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Linear Dependent or Linear Independent

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1.रैखिक परतन्त्र तथा रैखिक स्वतन्त्र सदिश (Linear Dependent or Linear Independent Vectors):

रैखिक परतन्त्र तथा रैखिक स्वतन्त्र सदिश (Linear Dependent or Linear Independent Vectors) के बारे में इस आर्टिकल में अध्ययन करेंगे।
सदिश तथा सदिश समष्टि की परिभाषा (Vector and Vector Spaces):
(1.)सदिश (Vector):एक 1×n मैट्रिक्स अर्थात् वह मैट्रिक्स जिसमें केवल एक ही पंक्ति हो तो उसे पंक्ति सदिश कहते हैं।जैसें \left[\begin{array}{lll} 1 & 2 & 3 \end{array}\right] एक m×1 मैट्रिक्स अर्थात् वह मैट्रिक्स जिसमें केवल एक ही स्तम्भ हो तो उसे स्तम्भ सदिश कहते हैं जैसें \left[\begin{array}{l} 1 \\ 2 \\ 3 \end{array}\right] किसी सदिश के अवयव को उसका घटक (Component) कहते हैं।ज्यामितीय रूप में एक पंक्ति सदिश \left[\begin{array}{lll} 1 & 2 & 3 \end{array}\right]  तथा स्तम्भ सदिश \left[\begin{array}{l} 1 \\ 2 \\ 3 \end{array}\right] में कोई अन्तर नहीं होता।
दोनों त्रिविम समष्टि (Three Dimension Space) के एक ही बिन्दु जिसके निर्देशांक (1,2,3) है को व्यक्त करते हैं।
(2.)शून्य सदिश (Null Vector):एक सदिश जिसका प्रत्येक शून्य हो तो उसे शून्य सदिश कहते हैं और O से व्यक्त करते हैं जैसे O=(0 0 0 0 0)
(3.)एकांक (इकाई) सदिश (Unit Vector):यदि किसी सदिश का एक घटक (Component) एक हो तथा शेष घटक शून्य हो तो एकांक सदिश कहते हैं।एक एकांक सदिश जिसका i वां घटक एक हो तथा शेष सभी घटक शून्य हों तो इसे e_{i} से व्यक्त करते हैं,अतः

e_{i}=(0 0 …..0 0 1 0 …0)
स्पष्ट है कि द्विविम समष्टि में e_{1}=(1,0), e_{2}=(0,1) , दो एकांक सदिश होंगे एवं त्रिविम समष्टि e_{1}=(1,0,0), e_{2}=(0,1,0), e_{3}=(0,0,1) में तीन इकाई सदिश होंगे।
(4.)सम सदिश (Equal Vectors):यदि दो समान घटकीय पंक्ति (या स्तम्भ) सदिश हों तथा उसके संगत घटक बराबर हो तो सम सदिश कहलाते हैं।अतः

\left(a_{1} a_{2} a_{3} \cdots a_{n}\right)=\left(b_{1} b_{2} b_{3} \cdots b_{n}\right) \Leftrightarrow a_{1}=b_{1}, a_{2}=b_{2}, a_{3}=b_{3} ,a_{n}=b_{n}
(5.)सदिश योग (Addition of Vectors):यदि दो सदिश सम घटकीय पंक्ति (या स्तम्भ) सदिश हों तथा उनका योग उसी आकार का एक सदिश होता है जिसके घटक दोनों सदिश के संगत घटकों को जोड़ने से प्राप्त होता है।उदाहरणार्थ
यदि a=\left(a_{1}+a_{2}+a_{3} \cdots \cdot a_{n}\right), b=\left(b_{1} b_{2} b_{3} \cdots b_{n}\right) तब

a+b= \begin{pmatrix}a_{1}+a_{2} & a_{2}+b_{2} & a_{3}+b_{3} \cdots & a_{n}+b_{n} \end{pmatrix}
उपर्युक्त प्रकार ही सदिशों का व्यवकलन परिभाषित करते हैं

(6.)सदिश का एक अदिश से गुणन (Multiplication of a Vector by a Scalar):एक सदिश a तथा एक अदिश का गुणन निम्न प्रकार परिभाषित करते हैं:

\lambda a=\lambda\left(a_{1} a_{2} a_{3} \cdots a_{n}\right)=\left(\lambda a_{1} \lambda a_{2} \lambda a_{3} \cdots \lambda a_{n}\right)
(7.)दो सदिशों का अदिश गुणन (Scalar Product of Two Vectors):दो सदिश a=\left(a_{1} a_{2} a_{3} \cdots a_{n}\right) तथा b=\left(b_{1} b_{2} b_{3} \cdots b_{n}\right) का अदिश गुणन निम्न प्रकार संख्या होती है जिसे a.b से व्यक्त करते हैं तथा 

a \cdot b=a_{1} b_{1}+a_{2} b_{2}+a_{3} b_{3}+\cdots+a_{n }b_{n}
(8.)दो सदिशों के बीच की दूरी (Distance Between Two Vectors):दो सदिशों a=\left(a_{1} a_{2} a_{3} \cdots a_{n}\right) तथा b=\left(b_{1} b_{2} b_{3} \cdots b_{n}\right) के बीच की दूरी |a-b| को एक धनात्मक संख्या निम्न प्रकार से परिभाषित है।

\sqrt{\left[\left(a_{1}-b_{1}\right)^{2}+\left(a_{2}-b_{2}\right)^{2}+\left(a_{3}-b_{3}\right)^{2}+\cdots\left(a_{n}-b_{n}\right)^{2}\right]}
विशेषत: सदिश a की दूरी |a| जो a की लम्बाई या परिमाण कहलाती है, अतः

|a|=|a-0|=\sqrt{\left(a_{1}^{2}+a_{2}^{2}+a_{3}^{2}+\cdots+a_{n}^{2}\right)}
यूक्लिडीय n-समष्टि (Euclidea n-Space):
एक यूक्लिडीय n-समष्टि को E^{n} या R^{n} से निरूपित करते हैं।n-घटकों वाले सभी सदिशों \left(a_{1}, a_{2}, a_{3}, \cdots a_{n}\right) के समुच्चय को यूक्लिडीय n-समष्टि कहते हैं।जिसमें सदिशों का योग, गुणन,अदिश से गुणन आदि परिभाषित हैं।
हम द्विविम तथा त्रिविम यूक्लिडीय से भलीभाँति परिचित हैं क्योंकि प्रत्येक यूक्लिडीय का प्रत्येक सदस्य क्रमशः समतल तथा त्रिविम समष्टि के बिन्दुओं के समुच्चय हैं।

रैखिक संचय या एक घात संचय (L.C. or Linear Combination) परिभाषा:
माना कि a_{1}, a_{2}, a_{3} \cdots a_{n} एक ही यूक्लिडीय समष्टि के सदिश हैं तथा माना कि \lambda_{1},\lambda_{2}, \lambda_{3}, \cdots \lambda_{n} कोई अदिश राशियाँ हैं तब व्यंजक \lambda_{1} a_{1}+\lambda_{2} a_{2}+\lambda_{3} a_{3}+\cdots+\lambda_{n} a_{n} इन सदिशों का रैखिक संचय कहलाता है।
रैखिक आश्रितता (L.D. or Linear Dependence) परिभाषा:
माना तब यह सदिश रैखिक आश्रित (परतन्त्र) कहलाते हैं यदि (सभी शून्य नहीं) ऐसी अदिश संख्याएँ विद्यमान हों कि
रैखिक संचय या एक घात संचय (L.C. or Linear Dependence) परिभाषा:
माना a_{1}, a_{2}, a_{3} \cdots a_{n} \in E^{n} तब यह सदिश रैखिक आश्रित (परतन्त्र) कहलाते हैं यदि \lambda_{1}, \lambda_{2}, \lambda_{3}, \cdots \lambda_{n} (सभी शून्य नहीं) ऐसी अदिश संख्याएँ विद्यमान हों कि \lambda_{1} a_{1}+\lambda_{2} a_{2}+\lambda_{3} a_{3}+\cdots+ \lambda_{n} a_{n}=0

रैखिक स्वतन्त्रता परिभाषा (Definition of Linear Independence):
माना कि सदिश a_{1}, a_{2}, a_{3}, \cdots a_{n} \in E^{n} तो यह सदिश रैखिक स्वतन्त्र कहलाते हैं यदि अदिश संख्याओं \lambda_{1} , \lambda_{2}, \cdots, \lambda_{n} के लिए

\lambda_{1} a_{1}+\lambda_{2} a_{2}+\lambda_{3} a_{3}+\cdots+\lambda_{n} a_{n}=0 \\ \Rightarrow \lambda_{1}= \lambda_{2}=\lambda_{3}=\cdots=\lambda_{n}=0
अवमुख समुच्चय (Convex Set):
कुछ परिभाषाएं (Some Definition):
(1.)बिन्दु समुच्चय (Points Set):किसी यूक्लिडीय समष्टि E^{n} के कुछ बिन्दुओं (या सदिशों) का समुच्चय उस समष्टि का बिन्दु समुच्चय कहलाता है।बिन्दु समुच्चय में परिमित अथवा अपरिमित सदिशों की संख्या हो सकती है।प्रायः यह समुच्चय अपरिमित होते हैं। E^{2} में समुच्चय A=\left\{\left(x_{1}, y_{1}\right),\left(x_{2}, y_{2}\right),\left(x_{3}, y_{3}\right) \cdots\right\} बिन्दु समुच्चय है। E^{3} में समुच्चय A=\left \{ \left(x_{1}, y_{1}, z_{1}\right),\left(x_{2}, y_{2}, z_{2}\right),\left(x_{3}, y_{3},z_{3}\right) \cdots \right \} बिन्दु समुच्चय है।
a_{1} x+a_{2} y=b या \alpha X=B जहाँ \alpha=\left(a_{1}, a_{2}\right), x=(x, y) के रूप का समीकरण E^{2} में एक रेखा निरूपित करता है।
उपर्युक्त प्रकार ही E^{3} में a_{1} x+a_{2} y+a_{3} z=b को सन्तुष्ट करने वाले बिन्दु समुच्चय के अवयव समष्टि E^{3} में एक समतल पर स्थित हैं अर्थात् \alpha X=B जहाँ \alpha=\left(a_{1}, a_{2}, a_{3}\right), X=[x, y, z] समष्टि E^{3} में एक समतल को निरूपित करता है।
(2.)अधिसमतल (ऊनविम समतल) (Hyperplane) परिभाषा:
किसी समष्टि E^{n} में एक रैखिक सम्बन्ध को सन्तुष्ट करनेवाले सभी बिन्दुओं का बिन्दु समुच्चय अधिसमतल को परिभाषित करता है।
अर्थात्  बिन्दु समुच्चय x=\left\{x_{1} ,x_{2}, x_{3},\cdots x_{n}\right\} जो रैखिक सम्बन्ध a_{1} x_{1}+a_{2} x_{2}+a_{3} x_{3}+\cdots+a_{n} x_{n}=z (सभी a_{i} शून्य नहीं) या AX=Z जहाँ A=\left(a_{1}, a_{2}, a_{3}, \ldots, a_{n}\right) को सन्तुष्ट करता है।
निर्धारित A=a_{1}, a_{2}, a_{3}, \ldots, a_{n} के लिए एक अधिसमतल (Hyperplane) को परिभाषित करता है तथा सदिश संकेतन में AX=Z एक अधिसमतल का समीकरण है।
अतः A=a_{1}, a_{2}, a_{3}, \ldots, a_{n} तथा Z के विभिन्न मानों के लिए विभिन्न अधिसमतल प्राप्त होंगे।
Z के इष्टतम मान के लिए यह अधिसमतल इष्टतम अधिसमतल (Optimal Hyperplane) कहलाता है।
सदिश A=\left(a_{1}, a_{2}, a_{3},\cdots a_{n}\right) अधिसमतल का अभिलम्ब सदिश कहलाता है, साथ ही \pm \frac{A}{|A|} मात्रक अभिलम्ब (Unit Normal) कहलाता है।दो अधिसमतल समान्तर कहलाते हैं यदि दो अधिसमतल के मात्रक अभिलम्ब समान हों।
उपर्युक्त में यह ध्यान देने योग्य है कि E^{n} में अधिसमतल AX=Z, E^{n} को तीन परस्पर ऐसे असंयुक्त बिन्दु समुच्चयों में विभाजित निम्न प्रकार करता है।

(i) H_{1}=\{x \mid A X >Z\} \\ (ii) H_{2}=\{X \mid A X=Z\} \\ (iii) H_{3}=\{X \mid A X<Z\}
यहाँ H_{1} तथा H_{3} विवृत अर्ध समष्टि (Open half Space) कहलाती है।
टिप्पणी:रैखिक प्रोग्रामन समस्या के उद्देश्य फलन तथा प्रतिबन्धों के सम्बन्ध अधिसमतलों को व्यक्त करते हैं।
(3.)रेखा (Line) परिभाषा:किसी समष्टि E^{n} में दो बिन्दुओं x_{1} तथा x_{2}\left(x_{1} \neq x_{2}\right) को मिलानेवाली रेखा निम्न बिन्दु समुच्चय से परिभाषित की जाती है:

X=\left\{x \mid x=\lambda x_{1}+(1-\lambda) x_{2}, \lambda \text { वास्तविक सेख्या } \right\}
(4.)रेखाखण्ड (Line Segment) परिभाषा:किसी समष्टि E^{n} में दो बिन्दुओं x_{1} तथा x_{2} को मिलानेवाली रेखाखण्ड को निम्न बिन्दु समुच्चय से परिभाषित किया जाता है।

X=\left\{x \mid x=\lambda x_{1}+(1-\lambda) x_{2}, 0 \leq \lambda \leq 1\right\}
यहाँ यह ध्यान देने योग्य है कि 0 \leq \lambda \leq 1 प्रतिबन्ध बिन्दु x को बिन्दु x_{1} तथा x_{2} को मिलाने वाले रेखाखण्ड पर होने के लिए प्रतिबन्धित करती है।
(5.)अवमुख (उत्तल) समुच्चय (Convex Set):
परिभाषा (Definition):किसी समष्टि E^{n} में समुच्चय X अवमुख समुच्चय कहलाता है यदि समुच्चय X के किन्हीं दो बिन्दुओं को मिलाने वाली रेखाखण्ड पूर्णतया समुच्चय X में हो।
अतः किसी समष्टि E^{n} में समुच्चय X अवमुख समुच्चय कहलाता है यदि

x_{1} \in X, x_{2} \in X \\ \Rightarrow x \in X जहाँ x=\lambda x_{1}+(1-\lambda) x_{2}, 0 \leq \lambda \leq 1

एक समुच्चयों जिसमें केवल एक बिन्दु है को सदैव अवमुख समुच्चय समझा (Considered) जाता है।
प्रमेय (Theorem):1.प्रत्येक अधिसमतल (ऊनविम समतल) एक अवमुख समुच्चय होता है (Every hyperplane is a convex set)
उपपत्ति (Proof):माना कि H=\{X: A X=Z\} एक अधिसमतल है।माना कि x_{1} \in H ; X_{2} \in H \\ \therefore A X_{1}=Z  तथा A X_{2}=Z \ldots(1)
यदि X_{3}=\lambda X_{1}+(1-\lambda) X_{2}, \quad 0 \leq \lambda \leq 1 तब
X_{3},X_{1} तथा X_{2} को मिलाने वाली रेखाखण्ड का कोई बिन्दु है।
अब X_{3}=\lambda X_{1}+(1-\lambda) X_{2} \\ \Rightarrow A X_{3}=A\left[\lambda X_{1}+(1-\lambda) X_{2} \right] \\ \Rightarrow A X_{3}=\lambda A X_{1}+(1-\lambda) A X_{2} \\ =\lambda Z+(1-\lambda) Z=Z \\ \therefore X_{3} \in H
फलतः X_{1} तथा X_{2} मिलाने वाली रेखाखण्ड का प्रत्येक बिन्दु H में विद्यमान है।अतः अधिसमतल H एक अवमुख समुच्चय है।
प्रमेय (Theorem):2.दो अवमुख समुच्चयों का सर्वनिष्ठ भी एक अवमुख समुच्चय होता है।
(The intersection of two convex sets us also a convex set.)
उपपत्ति (Proof):माना कि X_{1} तथा X_{2} दो अवमुख समुच्चय है तथा
x_{1}, x_{2} \in X_{1} \cap X_{2} तब
x_{1}, x_{2} \in X_{1} \cap X_{2} \Rightarrow x_{1}, x_{2} \in X_{1} तथा x_{1}, x_{2} \in X_{2} \\ \Rightarrow \left[\lambda x_{1}+(1-\lambda) x_{2}\right] \in X_{1} ; 0 \leq \lambda \leq 1 तथा
\left[\lambda x_{1}+(1-\lambda) x_{2}\right] \in X_{2}, 0 \leq \lambda<1 [X_{1} तथा  X_{2} अवमुख समुच्चय है]
\Rightarrow \lambda x_{1}+(1-\lambda) x_{2} \in X_{1} \cap X_{2}, 0 \leq \lambda \leq 1 \\ \Rightarrow X_{1} \cap X_{2} एक अवमुख समुच्चय है।
अतः दो अवमुख समुच्चय का सर्वनिष्ठ भी अवमुख समुच्चय है।
अवमुख संचय (Convex Combination):
परिभाषा (Definition):किसी समष्टि E^{n} के परिमित बिन्दुओं x_{1}, x_{2}, x_{3}, \cdots x_{n} का अवमुख (रैखिक) संचय निम्न प्रकार परिभाषित होता है जहाँ

x=\lambda_{1} x_{1}+\lambda_{2} x_{2}+\lambda_{3} x_{3}+\cdots+\lambda_{n} x_{n} 
तथा \lambda_{1}+\lambda_{2}+\lambda_{3}+\cdots+\lambda_{n}=1 ; \lambda_{i} \geq 0, i=1,2,3, \cdots n \\ x=\lambda_{1} x_{1}+\lambda_{2} x_{2} जहाँ \lambda_{1} , \lambda_{2} \geq 0, \lambda_{1}+\lambda_{2}=1
अर्थात् x=\lambda x_{1}+(1-\lambda) x_{2} ; 0 \leq \lambda \leq 1
विशेषत:दो बिन्दु x_{1},x_{2} का अवमुख संचय निम्न बिन्दु है:
x=\lambda_{1} x_{1}+\lambda_{2} x_{2} जहाँ \lambda_{1} , \lambda_{2} \geq 0, \lambda_{1}+\lambda_{2}=1 अर्थात् x=\lambda x_{1}+(1-\lambda) x_{2} ; 0 \leq \lambda \leq 1
जो कि बिन्दु  x_{1} तथा x_{2} को मिलाने वाली रेखाखण्ड पर स्थित कोई बिन्दु को व्यक्त करता है।
प्रमेय (Theorem):3.x_{1}, x_{2}, x_{3}, \cdots x_{n} परिमित बिन्दुओं के सभी अवमुख संचयों का समुच्चय एक अवमुख समुच्चय होता है।
(The set of all convex combination of a finite number of points x_{1}, x_{2}, x_{3}, \cdots x_{n} is a convex set.)
उपपत्ति (Proof):माना कि S=\left\{x \mid x=\sum_{i=1}^{\infty} \lambda_{i} x_{i}, \Sigma \lambda_{i}=1, \lambda_{i} \geq 0\right\}
और u, v \in s जहाँ

u=\sum \lambda_{i}^{\prime} x_{i}, \Sigma \lambda_{i}^{\prime}=1, \lambda_{i}^{\prime} \geq 0 \\ v=\sum \lambda_{i}^{\prime \prime} x_{i}, \Sigma \lambda_{i}^{\prime \prime}=1, \lambda_{i}^{\prime \prime} \geq 0
यदि u व v  बिन्दुओं को विलोम वाली रेखाखण्ड पर w कोई बिन्दु हो तब \omega=\lambda u+(1-\lambda) v, \quad 0 \leq \lambda \leq 1 \\ w =\lambda \sum_{i=1}^{n} \lambda_{i}^{\prime}+(1-\lambda) \sum_{i=1}^{n} \lambda_{i}^{\prime \prime} x_{i} \\ =\sum_{i=1}^{n} \left[\lambda \lambda_{i}^{\prime}+(1-\lambda) \lambda_{i}^{\prime \prime}\right] x_{i} \\ =\sum_{i=1}^{n} \mu_{i} x_{i} जहाँ \mu_{i}=\lambda \lambda_{i}^{\prime}+(1-\lambda) \lambda_{i}^{\prime \prime} ; i=1,2,3, \cdots n
साथ ही \sum_{i=1}^{n} \mu_{i}=\sum_{i=1}^{n}\left[\lambda \lambda_{i}^{\prime}+(1-\lambda) \lambda_{i}^{\prime \prime}\right] \\ =\lambda \sum_{i=1}^{n} \lambda_{i}^{\prime}+(1-\lambda) \sum_{i=1}^{n} \lambda_{i}^{\prime \prime} \\ =\lambda+(1-\lambda)=1\left[\because \sum_{i=1}^{n} \lambda_{i}^{\prime}= \sum_{i=1}^{n} \lambda_{i}^{\prime \prime}=1\right]
और \mu_{i} \geq 0 \quad \forall i
अतः w=\sum_{i=1}^{n} \mu_{i} x_{i}  भी x_{1}, x_{2}, x_{3} \cdots x_{n} का एक अवमुख संचय है।
इसलिए w \in  S जिससे यह सिद्ध होता है कि S एक अवमुख समुच्चय है।
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2.रैखिक परतन्त्र तथा रैखिक स्वतन्त्र सदिश उदाहरण (Linear Dependent or Linear Independent Vectors Examples):

ज्ञात कीजिए कि निम्न सदिश एकघातत: स्वतन्त्र है या परतन्त्र:
(Determine whether the following vectors are L.D. or L.I.):
Example:1.(1,2,3);(4,1,5);(-4,6,2)
Solution:माना कि \lambda_{1}, \lambda_{2} तथा \lambda_{3} ऐसी संख्याएं विद्यमान हैं कि

\lambda_{1}(1,2,3)+\lambda_{2}(4,1,5)+\lambda_{3}(-4,6,2)=0 \\ \Rightarrow \left(\lambda_{1}, 2 \lambda_{1}, 3 \lambda_{1}\right)+\left(4 \lambda_{2}, \lambda_{2}, 5 \lambda_{2}\right)+\left(-4 \lambda_{3}, 6 \lambda_{3}, \lambda_{3} \right) =(0,0,0) \\ \Rightarrow \left(\lambda_{1}+4 \lambda_{2}-4 \lambda_{3}, 2 \lambda_{1}+\lambda_{2}+ 6 \lambda_{3}, 3 \lambda_{1}+5 \lambda_{2}+2 \lambda_{3}\right)=(0,0,0) \\ \lambda_{1}+4 \lambda_{2}-4 \lambda_{3} =0 \cdots(1)\\ 2 \lambda_{1}+\lambda_{2}+6 \lambda_{3}=0 \cdots(2) \\ 3 \lambda_{1}+5 \lambda_{2}+2 \lambda_{3}=0 \cdots(3)
समीकरण (1) व (2) को हल करने पर:

\frac{\lambda_{1}}{24+4}=\frac{\lambda_{2}}{-8-6}=\frac{\lambda_{3}}{1-8} \\ \Rightarrow \frac{\lambda_{1}}{28} =\frac{\lambda_{2}}{-14}=\frac{\lambda_{3}}{-7} \\ \Rightarrow \frac{\lambda_{1}}{4}=\frac{\lambda 2}{-2} =\frac{\lambda_{3}}{-1}
\lambda_{1}, \lambda_{2} तथा \lambda_{3} के मान 4:-2:-1 के अनुपात में हैं।अतः सदिश रैखिक परतन्त्र (L.D.) हैं।
Example:2.(1,3,2);(2,1,0);(0,5,4)
Solution:माना कि \lambda_{1}, \lambda_{2} तथा \lambda_{3} ऐसी संख्याएं विद्यमान हैं कि

\lambda_{1}(1,3,2)+\lambda_{2}(2,1,0)+\lambda_{3}(0,5,4)=0 \\ \Rightarrow \left(\lambda_{1}, 3 \lambda_{1}, 2 \lambda_{1}\right)+\left(2 \lambda_{2}, \lambda_{2}, 0\right)+\left(0,5 \lambda_{3}, 4 \lambda_{3}\right)=(0,0,0) \\ \Rightarrow \left(\lambda_{1}+2 \lambda_{2}, 3 \lambda_{1}+\lambda_{2}+5 \lambda_{3}, 2 \lambda_{1}+4 \lambda_{3}\right)=(0,0,0) \\ \Rightarrow \lambda_{1}+2 \lambda_{2}=0 \cdots(1) \\ 3 \lambda_{1}+\lambda_{2}+5 \lambda_{3}=0 \cdots(2) \\ 2 \lambda_{1}+4 \lambda_{3}=0 \cdots(3)
समीकरण (1) व (2) को हल करने पर:

\frac{\lambda_{1}}{10-0}=\frac{\lambda_{2}}{0-5}=\frac{\lambda_{3}}{1-6} \\ \Rightarrow \frac{\lambda_{1}}{10}=\frac{\lambda_{2}}{-5}=\frac{\lambda_{3}}{-5} \\ \Rightarrow \frac{\lambda_{1}}{2}=\frac{\lambda_{2}}{-1}=\frac{\lambda 3}{-1}
\lambda_{1}, \lambda_{2} तथा \lambda_{3} के मान 2:-1:-1 के अनुपात में हैं।अतः सदिश रैखिक परतन्त्र (L.D.) हैं।
Example:3.(3,6,-3);(-1,1,2);(4,2,-2);(2,1,1)
Solution:माना कि \lambda_{1}, \lambda_{2}, \lambda_{3} तथा \lambda_{4} ऐसी संख्याएं विद्यमान हैं कि

\lambda_{1}(3,6,-3)+\lambda_{2}(-1,1,2)+\lambda_{3}(4,2,-2)+\lambda_{4}(2,1,1)=0 \\ \Rightarrow \left(3 \lambda_{1}, 6 \lambda_{1},-3 \lambda_{1}\right)+\left(-\lambda_{2}, \lambda_{2}, 2 \lambda_{2}\right)+\left(4 \lambda_{3} ,2 \lambda_{3},-2 \lambda_{3}\right) +\left(2 \lambda_{4} ,\lambda_{4}, \lambda_{4}\right)=0 \\ \Rightarrow (3 \lambda_{1}-\lambda_{2}+4 \lambda_{3}+2 \lambda_{4}, 6 \lambda_{1}+\lambda_{2}+2 \lambda_{3}+ \lambda_{4}, -3 \lambda_{1}+2 \lambda_{2}-2 \lambda_{3}+\lambda_{4})=(0,0,0) \\ \Rightarrow 3 \lambda_{1}-\lambda_{2}+4 \lambda_{3}+2 \lambda_{4}=0 \cdots(1) \\ \Rightarrow 6 \lambda_{1}+\lambda_{2}+2 \lambda_{3} +\lambda_{4}=0 \cdots(2) \\ \Rightarrow -3 \lambda_{1}+2 \lambda_{2}-2 \lambda_{3}+\lambda_{4}=0 \cdots(3) 
समीकरण (2) को 2 से गुणा करने पर:

\begin{array}{ll} 12 \lambda_{1}+2 \lambda_{2}+4 \lambda_{3}+2 \lambda_{4}=0 \cdots(4) \\ 3 \lambda_{1}-\lambda_{2} + 4 \lambda_{3}+2 \lambda_{4}=0 \cdots(1)\\ - \quad + \quad - \quad \quad -  \quad \text { घटानेपर }\\ \hline & \\ 9 \lambda_{1}+3 \lambda_{2}=0 \end{array} \\ \Rightarrow 3 \lambda_{1}+ \lambda_{2}=0 \\ \Rightarrow 3 \lambda_{1}+\lambda_{2}+0 \lambda_{3}=0 \cdots(5)
समीकरण (2) व (3) से:

\begin{array}{ll}6 \lambda_{1}+\lambda_{2}+2 \lambda_{3}+\lambda_{4}=0 \ldots(2) \\ -3 \lambda_{1}+2 \lambda_{2}-2 \lambda_{3}+\lambda_{4}=0 \cdots(3)\\ + \quad \quad - \quad + \quad \quad - \quad \text { घटानेपर } \\ \hline & \\ 9 \lambda_{1}-\lambda_{2}+4 \lambda_{3}=0 \cdots(6) \end{array} \\ 3 \lambda_{1}+ \lambda_{2}+0 \lambda_{3}=0 \cdots(5)
समीकरण (5) व (6) को हल करने पर:
\frac{\lambda_{1}}{0-4}=\frac{\lambda_{2}}{12-0}=\frac{\lambda_{3}}{9+3} \\ \frac{\lambda_{1}}{-4}=\frac{\lambda_{2}}{12}=\frac{\lambda_{2}}{12} \\ \Rightarrow \frac{\lambda_{1}}{-1}=\frac{\lambda_{2}}{3}=\frac{\lambda_{2}}{3}=K(\text { माना } \\ \Rightarrow \lambda_{1}=-K, \lambda_{2}=3K, \lambda_{3}=3 K
\lambda_{1}, \lambda_{2}, \lambda_{3} तथा \lambda_{4} के मान समीकरण (1) में रखने पर:

3(-K)-(3 K)+4(3 K)+2 \lambda_{4}=0 \\ \Rightarrow-3 K-3 K+12 K+2 \lambda_{4}=0 \\ \Rightarrow 2 \lambda_{4}=-6K \\ \Rightarrow \lambda_{4}=-3K
\lambda_{1}, \lambda_{2}, \lambda_{3} तथा \lambda_{4} के मान -1:3:3:-3 के अनुपात में हैं।अतः सदिश रैखिक परतन्त्र (L.D.) हैं।
Example:4.(2,3);(1,1);(4,5)
Solution:माना कि \lambda_{1}, \lambda_{2} तथा \lambda_{3} ऐसी संख्याएं विद्यमान हैं कि

\lambda_{1}(2,3)+\lambda_{2}(1,1)+\lambda_{3}(4,5)=0 \\ \Rightarrow \left(2 \lambda_{1}, 3 \lambda_{1}\right) +\left(\lambda_{2}, \lambda_{2}\right)+\left(4 \lambda_{3}, 5 \lambda_{3}\right)=0 \\ \Rightarrow \left(2 \lambda_{1} +\lambda_{2}+4 \lambda_{3}, 3 \lambda_{1}+\lambda_{2}+5 \lambda_{3}\right)=(0,0) \\ \Rightarrow 2 \lambda_{1} +\lambda_{2}+4 \lambda_{3}=0 \cdots(1) \\ 3 \lambda_{1}+\lambda_{2}+5 \lambda_{3}=0 \cdots(2)
समीकरण (1) व (2) को हल करने पर:

\frac{\lambda_{1}}{5-4}=\frac{\lambda_{2}}{12-10}=\frac{\lambda_{3}}{2-3} \\ \Rightarrow \frac{\lambda_{1}}{1}=\frac{\lambda_{2}}{2}=\frac{\lambda_{3}}{-1}
\lambda_{1}, \lambda_{2} तथा \lambda_{3} के मान 1:2:-1 के अनुपात में हैं।अतः सदिश रैखिक परतन्त्र (L.D.) हैं।
Example:5.(1,2,-3);(1,-3,2);(2,-1,5)
Solution:माना कि \lambda_{1}, \lambda_{2} तथा \lambda_{3} ऐसी संख्याएं विद्यमान हैं कि

\lambda_{1}(1,2,-3)+\lambda_{2}(1,-3,2)+\lambda_{3}(2,-1,5)=0 \\ \Rightarrow\left(\lambda_{1}, 2 \lambda_{1},-3 \lambda_{1}\right)+\left(\lambda_{2},-3 \lambda_{2}, 2 \lambda_{2}\right)+\left(2 \lambda_{3} ,-\lambda_{3}, 5 \lambda_{3}\right)=(0,0,0) \\ \Rightarrow\left(\lambda_{1}+\lambda_{2}+2 \lambda_{3}, 2 \lambda_{1}-3 \lambda_{2}-\lambda_{3},-3 \lambda_{1}+2 \lambda_{2}+5 \lambda_{3}\right)=(0,0,0) \\ \lambda_{1}+\lambda_{2}+2 \lambda_{3}=0 \cdots(1) \\ 2 \lambda_{1}-3 \lambda_{2}-\lambda_{3}=0 \cdots(2)\\ -3 \lambda_{1}+2 \lambda_{2}+5 \lambda_{3}=0 \quad \cdots(3)
समीकरण (1) व (2) को हल करने पर:

\frac{\lambda_{1}}{-1+6}=\frac{\lambda_{2}}{4+1}=\frac{\lambda_{3}}{-3-2} \\ \Rightarrow \frac{\lambda_{1}}{5}=\frac{\lambda_{2}}{5}=\frac{\lambda_{3}}{-5} \\ \Rightarrow \frac{\lambda_{1}}{1}=\frac{\lambda_{2}}{1}=\frac{\lambda_{3}}{-1}
\lambda_{1}, \lambda_{2} तथा \lambda_{3} के मान 1:1:-1 के अनुपात में हैं।अतः सदिश रैखिक परतन्त्र (L.D.) हैं।

Example:6.(1,0,0);(0,2,0);(1,1,1)
Solution:माना कि \lambda_{1}, \lambda_{2} तथा \lambda_{3} ऐसी संख्याएं विद्यमान हैं कि

\lambda_{1}(1,0,0)+\lambda_{2}(0,2,0)+\lambda_{3}(1,1,1)=0 \\ \Rightarrow \left(\lambda_{1}, 0,0\right)+\left(0,2 \lambda_{2}, 0\right)+\left(\lambda_{3}, \lambda_{3}, \lambda_{3}\right)=(0,0,0) \\ \Rightarrow \left(\lambda_{1} +\lambda_{3}, 2 \lambda_{2}+\lambda_{3}, \lambda_{3}\right)=(0,0,0) \\ \Rightarrow \lambda_{1}+\lambda_{3}=0 \cdots(1) \\ 2 \lambda_{2}+\lambda_{3}=0 \cdots(2) \\ \lambda_{3}=0 \cdots(3)
समीकरण (1) (2) व (3) को हल करने पर:

\lambda_{1}=\lambda_{2}=\lambda_{3}=0
अतः सदिश रैखिक परतन्त्र (L.D.) हैं।
Example:7.(3,1,5);(1,2,1)
Solution:माना कि \lambda_{1} तथा \lambda_{2} ऐसी संख्याएं विद्यमान हैं कि

\lambda_{1}(3,1,5)+\lambda_{2}(1,2,1)=0 \\ \left(3 \lambda_{1}, \lambda_{1}, 5 \lambda_{1}\right) +\left( \lambda_{2} , 2 \lambda_{2}, \lambda_{2}\right)=(0,0,0) \\ \left(3 \lambda_{1}+\lambda_{2}, \lambda_{1}+2 \lambda_{2}, 5 \lambda_{1}+\lambda_{2}\right)=(0,0,0) \\ 3 \lambda+\lambda_{2}=0 \cdots(1) \\ \lambda_{1}+2 \lambda_{2}=0 \cdots(2) \\ 5 \lambda_{1}+\lambda_{2}=0 \cdots(3)
समीकरण (1) व (2) को हल करने पर:

\lambda_{1}=\lambda_{2}=0
अतः सदिश रैखिक स्वतन्त्र (L.I.) हैं।
Example:8.(1,0,0,1);(0,1,1,2);(1,1,3,3);(3,1,5,-1)
Solution:माना कि \lambda_{1}, \lambda_{2}, \lambda_{3} तथा \lambda_{4} ऐसी संख्याएं विद्यमान हैं कि

\lambda_{1}(1,0,0,1)+\lambda_{2}(0,1,1,2)+\lambda_{3}(1,1,3,5)+\lambda_{4}(3,1,5,-1)=0 \\ \left(\lambda_{1}, 0, 0, \lambda_{1}\right)+\left(0, \lambda_{2}, \lambda_{2}, 2 \lambda_{2} \right)+\left(\lambda_{3}, \lambda_{3}, 3 \lambda_{3}, 5 \lambda_{3}\right)+\left(3 \lambda_{4}, \lambda_{4}, 5 \lambda_{4},-\lambda_{4}\right)=0 \\ \Rightarrow (\lambda_{1}+ \lambda_{3}+3 \lambda_{4}, \lambda_{2}+\lambda_{3}+\lambda_{4}, \lambda_{2}+3 \lambda_{3}+5 \lambda_{4}, \lambda_{1}+2 \lambda_{2}+5 \lambda_{3}-\lambda_{4})=(0,0,0)\\ \Rightarrow \lambda_{1}+ \lambda_{3}+3 \lambda_{4}=0 \cdots(1)\\ \lambda_{2}+\lambda_{3}+\lambda_{4}=0 \cdots(2) \\ \lambda_{2}+3 \lambda_{3}+5 \lambda_{4}=0 \cdots(3)\\ \lambda_{1}+2 \lambda_{2}+5 \lambda_{3}-\lambda_{4}=0 \cdots(4) \\ \lambda_{2}+\lambda_{3}+\lambda_{4}=0 \cdots(2) \\ \lambda_{2}+3 \lambda_{3}+5 \lambda_{4}=0 \cdots(3)
समीकरण (2) व (3) को हल करने पर:

\frac{\lambda_{2}}{5-3}=\frac{\lambda_{3}}{1-5}=\frac{\lambda_{4}}{3-1} \\ \Rightarrow \frac{\lambda_{2}}{2}=\frac{\lambda_{3}}{-4}=\frac{\lambda_{4}}{2} \\ \Rightarrow \frac{\lambda 2}{1}=\frac{\lambda 3}{-2}= \frac{\lambda_{4}}{1}=K(\text { माना }) \\ \Rightarrow \lambda_{2}=K, \lambda_{3}=-2K, \lambda_{4}=K
\lambda_{2},\lambda_{4} का मान समीकरण (1) में रखने पर:

\lambda_{1}-2 K+3 K=0 \\ \Rightarrow \lambda_{1}+K=0 \\ \Rightarrow \lambda_{1}=-K
\lambda_{1}, \lambda_{2}, \lambda_{3} तथा \lambda_{4} के मान -1:1:-2:1 के अनुपात में हैं।अतः सदिश रैखिक परतन्त्र (L.D.) हैं।
Example:9.सिद्ध कीजिए कि निम्न सदिश रैखिक आश्रितता हैं:
(Show that the following vectors are L.D.)

a=\left[\begin{array}{l} 2 \\ 3 \end{array}\right], b=\left[\begin{array}{l} 1 \\ 1 \end{array}\right],  c=\left[\begin{array}{l} 4 \\ 5 \end{array}\right]
Solution:माना कि \lambda_{1}, \lambda_{2} तथा \lambda_{3} तीन संख्याएं इस प्रकार विद्यमान हैं कि

\lambda_{1} a+\lambda_{2} b+\lambda_{3} c=0 \\ \Rightarrow \lambda_{1}\left[\begin{array}{l} 2 \\ 3 \end{array} \right]+\lambda_{2}\left[\begin{array}{l} 1 \\ 1 \end{array}\right] +\lambda_{3} \left[\begin{array}{l} 4 \\ 5 \end{array} \right]=\left[\begin{array}{l} 0 \\ 0 \end{array}\right] \\ \Rightarrow \left[\begin{array}{l} 2 \lambda_{1} \\ 3 \lambda_{1} \end{array}\right]+\left[\begin{array}{l} \lambda_{2} \\ \lambda_{2} \end{array}\right] +\left[\begin{array}{l} 4 \lambda_{3} \\ 5 \lambda_{3} \end{array}\right]=\left[\begin{array}{l} 0 \\ 0 \end{array}\right] \\ \Rightarrow \left[\begin{array}{l} 2 \lambda_{1}+\lambda_{2}+4 \lambda_{3} \\ 3 \lambda_{1}+\lambda_{2}+5 \lambda_{3} \end{array} \right]=\left[\begin{array}{l} 0 \\ 0 \end{array}\right] \\ 2 \lambda_{1}+\lambda_{2}+4 \lambda_{3}=0 \cdots(1) \\ 3 \lambda_{1}+\lambda_{2}+5 \lambda_{3}=0 \cdots(2)
समीकरण (1) व (2) को हल करने पर:

\frac{\lambda_{1}}{5-4}=\frac{\lambda_{2}}{12-10}=\frac{\lambda_{3}}{2-3} \\ \Rightarrow \frac{\lambda_{1}}{1}=\frac{\lambda_{2}}{2}=\frac{\lambda_{3}}{-1}
\lambda_{1}, \lambda_{2} तथा \lambda_{3} के मान 1:-2:-1 के अनुपात में हैं।अतः सदिश a,b तथा c रैखिक आश्रितता (परतन्त्र) (L.D.) हैं।
निम्न समुच्चय में से कौनसे उत्तल समुच्चय हैं? कारण सहित बताईये।
(Which of the following sets are convex?Give reason.)
Example:10. z=\left\{\left(x_{1}, x_{2}\right) \mid x_{1} \geq 2, x_{2} \leq 3\right\}
Solution:माना X_{1}=x_{1} समुच्चय का हल \geq 2 जो कि रैखिक असमिका है।
तथा X_{2}=x_{2} समुच्चय का हल \leq 3 जो कि रैखिक असमिका है।
तब Z=X_{1} \cap X_{2} तथा X_{1}, X_{2} दोनों उत्तल समुच्चय हैं।
हम जानते हैं कि उत्तल समुच्चयों का सर्वनिष्ठ एक उत्तल समुच्चय होता है।अतः Z=X_{1} \cap X_{2} उत्तल समुच्चय है।
Example:11.Y=\left\{\left(x_{1}, x_{2}\right) \mid x_{2}-3 \geq -x_{1}, x_{1} \geq 0, x_{2} \geq 0\right\}
Solution: x_{2}-3 \geq -x_{1} \Rightarrow x_{1}+x_{2} \geq 3

माना \alpha=\left(x_{1}, x_{2}\right) तथा \beta=\left(y_{1}, y_{2}\right) \\ \therefore \lambda \alpha+(1-\lambda) \beta =\lambda\left(x_{1}, x_{2}\right)+(1-\lambda)\left(y_{1}, y_{2}\right) \\ =\left(\lambda x_{1}, \lambda x_{2}\right) +\left((1-\lambda) y_{1},(1-\lambda) y_{2}\right) \\ =\lambda x_{1}+\left[\lambda x_{1}+(1-\lambda) y_{1}, \lambda x_{2}+(1-\lambda) y_{2}\right] \\ =\lambda x_{1}+(1-\lambda) y_{1}+\lambda x_{2}+(1-\lambda) y_{2} \\ =\lambda x_{1}+\lambda x_{2}+(1-\lambda)\left(y_{1}+y_{2}\right) \\ =\lambda\left(x_{1}+x_{2}\right)+(1-\lambda) \left(y_{1} +y_{2}\right) \\ \geq 3 \lambda+(1-\lambda) 3 \\ \geq 3 \lambda+3-3 \lambda \\ \geq 3 \\ \Rightarrow \lambda \alpha+(1-\lambda) \beta \in Y
अत: Y अवमुख समुच्चय है।
उपर्युक्त उदाहरणों के द्वारा रैखिक परतन्त्र तथा रैखिक स्वतन्त्र सदिश (Linear Dependent or Linear Independent Vectors) को समझ सकते हैं।

3.रैखिक परतन्त्र तथा रैखिक स्वतन्त्र सदिश की समस्याएं (Linear Dependent or Linear Independent Vectors Problems):

(1.)प्रदर्शित कीजिए कि निम्न सदिश एकघातत: स्वतन्त्र है।
(Show that the following vectors are L.I.)
(-1,2,1);(3,1,-2)
(2.)प्रदर्शित कीजिए कि निम्न समुच्चय अवमुख समुच्चय हैं:
(Show that the following set is a convex set.):

S=\left\{x : x=\left(x_{1}, x_{2}, x_{3}\right) ; x_{1}^{2}+x_{2}^{2}+x_{3}^{2} \leq 1\right\}
उपर्युक्त सवालों को हल करने पर रैखिक परतन्त्र तथा रैखिक स्वतन्त्र सदिश (Linear Dependent or Linear Independent Vectors) को ठीक से समझ सकते हैं।

Also Read This Article:-LPP Formulation and Graphical Method

4.रैखिक परतन्त्र तथा रैखिक स्वतन्त्र सदिश (Linear Dependent or Linear Independent Vectors) के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.अवमुख संचय को परिभाषित कीजिए। (Define convex combination.)

उत्तर:किसी सदिश समष्टि के परिमित बिन्दुओं a,b,c का अवमुख (रैखिक) संचय परिभाषित बिन्दु होता है।

प्रश्न:2.अवमुख समुच्चय के चरम बिन्दु परिभाषित कीजिए। (Define extreme points of a convex set.):

उत्तर:एक अवमुख समुच्चय X का बिन्दु a चरम बिन्दु कहलाता है यदि a को X के किन्हीं दो भिन्न बिन्दुओं के अवमुख संचय के रूप में व्यक्त नहीं किया जा सकता हो।

प्रश्न:3.अधिसमतल को समझाइए। (Explain hyperplane.):

उत्तर:किसी सदिश समष्टि में एक रैखिक सम्बन्ध को सन्तुष्ट करने वाले सभी बिन्दुओं का बिन्दु समुच्चय अधिसमतल को परिभाषित करता है।

प्रश्न:4.सदिश समष्टि का आधार परिभाषित कीजिए। (Define basis of vector space.):

उत्तर:यदि किसी समुच्चय के सदस्य रैखिक स्वतंत्र हो तो उसे आधार समुच्चय या केवल आधार कहते है।
उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा रैखिक परतन्त्र तथा रैखिक स्वतन्त्र सदिश (Linear Dependent or Linear Independent Vectors) के बारे में ओर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

 

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Linear Dependent or Linear Independent Vectors

रैखिक परतन्त्र तथा रैखिक स्वतन्त्र सदिश
(Linear Dependent or Linear Independent Vectors)

Linear Dependent or Linear Independent Vectors

रैखिक परतन्त्र तथा रैखिक स्वतन्त्र सदिश (Linear Dependent or Linear Independent Vectors)
के बारे में इस आर्टिकल में अध्ययन करेंगे।

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