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What are the five interesting facts about mathematical sign infinity?

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1 What are the five interesting facts about mathematical sign infinity?

What are the five interesting facts about mathematical sign infinity?

1.गणितीय चिन्ह अनन्त के पाँच रोचक तथ्य क्या हैं का परिचय (Introduction to What are the five interesting facts about mathematical sign infinity?)-

इसआर्टिकल में अनंत के रोचक तथ्यों का वर्णन किया गया है। रोचक तथ्यों की जानकारी से आपके गणित के ज्ञान में वृद्धि तो होगी ही साथ ही आपकी गणित में रुचि व जिज्ञासा  भी बढ़ेगी ।आपको यह जानकारी रोचक व ज्ञानवर्धक लगे तो अपने मित्रों के साथ इस गणित के आर्टिकल को शेयर करें ।गणित के रोचक तथ्यों के बारे में जानकारी हासिल की जाती है उसमें हमारी मनन व चिंतन शैली का विकास होता है ।गणित विषय अन्य विषयों से हटकर इसीलिए है कि इसे अलग ही प्रकार की बौद्धिक क्षमता का विकास होता है जो अन्य विषयों के अध्ययन से नहीं हो सकता है ।यदि आप इस वेबसाइट पर पहली बार आए हैं तो वेबसाइट को फॉलो करें और ईमेल सब्सक्रिप्शन को भी फॉलो करें जिससे नए आर्टिकल का नोटिफिकेशन आपको मिल सके ।इस आर्टिकल में अनंत के रोचक तथ्यों का वर्णन किया गया है ।

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2.सबसे पहले अनन्त की परिभाषा जान लेते हैं कि अनंत कहते किसे हैं?(Let us first know the definition of infinite, who is called infinite?)- 

अनंत-
(1.)वह राशि जो अपरिमित हो।
(2.)रेखा,समतल अथवा आकाश का वह प्रदेश जो किसी नियत बिंदु से अनंत दूरी पर हो ।जैसे अनंत पर की रेखा अथवा आकाश।
(3.) Infinity-Becoming large beyond any fixed bound.
साधारण शब्दों में कहें तो जब मनुष्य तथा मनुष्य द्वारा निर्मित तकनीकी उपकरणों द्वारा किसी समस्या का समाधान नहीं निकाला जा सकता हो अर्थात उसकी क्षमता सीमा से बाहर हो तो उसे अनंत की संज्ञा दी जा सकती है।
मनुष्य के ज्ञान की सीमा है उस सीमा के परे जो भी है उसे अनंत कहा जाता है। ज्ञान अनन्त है, अनन्त का केवल कुछ हिस्सा ही हम जान पाते हैं। हमारे द्वारा जितना जाना हुआ है उसके बजाए अज्ञात का हिस्सा अधिक है। हम अज्ञात में से जितना जानते जाते हैं उतना यही जान पाते हैं कि हमने बहुत कम जाना हैं।
यह स्थिति गणित में ही नहीं है बल्कि हर विषय की है वह भौतिक विषय अथवा आध्यात्मिक विषय हो। यह हो सकता है कि गणित में जिसे अनन्त कहते हैं उसे अन्य विषयों में किसी ओर नाम से पुकारते हों। जिसके बारे में हम नहीं जानते हैं या हमारी सीमा के बाहर जो चीज है उसे अपरिभाषित या अनन्त कहा जाता है। ज्यों-ज्यों हम अज्ञात में से जानते जाते हैं वह परिभाषित की सीमा या जाने हुए की सीमा में आ जाता है। जो चीज हमारे मस्तिष्क से परे है वह अपरिभाषित या अनन्त कही जाती है।
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गणित विज्ञान भी है। विज्ञान पदार्थ का विश्लेषण करता है। विज्ञान खण्ड-खण्ड पर विचार करता है तथा दर्शन अखण्ड पर भी विचार करता है। विज्ञान पदार्थ के खण्ड-खण्ड करते हुए अणु, परमाणु, प्रोट्रान, न्यूट्रॉन, पोजीट्रान, इलेक्ट्रान तक पहुँच गया अर्थात् खण्ड-खण्ड का विश्लेषण करने में जुटा हुआ है परन्तु खण्ड-खण्ड में पारस्परिक सम्बन्ध पर उसका ध्यान नहीं गया। इस चक्कर में वह अखण्ड को नहीं जान पाता है। गणित का ध्यान भी शून्य की तरफ है उसका ध्यान पूर्ण की तरफ नहीं है। विज्ञान की दृष्टि स्थूल पर पड़ती है सूक्ष्म पर नहीं।
स्थूल कहते हैं जो हमारी ज्ञानेन्द्रियों के द्वारा जाना जाता है, जाना जा सकता है अर्थात् जो ज्ञानेन्द्रियों की पकड़ में है। जो ज्ञानेन्द्रियों की पकड़ में न आए उसे सूक्ष्म कहते हैं। सूक्ष्म, स्थूल का ही एक हिस्सा है परन्तु जो अभी ज्ञानेन्द्रियों की पकड़ से बाहर है वह सूक्ष्म है। जो किसी भी विधि और उपाय से पकड़ में आ जाए वह स्थूल है। परन्तु जो कभी जाना ही न जा सके उसे अज्ञेय कहते हैं। जो आज अज्ञात है लेकिन कल को जान लिया जाए या जान लिया जा सकता है उसे स्थूल कहते हैं। अज्ञात है उसे हम कभी भी जान सकते हैं परन्तु अज्ञेय है उसे कभी नहीं जान सकते हैं।
इस प्रकार जो हमारी सीमा में नहीं है, अनन्त है, जिसे कभी हम नहीं जान सकते हैं वह अज्ञेय है। जो अज्ञात है तथा किसी भी विधि से जान सकते हैं वह स्थूल है।
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इस आर्टिकल में गणित के ऐसे 5 रोचक व ज्ञानवर्धक तथ्यों का वर्णन किया गया है। इन तथ्यों को जानकर आपको आश्चर्य तो होगा ही साथ ही आपका गणित के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास होगा ।जब गणित विषय के प्रति आपका सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा तो आप गणित का अध्ययन कर पाएंगे ।सकारात्मक दृष्टिकोण अर्थात हमारी मानसिकता की भूमिका किसी भी विषय को कठिन व सरल बनाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाती है ।यदि हम निराशा,बेमन व उथले मन से गणित को पढ़ते हैं तो वास्तव में वह कठिन ही नहीं बल्कि बहुत कठिन हो जाती है। गणित को यदि सकारात्मक दृष्टिकोण,प्रसन्न मन,प्रसन्न चित्त,उत्साह व उमंग के साथ पढ़ेंगे तो गणित हमें सरल ही नहीं बल्कि गणित हमें बहुत सरल लगने लगेगी।

3.5 ऐसे तथ्य जो आप गणितीय चिन्ह अनन्त (∞) के बारे में नहीं जानते हैं(5 facts you don’t know about the mathematical symbol infinite (∞))-

गणित में अनन्त को एक संख्या के रूप में माना जाता है और इसे ∞ के रूप में दर्शाया जाता है। यह एक अंतहीन और असीम अवधारणा है, जो किसी ऐसी संख्या या अवधारणा को प्रस्तुत करता है, जो सभी से बड़ा हैl इस लेख में गणितीय चिन्ह अनन्त (∞) के बारे में कुछ ऐसे तथ्य दिए गए हैं जिन्हें आप नहीं जानते हैं l
APR 14, 2017
गणित में अनन्त को एक संख्या के रूप में माना जाता है और इसे ∞ के रूप में दर्शाया जाता है। यह एक अंतहीन और असीम अवधारणा है, जो किसी ऐसी संख्या या अवधारणा को प्रस्तुत करता है, जो सभी से बड़ा हैl कभी-कभी इसे लेमनीसकेट के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि इसके किनारे संख्या 8 के आकार की तरह होते हैं।
जैसे प्राचीन संस्कृतियों के प्रकृति की अनन्तता के बारे में विभिन्न विचार थे, वैसे ही अनन्त (∞) के बारे में विभिन्न सिद्धांत मौजूद थेl लेकिन उन्होंने इसे गणित के प्रतीक के रूप में वर्णित नहीं किया है, बल्कि इसे एक दार्शनिक अवधारणा के रूप में प्रस्तुत किया हैl
(1.) ईशावास्योपनिषद में वर्णित एक कविता भी अनन्त (∞) की अवधारणा को बताती है, जिसे भूमा का सिद्धांत कहते हैंl
इस कथन का सार यह है कि अनन्त अपरिवर्तनीय है और इस मंत्र को कहने का प्रतीकात्मक तरीका यह है कि अनन्त से कुछ भी नहीं निकलता हैl यहां तक कि अनन्त से निकलने वाले कुछ विचार भी अनन्त के अपने आवश्यक चरित्र पर आधारित होते हैंl

What are the five interesting facts about mathematical sign infinity

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(2.) अनन्त के जिस प्रतीक का इस्तेमाल इन दिनों किया जा रहा है, उसका एक लंबा इतिहास है। यह पहली बार सेंट बोनिफेस के क्रॉस में दिखाई दिया था, जो 8वीं शताब्दी में एक मिशनरी के माध्यम से फ्रैंकिश साम्राज्य में ईसाई धर्म को बढ़ावा देते थेl अनन्त का प्रतीक बोनिफेस के क्रॉस में लिपटा हुआ था l

What are the five interesting facts about mathematical sign infinity

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(3.) अतीत में भी अनन्त के प्रतीक का कई लोगों ने बहुत सारे अर्थ बताए हैं। कई स्रोतों के अनुसार,  पूर्णता और द्वैतवाद का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्राचीन काल में भारत और तिब्बत में इसका इस्तेमाल किया जाता था। इसे पुरूष और महिला की एकता के प्रतीक के रूप में भी जाना जाता थाl यहां तक कि जादुई खेल “टैरो” में यह विपरीत ताकतों के बीच संतुलन का प्रतीक हैl ओरेबोरोस (Ouroboros) के प्राचीन प्रतीक में एक अजगर अनन्त (∞) के आकार में अपनी पूंछ खा रहा है। वास्तव में ऑबोबोरोस ही अनन्त का प्रतीक है और इसे 8 के आकार में बनाया गया है।

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(4.)17 वीं शताब्दी में अनन्त के प्रतीक को अपना गणितीय अर्थ मिला l 1655 में यह पहली बार जॉन वालिस द्वारा इस्तेमाल किया गया था, लेकिन उन्होंने कभी नहीं बताया कि उन्होंने क्यों 8 को अनन्त के प्रतीक के रूप में इस्तेमाल किया l वास्तव में इससे मिलते जुलते प्रतीक का इस्तेमाल रोमन लोगों द्वारा बड़ी संख्या को व्यक्त करने के लिए किया जाता थाl जैसे- 1000 को CIƆ की तरह लिखा गया था जिसका अर्थ “कई” था lगणित की शाखा “कैलकुलस” में लिबनिज़ ने “अनन्त संख्या” और उसके उपयोग का अनुमान लगाया।
वास्तविक विश्लेषण में भी अनन्त (∞) के प्रतीक का उपयोग एक असीमित सीमा को दर्शाता हैl
यहां तक कि जटिल विश्लेषण में अनन्त (∞) का प्रतीक बिना चिन्ह वाले एक अनन्त सीमा को दर्शाता हैl
(5.) टैरो के खेल में अनन्त (∞) का प्रतीक एक जादुई कार्ड के ऊपर आता हैl पामेला कॉलमैन राइडर वाइट संस्करण में प्रयोग होने वाले इस कार्ड में एक जादूगर होता है जिसके सिर के ऊपर अनन्त (∞) प्रतीक होता है और लेमनीसकेट (lemniscates) को पूरे जोर से घूमा रहा होता हैl जबकि अन्य संस्करण के कार्ड में उसका सिर उसकी टोपी से ढंका होता हैl

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