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How to Expert in Mathematics?

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1 1.गणित में निपुणता कैसे प्राप्त करें?(How to Expert in Mathematics?)-

1.गणित में निपुणता कैसे प्राप्त करें?(How to Expert in Mathematics?)-

गणित में निपुणता (expert in mathematics) प्राप्त करने की हर गणित विद्यार्थी की ख्वाहिश होती है।इस आर्टिकल में गणित में निपुणता प्राप्त करने के टिप्स बताएंगे।गणित में निपुणता प्राप्त करने के लिए कुछ आधारभूत बातों का पालन करने से निपुणता हासिल कर सकते हैं। निपुणता के लिए कोई शॉर्टकट नहीं है,इसके लिए लंबे समय तक तथा कठिन परिश्रम की आवश्यकता होती है।जल्दबाजी तथा ट्रिक्स के बजाय टिप्स ज्यादा बेहतर है।ट्रिक्स से गणित की गणना करने में मदद अवश्य मिलती है परंतु गणित पर मजबूत पकड़ के लिए मेहनत का कोई विकल्प नहीं है।

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2.बेसिक कॉन्सेप्ट को क्लियर करें(Clear the basic concept)[Expert in mathematics]-

गणित की जो मूलभूत बातें हैं उनकी परिभाषाएं तथा तथ्यों को ठीक से समझें। बेसिक्स को ठीक से समझकर उनको तैयार करें।गणित के कठिन प्रश्नों को हल न करने के कारणों में मुख्य कारण यही है कि गणित की बेसिक कॉन्सेप्ट क्लियर नहीं होती है। ज्यों-ज्यों गणित की कॉन्सेप्ट क्लियर होती जाएगी, आपको गणित में निपुणता प्राप्त होती जाएगी। उदाहरणार्थ संपूरक कोण,एकांतर कोण,शीर्षाभिमुख कोण,संगत कोण को नहीं समझेंगे तथा इनके अंतर को नहीं समझेंगे तो त्रिभुजों की समरूपता और सर्वांगसमता को नहीं समझ पाएंगे।इसलिए किसी भी सिद्धांत की बेसिक बातें पता होनी चाहिए।

3.एकाग्रता बढ़ाएं(Increase concentration)-

गणित के अध्ययन के लिए अपनी एकाग्रता की शक्ति को बढ़ाएं‌।गणित की समस्याओं को समझने और हल करने के लिए अच्छे स्तर की एकाग्रता की आवश्यकता होती है। रोजाना ध्यान करने तथा गणित का नियमित अध्ययन करने से इस शक्ति का विकास होता है। ज्यों-ज्यों एकाग्रता बढ़ती जाती है और गणित का निरंतर अभ्यास करते जाते हैं त्यों-त्यों गणित में निपुणता बढ़ती जाती है।

4.विवेक को जागृत करें(Wake up the conscience)-

गणित का अध्ययन ज्यों-ज्यों करते जाते हैं तो विवेक और क्रियात्मक कल्पना को विकसित करना होता है।किसी भी गणितीय समस्या का हल ज्ञात करने के लिए विवेक का उपयोग करना होता है और निर्णय लेना होता है।इस प्रकार का सतत प्रशिक्षण विद्यार्थियों को विवेक को जागृत करने के लिए आवश्यक होता है।विवेक से गणित में निपुणता प्राप्त होती है।

5.आत्मविश्वास बढ़ाए(Build confidence)-

गणित के अध्ययन से तथा गणितीय समस्याओं को हल करने से विद्यार्थीयों में आत्म-विश्वास का विकास होता है। धीरे-धीरे पुस्तकीय ज्ञान पर निर्भरता कम होती जाती है तथा स्वयं के चिंतन और मनन पर विश्वास बढ़ता जाता है। ज्यों-ज्यों विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ता जाता है त्यों-त्यों गणित में निपुणता प्राप्त होती जाती है।

6.कठिन परिश्रम एवं सतत अभ्यास(Hard work and continuous practice)-

गणित विषय तथा अन्य विषयों में मुख्य अंतर यह है कि इसे परीक्षा की दिनों में पढ़कर में नहीं सीखा जा सकता है। क्रमबद्ध अध्ययन तथा कठिन परिश्रम से गणित पर अधिकार प्राप्त कर सकते हैं।सत्र के प्रारंभ से ही कठिन परिश्रम एवं सतत प्रयास से ही गणित में निपुणता प्राप्त होती है‌।

7.गणित का गहराई से अध्ययन(Deep study of mathematics)-

इस विषय को सीखने के लिए मनन और तर्क-वितर्क करना पड़ता है तथा मौलिकता को काम में लाना पड़ता है।नवीन अनुसंधान तथा गणित में नई बातें सीखने के लिए गणित का गहराई से अध्ययन करना होता है।गणित का गहराई से अध्ययन करते जाते हैं तो गणित में निपुणता प्राप्त होती जाती है।

8.सादगी एवं सरलता(Simplicity and simplicity)-

गणित में सरलता से कठिनता की विधि अपनाने पर धीरे-धीरे गणित की गुत्थियां सुलझ जाती हैं। गणित के विद्यार्थी में सादगी एवं सरलता से गणित को हल करना तथा गणितीय साध्यों पर मजबूत पकड़ रखना सम्भव है।सही निष्कर्षों को प्राप्त करने के लिए विद्यार्थी के जीवन में सादगी एवं सरलता का होना आवश्यक है।

9.स्वच्छता एवं शुद्धता(Cleanliness and Purity)- गणित का कार्य स्वच्छता तथा शुद्धता से करने का अभ्यास भी गणित के अध्ययन के लिए आवश्यक है। गणित के नियमों तथा सिद्धांतों को समझकर हल करने के लिए स्वच्छता एवं शुद्धता का होना आवश्यक है।स्वच्छता तथा शुद्धता से गणित की समस्याओं को हल करने और गणित में निपुणता प्राप्त करने के लिए आवश्यक है।

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