Menu

Interesting Facts of 9

1.9 के रोचक तथ्य (Interesting Facts of 9),मनोरंजक संख्या नौ (Entertaining Number Nine):

  • 9 के रोचक तथ्य (Interesting Facts of 9) का गणित शास्त्र व अंक विद्या (Numeroly) में अद्भुत महत्त्व है।सभी अंकों 0,1,2,3,4,5,6,7,8,9 का योग 0+1+2+3+4+5+6+7+8+9=45=4+5=9 नौ होता है।गणित शास्त्र में संख्याओं की गणना इकाई,दहाई,सैकड़ा,हजार,दस हजार,लाख,दस लाख,करोड़,दस करोड़,अरब,दस अरब,खरब,दस खरब,नील,दस नील,पदम्,दस पदम्,शंख इत्यादि के वर्ग समूह अट्ठारह है जिनका योग (1+8=9) 9 है।
  • निर्देशांक ज्यामिति में चारों चतुर्थांशों 90 डिग्री,180 डिग्री,270 डिग्री,360 डिग्री में बांटा गया है जिनमें प्रत्येक का योग (9+0=9,1+8+0=9,2+7+0=9,3+6+0=9) नौ ही आता है।
  • 9 का पहाड़ा लिखो तो भी सभी का योग नौ है 9,18,27,36,45,54,63,72,90 (9,1+8=9,2+7=9,3+6=9,4+5=9,5+4=9,6+3=9,7+2=9,8+1=9,9+0=9) इत्यादि।
  • नौ को किसी संख्या से गुणा करो तो उस संख्या के अंकों का योग 9 ही आएगा जैसे 6739×9=60651,6+0+6+5+1=18=1+8=9।
  • {9^9}^9 एक मनोरंजक संख्या कहलाती है क्योंकि यह 3 अंकों में अभिव्यक्त सबसे बड़ी संख्या है।यह 9 की घात 9 की नौ घात है।अभी तक कोई भी इसका मान ज्ञात नहीं कर सका है।इसके मान की गणना में 3690 लाख अंक होना बताया है।इसका मान ज्ञात करने में कम से कम एक वर्ष लग जाएगा।इसको लिखने के लिए 1164 मील लंबे कागज की आवश्यकता होगी।
  • कक्षा प्रथम से परास्नातक तक शिक्षा ग्रहण करने में 18 वर्ष का समय व्यतीत होता है।प्रथम कक्षा (2 वर्ष),द्वितीय,तृतीय अर्थात् प्रथम से पांचवी कक्षा तक 6 वर्ष,कक्षा 6 से 12 तक 7 वर्ष,स्नातक में 3 वर्ष,परास्नातक में 2 वर्ष इस प्रकार शिक्षा अर्जित करने के लिए कक्षा के वर्गों का योग 18 होता है तथा अट्ठारह (1+8=9) का योग 9 होता है।
    किसी संख्या जिनके अंको का योग 9 हो तो उनके गुणनफल,जोड़ने अथवा घटाने पर शेषफल भी अंकों का योग 9 ही आता है।उदाहरणार्थ 549-459=90,9+0=9
    549+459=1008,1+0+0+8=9
    549×459=251991, 2+5+1+9+9+1=27,2+7=9
  • नौ के किसी भी गुणज को किसी भी संख्या से गुणा करने पर अंकों का योग 9 ही आता है।
    123456789×9=1111111101,1+1+1+1+1+1+1+1+0+1=9
    123456789×18=2222222202,2+2+2+2+2+2+2+2+0+2=18,1+8=9
    123456789×27=3333333303,3+3+3+3+3+3+3+3+0+3=27,2+9=9
    123456789×36=4444444404,4+4+4+4+4+4+4+4+0+4=36,3+6=9
    123456789×45=5555555505,5+5+5+5+5+5+5+5+0+5=45,4+5=9
    123456789×63=7777777707,7+7+7+7+7+7+7+7+0+7=63,6+3=9
    123456789×72=8888888808,8+8+8+8+8+8+8+8+0+8=72,7+2=9
    123456789×81=9999999909,9+9+9+9+9+9+9+9+0+9=81,8+1=9
  • दीपावली पर महालक्ष्मी पूजन के समय सभी अपने प्रतिष्ठानों,ऑफिस,घर,कारखानों में माया वर्ग का प्रयोग करते हैं।इसे शुभ माना जाता है।इसे प्रतिष्ठानों,ऑफिस,घर,दुकान व कारखानों में इसलिए अंकित किया जाता है क्योंकि इसे श्री अर्थात् लक्ष्मी की वृद्धि होती है ऐसा माना जाता है। माया वर्ग को अंग्रेजी में मैजिक स्क्वायर (Magic Square) कहा जाता है।इस माया वर्ग में कुल 9 वर्ग छोटे हैं तथा इसमें 1 से लेकर 9 तक के अंको का प्रयोग किया जाता है।इसमें कोई अंक छूटा नहीं है तथा किसी भी अंक की पुनरावृत्ति नहीं हुई है।इस माया वर्ग का चमत्कार देखें कि इसके सभी अंकों का योग 9 ही आता है।
    कुल अंकों का योग=1+2+3+4+5+6+7+8+9=45,4+5=9
    816
    357
    492
  • संख्या 9 का हिंदू धर्म में आध्यात्मिक महत्त्व भी है। हिंदू धर्म में परमात्मा को ब्रह्म से संबोधित किया जाता है।वर्णमाला के अनुसार ब्रह्म ब+र+ह+म इन चार वर्णो से बना है।इन चारों वर्णों ब=23,र=27,ह=33,म=25 का योग देखिए।23+27+33+25=108,1+0+8=9 इनका अंतिम योग भी 9 ही आता है।माला में 108 मनिये होती है उनका योग 108,1+0+8=9 ही होता है।वैदिक साहित्य में चारों युग की काल गणना निम्न प्रकार की गई है:
    सतयुग के वर्ष:1728000,1+7+2+8+0+0+0=18,1+8=9
    त्रैतायुग के वर्ष:1296000,1+2+9+6+0+0+0=18,1+8=9
    द्वापरयुग के वर्ष:864000,8+6+4+0+0+0=18,1+8=9
    कलयुग के वर्ष:432000,4+3+2+0+0+0=9
  • आखिर इसका रहस्य केवल संयोग कहकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।इन सबका हमारे व्यावहारिक जीवन व आध्यात्मिक जीवन में महत्त्व है।इन सब तथ्यों पर विचार करके अपने अनुभव के आधार पर इनका लाभ उठाना चाहिए।
  • समूचे ब्रह्मांड में 10 दिशाएं (जिनके नाम और क्रम इस प्रकार हैं:उर्ध्व,ईशान,पूर्व,आग्नेय,दक्षिण, नैऋत्य,पश्चिम,वायव्य,उत्तर और अधो।हिन्दू धर्मानुसार प्रत्येक दिशा का एक देवता नियुक्त किया गया है जिसे ‘दिग्पाल’ कहा गया है अर्थात् दिशाओं के पालनहार)।पांच महाभूत या पंचतत्त्व (पृथ्वी, जल,तेज (अग्नि),वायु,आकाश),7 लोक (पृथ्वी के नीचे के सातों लोगों के नाम हैं क्रमश: अतल, वितल,सुतल,रसातल,तलातल,महातल और पाताल।),नवग्रह (बुध,शुक्र,पृथ्वी,मंगल,बृहस्पति,शनि,यूरेनस,नेप्चून,प्लेटो),9 दुर्गा कुल (मां शैलपुत्री मां दुर्गा का पहला रूप है शैलपुत्री का,मां ब्रह्मचारिणी यह मां दुर्गा का दूसरा रूप है।मां चंद्रघंटा,मां कूष्मांडा,मां स्कंदमाता,मां कात्यायनी,मां कालरात्रि,मां महागौरी इत्यादि) शामिल हैं।ये संख्या में 45 हैं जिनका योग 4+5=9 ही होता है।
  • उपनिषदों की कुल संख्या 108 ((1) ईशावास्योपनिषद्,(2) केनोपनिषद्,(3) कठोपनिषद्,(4) प्रश्नोपनिषद्,(5) मुण्डकोपनिषद्,(6) माण्डूक्योपनिषद्,(7) तैत्तरीयोपनिषद्,(8) ऐतरेयोपनिषद्,(9) छान्दोग्योपनिषद्,(10) बृहदारण्यकोपनिषद्,(11) श्वेताश्वतरोपनिषद्,(12) कौशितकी उपनिषद्,(13) मैत्रायणी उपनिषद् इत्यादि का योग 1+0+8=9 नौ ही होता है।
  • वेद (ऋग्वेद,यजुर्वेद,सामवेद,अथर्ववेद),उपवेद (आयुर्वेद,धनुर्वेद,गंधर्ववेद एवं अर्थशास्त्र),वेदांग (शिक्षा,कल्प,व्याकरण,निरुक्त,छंद और ज्योतिष), दर्शन (सांख्य-योग,न्याय-वैशेषिक,मीमांसा-वेदांत,चार्वाक,जैन,बौद्ध),इतिहास (महाभारत,रामायण),धर्मसूत्र (आपस्तम्ब,हिरण्यकेशी,बोधायन,गौतम,वशिष्ठ),धर्मशास्त्र,पुराण,स्मृतियां को जोड़ें तो इनका योग 9 होता है।
  • अट्ठारह विद्याएं ( चारवेद,छ-वेदांग,चार उपवेद,पुराण,न्याय,मीमांसा और स्मृति) का योग भी नौ होता है।
  • इसी प्रकार वैशेषिक दर्शन के प्रणेता कपिल मुनि है उनके अनुसार सृष्टि को 9 भागों में बांटा गया है।ये हैं:(1.)काल (2.)आकाश (3.)पृथ्वी (4.)जल (5.)वायु (7.)अग्नि (8.)मन (9.)आत्मा
  • पांच ज्ञानेंद्रियां (कान,त्वचा,नेत्र,जीभ,प्राण),पांच कर्मेंद्रियां (मुंह,हाथ,पैर,पायु,उपस्थ),पंचतत्व (आकाश,वायु,तेज,जल,पृथ्वी),मन,बुद्धि,अहंकार कुल 18 (अठ्ठारह) है तथा इनका योग भी नौ ही है।
  • इस प्रकार अंक 9 मनोरंजक तो है ही परंतु इससे हमारे ज्ञान में वृद्धि भी होती है।अंक विद्या में अंक 9 से सहानुभूति रखने वाले अंक 3,6 है।
  • भारत में ज्योतिष के कारण ही गणित का जन्म हुआ और ज्योतिष की गणना के लिए ही सबसे पहले गणित का जन्म हुआ।इसलिए अंकगणित में जो अंक हैं,वे भारतीय है।सारी दुनिया की भाषाओं में एक से लेकर नौ तक जो गणना के अंक हैं,वे जगत् की समस्त भाषाओं में भारतीय हैं।साथ ही दुनिया में जो नौ डिजिट या नौ अंक स्वीकृत हो गये हैं,वे नौ अंक भारत की विश्व को गणित में सबसे बड़ी देन हैं जो अरब कन्ट्रीज के जरिए धीरे-धीरे समस्त विश्व में फैल गए।
    ज्योतिष के दो भाग हैं:गणित और फलित।गणित अर्थात् खगोलविद्या आकाशमण्डल में स्थित ग्रहों की दूरी एवं अवस्था का ज्ञान होता है।पंचांग इसके द्वारा ही बनाया जाता है।बाकी फलित में ग्रहों के आधार पर फलादेश किया जाता है।
  • गणित एक गणनात्मक प्रक्रिया है जिसकी जगह कम्प्यूटर ने ले ली है।यह गणित के लिए नि:सन्देह लाभकारी है क्योंकि कम्प्यूटर मनुष्य से अधिक तेज गति से सही और सूक्ष्म गणित कर लेता है।ज्योतिषशास्त्र का महत्त्वपूर्ण पक्ष है:फलादेश।फलादेश भगवान् की कृपा पर आधारित है।यह कृपा आपके द्वारा की हुई भगवदीय आराधना पर निर्भर है।अगर आप ध्यान से देखें तो कम्प्यूटर से एक ही जन्मतिथि,जन्मसमय और जन्मस्थान में जन्मे जितने जातकों की जितनी भी कुण्डलियाँ निकलेंगी, फलादेश सबमें एक-सा होगा।फलादेश केवल लग्न पर निर्भर नहीं करता-यह ग्रहों की स्थिति,दृष्टियोग,बलों,नक्षत्र आदि पर निर्भर करता है।ग्रह एवं नक्षत्र की भिन्नता से फलादेश अलग-अलग होंगे।अतः कम्प्यूटर द्वारा फलादेश सत्य से परे होता है।
  • हमारे चारों ओर का अध्ययन करेंगे तो अंक 9 के ओर भी ऐसे रहस्य मौजूद मिलेंगे।
    उपर्युक्त विवरण में 9 के रोचक तथ्य (Interesting Facts of 9),मनोरंजक संख्या नौ (Entertaining Number Nine) के बारे में बताया गया है।
  • आपको यह जानकारी रोचक व ज्ञानवर्धक लगे तो अपने मित्रों के साथ इस गणित के आर्टिकल को शेयर करें।यदि आप इस वेबसाइट पर पहली बार आए हैं तो वेबसाइट को फॉलो करें और ईमेल सब्सक्रिप्शन को भी फॉलो करें।जिससे नए आर्टिकल का नोटिफिकेशन आपको मिल सके । यदि आर्टिकल पसन्द आए तो अपने मित्रों के साथ शेयर और लाईक करें जिससे वे भी लाभ उठाए । आपकी कोई समस्या हो या कोई सुझाव देना चाहते हैं तो कमेंट करके बताएं।इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें।

Also Read This Article:Mathematical Riddles

2.9 के रोचक तथ्य (Interesting Facts of 9),मनोरंजक संख्या नौ (Entertaining Number Nine) के सम्बन्ध में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.9 नंबर के बारे में क्या खास है? (What is special about the number 9?):

उत्तर:यह पहला कंपोजिट लकी नंबर (first composite lucky number) है,साथ ही पहले कंपोजिट ऑड नंबर (composite odd number) और केवल सिंगल डिजिट कंपोजिट ऑड नंबर के साथ (only single-digit composite odd number)।9 एकमात्र धनात्मक पूर्ण घात (positive perfect power) है जो मिहाइलस्कु (Mihăilescu’s) के प्रमेय द्वारा एक और सकारात्मक सही शक्ति से अधिक है।9 दशमलव प्रणाली में सबसे बड़ी सिंगल डिजिट नंबर है।

प्रश्न:2.क्यों 9 एक जादुई संख्या है? (Why is 9 a magical number?):

उत्तर:दो धनात्मक पूर्णांकों घटाते हैं तो नई संख्या एक दूसरे के पक्षांतरण कर रहे है  जो नौ की पूर्ण गुणज है।
उदाहरण के लिए, 41-14 = 27. 27 की डिजिटल मूल 2 +7 = 9 है, इसलिए 27 9  की एक गुणज है।

प्रश्न:3.9 एक परिपूर्ण संख्या है? (Is 9 a perfect number?):

उत्तर:परिपूर्ण संख्या,एक धनात्मक पूर्णांक जो इसके उचित डिविडेंड के योग के बराबर है।सबसे छोटी परफेक्ट संख्या 6 है जो 1, 2, और 3 का योग है। अन्य परिपूर्ण संख्या 28,496 और 8128 हैं।

प्रश्न:4.9 नंबर कितना शक्तिशाली है? (How powerful is the number 9?):

उत्तर:नंबर 9 एक शक्तिशाली संख्या है जिसकी ताकत आध्यात्मिक ज्ञान के साथ अपने घनिष्ठ संबंध से आता है। यह विशेष गुणों के साथ सबसे मजबूत संख्या भी है जो इसे किसी अन्य नंबर से गुणा या कम होने पर इसके आकार को पकड़ने की अनुमति देती है।

प्रश्न:5.9 नंबर इतना महत्वपूर्ण क्यों है? (Why number 9 is so important?):

उत्तर:अंतिम अंक के रूप में,नौ नंबर विशेष रैंक रखती है।अंकशास्त्रियों के अनुसार यह सकारात्मक पक्ष पर क्षमा (Forgiveness),करुणा (Compassion) और सफलता (success) के साथ-साथ नकारात्मक पर अहंकार और आत्म-धर्म (self-righteousness) से जुड़ा हुआ है।हालांकि आमतौर पर,अंक विज्ञानियों (numerologists) के पास देखने के लिए एक प्रसिद्ध पूर्ववर्ती होता है।

प्रश्न:6.9 अच्छी संख्या क्यों नहीं है? (Why 9 is not a good number?):

उत्तर:हिंदू धर्म में संख्या नौ ब्रह्मा यानी सृष्टिकर्ता के लिए है।
जापान में नौ नंबर अशुभ माना जा सकता है क्योंकि नौ के लिए उनके शब्द ‘पीड़ा (agony)’ या ‘ यातना (torture)’ के लिए जापानी शब्द की तरह लगता है।अन्य नौ कि अशुभ हीरे के नौ शामिल है (unlucky include the nine of diamonds),जो कहा जाता है “स्कॉटलैंड के अभिशाप (The Curse of Scotland)” शामिल हैं।

प्रश्न:7.9 नंबर क्या प्रतीक है? (What does the number 9 symbolize?):

उत्तर:अंक विज्ञान में,नौ नंबर पूरा करने का प्रतिनिधित्व करता है क्योंकि यह एकल अंकों की संख्या के अंतिम है (जो अंक विज्ञान में कार्डिनल संख्या के रूप में जाना जाता है) और मूल्य में सबसे अधिक।कहा जाता है कि यह प्रतीकात्मक रूप से ज्ञान और अनुभव की परिणति का प्रतिनिधित्व करता है और दोनों अंत और नई शुरुआत की ऊर्जा के साथ buzzes (it symbolically represents a culmination of wisdom and experience, and buzzes with the energy of both endings and new beginnings)।

Also Read This Article:Amazing Life Events of Mathematicians

उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा 9 के रोचक तथ्य (Interesting Facts of 9),मनोरंजक संख्या नौ (Entertaining Number Nine) के बारे में ओर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

Interesting Facts of 9

9 के रोचक तथ्य (Interesting Facts of 9)

Interesting Facts of 9

9 के रोचक तथ्य (Interesting Facts of 9) का गणित शास्त्र व अंक विद्या (Numeroly) में अद्भुत महत्त्व है।सभी अंकों 0,1,2,3,4,5,6,7,8,9 का योग 0+1+2+3+4+5+6+7+8+9=45=4+5=9 नौ होता है।गणित शास्त्र में संख्याओं की गणना इकाई,दहाई,सैकड़ा,हजार,दस हजार,लाख,दस लाख,करोड़,दस करोड़,अरब,दस अरब,खरब,दस खरब,नील,दस नील,पदम्,दस पदम्,शंख इत्यादि के वर्ग समूह अट्ठारह है जिनका योग (1+8=9) 9 है।Interesting Facts of 9

No.Social MediaUrl
1.Facebookclick here
2.you tubeclick here
3.Instagramclick here
4.Linkedinclick here
5.Facebook Pageclick here

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *