Menu

Simplex Algorithm

सिम्पलैक्स कलन विधि का परिचय (Introduction to Simplex Algorithm):

  • सिम्पलैक्स कलन विधि (Simplex Algorithm):सिम्पलैक्स विधि सिद्धान्त तथा रैखिक प्रोग्रामन समस्या:संरूपण तथा आलेखी हल में यह प्रदर्शित कर चुके हैं कि कि यदि किसी रैखिक समस्या का इष्टतम हल विद्यमान है तो कम से कम एक आधारी सुसंगत हल (B. F. C
    S.) इष्टतम होता है। सिम्पलैक्स कलन विधि में प्रारम्भिक आधारी सुसंगत हल से प्रारम्भ करके उन्नत आधारी सुसंगत हल क्रमिक विधि से जब तक प्राप्त करते जाते हैं जब तक समस्या का इष्टतम हल प्राप्त न हो जाए।
  • आपको यह जानकारी रोचक व ज्ञानवर्धक लगे तो अपने मित्रों के साथ इस गणित के आर्टिकल को शेयर करें।यदि आप इस वेबसाइट पर पहली बार आए हैं तो वेबसाइट को फॉलो करें और ईमेल सब्सक्रिप्शन को भी फॉलो करें।जिससे नए आर्टिकल का नोटिफिकेशन आपको मिल सके । यदि आर्टिकल पसन्द आए तो अपने मित्रों के साथ शेयर और लाईक करें जिससे वे भी लाभ उठाए । आपकी कोई समस्या हो या कोई सुझाव देना चाहते हैं तो कमेंट करके बताएं।इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें।

सिम्पलैक्स कलन विधि (Simplex Algorithm):

  • सिम्पलैक्स विधि (सिम्पलैक्स कलन विधि) का विकास जार्ज डेन्टजिंग (George Dantzing) ने 1947 में किया था जिसको 1951 में उपलब्ध कराया गया। अतः सिम्पलैक्स कलन विधि रैखिक समस्या को हल करने की क्रमिक विधि (step by step) क्रमबद्ध प्रक्रिया है जिसके मुख्य चरण निम्न हैं।
    (1.)रैखिक समस्या का अभिप्रयोग आधारी सुसंगत हल ज्ञात करना है।
    (2.)यह हल इष्टतम है या नहीं इसको परखना।
    प्रथम अभिप्रयोग हल नियमों के अनुसार उन्नत (Improve) करना है यदि यह इष्टतम हल नहीं है तथा इस प्रक्रिया की पुनरावृत्ति करते जाना जब तक कि इष्टतम हल प्राप्त न हो जाए।
  • उपर्युक्त आर्टिकल में सिम्पलैक्स कलन विधि (Simplex Algorithm) के बारे में बताया गया है।
No.Social MediaUrl
1.Facebookclick here
2.you tubeclick here
3.Instagramclick here
4.Linkedinclick here
5.Facebook Pageclick here
6.Twitterclick here

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *