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Duniya ke 30 Adbhut Vyakti Jinhe Padh kar Aapko Apni Aakhon Par Yakin Nahi Hoga

1.दुनिया के 30 अद्भुत व्यक्ति जिन्हें पढ़कर आपको अपनी आँखों पर यकीन नहीं होगा (Duniya ke 30 Adbhut Vyakti Jinhe Padh kar Aapko Apni Aakhon Par Yakin Nahi Hoga):

  • दुनिया के 30 अद्भुत व्यक्ति जिन्हें पढ़कर आपको अपनी आँखों पर यकीन नहीं होगा (Duniya ke 30 Adbhut Vyakti Jinhe Padh kar Aapko Apni Aakhon Par Yakin Nahi Hoga) क्योंकि इन्होंने ऐसे कारनामे किए हैं कि हमें आश्चर्य होता है।ये व्यक्ति सामान्य लोगों से अलग हैं।क्योंकि उन्होंने ऐसा किया है जो और किसी ने नहीं किया,विश्व में एकमात्र मिशाल है,विशेष शक्ति है,अनोखी काबिलियत है।दुनिया में ऐसे अनेक अद्भुत व्यक्ति हैं,जिन्होंने अपनी अद्वितीय क्षमताओं,शारीरिक शक्ति या असाधारण प्रतिभा से दुनिया को चौंकाया है।इनमें से कुछ प्रमुख हस्तियाँ निम्नलिखित हैं:

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  • (1.)शेख अब्दुल रजग (Sheikh Abdul Razzaq / Abdul Razzak):
    खाउ (जोर्डन) के इस शेख की यह भविष्यवाणी कि जोर्डन के बादशाह अब्दुल्लाह का कत्ल होगा,1951 में दुखदपूर्ण ढंग से पूर्ण हो गई।इससे शेख को इतना मानसिक आघात लगा कि उसने दीर्घ मौन रखने की प्रतिज्ञा ले ली और वह 13 वर्ष तक एक शब्द भी नहीं बोला।
  • (2.)का प्रिन्स चाओ (Ka Prince Chao):
    चीन का यह सिपहसालार अपने मित्र प्रिन्स त्सिन द्वारा बार-बेरियनों के एक आक्रमण के विरुद्ध सैनिक सहायता देने से इंकार किए जाने पर 7 दिन तथा 7 रातें निरन्तर रोता रहा था।उसकी इस व्यथा से व्यथित होकर जब प्रिंस त्सिन ने अपना विचार बदला और सेना भेजकर देश की रक्षा की,तभी वह शांत हुआ ।
  • (3.)जार्ज ई. चैम्बरलेन (1854-1928) (George Earle Chamberlain):
    इतिहास का एकमात्र लोकतन्त्रवादी था,जो 1909 में अमरीकी सीनेट के लिए एक गणतन्त्रीय विधान मण्डल द्वारा निर्वाचित हुआ था।
  • (4.)कैप्टेन इवान ट्चधु‌लोवस्की (1737-1847) (Capt. Ivan Tchadhu Lovsky):
    इसे एक सैनिक उच्चाधिकारी की प्रेमिका की ओर आकर्षित होने पर निर्वासित जीवन के 52 वर्ष साइबेरिया में गुजारने पड़े।बाद में उसे 105 वर्ष की आयु में क्षमादान करके मेजर बनाया गया ।
  • (5.)सम्राट अकबर (1542-1602) (Emperor Akbar):
  • उच्च पद पर नियुक्ति से पूर्व प्रत्याशी को अपने साथ रात्रि पोलो खेलने को विवश करता था,जिसमें आग उगलती गेंदें प्रयुक्त होती थीं।
  • (6.)अलेक्जेण्डर (Alexander):
  • प्रेग बोहमिया को आज भी इतिहास के कंजूसतम व्यक्तियों में गिना जाता है।वह इतना कंजूस था कि 17 वर्ष तक प्रतिदिन एक अशर्फी निगल कर बचत करता रहा।
  • (7.)ड्यूक चार्ल्स (1643-1690) (Charles V, Duke of Lorraine):
    लाॅरेन का यह विख्यात आस्ट्रियाई सैनिक अधिकारी का एक घुसखोर नौकर द्वारा जहरीली नकली बालों की टोपी (WIG) की सहायता से वध किया गया था।चार्ल्स ऐसे अद्भुत योद्धा और राय थे जिन्होंने हर मुश्किल के बाद भी कभी हार नहीं मानी।उनका दिमाग और युद्धनीति इतनी अद्भुत थी कि उन्होंने बड़े-बड़े साम्राज्यों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था।
  • (8.)सिएटे सेटिएम्बे (Sette Settembre):
    बार्सिलोना (स्पेन) के इस व्यक्ति का अर्थ है-7 सितम्बर,1749 को पैदा हुआ था और 7 सितम्बर, 1801 को ही मरा।उसका पुत्र जिसका नाम भी यही था,7 सितम्बर, 1774 को पैदा हुआ और 7 सितम्बर,1826 को मरा।उसके प्रपौत्र का नाम भी यही रखा गया,जो 7 सितम्बर,1814 को पैदा हुआ और 7 सितम्बर,1862 को मरा।
  • (9.)शाह मुहम्मद रज़ा (Shah Muhammad Reza/Mohammad Reza Pahlavi):
  • ईरान के इस शाह पर एक व्यक्ति ने मात्र 6 फीट की दूरी से तीन बार गोली चलाई,किन्तु उसका बाल बांका भी नहीं हुआ।कारण तीनों गोलियाँ उसके टोप को बेधती हुई बाहर चली गई थीं।
  • (10.)रेवरेण्ड जेरीम सी. बेरी मैन (1810-1906) (Reverend Jerome C. Berryman):
    75 वर्ष तक अर्काडिया (मो.) में निरन्तर मंत्री रहे।
  • (11.)आर्मण्ड ब्रजल (Armand Carrel (or Armand Brazille based on phonetics):
  • फ्रांस के नोनन कोर्ट में 11 जुलाई,1849 को रात्रि 2.10 पर जन्मे इस व्यक्ति की बायीं आंख की पुतली पर डायल का एक प्रतिरूप बना हुआ था,जिसमें घड़ी की सुइयां 2.10 पर थीं।

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  • (12.)फ्रेन्कॉइस ऑगस्टे डी बाऊ (1607-1642) (François-Auguste de Thou):
  • मात्र 10 वर्ष की आयु में पेरिस की रॉयल लाइब्रेरी का सर्वोच्च अधिकारी तथा सम्पूर्ण फ्रांस का प्रमुख पुस्तकालयाध्यक्ष बन गया था।किन्त 25 वर्ष बाद उसे राजद्रोह के कारण फाँसी दे दी गई।
  • (13.)सर जॉर्ज रूके (1650-1709) (Sir George Rooke):
  • छोटी सी घरेलू चोरी के कारण अपने पिता द्वारा एक नौकर के रूप में समुद्र भेज दिया गया,किन्तु बाद में वह नौसेना में भर्ती हो गया और नेवी का एडमिरल बना।उसकी अद्भुत नीति और समुंदरी लड़ाइयों में उनकी बहादुरी के किस्से आज भी मशहूर हैं।उसने नौसेनाध्यक्ष के रूप में जिब्राल्टर जीता।
  • (14.)प्रोफेसर एमोनियस ड्रैमेटिक्स (319-396) (Professor Ammonius Hermiae/ Ammonius Grammaticus):
    अलैक्जैण्ड्रिया विश्वविद्यालय में यूनानी व्याकरण का यह प्रोफेसर एक गधे पर ही बैठकर पढ़ाने जाता था जिसे वह अपने छात्रों के बीच ही कक्षा में बैठा देता था।मजे की बात यह है कि उसका गधा भी अपने स्वामी के व्याख्यान को बड़ी तन्मयता से सुनता था।
  • (15.)कोरेग्गियो (1494-1534) [Correggio ((Antonio Allegri da Correggio)]:
  • विश्व के इस महानतम चित्रकार को जब एक चित्र के लिए 50 पौण्ड ताम्र मुद्राओं से भरा थैला प्रदान किया गया,तो वह उसे अपने घर ले जाते समय इतना थक गया कि उसकी घर पहुँचते-पहुँचते मृत्यु हो गई।
  • (16.)जीन बैप्टिस्ट टैस्टे (1780-1852) (Jean-Baptiste Test):
  • मात्र 13 वर्ष की अल्पायु में ही फ्रांसीसी विद्रोह की उच्चतम वैधानिक संस्था ‘ग्रैण्ड असेम्बली’ के लिए चुन लिए गए।
  • (17.)चार्ल्स सी. वीवर (1875-1946) (Charles C. Weaver):
  • वर्ष 1900 में रदरफोर्ड कॉलिज की प्रबन्ध कमेटी के तब ही अध्यक्ष चुन लिए गए,जब वे उसी वर्ष अपनी शिक्षा पूर्ण कर रहे थे।
  • (18.)एरिकस ऑरिविलियस (1643-1702) (Ericus Aurivillius):
    स्वीडन के अपसला विश्वविद्यालय के कानून के यह प्रोफेसर 18 वर्ष तक प्रतिदिन कक्षा में व्याख्यान देते रहे,किन्तु उनके व्याख्यान को सुनने के लिए कभी एक भी छात्र उपस्थित नहीं हुआ।
  • (19.)फैगोन (Guy-Crescent Fagon):
    रोम के बादशाह ऑरेलियानस के दरबार का एक दरबारी था,जो बादशाह के भरपेट भोजन के आमन्त्रण पर एक ही बार के भोजन में एक पूरा शूकर,एक भेड़,100 पाव रोटियाँ तथा एक पीपा शराब उदरस्थ कर गया।
  • (20.)बादशाह औरिलिएन (212-275) (Emperor Aurelian):
  • रोम के इस बादशाह ने 274 में अपने समस्त कर अभिलेखों को एक डण्डे में बांधकर आम जनता के बीच जलाकर उन्हें कर से मुक्त कर दिया।
  • (21.)विलियम रैने हार्पर (1856-1906) (William Rainey Harper):
  • इन्होंने मात्र 10 वर्ष की आयु में ही ओहियों के मास्किंगम कॉलेज में प्रवेश लिया।बाद में वे एक प्रख्यात शिक्षाविद् बने।उनकी प्रसिद्धि इतनी थी कि जब उन्होंने ‘शिकागो विश्व-विद्यालय’ की स्थापना की,तो 9 कॉलिजों के अध्यक्षों ने उसमें शामिल होने के लिए अपने-अपने पदों से ही त्यागपत्र दे दिए।
  • (22.)काउण्ट वॉन पैपन हेम (1594-1632) (Gottfried Heinrich Graf zu Pappenheim):
  • मात्र 14 वर्ष की आयु में ही जर्मनी के एल्फोर्ड विश्वविद्यालय के प्राचार्य (Rec-tor) बने।तत्पश्चात् वे सेना में भर्ती होकर एक प्रसिद्ध जनरल बने।अपने जीवन के 101 वें युद्ध में वे इतने घायल हुए कि उनके जीवन का अन्त ही हो गया।
  • (23.)मुस्तफा III (1717-1773) (Mustafa III):
  • को उसके अपने ही चाचा सुल्तान उस्मान द्वारा विषपान का आदेश दिया गया।शाही हकीम ने जब मुस्तफा को विष पीने को दिया,तो उसकी मृत्यु की दशा से स्वयं सुल्तान ही इतना भयभीत हो गया कि उसकी तुरंत मृत्यु हो गई।बाद में मुस्तफा सुल्तान की राजगद्दी पर बैठा ।
  • (24.)एण्ड्रीस मुलर (1630-1694) (Andreas Müller):
  • इस प्राच्य संस्कृति के जर्मन छात्र ने यूनानी,लैटिन तथा हिब्रू भाषाओं में मात्र 16 वर्ष की आयु में कविताएँ लिखी थीं,जो साहित्य में अमर हुई ।
  • (25.)रॉबर्ट गिब्सन (1766-1885) (Robert Gibson):
  • मिसौरी ने अमरीका के 22 राष्ट्रपतियों-जॉर्ज वाशिंगटन से लेकर ग्रोवर क्लीवलैण्ड तक के चुनावों में मतदान किया।
  • (26.)तर्रारे (Tarrare):
    अतृप्त भूख (Insatiable Appetite):18वीं सदी का एक ऐसा अद्भुत फ्रांसीसी इंसान जो पूरा का पूरा खरगोश,पत्थर और यहां तक ​​कि भेड़ का बच्चा भी जिंदा खा जाता था,फिर भी उसे भूख लगती रहती थी।  मेडिकल साइंस आज तक इस व्यक्ति की गुत्थी नहीं सुलझा पाई।
  • (27.)मिशेल लोटिटो (महाशय मैंगेटआउट) [Michel Lotito (Monsieur Mangetout)]:
    ये व्यक्ति लोहा और कांच खाता था।इस अदभुत इंसान ने पूरा का पूरा हवाई जहाज (Cessna150 airplane) टुकड़े-टुकड़े करके खा लिया था!
  • (28.)एडवर्ड मोर्ड्रेके (द मैन विद टू फेसेस) ([Edward Mordranke (The Man with Two Faces)]:
    एक ऐसा अदभुत व्यक्तित्व जिसके सिर के पीछे एक और चेहरा था।कहते हैं कि वो चेहरा बोल नहीं सकता था पर जब एडवर्ड रोता था तो वो हंसता था।
  • (29.)फ्राने सेलाक (Frano Selak):
    क्रोएशिया के फ्राने सेलाक भी एक अद्भुत व्यक्ति है।उन्होंने अपनी जिन्दगी में 7 बड़े विमान,ट्रेन और कार हाद‌सों से बाल-बाल बचकर मौत को मात दी।इसके बाद,2002 में उन्होंने पहली बार लॉटरी का टिकट खरीदा और लगभुत 6 लाख डॉलर (करीब 5 करोड़ रुपये) जीते।
    1962 (ट्रेन हादसा ):एक ट्रेन पटरी से उतरकर बर्फीली नदी में गिर गई थी,जिसमें कई लोगों की जान गई लेकिन फ्राने तैर कर सुरक्षित बाहर निकल आए।
    1963 (विमान हादसा):एक विमान का दरवाजा हवा में खुल गया था,जिससे वह गिर गए और हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई।वे मलबे से सुरक्षित बच गए।
    1966 (बस हादसा):जिस बस में वे यात्रा कर रहे थे,वह फिसलकर नदी में गिर गई,लेकिन उन्हें केवल मामूली चोटें आई।
    1970 और 1995 के बीच कई बार उनकी कारों में अचानक आग लग गई या वे भयानक सड़‌क हादसों का शिकार हुए,लेकिन हर बार उनका जीवन बच गया।मौत को 7 बार हराने और अंत में करोड़पति बनने के कारण उन्हें इतिहास का अदभुत और भाग्यशाली व्यक्ति माना जाता है।
  • (30)एमिल क्रेब्स (1867-1930) (Emil Krebs):
  • एक जर्मन राजनयिक (diplomet) और बेहद अद्भुत भाषाविद् (भाषा-वैज्ञानिक) थे।उन्होने अपनी जिंदगी में 60 से अधिक भाषा का अध्ययन किया और 40 से ज्यादा भाषा को बिलकुल मातृभाषा की तरह बोल,लिख और समझ सकते थे।उनकी दिमागी क्षाता इतनी असधारण थी कि उनकी मृत्यु के बाद वैज्ञानिकों ने उनके दिमाग पर रिसर्च की थी,जिसमें पता चला कि उनका “ब्रोका का क्षेत्र” (Brica’s area) (दिमाग का वह हिस्सा जो भाषा को कंट्रोल करता है) आम आदमी से बिलकुल अलग था।
  • प्रश्न:1.एमिल क्रेब्स कौन थे और उन्हें क्या अद्भुत बनाता है? (Emil Krebs kaun the aur unhe kya adbhut banata hai?):
    उत्तर:एमिल क्रेब्स एक जर्मन राजनयिक थे।उन्हें दुनिया के सबसे बड़े ‘हाइपरपॉलीग्लोट’ (कई भाषाएं जाने वाले) में जाना जाता है।उनके लिए आधुनिक तकनीक के 40 से ज्यादा भाषा में पूरी शुद्धि के साथ सीखा था।
    प्रश्न:2.क्या एमिल क्रेब्स ने भारतीय भाषाएं भी सीखी थीं? (Kya Emil Krebs ne Bharatiya bhashayein bhi seekhi thin?):
    उत्तर:जी हां,एमिल क्रेब्स की भाषाओं की लिस्ट में संस्कृत,हिंदी,उर्दू और गुजराती जैसी भारतीय भाषाएं भी शामिल थीं,जिन्हें उन्होंने बहुत आसानी से सीख लिया था।
  • प्रश्न 3.एमिल क्रेब्स की मृत्यु के बाद उनके दिमाग पर क्या शोध हुई? (Emil Krebs ki mrityu ke baad unke dimaag par kya research hui?):
    उत्तर:उनकी असाधारण क्षमता को देखकर उनकी मृत्यु के बाद उनके दिमाग को Dusseldorf university (डसेलडोर्फ यूनिवर्सिटी) में शोध के लिए सुरक्षित रखा गया था।वैज्ञानिकों ने पाया कि उनके दिमाग की सेलुलर संरचना (cell structure) एक आम इंसान से बिलकुल अलग और विशिष्ट थी।
    प्रश्न:4.एक आम इंसान इतनी भाषाएं कैसे सीख सकता है? (Ek aam insaan itni bhashayein kaise seekh sakta hai?):
    उत्तर:एमिल क्रेब्स का मानना था की भाषा सीखने के लिए लगन और दिमाग का ध्यान केंद्रित होना जरूरी है। वो अक्सर रात-रात भर जागकर अलग-लग भाषाओं के व्याकरण (grammer) का अध्ययन करते थे।
  • दुनिया में इसके अलावा भी अनेक ऐसे अद्भुत व्यक्ति है,जिन्होंने अद्वितीय क्षमताओं,शारीरिक शक्ति या असाधारण प्रतिभा से दुनिया को चौंकाया है।जैसे महात्मा गाँधी बिल्कुल दुबले कुद-काठी के थे।लेकिन उन्होंने अंग्रेजी सल्तनत की चूलें हिला दी थी।उनके पास कोई सशस्त्र सेना नहीं थी लेकिन अपने अस्त्र अहिंसा और शांतिपूर्ण विचारों से ही भारत को स्वतन्त्र कराया था।
  • सबसे उम्रदराज व्यक्ति,जापान के जिरोमोन किमुरा (Jiroemon Kimura) थे जो 116 वर्ष तक जीवित रहे।सबसे ताकतवर इंसान:’द माउंटेन’ के नाम से मशहूर हाफपोर जूलियस ब्योर्नसन (Hafpor Julius Bjornsson) और एडी हाॅल (Eddie Hall) जैसे स्ट्रांगमैन शामिल हैं,जिन्होंने 500 किलोग्राम से अधिक वजन उठाने के रिकार्ड बनाएँ है।
  • इसरे अलावा चिकित्सा,गणित और विज्ञान से लेकर अनोखी शारीरिक विशेषताओं वाले कई लोग समय-समय पर चर्चा के विषय बनते हैं।
    सीख:हर व्यक्ति में कोई न कोई विशेषता तथा प्रतिभा होती है।कुछ लोग जन्मजात प्रतिभाशाली होते हैं जो अपने पूर्व जन्मों के कर्म संस्कार लेकर जन्मते हैं।ऐसे लोग थोड़े से प्रयास से ही अपनी प्रतिभा को निखार लेते हैं।परन्तु इस प्रकार के प्रतिभाशाली लोग विरले ही होते हैं अधिकांश को अपनी प्रतिभा,अद्‌भुत क्षमता को पहचान कर तराशना,निखारना और उभारना पड़ता है।संघर्ष की भट्टी में तपना पड़ता पड़ता है तब जाकर कुन्दन बनता है।बिना संघर्ष के प्रतिभा में निखार नहीं आता है और हमारी प्रतिभा छिपी हुई रह जाती है और सड़गल जाती है।कुछ छात्र-छात्राएँ ऐसा मानते हैं कि प्रतिभा अनायास ही टपक पड़ती है,कुछ करने-कराने की जरूरत नहीं है।यह कोरी कल्पना और दिवास्वप्न है और ऐसे विद्यार्थी न तो स्वयं उन्नति कर पाते हैं और दूसरों की उन्नति में सहायक होने का सवाल ही नहीं उठता है।अतः कठिन परिश्रम,तप,पुरुषार्थ,संघर्ष और आत्मविश्वास से ही प्रतिभा का जागरण सम्भव है।
    उपर्युक्त आर्टिकल में दुनिया के 30 अद्भुत व्यक्ति जिन्हें पढ़कर आपको अपनी आँखों पर यकीन नहीं होगा (Duniya ke 30 Adbhut Vyakti Jinhe Padh kar Aapko Apni Aakhon Par Yakin Nahi Hoga) के बारे अद्भुत जानकारी दी गई है जो हमारी जिज्ञासु प्रवृत्ति को बढ़ाती है।
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2.अगर हमारे हर काम स्वतः ही हो जाते (हास्य-व्यंग्य) (If things were done automatically) (Humour-Satire):

  • टीचर:अगर हमारे हर काम स्वतः ही हो जाते तो क्या होता?
  • छात्रा:इतनी माथापच्ची और सिर खपाने की जरूरत ही नहीं पड़ती।न आपका यह लेक्चर सुनने की जरूरत पड़ती कि तप करो,संघर्ष करो,कठिन परिश्रम करो आदि।

3.दुनिया के 30 अद्भुत व्यक्ति जिन्हें पढ़कर आपको अपनी आँखों पर यकीन नहीं होगा (Frequently Asked Questions Related to Duniya ke 30 Adbhut Vyakti Jinhe Padh kar Aapko Apni Aakhon Par Yakin Nahi Hoga) से सम्बन्धित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.दुनिया का सबसे बुद्धिमान कौन है? (Who is the smartest person in the world?):

उत्तर:सबसे बुद्धिमान किसी को नहीं माना जा सकता क्योंकि बुद्धि को मापने के कई पैमाने होते हैं।फिर भी IQ के अनुसार अमेरिका के बाल प्रतिभा विलियम जेम्स सिडिस (William James Sidis) का IQ 250-300 के बीच था।

प्रश्न: 2.विश्व का सबसे महान व्यक्ति कौन है? (Who is the greatest person in the world?):

उत्तर:विश्व का सबसे महान व्यक्ति कोई एक नहीं है। महानता का पैमाना लोगों की सोच,धर्म,संस्कृति और विचारधारा के अनुसार अलग-अलग होता है।धर्म और आध्यात्मिकता के दृष्टिकोण से गौतम बुद्ध,ईसा मसीह और पैगम्बर मुहम्मद कुछ महान् व्यक्ति हैं।

प्रश्न:3.महान गणितज्ञ और वैज्ञानिक कौन हैं? (Who is the great mathematician and scientist?):

उत्तर:अल्बर्ट आइंस्टीन,आइजक न्यूटन और थामस एडिसन जैसे वैज्ञानिकों ने अपनी खोजों और आविष्कारों से मानव सभ्यता को आधुनिक युग में पहुँचाया।

  • उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा दुनिया के 30 अद्भुत व्यक्ति जिन्हें पढ़कर आपको अपनी आँखों पर यकीन नहीं होगा (Duniya ke 30 Adbhut Vyakti Jinhe Padh kar Aapko Apni Aakhon Par Yakin Nahi Hoga) के बारे में कुछ ओर बेसिक बातें बतायी गयी हैं।
  • *”यह आर्टिकल **Satyam Mathematics** ब्लॉग पर **Satyam Coaching Centre** के द्वारा तैयार किया गया है।”*

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