में आपने कैसा महसूस किया? वह आपके प्रति लापरवाह है? या आपने समझ लिया कि उसकी आदत ही ऐसी है? या इंतजार के समय आप व्याकुल हो जाते हैं? क्या आपकी व्याकुलता का स्तर इतना बढ़ जाता है कि आपके मन में बुरे ख्याल आने लगते हैं कि कहीं कोई दुर्घटना तो नहीं हो गई? क्या आपने ऐसा भी सोचा कि हो सकता है,वह मेरे लिए फूल खरीदने के लिए रास्ते में कहीं रुका होगा।(1.)हमारा केंद्रित ध्यान,हमारी भावनाओं को निश्चित करता है।(2.)हमारी भावनाएं, सोच और हमारे ख्याल हमारी क्रियाओं को नियंत्रित करते हैं।(3.)सही प्रश्न पूछ कर अपने आप को दिमागी रूप से मजबूत बनाएं।
  • अगर आप लगातार अपना ध्यान नकारात्मक सोच पर केंद्रित करेंगे तो पूरी संभावना है कि सबसे खतरनाक घटना आपके साथ घट जाए।उदाहरण के लिए यदि आप गणित सीखते समय सोचते हैं कि आप गणित की समस्याओं को हल करते-करते अटक जाएंगे या आप हल ही नहीं कर पाएंगे,तो आप महसूस करेंगे कि आपके साथ बार-बार ऐसा ही होता है।
  • डरने की जरूरत नहीं है,अपने जीवन को डर से दूर रखें और आसमान की ऊंचाई तक की दिशा निश्चित कर आप जो चाहते हैं उसे पर ध्यान केंद्रित करें न कि कहीं और।आप प्राकृतिक तौर पर आप अपने आप कार्य करने लग जाएंगे।जो आपकी इच्छा है,जिसके आप लायक हैं,उस पर ध्यान केंद्रित करें।
  • उपर्युक्त आर्टिकल में गणित कैसे सीखें की 9 तकनीक (9Technique of How to Learn Mathematics),गणित कैसे सीखें? (How to Learn Mathematics?) के बारे में बताया गया है।

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9.गणित के टीचर के सिर पर बाल (हास्य-व्यंग्य) (Hair on Head of Math Teacher) (Humour-Satire):

  • नीलमःसर,मुझे एक बात पूछनी है?
  • टीचरःपूछो,नीलम।
  • नीलम:सर,ये आपके सिर पर बिल्कुल बाल क्यों नहीं हैं।
  • टीचर:बेटी,इसलिए क्योंकि गणित हल करने वाले बुद्धिमान होते हैं और बुद्धिमान के सिर पर बाल नहीं होते हैं।
    नीलम:ओह सर,अब मुझे पता लगा कि आपकी पत्नी (गणित मैडम) के सिर पर इतने लंबे-लंबे बाल क्यों हैं?

10.गणित कैसे सीखें की 9 तकनीक (Frequently Asked Questions Related to 9Technique of How to Learn Mathematics),गणित कैसे सीखें? (How to Learn Mathematics?) से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.इस लेख का उद्देश्य क्या है? (What is the purpose of this article?):

उत्तर:इस लेख का उद्देश्य है कि गणित सीखने में कई बच्चों को डर लगता है,उस डर को किस तकनीक से खत्म किया जाए।गणित सीखने की आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीक आप में आत्मविश्वास के साथ-साथ गणित सीखने की ललक पैदा करेगी।

प्रश्न:2.गणित के विद्यार्थियों की वर्तमान स्थिति क्या है? (What is the present status of mathematics students?):

उत्तरःसेकेंडरी,हायर सेकेंडरी स्तर तक के विद्यार्थी छोटे-छोटे सवालों में अटक जाते हैं तो उनको बुरा लगता होगा,सामने वाले व्यक्ति पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।जाॅब प्राप्त करने में आप पिछड़ जाते हैं,क्योंकि सही प्रकार से गणित नहीं आती है।

प्रश्न:3.गणित सीखने पर टिप्पणी लिखो। (Write a comment on learning math):

उत्तर:आज जीवन के हर क्षेत्र में,जॉब में,घर पर,कहीं पर भी गणित की जरूरत पड़ती है।अतः हरेक को बेसिक गणित सीखनी ही चाहिए,गणित की जानकारी होनी चाहिए।

  • उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा गणित कैसे सीखें की 9 तकनीक (9Technique of How to Learn Mathematics),गणित कैसे सीखें? (How to Learn Mathematics?) के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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