Geometry Theory for Competitive Exam and Board Exam
1.काॅम्पीटेटिव एग्जाम और बोर्ड के लिए ज्यामिति की थ्योरी का परिचय (Introduction to Geometry Theory for Competitive Exam and Board Exam):
काॅम्पीटेटिव एग्जाम और बोर्ड परीक्षा के लिए ज्यामिति की थ्योरी (Geometry Theory for Competitive Exam and Board Exam) के द्वारा हम विभिन्न कोणों,त्रिभुज के प्रकार,समरूपता,चतुर्भुज और विभिन्न प्रकार के वृत्तों के बारे में अध्ययन करेंगे।
Also Read This Article:- MCQ Examples of Co-ordinate Geometry
2.काॅम्पीटेटिव एग्जाम और बोर्ड के लिए ज्यामिति की थ्योरी (Geometry Theory for Competitive Exam and Board Exam):
(1.)प्रतिच्छेदी तथा समान्तर रेखाएँ (Intersecting and Parallel Lines):यदि दो रेखाएँ परस्पर एक-दूसरे को किसी एक बिन्दु पर प्रतिच्छेदित करती है,तो रेखाएँ प्रतिच्छेदी रेखाएँ कहलाती हैं अन्यथा अप्रतिच्छेदी या समान्तर रेखाएँ कहलाती हैं।
चित्र में,पहला चित्र प्रतिच्छेदी रेखाओं को तथा दूसरा चित्र समान्तर रेखाओं को प्रदर्शित करता है।
(2.)कोण (Angle):एक बिन्दु के परितः प्रारम्भिक रेखा वामावर्त दिशा में घूमती है,तो अन्तिम रेखा प्रारम्भिक रेखा के साथ कोण बनाती है।
जैसा कि चित्र से स्पष्ट है कि O के परितःOB प्रारम्भिक रेखा के साथ अन्तिम रेखा OA एक कोण बनाती है। जिसे ∠AOB द्वारा निरूपित करते हैं।
कोण के प्रकार (Types of Angle):
(i).न्यून कोण (Acute Angle) है,उन्हें न्यून कोण कहते हैं।जिन कोणों का मान 0° से 90° के बीच होता है,उन्हें न्यून कोण कहते हैं।
(ii)समकोण (Right Angle):वह कोण जिसकी माप 90° होती है,समकोण कहलाता है।
(iii).अधिक कोण (Obtuse Angle):वह कोण जिसकी माप 90° से अधिक परन्तु 180° से कम होती है,अधिक कोण कहलाता है।
(iv)सरल कोण (Straight Angle):वह कोण जिसकी माप 180° होती है,सरल कोण कहलाता है।
(v)पूरक कोण (Complementary Angles):यदि दो कोणों की मापों का योग 90° है,तो वे दोनों कोण परस्पर पूरक कोण कहलाते हैं।
(vi)सम्पूरक कोण (Supplementary Angle):यदि दो कोणों की मापों का योग 180° हो,तो वे दोनों कोण सम्पूरक कोण कहलाते हैं।
(vii)आसन्न कोण (Adjacent Angles) दो कोण आसन्न कोण होंगे,यदि
(a) उनका एक ही शीर्ष बिन्दु हो
(b) उनकी एक उभयनिष्ठ भुजा हो
(c) उनके अभ्यन्तर अनतिव्यापी हों
चित्र में,∠AOB और ∠BOC आसन्न कोण हैं।
(viii).रेखीय युग्म (Linear Pair):यदि दो आसन्न कोणों की मापों का योग 180° हो,तो वह युग्म रेखीय युग्म कहलाता है।इसकी दो भुजाएं विपरीत किरण होती हैं।चित्र में,∠AOB और ∠BOC एक रेखीय युग्म हैं।
(ix)शीर्षाभिमुख कोण (Vertically Opposite Angles):जब दो रेखाएँ एक-दूसरे को प्रतिच्छेदित करती हैं,तो शीर्षाभिमुख कोणों के दो युग्म बनते हैं। चित्र में,(∠AOC,∠BOD) और (∠AOD, ∠BOC) शीर्षाभिमुख कोणों के युग्म हैं।शीर्षाभिमुख कोणों के मान समान होता है।
अर्थात् ∠AOC = ∠BOD और ∠AOD = ∠BOC
(x)त्रिभुज (Triangle):एक तल में तीन रेखाखण्डों से बनी बन्द आकृति को त्रिभुज कहते हैं।
चित्र में ABC एक त्रिभुज है जिसमें त्रिभुज के तीन शीर्ष A,B व C; तीन रेखाखण्ड AB,BC,CA तथा तीन कोण ∠BAC,∠ABC,∠ACB हैं।
त्रिभुज के प्रकार (Types of Triangle):
(i) भुजाओं के आधार पर (Based on sides):
(a) विषमबाहु त्रिभुज (Scalene Triangle):यदि किसी त्रिभुज की कोई भी दो भुजाएँ समान लम्बाई की न हों,तो वह त्रिभुज विषमबाहु त्रिभुज कहलाता है।
चित्र में प्रदर्शित △ABC में, AB \neq BC \neq CA
△ABC विषमबाहु त्रिभुज है।
(b) समद्विबाहु त्रिभुज (Isosceles Triangle):यदि किसी त्रिभुज की कोई दो भुजाएं समान लम्बाई की हों तो वह त्रिभुज समद्विबाहु त्रिभुज कहलाता है।
चित्र में प्रदर्शित △ABC में, AB=AC=CA
\therefore △ABC समद्विबाहु त्रिभुज है।
(c) समबाहु त्रिभुज (Equilateral Triangle):यदि किसी त्रिभुज की तीनों भुजाएँ समान लम्बाई की हो,तो वह त्रिभुज समबाहु त्रिभुज कहलाता है।
चित्र में प्रदर्शित △ABC में, AB=BC=CA
ABC समबाहु त्रिभुज है।
(ii) कोणों के आधार पर (Based on angles):
(a) न्यून कोण त्रिभुज (Acute Angled Triangle):यदि किसी त्रिभुज के सभी कोण न्यून कोण हो, तो वह त्रिभुज न्यून कोण त्रिभुज कहलाता है।
(b) समकोण त्रिभुज (Right Angled Triangle):यदि किसी त्रिभुज का एक कोण समकोण हो तथा अन्य शेष कोण न्यून कोण हैं,तो वह त्रिभुज समकोण त्रिभुज कहलाता है।
(c) अधिक कोण त्रिभुज (Obtuse angled triangle):यदि किसी त्रिभुज का एक कोण अधिक कोण हो तथा शेष कोण न्यूनकोण है,तो वह त्रिभुज अधिक कोण त्रिभुज कहलाता है।
(4.)माध्यिका (Median):किसी त्रिभुज के किसी शीर्ष को सम्मुख भुजा के मध्य-बिन्दु से मिलाने वाले रेखाखण्ड को त्रिभुज की माध्यिका कहते हैं।
△ABC में,शीर्ष A को BC के मध्य-बिन्दु D से मिलाया जाता है।
\therefore \triangle ABC की माध्यिका AD है।इसी प्रकार,दो अन्य माध्यिकाएँ होती है अर्थात् किसी भी त्रिभुज में तीन माध्यिकाएँ सम्भव है।
नोट:1.त्रिभुज की तीनों माध्यिकाएँ एक बिन्दु से होकर जाती है,जिसे त्रिभुज का केन्द्रक कहते हैं।सामान्यतः केन्द्रक को G से प्रदर्शित करते हैं।
केन्द्रक माध्यिका को 2:1 के अनुपात में विभाजित करता है।
(5.)शीर्षलम्व (Altitudes):किसी त्रिभुज के शीर्ष से सम्मुख भुजा पर खींचा लम्ब शीर्षलम्ब कहलाता है।किसी भी त्रिभुज में तीन शीर्ष सम्भव है।किसी त्रिभुज के तीनों शीर्षलम्बो का प्रतिच्छेद बिन्दु लम्बकेन्द्र कहलाता है।
(6.)अन्तःकेन्द्र (Incentre):किसी त्रिभुज के तीनों कोणों के अर्द्धकों का प्रतिच्छेदन बिन्दु त्रिभुज का अन्तःकेन्द्र कहलाता है।इसे सामान्यतः I से निरूपित करते हैं।चित्र में,△ABC का अन्तः केन्द्र I है।
(7.)परिकेन्द्र (Circumcentre):किसी त्रिभुज की भुजाओं के लम्ब अर्द्धकों का प्रतिच्छेदन बिन्दु त्रिभुज का परिकेन्द्र कहलाता है।सामान्यतः इसे O से निरूपित करते हैं।चित्र में,ABC का परिकेन्द्र O है।
(8.)पाइथागोरस प्रमेय (Pythagoras Theorem): पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार,”एक समकोण त्रिभुज के कर्ण का वर्ग अन्य भुजाओं के वर्गों के योगफल के बराबर होता है।”
चित्र में प्रदर्शित △ABC में, \angle B समकोण है तथा AC कर्ण है।
AC^2+AB^2=BC^2
(9.)समरूप त्रिभुज (Similar Triangles):दो त्रिभुज समरूप होगे,यदि
(i) उनके संगत कोण समान हो
(ii) उनकी संगत भुजाएँ समानुपाती है।
चित्र में, △ ABC व △ PQR समरूप त्रिभुज हैं।
यहाँ ∠A= ∠P, ∠B=∠Q तथा ∠C=∠R
तथा \frac{AB}{PQ}=\frac{BC}{QR}=\frac{AC}{RP}
इसे \triangle ABC\sim \triangle POR लिखते हैं।
Also Read This Article:- Geometry
समरूप त्रिभुजों के परिणाम (Results of Similiar Triangles)
प्रमेय (Theorem):1.थेल्स प्रमेय (Thale’s Theorem):एक त्रिभुज की एक भुजा के समान्तर खींची गई सरल रेखा अन्य दो भुजाओं को जिन दो बिन्दुओं पर प्रतिच्छेदित करती हैं,वे बिन्दु भुजाओं को समान अनुपात में विभाजित करते हैं।
△ABC में, DE को BC के समान्तर खींची गई है तथा वह AB व AC को क्रमशः D,E पर प्रतिच्छेदित करती हैं।
\frac{AD}{DB}=\frac{AE}{EC}
△ABC में, \frac{AB}{DB}=\frac{AC}{EC} तथा \frac{AD}{AB}=\frac{AE}{EC}
प्रमेय (Theorem):2.यदि दो त्रिभुजों के संगत कोण समान हो,तो दोनों त्रिभुज समरूप त्रिभुज होते हैं।
यदि △ ABC व △ PQR में
∠A= ∠P, ∠B=∠Q तथा ∠C=∠R
\triangle ABC \sim \triangle POR
प्रमेय (Theorem):3.यदि दो त्रिभुजों की संगत भुजाएँ अनुपातिक हो,तो त्रिभुज समरूप होते हैं।
यदि △ ABC व △ PQR में ,
\frac{AD}{PQ}=\frac{BC}{QR}=\frac{CA}{RP}
तब \triangle ABC \sim \triangle POR
प्रमेय (Theorem):4.यदि दो त्रिभुजों में संगत भुजाओं का एक युग्म अनुपातिक हो तथा अन्तरित कोण बराबर हों,तो वे त्रिभुज समरूप होते हैं।
यदि △ ABC व △ PQR में,
\frac{AB}{PQ}=\frac{AC}{PR} तथा ∠A=∠P
\therefore \triangle ABC \sim \triangle POR
प्रमेय (Theorem):5.यदि समकोण त्रिभुज के समकोण वाले शीर्ष से कर्ण पर लम्ब डाला जाता है,तो लम्ब का वर्ग कर्ण के दो भागों की लम्बाइयों के गुणनफल के बराबर होता है।
समकोण त्रिभुज ABC में, ∠B=90°
तथा BD \bot AC \\ BD^2=AD \times DC
प्रमेय (Theorem):6.दो समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात किन्हीं दो संगत भुजाओं के वर्गों के अनुपात के बराबर होता है।
\frac{\triangle \text{ ABC का क्षेत्रफल}}{ \triangle \text{ PQR का क्षेत्रफल }}=\frac{AB^2}{PQ^2}=\frac{BC^2}{QR^2}=\frac{AC^2}{RP^2}
प्रमेय (Theorem):7.दो समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफल का अनुपात इनके संगत शीर्ष लम्बों के वर्गों के अनुपात के बराबर होता है।
\frac{\triangle \text{ ABC का क्षेत्रफल}}{ \triangle \text{ PQR का क्षेत्रफल }}=\frac{AD^2}{PS^2}
प्रमेय (Theorem):8.दो समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफल उनकी संगत माध्यिकाओं का अनुपात में होते हैं।
प्रमेय (Theorem):9.दो समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफल उनके संगत कोणीय अर्द्धकों के वर्गों के अनुपात में होते हैं।
(11.)चतुर्भुज (Quadrilateral):चार रेखाखण्डों से घिरी आकृति को चतुर्भुज कहते हैं।चित्र में,ABCD एक चतुर्भुज है जिसकी AB,BC,CD व DA भुजाएँ तथा AC व BD विकर्ण है।
चतुर्भुज के प्रकार (Types of Quadrilateal):
(i) समान्तर चतुर्भुज (Parallelogram):एक चतुर्भुज जिसकी सम्मुख भुजाएँ परस्पर समान्तर होती है,समान्तर चतुर्भुज कहलाता है।
(ii)आयत (Rectangle):वह समान्तर चतुर्भुज जिसका प्रत्येक कोण समकोण होता है,आयत कहलाता है।
(iii)समचतुर्भुज (Rhombus):वह समान्तर चतुर्भुज जिसकी प्रत्येक भुजा की लम्बाई समान होती है,समचतुर्भुज कहलाता है।
(iv)वर्ग (Square):वह समान्तर चतुर्भुज जिसकी प्रत्येक भुजा की लम्बाई समान तथा प्रत्येक कोण समकोण होता है,वर्ग कहलाता है।
(v)समलम्ब (Trapezium):वह चतुर्भुज जिसकी दो भुजाएँ परस्पर समान्तर होती है तथा शेष दो भुजाएँ परस्पर असमान्तर होती हैं,समलम्ब कहलाता है।
(12.)वृत्त (Circle):समतल में स्थित उन बिन्दुओं का समुच्चय जो समतल में दिए गए एक स्थिर बिन्दु से दी गई स्थिर दूरी पर होते हैं,वृत्त कहलाता है।
स्थिर बिन्दु को वृत्त का केन्द्र तथा इससे वृत्त के प्रत्येक बिन्दु की स्थिर दूरी को वृत्त की त्रिज्या कहते है।त्रिज्या को r से निरूपित करते हैं।
(i)संकेन्द्रीय वृत्त (Concentric Circles):एक ही केन्द्र वाले दो या दो से अधिक वृत्तों को संकेन्द्रीय वृत्त कहते हैं।संकेन्द्रीय वृत्तों की त्रिज्याएँ भिन्न होती हैं।
(ii)वृत्त का चाप (Arc of a Circle):यदि बिन्दु P व Q वृत्त पर कोई दो बिन्दु हैं,तो इन बिन्दुओं को मिलाने वाले रेखाखण्ड से वृत्त दो भागों में बंट जाता है जिसमें प्रत्येक भाग के चाप को वृत्त का चाप कहते हैं।छोटे भाग को लघु चाप तथा बड़े भाग को दीर्घ चाप कहते हैं।चित्र में PXQ लघु चाप तथा PYQ दीर्घ चाप है।
(iii)वृत्त की जीवा (Chord of a Circle):वृत्त के दो बिन्दुओं को मिलाने वाले रेखाखण्ड को वृत्त की जीवा कहते हैं।
चित्र में,PQ वृत्त की जीवा है।
(iv)वृत्त का व्यास (Diameter of a Circle):वृत्त के केन्द्र से होकर जाने वाली जीवा को वृत्त का व्यास कहते हैं।
वृत्त का व्यास,d =2 × वृत्त की त्रिज्या (r)
नोट:वृत्त का व्यास उस वृत्त की सबसे लम्बी जीवा होती है।
(v)अर्द्धवृत्त (Semi-circle):वृत्त का व्यास वृत्त को दो बराबर भागों में विभाजित करता है,इनमें से प्रत्येक भाग को अर्द्धवृत्त कहते हैं।
(vi)वृत्तखण्ड (Segment of a Circle):वृत्त की जीवा वृत्त को दो भागों में बाँटती है।छोटे भाग को लघु वृत्तखण्ड तथा बड़े भाग को दीर्घ वृत्तखण्ड कहते हैं।
(vii)वृत्त की परिधि (Circumference of a Circle):वृत्त के परिमाप को वृत्त की परिधि कहते हैं।
वृत्त की परिधि=2 \pi r ,जहाँ r=वृत्त की त्रिज्या
(viii)चक्रीय चतुर्भुज (Cyclic Quadrilateral):एक चतुर्भुज जिसके शीर्ष एक वृत्त पर स्थित हो,चक्रीय चतुर्भुज कहलाता है।चित्र में चतुर्भुज ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है।
(ix)छेदक रेखा (Secant):वह रेखा जो वृत्त को दो पृथक्-पृथक् बिन्दुओं पर प्रतिच्छेदित करती है,वृत्त की छेदक रेखा कहलाती है।
चित्र में AB,वृत्त की छेदक रेखा है क्योंकि यह वृत्त को दो बिन्दुओं C व D पर प्रतिच्छेदित करती है।
(ix)स्पर्श रेखा (Tangent):वह रेखा जो वृत्त को केवल एक बिन्दु पर स्पर्श करती है,स्पर्श रेखा कहलाती है।
चित्र में,APB एक स्पर्श रेखा है।इस बिन्दु को स्पर्श रेखा का स्पर्श बिन्दु कहते हैं।
उपर्युक्त उदाहरणों के हल द्वारा काॅम्पीटेटिव एग्जाम और बोर्ड परीक्षा के लिए ज्यामिति की थ्योरी (Geometry Theory for Competitive Exam and Board Exam) को समझ सकते हैं।
Also Read this Article:- Imp Illustrations of Euclid Geometry
3.छात्र-छात्राओं के लिए काॅम्पीटेटिव एग्जाम और बोर्ड परीक्षा के लिए ज्यामिति की थ्योरी पर आधारित प्रैक्टिस प्रोब्लम्स (Practice Problems Based on Geometry Theory for Competitive Exam and Board Exam for Students)
(1.)किसी त्रिभुज के कोण 2:3:4 के अनुपात में हों,तो तीनों कोण हैं:
(a) 40°,60°,80° (b) 36°,60°,90° (c) 45°,45°,90° (d) 50°,60°,70°
(2.)एक सड़क के दोनों ओर आमने-सामने दो मकान हैं जिनकी ऊँचाईयाँ क्रमशः 8 मी. व 15 मी. है।एक 17 मी. लम्बी सीढ़ी सड़क के बीच में किसी बिन्दु पर ऐसे लगाई जाती है जिससे सीढ़ी का दूसरा सिरा दोनों मकानों के शिखर तक पहुँचता है।सड़क की चौड़ाई है:
(a) 28 मी. (b) 16 मी. (c) 19 मी. (d) 27 मी.
उत्तर (Answers):(1.) (a) (2.) (a)
उपर्युक्त सवालों को हल करने पर काॅम्पीटेटिव एग्जाम के लिए घन एवं घनाभ के एमसीक्यूज (हल और शाॅर्टकट्स सहित) [Cube and Cuboid MCQs for Competitive Exams(with Solutions & Shortcuts) को अच्छी तरह से समझ सकते हैं क्योंकि स्वयं प्रैक्टिकल रूप से सवालों को हल करने पर कांसेप्ट अच्छी तरह समझ में आती है।
### 📢 यदि आपको यह गणित का आर्टिकल पसंद आया हो:
* 👥 **मित्रों के साथ शेयर करें:** ज्ञान बांटने से बढ़ता है,इसलिए इसे अपने दोस्तों के साथ ज़रूर साझा करें।
* 🔔 **वेबसाइट को फॉलो करें:** अगर आप यहाँ पहली बार आए हैं, तो हमारे **ईमेल सब्सक्रिप्शन** को फॉलो करें ताकि हर नए आर्टिकल का नोटिफिकेशन आपको तुरंत मिले।
* 💬 **अपने सुझाव दें:** यदि आपकी कोई समस्या है या कोई सुझाव देना चाहते हैं,तो नीचे **कमेंट** करके हमें ज़रूर बताएं।
*पूरा आर्टिकल पढ़ने के लिए आपका वेलकम है!*
4.काॅम्पीटेटिव एग्जाम और बोर्ड परीक्षा के लिए ज्यामिति की थ्योरी (Frequently Asked Questions Related to Geometry Theory for Competitive Exam and Board Exam) से सम्बन्धित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:
प्रश्न:1.बिन्दु की परिभाषा दीजिए। (Define the point):
उत्तर:वह वृत्त जिसकी त्रिज्या शून्य हो,बिन्दु कहलाता है।
प्रश्न:2.संरेख और असंरेख बिन्दु से क्या आशय है? (What do you mean by collinear and non-collinear)
उत्तर:संरेख व असंरेख बिन्दु (Collinear and Non-Collinear Point):यदि तीन या तीन से अधिक बिन्दु एक ही रेखा पर स्थित हों, तो वे संरेख बिन्दु कहलाते हैं,अन्यथा वे असंरेख बिन्दु कहलाते हैं।
अर्थात् तीन या तीन से अधिक बिन्दुओं से होकर एक सरल रेखा खींची जा सकती है,तो वे बिन्दु संरेख होते हैं अन्यथा वे बिन्दु असंरेख होते है।
प्रश्न:3.रेखाखण्ड किसे कहते हैं? (What is a line segment?):
उत्तर:रेखाखण्ड (Line Segment) दो बिन्दुओं को मिलाने पर रेखाखण्ड प्राप्त होता है।रेखाखण्ड के दो अन्त्य बिन्दु होते हैं
प्रश्न:4.किरण किसे कहते हैं? (What is a line segment?):
उत्तर:किरण (Ray) यदि किसी रेखाखण्ड को एक दिशा में अनन्त तक बढ़ाया जाता है,तो एक किरण प्राप्त होती है।किरण का एक अन्त्य बिन्दु होता है।
उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा काॅम्पीटेटिव एग्जाम और बोर्ड परीक्षा के लिए ज्यामिति की थ्योरी (Geometry Theory for Competitive Exam and Board Exam) की प्राइमरी टर्म्स के बारे में जान सकते हैं।
5.छात्र-छात्राओं से आज का प्रश्न (Today’s Question to Students):
🎯 विनर्स कॉर्नर:क्या आप इस सवाल का सही जवाब दे सकते हैं?अपने नाम के साथ नीचे कमेंट करें!सही जवाब देने वाले Top Students के नाम हमारी आगे post/is article ke update में Photo ya Special Mention के साथ publish की जाएगी।अपना जवाब अभी दर्ज करें!👇
1\frac{1}{2}, 3\frac{3}{4}, 6, 8\frac{3}{4}, \dots
[Give the next step in the above sequence]
*पिछली प्रश्नोत्तरी का उत्तर*
माना चतुर्थानुपाती== x \\ 0.12 : 0.21 :: 8 : x \\
\Rightarrow 0.12 \times x = 0.21 \times 8 \\
\Rightarrow x = \frac{0.21 \times 8}{0.12} = 14
*Previous Quiz Solution*
Let the fourth Proportional== x \\ 0.12 : 0.21 :: 8 : x \\
\Rightarrow 0.12 \times x = 0.21 \times 8 \\
\Rightarrow x = \frac{0.21 \times 8}{0.12} = 14
*”यह आर्टिकल **Satyam Mathematics** ब्लॉग पर **Satyam Coaching Centre** के द्वारा तैयार किया गया है।”*
Related Posts
About Author
Sanjay Kumawat
(1.)**Satyam Narain Kumawat** **Website Name:Satyam Mathematics** *Owner:satyamcoachingcentre.in* *Sthan:Manoharpur,Jaipur (Rajasthan)* **Teaching Mathematics aur Anya Anubhav** ***Shiksha:**B.sc.,B.Ed.,(M.sc. star Ke Mathematics Ko Padhane ka Anubhav),B.com.,M.com. Ke vishayon Ko Padhane ka Anubhav,Philosophy,Psychology,Religious,sanskriti Mein Gahri Ruchi aur Adhyayan ***Anubhav:**phichale 23 varshon se M.sc.,M.com.,Angreji aur Vigyan Vishayon Mein Shikshaka Ka Lamba Anubhav ***Visheshagyata:*Maths,Adhyatma (spiritual),Yog vishayon ka vistrit Gyan* ****In Brief:I have read about M.sc. books,psychology,philosophy,spiritual, vedic,religious,yoga,health and different many knowledgeable books.A dedicated math expert with 23+ years of teaching experience upto M.sc. ,M.com.,English and science.After guiding thousands of students through Satyam Coaching Center,now share Mathematics,Trigonometry (Upto M.sc) and Educational Strategies in simple language on this blog from December 2018.* (2.)**(Technical Expert & Co-Admin):** ***Name:Sanjay Kumawat* *Qualification:Graduate in Mechanical Engineering (B.Tec) in 2013* *Profession:Physics Lecturer* *Teaching Experience:15 Years and Teaching to NEET,JEE Students* *Technical Experience:5 Years Coding and Article Editing,Classic Photo Editing by Laptop in Satyam Coaching Centre Blog* *A school lecturer and digital content strategist.On this blog,he handles all the responsibility of coding,image editing,SEO, and technical management,so that the mathematical content reaches the readers in a very accurate and beautiful form.* Updated on 15.06.2026



