Era of Digital Revolution in 2025-26
1.2025-26 में डिजिटल क्रांति का युग (Era of Digital Revolution in 2025-26),डिजिटल क्रांति को कैसे जानें? (How to Know Digital Revolution?):
- 2025-26 में डिजिटल क्रांति का युग (Era of Digital Revolution in 2025-26) आ गया है जिसमें पढ़े-लिखे और अनपढ़ व्यक्ति सभी के लिए डिजिटल डिवाइस का प्रयोग करना आवश्यकता बन गया है।इसकी गिरफ्त में बच्चे,युवा,प्रौढ़ और बुजुर्ग सभी आ गए हैं।
- आपको यह जानकारी रोचक व ज्ञानवर्धक लगे तो अपने मित्रों के साथ इस गणित के आर्टिकल को शेयर करें।यदि आप इस वेबसाइट पर पहली बार आए हैं तो वेबसाइट को फॉलो करें और ईमेल सब्सक्रिप्शन को भी फॉलो करें।जिससे नए आर्टिकल का नोटिफिकेशन आपको मिल सके।यदि आर्टिकल पसन्द आए तो अपने मित्रों के साथ शेयर और लाईक करें जिससे वे भी लाभ उठाए।आपकी कोई समस्या हो या कोई सुझाव देना चाहते हैं तो कमेंट करके बताएं।इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें।
Also Read This Article:ऑनलाइन परीक्षा देने के लिए टेक्नोलॉजी की टिप्स का परिचय
2.वर्तमान युग टेक्नोलॉजी का युग (The current era is the era of technology):
- वर्तमान युग को टेक्नोलॉजी का युग कह सकते हैं।नित नई खोज एवं टेक्नोलॉजी के पदार्पण से भौतिक जीवन अति आसान एवं सरल हो गया है।विकास की इस स्वप्निल दुनिया में एकाएक सब कुछ बदल गया है और आज से 5 साल बाद की परिकल्पना कोई परिकथा जैसी लगती है।समय आता है और ये सारे अत्याधुनिक उपकरण मानव जीवन के अंग बन जाते हैं।कल तक की अनजान एवं अनभिज्ञ चीजें हमारी उपयोग की वस्तुएं बन जाती हैं,किंतु विकास के इस दौर में कुछ और भी चीजें जुड़नी चाहिए,जिससे कि हमारी वैचारिक एवं भावनात्मक क्षमता में अभिवृद्धि हो,जबकि भौतिक विकास अपनी चरम सीमा पर है।
- आज ‘बाइनरी पावर’ को भविष्य की तकनीकी के रूप में देखा जा रहा है।आगामी दिनों में संभव है,यह घर में लगे लाइट बल्ब के परंपरागत तरीके को ही नहीं बदलेगी,बल्कि इसे साउंड सिस्टम के लिए पॉइंट्स के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।इससे स्पीकर एवं हेडफोन गुजरी जमाने की बात हो जाएगी,जैसे आज सी०डी० प्लेयर ने टेपरिकार्डर को पीछे छोड़ दिया है।बाइनरी पावर का तात्पर्य है-दो ऊर्जा की किरणें अंतरिक्ष में एक जगह पर मिलती हैं और बिजली का स्रोत बनती हैं।इन किरणों के मिलन स्थल पर रोशनी पर्याप्त मात्रा में पैदा होती है।
- आज से 100 साल पहले ‘टाइम मशीन’ नामक एक किताब में एच०जी० वेल्स ने समय को एक सीधी रेखा मानकर इसमें आगे बढ़ने के साथ पीछे चलने की परिकल्पना की थी।लगता है टाइम ट्रैवल का यह विचार एक हकीकत बनने के मुकाम पर खड़ा है।एक अन्य तकनीकी ‘डिसेंबलिंग मैटर’ से पत्थर को रॉकिंग कुर्सी में बदला जा सकता है।पत्थर पर किरणों को केंद्रित करते ही पत्थर के सभी अणु अलग होकर एक ढेर के रूप में टेबल में बिखर जाते हैं।पत्थर का वह भाग ही कुर्सी के समान दिखता है,ऐसा ही बना रहता है और उसी कुर्सी का आकार बनता है।यह तकनीक भविष्य में बहुत उपयोगी हो सकती है,परंतु वर्तमान समय की प्रचलित तकनीक,जैसे फैक्स मशीन,चेकिंग इंडस्ट्री,परंपरागत टेलीविजन,इनवेजिव सर्जरी,एफ०एम० रेडियो आदि अधिक समय तक टिक नहीं पाएंगे।
- इन तकनीकों के अलावा रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन,जिसमें वस्तु या व्यक्ति की पहचान की जाती है,यह भी खत्म होने के कगार पर है,क्योंकि इसके स्थान पर सर्च तकनीकी विकसित हो चुकी है,जो चिप के बिना भी काम कर सकती है।फ्रंटल जियोमेट्री की वजह से लोकप्रिय हुए गणितज्ञ मेंकेंन ब्रांट से जब एक प्रश्न पूछा गया कि झील के चारों ओर की दूरी क्या है? इसके जवाब में उन्होंने बताया कि यह दूरी निर्भर करती है कि इसे कितनी दूरी से देखा जा रहा है।इसे जितनी ऊंचाई से देखा जाएगा,उसकी दूरी को मापना आसान हो जाता है।जैसे-जैसे हम ऊंचाई से नीचे उतरेंगे,झील की दूरी लगातार बढ़ती जाती है और झील के लिए खींची गई रेखा मिट्टी के पिंड,धूल के कणों से होती हुई प्रत्येक अणु तक पहुंच जाएगी।मेंकेंन ब्रांट के ‘डिस्टेंस अराउंड लेक’ सिद्धांत के आधार पर छोटे से छोटे कण को देखने के लिए कई प्रकार की तकनीकी विकसित हो चुकी है।इसे हम ‘डिजिटल इनफॉरमेशन’ के रूप में परिभाषित कर सकते हैं।अब तो इसके भी आगे अनेक प्रारूप तैयार हैं,जो समय और श्रम को बचा सकते हैं तथा भौतिक जीवन के नितनूतन साधनों में शुमार होने वाले हैं।
3.तकनीकी युग में पढ़ने एवं व्यवसाय के तरीके बदले (Changing the way you read and do business in the technological age):
- परंपरागत पुस्तकालय में पुस्तक पढ़ना अब बोझिल होता जा रहा है।पुस्तकालय में पहले की अपेक्षा पाठकों की संख्या निरंतर घट रही है।इसका स्थान अब ई-लाइब्रेरी ले रही है,जिससे कि इंटरनेट के माध्यम से किसी भी लाइब्रेरी से जुड़कर वहां की किताबों से सूचना एकत्र की जा सकती है।लाइब्रेरी को सूचना अनुभव केंद्र बनाने के लिए और एयरकूल गैलरी,इन हाउस कॉफी शॉप जैसी योजना पर अमल किया जा रहा है।संघर्ष से जूझ रहे पुस्तकालयों के लिए ट्रेडमिल और बाइसिकल की मदद ली जा रही है,जिससे काम करते हुए लोग पढ़ सकें,ताकि दिमाग तक अच्छी तरह रक्त-संचार हो और उनकी स्मृतिक्षमता में भी सुधार हो।इस प्रकार आगामी सदी में सुपर एंटरटेनिंग लाइब्रेरी की परिकल्पना की जा रही है,जिसमें सूचनाओं को सीधे मस्तिष्क के न्यूट्रॉन में उतारकर उसे वहीं कंप्यूटर के समान संग्रह किया जा सके।
- कंप्यूटर एवं तकनीकी के इस युग में व्यापार एवं बाजार का रूप भी बदला है।अब तो उत्पादन को स्टोर सेल्फ में रखने और उनकी बिक्री की गिनती करने की जरूरत नहीं है।इंटरनेट से सीधे ऑनलाइन खरीदारी बढ़ी है।घर में बैठकर मनपसंद चीजें खरीदी जा सकती हैं,चाहे वे कपड़ा,खाद्य पदार्थ,कॉफी-कलम,किताब,जेवर-आभूषण हों या फिर रेलवे एवं हवाई जहाज टिकटें ही क्यों ना हों।इस दृष्टि से ऑनलाइन ब्रांड की स्थापना हो चुकी है।फ्री एंटरप्राइज सिस्टम से नए देश और नए तरह के व्यवसाय का अवसर बढ़ रहा है।व्यापार एवं व्यवसाय ने देशों की सरहदों को तोड़कर विश्व को एक आंगन में खड़ा कर दिया है।आज हम जिस संचार माध्यम का उपयोग कर रहे हैं,उसकी आज से 30 साल पहले खोज हो चुकी है।अब आविष्कारों का स्वरूप बदल रहा है।यदि आविष्कार जल्दी-जल्दी हुआ करेंगे तो कल्पना और यथार्थ के बीच की खाई कम होगी।
- भविष्य के तकनीकी युग में ‘प्लग इन’ करके दिमाग के द्वारा लोगों से संचार किया जा सकेगा।इस दौर में अधिकतर ‘इनफॉरमेशन स्वार्म’ सीधे मस्तिष्क से संपर्क करेंगे।हर व्यक्ति अपना विजुअल इंटरफेस (एक प्रोग्राम जो कंप्यूटर में डिस्प्ले को नियंत्रित करता है) होगा।यह अंतरिक्ष में तैरता रहेगा और सिर्फ उसी व्यक्ति को दिखाई देगा,जिसके पास उसे देखने का अधिकार होगा।इस प्रकार आगामी सदी में हम तकनीकी के स्वप्निल संसार में पहुंच जाएंगे।आज के युग को हम तीन दशक पूर्व कुछ इसी प्रकार देखते थे,जिस प्रकार अगले दशक को हम आज देख रहे हैं।
- समय के साथ आगे बढ़ना बुद्धिमता है।इसके साथ यह भी आवश्यक है कि हमारा विकास केवल बाहरी ना हो,आंतरिक भी हो।जिस प्रकार हम आज आधुनिक तकनीकी से परिपूर्ण हैं,उसी प्रकार हमें अपने विचारों एवं भावनाओं में भी उतना ही क्षमतावान होना चाहिए; क्योंकि विकास की धारा हमारे आंतरिक तत्वों से अविच्छिन्न रूप से जुड़ी हुई है।साधन-सुविधाओं के अंबार में भी यदि हमारी भावनाएं रिक्त एवं कलुषित हुईं तो हमें ये सब चुभते प्रतीत होंगे,जो कि आज के इस आधुनिक तकनीकी का एक कड़ुआ सच है।अतः हमें तकनीकी क्रांति के साथ वैचारिक क्रांति को भी अपनाना चाहिए।इन दोनों के तालमेल से ही विकास की गति समग्र एवं संपूर्ण रूप से आगे बढ़ेगी और 21वीं सदी का सपना साकार हो सकेगा।
4.डिजिटल क्रांति का अर्थ (The Meaning of the Digital Revolution):
- मोबाइल फोन,कंप्यूटर,लैपटॉप,टैबलेट और विभिन्न ऑनलाइन डिवाइसेज आज आम आदमी का हिस्सा बन चुके हैं।ऑनलाइन स्टडी,ऑनलाइन शॉपिंग,ऑनलाइन पेमेंट,ऑनलाइन टॉकिंग आदि सभी कुछ डिजिटल माध्यम से जुड़ते जा रहे हैं।अब छात्र-छात्राएं ऑफलाइन स्टडी,ऑफलाइन कोचिंग पर ही निर्भर नहीं रह गए हैं बल्कि आज छात्र-छात्राएँ मोबाइल फोन या कंप्यूटर के जरिए ऑनलाइन शिक्षा,कोचिंग कर रहे हैं।यूट्यूब पर वीडियो देखकर या वेबसाइट्स पर लेख पढ़कर व्यक्ति कुछ भी सीख सकता है।आज यूट्यूब या वेबसाइट्स पर शिक्षा,हेल्थ,मनोरंजन,कुकिंग,गेमिंग,टेक्नोलॉजी,भजन,संगीत,सिलाई आदि किसी भी क्षेत्र का ज्ञान अर्जित किया जा सकता है,किया जाता है।
- आज हर चीज,हर क्षेत्र ऑनलाइन होते जा रहे हैं अतः इसके खतरे भी बढ़ते जा रहे हैं।साइबर क्राइम,साइबर फ्राॅड,साइबर ठगी के अनेक लोग शिकार हो जाते हैं।अतः युवाओं और व्यक्तियों को डिजिटल डिवाइसेज और टेक्नोलॉजी का सही और सुरक्षित इस्तेमाल करना सीखना भी जरूरी है।अनेक फर्जी वेबसाइट्स हैं और फर्जी वीडियो रोजाना अपलोड होते हैं जो सही जानकारी न देकर गलत जानकारी परोस रहे हैं।अतः छात्र-छात्राओं,युवाओं और लोगों को यह भी ध्यान रखने की जरूरत है कि कौन-कौनसी फर्जी वेबसाइट्स हैं,किस वीडियो पर भटकाने वाली सामग्री (कंटेंट) परोसी जा रही है।
- कई बार युवावर्ग स्वयं जानबूझकर,लोभ-लालच या इंटरनेट की लत के कारण पोर्न वेबसाइट्स को खंगालने लगते हैं और भटक जाते हैं।छात्र-छात्राओं,एंप्लॉईज और लोगों को अपने क्षेत्र से संबंधित सामग्री का इस्तेमाल करना चाहिए और अच्छी बातों को ही सीखना चाहिए।
- इंटरनेट सर्फिंग कर रहे हों तो अपनी गोपनीयता और साइबर सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें।बैंक डिटेल्स और अपने जरूरी पासवर्ड किसी अजनबी वेबसाइट्स या इंटरनेट माध्यमों पर साझा न करें।सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय अजनबी लोगों से चैटिंग,वीडियो कॉल या फोन पर बात ना करें और अनावश्यक लिंक पर क्लिक न करें।अगर आप अपनी सुरक्षा का ख्याल नहीं करेंगे तो स्वाभाविक है कि इसका नुकसान भी आपको उठाना ही पड़ेगा।रोजाना न्यूज़ चैनल्स और अखबारों में साइबर फ्राॅड के शिकार लोगों के बारे में बताया जाता है और अपनी सुरक्षा के इंतजाम बताएं जाते हैं।
- कम पढ़े-लिखे लोग ही नहीं बल्कि बहुत अधिक पढ़े-लिखे,समझदार और अनुभवी व्यक्ति भी साइबर फ्रॉड के शिकार हो जाते हैं,सामान्य व्यक्ति कैसे सुरक्षित रह सकता है।इसका उपचार यही है कि साइबर सुरक्षा के बारे में लोगों को जागरूक किया जाए।
5.डिजिटल क्रांति के साथ चेतना का विकास भी हो (Along with the digital revolution,there should also be the development of consciousness):
- डिजिटल माध्यमों का उपयोग करना आज की आवश्यकता बन गया है परंतु इसके साथ अपने आंतरिक विकास,चेतना के विकास पर ध्यान नहीं दिया जाता है।देखा जाता है कि कितना ही अधिक साक्षर हो जाए,डिग्रियाँ हासिल कर लें परन्तु यदि आप जागरूक नहीं हैं,आप में समझदारी नहीं है तो आप धोखाधड़ी के शिकार हो सकते हैं।इसके अलावा बाहरी विकास,शारीरिक और मानसिक विकास पर तो बहुत ध्यान दिया जाता है।मसलन अच्छी वेशभूषा धारण करेंगे,सजे सँवरेंगे,शरीर को साफ-सुथरा रखेंगे,अच्छा और आलीशान मकान,आने-जाने के लिए गाड़ी आदि तमाम तरह की सुविधाओं को जुटाने में लगे रहेंगे परंतु इसका शतांश भी आत्मिक विकास पर ध्यान नहीं दिया जाता है।साफ-सुथरा रहना,शरीर को स्वच्छ रखना,अपने कर्त्तव्यों का पालन करने के लिए धन कमाना बुरा नहीं है,जरूरी है।परंतु हम इसमें एक गलती करते हैं कि सुख-सुविधाओं को अधिक से अधिक जुटाने में लगे रहते हैं और हमें पता ही नहीं चलता है कि हम विलासितापूर्ण जीवन जी रहे हैं,इस प्रकार हम अति की ओर अग्रसर होते हैं क्योंकि आवश्यकता और सुख-सुविधाओं का तो अंत है परंतु विलासिता का कोई अंत नहीं है।ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हम जागरूक नहीं रहते हैं,हमारे अंदर समझदारी का अभाव है।जागरूकता और समझदारी आत्मिक विकास और अनुभव से आती है।
- माता-पिता,शिक्षकों और बड़े-बुजुर्गों को पहले स्वयं जागरूक,सचेत,सावधान और समझदार होना होगा और बच्चों को,छात्र-छात्राओं को,युवाओं को जागरूक करना होगा तभी वे इंटरनेट और डिजिटल उपकरणों का सुरक्षित इस्तेमाल और उपयोग कर सकते हैं।इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखें जिससे वे अपने बच्चों को डिजिटल डिवाइसेज का सुरक्षित इस्तेमाल कर सकें।
- (1.)अनुभवी व्यक्तियों से,अनुभवी शिक्षकों से जानकारी प्राप्त करके ही किसी वेबसाइट या यूट्यूब चैनल का उपयोग अपनी पढ़ाई संबंधी जानकारी के लिए करना चाहिए।
- (2.)आपको अनजान लिंक,ईमेल प्राप्त हों तो उसको क्लिक न करें,हर किसी के साथ अपनी निजी जानकारी साझा न करें।
- (3.)हमेशा सोशल मीडिया,इंटरनेट पर ही व्यस्त ना रहें बल्कि अपने बड़े-बुजुर्गों के साथ भी कुछ समय बिताएं ताकि आपको जीवन के ठोस अनुभवों का लाभ मिल सके।बड़े-बुजुर्गों के पास जीवन की वास्तविक सच्चाइयों का अनुभव होता है,वह इंटरनेट और सोशल मीडिया पर नहीं मिल सकता है।
- (4.)रील लाइफ के बजाय रियल लाइफ पर भरोसा करें,इंटरनेट व सोशल मीडिया की लत ना लगाएं।हां यदि आपका जाॅब ऑनलाइन,इंटरनेट पर सर्फिंग का है तो आपके लिए जरूरी है और आप इस्तेमाल करेंगे ही।परंतु ऑनलाइन जॉब अथवा कंटेंट राइटर,ऑनलाइन कोचिंग आदि कार्य आपको कई घंटे करना पड़ता है तो आपको अधिक सावचेत रहने की जरूरत है।
- (5.)सांसारिक ज्ञान प्राप्त करने में ही न लग रहें बल्कि व्यावहारिक और आध्यात्मिक ज्ञान भी प्राप्त करें।यदि बड़े-बुजुर्गों,विद्वानों,संतों,ऋषियों के साथ सत्संग करने का मौका मिल जाए तो ऐसे अवसर का पूरा फायदा उठाएं।
(6.)आप कम पढ़े लिखे हैं तो भी आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त कर सकते हैंःसत्संग,कथा,प्रवचनों को सुनकर आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं।संत कबीर,रहीम,दादूदयाल,रामकृष्ण परमहंस आदि कौन से इतने पढ़े लिखे थे लेकिन उनको उच्च कोटि का आध्यात्मिक ज्ञान था।भजन,कीर्तन आदि के द्वारा भी आप अपना आत्मिक विकास कर सकते हैं। - (7.)बाह्य विकास और आंतरिक विकास (आत्मोन्नति) में एक संतुलन होना चाहिए।किसी भी एक पक्ष का विकास जीवन में असंतुलन पैदा कर देता है।
- (8.)अकेले-अकेले ही ना रहे लोगों से मेलजोल और कनेक्टिविटी बढ़ाएं।अपना उचित विकास करने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।अच्छे लोगों से,भले लोगों से कनेक्टिविटी बढ़ाने से हमारी सोच का दायरा बढ़ता है।
- (9.)साइबर ठगी के शिकार हो गए हों तो साइबर पुलिस से सहायता लें तथा साइबर ठगों के विरुद्ध कार्यवाही करायें।
- उपर्युक्त आर्टिकल में 2025-26 में डिजिटल क्रांति का युग (Era of Digital Revolution in 2025-26),डिजिटल क्रांति को कैसे जानें? (How to Know Digital Revolution?) के बारे में बताया गया है।
Also Read This Article:एम-जनरेशन के लिए प्रौद्योगिकी टाॅक्सिक
6.डिजिटल युग में मुँह मीठा (हास्य-व्यंग्य) (Sweet Mouth in Digital Age) (Humour-Satire):
- समृद्धिःआंटी लीजिए मिठाई खा लीजिए,मेरा रिजल्ट आया है।
- आंटी:लेकिन इन मिठाइयों में मिठास और अपनेपन की सुगंध तो नहीं है।
- समृद्धिःयह डिजिटल क्रांति का युग है,इसमें मिठास और आत्मीयता कैसे हो सकती है?
- आंटी:संवेदना,दुःख-दर्द और पीड़ा को समझने की क्षमता विकसित करके ऐसा किया जा सकता है।
7.2025-26 में डिजिटल क्रांति का युग (Frequently Asked Questions Related to Era of Digital Revolution in 2025-26),डिजिटल क्रांति को कैसे जानें? (How to Know Digital Revolution?) से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नः
प्रश्नः1.स्पूफिंग क्या है? (What is Spoofing?):
उत्तर:अनाधिकृत (Unauthorized) डेटा को उसके अधिकृत (Authorized) उपयोगकर्ता की जानकारी के बिना एक्सेस करने की तकनीक को स्पूफिंग कहते हैं। यह नेटवर्क पर विभिन्न संसाधनों को एक्सेस करने के लिए भी इस्तेमाल होती है।
प्रश्न:2.हैकिंग से क्या आशय है? (What do you mean by Hacking?):
उत्तर:नेटवर्क से जुड़े कंप्यूटर में घुसपैठ करने की प्रक्रिया को हैकिंग कहते हैं।हैकिंग DOS (Denial of Service) अटैक का परिणाम भी हो सकता है।यह कंप्यूटर के सभी संसाधनों को वैद्य यूजरों द्वारा इस्तेमाल करने से दूर रखती है।
प्रश्न:3.पासवर्ड को स्पष्ट करें। (Clear the password):
उत्तरःयह एक प्रकार का गोपनीय शब्द या कैरेक्टर्स की एक स्ट्रिंग है।जिसे उपयोगकर्ता को प्रमाणित करने के लिए प्रयोग किया जाता है,ताकि उपयोगकर्ता की पहचान या संसाधनों के एक्सेस को प्राप्त किया जा सके।
- उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा 2025-26 में डिजिटल क्रांति का युग (Era of Digital Revolution in 2025-26),डिजिटल क्रांति को कैसे जानें? (How to Know Digital Revolution?) के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
| No. | Social Media | Url |
|---|---|---|
| 1. | click here | |
| 2. | you tube | click here |
| 3. | click here | |
| 4. | click here | |
| 5. | Facebook Page | click here |
| 6. | click here | |
| 7. | click here |
About Author
Satyam
About my self I am owner of Mathematics Satyam website.I am satya narain kumawat from manoharpur district-jaipur (Rajasthan) India pin code-303104.My qualification -B.SC. B.ed. I have read about m.sc. books,psychology,philosophy,spiritual, vedic,religious,yoga,health and different many knowledgeable books.I have about 15 years teaching experience upto M.sc. ,M.com.,English and science.










