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How to Prepare for JEE-Advance 2026?

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1 1.जेईई-एडवांस्ड 2026 की तैयारी कैसे करें? (How to Prepare for JEE-Advance 2026?),संयुक्त प्रवेश परीक्षा 2026 (Joint Entrance Examination 2026):

1.जेईई-एडवांस्ड 2026 की तैयारी कैसे करें? (How to Prepare for JEE-Advance 2026?),संयुक्त प्रवेश परीक्षा 2026 (Joint Entrance Examination 2026):

  • जेईई-एडवांस्ड 2026 की तैयारी कैसे करें? (How to Prepare for JEE-Advance 2026?) के इस लेख में जानेंगे कि जेईई-एडवांस की तैयारी हेतु कौन-सी रणनीति अपनाएं,कैसे जेईई-एडवांस को क्रैक करें? जेईई-मेन को क्रैक करने से प्रवेश परीक्षा को देने और उत्तीर्ण होने से तैयारी करने का कुछ तजुर्बा तो हो ही जाता है।
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2.जेईई-एडवांस्ड का गणित (Mathematics of JEE-Advance):

  • पहले जहां जेईई-मेन और एडवांस में छात्रों का ही दबदबा रहता था वहीं पिछले कुछ वर्षों से छात्राएं भी जेईई में भाग लेकर,छात्रों को कड़ी टक्कर दे रही हैं।यानी छात्राएं और महिलाएं हर क्षेत्र में भागीदारी कर रही हैं यहां तक कि पुरुषों के दबदबे वाले क्षेत्र जैसे सेना,कुश्ती,खेल,गणित आदि में भी उन्होंने पहचान बना ली है।इसका कारण है माता-पिता द्वारा लड़के-लड़कियों में भेद न करना,छात्राओं द्वारा संघर्ष करके अपनी पहचान बनाने में रुचि,करियर के प्रति सजगता,पढ़ाई का एनवायरमेंट आदि।
  • पढ़ाई का एनवायरमेंट से तात्पर्य है जहां लड़कों को घूमने-फिरने व मौज-मस्ती करने की आजादी होती है वही उनके लिए करियर और उन्नति में ब्रेकर साबित होता है।जबकि लड़कियां अपनी आजादी से स्वयं भी घूमने-फिरने में रुचि नहीं लेती,वहीं माता-पिता घर का काम,मां का हाथ बँटाने के लिए उन्हें प्रेरित करते हैं।घर पर अधिक समय रहने के कारण उनका अधिकांश समय पढ़ाई-लिखाई में व्यतीत होता है,यों कोचिंग लेने के लिए इंस्टिट्यूट भी जाती हैं।कोचिंग और घर पर रहने के कारण यह बात उनके लिए वरदान साबित होता है,क्योंकि फालतू कार्यों में उनका समय नष्ट नहीं होता है।वे पूरा समय अपनी पढ़ाई की तैयारी में झोंक देती हैं।
  • इस तुलनात्मक विवरण का आशय यह है कि प्रवेश परीक्षा में या अन्य प्रतियोगिता परीक्षा में वही परीक्षार्थी शिखर पर पहुंचता है जो समय की कद्र करता है,फालतू एक क्षण भी बर्बाद नहीं करता है,रणनीति के साथ तैयारी करता है,जिसमें प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने का जुनून है।इन सब गुणों के कारण विद्यार्थी अपना कमाल दिखाते हैं और अपना परचम फहराते हैं।आप भी जेईई-मेन में उत्तीर्ण हो चुके हैं तो आपने एक कदम सफलता की ओर बढ़ाया है।जेईई-मेन की सफलता से मदहोश न होकर पूर्ण सजगता व सतर्कता के साथ जेईई-एडवांस के लिए जुट जाना है।
  • याद रखें संघर्ष करने वाले,जूझने वाले ही सफलता का स्वाद चखते हैं,संघर्ष से कतराने वाले आगे नहीं बढ़ पाते हैं।अच्छी कोचिंग सेंटर,अच्छी संदर्भ पुस्तकों,अच्छी साधन-सुविधाओं,अच्छे मार्गदर्शन आदि का लाभ वही विद्यार्थी उठा पाता है जिसमें जज्बा है,जो हिम्मत नहीं हारता है,अपने मिशन पर डटा रहता है,किसी भी सूरत में,कभी भी हताश व निराश नहीं होता है।अच्छे मार्गदर्शन पर अमल न करें,अच्छी संदर्भ पुस्तकों को ठीक से पढ़े नहीं,अभ्यास नहीं करें,कोचिंग सेंटर्स द्वारा उपलब्ध प्रैक्टिस सेट का अभ्यास न करें तो फिर ये साधन-सुविधाएँ उसको कोई फायदा नहीं पहुंचा सकती हैं।इसकी तुलना में जिन अभ्यर्थियों के पास साधन-सुविधाएँ कम हैं तो भी अपनी संकल्प शक्ति,समय प्रबंधन,कड़ी मेहनत और सही रणनीति पर अमल करके शीर्ष पर जा विराजते हैं और कोचिंग करने वाले,उनको ताकते ही रह जाते हैं।

3.जेईई-एडवांस टॉपर्स का मत (JEE-Advanced toppers’ opinion):

  • टॉपर्स का मत है कि जहां भी पढ़ाई का माहौल होता है वहां साधारण छात्र-छात्रा भी जुनूनी हो जाता है।जैसे कोटा कोचिंग सेंटर्स के लिए क्यों प्रसिद्ध है,क्यों वहां से जेईई में चयनित होते रहे हैं।कारण स्पष्ट है कि वहां पढ़ाई का माहौल है,वहां छात्र-छात्राओं को अधिक प्रतियोगी बनने के लिए प्रेरित किया जाता है।वहां टैलेंटेड छात्र-छात्राएं कोचिंग के लिए जाते हैं।दोनों बातें जरूरी हैं।कोचिंग में उम्दा शिक्षण करवाया जाता है और छात्र-छात्रा भी परिश्रमी,करियर के प्रति सजग रहते हैं और कड़ी प्रतिस्पर्धा करने के लिए अपने आप को झोंक देते हैं,जो ऐसा नहीं करते वे अपना समय और धन बर्बाद करते हैं।
  • प्रेरणा का भी बहुत बड़ी भूमिका होती है।प्रेरित करने वाले माता-पिता,शिक्षक,गुरु,साथी और सहपाठी हों तो अभ्यर्थी अपने मिशन में प्राणपण से जुटा रहता है।कर्ण अर्जुन से अधिक धुरंधर नहीं तो कम भी नहीं था।परंतु कर्ण को शल्य हतोत्साहित करता रहा जबकि अर्जुन को सारथी कृष्ण लगातार प्रोत्साहित करते रहे,हौसला बढ़ाते रहे परिणामस्वरूप अर्जुन के हाथों कर्ण मारा गया।अतः पढ़ाई के माहौल और प्रेरणा को कम नहीं आँका जाना चाहिए।
  • रोजाना कुछ समय रिवीजन के लिए अवश्य देना चाहिए।यदि आप आगे से आगे पढ़ते रहेंगे और पीछे पढ़े हुए को दोहराएंगे नहीं तो पिछला भूलते जाएंगे। जितना रोज का टास्क रोज करना जरूरी है उतना ही जरूरी रिवीजन करना भी है।अगर रिवीजन करने के लिए समय नहीं मिलता है तो इसके कुछ कारण हो सकते हैं।टाइम टेबल में रिवीजन का स्थान नहीं दिया हो,आप सोशल मीडिया पर अपना समय बिताते हैं,मौज-मस्ती करते हो आदि।यहां यह मंतव्य नहीं है कि हॉबी में समय नहीं देना चाहिए।कुछ समय हाॅबी में भी देना चाहिए जिससे आपकी पढ़ाई में रुचि बने रहे और आप अपने आप को रिफ्रेश (तरोताजा) महसूस करके पुनः पढ़ाई में जुट जाएं।
  • किसी भी एक विषय की तैयारी ही न करते रहें,गणित,फिजिक्स और केमिस्ट्री तीनों विषयों को वेटेज देना चाहिए और तीनों की तैयारी में संतुलन रखना चाहिए।वरना किसी भी एक विषय में पिछड़ने का मतलब है प्रतियोगिता से बाहर होना।हर विषय का अपना-अपना महत्त्व है।हां,यह अवश्य है कि जिस विषय पर आपकी पकड़ मजबूत है उसकी विशिष्ट तैयारी कर सकते हैं ताकि वह विषय आपको प्रावीण्य सूची में टॉप पर पहुंचा सके।
  • यदि आप टाइम टेबल या रणनीति बनाने में अपने आप को असहज महसूस कर रहे हैं तो अपने टीचर्स की मदद ले सकते हैं और वे जो सुझाव देते हैं उस पर गंभीरतापूर्वक विचार करके उसको फॉलो करें।एक बात का विशेष ख्याल रखें कि आप पढ़ाई में अपना बेस्ट से बेस्ट योगदान दे अर्थात् अपना 100% एफर्ट दें,मन को इधर-उधर डाँवाडोल ना करें।परिणाम के बारे में सोच-विचार ना करें,अपना समय बर्बाद न करें।क्लास टेस्ट,रैंकिंग टेस्ट,प्रैक्टिस पेपर्स को हल करने में कम मार्क्स प्राप्त होते हैं तो हताश न हों,अपने आप को प्रेरित करते रहें।चिंता नहीं चिंतन करें।मार्क्स कम आने के कारणों पर विचार करें और सुधार करते रहें।अपनी कमियों को ढूंढे और उन्हें दूर करते रहें।
  • अपने आप पर विश्वास रखें।आत्मविश्वास सफलता की गारंटी तो नहीं है परंतु हमें परीक्षा की तैयारी के लिए संघर्ष करने का हौसला प्रदान करता है।समस्याओं और कठिनाइयों से घबराएं नहीं,ये तो हमारी तैयारी को मजबूत करने के लिए सामने आती हैं।यह हमें बताती हैं कि हम किस मिट्टी के बने हुए हैं।अपने वीक प्वाइंट्स पर ध्यान दें और उन पर लगातार तैयारी करके अपनी स्थिति मजबूत करते जाएं।

4.सिलेबस के अनुसार तैयारी (Preparation according to the syllabus):

(1.)सिलेबस को ठीक से समझें (Understand the Syllabus Properly):

  • जेईई-मेन और जेईई-एडवांस के सिलेबस को लेकर कोई खास अंतर नहीं होता है परंतु प्रश्न की प्रकृति और स्तर जेईई-मेन से बहुत कठिन होता है।इसलिए एनसीईआरटी बुक्स केवल बेसिक तैयारी के लिए तो ठीक है परंतु एडवांस तैयारी के लिए संदर्भ पुस्तकें पढ़ें और ऑनलाइन स्तरीय वेबसाइट तथा स्तरीय यूट्यूब चैनल के ही वीडियो देखकर तैयारी करें।जेईई-एडवांस का पेपर बहुत गहराई लिए हुए और व्यापक होता है।अतः जेईई-मेन से हटकर तैयारी करें।कठिन लेवल के स्तर को बढ़ाने और तैयारी के लिए सबसे पहले शॉर्ट नोट बनाएं।नोट्स अपनी भाषा में बनाएं और समझ कर बनाएं।नोट्स पॉइंटवाइज बनाएं और शॉर्ट नोट्स बनाएं ताकि पढ़ने में सहूलियत रहे और कम समय में तैयार कर सकें।

(2.)सटीक रणनीति बनाएं (Create a Precise Strategy):

  • सटीक रणनीति से तात्पर्य है कि अपनी प्रकृति,क्षमता और योग्यता के अनुसार रणनीति बनाएं और उसका सख्ती से पालन करें।रणनीति प्रत्येक की अलग-अलग होती है।किसी को किसी रणनीति से सफलता मिलती है तो अन्य को किसी अन्य रणनीति से।टॉपर्स का मत या इंटरव्यू पढ़ते ही होंगे,उनमें हरेक की रणनीति नहीं मिलती है।हां कुछ बातें आपस में मिल सकती हैं।जैसे समय प्रबंधन तथा कठोर परिश्रम जो हर विद्यार्थी को करना पड़ती है।लेकिन किसी को पढ़ाई के एनवायरमेंट में ढलने से,किसी को प्रेरित करने से,तो किसी को सही मार्गदर्शन से सफलता मिलती है।इस प्रकार आप खुद विचार करें कि आपको कौन-सी रणनीति को फॉलो करने से सफलता मिल सकती है।हां,रणनीति बनाने के लिए आप सुझाव ले सकते हैं,विभिन्न लेखों को पढ़कर रणनीति जान सकते हैं,परंतु आपके माफिक कौन-सी रणनीति ठीक रहेगी इसका इसका निर्णय तो आपको ही करना होगा।

(3.)डाउट्स क्लियर करें (Clear the doubts):

  • जेईई-एडवांस जैसी परीक्षा में रटने से काम नहीं चलता है।यदि याद करने की जरूरत भी है तो पहले टॉपिक,फॉर्मूलों या कथन को समझें।ज्यादा अच्छा है कि उसे समझ कर मस्तिष्क में सँजों लें और सवालों तथा प्रश्नों को सॉल्व करते समय या उत्तर देते समय उनको प्रयोग करेंगे तो स्मरण हो जाएंगे।छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज न करें।कई बार छोटी-छोटी बातें और सरल से सवाल पूछ लिए जाते हैं।अतः सिलेबस को जितनी गहराई और व्यापक तरीके से कवर करेंगे उतना ही आपके लिए फायदेमंद होगा।समय-समय पर अपने डाउट्स को क्लियर करें।अपने मित्रों और टीचर्स के साथ डिस्कस करें।डिस्कस करने से कई नई बातों का पता चलता है।

(4.)पेपर सॉल्व करें (Solve Model Papers):

  • मॉडल पेपर्स,पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्रों को सॉल्व करें। मॉक टेस्ट दें और जांच करें कि आपकी कमजोरी क्या है? कमजोरी वाले टॉपिक को फिर से तैयार करें और उस पर मजबूत पकड़ बनाएं।कमियों को समझें और सुधार करते रहें।जब भी मॉक टेस्ट या मॉडल पेपर हल करें तो परीक्षा का माहौल बना कर दें।पेपर को हल करने की स्पीड बढ़ाने में हड़बड़ाहट या जल्दबाजी न करें।दरअसल हड़बड़ाहट या जल्दबाजी तब होती है जब हमारी तैयारी में परफेक्शन नहीं होता है,तैयारी का रिहर्सल नहीं करते हैं।
    पेपर्स को सॉल्व करते समय कम से कम स्टेप में हल करने का अभ्यास करें।जिन सवालों व प्रश्नों को मानसिक रूप से हल कर सकते हैं उन्हें मानसिक रूप से हल करें।यानी आपको सवालों व प्रश्नों को मानसिक रूप से हल करने का भी अभ्यास करना चाहिए।इससे सवालों व प्रश्नों को हल करने की स्पीड बढ़ेगी।

5.जेईई-एडवांस के अभ्यर्थी यह न करें (JEE-Advanced candidates should not do this):

(1.)रणनीति न बनाना (Not strategizing):

  • जेईई-एडवांस में भाग लेने वाले व्यक्ति कुछ गलतियां करते हैं,जिसके कारण उन्हें असफलता मिलती है।अपने सहपाठियों,पत्र-पत्रिकाओं या यूट्यूब चैनल,वेबसाइट्स अथवा अन्य कहीं भी देखकर,पढ़कर रणनीति बना लेते हैं।गलत रणनीति बनाने या बिना रणनीति बनाने के कारण असफलता मिलती है।पढ़ते तो लाखों अभ्यर्थी हैं परंतु सफलता सभी को नहीं मिलती है जो सटीक रणनीति बनाकर उसको फॉलो करते हैं उसे सफलता मिलती हैं।आप कहेंगे आप भी तो रणनीति के बारे में लेख लिखते हैं,तो फिर क्यों? यह लेख या रणनीति इसलिए लिखी जाती है कि एक तो हरेक के लिए कुछ काॅमन पॉइंट्स होते हैं जिनका उनको फॉलो करना होता है।दूसरा लेख पढ़ने से उन्हें प्रेरणा मिलती है,मार्गदर्शन मिलता है।कई अभ्यर्थियों को रणनीति तैयार करना ही नहीं आता है तो वे फॉलो कैसे करेंगे।

(2.)पेपर्स हल नहीं करना (Not solving papers):

  • कुछ अभ्यर्थी मॉक टेस्ट,मॉडल पेपर्स को हल नहीं करते हैं,परीक्षा जैसा एनवायरमेंट बनाकर टेस्ट नहीं देते हैं।जब टेस्ट नहीं देंगे तो आपको अपनी गलतियों,कमजोरियों और वीक पॉइंट्स का पता कैसे चलेगा।जब अपनी कमजोरियों का पता ही नहीं चलेगा तो उन्हें दूर कैसे करेंगे,इस पर विचार करें।माॅक टेस्ट व मॉडल पेपर्स से हल करने की गति बढ़ती है,आत्मविश्वास बढ़ता है,अपनी कमजोरियों का पता चलता है,अपनी तैयारी का स्तर और परफॉर्मेंस का पता चलता है।

(3.)समय प्रबंधन का पालन न करना (Not following time management):

  • कुछ अभ्यर्थी समय-प्रबंधन का पालन नहीं करते हैं।जब परीक्षा की तैयारी और टेस्ट देने में समय-प्रबंधन का पालन नहीं करते तो परीक्षा में समय-प्रबंधन कैसे कर पाएंगे।परीक्षा में बिना समय-प्रबंधन के,जिनमें कम समय देना चाहिए उनमें अधिक समय दे देंगे और जिन सवालों व प्रश्नों में अधिक समय देना चाहिए उनमें कम समय देंगे।ऐसी स्थिति में या तो गलतियां होंगी या सवाल व प्रश्न छूटेंगे।अतः जेईई-एडवांस की तैयारी करते समय ही समय-प्रबंधन की कला सीखें।परीक्षार्थी को एग्जाम हॉल में प्रश्न-पत्र में उसी अभ्यर्थी को समय की कमी महसूस होती है जो समय-प्रबंधन की कला नहीं जानता है।

(4.)रटकर याद करना (Rote memorization):

  • यह सुनिश्चित बात है कि जेईई-मैंस जैसी परीक्षाओं में प्रश्न या सवाल तार्किक ढंग के आते हैं जिन्हें आप रटकर हल नहीं कर सकते हैं।ऐसे सवालों को हल करने के लिए अपनी तार्किक क्षमता को विकसित करना पड़ता है,समझदारी बढ़ानी होती है,समझदारी से काम लेना होता है।इसके बावजूद कुछ अभ्यर्थी रटकर उत्तीर्ण होने में विश्वास करते हैं।अव्वल तो ऐसे रट्टू तोते जेईई-मैंस में ही असफल हो जाते हैं और जेईई-एडवांस में तो रटकर किसी भी सूरत में उत्तीर्ण नहीं हुआ जा सकता है।अतः समझकर विषयवस्तु को मस्तिष्क में सँजो लें या समझ कर याद करें।जो बार-बार रिवीजन करते हैं और समझकर अभ्यास करते हैं उन्हें रटने की जरूरत नहीं पड़ती है।

6.पढ़ने का सही तरीका (The right way to read):

  • यह सही बात है कि जेईई-मेन व एडवांस जैसी परीक्षाओं में अधिक समय तक पढ़ना पड़ता है तब जाकर सिलेबस तैयार होता है।लेकिन लंबे समय तक बैठकर पढ़ना मानसिक थकान उत्पन्न करता है और आप जो भी पढ़ते हैं उसे मस्तिष्क ग्रहण नहीं करता है।अतः पढ़ा हुआ समझ में आए,मस्तिष्क ग्रहण कर ले इसके लिए अध्ययन के दौरान बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें।लंबे समय तक पढ़ते रहने से एकाग्रता नहीं रहती है और तनाव बढ़ता है।आखिर मस्तिष्क की क्षमता भी होती है वह एक समय के बाद खत्म होने लगती है।ब्रेक से दिमाग फिर से तरोताजा हो जाता है।ब्रेक से तनाव कम होता है,मूड अच्छा होता है क्योंकि मस्तिष्क को आराम मिल जाता है।
  • एकांत,शांत वातावरण में अध्ययन करें।अध्ययन के लिए प्रेरित करने वाली एक्टिविटीज करें।अपने आप को प्रेरित करने के लिए सोचें कि जब आप उत्तीर्ण हो जाएंगे तो आपका कितना सम्मान बढ़ेगा,आपके माता-पिता की उम्मीदें पूरी होंगी,आपकी तपस्या सफल हो जाएगी।
  • भोजन सात्विक,संतुलित और हल्का लें।तला भुना,अधिक मिर्च-मसालेदार,तेज गर्म,बहुत अधिक ठंडा खान-पीन न करें।काॅफी,चाय आदि से बच सकें तो बचे। हल्की एक्सरसाइज करें जिससे पूरे दिन ऊर्जावान और एक्टिव रहें।कुछ मिनट ध्यान और प्रार्थना करें जिससे मन को एकाग्र करने में सफलता मिलती है।
  • चलते-चलते:जेईई-मेन प्रथम सेशन का परिणाम 16.02.2026 को घोषित हो गया है।द्वितीय सेशन की परीक्षा होने के बाद फाइनल जेईई-एडवांस्ड के लिए कट आफ लिस्ट जारी होगी।लेकिन जिनका सिलेक्शन निश्चित है उन्हें जेईई-एडवांस्ड की तैयारी चालू कर देनी चाहिए।उन्हें जेईई-एडवांस के लिए कमर कसकर तैयार हो जाना चाहिए।जेईई-एडवांस की परीक्षा 17.05.2026 है (tentative) है।इस बार जेईई रूड़की (Roorkee) आईआईटी द्वारा एग्जाम आयोजित की जा रही है।
  • उपर्युक्त आर्टिकल में जेईई-एडवांस्ड 2026 की तैयारी कैसे करें? (How to Prepare for JEE-Advance 2026?),संयुक्त प्रवेश परीक्षा 2026 (Joint Entrance Examination 2026) के बारे में बताया गया है।

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7.परीक्षा में फेल होने का प्रतिशत (हास्य-व्यंग्य) (Percentage of Failure in Exam) (Humour-Satire):

  • टीचरःअपने देश में प्रतियोगिता परीक्षाओं में फेल होने का औसत प्रतिशत क्या है?
  • सोनू:सौ प्रतिशत (100%)
  • टीचर:बताओ कैसे?
  • सोनू:यहां सौ अभ्यर्थी चाहिए तो लाखों की संख्या में फॉर्म भरते हैं अतः सौ के अलावा तो फेल हैं ही।सौ  नौकरी करने के बाद भ्रष्टाचार द्वारा अपना घर भरने में लग जाते हैं अतः वे भी फेल ही हैं उनसे देश,समाज का क्या भला हो सकता है।

8.जेईई-एडवांस्ड 2026 की तैयारी कैसे करें? (Frequently Asked Questions Related to How to Prepare for JEE-Advance 2026?),संयुक्त प्रवेश परीक्षा 2026 (Joint Entrance Examination 2026) से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.आईआईटी की धारणा में क्या बदलाव आया है? (What has changed the perception of IITs?):

उत्तरःइंजीनियरिंग को केवल लड़कों का क्षेत्र मानने की धारणा बदल गई है।अब लड़कियां भी बढ़-चढ़कर आईआईटी कर रही हैं।

प्रश्न:2.दिनचर्या कैसी रखें? (How to keep a routine?):

उत्तर:संतुलित नींद लें,संतुलित आहार लें,तनाव को हावी न होने दें,बीच-बीच में ब्रेक लेकर अपने आप को रिफ्रेश करें।

प्रश्न:3.टॉपिक्स की तैयारी कैसे करें? (How to prepare for topics?):

उत्तर:वीक पॉइंट,वीक टॉपिक पर ज्यादा ध्यान देकर तैयार करें और स्ट्रांग टॉपिक्स को नियमित रूप से रिवीजन करते रहे।अभ्यास करते रहें।

  • उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा जेईई-एडवांस्ड 2026 की तैयारी कैसे करें? (How to Prepare for JEE-Advance 2026?),संयुक्त प्रवेश परीक्षा 2026 (Joint Entrance Examination 2026) के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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