Last Time Board Exam Preparation
1.अंतिम समय बोर्ड परीक्षा की तैयारी 2026 (Last Time Board Exam Preparation),काॅलेज परीक्षा की तैयारी कैसे करें? (How to Prepare for College Exam?):
- अंतिम समय बोर्ड परीक्षा की तैयारी 2026 (Last Time Board Exam Preparation) कैसे करें? अब बोर्ड परीक्षा शुरू होने में कुछ समय ही बाकी है अतः अब सत्रारम्भ या सत्रारम्भ के दौरान परीक्षा के पैटर्न से तैयारी नहीं की जानी चाहिए।आइए जानते हैं कि अब परीक्षा के निकट कैसे तैयारी करें?
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2.विस्तृत अध्ययन करने से बचें (Avoid doing detailed studies):
- अब परीक्षा में कुछ ही समय बचा है अतः अब विस्तृत अध्ययन अथवा नए टॉपिक का अध्ययन करने से बचें। सत्रारम्भ से अब तक आपने जो भी अध्ययन किया है उसका बार-बार अध्ययन करें।नोट्स के आधार पर अध्ययन करें।अब विस्तृत अध्ययन करने,नोट्स बनाने या नए टॉपिक का अध्ययन करने का समय नहीं है।रिवीजन करते समय जिन सवालों और टॉपिक में कठिनाई महसूस होती है,उन्हें चिन्हित कर लें तथा उनका बार-बार अभ्यास कर लें।जितना उनका अभ्यास करेंगे उतना ही वे सवाल और टॉपिक सरल होते जाएंगे और याद हो जाएंगे।
- नए टॉपिक पढ़ने या विस्तृत अध्ययन करने से पूरे सिलेबस का रिवीजन नहीं हो पाता है और हड़बड़ाहट में याद किया हुआ भी भूलने लगते हैं।
- बिंदुवार तथा टाइटल लिखकर नोट्स बनाए हुए होने चाहिए ताकि आप विषयवस्तु को कम समय में रिवीजन और आसानी से याद कर सकें।लिखने की आदत डालें।अच्छा तो यह है कि परीक्षा के पैटर्न के आधार पर प्रश्नों के उत्तर लिखें।जैसे एमसीक्यू टाइप (MCQ),रिक्त स्थानों की पूर्ति वाले,अति लघुत्तरात्मक,लघुत्तरात्मक और निबन्धात्मक प्रश्नों के उत्तर देने का अभ्यास करें ताकि सभी प्रकार के प्रश्नों का उत्तर देने का अभ्यास हो सकें।केवल विवरणात्मक ढंग से उत्तर लिखने का अभ्यास न करें बल्कि प्रश्नों की प्रकृति के अनुसार उत्तर देने का अभ्यास करें।
- ज्यादा लंबे चौड़े उत्तर लिखने से अधिक अंक प्राप्त नहीं होते हैं बल्कि टू द पॉइंट आंसर लिखने से अधिक अंक प्राप्त होते हैं,इस बात का ध्यान रखें।
3.पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्रों को हल करें (Solve previous years’ question papers):
- परीक्षा के निकट नोट्स भी नहीं पढ़े जा सकते हैं यानी उनका बार-बार अध्ययन नहीं किया जा सकता है क्योंकि नोट्स संक्षिप्त में बनाएं तो भी पूरे सिलेबस का नोट्स बनाना और फिर उसे पढ़ने में समय लगता है।नोट्स पढ़ने से विषयवस्तु तो याद हो जाती है परंतु किस प्रकार के प्रश्न का उत्तर किस ढंग से देना है,कितना देना है और प्रश्न कैसे-कैसे आते हैं,परीक्षा का पैटर्न कैसा है,परीक्षा के प्रश्नों में क्या बदलाव किया है,निबन्धात्मक प्रश्न कौनसे चैप्टर से आएंगे आदि का ज्ञान पिछले वर्ष के प्रश्न-पत्रों,ब्लूप्रिंट और मॉडल पेपर्स के आधार पर ही पता चलता है।
- अतः पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्रों को हल करें और सिलेबस से जो चैप्टर व टॉपिक हटा दिए हैं उनसे संबंधित प्रश्नों को पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्रों में छोड़ते हुए हल करें।सिलेबस के आधार पर हल करेंगे तो समय भी कम लगेगा और परीक्षा केंद्रित अध्ययन करेंगे तो तनाव भी हावी नहीं होगा।
- यदि आपको पता नहीं चल पा रहा है कि कौन-सा सवाल सिलेबस में है और कौन-सा नहीं,तो पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्रों को अपने शिक्षक की मदद से हल करें ताकि लक्ष्य केंद्रित अध्ययन कर सकें और बचे हुए समय को अन्य विषयों का अध्ययन करने में उपयोग कर सकें।तकनीकी के इस दौर में परीक्षा के सिलेबस,प्रश्नों की प्रकृति में बदलाव होता रहता है अतः सजग रहें तथा किए गए बदलाव के अनुसार ही तैयारी करें।
4.मॉक टेस्ट दें और मॉडल पेपर्स हल करें (Take mock tests and solve model papers):
- मॉडल पेपर्स ब्लूप्रिंट के आधार पर तैयार किए जाते हैं।अतः नवीनतम मॉडल पेपर्स अथवा डेस्क वर्क के प्रश्न-पत्रों को हल करें।परीक्षा जैसा एनवायरमेंट बनाकर हल करें ताकि आपको पता चल सके कि आप मॉडल पेपर्स या मॉक टेस्ट को तय सीमा में हल कर पाते हैं या नहीं।यदि तय समय से अधिक समय लगता है तो प्रश्नों को हल करने की गति बढ़ाएं।
- प्रश्नों को हल करने की गति धीमी रहने के कुछ कारण होते हैं।पहला सत्रारम्भ से परीक्षा की तैयारी न करना,नोट्स न बनाना या नोट्स बना लिए तो उनका अध्ययन न करना,अध्ययन करने पर भी विषयवस्तु का याद न रहना।विषयवस्तु इसलिए याद नहीं होती क्योंकि परीक्षा की तैयारी के प्रति गंभीर नहीं रहते हैं,लापरवाह बने रहते हैं और एकाग्रता के अभाव के कारण भी विषयवस्तु याद नहीं रहती है।
- रिवीजन न करने से भी विषयवस्तु याद नहीं रहती है।तनाव का प्रबंधन न कर पाने के कारण भी समय अधिक लगता है।इसके अलावा परीक्षा से पूर्व मॉडल पेपर्स से लिखने की प्रैक्टिस नहीं करते हैं तब भी प्रश्न-पत्र को तय समय सीमा में हल नहीं कर पाते हैं।अतः ऊपर जो भी कारण बताए गए हैं,उन कारणों को दूर करेंगे,बार-बार प्रश्नों का अभ्यास करेंगे,मॉक टेस्ट देंगे तो तय समय सीमा में प्रश्न-पत्र को हल करने का अभ्यास होता जाएगा।
- लिखकर अभ्यास करेंगे और प्रश्न की प्रकृति के अनुसार तथा टू द पॉइंट आंसर देंगे तो आपमें प्रश्न-पत्र के सवालों और प्रश्नों का उत्तर लिखने की कला विकसित होती जाएगी।मॉडल पेपर्स के उत्तरों को अपने शिक्षक से जांच करा लें और उन्हें पूछे कि क्या उसके द्वारा लिखे गए उत्तर का तरीका सही है और उसमें क्या सुधार किया जा सकता है।जितना अभ्यास करेंगे,लिखने के तरीके में सुधार करेंगे,कठिन टॉपिक का बार-बार अध्ययन करेंगे तो उस विषय पर आपकी मजबूत पकड़ होती जाएगी।आप पर तनाव हावी नहीं होगा,परीक्षा में घबराहट व हड़बड़ाहट नहीं रहेगी।
5.अध्ययन करने की कला सीखें (Learn the Art of Studying):
- दरअसल छात्र-छात्राएं परंपरागत तरीके से पढ़ते जाते हैं और जब पूरा चैप्टर पढ़ चुके होते हैं तो उन्हें महसूस होता है कि जैसे कुछ पढ़ा ही नहीं है या कुछ याद ही नहीं है।वे समझ ही नहीं पाते हैं कि उन चैप्टर को पढ़ने के बाद भी याद क्यों नहीं हुआ है।चैप्टर को रटे-रटाए तरीके से पढ़ना,एकाग्रता के बिना और जबरदस्ती (अरुचि) पढ़ने से कितनी ही बार पढ़ लें,चैप्टर याद नहीं होगा।परंतु रुचिपूर्वक,एकाग्रता के साथ तथा समझकर पढ़ने से चैप्टर को रटना नहीं पड़ता है बल्कि बिना रटे ही याद हो जाता है।
- मॉडल पेपर्स या अनसोल्वड प्रश्नों व सवालों को हल करें तो जिन सवालों या प्रश्नों में कठिनाई महसूस होती है उन्हें पेंसिल से चिन्हित कर लें।
- पूरा प्रश्न-पत्र हल करने के बाद संबंधित टॉपिक के नोट्स पढ़ें यदि फिर भी समझ में नहीं आता है तो अपने मित्रों,मेधावी सहपाठी या शिक्षक की मदद लेकर समझें।इसके पश्चात पुनः अगला मॉडल पेपर या अनसोल्वड पेपर हल करें।इस प्रकार आप बार-बार हल करेंगे और अपने उत्तरों के स्तर में इंप्रूवमेंट करते जाएंगे तो न केवल कठिनाई का स्तर घटता जाएगा बल्कि आपके द्वारा दिया गया उत्तर प्रभावी बन पड़ेगा।हर अगले प्रश्न पत्र को हल करने से पहले सोचें कि उस प्रश्न-पत्र के सवालों या प्रश्नों का उत्तर और अधिक प्रभावी कैसे बनाया जा सकता है।
6.सोच समझकर उत्तर दें (Answer Thoughtfully):
- याद रखें वे विद्यार्थी असफल होते हैं या ऐसे विद्यार्थियों की परफॉर्मेंस कमजोर होती है जो केवल अध्ययन करके प्रश्नों के सवालों के उत्तर देते हैं और सोचते समझते नहीं है।तथा वे विद्यार्थी भी बेहतरीन उत्तर नहीं लिख पाते हैं जो सोचते तो बहुत हैं परंतु स्टडी बिल्कुल नहीं करते हैं।दोनों बातें जरूरी है।अध्ययन करें,कसकर कड़ी मेहनत करें परंतु सोच-समझकर अध्ययन करें।
- इसी प्रकार प्रश्नों व सवालों का उत्तर लिखने से पहले कुछ पल उसके बारे में सोचे समझें और फिर उत्तर दें,सटीक उत्तर दें,इधर-उधर की बातें,व्यर्थ बातें न लिखें।उत्तर पुस्तक की रटी-रटायी भाषा में न दें।नोट्स भी अपनी लैंग्वेज में तथा अपनी मौलिक शैली में लिखें तथा उत्तर दें।अगर आप बाजार में मिलने वाले पेपर्स,गाइडों या पुस्तक की भाषा को रटकर हूबहू उत्तर-पुस्तिका में उतार देंगे तो अधिक अंक हासिल नहीं कर पाएंगे।कारण यह है कि ऐसे रट्टू तोते तो अनेक विद्यार्थी होते हैं जो उत्तर-पुस्तिका में उत्तर लिख देते हैं।परीक्षक समझ लेता है कि या तो उसने रटकर उत्तर दिए हैं या किसी अन्य विद्यार्थी की नकल की है।
- यदि आप अपनी मौलिक शैली में उत्तर लिखेंगे तो आपका जवाब प्रभावी बन पड़ेगा और परीक्षक का ध्यान भी आकर्षित होगा।अतः हटकर और मौलिक शैली में उत्तर दें।किताबी भाषा या गाइडों की नकल करके नहीं।वैसे भी बहुत सी गाइडों में भाषा शैली इतनी रद्दी होती है और एरर होती है कि उनके आधार पर लिखा हुआ उत्तर स्तरहीन और प्रश्न की प्रकृति के अनुसार उत्तर नहीं होता है।एक ही भाषा शैली के आधार पर लिखे हुए विद्यार्थी के उत्तर के आधार पर परीक्षक ताड़ लेता है कि यह उत्तर गाइडों या पुस्तकों से रटकर लिखा गया है।जबकि मौलिक शैली और अपनी भाषा में लिखा हुआ उत्तर प्रभावी,आकर्षक तो होता है कारण कि वह हटकर लिखा हुआ होता है।
- अतः अभी से अपनी मौलिक भाषा में उत्तर लिखने की कला विकसित कर लेंगे तो आगे जाकर,उच्च कक्षाओं में आपकी मौलिकता में निखार आता जाएगा।ऐसे छात्र-छात्राएं ही श्रेष्ठ चिंतक,श्रेष्ठ दार्शनिक,श्रेष्ठ लेखक,श्रेष्ठ अध्यापक आदि बनते हैं।
7.कॉलेज स्टूडेंट किस तरह तैयारी करें? (How should college students prepare?):
- बोर्ड परीक्षाओं और कॉलेज की परीक्षा में एक मूलभूत अन्तर होता है।बोर्ड परीक्षाओं में जहाँ वस्तुनिष्ठ प्रश्नों व सवालों के साथ-साथ निबन्धामक प्रश्न पूछे जाते हैं वहीं कॉलेज की परीक्षाओं में निबन्धात्मक प्रश्न व सवाल या प्रमेय पूछे जाते हैं।बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए एक प्लस पॉइंट यह होता है कि उन्हें सत्रांक के (20 अंक) प्राप्त होते हैं जो उन्हें उत्तीर्ण करने में काफी सहायक होते हैं और अनुत्तीर्ण होने के डर को काफी कम कर देते हैं।
- कॉलेज के परीक्षार्थियों को नोट्स बनाने के बाद मॉडल पेपर्स,गत वर्षो के प्रश्न-पत्रों को हल करना चाहिए।अनसोल्वड पेपर्स को हल करने से परीक्षा का पैटर्न पता चल जाता है और उन्हें सॉल्व करने से आत्मविश्वास भी बढ़ता है।तय सीमा में प्रश्नों व सवालों के उत्तर देने की कला सीख जाते हैं।
- अध्ययन करने का तरीका लगभग एकसा ही है।जो भी पढ़ें उसे समझकर पढ़ें और लिखकर अभ्यास करें,नोट्स बनाएं।समय-समय पर रिवीजन करते रहें ताकि पढ़ा हुआ स्मरण रहे।पढ़ा हुआ स्मरण रहेगा तो आत्मविश्वास बढ़ेगा और आप उत्तर श्रेष्ठ तरीके से दे पाएंगे।अक्सर कॉलेज के विद्यार्थी सीरीज,गाइडों को रटकर उत्तीर्ण होने का तरीका अपनाते हैं।कारण यह है कि कॉलेज के स्टूडेंट्स पर माता-पिता का इतना नियंत्रण नहीं होता है।कॉलेज के प्राध्यापकों का भी दबाव नहीं रहता है।अधिकांश कॉलेज व विश्वविद्यालयों में नाम मात्र की पढ़ाई होती है।ऐसी स्थिति में परीक्षा में विद्यार्थियों की नैया सेल्फ स्टडी ही पार लगाती है।अतः विद्यार्थी सिरीज व गाइडों से उत्तीर्ण होने की कोशिश करते हैं जो कि गलत तरीका है।
- सत्रारम्भ से ही उन्हें नोट्स बनाना चाहिए,सिलेबस का विस्तृत और गहराई से अध्ययन करना चाहिए और परीक्षा के निकट नोट्स से रिवीजन करें।मॉडल पेपर्स और अनसोल्वड पेपर्स को हल करें।
8.विद्यार्थी हार न मानें (Students should not give up):
- विद्यार्थियों को कभी भी हतोत्साहित,निराश नहीं होना चाहिए।अपने आप पर आत्मविश्वास रखें और दूसरों से तुलना करने की कोशिश ना करें।स्टडी करने का सही तरीका अपनाएं।हमने स्टडी करने का वैज्ञानिक व सही तरीका अपनाने के बारे में कई लेख पोस्ट किए हुए हैं।परीक्षा की तैयारी करने के बारे में भी अनेक लेख पोस्ट किए हुए हैं।आप उन्हें पढ़कर भी परीक्षा की तैयारी करने की रणनीति जान सकते हैं।परंतु ये लेख और रणनीति कारगर तभी फलदायी हो सकती है जबकि आप इन लेखों को पढ़ने के साथ-साथ लेख में बताई गई बातों पर अमल करेंगे।
- पढ़ाई करने के दौरान बीच-बीच में ब्रेक लें और अपने आप को रिफ्रेश करते रहें।यदि अध्ययन करते-करते बोरियत महसूस हो तो पढ़ने का तरीका बदलें अथवा विषय का परिवर्तन करें।जैसे आप गणित की पुस्तक से सवाल हल कर रहे हैं तो मॉडल पेपर से सवाल करने लग जाएं।यदि लिखकर सवाल हल कर रहे हैं तो लिखना छोड़कर केवल पढ़ना चालू करें या सूत्र याद करना चालू कर दें अथवा विज्ञान विषय या अंग्रेजी विषय पढ़ना चालू कर दें।
- यदि पढ़ते-पढ़ते मानसिक रूप से थकान महसूस करें तो पढ़ना बंद करके थोड़ा समय किसी हाॅबी जैसे भजन,संगीत आदि में दें।या थोड़ी सी झपकी ले लें ताकि आप पुनः रिफ्रेश हो सकें।मन में नकारात्मक बातों को ना आने दें।अपने लक्ष्य को सामने रखें और उसको प्राप्त करने की भरसक कोशिश करें।दरअसल जब हमारी आंखों और मस्तिष्क के सामने हमारा गोल (लक्ष्य) होता है तो हम उसे किसी भी कीमत पर प्राप्त करने की कोशिश करते हैं।लक्ष्य हमें ऊर्जावान बनाए रखता है।हमारी गफलत,लापरवाही व आलस्य को दूर कर देता है।हमारी थकान गायब हो जाती है।लक्ष्य हमें भटकने से बचाता है,हम प्राणपण से लक्ष्य को प्राप्त करने में जुटे रहते हैं।
- परीक्षा प्रश्न-पत्र किसी भी तरह का आ सकता है अतः हर तरह के प्रश्न-पत्र को हल करने की कला विकसित करें।पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्रों को देखकर यह अनुमान नहीं लगा लेना चाहिए कि प्रश्न-पत्र सरल आएगा और कठिन सवालों या प्रश्नों को हल करने का कोई फायदा नहीं है।कई बार हटकर या कठिन प्रश्न-पत्र आ जाता है और ऐसी स्थिति में हम विचलित नहीं होते हैं यदि हमारी तैयारी कठिन प्रश्नों को हल करने की होती है।घर पर परीक्षा की तैयारी करें या अन्य कहीं पर फिजिकल और मेंटली प्रजेंस रहे ताकि पढ़ाया हुआ आपकी समझ में आ सके।पढ़ा हुआ नहीं समझ में आने का यह भी एक कारण होता है कि या तो हम केवल फिजिकली प्रजेंट रहते हैं या मेंटली।
- आहार सात्विक लें,तला भुना,अधिक मिर्च-मसाले वाला भोजन न लें।मादक पदार्थ,ड्रग्स,बहुत अधिक ठंडा या बहुत अधिक गर्म यथा कॉफी आदि का सेवन न करें।इस तरह के पदार्थों का सेवन करने से मन चंचल हो जाता है।हम इन पदार्थों का सेवन करने से स्फूर्ति महसूस करते हैं परंतु यह हमारी गलतफहमी है,धीरे-धीरे हम इनका सेवन करने के आदी हो जाते हैं और हमारी एकाग्रता भी भंग (चंचल मन के कारण) होती है।अंत में सभी कर्मठ विद्यार्थियों को हमारी शुभकामनाएं हैं कि वे अच्छे अंकों से उत्तीर्ण हों।
- उपर्युक्त आर्टिकल में अंतिम समय बोर्ड परीक्षा की तैयारी 2026 (Last Time Board Exam Preparation),काॅलेज परीक्षा की तैयारी कैसे करें? (How to Prepare for College Exam?) के बारे में बताया गया है।
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9.दो दोस्तों में आपस की बातें (हास्य-व्यंग्य) (Conversations between two friends) (Humour-Satire):
- दो दोस्त बातें कर रहे थे।पहला:यार मेरा भाई भी पागल ही है।टीचर कहते हैं कि सवाल हल करने का अधिक से अधिक अभ्यास करो।वह कहता हैं की परीक्षा नजदीक है तो बेसिक चीजें जोड़,गुणा,भाग,बाकी आदि को पहले सीखो।नहीं तो फेल हो जाओगे।
- दूसरा दोस्तःमेरा भाई भी पागल है।वो कहता है कि वर्गमूल निकालना,पहाड़े याद करना,गुणनखंड करना सीखें नहीं तो तुम्हें परीक्षा में फेल होने से कोई नहीं बचा सकता है।
10.अंतिम समय बोर्ड परीक्षा की तैयारी 2026 (Frequently Asked Questions Related to Last Time Board Exam Preparation),काॅलेज परीक्षा की तैयारी कैसे करें? (How to Prepare for College Exam?) से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नः
प्रश्न:1.अध्ययन समझ में न आए तो क्या करें? (What to do if you don’t understand the study?):
उत्तर:अध्ययन किया हुआ समझ में न आने का कारण है अपने डाउट्स को समय रहते क्लियर न करना।यदि डाउट्स क्लियर करते रहें,समझ कर पढ़ें तो धीरे-धीरे पढ़ा हुआ समझ में आ जाता है।
प्रश्न:2.रिलैक्स होने के लिए क्या करें? (What to do to relax?):
उत्तर:रिलैक्स होने के लिए बीच-बीच में ब्रेक लें।यदि मस्तिष्क में थकान महसूस करें तो थोड़ी झपकी लें।नींद पर्याप्त और गहरी लें।कई विद्यार्थी परीक्षा की चिंता के कारण नींद पूरी नहीं लेते हैं,रात-रात भर जागते रहते हैं और जो पढ़ा हुआ है उसे भी भूल जाते हैं।
प्रश्न:3.परीक्षा की तैयारी किस स्थिति में करें? (In what position to prepare for the exam?):
उत्तर:परीक्षा की तैयारी होशपूर्वक करें।होशपूर्वक अध्ययन करने का मतलब है वर्तमान में उपस्थित रहें,भूतकाल या भविष्य काल में गोते न लगाते रहें।समय का सदुपयोग करें,व्यर्थ समय बर्बाद न करें।
- उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा अंतिम समय बोर्ड परीक्षा की तैयारी 2026 (Last Time Board Exam Preparation),काॅलेज परीक्षा की तैयारी कैसे करें? (How to Prepare for College Exam?) के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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Satyam
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