Medicinal Uses to Enhance Intellect
1.बुद्धिबल बढ़ाने के औषधीय प्रयोग (Medicinal Uses to Enhance Intellect),बुद्धि की प्रखरता औषधि से कैसे बढ़ाएं? (How to Increase Sharpness of Intellect with Medicines):
- बुद्धिबल बढ़ाने के औषधीय प्रयोग (Medicinal Uses to Enhance Intellect) के आधार पर आप अपने मस्तिष्क की कमजोरी को दूर कर सकेंगे।आपको बुद्धिबल बढ़ाने और स्मरणशक्ति को तेज करने के मानसिक उपचार हेतु अनेक उपाय बताए गए हैं।इस लेख में औषधीय उपायों पर चर्चा की जाएगी।
- परीक्षार्थियों,छात्र-छात्राओं और दिमागी काम करने वाले व्यक्तियों के विशेष रूप से उपयोगी लेख।
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2.बुद्धि बढ़ाने के औषधीय प्रयोग (Medicinal Uses to Enhance Intellect):
- यों तो तीव्र बुद्धि भगवद्प्रदत्त तत्त्व है और वह हर एक मनुष्य में विद्यमान है।इतने पर भी ‘मूर्ख’ और ‘विद्वान’,’बुद्धू’ और ‘बुद्धिमान’ जैसे शब्द आज खूब प्रचलन में है।जब बुद्धि प्रत्येक आदमी में है और नियंता की ओर से हर एक को एक जैसा स्तर प्राप्त है,तो इस प्रकार के परस्पर विरोधी शब्दों का गठन आखिर क्यों हुआ? इस पर गहराई से विचार करने पर ज्ञात होता है कि मनुष्य-भेद के आधार पर उसमें बौद्धिक सक्रियता और निष्क्रियता पाई जाती है।इस आधार पर किसी को निर्बुद्धि और किसी को ज्ञानवान कह दिया जाता है।आयुर्वेद के आचार्यों ने गहन अनुसंधान के बाद कुछ जड़ी-बूटियों का निर्धारण किया है,जिनसे बौद्धिकता के स्तर को सहेज कर उसे प्रखर बनाया जा सके।प्रस्तुत है उस पर एक विहंगम दृष्टि।
- (1.)एक गाजर और पत्ता गोभी कच्ची ही लगभग 50/60 ग्राम या इसके 10-12 पत्ते काटकर प्लेट में रख लें।इस पर हरा धनिया काट कर डाल दें व सेंधा नमक व काली मिर्च बुरक लें।इसे प्रतिदिन भोजन के साथ खाएं। इससे आपकी आँखे कमजोर नहीं होगी।रात को पानी में 50 ग्राम देसी चना डालकर रख दें।सुबह इन चनों को सेंधा नमक,काली मिर्च और नींबू के साथ खूब चबा-चबा कर खाया करें और एक गिलास ताजी छाछ घूँट-घूँट कर पिया करें।
- (2.)रात को 9:00 बजे के बाद पढ़ाई के लिए जागें तो आधा-आधा घंटे से आधा-आधा गिलास ठंडा पानी पीते रहें इससे जागरण के कारण होने वाला वात का प्रकोप नहीं होगा।वैसे 11:00 बजे से पहले सो जाना ही ठीक होता है।शाम का भोजन 8:00 बजे से पहले कर लिया करें।
- (3.)लेट कर या झुक कर बैठते हुए न पढ़ा करें।रीढ़ की हड्डी सीधी रख कर बैठें।इससे आलस्य या निद्रा का असर नहीं होगा और स्फूर्ति बनी रहेगी।सुस्ती का अनुभव हो तो थोड़ी चहल कदमी कर लिया करें।नींद भगाने के लिए चाय या सिगरेट का व्यसन न करें।
- (4.)बबूल का गोंद आधा किलो शुद्ध घी में तल कर फूले निकाल लें और ठंडे करके बारीक पीस लें।इसके बराबर मात्रा में पिसी मिश्री इसमें मिला लें और ठंडा करके बारीक पीस लें।बीज निकाली हुई मुनक्का ढाई सौ ग्राम और बादाम की गिरी 100 ग्राम-दोनों को खलबट्टे (इमामदस्ते) में खूब-कूट पीस कर इसमें मिला लें।
- सुबह नाश्ते के रूप में इसे दो चम्मच (बड़े) यानी लगभग 20-25 ग्राम मात्रा में खूब चबा-चबा कर खाएं।साथ में एक गिलास मीठा दूध घूँट-घूँट करके पीते रहें।इसके बाद जब खूब अच्छी भूख लगे तभी भोजन करें।यह योग शरीर के लिए तो पौष्टिक है ही,साथ ही दिमागी ताकत और तरावट के लिए भी बहुत गुणकारी है। छात्र-छात्राओं को यह नुस्खा अवश्य सेवन करना चाहिए।
3.बुद्धि बल बढ़ाने के टॉनिक (Tonics to increase intellect):
- एक बात याद रख लें।मानसिक शक्ति की बात हो तो,यह बहुत जरूरी है कि पेट और दिमाग साफ रहे।आचार-विचार अच्छा हो और अति करने की बुरी आदत न हो।शक्तिहीनता पैदा करने वाले कामों से बचना जरूरी है।चिंता करना,बुढ़ापा आना,बीमार होना,शक्ति से ज्यादा परिश्रम या व्यायाम करना,भूख सहना और स्त्री-सहवास में अति करना ये सब शुक्र (वीर्य) और मानसिक शक्ति का क्षय करने वाले काम है और ये शक्तिहीनता के कारण हैं।इन कारणों को त्याग देना,मानसिक शक्ति बढ़ाने का पहला कदम है अतः यदि बुद्धिबल बढ़ाना हो तो उसके क्षय करने वाले कारणों को पहले त्याग देना चाहिए।
- यदि इन सब बातों को ध्यान रखकर आप पूरे मन से ठीक-ठाक अमल करेंगे तो आपकी दिमागी शक्ति खूब बढ़ेगी,आप खूब अच्छी पढ़ाई कर सकेंगे और आगामी परीक्षा में अच्छे नंबरों (अंको) से उत्तीर्ण हो सकेंगे।इसी तरह भावी जीवन की परीक्षाओं में भी सफल होते रहेंगे और यश,मान-सम्मान,अधिकार आदि सब कुछ प्राप्त कर सकेंगे।
चाणक्य नीति में कहा है कि “बड़े कुल में पैदा होकर भी विद्याहीन हुए तो बड़े कुल में पैदा होने का क्या लाभ? नीच कुल में पैदा होकर भी विद्यावान व्यक्ति सम्मानित होता है क्योंकि संसार में विद्वान ही प्रशंसित होता है,विद्वान ही सर्वत्र आदर पाता है।विद्या से ही धन,मान,पद,प्रतिष्ठा,अधिकार आदि सब कुछ प्राप्त होता है क्योंकि विद्या का ही सर्वत्र आधार होता है।
- (1.)भोजन करने के बाद सुबह शाम झंडू पंचारिष्ट का भी सेवन कर सकते हैं।यह श्रेष्ठ आयुर्वेदिक योग है।दिमागी शक्ति के लिए दक्कन आयुर्वेदाश्रम फार्मेसी का ‘ब्राह्मी वीटा’ या उंझा फार्मेसी का ‘सीरप शंखपुष्पी’ का सेवन करना चाहिए।
- (2.)इसके अलावा सूखे मेवे बादाम (मामरा),अखरोट,काजू,पिस्ता भी दिमागी शक्ति बढ़ाने के लिए बेजोड़ शक्तिवर्धक है।
- (3.)सारस्वतारिष्ट,शंखपुष्पी भी बुद्धि बल बढ़ाने और स्मरणशक्ति तेज करने के लिए लाभदायक है।
- (4.)जड़-पत्तों सहित ब्राह्मी को उखाड़ कर उसका स्वरस निकाल लें।इसकी एक तोला मात्रा में छह माशे गोघृत मिलाकर पकावें।तत्पश्चात हल्दी,आँवला,कूट,निसोत,हरड़,चार-चार तोले,पीपल,वायविडंग,सेंधा नमक,मिश्री और वच एक-एक तोले इन सबकी चटनी उसमें डालकर मंद आंच में पकावें।जब पानी सूख जाए और घृत शेष रहे,तो उसे छान लें एवं प्रतिदिन प्रातः काल इसके एक तोले का सेवन करें।इससे वाणी शुद्ध होगी।सात दिन सेवन करने से अनेक शास्त्रों की धारणा शक्ति आ जाती है।इसके अतिरिक्त अठारह प्रकार के कोढ़,छह प्रकार के बवासीर,दो प्रकार के गुल्म,बीस प्रकार के प्रमेह एवं खासी दूर होती है।
योग चिंतामणि में लिखा है,ब्राह्मी के रस में वच,कूट,शंखपुष्पी डालकर पुराने घृत में सिद्ध करना चाहिए।इस ब्राह्मी घृत के सेवन से शुद्ध बुद्धि उत्पन्न होती और उन्माद तथा अपस्मार दूर भागता है।
4.बुद्धि बढ़ाने की कुछ अन्य घरेलू औषधी (Some other home remedies to increase IQ):
- (1.)चार माशे मालकांगनी प्रातःकाल धारोष्ण दूध के साथ सेवन करना बुद्धिवर्द्धक होता है।गिलोय,ओंगा,वायविडंग,शंखपुष्पी,ब्राह्मी,बच,सोंठ और शतावर इन सबको बराबर मात्रा में लेकर कूट-पीसकर चूर्ण बनायें और प्रातः चार माशे मिश्री के साथ चाटें। इससे स्मरणशक्ति बढ़ती है।
- (2.)ब्रहन्निघण्टु में इस बात का उल्लेख है कि वच का एक माशा चूर्ण डालकर,दूध या घृत के साथ एक मास तक सेवन करने से मनुष्य की बुद्धि बढ़ती है।
- (3.)चरक कहते हैं (i)मंडूकपर्णी का स्वरस सेवन करना (ii) मूलहठी के चूर्ण को दूध के साथ खाना (iii)मूल पुष्प सहित गिलोय का रस पीना (iv) शंखपुष्पी की चटनी सेवन करना यह सब आयु को बढ़ाते हैं,रोगों का शमन करते,बल,पाचन शक्ति और स्वर को उत्तम करने तथा बुद्धि बढ़ाते हैं।इन सब में शंखपुष्पी विशेष रूप से बुद्धिवर्द्धक है।
- (4.)भाव प्रकाश का मत है कि शतावरी,गोरखमुंडी, गिलोय,हस्तकर्ण,पलाश और मुसली इन सब का चूर्ण बनाकर मधु (शहद) अथवा घृत के साथ सेवन करने से मनुष्य रोग रहित बलवान,वीर्यवान और शुद्ध बुद्धि वाला हो जाता है।
- (5.)सुश्रुत के अनुसार,मंडूकपर्णी का स्वरस एक तोला मिश्री मिले हुए पाव भर धारोष्ण दूध में मिला कर सुबह पीना चाहिए।जब पच जाए तब दूध के साथ जौ का भोजन करना चाहिए अथवा मंडूकपर्णी को तिल के साथ खाकर ऊपर से दूध पीना चाहिए।इस प्रकार तीन माह के सेवन से मनुष्य की आयु,बल और बुद्धि बढ़ जाती है।
- (6.)बेल जड़ की छाल और शतावरी का क्वाथ प्रतिदिन दूध के साथ स्नान पश्चात पीने से भी आयु और बुद्धि बढ़ती है।
- (7.)भैषज्य रत्नावली में इस बात का उल्लेख है कि श्री सिद्धि मोदक के सेवन से मनुष्य में कितनी प्रकार की शक्तियां पैदा हो जाती हैं।निर्माण विधि का वर्णन करते हुए कहा गया है कि सोंठ,कालीमिर्च,हरड़,बहेड़ा,आंवला प्रत्येक एक-एक तोला,गिलोय,वायविडंग,पीपरामूल,गोखरू और लाल चित्रक की छाल,प्रत्येक दो-दो तोला लेकर सबका चूर्ण बनाना चाहिए और ढाई सेर गुड़ में मिलाकर 330 गोलियां बनानी चाहिए।प्रतिदिन प्रातः जल के साथ एक गोली लेने से प्रथम महीने में बुद्धि,दूसरे में बल वीर्य,अन्य महीनों में अन्याय शक्तियाँ,नौवें महीने में आयु और दसवें-ग्यारहवें मास में स्वर उत्तम हो जाता है।
- (8.)इसके अतिरिक्त भी आयुर्वेदीय ग्रन्थों में कितने ही प्रकार के पाक,क्वाथ एवं दूसरी जड़ी-बूटियों का वर्णन है।इनके सेवन से बुद्धि और स्मृति को प्रखर बनाया जा सकता है।
5.स्मरणशक्तिवर्द्धक उपाय (Memory Enhancement Measures):
- (1.)शंखाहुली (शंखपुष्पी) का पंचांग (पांचो अंग) कूट पीस कर छान कर महीन चूर्ण करके सीसी में भर लें।रात को सोते समय बादाम की 2 गिरी और चारों मगज (तरबूज,खरबूज,पतली काकड़ी और मोटी खीरा ककड़ी के बीजों को 4 मगज कहते हैं।) 5-5 ग्राम,2 पिस्ता,एक छुहारा,4 इलायची छोटी,1 चम्मच मक्खन और एक गिलास दूध।5 ग्राम सौंफ।
- बादाम,पिस्ता,छुहारा और चारों मगज।एक कप पानी में डाल कर रात में रख दें प्रातः काल बादाम का छिलका हटा कर पत्थर पर पानी डालकर घिसलें और लेप कटोरी में उतार लें।पिस्ता व छुहारे को बारीक-बारीक काट कर पीसकर इस लेप में मिला लें।चारों मगज ऐसे ही डाल लें इलायची के दाने कूट कर डाल लें।सबको अच्छी तरह मिलाकर खूब चबा-चबा कर खा लें।3 ग्राम शंखाहुली का महीन चूर्ण मक्खन में मिलाकर चाट लें,ऊपर से एक गिलास मीठा दूध कुनकुना गर्म एक-एक घूंट करके पी लें।अंत में सौंप मुँह में डाल कर इस तरह से धीरे-धीरे चबाएं कि 15-20 मिनट तक मुंह में रहे और आप इसका रस चूसते रहें।बाद में निगल जाएं।
- यह प्रयोग दिमागी ताकत,तरावट और स्मरणशक्ति बढ़ाने के लिए बेजोड़ है।साथ ही यह शरीर में भी शक्ति व स्फूर्ति पैदा करता है।कम से कम 40 दिन तक प्रतिदिन सुबह नित्य कर्मों से निवृत होकर खाली पेट इसका सेवन करके चमत्कार देख लें।2 घंटे बाद भोजन करें।यह सभी द्रव्य पंसारी या कच्ची दवा बेचने वाले दुकान से इकट्ठे ले आएं और 15-20 मिनट का समय देकर प्रतिदिन तैयार कर सेवन करें और मौज करें।इस प्रयोग को आप 40 दिन से भी ज्यादा,जब तक चाहे सेवन कर सकते हैं।
- छात्र-छात्राओं एवं दिमागी काम करने वाले स्त्री-पुरुषों को दिमागी थकावट,कमजोर याददाश्त और मानसिक उच्चाटन से बचने के लिए निम्नलिखित घरेलू चिकित्सा करना चाहिए।
- ब्राह्मी वटी की 1-1 गोली सुबह-शाम पानी के साथ और सीरप शंखपुष्पी 1-1 चम्मच आधा कप पानी में घोल कर दोनों भोजन के साथ लगभग 2 माह तक सेवन करना चाहिए। छात्र-छात्राओं को पढ़ते लिखते समय और दिमागी काम करने वाले नौकर-पेशा स्त्री-पुरुषों को एकाग्रचित्त होकर कार्य करना चाहिए।एकाग्रता से मस्तिष्क की शक्ति बढ़ती है।
मस्तिष्क स्वस्थ हो,स्मरणशक्ति तेज हो और विद्या प्राप्ति की लगन हो यही तो विद्यार्थी की पहचान है।जिसके पास बुद्धि है उसी के पास बल है,बुद्धिहीन के पास बल कहां? अतः बुद्धिबल और स्मरणशक्ति अच्छी रहे तो विद्यार्थी के लिए सोने पर सुहागा है।
6.स्मृति रोग की एलोपैथिक दवाएँ (Allopathic drugs for memory disease):
- स्मृति-भ्रंश के कारण स्मृति क्षीण हो जाती है,कोई भी बात याद नहीं रहती है।स्मृति का क्षय तनाव,निराशा,अवसाद (उदासी) आदि के कारणों से भी हो जाता है।निम्न स्मृति या बुद्धि बढ़ाने की दवाएँ डाॅक्टर के परामर्श से ली जानी चाहिए।
यदि तनाव या चिंता के लक्षण हों तो चिंता को दूर करने वाली दवाओं डाइजीपान (कंपोज) 5-20 मि.ग्रा.,लोराजीपाम (लारपोस,एटीवान) 1 से 6 मिग्रा,क्लोरडाइजीपोक्साइड (लीब्रीयम,इक्वीब्रम) 10 से 30 मि.ग्रा.,एलप्रोजालाम (ऐलप्रेक्स,जोल्डेक,एलजोलाम) 0.20 से 2 मि.ग्रा. डोक्सेपीना (डोक्सीटार,स्पेक्ट्रम,साइकोपिन) 50 से 300 मि.ग्रा. इत्यादि,अगर उदासी के लक्षण हों तो अवसाद (उदासी) को दूर करने वाली दवाएँ इनमें से कुछ नयी दवाएँ जैसे कि ट्रेजोडोन (ट्रेजोनील,ट्रेजीनील) 50-300 मि.ग्रा.,डोथायापीन (प्रोथायाडीन) 50-225 मि.ग्रा.,मीआनसेरोन (टेटराडेप,सेरीडेक) 10-60 मि.ग्रा.,डोक्सेपीन (डोक्सीटार,स्पेक्ट्रा,साइकोपिन) 50-300 मि.ग्रा. इत्यादि बूढ़े रोगियों में ज्यादा सुरक्षित है,क्योंकि हृदय तथा अन्य अंगों पर इनके बुरे प्रभाव बहुत कम होते हैं,अगर स्कीजोफ्रीनिया या उन्माद हो तो इन्हें रोकने की दवाएं इनमें हेलोपेरिडाॅल (हेलोपीडाॅल,हेक्सीडॉल,ट्राइनोरम),ट्राइफ्लूपेराजीन (ऐस्काजीन,टीनीकाम प्लस) इत्यादि दी जाती है। - स्मरणशक्ति या बुद्धि बढ़ाने वाली दवाएँ:हमारे देश में स्मरणशक्ति बढ़ाने के लिए कई तरह की दवाएँ उपलब्ध हैं।परंतु वे बहुत महंगी हैं (प्रतिदिन खर्च 40 से ₹50) तथा कुछ ही रोगियों में प्रभावशाली हैं।इनमें से मुख्य हैं: पीरेसेटेम (न्यूरेसेटेम,न्यूरोटेम),800-2400 मि.ग्रा.,नाइट्रोक्सेजेपिन (नूट्रोपिल,एरगीलायड (सेरीलायड,हाइडरजीन) 1-4 मिग्रा,जीनसेंग (बायोवीटाल) एक कैप्सूल प्रतिदिन इत्यादि।कई आयुर्वेदिक दवाएं (च्यवनप्राश,सिंकारा इत्यादि) भी स्मरणशक्ति बढ़ाने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं।
- ये दवाएँ यदि मस्तिष्क की कार्यकुशलता में हुई क्षति को पूरी तरह नहीं सुधार सकती है तो उसे और बिगड़ने से तो संभवतः रोकती हैं।
- उपर्युक्त आर्टिकल में बुद्धिबल बढ़ाने के औषधीय प्रयोग (Medicinal Uses to Enhance Intellect),बुद्धि की प्रखरता औषधि से कैसे बढ़ाएं? (How to Increase Sharpness of Intellect with Medicines) के बारे में बताया गया है।
Also Read This Article:छात्र-छात्राओं के लिए योगासन करने की 3 टिप्स
7.गणित में उत्तीर्ण होने का तरीका (हास्य-व्यंग्य) (How to Pass in Mathematics) (Humour-Satire):
- मां:बेटे परीक्षा नजदीक है,अब तो गणित,विज्ञान जैसे विषयों को पढ़ लिया करो,वरना परीक्षा में फेल हो जाओगे।
- पुत्रःमां,मैंने अब परीक्षा में पास होने का इलाज ढूंढ लिया है।
- माँ:ऐसा क्या कर लिया है।पुत्र अब मैंने बुद्धि और स्मरणशक्ति बढ़ाने की दवाइयां लेनी प्रारंभ कर दी है।
- मां:आप गणित और अन्य विषयों को नहीं पढ़ोगे,सतत अभ्यास नहीं करोगे तो केवल दवाइयों से बुद्धि और स्मरणशक्ति नहीं बढ़ेगी और न ही कोई गणित अपने आप हल हो जाएगी।
8.बुद्धिबल बढ़ाने के औषधीय प्रयोग (Frequently Asked Questions Related to Medicinal Uses to Enhance Intellect),बुद्धि की प्रखरता औषधि से कैसे बढ़ाएं? (How to Increase Sharpness of Intellect with Medicines) से सम्बन्धित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:
प्रश्न:1.क्या सरस्वती मंत्र से बुद्धि बढ़ती है? (Does Saraswati Mantra increase intellect?):
उत्तर:सरस्वती मंत्र की शक्ति तभी काम करती है जब किसी भी विषय को पढ़ने का बार-बार,सतत अभ्यास किया जाता है।सरस्वती मंत्र से मन में नकारात्मक विचार नहीं आते हैं और बुद्धि बढ़ती है।
प्रश्न:2.मनोभ्रंश में केवल स्मृति कम होती है क्या? (Is dementia just a loss of memory?):
उत्तर:मनोभ्रंश में स्मृति के अलावा मन की अन्य शक्तियाँ (जैसे एकाग्रता,बुद्धि,व्यक्तित्व इत्यादि) भी कम हो जाती हैं।
प्रश्न:3.मनोबल में बढ़ाने की कोई दवाई है क्या? (Is there a morale booster?):
उत्तर:मनोबल बढ़ाने के लिए कोई दवाई काम नहीं करती है।इसके लिए आध्यात्मिक और मनोवैज्ञानिक उपचार करना आवश्यक है।
प्रश्न:4.दवाओं के अलावा बुद्धिबल बढ़ाने के उपाय बताओ। (Apart from medicines, tell me ways to increase intelligence):
उत्तर:योगासन-प्राणायाम,विद्या का सतत और बार-बार अभ्यास करना,कल्पना शक्ति का प्रयोग,सत्साहित्य का अध्ययन करना आदि अनेक उपायों के द्वारा बुद्धि बल बढ़ता है।
- उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा बुद्धिबल बढ़ाने के औषधीय प्रयोग (Medicinal Uses to Enhance Intellect),बुद्धि की प्रखरता औषधि से कैसे बढ़ाएं? (How to Increase Sharpness of Intellect with Medicines?) के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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Satyam
About my self I am owner of Mathematics Satyam website.I am satya narain kumawat from manoharpur district-jaipur (Rajasthan) India pin code-303104.My qualification -B.SC. B.ed. I have read about m.sc. books,psychology,philosophy,spiritual, vedic,religious,yoga,health and different many knowledgeable books.I have about 15 years teaching experience upto M.sc. ,M.com.,English and science.











