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13 Tips to Know About Medals and Prize

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1 1.पदक एवं पुरस्कारों के बारे में जानने की 13 टिप्स (13 Tips to Know About Medals and Prize), भारत एवं विश्व के महत्त्वपूर्ण पदक एवं पुरस्कार (Important Medals and Awards of India and World):

1.पदक एवं पुरस्कारों के बारे में जानने की 13 टिप्स (13 Tips to Know About Medals and Prize), भारत एवं विश्व के महत्त्वपूर्ण पदक एवं पुरस्कार (Important Medals and Awards of India and World):

  • पदक एवं पुरस्कारों के बारे में जानने की 13 टिप्स (13 Tips to Know About Medals and Prize) के आधार पर आप भारत व विश्व के मुख्य पदक,सम्मान और पुरस्कारों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
  • आपको यह जानकारी रोचक व ज्ञानवर्धक लगे तो अपने मित्रों के साथ इस गणित के आर्टिकल को शेयर करें।यदि आप इस वेबसाइट पर पहली बार आए हैं तो वेबसाइट को फॉलो करें और ईमेल सब्सक्रिप्शन को भी फॉलो करें।जिससे नए आर्टिकल का नोटिफिकेशन आपको मिल सके।यदि आर्टिकल पसन्द आए तो अपने मित्रों के साथ शेयर और लाईक करें जिससे वे भी लाभ उठाए।आपकी कोई समस्या हो या कोई सुझाव देना चाहते हैं तो कमेंट करके बताएं।इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें।

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2.पदक एवं पुरस्कार का परिचय (Introduction to Medals and Awards):

  • पदक,सम्मान और पुरस्कार हमारी संस्कृति के विशिष्ट अंग हैं,जिनके द्वारा हम अपने देशवासियों एवं गैर-भारतीयों का सम्मान तो करते ही हैं,साथ ही साथ उनमें तथा अन्य लोगों में भी हम अपने सांस्कृतिक विकास में योगदान के लिए अभिरुचि जगाते हैं।मानवीय सेवा मनुष्य का सर्वोपरि गुण है।इस गुण के आधार पर समाज की प्रथम इकाई परिवार से लेकर संपूर्ण विश्व में वह अपनी ख्याति अर्जित कर सकता है।विश्व में अनेक विभूतियां आज मानवीय गुणों की प्रतीक बनी हुई हैं।इन विभूतियों को पदक,सम्मान और पुरस्कार से अलंकृत कर भुलाया नहीं जा सकता।तो आइए अपने भारतवर्ष व विश्व के प्रमुख पदक,सम्मान और पुरस्कार के बारे में जानें:
  • (1.)भारत रत्न (Bharat Ratna):
    भारत सरकार द्वारा सम्मानार्थ दी जाने वाली यह सर्वश्रेष्ठ उपाधि है।यह सम्मान कला,साहित्य,विज्ञान और खेल की उन्नति के लिए किए गए असाधारण कार्य और सर्वोत्कृष्ट देश सेवा के लिए प्रदान किया जाता है।
  • इस सम्मान का सूचक पदक,पीपल के पत्ते के आकार का होता है,जो 58 सेमी लंबा,4.7 सेमी चौड़ा और 3.1 सेमी मोटा रहता है।यह ठोस कांसे का बना होता है।इसके ऊपरी भाग में सूर्य की उभरी हुई आकृति होती है,जिसके नीचे उभरे हुए हिंदी-अक्षरों में ‘भारतरत्न’ लिखा होता है।इसके पिछले भाग पर राजचिह्ल और हिंदी में आदर्शोक्ति अंकित है।सूर्य की आकृति,राजचिह्ल और चारों ओर का किनारा प्लेटिनम का होता है और ‘भारतरत्न’ के अक्षर चमकीले कांसे के बने होते हैं।
  • (2.)पद्म विभूषण (Padma Vibhushan):
  • यह सम्मान किसी भी क्षेत्र में असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए जिसमें सरकारी सेवा भी सम्मिलित है,प्रदान किया जाता है।
    इस सम्मान का सूचक पदक वृताकार होता है,जिस पर एक ज्यामितिक आकार उभरा होता है।इसका व्यास 4.4 सेमी होता है और मोटाई 6 सेमी ऊपर के हिस्से में कमल का पुष्प उभरा हुआ होता है।पुष्प के ऊपर ‘पदम’ और नीचे ‘विभूषण’ शब्द हिंदी में उभरे हुए होते हैं।पृष्ठ भाग पर राजचिह्ल और हिंदी में सूक्ति होती है।यह भी ठोस कांसे का होता है।
  • (3.)पद्म भूषण (Padma Bhushan):
    यह सम्मान किसी भी क्षेत्र में की गई विशिष्ट सेवा के लिए जिसमें सरकारी सेवा भी सम्मिलिति है,दिया जाता है।
    इसकी बनावट भी ‘पद्मविभूषण’ के पदक जैसी ही है।ऊपरी भाग में ‘पद्म’ शब्द कमल के पुष्प के ऊपर और ‘भूषण’ शब्द पुष्प के नीचे उभरे होते हैं।इसका घेरा,’पद्मभूषण’ के अक्षर और दोनों ओर के ज्यामितिक आकर चमकीले कांसे के होते हैं।दोनों ओर का उभरा हुआ भाग ‘स्टैंडर्ड सोने’ का होता है।
  • (4.)पद्म श्री (Padma Shri):
    यह सम्मान किसी भी क्षेत्र में की गई विशिष्ट सेवा के लिए,जिसमें सरकारी सेवा भी सम्मिलित है,प्रदान किया जाता है।
    इसका नाम ऊपरी भाग में उभरे हुए हिंदी के अक्षरों में लिखा होता है।’पद्म’ शब्द कमल के पुष्प के ऊपर और `श्री` शब्द नीचे लिखा रहता है।इसका घेरा,दोनों ओर के ज्यामितिक आकार और ‘पदम श्री’ के अक्षर चमकीले कांसे के बने होते हैं।दोनों ओर का उभरा हुआ भाग स्टेनलेस इस्पात का होता है।

3.वीरता के लिए पुरस्कार (Awards for Valor):

  • वीरता के लिए भारत सरकार की ओर से सम्मानार्थ प्रतिवर्ष परमवीर चक्र,महावीर चक्र और वीर चक्र दिए जाते हैं।फिर प्रथम,द्वितीय और तृतीय-इन तीनों श्रेणियों के अशोक-चक्र हैं।उपयुक्त पात्रों के नहीं मिलने पर वे पदक नहीं दिए जाते हैं।
    (1.)परमवीर चक्र (Param Vir Chakra):
  • वीरता के लिए सर्वोच्च सम्मान का सूचक ‘परमवीर चक्र’ पदक है,जो स्थल अथवा आकाश में शत्रु के सम्मुख असीम शौर्य,अदम्य साहस अथवा आत्म-बलिदान के लिए भेंट किया जाता है।परमवीर चक्र कांसे का बना हुआ तथा वृत्ताकार होता है।इसके मुख्य भाग के मध्य में चिन्ह के चारों ओर ‘इंद्र के वज्र’ की चार प्रतिकृतियाँ उत्कीर्ण होती हैं और पृष्ठ भाग पर मध्य में दो कमल पुष्प तथा हिंदी और अंग्रेजी में ‘परमवीर चक्र’ अंकित रहते हैं।यह पदक 3.2 सेमी चौड़ी गुलाबी पट्टी के साथ वाम पक्ष पर लगाया जाता है।पुरस्कार की राशि वर्तमान में दो करोड़ एक मुश्त तथा 20000 प्रतिमाह दी जाती है।इसके साथ ही अलग-अलग राज्यों द्वारा भी एक मुश्त राशि दी जाती है।
  • (2.)महावीर चक्र (Mahavir Chakra):
    ‘महावीर चक्र’ का स्थान सम्मान की दृष्टि से दूसरा है और यह स्थल,जल तथा आकाश में शत्रु के सम्मुख असीम शौर्य प्रदर्शन के लिए भेंट किया जाता है।’महावीर चक्र’ प्रामाणिक चांदी का तथा वृत्ताकार होता है और इसके मुख भाग पर एक पंचकोण नक्षत्र उत्कीर्ण रहता है,जिसके गुंबदाकार मध्य भाग में स्वर्ण-मण्डित राजचिह्ल की उभरी हुई आकृति रहती है।पदक के पृष्ठ भाग पर मध्य में दो कमल पुष्प तथा हिंदी व अंग्रेजी में ‘महावीर चक्र’ शब्द उत्कीर्ण रहते हैं।यह पदक 3.2 सेमी चौड़ी सफेद और नारंगी रंग की पट्टी के साथ वाम पक्ष पर इस प्रकार लगाया जाता है कि नारंगी पट्टी बाएं कंधे की ओर रहे।पुरस्कार की राशि ₹10000 प्रतिमाह स्टाइपेंड और राज्य द्वारा एक मुश्त राशि प्रदान की जाती है।
  • (3.)वीर चक्र (Vir Chakra):
    ‘वीर चक्र’ का स्थान स्थल,जल अथवा आकाश में शत्रु के सम्मुख शौर्य प्रदर्शन के लिए दिए जाने वाले पदकों में तीसरा है।वीर चक्र चांदी का तथा वृत्ताकार होता है। इसके मुखभाग पर एक पंचकोण नक्षत्र होता है,जिसके मध्य में अशोक चक्र अंकित रहता है।अशोक चक्र के गुंबदाकार मध्य भाग पर स्वर्ण-मण्डित राजचिह्ल अंकित होता है।पदक के पृष्ठ भाग पर मध्य में दो कमल पुष्प तथा हिंदी और अंग्रेजी में ‘वीर-चक्र’ शब्द उत्कीर्ण रहते हैं।यह चक्र 3.2 सेमी चौड़ी नीली और नारंगी रंग की पट्टी के साथ वाम पक्ष पर इस प्रकार लगाया जाता है कि नारंगी रंग की पट्टी बाएं कंधे की ओर रहे।अलग-अलग राज्यों द्वारा पुरस्कार की राशि अलग-अलग निर्धारित है।
  • (4.)अशोक चक्र (Ashoka Chakra):
  • यह पदक जल,थल एवं वायु में असीम शौर्य,अदम्य साहस,आत्म-बलिदान के लिए भेंट किया जाता है।यह पदक सोने से मढ़ा हुआ वृत्ताकार होता है और इसके मुखभाग पर कमलनाल से घिरा हुआ अशोक चक्र उत्कीर्ण होता है।पदक के किनारे-किनारे कमल की पंखुड़ियां,पुष्पों और कलियों की आकृतियाँ बनी रहती हैं।पृष्ठभाग पर हिंदी तथा अंग्रेजी में ‘अशोक चक्र’ शब्द उत्कीर्ण रहता है,जिसके मध्य का स्थान कमल-पुष्पों से सुशोभित रहता है।यह पदक 3.2 सेमी चौड़ी हरे रंग की रेशमी पट्टी के साथ,जिसके मध्य में उसकी दो समान भागों में विभक्त करने वाली एक खड़ी नारंगी होती है। पुरस्कार राशि ₹12000 प्रतिमाह है तथा अलग-अलग राज्यों द्वारा एक मुश्त राशि दी जाती है।
  • (5.)कीर्ति चक्र (Kirti Chakra):
    यह गोलाकार रजत-पदक असीम शौर्य-प्रदर्शन के लिए भेंट किया जाता है।इसके दोनों ओर ठीक उसी प्रकार की आकृतियां होती हैं,जिस प्रकार अशोक चक्र की।यह चक्र 3.2 सेमी चौड़ी हरे रंग की रेशमी पट्टी के साथ,जिस पर तीन बराबर भागों में विभक्त करने वाली दो खड़ी नारंगी रेखाएं होती हैं।पुरस्कार राशि ₹9000 रुपए प्रतिमाह दी जाती है तथा अलग-अलग राज्यों द्वारा एक मुश्त राशि प्रदान की जाती है।
  • (6.)शौर्य चक्र (Shaurya Chakra):
    यह पदक वीरतापूर्ण कार्यों के लिए भेंट किया जाता है। कांसे के बने होने के अतिरिक्त यह पदक अशोक चक्र जैसा ही होता है।यह पदक 3.2 सेमी चौड़ी दो रंगों की रेशमी पट्टी के साथ,जिस पर चार बराबर भागों से विभक्त करने वाली तीन खड़ी नारंगी रेखाएं होती है।केंद्र सरकार द्वारा पुरस्कार की राशि ₹6000 प्रतिमाह प्रदान की जाती है।
  • (7.)विशिष्ट सेवा चक्र (Vishisht Seva Chakra):
    भारतीय सेवा के तीनों भागों के कर्मचारियों को उनकी विशिष्ट सेवा के लिए क्रमशः ‘परम विशिष्ट’,’अति-विशिष्ट’ और ‘विशिष्ट’ सेवा पदक प्रदान किए जाते हैं।ये क्रमशः सोने,चांदी और कांसे के बने होते हैं।पुरस्कार की राशि ₹8000 प्रतिमाह केंद्र सरकार द्वारा तथा राज्य द्वारा एक मुश्त राशि प्रदान की जाती है।जो अलग-अलग राज्यों द्वारा अलग-अलग राशि निर्धारित कर रखी है।

4.अन्य भारतीय पदक (Other Indian Medals):

  • (1.)जीवन रक्षक पदक (Jeevan Raksha Padak):
    यह पदक डूबने,आग तथा खानों की दुर्घटनाओं से बचाने में श्लाध्य कार्यों के लिए प्रदान किया जाता है।इस पदक की तीन श्रेणियां:सर्वोत्तम जीवन रक्षक (पुरस्कार दो लाख),उत्तम जीवन रक्षक पदक (पुरस्कार डेढ़ लाख रुपये),जीवन रक्षक पदक (पुरस्कार राशि एक लाख रुपये एक मुश्त)।
  • (2.)ज्ञानपीठ पुरस्कार (Jnanpith Award):
    भारतीय साहित्य का नोबेल पुरस्कार कहा जाने वाला ‘भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार’ प्रतिवर्ष भारतीय भाषाओं में लिखी गई सर्वश्रेष्ठ साहित्यिक कृति के रचयिता को प्रदान किया जाता है।
  • भारतीय साहित्य के इस सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार की स्थापना प्रमुख उद्योगपति शांति प्रसाद जैन ने सन् 1944 में की थी।यह एक साहित्यिक संस्था थी,जो किसी साहित्यकार को किसी भी भारतीय भाषा में लिखित उसकी सर्वश्रेष्ठ कृति के लिए 1965 से सम्मानित करती आ रही है।ज्ञानपीठ पुरस्कार में 11 लाख रुपये एक मुश्त,प्रशस्ति-पत्र और ‘बाग्देवी’ की एक प्रतिमा दी जाती है।
  • (3.)सरस्वती सम्मान (Saraswati Samman):
    के. के. बिड़ला फाउंडेशन द्वारा स्थापित ₹150000 के लगभग का सरस्वती सम्मान।यह पुरस्कार प्रतिवर्ष किसी भारतीय नागरिक की एक ऐसी उत्कृष्ट साहित्यिक कृति को दिया जाता है,जो भारत के संविधान के आठवीं अनुसूची में उल्लिखित किसी भी भाषा में सम्मान वर्ष से ठीक पहले के वर्ष की अवधि में प्रकाशित हुई हो।
  • (4.)मूर्ति देवी पुरस्कार (Moortidevi Award):
  • 1984 में स्थापित भारत की सर्वोच्च साहित्यिक संस्था ‘भारतीय ज्ञानपीठ’ की ओर से दिए जाने वाले इस सम्मान में लगभग ढाई लाख रुपए नगद,एक सरस्वती की प्रतिमा व प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जाता है।
  • (5.)साहित्य अकादमी पुरस्कार (Sahitya Akademi Award):
    साहित्य अकादमी की कार्य समिति की ओर से अंग्रेजी तथा विभिन्न भारतीय भाषाओं की उत्कृष्ट साहित्यिक कृतियों पर प्रतिवर्ष उनके लेखकों को ₹100000 का चैक व ताम्रपत्र दिया जाता है।
  • (6.)जवाहरलाल नेहरू शांति पुरस्कार (Jawaharlal Nehru Peace Prize):
    विश्व बंधुत्व,सद्भावना और मित्रता का प्रसार करने वाले व्यक्ति को यह पुरस्कार प्रतिवर्ष भारत सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है।प्रारंभ में पुरस्कार राशि एक लाख रुपये थी,जो कि 1984 में ढाई लाख रुपये और 1985 में बढ़ाकर 15 लाख रुपए तथा अब 25 लाख रुपए कर दी गई।
  • (7.)इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय शांति पुरस्कार (Indira Gandhi International Peace Prize):
    अंतरराष्ट्रीय शांति,निःशस्त्रीकरण,सद्भावना व विकास में उल्लेखनीय योगदान के लिए स्थापित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार वर्ष 1986 से दिया जा रहा है।स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी की स्मृति में गठित ट्रस्ट द्वारा यह पुरस्कार प्रतिवर्ष विगत वर्ष के लिए दिया जाता है।पुरस्कार स्वरूप 15 लाख रुपए प्रदान किए जाते थे,लेकिन 1991 से पुरस्कार राशि 25 लाख रुपए कर दी गई,साथ में स्मृति चिन्ह भी दिया जाता है।
  • (8.)राजीव गांधी सद्भावना पुरस्कार (Rajiv Gandhi Sadbhavana Award):
    भूतपूर्व कांग्रेस अध्यक्ष पी.वी. नरसिंह राव द्वारा स्थापित इस पुरस्कार के तहत 10 लख रुपए और एक प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जाता है।पुरस्कार उन व्यक्तियों और संस्थाओं को दिया जाएगा,जो सद्भावना का प्रसार करने तथा आतंकवाद एवं उग्रवाद के विरुद्ध अभियान में संलग्न है।यह पुरस्कार प्रतिवर्ष राजीव जयंती पर दिया जाता है।
  • (9.)संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप (Sangeet Natak Akademi Fellowship):
    संगीत नाटक अकादमी द्वारा ₹300000,प्रशस्ति-पत्र,अंग वस्त्रम् व ताम्र-पत्र दिया जाता है।उल्लेखनीय है कि संगीत,नृत्य,नाटक के क्षेत्र में व्यक्तिगत स्तर पर उल्लेखनीय योगदान के लिए अकादमी 1952 से फैलोशिप तथा पुरस्कारों से कलाकारों को सम्मानित करती आ रही है।
  • (10.)राष्ट्रीय एकता के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार (Indira Gandhi Award for National Integration):
    भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी की स्मृति में सन् 1985 में स्थापित यह पुरस्कार प्रतिवर्ष राष्ट्रीय एकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए व्यक्ति या संस्था को प्रदान किया जाता है।इस पुरस्कार के अंतर्गत 10 लाख रुपए की नगद राशि के साथ एक पदक तथा एक शाल प्रदान किया जाता है।
  • (11.)महात्मा गांधी शांति पुरस्कार (Mahatma Gandhi Peace Prize):
  • इस पुरस्कार का प्रचलन 125वीं महात्मा गांधी जयंती से किया गया है।यह पुरस्कार अहिंसा तथा अन्य गांधीवादी तरीकों से सामाजिक,आर्थिक एवं राजनीतिक परिवर्तन करने वाले विश्व पुरुषों को प्रतिवर्ष दिया जाता है।पुरस्कार राशि 1 करोड़ है।
  • (12.)द्रोणाचार्य पुरस्कार (Dronacharya Award):
    देश के उत्कृष्ट खेल-प्रशिक्षकों को सम्मानित करने व अंतरराष्ट्रीय खेल स्पर्धाओं के लिए खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने में प्रशिक्षकों की श्रेष्ठ सेवाओं को सार्वजनिक मान्यता प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा 1985 से द्रोणाचार्य पुरस्कार योजना प्रारंभ की गई थी।यह पुरस्कार ऐसे खेल प्रशिक्षकों को प्रदान किया जाता है जिनके द्वारा प्रशिक्षित टीमों और खिलाड़ियों ने पुरस्कार वर्ष व उससे पहले के 3 वर्षों में लगातार बहुत अच्छा प्रदर्शन किया हो।इसमें पुरस्कार राशि 10 लाख रुपए है।
  • (13.)अर्जुन पुरस्कार (Arjuna Awards):
    खेलों में ख्याति प्राप्त व्यक्तियों को राष्ट्र के श्रेष्ठतम खेल सम्मान देने के लिए सन 1961 में अर्जुन पुरस्कारों की शुरुआत की गई।इसके तहत 15 लाख रुपए नगद,अर्जुन की कांस्य प्रतिमा और एक प्रशस्ति-पत्र दिया जाता है।प्रत्येक वर्ष ये पुरस्कार राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रपति भवन में दिए जाते हैं।
  • (14.)वाचस्पति पुरस्कार (Vachaspati Award):
    पुरस्कार वर्ष के 10 वर्ष पूर्व प्रकाशित संस्कृत भाषा किसी भी विधा में किए गए कार्य पर यह पुरस्कार दिया जाता है।यह के. के. बिड़ला फाउंडेशन द्वारा प्रदान किया जाता है।पुरस्कार राशि डेढ़ लाख रुपए है।
  • (15.)मिस इंडिया (Miss India):
    इस सम्मान में 25 लाख रुपये,एक एयर कंडीशनर,एक रंगीन टीवी सेट व अन्य उपहार प्रदान किए जाते हैं।
  • (16.)महाराणा प्रताप पुरस्कार (Maharana Pratap Award):
    अर्जुन पुरस्कार की भाँति राजस्थान राज्य के खिलाड़ियों के लिए महाराणा प्रताप पुरस्कार 1983 से प्रारंभ किया गया।इस पुरस्कार के लिए चयनित खिलाड़ियों को परिषद की ओर से ₹500000 व महाराणा प्रताप की प्रतिमा प्रदान की जाती है।
  • (17.)राजीव रंजन स्मृति पुरस्कार
    बिहार पहला राज्य है,जहां उत्कृष्ट संसदीय कार्य एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में किए गए योगदान को लेकर पुरस्कार योजना शुरू की गई है।यह पुरस्कार प्रत्येक वर्ष बिहार विधानमंडल के सदस्य को उनके उत्कृष्ट संसदीय कार्यों के लिए दिया जाएगा।पुरस्कार में लाख रुपए व प्रशस्ति-पत्र व स्मृति चिन्ह भेंट किया जाएगा।
  • (18.)दादा साहब फाल्के पुरस्कार (Dadasaheb Phalke Award):
  • दादा साहब फाल्के पुरस्कार भारत में फिल्म के क्षेत्र में दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है।भारत के महान् फिल्मकारों को दिया जाने वाला राष्ट्रीय सम्मान फिल्मी क्षेत्र में जीवन भर की उपलब्धियों को ध्यान में रखकर ही किसी के नाम की घोषणा की जाती है।ढुंढीराज गोविंद फाल्के भारतीय सिनेमा के अग्रदूत थे।इनका जन्म नासिक में संस्कृत के महान् विद्वान के घर में 1870 में हुआ था।उन्होंने ललित कला की सातवीं विधा माने जाने वाले सिनेमा के हर क्षेत्र में बुनियादी मानक स्थापित किए।अपनी फिल्मों के लिए पटकथा,फिल्मों का चित्रांकन,कला निर्देशन,संपादन और कलाकारों की वेशभूषा का चयन स्वयं ही किया करते थे।यहीं तक नहीं फिल्मों की प्रोसेसिंग,प्रिंटिंग,डेवलपिंग जैसी तकनीकी विधाओं के साथ-साथ थिएटरों में फिल्मों के प्रदर्शन से लेकर फिल्मों के वितरण की भी व्यवस्था खुद ही करते थे।इस प्रकार दादा साहब फाल्के फिल्मी क्षेत्र के पहले ‘ऑलराउंडर’ थे जिन्होंने भारत में फिल्मों के निर्माण की बुनियाद डाली।
  • दादा साहब फाल्के के इस अविस्मरणीय योगदान को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने उनकी याद में 1969 (जन्म शताब्दी वर्ष) में दादा साहब फाल्के पुरस्कार देने की घोषणा की।इसके अंतर्गत 10 लाख रुपए की नगद राशि,एक शाॅल और एक स्वर्ण कमल दिया जाता है।हर साल यह पुरस्कार सिनेमा के विकास,इसमें नई-नई तकनीकी जानकारियों के साथ उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है।

5.महत्त्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय पदक (Important International Awards):

(1.)एबेल पुरस्कार (Abel Prize):

  • एबेल पुरस्कार को गणित के क्षेत्र में सर्वोच्च सम्मानों में से एक माना जाता है और इसे नार्वे के राजा द्वारा प्रदान किया जाता है।एबेल पुरस्कार के बारे में विस्तृत लेख इस साइट पर पोस्ट किया हुआ है,उसे पढ़ें।2025 के एबेल पुरस्कार विजेता जापानी गणितज्ञा मसारी काशीवारा  (Masaki Kashiwara) हैं।उन्हें बीजगणितीय विश्लेषण और प्रतिनिधित्व सिद्धांत में उनके मौलिक योगदान के लिए,विशेष रूप से डी. मॉड्यूल के सिद्धांत को विकसित करने और क्रिस्टल बेस की खोज के लिए यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया।

(2.)फील्ड्स मेडल (Fields Medal):

  • फील्ड्स मेडल के बारे में विस्तृत लेख इस साइट पर पोस्ट किया हुआ है,उसे पढ़ें।यह प्रति चार वर्ष में एक बार दिया जाता है।2022 के फील्ड्स मेडल विजेता हैंःजून हूह (June Huh),जेम्स अलेक्जेंडर मेनार्ड (James A. Maynard),ह्यूगो डुमिनिल कोपिन (Hugo Dumini Copin) को संभाव्यता सिद्धांत में सांख्यिकीय भौतिकी में चरण संक्रमणों से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान के लिए दिया गया।
  • मरीना विजाजोवस्का (Maryna Vizovska) को आठ और 24 आयामों में स्फीयर-पैकिंग समस्या पर उनके कार्य के लिए 2022 में फील्ड्स मेडल से सम्मानित किया गया।वह एक यूक्रेनी गणितज्ञा और मरियम मिर्जाखानी के बाद यह प्रतिष्ठित पुरस्कार पाने वाली दूसरी महिला है।
  • फील्ड्स मेडल एक प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार है जो 40 वर्ष से कम आयु के दो से चार गणितज्ञों को गणित के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए मौजूदा कार्य और भविष्य में किए जाने वाले,दोनों के लिए हर चार साल में दिया जाता है।इसे अक्सर गणित का नोबेल पुरस्कार कहा जाता है।यह पुरस्कार अंतर्राष्ट्रीय गणितज्ञ संघ (IMU) द्वारा अंतर्राष्ट्रीय गणितज्ञ कांग्रेस (ICM) में प्रदान किया जाता है और इसमें एक स्वर्ण पदक और एक नगर पुरस्कार शामिल होता है।पुरस्कार राशि CA$ 15000 (डाॅलर)
  • (3.)सोल पुरस्कार (Soul Awards):
    यह पुरस्कार 1990 से शुरू किया गया है।यह प्रति दो वर्ष बाद विश्व शांति में योगदान के लिए किसी व्यक्ति या संस्थान को प्रदान किया जाता है।पुरस्कार में 10 लाख डॉलर की राशि प्रदान की जाती है।
  • (4.)यूनाइटेड स्टेट फाउंडेशन पुरस्कार (United States Foundation Award):
    अमेरिका के समस्त विश्वविद्यालयों एवं शोध केन्द्रों में शोधरत ऐसे सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति को यह पुरस्कार दिया जाता है,जिसकी आयु 30 वर्ष से अधिक ना हो तथा पी. एच. डी. एवं उसके मौलिक शोध पत्र प्रकाशित हों।पुरस्कृत व्यक्ति को अमेरिकी प्रशासन द्वारा 5 वर्ष तक निरंतर 34 लाख डाॅलर दिए जाते हैं।
  • (5.)मिस वर्ल्ड पुरस्कार (Miss World Awards):
    इस पुरस्कार में प्रत्येक वर्ष चुनी गई सुंदरी को एक मिलियन (18.5 करोड़ लगभग) डॉलर नगद,एक माजदा कार व अन्य कीमती उपहार दिए जाते हैं।
  • (6.)मिस यूनीवर्स (Miss Universe Awards):
  • इस सुंदरी प्रतियोगिता में चुनी गई युवती को पुरस्कार स्वरूप 275000 डाॅलर नगद,50000 डॉलर मासिक वेतन एक वर्ष तक तथा अन्य उपाहार दिए जाते हैं।
  • (7.)ऑस्कर अवार्ड (Oscar Awards):
    फिल्म जगत के सर्वोच्च सम्मान ‘ऑस्कर’ की शुरुआत 1927 में हुई और पहला ऑस्कर पुरस्कार मूक फिल्म ‘विंग्स’ को दिया गया।इसका प्रारंभ ‘अकादमी ऑफ मोशन पिक्चर्स एंड आर्ट्स’ ने किया और 4 वर्ष तक यह सम्मान अप्रचारित ही रहा।सम्मान में प्रदान की जाने वाली प्रतिमा का निर्माण 1931 में लॉस एंजेलिस के मूर्तिकार जॉर्ज स्टेनली ने किया।पहले सिर्फ फिल्म को ही पुरस्कार मिलता था।अब यह फिल्मों के निर्देशन,अभिनय,फोटोग्राफी,संगीत,पटकथा,वेशसज्जा आदि के लिए भी दिया जाने लगा।जिस सवाक फिल्म को पहला सम्मान मिला,वह थी-‘द ब्रॉडवे मेलाडी’।इसी तरह पहली विजेता रंगीन फिल्म थी-‘गान विद द विंड’।
  • ‘ऑस्कर’ के लिए पात्र व्यक्ति,फिल्म का चयन मतदान के आधार पर होता है जिसमें 4830 मतदाता मतदान करते हैं।इनमें अभिनेताओं की संख्या सर्वाधिक 1310 है।ऑस्कर के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित की जाती है।
  • (8.)ओलंपिक ऑर्डर (Olympic Order):
    ओलंपिक ऑर्डर विश्व खेल जगत का सबसे बड़ा सम्मान माना जाता है।यह सम्मान अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति द्वारा उस व्यक्ति को दिया जाता है,जिसने ओलंपिक के सिद्धांतों और खेल भावना को बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण योगदान किया हो।यह सम्मान विश्व के गिने-चुने व्यक्ति ही प्राप्त कर सकते हैं।

(9.)नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize):

  • नोबेल पुरस्कार विश्व का सर्वोच्च पुरस्कार है।यह प्रतिवर्ष उन व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है,जो भौतिकी,रसायन,चिकित्सा,साहित्य,शांति और अर्थशास्त्र के क्षेत्रों में अत्यधिक महत्त्वपूर्ण योगदान देते हैं।नोबेल फाउंडेशन की स्थापना स्वीडन के एक अविवाहित केमिस्ट,केमिकल इंजीनियर व डायनामाइट नामक विस्फोटक के आविष्कारक अल्फ्रेड वर्नहार्ड नोबेल (1833-96) की वसीयत के अनुसार उनकी कुल जमा पूंजी की 32 लाख पौण्ड से की गई थी।नोबेल पुरस्कार प्रतिवर्ष 10 दिसंबर को नोबेल महोदय के निधन दिवस पर प्रदान किए जाते हैं।
  • वर्तमान में नोबेल पुरस्कार के अंतर्गत दिए जाने वाली राशि 11 मिलियन स्वीडिश कॉर्नर (प्रत्येक पुरस्कार) है।प्रत्येक विजेता को एक प्रशस्ति पत्र,स्वर्ण पदक व समुचित धनराशि प्रदान की जाती है।
  • 2025 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित (Nobel Prize Winner):
  • भौतिकी मेंःजाॅन क्लाई (John Uaree),मिशेल एच. डेवोरट (Michel H. Devorel),जाॅन एम. मार्टिनिस (John M. Martinis) को मैक्रोस्कोपिक मैकेनिकल टनलिंग और विद्युत परिपथों में ऊर्जा क्वांटीकरण पर उनके कार्य के लिए।
    फिजियोलाॅजी या मेडिसिन:मैरी ई. ब्रुन्को (Mary E. Brunkow),फ्रेड रामस्डेल (Fred Ramsdell),शिमोन साजागुची (Simon Sajaguchi) को परिधीय प्रतिरक्षा सहिष्णुता से सम्बन्धित उनकी खोजो के लिए।
  • साहित्य के क्षेत्र में:लास्जलो कास्जनाहोरकाई (Laszlo Krasnaharkai) को उनके सम्मोहक और दूरदर्शी साहित्यिक कार्य के लिए।
  • शांति के क्षेत्र मेंःमारिया कोरिना मचाडोको (Maria Corina Machado) को वेनेजुएला में लोकतान्त्रिक अधिकारों को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों के लिए।
  • आर्थिक विज्ञान के क्षेत्र में:जोएल मोकिर (Joel Mokyr),फिलिप अधियन (Philippe Aghion),पीटर हाॅविट (Peter Houwit) को सतत आर्थिक विकास के सिद्धान्त पर उनके कार्य के लिए।
  • रसायन विज्ञान के क्षेत्र में:सुसुम कितागावा (Susumu Kitagawa),रिचर्ड राॅबसन (Richard Robson),उमर एम. याधी (Omar M. Yashi) को धातु कार्बनिक ढांचे (एमओएफ) के विकास के लिए।

(10.)मैग्सेसे पुरस्कार (Magsaysay Award):

  • मैग्सेसे पुरस्कार को एशिया के नोबेल पुरस्कार के रूप में जाना जाता है।यह पुरस्कार फिलिपींस के पूर्व राष्ट्रपति रैमन मैग्सेसे के नाम पर दिया गया है।रैमन का जन्म फिलिपींस में 31 अगस्त,1907 को हुआ था।श्री रैमन शुरू से ही होनहार तथा महान् मानव प्रेमी चिंतक थे।उनमें नेतृत्व की अतुल क्षमता थी।वह मानव सेवा के लिए पूरी तरह समर्पित थे।श्री मैग्सेसे ने 1950 के दशक में भूमि सुधारों के लिए बहुत कार्य किया था और प्रबल साम्यवादी विद्रोह को दबाने में सफलता प्राप्त की थी।यही वजह थी कि जब 1953 में उन्होंने राष्ट्रपति का चुनाव लड़ा,तो उन्हें जबर्दस्त बहुमत प्राप्त हुआ।46 वर्ष की उम्र में ही राष्ट्रपति हो गए।अपने कुछ वर्षों के शासन के दौरान उन्होंने सदैव मानवीय सेवाओं और नागरिकों की आजादी को प्राथमिकता प्रदान की।यही नहीं यह मानवीय स्वतंत्रता के बड़े ही हिमायती थे।
  • राष्ट्रपति चुने जाने के चार वर्ष बाद ही 17 मार्च,1957 को ही रैमन की माउंट मनगल पर हुई एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी।श्री मैग्सेसे की मृत्यु के बाद न्यूयार्क की विश्व प्रसिद्ध संस्था राकफेलर ने मैग्सेसे फाउंडेशन सेंटर को 5 लाख डॉलर की राशि प्रदान करके इस पुरस्कार योजना को साकार रूप प्रदान किया।इसके लिए ट्रस्ट बनाया गया,जो प्रत्येक वर्ष पुरस्कार प्रदान करता है।इस पुरस्कार योजना के आधार पर और अपने मानवीय गुणों के कारण भी श्री मैग्सेसे आज भी हमारे सामने जीवित हैं।
  • इस पुरस्कार की प्रतीक पांच पंखुड़ियाँ हैं और इन पंखुड़ियों के बीच दिल शोभायमान है।इनकी पाँचों पंखुड़ियां सम्मानित व्यक्तियों और बीच में स्थित दिल श्री मैग्सेसे के सम्मान को प्रकट करता है।यह सम्मान हर वर्ष श्री रैमन मैग्सेसे के जन्मदिन 31 अगस्त को प्रदान किया जाता है।पुरस्कार स्वरूप प्रत्येक व्यक्ति को 50000 USD (डॉलर) नगद,मैग्सेसे की आकृति का स्वर्ण पदक और एक प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है।

6.नोबेल पुरस्कार पाने वाले भारतीय (Indian Nobel Prize Recipients):

  • (1.)रविंद्र नाथ टैगोर (Ravindra Nath Tagore Thakur):
    ये पहले भारतीय थे,जिन्हें यह सम्मान प्राप्त हुआ था। उन्हें यह सम्मान साहित्य के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए प्राप्त हुआ था और इसके लिए इनकी अमर काव्यकृति ‘गीतांजलि’ को चुना गया था।1913 में जब उन्हें यह पुरस्कार मिला था,देश आजादी के लिए बेचैन था।ऐसे में मिला उन्हें यह सम्मान उस बात का स्पष्ट संकेत था कि भारत अपने आप को सारे बंधनों से मुक्त कर लेगा।कविता ही नहीं साहित्य के हर क्षेत्र-कहानी,उपन्यास,निबंध आदि हर विधा में उन्होंने अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की थी।साहित्य ही नहीं,संगीत और कला के क्षेत्र में भी इनके अतुलनीय योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।हमारे राष्ट्रीय गान की रचना भी उन्होंने ही की है।इन्होंने हमें शांति निकेतन जैसा विश्वविद्यालय दिया।कवि गुरु के रूप में संबोधित रवींद्रनाथ ठाकुर का जन्म 1861 में व मृत्यु 1941 में हुई।
  • (2.)सी. वी. रमन (C.V. Raman):
    17 वर्ष बाद यानी 1930 में विज्ञान के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार मिला।इसे पाने वाले वे वैज्ञानिक डॉक्टर सी. वी. रमन इन्हें यह पुरस्कार भौतिक विज्ञान में ‘प्रकाश में प्रकीर्णन’ (SCATTERING) पर अध्ययन के लिए मिला।उनके इस शोध को ‘रमन इफेक्ट’ कहते हैं।इनका जन्म 1888 में और मृत्यु 1970 में हुई।
  • (3.)हर गोविंद खुराना (Hargovind Singh Khurana):
    खुराना जी का जन्म 1922 में रायपुर पंजाब में हुआ था।देश स्वतंत्र होने के बाद यह सम्मान पाने वाले ये पहले भारतीय हैं।मेडिसिन यानी औषधि के क्षेत्र में ‘ जीन के प्रयोगशाला संश्लेषण’ के लिए सम्मान प्राप्त हुआ।खुराना अब अमेरिकी नागरिक हैं।यह अवार्ड 1968 में मिला।
  • (4.)मदर टेरेसा (Mother Teresa):
  • मदर टेरेसा मूलतः यूगोस्लाविया की रहने वाली मदर टेरेसा ने 1948 में भारतीय नागरिकता ग्रहण की।शांति की देवी के रूप में विख्यात मदर टेरेसा ने अपना पूरा जीवन दीन-दुखियों की सेवा के लिए अर्पित कर दिया।इन्हें 1979 में शांति के लिए यह सम्मान मिला।असहाय लोगों के प्रति इनके असीम ममत्व को देखते हुए इन्हें बाद में मदर टेरेसा के नाम से पुकारा जाने लगा।
  • (5.)सुब्रमण्यम चंद्रशेखर (Subrahnanya Chandrasekhar):
    एस.चंद्रशेखर का जन्म 1910 में लाहौर में हुआ था तथा शिक्षा प्रेसीडेंसी कॉलेज,मद्रास में प्राप्त की।वे अब अमरिकी नागरिक हैं।
  • सी. वी. रमन उनके चाचा थे।उन्हें 1983 में भौतिकी के क्षेत्र में ‘चंद्रशेखर लिमिट’ के लिए नोबेल पुरस्कार मिला। यह लिमिट निर्धारित करता है कि किसी तारे के जीवित रहने के लिए कम से कम उसका कितना द्रव्यमान होना चाहिए।
  • (6.)अमृत्य सेन (Amritya Sen):
    इनका जन्म 3 नवंबर,1933 को बंगाल राज्य में हुआ था।अर्थशास्त्र के लिए वर्ष 1998 के नोबेल पुरस्कार विजेता प्रो. अमर्त्य सेन का अनुसंधान मुख्यतः इस बिन्दु पर केन्द्रित रहा है कि किस तरह प्रतिबद्ध सरकारी नीतियों का इस्तेमाल करके गरीबी,बेरोजगारी एवं भुखमरी से पीड़ित विकासशील देशों की तकलीफें कम की जा सकती है।उनका जोर सुसमानता,स्वतन्त्रता,बेरोजगारी,परिवार में स्त्रियों का अधिकार आदि सामाजिक सरोकार वाले,आर्थिक विषयों पर रहा है।
  • सेन ने दुनिया के अर्थकारों को यह बताकर झकझोर दिया कि अकाल,भुखमरी,कुपोषण की वजहें प्राकृतिक नहीं हैं।ये सब आधुनिक अर्थशास्त्र की साजिश है और इनके लिए कृषि या उत्पादन को कोसना गलत है।

7.दादा साहेब फाल्के पुरस्कार प्राप्त करने वाले व्यक्ति (Recipients of Dadasaheb Phalke Award):

  • (1.)1969 देविका रानी (अभिनेत्री-प्रोड्यूसर)
  • (2.)1970 वीरेन्द्रनाथ सरकार (प्रोड्यूसर)
  • (3.)1971 पृथ्वीराज कपूर (मरणोपरांत) (अभिनेता,निर्देशक एवं प्रोड्यूसर)
  • (4.)1972 पंकज मलिक (अभिनेता-गायक,निर्देशक)
  • (5.)1973 सुलोचना रूबी मायर (अभिनेत्री)
  • (6.)बी.एन.रेड्डी प्रोड्यूसर (निर्देशक)
  • (7.)धीरेन गांगुली (अभिनेता,प्रोड्यूसर एवं निर्देशक)
  • (8.)1976 कानन देवी (अभिनेत्री,गायिका एवं प्रोड्यूसर)
  • (9.)1977 नितिन बोस (फोटोग्राफर,निर्देशक एवं प्रोड्यूसर)
  • (10.)1978 रायचन्द्र बोराल (संगीतकार)
  • (11.)1979 सोहराब मोदी (अभिनेता,प्रोड्यूसर एवं निर्देशक)
  • (12.)1980 पी. जयराज (अभिनेता,निर्देशक,प्रोड्यूसर)
  • (13.)1981 नौशाद अली (संगीतकार)
  • (14.)1982 एल. वी. प्रसाद (अभिनेता,प्रोड्यूसर एवं निर्देशक)
  • (15.)1983 दुर्गा खोटे (अभिनेत्री)
  • (16.)1984 सत्यजीत राय (प्रोड्यूसर-निर्देशक)
  • (17.)1985 वी. शान्ताराम (अभिनेता-प्रोड्यूसर-निर्देशक)
  • (18.)1986 बी. नागि रेड्डी (प्रोड्यूसर)
  • (19.)1987 राजकपूर (अभिनेता-प्रोड्यूसर-निर्देशक)
  • (20.)1988 अशोक कुमार (अभिनेता)
  • (21.)1989 लता मंगेशकर (गायिका-प्रोड्यूसर)
  • (22.)1990 आक्लिनेनि नागेश्वर राव (अभिनेता-प्रोड्यूसर)
  • (23.)1991 भालजी पेंडारकर (प्रोड्यूसर-निर्देशक)
  • (24.)1992 भूपेन हजारिका (प्रोड्यूसर-निर्देशक)
  • (25.)1993 मजरूह सुल्तानपुरी (कवि-गीतकार)
  • (26.)1994 दिलीप कुमार (अभिनेता)
  • (27.)1995 डाॅक्टर राजकुमार (अभिनेता-प्रोड्यूसर-गायक)
  • (28.)1996 शिवाजी गणेशन (अभिनेता-प्रोड्यूसर-निर्देशक)
  • (29.)1997 कवि प्रदीप (कवि,गीतकार)
  • (30.)1998 बी आर चौपड़ा
  • (31.)1999 हरिशिकेश मुखर्जी
  • (32.)2000 आशा भोंसले
  • (33.)2001 यश चौपड़ा
  • (34.)2002 देवानंद
  • (35.)2003 मृणाल सेन
  • (36.)2004 अदूर गोपाला कृष्णन
  • (37.)2005 श्याम बेनेगल
  • (38.)2006 तपन सिन्हा
  • (39.)2007 मन्ना डे
  • (40.)2008 वी. के. मूर्ति
  • (41.)2010 डी. रामानायडू
  • (42.)2011 सौमित्र चटर्जी
  • (43.)2012 प्राण
  • (44.)2014 गुलजार
  • (45.)2015 शशि कपूर
  • (46.)2016 के. विश्वनाथ
  • (47.)2016 मनोज कुमार
  • (48.)2017 विनोद खन्ना
  • (49.)2019 रजनीकांत
  • (50.)2020 आशा पारीख
  • (51.)2021 वहीदा रहमान
  • (52.)2024 मिथुन चक्रवर्ती
  • (53.)2025 मोहनलाल

8.भारतरत्न अब तक प्राप्त करने वाले व्यक्ति (Recipients of Bharat Ratna so far):

  • (1.)1954 डाॅक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन,चक्रवर्ती राजगोपालाचारी (मरणोपरांत),डाॅक्टर चन्द्रशेखर वेंकट रमन (मरणोपरांत)
  • (2.)1955 डाॅक्टर भगवान दास (मरणोपरांत),डाॅक्टर मोक्षगुड्म विश्वेश्वरैया (मरणोपरांत),पंडित जवाहरलाल नेहरू
  • (3.)1957 पंडित गोविन्द वल्लभ पंत (मरणोपरांत)
  • (4.)1958 डाॅक्टर धोरो केशव कर्वे (मरणोपरांत)
  • (5.)1961 राजर्षि पुरुषोत्तमदास टण्डन (मरणोपरांत),डाॅक्टर विधानचन्द्र राय (मरणोपरांत)
  • (6.)डाॅक्टर राजेन्द्र प्रसाद (मरणोपरांत)
  • (8.)1963 डाॅक्टर जाकिर हुसैन (मरणोपरांत),डाॅक्टर पाण्डुरंग वामन काणे (मरणोपरांत)
  • (9.)1966 लालबहादुर शास्त्री (मरणोपरांत)
  • (10.)1971 इन्दिरा गांधी
  • (11.)1975 वराह वेंकट गिरि
  • (12.)1976 कुमार स्वामी कामराज (मरणोपरांत)
  • (13.)1980 मदर टेरेसा
  • (14.)1983 आचार्य विनोबा भावे (मरणोपरांत)
  • (15.)1987 खान अब्दुल गफ्फार खान
  • (16.)1988 मखदुर गोपालन रामचन्द्रन (मरणोपरांत)
  • (17.)1990 डाॅक्टर भीमराव अम्बेडकर (मरणोपरांत),नेल्सन मंडेला
  • (18.)1991 राजीव गांधी (मरणोपरांत),सरदार वल्लभ भाई पटेल (मरणोपरांत),मोरारजी देसाई
  • (19.)1992 जे.आर.डी. टाटा,मौलाना अबुल कलाम आजाद (मरणोपरांत),सत्यजीत राय
  • (20.)1997 अरुणा आसफ अली (मरणोपरांत),गुलजारी लाल नन्दा,ए. पी. जे. अब्दुल कलाम
  • (21.)1998 एम एस सुब्बालक्ष्मी,सी. सुब्रमण्यम,जय प्रकाश नारायण (मरणोपरांत)
  • (22.)1999 प्रो. अमृर्त्य सेन,पंडित रविशंकर व गोपीनाथ बारदोलोई (मरणोपरांत),जय प्रकाश नारायण
  • (23.)2001 बिस्मिल्लाह खान,लता मंगेशकर
  • (24.)2009 भीमसेन जोशी
  • (25.)2013 सी. एन. राव
  • (26.)2014 पण्डित मदन मोहन मालवीय,सचिन तेंदुलकर
  • (27.)2015 अटल बिहारी वाजपेयी,नानाजी देशमुख
  • (28.)2019 भूपेन हजारिका,प्रणव मुखर्जी,कपूरी ठाकुर
  • (29.)2024 लालकृष्ण आडवाणी,चौधरी चरण सिंह,एम एस स्वामी नाथन,पी वी नरसिंहाराव

9.ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित व्यक्ति (Jnanpith Award Recipient):

  • (1.)1965 जी.शंकर कुरूप (आडा कुजाई (मलयालम))
  • (2.)1966 ताराशंकर बंद्योपाध्याय (गण देवता (बंगला))
  • (3.)1967 के.वी.पुटप्पा व उमाशंकर जोशी (रामायण दर्शनम (कन्नड़),निशीथ (गुजरात))
  • (4.)1968 सुमित्रानंदन पंत (चिदम्बरा (हिन्दी))
  • (5.)1969 फिराक गोरखपुरी (गुल-ए-नगमा)
  • (6.)1970 विश्वनाथ सत्यनारायण (श्रीमद् रामायण कल्पवृक्षम (तेलुगू) )
  • (7.)1971 विष्णु डे (स्मृति सत्ता भविष्यत (बंगला))
  • (8.)1972 रामधारी सिंह दिनकर (उर्वशी (हिन्दी))
  • (9.)1973 गोपीनाथ मोहन्ती और डी. आर. बेन्द्रे (माली मटाल (उड़िया),चार तार (कन्नड))
  • (10.)1974 विष्णु सखा खाण्डेकर (ययाति (मराठी))
  • (11.)1975 ए. वी. अकिलन्दम (चित्तपावन (तमिल))
  • (12.)1976 श्रीमती आशापूर्णा देवी (प्रथम प्रतिश्रुति (बंगला))
  • (13.)1977 डाॅक्टर के. शिवराम कारन्थ (मूकज्जिया कनसुगुल (कन्नड़))
  • (14.)1978 डाॅक्टर सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन अज्ञेय (कितनी नावों में कितनी बार (हिन्दी))
  • (15.)1979 डाॅक्टर वीरेन्द्र कुमार भट्टाचार्य (मृत्युंजय (असमिया))
  • (16.)1980 एस. के. पोट्टेकट (ओरू देसातिने कथा (मलयालम))
  • (17.)1981 अमृता प्रीतम (कागज ते केनवास (पंजाबी))
  • (18.)1982 महादेवी वर्मा (यामा (हिन्दी))
  • (19.)1983 मस्ति वेंकटेश आयंगर (चिकवीर राजेन्द्र (तेलुगू))
  • (20.)1984 तक्षी शिवशंकर पिल्लई (कायर (मलयालम))
  • (21.)1985 पन्नालाल पटेल (मानवीनी भवाई (गुजराती))
  • (22.)1986 सच्चिदानन्द राउतराय (उड़िया (कविता))
  • (23.)1987 विष्णु वामन शिरवाडकर (मराठी (कविता))
  • (24.)1988 डाॅक्टर सी. नारायण रेड्डी (तेलुगू (कविता))
  • (25.)1989 कर्रतुल एन. हैदर (उर्दू उपन्यास)
  • (26.)1990 विनायक कृष्ण गोकाक (कन्नड़ साहित्य)
  • (27.)1991 सुभाष मुखोपाध्याय (बंगला-साहित्य)
  • (28.)1992 नरेश मेहता (हिन्दी-साहित्य)
  • (29.)1993 डाॅक्टर सीताकान्त महापात्र (उड़िया-साहित्य)
  • (30.)1994 प्रोफेसर यू. आर. राव (कन्नड़-साहित्य)
  • (31.)1995 एन. टी. वासुदेवन नायर (मलयालम-साहित्य)
  • (32.)1996 श्रीमती महास्वेता देवी (बंगला साहित्य)
  • (33.)1997 अली सरदार जाफरी (उर्दू-साहित्य)
  • (34.)1998 गिरीश कर्नाड (कन्नड़-साहित्य)
  • (35.)1999 निर्मल वर्मा,गुरुदयाल सिंह
  • (36.)2000 मोमानी रायसम गोस्वामी
  • (37.)2001 राजेन्द्र साह
  • (38.)2002 जयक उंथान
  • (38.)2003 विंडा क्रान्डीकर
  • (39.)2004 रहमान राही
  • (40.)2005 कुँवर नारायण
  • (41.)2006 सत्यव्रत शास्त्री,रवीन्द्र केलकर
  • (42.)2007 ओएनवी कुरुप
  • (43.)2008 अख्लाग मोहम्मद खान
  • (44.)2009 अमरकान्त,श्रीलाल शुक्ला
  • (45.)2010  चन्द्रशेखर काम्बरा
  • (46.)2011 प्रतिभा राय
  • (47.)2012 रावरी भारद्वाज
  • (48.)2013 केदारनाथ सिंह
  • (49.)2014 भाल चन्द्र नेमाडे
  • (50.)2016 रघुवीर चौधरी
  • (51.)2017 कृष्णा सोबती
  • (52.)2018 अमिता घोष (अँग्रेजी)
  • (53.)2019 अक्कितम अच्युतन नम्बथिरी
  • (54.)2020 नीलमणि फूकन (असमिया)
  • (55.)2021 दामोदर मोजो (कोंकणी)
  • (56.)2023 जगद्गुरु रामभद्राचार्य और गुलजार (संस्कृत और उर्दू)
  • (57.)2024 विनोद कुमार शुक्ल (हिन्दी)

10.मैग्सेसे पुरस्कार प्राप्त करने वाले भारतीय (Indian recipients of Magsaysay Award):

  • (1.)1958 आचार्य विनोबा भावे (सामुदायिक नेतृत्व)
  • (2.)1959 सी. डी. देशमुख (शासकीय सेवा)
  • (3.)1961 अभिताभ चौधरी (साहित्य,संचार एवं कला)
  • (4.)1962 मदर टेरेसा (अन्तर्राष्ट्रीय समझ)
  • (5.)1963 वर्गीज कुरियन (सामुदायिक नेतृत्व)
  • (6.)1963 टी. के. पटेल (सामुदायिक सेवा)
  • (7.)1963 दारा एन. खुरोदी (सामुदायिक सेवा)
  • (8.)1965 जयप्रकाश नारायण (जनसेवा)
  • (9.)1966 कमला देवी चट्टोपाध्याय (सामुदायिक सेवा)
  • (10.)1967 सत्यजीत रे (कला,संचार)
  • (11.)1971 एम. एस. स्वामीनाथन (सामुदायिक सेवा)
  • (12.)1974 एम. एस. सुब्बालक्ष्मी (जनसेवा)
  • (13.)1975 बी. जी. वर्गीज (पत्रकारिता)
  • (14.)1977 इला आर भट्ट (सामुदायिक सेवा)
  • (15.)1979 रजनी कान्त (सामुदायिक सेवा)
  • (16.)1979 मालेबो आर. अरोले (सामुदायिक सेवा)
  • (17.)1981 गोर किशोर घोष (साहित्य,कला,संचार)
  • (18.)1982 अरुण शौरी (संचार पत्रकारिता)
  • (19.)1982 मणिभाई देसाई (जनसेवा)
  • (20.)1984 आर. के. लक्ष्मण (पत्रकारिता संचार)
  • (21.)1985 मुरलीधर देवदास आमटे (जनसेवा)
  • (22.)1989 एल. सी. जैन (जनसेवा)
  • (23.)1991 सेकी सुब्बाना (कला,साहित्य,संचार)
  • (24.)1992 पंडित रविशंकर (कला)
  • (25.)1993 डाॅक्टर बानू कोयाजी (जनसेवा)
  • (26.)1994 किरण बेदी (शासकीय सेवा)
  • (27.)1996 टी. एन. शेषन (शासकीय सेवा)
  • (28.)1996 पांडुरंग शास्त्री आठवले (सामुदायिक सेवा)
  • (29.)1997 महाश्वेता देवी (पत्रकारिता,साहित्य,रचनात्मक संवाद)
  • (30.)1997 महेशचन्द्र मेहता (सार्वजनिक सेवा)

11.नोबेल पुरस्कार महत्त्वपूर्ण तथ्य (Nobel Prize Important Facts):

  • (1.)सर्वप्रथम नोबेल पुरस्कार वर्ष 1901 में भौतिकी,रसायन,चिकित्सा,साहित्य तथा शांति के लिए दिए गए।बाद में 1969 से अर्थशास्त्र के क्षेत्र में भी नोबेल पुरस्कार दिया जाने लगा।
  • (2.)सर्वाधिक नोबेल पुरस्कार संयुक्त राज्य अमेरिका के नागरिकों द्वारा प्राप्त किए गए हैं।
  • (3.)सन् 1915 में विलियम लॉरेंस ब्रेक ने अपने पिता सर हैनरी ब्रेग के साथ भौतिकी के क्षेत्र में 25 वर्ष की आयु में प्राप्त कर अल्पतम आयु के नोबेल पुरस्कार विजेता होने का गौरव प्राप्त किया।
  • (4.)संयुक्त राज्य अमेरिका के फ्रांसिस पेन्टन रास ने चार्ल्स हार्गन्स के साथ 1966 में चिकित्सा क्षेत्र में सर्वाधिक आयु (87 वर्ष) में नोबेल पुरस्कार प्राप्त किया।
  • (5.)मैडम क्यूरी एकमात्र ऐसी महिला है जिन्होंने दो बार नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने का गौरव प्राप्त किया।1911 में अकेले तथा 1935 में अपनी पुत्री आई क्यूरी के साथ उन्हें दोबारा नोबेल पुरस्कार मिला।
  • (6.)प्रथम नोबेल पुरस्कार विजेताःभौतिकी-डब्ल्यू के. रोनट्गेन (जर्मनी),रसायन-जे. एच. वांट हाफ (हॉलैंड),चिकित्सा-ई. ए. वान बेहरिंग (जर्मनी),साहित्य- रेने सुली प्रूथों (फ्रांस),शांति-जीन. एच. डुनाण्ट (स्विट्जरलैंड),फ्रेडरिक पैसी (फ्रांस),अर्थशास्त्र-रांगर फ्रिश (नार्वे),जैन टिन बर्जेन (हॉलैंड)।
  • (7.)सबसे अधिक नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाला पुरुष डॉक्टर लाइनस सी. पोलिंग का नाम आता है। उन्होंने 1954 में रसायन विज्ञान में तथा 1962 में शांति के लिए नोबेल पुरस्कार अकेले ही प्राप्त किया।हिस्सेदारी में दो बार नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने का सम्मान जाॅन बार्डीन को 1956 व 1972 में भौतिकी के क्षेत्र में तथा फ्रेडरिक सैंगर को 1958 व 1980 में रसायन विज्ञान के क्षेत्र में मिला है।
  • (8.)साहित्य के क्षेत्र में सबसे कम उम्र में इस पुरस्कार को प्राप्त करने का गौरव 1907 में रूडयार्ड किपलिंग को 41 वर्ष की अवस्था में मिला था।शांति के क्षेत्र में सबसे कम उम्र में पुरस्कार को प्राप्त करने का गौरव 1968 में मार्टिन लूथर किंग को 35 वर्ष की अवस्था में मिला था।
  • (9.)नोबेल पुरस्कार को अस्वीकार करने वाले पहले व्यक्ति थे जर्मनी के आर. कुन,जिन्हें 1938 में रसायन विज्ञान के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।सन् 1939 में जर्मनी के ही एडोल्फ एफ. जे. ब्रुटनैण्ड तथा जी. डोमार्क ने क्रमशः रसायन विज्ञान तथा चिकित्सा के क्षेत्र का पुरस्कार प्राप्त करने से इनकार कर दिया।सन् 1964 का साहित्य के नोबेल पुरस्कार को जाॅन पाल सर्त्रे (फ्रांस) तथा 1973 में शांति के नोबेल पुरस्कार को ले डक थो (वियतनाम) ने अस्वीकार कर दिया।
  • (10.)नोबेल पुरस्कार के किसी एक क्षेत्र में तीन से अधिक व्यक्ति संयुक्त विजेता नहीं हो सकते।
  • (11.)प्रत्येक नोबेल पुरस्कार विजेता को पुरस्कार मिलने के 6 माह के भीतर अपने कार्य पर पब्लिक लेक्चर देना अनिवार्य है।
  • (12.)नोबेल पुरस्कार हर वर्ष प्रदान करने का प्रावधान है।कई बार यह पुरस्कार प्रदान नहीं किया गया।नोबेल पुरस्कार न प्रदान करने में इस प्रकार का व्यवधान 5 वर्ष से अधिक नहीं होता है।
  • (13.)नोबेल पुरस्कारों में शांति पुरस्कार प्रदान करने वाला देश नार्वे है।इस पुरस्कार का चयन नार्वे की संसद ‘स्टार्टिंग’ के पांच निर्वाचित प्रतिनिधि करते हैं।
  • (14.)शांति के नोबेल पुरस्कार को नार्वे के ओस्लो विश्वविद्यालय के असेंबली हाल में तथा अन्य नोबेल पुरस्कारों को स्टॉकहोम (स्वीडन) के कन्सर्ट हाल में वितरित किया जाता है।
  • (15.)वर्ष 1923 में सबसे कम धनराशि 6620 डॉलर पुरस्कार विजेता को प्रदान की गई।
  • (16.)नोबेल पुरस्कार से सम्मानित होने वाले पहले गैर-यूरोपीय व्यक्ति रवीन्द्र नाथ टैगोर थे।
  • (17.)नोबेल पुरस्कार से सम्मानित होने वाला प्रथम राष्ट्राध्यक्ष संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट (1906) थे।
  • (18.)अब तक के नोबेल पुरस्कार के इतिहास में अब तक एक ही परिवार के चार सदस्य जो नोबेल पुरस्कार का सम्मान पाया,वे हैं-मैडम क्यूरी के निकट संबंधियों में मैडम क्यूरी (1903 व 1911,क्रमशः भौतिकी व रसायन में) उनके पति पियरे क्यूरी (1903 में भौतिकी),पुत्री आयरिन जोलिए क्यूरी (1935 में रसायन) और दामाद फ्रेडरिक जोलियो (1935 में रसायन) को यह सम्मान प्राप्त है।

12.भारत की प्रथम महिलाएं (First ladies of India):

  • (1.)कालिदास सम्मान पाने वाली प्रथम महिला-डॉक्टर पदमा सुब्रह्मण्यम
  • (2.)लता मंगेशकर पुरस्कार पाने वाली प्रथम महिला:आशा भोंसले
  • (3.)इकबाल सम्मान पाने वाली प्रथम महिलाःकुर्रतुल एन. हैदर
  • (5.)कोणार्क सम्मान पाने वाली पहली महिलाःएम.एस. सुब्बुलक्ष्मी
  • (6.)के.के.बिरला खेल पुरस्कार पाने वाली प्रथम महिलाःभुवनेश्वरी कुमारी
  • (7.)सरस्वती सम्मान पाने वाली प्रथम महिलाःएन. बालमणि अम्मा
  • (8.)साहित्य अकादमी का फेलोशिप पाने वाली प्रथम महिलाःमहादेवी वर्मा
  • (9.)एशिया की पहली महिला जिसे विलियम फुलब्राइट पुरस्कार मिलाःकोरजोन एक्विनो
  • (10.)पदम श्री पुरस्कार पाने वाली पहली महिला कलाकार:नरगिस दत्त
  • (11.)पाकिस्तान का सर्वोच्च मानवता पुरस्कार निशान-ए-इंसानियत पाने वाली प्रथम भारतीय महिलाःनीरज मिश्रा
  • (12.)जवाहरलाल नेहरू पुरस्कार पाने वाली प्रथम महिलाःमदर टेरेसा
  • (13.)राष्ट्रीय एकता के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार पाने वाली प्रथम महिलाःअरुणा आसफ अली
  • (14.)अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाली पहली महिलाःनरगिस
  • (15.)लेनिन पुरस्कार पाने वाली प्रथम महिलाःअरुणा आसफ अली
  • (16.)साइमन वोलिवर पुरस्कार पाने वाली प्रथम महिलाःआंग सान सू क्यी (म्यांमार)
  • (17.)सर्वाधिक बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार पाने वाली महिलाःशबाना आजमी
  • (18.)बोरलाग पुरस्कार से सम्मानित प्रथम महिला:डॉक्टर अमृता पटेल
  • उपर्युक्त आर्टिकल में पदक एवं पुरस्कारों के बारे में जानने की 13 टिप्स (13 Tips to Know About Medals and Prize), भारत एवं विश्व के महत्त्वपूर्ण पदक एवं पुरस्कार (Important Medals and Awards of India and World) के बारे में बताया गया है।

Also Read This Article:भारत में भ्रष्टाचार को कैसे रोके?

13.एक आप हैं पुरस्कार विजेता (हास्य-व्यंग्य) (You Are An Award Winner) (Humour-Satire):

  • एक आप हैं जो इतने टेलेंटेड हैं।एक आप हैं जो ऐबल प्राइज विनर हैं।एक आप हैं जो गणित का कोई भी सवाल हल कर देते हैं।एक आप हैं प्राइज पर प्राइज जीत रहे हैं।और एक हम हैं जो लम्बी-लम्बी हाँकते जा रहे हैं।

14.पदक एवं पुरस्कारों के बारे में जानने की 13 टिप्स (Frequently Asked Questions Related to 13 Tips to Know About Medals and Prize), भारत एवं विश्व के महत्त्वपूर्ण पदक एवं पुरस्कार (Important Medals and Awards of India and World) से सम्बन्धित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.विशेष आस्कर पुरस्कार से सम्मानित व्यक्तित्व कौन हैं? (Who are the special Oscar recipients?):

उत्तर:(1.)ग्रेटा गार्बो (1955) (2.)केरी ग्रान्ट (1955) (3.)चार्ली चैप्लिन (1969) (4.)जेम्स स्टुआर्ट (1984) (5.)अकीरा कोरोसोवा (1989) (6.)सत्यजीत राय (1992)

प्रश्न:2.विभिन्न राष्ट्रों के प्रमुख सम्मान के नाम बताइए। (Name the major honours of different nations):

उत्तर:(1.)भारत-भारतरत्न (2.)संयुक्त राज्य अमेरिका-प्रेसिडेंसिल मेडल ऑफ फ्रीडम,द लेंजा ऑफ मेरिट, (3.)यूनाइटेड किंगडमःमेम्बर ऑफ ब्रिटिश एम्पायर,विक्टोरिया क्रास (4.)फ्रांस-लेजा ऑफ आनर (5.)पाकिस्तान-निशान-ए-पाकिस्तान (6.)वियतनाम-दि ऑर्डर ऑफ द गोल्डन स्टार (7.)जापान-ऑर्डर ऑफ मौलोवनियासन (8.)जर्मनी-पोर ली पेरिट आयरन क्रास

प्रश्न:3.उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के पुरस्कारों के नाम बताइए। (Name the awards of Uttar Pradesh Hindi Sansthan):

उत्तर:(1.)भारत भारती (2.)लोहिया सम्मान (3.)साहित्य भूषण (4.)विद्या भूषण (5.)लोक भूषण (6.)कला भूषण (7.)पत्रकारिता भूषण (8.)विज्ञान भूषण (9.)प्रवासी भारतीय हिन्दी भूषण

  • उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा पदक एवं पुरस्कारों के बारे में जानने की 13 टिप्स (13 Tips to Know About Medals and Prize), भारत एवं विश्व के महत्त्वपूर्ण पदक एवं पुरस्कार (Important Medals and Awards of India and World) के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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