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How to make strong Mathematics in STEM in modern age

Tips to make strong Mathematics in STEM in modern age

1.आधुनिक युग में गणित का स्थान(Place of Mathematics in modern) :-

प्राचीन काल में गणित का उद्देश्य मानसिक शक्तियों का विकास एवं चारित्रिक विकास पर जोर दिया जाता था। परन्तु आज नैतिक, कलात्मक मूल्यों के लिए भी गणित की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है। आधुनिक युग में STEM अर्थात् S-Science, T-Technology, E-Engineering, M-Mathematics पर अधिक ध्यान दिया जाना है। आधुनिक युग में विज्ञान की शिक्षा पर अधिक जोर दिया जाता है क्योंकि विज्ञान की शिक्षा द्वारा ही आर्थिक प्रगति सम्भव है परन्तु विज्ञान की प्रगति भी गणित के बिना सम्भव नहीं है। इस प्रकार STEM का विकास गणित के बिना सम्भव नहीं है।
इस प्रकार जितनी भी भौतिक और तकनीकी प्रगति विज्ञान के कारण हुई है उसका श्रेय गणित को दिया जाना चाहिए। गणित की प्रगति के साथ साथ विज्ञान की प्रगति हुई है और भविष्य में विज्ञान की प्रगति गणित पर ही निर्भर करती है। यदि हम संसार के प्रगतिशील देशों में गणित के पाठ्यक्रमों का अध्ययन करें तो हम पाएंगें कि वहाँ की प्राइमरी एवं माध्यमिक कक्षाओं में गणित की अध्ययन सामग्री का स्तर प्रगतिशील है और विद्यार्थियों को गणित के अध्ययन द्वारा विज्ञान को सीखने में अभूतपूर्व सहायता मिलती है। वहाँ सामाजिक प्रगति के साथ साथ गणित के पाठ्यक्रमों के स्तरों में भी सुधार किया जा रहा है तथा वहां के शिक्षाशास्त्री इस दिशा में आज भी क्रियाशील हैं। जिन देशों में गणित का पाठ्यक्रम प्रगतिशील नहीं रहा है, वहाँ पर भौतिक प्रगति भी अपेक्षाकृत कम हुई है। इसलिए हमें इस पर बल देना चाहिए कि गणित और विज्ञान शिक्षण संस्थानों में पहले दस सालों में विद्यार्थियों को सामान्य शिक्षा के एक भाग के रूप में अनिवार्यत: पढ़ाया जाए। इसके अतिरिक्त औसत योग्यता से अधिक योग्यता वाले विद्यार्थियों के लिए माध्यमिक अवस्था में इन विषयों में विशेष पाठ्यक्रम की व्यवस्था की जाए। ये कार्यक्रम तभी उपयोगी हो सकते हैं जब गणित पाठ्यचर्याओं को पुनः संगठित कर आधुनिकतम बनाया जाए, शिक्षण पद्धति में पुनः शक्ति का संचार किया जाए और गणित विषय के शिक्षण के लिए उचित सुविधाएं दी जाएं।
वैज्ञानिक दृष्टि अपनाने का मुख्य लक्षण वस्तुओं को मात्रात्मक दृष्टि से अभिव्यक्त करना है। इसलिए आधुनिक शिक्षा में गणित का स्थान अधिक महत्त्वपूर्ण हो जाता है। भौतिक विज्ञान की प्रगति में इसका महत्वपूर्ण योगदान है, साथ ही जैविक विज्ञानों के विकास में भी अधिकाधिक रूप से गणित का उपयोग किया जा रहा है। इस शताब्दी में स्वचालन विज्ञान (Automatic science) और साइबरनैटिक्स के आगमन से नई वैज्ञानिक औद्योगिक क्रांति का जन्म हुआ है और गणित के अध्ययन पर विशेष ध्यान देना और भी अनिवार्य हो गया है। अतः गणित विषय के ज्ञान का उचित आधार शिक्षण संस्थानों में रखा जाना चाहिए।
गणित को विज्ञान की आत्मा कहा जा सकता है। गणित के बिना विज्ञान अपना अस्तित्व बनाए रखने में असमर्थ सिद्ध होगा। आधुनिक युग क्योंकि वैज्ञानिक युग है अतः इस युग की नींव गणित पर आधारित है। तकनीकी युग की आवश्यकताओं की पूर्ति में गणित के महत्त्वपूर्ण योगदान की व्यापक जानकारी होना आवश्यक है।
आज गणित के सिद्धान्तों का भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र, जीव शास्त्र, ज्योतिष शास्त्र, वनस्पति शास्त्र, भूगर्भ शास्त्र, भूगोल, तर्क शास्त्र, वाणिज्य, संगीत तथा अनेक महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में व्यापक रूप से उपयोग किया जा रहा है। गणित के उपयोग से इन क्षेत्रों की विषय सामग्री में वस्तुनिष्ठता एवं व्यावहारिकता को लाना सम्भव हो सका है तथा इस कारण समाज में भौतिक एवं सांस्कृतिक समृद्धि का विकास हुआ है।

गणित में पूर्व निर्धारित निश्चित उद्देश्यों की अनुभूति के लिए सेवार्थ तकनीकों (Techniques) का ताना बाना ही गणित शिक्षा में प्रोद्योगिकी है। प्रौद्योगिकी का सम्बन्ध आधुनिक प्रणालियों और प्रौद्योगिकी शिक्षण और अधिगम (Teaching and Learning) में व्यवस्थित उपयोग से है। यह विभिन्न प्रकार की भूमिकाओं में शिक्षक को मदद करती है जिनमें कुछ तो परम्परागत है और कुछ विकसित(emerging) हो रही है।  अतः technology जहां मनोविज्ञान(psychology) , समाजशास्त्र(sociology) , भाषा(Linguistics) , जैव और भौतिक विज्ञानों(Biology and physical sciences) , समाज विज्ञानों(social sciences) , सूचना प्रौद्योगिकी (Informationen Technology), प्रबन्ध और संचार विज्ञानों(Management and communication sciences) और सम्बन्धित ज्ञान के क्षेत्रों द्वारा विकसित प्रमुख सम्प्रत्ययों(concepts) , सिद्धान्तों(principles and theories) , शब्दावली(Terminology) , प्रणालियों(Methods) , प्रक्रमों(procedures) , तकनीकों(Techniques) का उपयोग शिक्षण और अधिगम में करती है।
गणित शिक्षण में प्रौद्योगिकी का स्वरुप (Forms of Technology in Mathematics Instruction) :-
गणित शिक्षा के शिक्षण में प्रौद्योगिकी का लाभ प्रत्यक्ष रूप से परम्परागत ज्ञात (known) शिक्षण साधनों (Teaching aids) में सम्मिलित है। गत शताब्दी के आरम्भ से ही इनका न्यूनाधिक उपयोग होता रहा है। गणित, विज्ञान और प्रौद्योगिकी उन्नति के साथ-साथ इनकी संख्या, लोकप्रियता और आवश्यकता में निरन्तर वृद्धि होती रही है जो निम्न प्रकार है-
(1.)इन्द्रिय अनुभव आधारित शिक्षण सामग्री संवर्ग(Categories based on empirical experiences) –
(i.) श्रव्य – रेडियो, आॅडियो, कैसेट्स
(ii.) दृश्य – चाॅकबोर्ड, प्रतिरूप, नमूने, ज्यामितीय चित्र, चार्ट, स्लाइड, फिल्म स्ट्रिप, ट्रान्सपैरेन्सीज, टीचिंग मशीन, कम्प्यूटर इत्यादि।
(iii.) फिल्म प्रोजेक्टर, टी. वी., वीडियो, कैसेट इत्यादि।
(2.)प्रेक्षण आधारित संवर्ग (Based on Projection) :-
(i.) निर्प्रक्षेपित-चाॅकबोर्ड, प्रतिरूप, नमूने, ज्यामितीय एवं सांख्यिकीय चित्र, चार्ट, रेडियो, आॅडियो कैसेट इत्यादि।
(ii.) प्रक्षेपित – फिल्म, फिल्म स्ट्रिप स्लाइड्स, ट्रान्सपैरेन्सीज, टीवी, श्रव्य-दृश्य कैसेट इत्यादि।
(3.)यन्त्र उपयोग का आधार (Use of machine based) :-
(i.) निर्यन्त्र संचालित – चाॅकबोर्ड, प्रतिरूप, नमूने, चित्र, लेखाचित्र, चार्ट इत्यादि।
(ii.) यन्त्र संचालित – फिल्म स्ट्रिप, स्लाइड्स, ट्रान्सपैरेन्सीज, रेडियो, टीवी, कैसेट्स इत्यादि।
(4.)प्रविधि आधारित (Based on Technique) –
(i.) सरल हार्डवेयर – जादुई लालटेन ( magic Lantern),ऐपीडायस्कोप (Epidiascope), स्लाइड प्रोजेक्टर, फिल्म स्ट्रिप प्रोजेक्टर, ओपेक प्रोजेक्टर, ओवर हैड प्रोजेक्टर।
(ii.) हार्डवेयर – रेडियो, टीवी, रेडियो वीजन, रिकॉर्ड प्लेयर, टेप रिकॉर्डर, चलचित्र, टीचिंग मशीन, कम्प्यूटर इत्यादि।
(5.)गणित शिक्षण में महत्वपूर्ण सहायक सामग्रियां (Important Aids in Mathematics Teaching) –
(i.) फिल्म पट्टियाँ और स्लाइड्स (Film Strips and Slides) – यह कम खर्चीली सहायक सामग्री है। इसकी सहायता से जटिल संरचनाएं (Complex structures), प्रयोग (Experiments) प्रदर्शित किए जा सकते हैं। यह एक आकर्षक साधन है। इसकी सहायता से विषयवस्तु को सरल बनाया जा सकता है। विद्यार्थी इसको देखने में रुचि लेते हैं। फिल्म स्ट्रिप की चौड़ाई 35 मिमी होती है। इसकी लम्बाई 1 मीटर से 1.50 मीटर तक होती है। इसमें 30 से 40 फ्रेम होते हैं। फिल्म स्ट्रिप में विषयवस्तु के चित्र, रेखाचित्र, फ्लोचार्ट, नमूना तथा लिखित सामग्री आदि को क्रमबद्ध रुप से व्यवस्थित किया जाता है। इसके उपयोग के लिए शिक्षण मार्गदर्शिका उपलब्ध रहती है। फिल्म स्ट्रिप के साथ अलग से आॅडियो टेप पर विस्तृत विवरण भी रिकार्ड किया जा सकता है। आॅडियो पर टेप फ्रेम से सम्बंधित विवरण समाप्त होने के साथ ही फिल्म स्ट्रिप का फ्रेम स्वत: परिवर्तित हो जाता है। इस कार्य के लिए फिल्म स्ट्रिप प्रोजेक्टर के साथ सिंक्रोनाइजर (synchronizer) तथा रिकाॅर्डर काम में लाए जाते हैं।
स्लाइड्स भी फिल्म स्ट्रिप की भांति होती है परन्तु इनमें हर स्लाइड अलग होती है। इन स्लाइडों को हम संरचना माॅडल तथा प्रयोग को प्रदर्शित करने में प्रयुक्त कर सकते हैं। आवश्यकतानुसार यह कक्षा में दिखाया भी जा सकता है। इसके प्रयोग से कक्षा के समय की बचत होती है। कम समय में ज्यादा से ज्यादा विषयवस्तु को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया जा सकता है। स्लाइडों को स्लाइड प्रोजेक्टर की सहायता से दिखाया जाता है। स्लाइड प्रोजेक्टर दो प्रकार के होते हैं –(1.)स्वचालित स्लाइड प्रोजेक्टर(Auto slide projector) (2.)हस्तचालित(Manual slide projector) ।
(6.)पारदर्शिकाएं (Transparencies) :- पारदर्शिकाएं गणित शिक्षण के लिए बहुत उपयोगी है। इनके उपयोग के लिए ओवरहैड प्रोजेक्टर (over Head projector-OHP) की आवश्यकता होती है। परम्परागत गणित शिक्षण में चाॅकबोर्ड कक्षा का महत्वपूर्ण उपकरण है। य। यह विषयवस्तु के प्रस्तुतिकरण, सारांश अभ्यास कार्य और गृह कार्य को प्रस्तुत करने के लिए एक अनिवार्य अंग है। इसमें चाॅक का उपयोग होता है। चाॅक की धूल से शिक्षक के हाथ और वस्त्र दोनों धूल-धूसरित हो जाते हैं। महत्वपूर्ण बिन्दु तो यह है कि चाॅकबोर्ड पर लिखते समय शिक्षक का ध्यान कक्षा में नहीं रहता है। इससे कक्षानुशासन पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। श्यामपट्ट पर पर्याप्त स्थान के अभाव में उसकी सामग्री को बिना मिटाए आगे प्रस्तुति नहीं हो सकती है। प्रत्येक शिक्षार्थी की लेखन गति भिन्न होती है। मन्द गति से लिखने वाले विद्यार्थियों की विषयवस्तु उनकी पुस्तिका में लिखने से रह जाती है। यह घटना गणित शिक्षण के लिए घातक बन जाती है। चित्रांकन एवं लेखन में समय नष्ट होता है।
पारदर्शिकाओं के प्रयोग से चाॅकबोर्ड की ये कमियां दूर हो जाती है। पारदर्शिकाओं का उपयोग OPH में होता है। इससे विषयवस्तु सफेद पर्दे पर परिवर्तित होती है। इसलिए कभी-कभी इस तकनीक को सफेद भी कहते हैं। पारदर्शिकाओं में चित्र, लेखाचित्र, सारांश, अभ्यास कार्य, गृह कार्य पहले से ही तैयार रहता है। शिक्षक योजनानुसार शिक्षण करते हुए आवश्यकतानुसार पारदर्शिकाओं की विषयवस्तु को प्रस्तुत करता जाता है।

3.पारदर्शिकाओं के लाभ

*कक्षा-कक्ष में उपयोग के समय अँधेरा नहीं होना चाहिए।
बड़े समूह के लिए भी यह समान रूप से उपयोगी है।
*OHP के उपयोग के कारण शिक्षार्थियों का ध्यान निरन्तर विषयवस्तु में बना रहता है।
*पारदर्शिकाओं को पहले से ही तैयार किया जाता है। इससे कक्षा के समय की बचत होती है। यदि कक्षा में ही इसे बनाना हो तो इसको तत्काल प्रभाव से बनाया जा सकता है।
*OHP का संचालन आसान है। इसके लिए किसी प्रकार के प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं होती।
*पारदर्शिकाओं को कई बार उपयोग में लाया जा सकता है। इनके रख-रखाव में कोई कठिनाई नहीं होती है।
*पारदर्शिकाओं के माध्यम से विषयवस्तु के प्रस्तुतीकरण की गति शिक्षक के नियन्त्रण में रहती है।
*इनके द्वारा पाठ का विकास पद प्रति पद सरलता से किया जा सकता है।
*पारदर्शिकाओं की प्रतियां आसानी से बनायी जा सकती है।

4.गणित शिक्षण अधिगम में बहुसाधन उपागम (Multimedia Approach in Teaching Learning Mathematics)

प्रौद्योगिकी में विकास बढ़ते हुए शिक्षण को प्रभावित कर रहे हैं। यह शिक्षण-अधिगम में सुधार और इस प्रक्रिया के व्यापक रुप से लोगों तक पहुँचाने के लिए व्यवस्थाओं (Systems),साधनों (Media), प्रणालियों (Methods), सामग्रियों (Materials),मानव और निर्मानव(Non-human), संसाधनों (Resources) का उपयोग करना है। यह आवश्यकताओं और संसाधनों, पूर्व अनुभवों, साधनों और सामग्रियों (Media and Materials), प्रशासनिक और संगठनात्मक ढाँचें (Administrative and organizational framework),प्रतिपुष्टि (Feedback), मूल्यांकन (Evaluation) से सम्बंधित आधारिक शैक्षिक प्रश्नों के उत्तर देता है।
शिक्षा में साधन-समर्थन (Media support) के लिए निम्नलिखित तत्त्वों का प्रावधान और नियोजन होता है –
हार्डवेयर, प्रशिक्षण(Training) , साफ्टवेयर, वितरण(Distribution) , प्रसारण(Transmission) , उपयोग(Utilisation) , समर्थन सामग्री(Support material) , प्रतिपुष्टि)(Feedback) और अनुरक्षण(Maintenance ) ।
देश की शिक्षा में संचार साधनों के व्यापक नियोजन (Comprehensive planning) और इनके शिक्षा का अंग बन सकने में त्रुटि रही है। फलस्वरूप इसकी सफलता की बहुत कम कहानियां बन सकी। विद्यालय स्तर पर सार्थक पाठ्यक्रम संचालन आवश्यक है कि आॅडियो (Audio), रेडियो और कम मूल्य की सामग्रियों और प्रयोगों को व्यापक पैमाने पर स्थापित किया जाए। साफ्टवेयर उत्पादन के लिए अब आॅडियो सुविधाओं के देशज (Indigenously) प्रतिष्ठान स्थापित हो रहे हैं। शिक्षकों की सार्थक सहभागिता से अधिक से अधिक बालकों तक रेडियो और आॅडियो कैसेट्स कार्यक्रमों की पहुँच बहुत आसान हो गई है। यदि इनका उपयोग नहीं किया जाएगा तो दुर्भाग्यपूर्ण ही कहलाएगा। जनसंचार माध्यमों और प्रणालियों के विकास का लाभ शिक्षा और शिक्षण में उठाया जाना चाहिए। जनसंचार (Mass Media) में विज्ञापन(Advertising) , प्रसारण(Broadcasting) , केबल टीवी, समाचार पत्र, प्रेस, रेडियो और दूरभाष सम्प्रेषण(Telecommunication) और टीवी आते हैं जबकि प्रणालियों (Methods) के अन्तर्गत घोषणा(Announcement) , बुलेटिन, वार्ता(conversation),संवाद(Dialogue) ,फैक्स ,इण्टरकॉम आदि आते हैं।  

(5.) स्टेम शिक्षा घाना में :प्रोफेसर Naana जे Opoku-Agyemang UCC और शिक्षा मंत्री के पूर्व कुलपति है

Professor Naana J. Opoku-Agyemang On STEM education in Ghana

Professor Naana J. Opoku-Agyemang On STEM education in Ghana


पाठक के साथ इस लेख के शेयर कदम है कि शिक्षा मंत्रालय में जनवरी २०१३ और जनवरी २०१७, जब मेरी टीम और मैं जॉन महामा प्रशासन में सेवा करने का विशेषाधिकार था के बीच लिया गया । राष्ट्रपति ने सामान्य तौर पर शिक्षा में प्रदर्शन के स्तर को बढ़ाने और विशेष रूप से स्टेम विषयों के बारे में अपनी चिंता व्यक्त की थी ।

लेख आधार से शुरू होता है कि हर कोई, पेशे के भविष्य के विकल्प की परवाह किए बिना, स्टेम में प्रवीणता की जरूरत है । अंतिम जोर अलग हो सकता है, व्यक्ति के विशेषज्ञता के टर्मिनल क्षेत्र पर निर्भर करता है । इसका तर्क है कि स्टेम लेब गणित और विज्ञान के आधार पर, क्योंकि अन्य जटिल क्षेत्रों-, प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग स्वयं गणित और विज्ञान से प्राप्त कर रहे हैं, भले ही कई अन्य विषयों पर लागू होते हैं । इससे गणित और विज्ञान का अध्ययन इस चर्चा में हमारी चिंता का केंद्र है, इस बार के लिए ।

व्यावसायिक तकनीकी प्रशिक्षण के जटिल क्षेत्रों के मूल में गणित और विज्ञान दोनों हैं । यह विडंबना है कि निकट-सार्वभौमिक स्थापित है, लेकिन गलत धारणा है कि जो हमारे शिक्षार्थियों जो गणित और विज्ञान में उच्च स्कोर करने में असमर्थ है व्यावसायिक और तकनीकी व्यवसायों में अंत में जहां इन विषयों सबसे सख्त है की जरूरत है और लागू! मैंने कई बार यह स्पष्ट किया है कि किस प्रकार तकनीशियन, वुडवर्कर के व्यवसायों में विषय बहुत अधिक जीवित हैं; मेटल वर्कर, फैशन डिजाइनर, दर्जी, दरजोर, फूड टेक्नोलॉजिस्ट, हेयरड्रेसर, प्लम्बर और कई अन्य । समाज को आगे बढ़ाने में हर विधा महत्वपूर्ण है; हालांकि, गणित और विज्ञान गणित इस नस में केंद्रीय कारकों रहते हैं, लगभग हर विधा underpinning । इसलिए गणित के शिक्षण और अधिगम को हर जगह मजबूत किया जाना चाहिए ।

जब इस आधार को स्वीकार कर लिया जाता है, तो यह औचित्य सिद्ध होता है कि इस देश में और अन्यत्र शिक्षा के बुनियादी और माध्यमिक दोनों स्तरों पर गणित और विज्ञान अनिवार्य विषय क्यों बने हुए हैं । धारणा यह है कि दोनों बहुत जरूरी है कि हर कोई यह सीखना चाहिए रहे हैं, और ज़ाहिर है, निहितार्थ से, हर कोई यह पता होना चाहिए, इसे लागू करते है और इसे से लाभ । महान है, लेकिन दूर नहीं लाया उंमीदें । वास्तव में विषयों पर जोर आगे इस तथ्य यह है कि एक उन्हें  पारित करने के लिए शिक्षा की सीढ़ी को स्थानांतरित करने के लिए होगा द्वारा रेखांकित किया है । हालांकि, परिणाम साबित कर दिया है कि वे विषयों हर कोई कर सकते है और पारित करना होगा कभी नहीं किया है । यह प्रदर्शन लगातार निराशाजनक रहा है । यह प्रभावी हस्तक्षेपों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बना हुआ है ।

अलग मूल्यांकन के संदर्भ में परिणाम, विषयों के लिए दृष्टिकोण परीक्षा के योग्य हैं । कई विषयों के साथ शिक्षार्थी अनुभव और प्रतिज्ञा  की भयानक कथाएं हैं । कुछ के लिए, छवि है कि खुद को पता चलता है गणित शिक्षक भयभीत युवा शिक्षार्थी सिर के ऊपर एक छड़ी पकड़ और एक धमकी की आवाज के साथ है, गुणा करने के लिए तत्काल जवाब की मांग की है कि, समय में, सभी में कोई मतलब नहीं है युवा मन । दूसरों के लिए, यह मुस्कान है कि घोषणा की है कि गणित शिक्षक अनुपस्थित होगा बधाई दी है । अभी भी दूसरों के लिए, यह विषय में न्यूनतम  पास के लिए एक आभासी प्रार्थना है ताकि वे अपनी पढ़ाई के साथ आगे बढ़ने और अपने जीवन के आराम के लिए गणित के अध्ययन का परित्याग कर सकते हैं । गणित का डर हमारे स्कूलों में असली है । हालांकि, हम गणित और विज्ञान हर जगह का उपयोग करें और लगभग हर समय, चाहे ।

विज्ञान, जो गणित की तरह, भी सार्वभौमिक और सर्वव्यापी माना जाता है के लिए हमारे स्कूलों में मन में इन सम्मेलनों  के साथ सिखाया और सीखा नहीं दिखाई देता है; विकास के मामले में परिणाम गणित की तुलना में बेहतर नहीं है । विषय एक कम या ज्यादा reified तरीके से सिखाया जाता है, हद तक है कि हमारे शिक्षार्थियों एक विषय है जो उनके चारों ओर सबसे दूरस्थ कुछ के रूप में माना जाता है समानता है । , चित्र और काम के उपकरण आमतौर पर अब तक शिक्षार्थी के रहने वाले अनुभव से हटा रहे हैं, इस प्रकार मिथक है कि इस विषय को सभी ने समझा नहीं है की स्थापना, जबकि विपरीत वास्तव में सच है । यह सुझाव नहीं है कि हमारे स्कूलों में कोई प्रभावी और कुशल गणित और विज्ञान प्रशिक्षकों थे । वहां कई थे, अभी भी कई, महान गणित और विज्ञान के शिक्षक हैं, लेकिन निम्न  परिणाम और दृष्टिकोण क्या वास्तव में समस्या है और यह कैसे सामना किया जा सकता है के सवाल भीख मांगती हूं । छात्रों और गणित और विज्ञान के शिक्षकों के विशेष उपचार सहित कई हस्तक्षेप लागू किया गया है, लगभग लुप्तप्राय प्रजातियों के रूप में माना जाता है । यह सब अच्छा रहा है, कुछ परिणाम प्रयास से प्राप्त हुए हैं, लेकिन कुल मिलाकर, लेकिन परिणाम आदानों के अनुरूप नहीं हुआ है । हम अपने स्कूलों, कार्यस्थल और समुदायों में और अधिक गणितज्ञों और वैज्ञानिकों की जरूरत है और इसके अलावा, हम सब एक प्रशंसा और इन विषयों की बढ़ समझ के साथ कर सकते हैं ।
प्रिय पाठक, मुझे यकीन है कि आप साझा करने के लिए अन्य  अनुभव है, और मेरी इच्छा है कि वे सकारात्मक रहे हैं । यह आश्चर्य की बात नहीं है कि विषयों है कि ज्यादातर छात्रों को एक परीक्षा में एक और प्रयास के लिए फिर से अध्ययन मिल गणित और विज्ञान रह रहे हैं । गणित इस देश में उपचारात्मक पाठ्यक्रमों के कार्यक्रमों पर एक उच्च स्थान स्कोर । यह मेरी टीम के लिए कई सवाल उठाया और मैं, निम्नलिखित सहित: एक नापसंद और विषयों कि हर किसी को गुजरना होगा की निम्न  परिणामों के लिए क्या खाते? क्या बताती है कि आगे बढ़ने के लिए कई स्टूडेंट को बार-बार ये सब्जेक्ट लिखना पड़ता है? इन विषयों में बुनियादी पास का प्रबंध नहीं होने के कारण कुछ कभी ऊपर क्यों नहीं जाते? देश के कई संस्थानों द्वारा प्रस्तावित उपचारात्मक कक्षाओं में ये सबसे प्रभावी विषय क्यों हैं? चूंकि आवेदकों ने इन विषयों में पास प्राप्त नहीं किए हैं, इसलिए निजी तृतीयक संस्थानों की लगातार पुकार इतनी अधिक संख्या में छात्रों को दाखिला देने में असमर्थता से क्यों उभर कर आई है? कुछ तिमाहियों से D7 को C6 से स्वीकार्य ग्रेड को कम करने के लिए दबाव सभी छात्रों के बहुमत की असमर्थता न्यूनतम आवश्यकता को प्राप्त करने के लिए जुड़ा हुआ है । मंत्रालय ने हताशा में इस सहमति को अस्थायी रूप से देखा और छात्रों को इन महत्वपूर्ण विषयों को पारित करने और उन्हें अच्छी तरह पारित करने के लिए सक्षम बनाने की आवश्यकता को स्वीकार किया । किसी को भी, जो D7 के कच्चे स्कोर का अध्ययन किया है बढ़ाने की जरूरत में साझा करने के लिए आ सकता है, जो भी कारण के लिए मानकों को कम नहीं है । हमारा दृढ़ विश्वास था कि जब बाधाओं को ठीक से हटा दिया गया था और व्यावहारिक विकल्पों को सीखने के पूरे माहौल में प्रत्यारोपित कर दिया गया था, तो कई और छात्र इन विषयों में सफल हो सकते थे ।

बात यह है कि घाना स्टेम पथ पर कई दशक पहले सेट की जरूरत है । तथ्य यह है कि स्थापित करने का मूल उद्देश्य अब क्या आया है केप कोस्ट विश्वविद्यालय बुलाया (स्थापना के रूप में नाम था विश्वविद्यालय विज्ञान शिक्षा), के लिए एक देश है कि अपनी प्राथमिक के लिए मूल्य जोड़ने की परिकल्पना की गई थी के लिए विज्ञान के शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया था औद्योगीकरण के माध्यम से वस्तुओं, स्टेम विषयों पर रखा प्रीमियम पांच दशक से अधिक पहले की मात्रा बोलता है । एक ही देश में, हम एक पूरे विश्वविद्यालय, Kwame विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विश्वविद्यालय Nkrumah कि उद्योग के लिए लागू उपयोग में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अभ्यास का अनुवाद करने की उंमीद है । हमारे पास कई टेक्निकल यूनिवर्सिटीज, पॉलिटेक्निक, टेक्निकल और वोकेशनल स्कूल भी हैं । इस प्रकार की संस्थाएं राष्ट्रीय विकास के लिए शिक्षा की प्रासंगिकता को गहरा करने के लिए गणित और विज्ञान के अपेक्षित व्यापक अनुप्रयोग को अर्थ देती हैं ।

चर्चा के तहत संस्थानों में प्रवेश लगभग हमेशा एक को गणित और विज्ञान के विषय क्षेत्रों में पर्याप्त योग्य छात्रों तक पहुंचने में असमर्थता से चुनौती दी गई है । केप कोस्ट विश्वविद्यालय के दो प्रमुख अभिनव विचारों के साथ आया था । एक अब बाहर चरणबद्ध, विज्ञान और गणित में कम पास के साथ 6 फार्म से छात्रों को स्वीकार किया गया था (और वास्तव में कई अन्य  विषयों में), जो एक शैक्षिक वर्ष के लिए एक प्रारंभिक कार्यक्रम के रूप में जाना जाता था शुरू करने के लिए । आज हमारे पास कई इंजीनियर, कृषक, डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्यकर्मी, तकनीशियन और अन्य लोग हैं जो इस कार्यक्रम से लाभान्वित हुए हैं । पहला, जो बहुत बाद में आया, से संबंधित दूसरा, अस्थायी रूप से विज्ञान और गणित के छात्रों को जो वांछित समग्र प्राप्त किया था के प्रवेश को बंद करने के लिए था. बाकी जो काट बिंदु के भीतर गिर गया, लेकिन उच्च समुच्चय के बिना परिसर में निवास में के बारे में आठ सप्ताह के लिए आमंत्रित किया जाएगा और विषयों में कठोर tutoring दिया जाएगा । कुछ विज्ञान शिक्षकों और प्रयोगशालाओं के लिए पहली बार के लिए उपयोग किया है, और आचरण वे पहले ही के बारे में पढ़ा था प्रयोगों होगा । विश्वविद्यालय कार्य के लिए आवेदक की तैयारी के स्तर का निर्धारण करने और निर्धारित अभ्यासों को उत्तीर्ण करने वालों को प्रवेश देने के लिए विश्र्वविद्यालय परीक्षाएं आयोजित करेगा ।

इन हस्तक्षेपों ने काफी फर्क किया, लेकिन अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी था । हमें नहीं लगता था कि D7 या D8 के रूप में सी 6 से पास ग्रेड को कम करने एक दीर्घकालिक समाधान था, खासकर अगर एक कच्चे स्कोर है कि छात्र उन कम ग्रेड अर्जित की जांच की । तो, हम कैसे विज्ञान और गणित के छात्रों की संख्या में वृद्धि जारी है? हम वास्तव में कहां शुरू करना चाहिए? हमें आगे क्या करना चाहिए? हम कैसे विषयों कि बहुत अभी तक की जरूरत है जो कुछ करने के लिए अध्ययन जारी रखने की इच्छा लग रहा था?

इस तरह के कुछ और सवाल है कि मेरी टीम में लगे थे और मैं (मेरे दो deputies, माननीय शमूएल Okudzeto Ablakwa और माननीय एलेक्स Kyeremeh और टेक्नोक्रेट हम साथ काम किया) शिक्षा मंत्रालय में, जनवरी के बीच २०१३ और जनवरी २०१७, के रूप में हम तरीके की मांग की उन क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के तरीकों का प्रस्ताव करता है जिनकी हमने तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता के रूप में पहचान की थी । हमारा विश्वास था और अभी भी है कि डर को दूर किया जा सकता है; गणित और विज्ञान किसी भी विषय के रूप में के रूप में सुखद हो सकता है । उन्हें किसी पृथ्वी को हिलाने वाली नकारात्मक छवियों को नहीं मिलाना चाहिए ।

तो, क्या समस्याएं हैं? शिक्षा में हस्तक्षेप के दिल में ज्ञान के निर्माण की सुविधा है, यह भी शिक्षक के रूप में जाना जाता है । इसके बाद बुनियादी स्तर पर हमारे शिक्षकों की पृष्ठभूमि का पता लगाना महत्वपूर्ण हो गया क्योंकि यह शिक्षा का सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जहां सामान्य तौर पर और विषयों के लिए सीखने की प्रक्रिया के नजरिए का गठन होता है । इन शिक्षकों के ज्ञान के स्तर ने गणित और विज्ञान में निरंतर रुचि के स्तर को बढ़ाने के लिए किसी भी रणनीति के निर्माण में एक केंद्र स्तर लिया ताकि राष्ट्र को कई और व्यक्तियों के साथ समाप्त किया जा सके जो विषयों में निपुण थे । हमने मान लिया कि इस स्तर पर शिक्षकों में से कुछ खुद को ऊपर वर्णित तरीकों में से कुछ में सिखाया गया है हो सकता है, उन तरीकों से शिक्षार्थियों डाल में सफल । इस तरह के शिक्षक प्रशिक्षकों वास्तव में विषयों के लिए एक सकारात्मक रवैया नहीं ला सकता है और उन्हें  सबसे अच्छा में शिक्षण beअसंतोष और उंहें कक्षा में पढ़ाने से बचने अगर हर संभव है ।

जब किसी भी विषय का शिक्षक आत्मविश्वास दिखाता है और उसकी सामग्री के शीर्ष पर होता है; जब यह शिक्षक एक ऐसे वातावरण पर इस विश्वास का अनुवाद करने में सक्षम होता है जो शिक्षार्थी को सीखने की प्रक्रिया में अपने आश्वासन के स्तर को बढ़ाने का अधिकार देता है, तो आधे वांछित परिणाम पहले ही कमोबेश प्राप्त हो जाते हैं । उदाहरण के लिए, जब सबक आसानी और खुशी है जिसके साथ चर्चा के तहत विषय समझा जा सकता है की एक जोर के साथ शुरू होता है, को समझने की क्षमता की प्रक्रिया का एक बड़ा सौदा वहां से आसानी से बहती है । जब शिक्षण और अधिगम सामग्री पर्याप्त है और पाठ्यक्रम ध्यान में एकाग्रता, समझ और क्या है कि उंर में हितों शिक्षार्थियों में सकारात्मक असर कर रहे है के स्तर को ध्यान में रखना संरचित है; जब शिक्षक की अपनी समझ क्या सिखाया जा करने के लिए स्पष्ट है; परिणाम उत्साहजनक होने चाहिए । इन आवश्यकताओं के सभी, इसमें कोई संदेह नहीं है, कुछ शिक्षकों प्रदर्शन और अधिक ।

लेकिन इस सब के पार हालांकि, सबसे महत्वपूर्ण शिक्षा की भाषा है । हम सब अभी तक किसी भी देश है जहां शिक्षकों को अपने बच्चों को एक भाषा वे नियमित रूप से उपयोग नहीं करते है या बिल्कुल उपयोग नहीं करते में सिखाया जाता है द्वारा उच्च पीसा स्कोर देखने के लिए कर रहे हैं । हमारे स्कूलों के लिए एक व्यावहारिक और यथार्थवादी भाषा नीति की दिशा में हमारे प्रयासों पर एक और चर्चा में यह अधिक है । किसी भी शिक्षार्थी जो शिक्षा की भाषा पर संघर्ष, जो एक भाषा में सोचना चाहिए, पूरी तरह से महारत हासिल है या नहीं, और जो लगातार अवधारणाओं पर जो इस छात्र को थोड़ा समझ में छोटी भाषा में समझ है अनुवाद करना चाहिए, पहले से ही की लड़ाई खो रही है शिक्षा में उत्कृष्टता ।

लेख के बाकी शेयरों में जिस तरह से मेरी टीम और मैं गणित और हमारे स्कूलों में विज्ञान में खराब प्रदर्शन की चिंताजनक घटना का सामना किया । विज्ञान और गणित समकालीन समाज में शक्तिशाली स्थान रखते हैं, जो प्रभावी औद्योगिकीकरण और कुछ सबसे अधिक उत्पादक, प्रतिस्पर्धी, मजबूत और सबसे अधिक भुगतान करने वाले उद्योगों में प्रवेश के लिए नींव की स्थापना करते हैं । प्रस्तावना मैं एक दस्तावेज है कि हम शिक्षा मंत्रालय में २०१४ में विकसित करने के लिए रुचि  और विषयों में परिणाम सोच है कि योजना के नेतृत्व में ऊपर राशियां बढ़ाने का संकल्प के जवाब में लिखा था । हम इस बात पर विश्वास करते थे कि राष्ट्र एक साक्षर, संख्यात्मक, विश्लेषणात्मक और कुशल युवा समाज को बनाए रखने के लिए संसाधन करते हैं, जो गंभीर रूप से दिमाग, डिजिटल साक्षरता प्राप्त करने, सृजनात्मक और नवीन कौशलों का विकास करने और परिकलित करने के लिए तैयार हों जोखिम.

यही कारण है कि शिक्षा मंत्रालय ने घाना में विज्ञान और गणित शिक्षा की स्थिति पर विचार किया और परीक्षा परिणामों के बाद के खराब परिणाम, तत्काल हस्तक्षेप का क्षेत्र पाया । स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अध्ययन करने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि विशेष रूप से गणित और विज्ञान में स्कूल के पाठ्यक्रम और अध्ययन कार्यक्रम, विशेष रूप से बुनियादी स्तर पर, प्रसव के साधनों के रूप में तत्काल ओवरहाल की आवश्यकता नहीं है । हमारा विश्वास था कि यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि बुनियादी शिक्षा के स्तर पर एक ठोस बुनियाद का निर्माण किया गया जिससे सतत विकास के लिए आवश्यक क्षमता बढ़ेगी । तथापि, देश के गरीब क्षेत्रों के कुछ छात्रों के साथ गणित और विज्ञान में प्रभावी शिक्षा को समान रूप से सभी विद्याथयों के लिए उपलब्ध नहीं कराया गया है और विडंबना यह है कि जो लोग अपने अधिग्रहण से सर्वाधिक लाभान्वित होंगे, वे लगातार अल्पसेवित.
शिक्षा में चल रही यह समस्या व्यापक सामाजिक अंतर के मुख्य कारणों में से एक है और निरंतर विकास के लिए विविध मानव संसाधनों के देश को नकार रही है । हालांकि इस शैक्षिक असमानता के कई आर्थिक और राजनीतिक कारण हो सकते हैं, महत्वपूर्ण द्रव्यमान विकसित करने में प्रगति को सीमित करने वाले प्रमुख क्षेत्र शिक्षाशास्त्र, पाठ्यक्रम और शिक्षक प्रशिक्षण के मुद्दों के कारण वर्षों से रहे हैं, और कैसे और क्यों छात्रों को गणित और विज्ञान में भाग लेने चाहिए के बड़े सवाल में गिरा दिया ।

हमारे विश्वविद्यालयों से विज्ञान और गणित शिक्षा के क्षेत्र में प्रख्यात विद्वानों और आईटी से बाहर, प्रोफेसर एस अंकु, प्रोफेसर जे Djangmah, प्रोफेसर जे Anamuah-Mensah, घाना शिक्षा सेवा, मंत्रालय से टेक्नोक्रेट, के सदस्यों सहित घाना के विज्ञान एसोसिएशन, विज्ञान के शिक्षकों के घाना एसोसिएशन, सेवानिवृत्त गणित और विज्ञान के शिक्षकों और महत्वपूर्ण अंय शिक्षा मंत्रालय द्वारा एक साथ लाया गया, और घाना में बुनियादी स्कूल विज्ञान और गणित शिक्षा की समीक्षा करने का आरोप लगाया, एक रिपोर्ट जिसमें घाना के स्कूलों में विज्ञान और गणित को प्रेरित करने के लिए स्प्रिंगबोर्ड के साथ प्रासंगिक हितधारकों को उपलब्ध कराया जाना चाहिए । मैं हमेशा के लिए उनकी गहरी अंतर्दृष्टि और इस चुनौती से भिड़ने के लिए उपयोगी योगदान के लिए उनके आभारी रहते हैं, हमारे प्यारे देश के सर्वोच्च हित में । हमें उन छात्रों के साथ भी बात करने का अवसर मिला, जो इस विषय पर हितधारकों से परामर्श करते थे ।

ठीक ६५-पृष्ठ की रिपोर्ट में घाना में बुनियादी स्कूलों में विज्ञान और गणित शिक्षा का रूपांतरण शीर्षक है । इसमें छह साल की योजना और क्रियान्वयन की रणनीति शामिल है । इन सिफारिशों में शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों, गणित और विज्ञान शिक्षा विभागों को तकनीकी सहायता प्रदान करना शामिल है । विज्ञान संसाधन केंद्रों की मरम्मत; विज्ञान और गणित के शिक्षकों को पुन प्रशिक्षण/ विषयों शिक्षण में आईसीटी के एकीकरण; शिक्षा के बुनियादी स्तर पर भाषा नीति की समीक्षा; और संबंधित मंत्रालयों, विशेष रूप से पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार मंत्रालय के साथ-साथ जिला और नगरपालिका विधानसभाओं के साथ शिक्षा मंत्रालय की एजेंसियों के बेहतर संरेखण । संसाधन प्रतिबंधों को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकताओं को प्राथमिकता देने के लिए मंत्रालय को सहायता देने के लिए विशेषज्ञ समूह के साथ आगे विचार-विमर्श किया गया था । इस अभ् यास में हमारा उद्देश् य सबसे अधिक लाभ वाले क्षेत्रों से निपटना, कुशलता और संसाधनों का प्रभावी उपयोग करना था ।

इसके परिणामस्वरूप, मंत्रालय ने विळ्ाना संसाधन केन्द्रों की परियोजना को प्राथमिकता दी । २०१६ तक, ३०० के तहत सेवा प्रदान की SHSs विज्ञान उपकरण, फर्नीचर, विज्ञान सॉफ्टवेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम और रसायनों की व्यवस्था से लाभांवित किया था । इसी तरह के हस्तक्षेप एक और १०० वरिष्ठ उच्च विद्यालयों में चल रहे थे । ई-ब्लॉकों को डिजाइन करने में हमने चार प्रयोगशालाओं-भौतिकी, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान और एकीकृत विळ्ाना, बाद के विषय की व्यवस्था सुनिश्चित की है जिसके लिए एक तेज ध्यान देने की आवश्यकता है । मंत्रालय ने छात्रों के लिए विज्ञान/गणित शिक्षक के मौजूदा गरीब अनुपात से निपटने के लिए संभावित गणित और विज्ञान शिक्षकों के स्तर और संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण जोर पाया । महामा प्रशासन ने केप कोस्ट विश्वविद्यालय और शिक्षा विश्वविद्यालय, Winneba में विज्ञान संसाधन केंद्र स्थापित करने के लिए परियोजना का विस्तार किया । इसका उद्देश् य परियोजना की दीर्घकालिक निरंतरता की दिशा में स् कूलों के विज्ञान कार्यक्रमों को संचालित करने के लिए सेवापूर्व शिक्षकों की दक्षताओं का निर्माण करने में मदद करना था । साथ ही, शिक्षा के कई कॉलेजों की विज्ञान प्रयोगशालाओं में शिक्षण और गणित और विज्ञान सीखने की नई पद्धतियों में सेवा-पूर्व शिक्षकों की दक्षताओं का निर्माण करने में मदद करने के लिए एक नवीकरण अभ्यास शुरू किया गया ।

बाद में विज्ञान और गणित के शिक्षकों के लिए आयोजित कार्यशालाओं को WAEC द्वारा सुविधाजनक बनाया गया, जो मुख्य परीक्षकों द्वारा सहायता प्रदान की गई, जिन्होंने पिछले वर्षों में शिक्षकों और स्कूलों के प्रमुखों के साथ अपने अनुभवों को शेयर किया और वे हस्तक्षेप होना चाहिए । यह करने के लिए प्रधानाध्यापक शामिल करने के लिए महत्वपूर्ण था/Mistresses तो वे एक मुट्ठी क्या प्रदर्शन है कि हम सभी की जरूरत सुधार के लिए जिंमेदार हिसाब के हाथ सराहना हासिल कर सकता है । मैं उन सब को कृतज्ञता के साथ याद है ।

हमारे स्कूलों में मौजूदा गणित और विज्ञान शिक्षकों की संख्या बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता थी । इस संबंध में सरकारी सीनियर हाई स्कूलों में गणित के शिक्षकों की संख्या को खाली करने और रिक्त स्थानों को भरने के लिए २०१६ में २,४०० अतिरिक्त मैथ्स और साइंस शिक्षकों की भर्ती की गई और उन्हें तैनात किया गया । साथ ही, देश में विषयों के शिक्षकों के लिए कार्यशालाएं आयोजित की गई, पहले से ही क्षेत्र में उन की क्षमता का निर्माण । इसके अलावा, १,२०० विज्ञान शिक्षकों और प्रयोगशाला तकनीशियनों को 2015/2016 शैक्षणिक वर्ष के दौरान उपकरणों के प्रभावी उपयोग में प्रशिक्षित किया गया था । यह हस्तक्षेप स्टेम विषयों को सीखने के लिए मुख्य महत्व का है । प्रयोगशाला सहायक इन विषयों के वितरण के लिए महत्वपूर्ण है, फिर भी इस व्यक्ति को चीजों की योजना में भूल समय की सबसे अधिक है ।

कुछ कार्यक्रमों की पहचान की समस्याओं मध्यस्थता करने के लिए निंनलिखित शामिल हैं: बदलने शिक्षक शिक्षा और अधिगम (टी टेल) । यह हस्तक्षेप इस समस्या के एक भाग को प्रशिक्षण के स्तर से ही संबोधित करने के लिए महत्वपूर्ण था, जबकि इस क्षेत्र में, जब शिक्षक काम पर था, सहित अन्य हस्तक्षेपों का उल्लेख कर रहे थे । २०१४ में शुरू की गई इस परियोजना का उद्देश्य घाना में अध्यापक शिक्षा और अधिगम (टी-टेल) को निम्नलिखित उद्देश्यों के माध्यम से रूपांतरित करना है:

शिक्षा के कॉलेजों के लिए प्रशिक्षण और कोचिंग (coes) गणित, अंग्रेजी और विज्ञान में ट्यूटर्स;

संस्थागत सुदृढ़ीकरण और CoEs के प्रबंधन, अपने प्रधानाचार्यों के प्रशिक्षण सहित समर्थन;

सेवा पूर्व पाठ्यक्रम में सुधार के लिए मंत्रालय का समर्थन;

CoEs और उनके साझेदार जिलों और स्कूलों में अभिनव पहलों के वित्तपोषण के लिए एक चैलेंज फंड स्थापित करना;

टी-टेल ने घाना में सेवा-पूर्व शिक्षक शिक्षा के लिए राष्ट्रीय शिक्षण मानकों को विकसित करने के लिए राष्ट्रीय शिक्षक परिषद (एनटीसी) का समर्थन किया है ।

इस परियोजना के तहत राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा पाठ्यचर्या ढांचा तैयार किया गया था ।

लगभग GH कुल अनुदान? २,०००,०००, २०१६ की स्थिति के अनुसार 23 कॉलेजों को ऐसे नवोन्मेषी अवधारणाओं को क्रियान्वित करने के लिए संवितरित किया गया था जो शिक्षण और अधिगम की गुणवत्ता में सुधार करेंगे और अंतत छात्र शिक्षकों के कौशल को बेहतर बनाया जाएगा ।

टी-टेल भी शिक्षण अभ्यास के दौरान उपयोग करने के लिए छात्र शिक्षकों और उनके आकाओं के लिए कुल ४०,७६९, हैंडबुक विकसित की है ।

यह प्रयास शिक्षकों को स्वयं को उन्नत करने का अवसर प्रदान करने के साथ-साथ प्रणाली में अप्रशिक्षित शिक्षकों की संख्या को कम करने के लिए भी जारी रहा । यह कार्यक्रम ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में केन्द्रित अप्रशिक्षित शिक्षकों के प्रतिशत को कम करके शिक्षण और अधिगम की गुणवत्ता में सुधार लाने के मुख्य उद्देश्य को पूरा करता है, जहां हमारे अधिकांश शिक्षार्थी स्थित थे । यह अप्रशिक्षित शिक्षकों को पेशेवर शिक्षक बनने के लिए उचित सहायता प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है । शिक्षा अनुदान के लिए घाना भागीदारी (जीखूंटी) ने २०१६ के रूप में ७५ लाभार्थी जिलों से ६,५६३ अप्रशिक्षित शिक्षकों (2, 41 महिलाओं और ४,१३३ पुरुषों) को प्रशिक्षण देने के लिए GH ¢ 195 मिलियन की कुल राशि प्रदान की थी । प्रोग्राम.

हमारे बुनियादी और दूसरे चक्र संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए, शिक्षा मंत्रालय ने जवाबदेही बढ़ाने के लिए शिक्षकों की अनुपस्थिति के लिए शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई और शिक्षकों की उपस्थिति के साथ-साथ समय में वृद्धि स्कूलों में काम पर खर्च किया । यह सामांय रूप से सीखने की प्रक्रिया और विशेष रूप से सभी विषयों, गणित और विज्ञान में शामिल पर एक सीधा प्रभाव था । मंत्री के बाद देश भर में अनगिनत स्कूलों का औचक दौरा शुरू किया था पहले हाथ, एक बड़ा मंत्रालय से खींचा टीम के बाद, और बाद में राष्ट्रीय निरीक्षणालय बोर्ड (NIB) और घाना शिक्षा सेवा (GES) शामिल resourced थे कई अन्य कार्यों के बीच, बुनियादी स्कूलों में बाहरी और आंतरिक निगरानी को तेज करना । इसके लागू होने के तीन साल बाद शिक्षक अनुपस्थिति की दर २०१२ में 27 प्रतिशत से घटकर २०१६ में 7 प्रतिशत रह गई । यह एक बड़ी उपलब्धि थी, जिसमें सत्यापनीय परिणाम थे । विभिन्न हितधारकों, विशेष रूप से शिक्षकों, शिक्षा संबंधी संसदीय प्रवर समिति, शिक्षक संघों, पारंपरिक प्राधिकरणों, जिला शिक्षा अधिकारियों, माता-पिता और समुदायों को विशेष प्रशस्ति दी जाती है जिन्होंने मंत्रालय इस परिणाम को प्राप्त करने के लिए । अंय परिणामों में, शिक्षक अनुपस्थिति में कमी और अधिक समय हमारे सबसे पोषित पेशे की छवि को बढ़ाने पर खर्च, शिक्षार्थियों, माता पिता और caregivers के विश्वास को बढ़ाने, और सबसे महत्वपूर्ण बात, यह ट्यूशन की गुणवत्ता के लिए inures कि हमारी अगली पीढ़ियां हकदार हैं ।

हालांकि, इस क्षेत्र में शिक्षकों की संख्या को देखते हुए, 7% अभी भी एक बड़ी संख्या थी और रणनीतियों के लिए शिक्षक अनुपस्थिति की दर शून्य में लाया गया था जब तक इस कारण चैंपियन जारी करने के लिए थे.

चार साल की अवधि में देश भर में कुल १२,०८५ गणित और २३८७ विज्ञान शिक्षकों को इन-सर्विस एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (इनसेट) प्रोग्राम के तहत री/ट्रेनिंग दी गई । इसके अलावा ७५ वंचित जिलों और कम प्रदर्शन वाले स्कूलों (पब्लिक और प्राइवेट) के ५,६२६ नॉन कोर सब्जेक्ट टीचर्स और पब्लिक बेसिक स्कूलों के ५,९२३ विभागाध्यक्षों को भी ट्रेनिंग मिली ।

बुनियादी शिक्षा स्तर पर आईसीटी शिक्षा में तेजी लाने के हमारे प्रयासों में ८१,००० बुनियादी स्कूल शिक्षकों को २०१३ और २०१६ के बीच प्रशिक्षित किया गया ताकि वे शिक्षण और अधिगम को सुगम बनाने के लिए आईसीटी के उपयोग में अपेक्षित कौशल प्राप्त कर सकें ।

कुल ५४,५०० लैपटॉप खरीदे गए और बेसिक स्कूल के शिक्षकों को बांटे गए और देश भर के पब्लिक बेसिक स्कूलों में ६०,००० लैपटॉप कंप्यूटर बांटे गए ।माध्यमिक स्कूलों में शिक्षण और अधिगम में और सुधार करने के लिए सरकार ने शिक्षण और अधिगम में आईसीटी को एकीकृत करने के उपायों में निवेश किया है । पहल में निं नलिखित शामिल है:
विकास और iBox प्रौद्योगिकी का अनावरण ।
सेंटर फॉर नेशनल डिस्टेंस लर्निंग एंड ओपन स्कूलिंग (CENDLOS) से बाहर आए इस काम पर विचार करने में मुझे हमेशा व्यक्तिगत खुशी मिलती है । मेरी टीम और मैं अपने 22 एजेंसियों और इकाइयों के सभी डॉट्स कनेक्ट करने के लिए शिक्षा पर एक तेज ध्यान केंद्रित विकसित करने के लिए कामना की । क्या आप नीचे पढ़ा होगा CENDLOS के साथ हमारे सगाई के परिणाम, दृढ़ विश्वास है कि देश के महान स्थानीय विशेषज्ञता है कि समस्या को हल करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है पर आधारित है । हमारा मानना था कि देश काफी उत्कृष्ट इंजीनियरों जो महत्वपूर्ण दूसरों के साथ काम करेंगे प्रशिक्षित किया था, और जो हमारी स्थानीय जरूरतों को संभालने में सक्षम है और शिक्षण, शिक्षा और प्रशिक्षण के सभी स्तरों के लिए स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय आदेश को पूरा करने के लिए तैयार हैं ।
२०१३ में, अपने मुख्य कार्यों के भाग के रूप में, CENDLOS आरोप लगाया गया था और शिक्षण और सीखने के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकियों के उपयोग में अपने अनुसंधान को तेज करने के लिए समर्थन किया । CENDLOS एहसास हुआ कि वर्तमान में वितरित किया जा रहा VCDs कई सीमाएं थीं: स्मृति क्षमता सीमित थी; सीडी खरोंच हो रही खतरे में डाल; पैकेजिंग भारी था; सामग्री/पाठ इंटरैक्टिव नहीं थे । इसमें अभिनव सिफारिशें की गई ।
जनवरी, २०१४ में, शिक्षा मंत्रालय ने अनुसंधान का समर्थन किया और इसे सरकार की माध्यमिक शिक्षा सुधार परियोजना (एसईआईपी) जो शुरू होने वाली थी, के लिए आईसीटी रोलआउट का एक रणनीतिक घटक होने की सिफारिश की । एसईआईपी में महामा स्कूलों अथवा ई-ब्लॉकों के नाम से लोकप्रिय 23 नए माध्यमिक स्कूलों का निर्माण शामिल है; मौजूदा १२५ माध्यमिक स्कूलों का अवसंरचनात्मक विस्तार; १७५ माध्यमिक स्कूलों में गुणवत्ता सुधार और जरूरतमंद छात्रों के लिए छात्रवृत्ति पैकेज, जिसमें बालिकाओं पर जोर दिया गया है ।
नई ई-लर्निंग तकनीक, जिसकी अवधारणा CENDLOS द्वारा बनाई गई थी और स्थानीय IT विशेषज्ञों की एक टीम के साथ विकसित की गई थी, का उद्देश्य Cd, VCDs और यहां तक कि महंगी इंटरनेट कनेक्टिविटी के उपयोग से जुड़े मुद्दों का समाधान करना था ।
CENDLOS इस प्रकार सफलतापूर्वक एक बुद्धिमान बॉक्स (iBox) प्रौद्योगिकी नाम समाधान शुरू की । बस, iBox एक पूर्ण ऑनलाइन वेब साइट का एक ऑफ़लाइन संस्करण है । यह एक स्वदेशी अंतरराष्ट्रीय विनिर्देशों के लिए बनाया हार्डवेयर है शिक्षण और सीखने में कई कार्यों की सेवा । यह घर सबक है जो कंप्यूटर और संबंधित उपकरणों पर लैन और Wi-Fi के माध्यम से पहुंचा रहे हैं । SEIP के तहत CENDLOS सीआईपी मीडिया फर्मों के साथ साझेदारी में SHS कोर विषयों के लिए सबक पर एक सेट विकसित, ग्राफिक डिजाइनर और योग्य शिक्षक जो ई में व्यापक प्रशिक्षण दिया गया सबक अवधारणाओं और उत्पादन सीखने । पाठ नोट्स के रूप में शिक्षार्थी ग्रंथों को कवर, वीडियो, इंटरएक्टिव क्विज़ और इंटरएक्टिव प्रैक्टिकल/
IBox १०० मीटर वाई-फाई त्रिज्या तक की एक सीमा को शामिल किया गया है और कवरेज का विस्तार करने के लिए उपयोग अंक के साथ बढ़ाया जा सकता है । लैन पर, यह असीमित उपयोगकर्ता आबादी के साथ एक दिया स्कूल में सभी कनेक्शनों का समर्थन कर सकते हैं ।
सरकार ने १६० iBoxes-पाठ पाठ, वीडियो, इंटरैक्टिव व्यायाम, और इंटरैक्टिव व्यावहारिक सबक और १२५ कम प्रदर्शन करने वाले वरिष्ठ उच्च स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार से लाभ के लिए वितरण के लिए अतिरिक्त सामग्री की खरीद माध्यमिक शिक्षा सुधार परियोजनाओं (एसईआईपी) । नवंबर और दिसंबर २०१६, ७० में से १२५ कम प्रदर्शन करने वाले SHS को SEIP में सहमत के रूप में iBox से सुसज्जित किया गया था, सार्वजनिक धारणा और नवीनता की स्वीकृति पर प्रभाव मूल्यांकन के लिए । गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री जॉन डी Mahama, शुक्रवार 11 नवंबर २०१६ पर Frafraha SHS पर iBox प्रौद्योगिकी का अनावरण किया, जबकि SEIP के तहत गुणवत्ता माध्यमिक शिक्षा के लिए पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से नए SHS की एक श्रृंखला का शुभारंभ ।
सेंडलोस पर यह आरोप लगाया गया था कि वे अध्यापक संघों और स्कूल प्रबंधनों के साथ मिलकर पै्रक्टिस करने वाले/सेवानिवृत्त शिक्षाविदों का चयन करने के लिए, उन्हें अर्थशास्त्र के उत्पादन में प्रशिक्षित करें और फिर उन्हें अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करने में सहायता करें । फिल्म मीडिया हाउसेज और ग्राफिक डिजाइन विशेषज्ञों को भी एसएचएस पाठ्यक्रम और उपयुक्त इलेक्ट्रॉनिक अधिगम के पूर्ण पूरक प्रदान करने की पद्धतियों में अभिमुखीकरण प्रदान किया गया । इसलिए, यह छात्र जो किसी भी विषय में ट्यूटोरियल प्राप्त करने के लिए चाहता है के लिए संभव होना चाहिए, उदाहरण के लिए, भौतिकी, प्रयोगशाला में जाने के लिए, कंप्यूटर का उपयोग करने के लिए एक विषय तक पहुँचने और शिक्षण काम पर एक शिक्षक है कि एक ही अन्यथा कष्टप्रद विषय है और लैब जानकारी छोड़ rmed । हम कुछ विषयों में शिक्षकों की कमी के लिए बनाने का यह एक अस्थाई रास्ता मिल गया और सबसे महत्वपूर्ण बात, आत्म tutoring सहायता । मध्यम से दीर्घकालिक प्रयासों को ऊपर वर्णित किया गया है ।
मंत्रालय ने आगे सिफारिश की है कि iBox सबक के क्रम में सभी के लिए सुलभ हो सकता है और भौतिक स्कूल साइट से दूर, एक साथ वेब साइट ऑनलाइन सीखने के लिए विकसित किया जा रहा था और प्रभाव मूल्यांकन के बाद संचालित किया जा रहा था ।
ई-रूपांतरण/
मंत्रालय ने विश्व बैंक की एक परियोजना ई-ट्रांसफॉर्म को टीवीईटी में शामिल करने के लिए, अन्य बातों के साथ-साथ, TVET छात्रों के लिए eLearning को बढ़ाने और घाना के २०० वरिष्ठ उच्च विद्यालयों में संचार बुनियादी ढांचे में सुधार करने के लिए लागू किया है । लाभार्थी स्कूलों को इंटरनेट कनेक्टिविटी मिलने और कंप्यूटर प्रयोगशालाओं से सुसज्जित होने की उम्मीद है । इसी तरह, ई-लर्निंग परियोजना, बेल्जियम द्वारा वित्त पोषित और अधिक ऐच्छिक जोड़ने के लिए छात्रों के सीखने के अनुभव में आईसीटी के एकीकरण सहायता करेगा । परियोजना के साथ-साथ २३० सीनियर हाई स्कूलों को कनेक्टिविटी और अन्य आईसीटी हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और एसएचएस कंटेंट उपलब्ध कराने की उम्मीद है । २०१६ के अंत में, ५५५ सार्वजनिक SHSs आईसीटी बुनियादी सुविधाओं के साथ समर्थित किया जा रहा है रेखांकित हस्तक्षेप के तहत गुणवत्ता में सुधार ।
हमारा उद्देश्य आम तौर पर और विशेष रूप से गणित और विज्ञान के क्षेत्र में नापसंद और बाद में कम प्रदर्शन को दूर करने के लिए किया गया था ।

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